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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए खास तैयारी, ताजनगरी इस अंदाज में बोलेगी- 'नमस्ते ट्रंप'

ताजनगरी में अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत खास अंदाज में होगा। हवाई अड्डे से ताजमहल तक रास्ते में ट्रंप-मोदी के कटआउट लगेंगे।

17 फरवरी 2020

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बरेली

सोमवार, 17 फरवरी 2020

कर्मचारियों की मेहनत से इज्जतनगर रेल मंडल ने बनाया मुकाम

पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम ने कई नए प्रोजेक्ट का किया लोकार्पण, कारखाना स्टाफ को डेढ़ लाख रुपये बतौर इनाम स्वरूप दिए जाने की घोषणा की


बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने शनिवार को इज्जत नगर रेल मंडल के यांत्रिक कारखाने का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने कारखाने के कई नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया और अधिकारियों कर्मचारियों की मेहनत को सराहते हुए उन्हें डेढ़ लाख रुपये बतौर इनाम स्वरूप दिए जाने की घोषणा।
जीएम राजीव अग्रवाल ने सबसे पहले कारखाने में नव विकसित आरएमपीयू परीक्षण कक्ष, बीटीसी में मॉडल रूम, एटीएल मशीन आदि तकनीकि प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। उन्होंने एनएमजी रेक को हरी झंडी दिखाई। यहां बता दें कि यह रेक वाहन ढोने के काम आता है। इसके अलावा जीएम ने कर्मचारी परिवाद सेल, डेमू टेस्ट बेंच रूम, बोगी रिपेयर शॉप, पेंट शॉप, निर्माणाधीन बीजी वैगन परियोजना, कर्मचारी कैंप कोच व सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच आदि का निरीक्षण किया। सभा कक्ष में मुख्य कारखाना प्रबंधक राजेश अवस्थी ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिये कारखाने में हो रहे कार्यकलापों की विस्तृत जानकारी जीएम को दी। अधिकारियों-पर्यवेक्षकों के बीच जीएम ने उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा की। कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत से कारखाने की उत्पादकता पूरी गुणवत्ता के साथ बढ़ी है। इसके बाद जीएम ने इज्जतनगर रेलवे स्टेशन पर किए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण कर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में अधिकारियों से प्रयास करने को कहा। उन्होंने डीआरएम कार्यालय में समीक्षा बैठक की, जिसमें डीआरएम दिनेश कुमार सिंह, एडीआरएम (इंफ्रास्ट्रक्चर) आशीष अग्रवाल, एडीआरएम (परिचालन) अजय वार्ष्णेय, सीनियर डीसीएम नीतू आदि मौजूद रहे।

डीआरएम ने गिनाईं उपलब्धियां

डीआरएम ने जीएम को बताया कि माल लदान, ऑटो लदान, चीनी लदान भी पिछले साल की तुलना में कई गुना अधिक है। यात्री यातायात से प्राप्त आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है। दौरे के वक्त मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अरविंद कुमार पांडेय, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आरके यादव, मुख्य कारखाना इंजीनियर बीएस दोहरे आदि मौजूद रहे।

श्रमिक संघ ने दिया जीएम को ज्ञापन

पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ कारखाना मंडल ने जीएम को कर्मचारियों की समस्याएं गिनाकर 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा। सहायक महामंत्री जेएस भदौरिया के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में मंडल चिकित्सालय में रेफरल चिकित्सक कमेटी का प्रावधान करने, इंजीनियरिंग विभाग के गेटमैन को डबल रेस्ट व ओवरटाइम का प्रावधान, कर्मचारियों को रिजर्वेशन काउंटर का प्रावधान कराने आदि की मांग की गई है। जीएम ने समस्याओं पर विचार कर निदान के लिए आश्वस्त किया। ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के अध्यक्ष मोहसिन खान, दलसिंगर यादव, धनकुमार, शहलेश चंद्र वर्मा, रोहित कुमार आदि शामिल रहे।
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अब शाही में 1157 फर्जी कार्डों के जरिए हड़पा राशन

बरेली। बड़ी संख्या में फर्जी राशनकार्ड बनाकर गरीबों का राशन हड़पने के मामले रोज सामने आ रहे हैं। अब शाही नगर पंचायत में 1157 लोगों के नाम फर्जी राशनकार्ड बना दिए हैं। शिकायतकर्ता ने उन लोगों के नाम की लिस्ट भी भेजी गई है, जिनके राशनकार्ड बनाने में खेल हुआ है। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त अनिल कुमार दुबे ने जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी है।
खाद्य एवं रसद विभाग को तीन फरवरी को शाही में राशनकार्डों को बनाने में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत भेजी गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि नगर पंचायत के कुछ अधिकारी और कोटेदारों ने मिलकर 1157 से ज्यादा पात्र गृहस्थी और अंत्योदय योजना के राशनकार्ड बनाने में बड़ा खेल किया है। शिकायत में एक कोटेदार का नाम और उसकी दुकान संख्या देते हुए यह बताया गया कि वहां 1038 पात्र गृहस्थी और 55 अंत्योदय कार्ड बनाए गए हैं। जबकि एक अन्य कोटेदार द्वारा इन दोनों ही योजनाओं में 32-32 फर्जी कार्ड बनाने की सूचना दी गई है। शिकायतकर्ता ने इन भी कार्डधारकों की लिस्ट भी प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करके भेजी थी। शासन को बताया गया है कि शाही में 80 फीसदी लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। राशनकार्ड बनाने में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर इसमें शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की दरख्वास्त की गई है। अपर आयुक्त के निर्देश के बाद डीएम नितीश कुमार ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है। इससे पहले भोजीपुरा के पिपरिया में अपात्रों के कार्ड बनाने के लिए सौ से ज्यादा राशनकार्ड प्रधान व सेक्रेटरी के फर्जी दस्तखत कर निरस्त करने का मामला सामने आया था। हालांकि अधिकारियों ने इस मामले की जांच ही दबा दी है।
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4 साल बाद ग्राहकों के लिए फिर भारी छूट की बहार.. कंपनियों में हाहाकार

नौ सौ कारों और छह हजार से ज्यादा स्कूटी-बाइक का स्टॉक है शहर के शोरूम पर


बरेली। बीएस- 3 मॉडल की गाड़ियों को खारिज करके मार्च 2016 में बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियां मार्केट में उतारी गई थीं, अब चार साल बाद ऑटोमोबाइल मार्केट में फिर उसी तरह की हलचल के दौर से गुजर रहा है। ऑटोमोबाइल कंपनियों में जहां बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों का स्टॉक क्लियर करने की होड़ शुरू हो गई है। एक अनुमान के मुताबिक बरेली शहर में ऑटोमोबाइल कंपनियों के तमाम शोरूम फिलहाल करीब नौ सौ से ज्यादा बीएस- 4 मॉडल की कारों और छह हजार से ज्यादा स्कूटी और बाइक मौजूद हैं। कंपनियों के आगे बमुश्किल महीने भर के अंदर इस स्टॉक को क्लियर करने की चुनौती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह साफ होते ही कि बीएस- 4 का दौर 31 मार्च को ही खत्म होगा, ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस-4 मॉडल की गाड़ियों का स्टॉक क्लियर करने के लिए उन पर 50 हजार से तीन लाख रुपये तक की छूट की घोषणाएं शुरू कर दी हैं। बाइक और स्कूटी पर 10 से 15 हजार रुपये तक की छूट दी जा रही है। ऑटोमोबाइल कंपनियों में यह हलचल हालांकि पहले से थी लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद अफरातफरी जैसे हालात पैदा हो गए। ऑटोमोबाइल कारोबारी अब अपने पास मौजूद स्टॉक को देखते हुए उसे समय रहते क्लियर करने की योजनाएं तैयार करने लगे हैं।
दरअसल कारोबारियों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 31 मार्च निर्धारित की है लेकिन खरीददारों के लिए कम से कम दो हफ्तों के समय की दरकार उनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए भी होगी, लिहाजा उन्हें अपना स्टॉक 15 मार्च से पहले ही क्लियर करना होगा जो काफी मुश्किल काम है। साथ में यह खतरा भी है कि बीएस- 4 मॉडल की गाड़ी 31 मार्च तक रजिस्टर्ड न होने पर अवैध हो जाएगी। हालांकि इसी बीच सहालग का सीजन ऑटोमोबाइल कारोबारियों की उम्मीदें भी जगा रहा है। उन्होंने बताया कि कारों पर 50 हजार से तीन लाख तक और दोपहिया वाहनों पर 10-15 हजार रुपये की छूट देने की तैयारी है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के मुताबिक शहर के विभिन्न शोरूम पर फिलहाल एक अनुमान के मुताबिक नौ सौ से ज्यादा कारों और छह हजार से ज्यादा दोपहिया वाहनों का स्टाक है।
रिफाइनरी और डिपो से बीएस-6 ईंधन सप्लाई शुरू करा दी गई है। दरअसल पेट्रोलियम मंत्रालय काफी दिनों से बीएस-6 ईंधन के उत्पादन और सप्लाई के लिए दबाव बनाए हुए था। अब पेट्रोल पंपों पर भी इसकी सप्लाई शुरू हो गई है। तकनीकी परीक्षण के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। - अनुपम हरि, डीजीएम, इंडियन ऑयल कारपोरेशन
तो यह था ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का सच
ऑटोमोबाइल कंपनियों को पूरा अंदाजा था कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाएगी। देश की सबसे बड़ी अदालत में अपील करने के बावजूद सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों का उत्पादन बंद कर दिया था। इसकी एक वजह यह भी थी कि डीलर भी बीएस- 4 गाड़ियों की सप्लाई लेने से कतराने लगे थे। छह महीने पहले से ही तय माना जा रहा था कि बीएस-4 ईंधन से चटलने वाली गाड़ियां अप्रैल से नहीं बिक पाएंगी। कंपनियों ने इन वाहनों का उत्पादन गिराने के साथ इसे मंदी की मार प्रचारित करना भी शुरू कर दिया था। कई टीवी न्यूज चैनलों पर मंदी की यह खबर लंबे समय तक सुर्खियों में रही थी।
बीएस- 6: अभी कई साल लगेंगे नतीजे आने में
दुनिया के तमाम देशों से सबक लेकर भारत में अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बीएस- 6 गाड़ियों को लांच किया जा रहा है। हालांकि कई दूसरे देशों में इसकी शुरूआत 19 साल पहले ही हो चुकी है। बीएस- 6 इंजन जहरीली गैसों का उत्सर्जन बीएस- 4 इंजन के मुकाबले 90 फीसदी तक कम करता है। मार्च 2016 में भारत में बीएस-4 लाया गया मगर ऑटोमोबाइल कंपनियों के दबाव में बीएस-5 नहीं आ आ पाया। देश भर में वायु प्रदूषण की स्थिति बदतर होती देख छह महीने पहले बीएस-6 लाने की तैयारी शुरू हुई थी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बीएस- 6 इंजन के जरिये वायु प्रदूषण में जिस कमी की उम्मीद की जा रही है, उसे पूरा होने में कई साल लगेंगे क्योंकि अगले कई सालों तक बीएस- 4 गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती रहेंगी।
शोरूम पर आने लगीं बीएस-6 गाड़ियां
प्रमुख कार और दोपहिया वाहनों के निर्माताओं ने डीलरों को बीएस-6 मानक वाले वाहनों की सप्लाई शुरू कर दी है। होंडा, मारुति, हीरो, टाटा, हुंडई, महिंद्रा आदि कंपनियों ने कार और दोपहिया वाहन शोरूम पर उपलब्ध करा दिए हैं। कंपनियां इसकी औपचारिक घोषणा भी करने लगी हैं। हालांकि पुराने मॉडल के मुकाबले इनकी कीमत कुछ ज्यादा ही है। डीलरों के मुताबिक इन वाहनों में बीएस-6 मानक के तहत इंजनों में संशोधन किए गए हैं।
बीएस- 4 गाड़ियों में भी चलेगा बीएस- 6 फ्यूल
कारोबारियों ने बताया कि बीएस- 4 गाड़ियों में बीएस-6 ईंधन इस्तेमाल करने से कोई तकनीकी समस्या नहीं आएगी। बल्कि जहरीली गैसें भी कम निकलने से इससे वायु प्रदूषण कम होगा। कारोबारियों के मुताबिक ज्यादातर पेेट्रोल पंप पर बीएस- 6 ईंधन पहुंच गया है। धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में सभी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होने लगेगा। इसलिए बीएस-6 वाहनों के लिए ईंधन मिलने की कोई समस्या नहीं आएगी।
पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो पर टेस्टिंग शुरू
इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन ने अपने सभी डिपो पर बीएस-6 ईंधन के स्टोरेज का तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। टैंकों की सफाई और वहां से सप्लाई होने वाले ईंधन के मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ कई दिन पहले से ही देश भर की रिफाइनरियों में सिर्फ बीएस-6 ईंधन का ही उत्पादन शुरू हो गया है। इस नेटवर्क को पेट्रोल पंपों तक सही किया जाना है। बताया जाता है कि रिलायंस, एस्सार और दूसरी निजी रिफाइनरियों और उनके डिपो पर भी यही प्रक्रिया शुरू हो गई है। निजी कंपनियां भी जल्द ही बीएस-6 ईंधन पेट्रोल पंपों पर देना शुरू करेंगी।
छूट देकर पुराना स्टॉक क्लियर करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने पहली अप्रैल से पुराने मॉडलों का रजिस्ट्रेशन करने पर रोक लगा दी है। स्कूटी और बाइक का पुराना स्टॉक जल्द क्लियर करना एक समस्या तो है लेकिन हम ग्राहकों को छूट देकर ऐसा करने की कोशिश करेंगे। - पंकज अग्रवाल, ऑटोमोबाइल कारोबारी
कारों पर दे रहे हैं तीन लाख तक की छूट
अगले एक महीने में कारों का स्टॉक क्लियर करना जरूरी है। कंपनियों से भी ऐसे आदेश आ गए हैं। विभिन्न मॉडल की कारों पर 50 हजार से तीन लाख रुपये तक की विशेष छूट देनी शुरू कर दी गई है।
- अनिल अग्रवाल, ऑटोमोबाइल कारोबारी
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उत्तर प्रदेश के इस मैदान में पैर रखते ही धंसने लगती है जमीन, पढ़ें खौफनाक रहस्य

सुतिया नाले का दलदल सुतिया नाले का दलदल

प्रबंधक को बच्चों समेत स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी से हिली पुलिस

चनहेटा गांव के मां सरस्वती जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक के घर पर शनिवार रात उनके स्कूल को बच्चों के साथ बम से उड़ा देने की धमकी भरा पत्र पहुंचने के बाद स्कूल स्टाफ दहशत में आ गया। प्रबंधक से इस धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी हिल गई।

पुलिस फोर्स साथ लेकर सीओ सिटी अशोक कुमार ने पहले तो खुद छानबीन की। रविवार को सहारनपुर से आए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्कवॉड ने भी स्कूल और प्रबंधक के घर के साथ आसपास के इलाके में जांच की। कहीं कुछ संदिग्ध नहीं मिला तो पुलिस ने राहत की सांस ली।

कैंट क्षेत्र के गांव चनहेटा में रहने वाले अनिल कुमार इसी इलाके में मां सरस्वती जूनियर हाईस्कूल चलाते हैं। अनिल कुमार के मुताबिक शनिवार की शाम वह परिवार के साथ बाजार गए हुए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे घर लौटे तो दरवाजा खोलते ही एक लिफाफा फर्श पर पड़ा मिला। उसे खोला तो अंदर एक पत्र निकला जिसमें लिखा था, ‘अगले 24 घंटों में तेरे और तेरे स्कूल के बच्चों को बम से उड़ा दिया जाएगा। सुबह स्कूल पहुंचने के बाद तुझे वहां एक पार्टी मिलेगी, जो आगे की बात बताएगी। इस धमकी से प्रबंधक के होश उड़ गए। उनका परिवार भी दहशत में आ गया।

रात में ही प्रबंधक की सूचना पर सीओ सिटी पुलिस फोर्स लेकर स्कूल पहुंचे और खुद अपने सामने छानबीन कराई। इस छानबीन में कुछ पता नहीं लगा तो रात भर पुलिस को इलाके में गश्त करने का निर्देश दिया। रात में ही सूचना दी गई तो रविवार सुबह जांच के लिए सहारनपुर से बम निरोधक दस्ता भी पहुंच गया। इस दस्ते ने डॉग स्कवॉड के साथ स्कूल और प्रबंधक के घर के हर कोने की सघन जांच की। इस जांच में भी सब कुछ ठीक पाया गया तो पुलिस ने राहत की सांस ली। प्रबंधक ने बताया कि संभवत: किसी ने उन्हें डराने के लिए शरारत की थी।

प्रबंधक को बच्चों और छात्रों को बम से उड़ा देने की धमकी मिली थी। मौका मुआयना किया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्कवॉड ने भी छानबीन की, लेकिन सब ठीक निकला। यह किसी शरारती तत्व का काम है। - अशोक कुमार, सीओ सिटी

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बरेलीः आज से बरेली सिटी से टनकपुर तक जाएगी डेमू

डेली पैसेंजर की मांग पर अब बरेली सिटी-लालकुआं रूट पर सातों दिन चलेगी डेमू

यात्रियों का वेटिंग टाइम घटाने को सिटी स्टेशन-कासगंज पैसेंजर का ठहराव बदला

बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल ने यात्रियों को होली का तोहफा देते हुए अपनी पूर्व घोषणा की मुताबिक सेकंड डेमू का संचालन शुरू कर दिया है। यह नई डेमू 17 फरवरी यानी आज से बरेली सिटी से टनकपुर तक जाएगी, इससे पूर्णागिरी जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। नई डेमू के संचालन के कारण लालकुआं-बरेली सिटी-लालकुआं, बरेली सिटी-कासगंज-बरेली सिटी और इज्जतनगर-पीलभीत के संचालन के समय में भी फेर बदल किया गया है। इसके अलावा अभी सप्ताह में छह दिन चलने वाली बरेली सिटी-लालकुआं-बरेली सिटी डेमू अब रविवार को भी चलेगी। खास यह है कि अब यह लालकुआं से काशीपुर तक चलेगी।
डेमू ट्रेन के अतिरिक्त रेक का संचालन सोमवार से शुरू होगा। अब तक डेमू बरेली सिटी स्टेशन से लालकुआं और पीलीभीत तक ही जाती थी, लेकिन डेमू का सेकंड रेक काशीपुर और दूसरा रेक टनकपुर तक जाएगा। साथ ही बरेली सिटी-लालकुआं रूट पर डेमू रविवार को भी चलेगी, अब तक यह ट्रेन रविवार को नहीं चलाई जाती थी।
यात्रियों का वेटिंग टाइम घटाने के क्रम में पीलीभीत से बरेली सिटी आने वाली ट्रेन 18.20 बजे के बजाय 17.35 बजे चलाई जाएगी, जिससे टनकपुर से आने वाले यात्रियों को पीलीभीत में 45 मिनट के समय की बचत होगी। इसके अलावा यह ट्रेन अब बरेली सिटी तक नहीं जाएगी। यह ट्रेन इज्जतनगर स्टेशन पर टर्मिनेट कर दी जाएगी।
इसके अलावा दैनिक यात्रियों की मांग पर लालकुआं-बरेली सिटी लालकुआं स्टेशन से 17.15 बजे के बजाय 17.45 बजे चलाया जाएगा। वहीं बरेली सिटी-कासगंज को बरेली सिटी से 20.45 बजे के बजाय अब 22.55 बजे चलाया जाएगा। रेलवे के इस परिवर्तन से लालकुआं, किच्छा, बहेड़ी की ओर से आने वाले यात्रियों को बदायूं, सोरों व कासगंज के लिए सीधी सेवा प्राप्त हो सकेगी।
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इज्जतनगर स्टेशन: सेकेंड एंट्री पर उठते हैं धूल के गुबार

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बरेली। इज्जतनगर स्टेशन की सेकेंड एंटी की रोड बदहाल है। हवा चलने पर धूल के गुबार उठते हैं, जिससे वहां रहने वाले कर्मचारी भी परेशान है। शाम छह बजे टिकट विंडो बंद हो जाती है। ऐसे में रेलवे की आमदनी भी कम हुई है, लेकिन मंडलीय अधिकारियों का सेकेंड एंट्री की रोड बनवाने की ओर कोई ध्यान नहीं है।
इज्जतनगर स्टेशन पर प्लेटफार्म, सेकेंड एंट्री और सौंदर्यीकरण में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। रिजर्वेशन आफिस और साधारण टिकट का एक काउंटर भी शिफ्ट हो चुका है। सेकेंड एंट्री का एंट्रेंस गेट भी बन गया है। इस सब के बाद भी रेलवे का सड़क बनाने की ओर कोई ध्यान नहीं है। आरपीएफ लाइन और आईवीआरआई रोड से सेकेंड एंट्री तक स्टेशन तक रोड का अता पता नहीं है। दिन में भी पता नहीं चलेगा कि रोड पर चल रहे हैं या मैदान में। कई बार लोग इज्जतनगर स्टेशन जाते समय रेलवे लाइन तक पहुंच जाते हैं, जबकि सेकेंड एंट्री पर प्लेटफार्म आदि निर्माण चल रहा है। रिजर्वेशन आफिस होने से लोगों का धूल भरी रोड पर जाना मजबूरी है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में है। रिजर्वेशन आफिस रात आठ बजे बंद होता है। शाम होते ही लोग वहां जाना बंद कर देते हैं। ऐसे में रेलवे की आमदनी भी कम हुई है। साधारण टिकट विंडो शाम छह बजे बंद होने के बाद सन्नाटा छा जाता है। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क बनाने का ठेका हो चुका है। जल्द ही सड़क बनाई जाएगी।
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साहब! कब बनेगा शहर की 85 मलिन बस्तियों के विकास को रोडमैप

बरेली। जनवरी के दूसरे सप्ताह में जिलाधिकारी द्वारा नगर आयुक्त को शहर के 85 मलिन बस्तियों की सूची सौंपी गई। यह सूची प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देशों के अनुरूप ही बनाई गई थी। इस सूची के अनुरूप इन सभी बस्तियों में पक्की सड़कें, खड़ंजा और नाली आदि का निर्माण कराया जाना था। जिसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाना था। इस कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी के 15 और ग्रामीण अभियांत्रिकी के पांच जेई समेत निगम के आठ जेई को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। कार्य 15 दिनों के अंदर कर लिया जाना था। प्रस्ताव में कार्य का स्टीमेट भी तैयार होना था जिसके आधार पर शासन से पैसे की मांग भी की जाती। पर नगर आयुक्त समेत निगम के किसी भी अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ना ही इस कार्य को 14वें वित्त का हिस्सा बनाया गया। आंख तब खुली जब पिछले दिनों मेयर ने इस बाबत पत्र लिखकर नगर आयुक्त से मामले की जानकारी मांग ली।
वहीं, सूत्रों की माने तो इन 85 मलिन बस्तियों में से कुछ बस्तियों का इस्टीमेट बनाया गया है। कुछ बस्तियों के लिए कार्यों के टेंडर आदि जारी करने की भी बात कही जा रही है। पर इस संबंध में तक सभी 85 मलिन बस्तियों की कंपाइल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट रिपोर्ट अब तक नहीं बनाई गई है और ना ही इसकी कोई जानकारी जिलाधिकारी को ही दी गई है। खुद निगम के दफ्तर में इस बात को लेकर पिछले एक महीने में कोई बैठक नहीं आयोजित की गई है। ना ही किसी को कोई जानकारी है। 13 फरवरी को मेयर उमेश गौतम ने एक बैठक में नगर आयुक्त से लिखित रूप में इसका विवरण भी मांग लिया है। पत्र में पूछा गया कि अब तक जिन मलिन बस्तियों की कच्ची गलियां नापने और उनपर विकास कार्य आपको दिया गया, उसमें कितना कार्य हुआ। वार्ड वार इसका विवरण और फोटो आदि भी तलब किया गया है।
इन मलिन बस्तियों को लेकर तैयार किया जाना था प्रस्ताव
टियूलिया, परसाखेड़ा, गौटिया, नदौसी, बंडिया, बंडिया गौटिया, हैदराबाद खडौआ, खलीपुर भाग-1 व 2, जौरहपुर, महेशपुर अटरिया, विधौलिया, रोठा मिल्क, पस्तौर, भगवंतापुर, गोविंदापुर, बाकरनगर सुंदरासी, सनैयारानी, सनौआ, सैदपुर हाकिंस, रामलीला गौटिया, मठकमलनैनपुर, मठ लक्ष्मीपुर, महलऊ, परतापुर चौधरी, श्रहपुरा, फरीदापुर चौधरी, फरीदापुर गौटिया, शिकारपुर, सिठौरा, सनैयाधान सिंह, गणेशनगर, वंशीनगर, शांति विहार, सुभाषनगर, राजीव का., तिलक कालोनी, हुसैनबाग, कटघर, बाकरगंज, चौपलागिहारबस्ती, किशोर बाजार, कोट, फखरुद्दीन अली अहमद, चक महमूद, चक महमूदनगर, हाजियापुर, अंबेडकर नगर हजियापुर, सकलैन नगर, खुर्रम गौटिया, कटरा चांद खां, नवादा शेखान, राजीवनगर गुलाब बाड़ी, आजादनगर, राजनगर, नगरिया परीक्षित, संतनगर वाल्मीकि बस्ती, गायत्रीनगर, कंजादासपुर, विहारमान नगला एक, परतापुर जीवन सहाय, छोटी बिहार, गौटिया शेर अली, हरुनगला, एजाजनगर गौटिया, बुखारपुरा, जाटवपुरा, गंगापुर वाल्मीकि बस्ती, माधोबाड़ी वाल्मीकि बस्ती, विष्णु इंटर का. वाल्मीकि बस्ती संजयनगर, जोगी नवादा, डेलापीर, प्यारे लाल कालोनी, इंद्रानगर वाल्मीकि बस्ती, अंबेडकर नगर उदयपुर खास, रफियाबाद, भुरावपुर, तालाब चौधरी, सुर्खा, मौलानगर, बानखाना, बाग गुददड़, छावनी अशरफ खां, बाके की छावनी, बरिया संदल खां।
मलिन बस्तियों के विकास में डूडा शामिल होता तो अब तक बन जाता प्रस्ताव
शहर की सभी मलिन बस्तियों में कच्ची गलियों और नालियों का निर्माण कार्य डूडा के जिम्मे है। डूडा को ही इसका सर्वे कर इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजना होता है। इसी के आधार पर शासन से धनराशि मिलती है और कार्य को आगे बढ़ाया जाता है। वहीं, नगर निगम के जिम्मे निगम में शामिल गांवों और वार्डों के विकास का कार्य होता है। डीएम यदि चाहते तो जिस तरह उन्होंने नगर आयुक्त को पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियांत्रिकी व नगर निगम के जेई को शामिल कर मलिन बस्तियों के विकास के निर्देश दिए, उसी तरह वह डूडा अधिकारियों को भी इस योजना में शामिल कर सकते थे। पर उन्होंने नहीं किया। यदि वह डूडा को शामिल करते तो अब तक यह प्रस्ताव बन भी चुका होता।
निगम को प्रस्ताव बनाने को कहा गया था। इसमें कुछ बस्तियों का प्रस्ताव और टेंडर आदि किए भी गए हैं। हालांकि इस संदर्भ में पूरी रिपोर्ट निगम से मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- नितीश कुमार, जिलाधिकारी
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फाइलेरिया अभियान की शुरुआत, जिले में लगे 71 कैंप

बरेली। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में फाइलेरिया अभियान की शुरुआत की गई। आरोग्य मेले के 71 कैंप लगाए गए, जिसमें 8148 मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हेें दवा दी। यह अभियान फाइलेरिया से प्रभावित 30 जिलों में चलाया जा रहा है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुभाष नगर पीएचसी में अभियान का शुभारंभ सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने मरीजों को फाइलेरिया की दवा खिलाकर किया। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने अगरास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शेरगढ़ के वसुंधरन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रिछा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर फाइलेरिया की दवा खिलाई। उन्होंने कहा कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए फरवरी से हर रविवार सभी शहरी एवं ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के उन्मूलन के लिए 17 से 29 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) राउंड चलाया जायेगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी घर घर जाकर फाइलेरिया लोगों की दवा खिलाएंगे। आरोग्य मेले में 71 कैंप लगाकर 161 डाक्टर्स और 392 स्वास्थ्य कर्मियों ने 8148 मरीजों के रजिस्ट्रेशन कराकर दवा दी गई। जिसमें 3149 पुरुष, 3664 महिला और 1335 बच्चे शामिल थे। गंभीर रोग से पीड़ित 168 मरीजों को रेफर किया गया।
क्या है फाइलेरिया
फाइलेरिया या हाथीपांव रोग में शरीर के अंगों में सूजन आती है। यह रोग मच्छर के काटने से ही फैलता है। डब्लूएचओ के अनुसार फाइलेरिया दुनिया में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में एक है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। इसका इलाज न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। पैरों में सूजन और हाइड्रोसील आदि गंभीर बीमारियां होती है।
एमडीए की दवा से कई लाभ
फाइलेरिया से बचाव के साथ एमडीए दवाइयों से कई दूसरे लाभ भी हैं। यह आंत के कृमि का भी इलाज करती है। जिससे खासकर बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आता है। प्रभावित क्षेत्र में रह रहे समुदाय में सभी लोगों को फाइलेरिया के संक्रमण होने का खतरा रहता है। मेले में सलाह दी गई कि सभी लोग एमडीए या फाइलेरिया रोधी दवाइयों का सेवन सुनिश्चित करें।
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ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा मोहल्ला थर्राया, फिर भी पुलिस ने घटना को झूठा बताया

आसमां हत्याकांड पर और खूनखराबे के आसार

बरेली। आसमां हत्याकांड तो नहीं खुल सका उल्टे पुलिस की बेपरवाही हजियापुर में और तनाव बढ़ा रही है। शनिवार रात दो पक्षों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग होने के बाद रात में ही डरी हुई औरतों ने घंटों पुलिस चौकी पर शोर मचाया लेकिन फिर भी बारादरी पुलिस ने घटना को संदिग्ध बताकर पल्ला झाड़ लिया। देर रात एक पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस हजियापुर पहुंची जरूर मगर कुछ देर यहां रुककर लौट गई।
हजियापुर में शनिवार रात दो गुटों के बीच झगड़े के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। पूछताछ में सामने आया था कि आसमां हत्याकांड की छानबीन के दौरान इलाके में हाजी गुड्डू के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस ने इलाके के ही सुलेमान के दो बेटों को पूछताछ के लिए उठाया था। जिन्हें फिर छोड़ भी दिया गया था। लेकिन इस प्रकरण से दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। इस पर शनिवार सुबह गालीगलौज के बाद रात को दोनों पक्ष दोबारा आमने सामने आ गए थे। फिर दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई थी। इसके बाद मॉडल टाउन चौकी पर भी इलाके की महिलाओं ने हंगामा किया था। देर रात तक पुलिस भी इलाके में सक्रिय बनी रही थी। इलाके में इतना हंगामा और फायरिंग होने के बावजूद बारादरी थाना पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है। देर रात सुलेमान की तरफ से थाने में दी गई तहरीर पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि एक पक्ष के लोग आसमां के संबंधी भी हैं।
आसमां हत्याकांड में भी पुलिस के हाथ खाली
हजियापुर में बुधवार को दिनदहाड़े गला काटकर हुई आसमां की हत्या के मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। पति पर शक होने के बाद पुलिस ने उसके पति शमीम को हिरासत में लिया था। लेकिन कोई ठोस साक्ष्य न मिन पाने के कारण उसे अगले ही दिन छोड़ दिया गया था। पुलिस अभी घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी नहीं ढूंढ पाई है। पुलिस के मुताबिक इलाके के ही कुछ लोगों पर उन्हें शक है। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
‘फायरिंग होने की जानकारी नहीं है लेकिन तहरीर आई है तो उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। हत्या के मामले में भी छानबीन जारी है। इलाके के ही कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।’
- अभिषेक वर्मा, सीओ थर्ड/एएसपी
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नकटिया नदी प्रकरण: सैकड़ों क्विंटल मिट्टी डालने की खबर पर दौड़ी सिंचाई और बीडीए की टीम

बरेली। डोहरा रोड पर नकटिया नदी में सैकड़ों क्विंटल मिट्टी डालने का मामला सामने आते छुट्टी के दिन संडे को सिंचाई विभाग और बीडीए की टीम मौके पर पहुंचकर मुआयना के लिए पहुंच गई। एसडीओ (सिंचाई) ने नदी के पास बाउंड्री का निर्माण कराने वाले को खुदाई से निकली मिट्टी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इधर, बीडीए की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर निर्माणकर्ता को बीडीए से नक्शा पास कराए बगैर निर्माण कराने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि नकटिया पुल के पास कुछ किसानों ने तहसील प्रशासन को शिकायत की थी कि बाढ़ खंड और माफिया की सांठगांठ कर नदी की धारा मोड़ने के लिए उनके खेतों की खुदाई कर दी गई है। बाद में लेखपालों की रिपोर्ट पर प्रशासन ने किसानों को जमीन दिलाने के बजाय क्लीन चिट दे दी।
नकटिया नदी पुल के पास कुछ काश्तकारों ने करीब दो महीने पहले तहसील के अधिकारियों से शिकायत कर बाढ़ खंड के स्टाफ पर माफिया से सांठगांठ कर उनके खेतों की खुदाई कर नदी की धार मोड़ने का आरोप लगाया था। इस शिकायत पर तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने टीम भेजकर जांच कराई थी। इसमें लेखपालों ने चंदपुर बिचपुरी के पीड़ित किसानों के खेतों की पैमाइश के बाद रिपोर्ट दी कि नदी का प्रवाह नहीं बदला गया है। किसानों ने इस जांच पर सवाल उठाते हुए डीएम नितीश कुमार से शिकायत की। उनका कहना है कि नदी का रुख नहीं बदला तो उनके खेतों का रकबा कैसे कम हो गया। उधर, राजस्व विभाग की क्लीन चिट मिलते ही नदी के पास निजी निर्माण शुरू हो गया है। निर्माण स्थल पर खुदाई से निकली सैकड़ों टन मिट्टी के ढेर नदी की धारा में डाले जा रहे हैं। जबकि बाढ़ खंड ने कुछ समय पहले ही लाखों रुपये खर्च कर नकटिया नदी की सफाई कराई थी। रविवार को सिंचाई विभाग के एसडीएम बाबूराम, सींचपाल ऋषिपाल ने मौके पर पहुंचकर नदी में मिट्टी फेंके जाने पर आपत्ति जताते हुए उसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए है। एसडीओ का कहना है कि इस मामले में निर्माणकर्ता को सोमवार को नोटिस भी दिया जाएगा। इसके साथ रविवार को बीडीए सचिव अंबरीष कुमार ने इंजीनियर अजय गर्ग के नेतृत्व में टीम को भेजकर जांच कराई। टीम का कहना है कि नदी के पास मिट्टी फेंके जाने का मामला राजस्व विभाग से जुड़ा है लेकिन चूंकि निर्माणकर्ता अभी बाउंड्री करा रहा है लेकिन उसे चेतावनी बीडीए से नक्शा पास कराने के बाद ही यहां कोई निर्माण शुरू होगा।
तहसील प्रशासन की टीम नए सिरे से जांच को तैयार
तहसील प्रशासन इस मामले की फिर से नए सिरे से जांच करने को तैयार हो गया है। नदी की धारा का रुख न बदलने की रिपोर्ट दे चुके तहसील प्रशासन की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए किसानों ने डीएम नितीश कुमार को प्रार्थनापत्र दिया था कि सब सही है तो उनके खेतों का रकबा कहां है? तहसीलदार आशुतोष गुप्ता का कहना है कि किसान उनसे फिर मिल सकते हैं। इस बार और उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
नदी के अंदर मिट्टी डालने की जानकारी के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। नदी के प्रवाह में कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मैंने मातहतों को निगरानी के निर्देश दे दिए हैं। -राजीव कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड
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खुराफाती निकला एसएसबी जवान, खुद ड्राइवर को पीटा फिर पुलिस को दौड़ाया

बरेली। पीलीभीत में तैनात एसएसबी जवान को लूट के बाद नकटिया पुल के पास टैक्सी से फेंकने के आरोप की छानबीन कर रही पुलिस ने शनिवार रात ड्राइवर को पकड़ लिया। जवान से उसका आमना-सामना कराया तो साफ हो गया कि सेटेलाइट चौराहे पर दोनों में सिर्फ मारपीट हुई थी। जवान ने कबूल कर लिया कि लूट नहीं हुई। पुलिस ने जवान को तो चेतावनी देकर छोड़ दिया लेकिन ड्राइवर पर कार्रवाई करेगी।
सेटेलाइट चौराहे के पुलिस सहायता केंद्र पर बुधवार रात जख्मी हालत में पहुंचे एसएसबी जवान मुनेश उपाध्याय ने पुलिस को बताया था कि 50 हजार रुपये और मोबाइल लूटने के बाद बदमाशों ने उसे नकटिया चौकी के पास चलती टैक्सी से फेंक दिया। पुलिस ने शनिवार रात फरीदपुर के ऊंचा मोहल्ला निवासी आरोपी ड्राइवर नाजिम अली को टैक्सी के साथ पकड़ लिया। थाने में एसएसबी जवान के सामने ही ड्राइवर ने बताया कि पीलीभीत के नौगवां चौराहे से बैठने के बाद सेटेलाइट पर जवान उतरा तो किराया देने के बजाय मोबाइल गायब होने की बात कहते हुए उससे मारपीट कर दी। वह टैक्सी नकटिया चौकी ले जाने लगा तो उसने स्टियरिंग घुमा दिया जिससे टैक्सी पलटने से बची। इसके बाद जवान टैक्सी से उतरकर भाग निकला। जवान ने भी मोबाइल गुम होने के बाद ड्राइवर से मारपीट के बाद लूट का झूठा आरोप लगाने की बात कबूली। पुलिस के मुताबिक जवान शराब पीए हुए था। मोबाइल गुम होने के बाद ड्राइवर पर फर्जी आरोप लगा दिया।
जवान का लूट का आरोप गलत निकला। पीलीभीत में वह शराब पीने के बाद निकला था। उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अशोक कुमार, सीओ सिटी
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