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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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अनोखा विरोध: कलक्ट्रेट के बाहर 25 रुपये प्रति किलो बेचा प्याज, खरीदारों की उमड़ी भीड़

वरिष्ठ कांग्रेसजन संघर्ष समिति के लोगों ने कलक्ट्रेट के गेट पर महंगाई के विरोध प्याज की सेल लगाई।

10 दिसंबर 2019

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भदोही

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

गैंगरेप की घटनाओं के खिलाफ सपाजनों ने भरी हुंकार

ज्ञानपुर। प्रदेश में बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों ने रविवार को राजा पार्क में आयोजित सभा में हुंकार भरी। उन्नाव की पीड़िता के परिवार वालों को 50-50 लाख मुआवजा और आरोपियों को अविलंब मौत की सजा के लिए आवाज उठाई।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष मो.आरिफ सिद्दीकी, महासचिव ओमप्रकाश यादव, पूर्व विधायक जाहिद बेग और पूर्व विधायक मधुबाला पासी ने कहा कि सूबे में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। सत्ता के संरक्षण में अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उन्नाव पीड़िता की मौत हो गई लेकिन आरोपी अब भी कार्रवाई के दायरे में नहीं आए। सूबे के आजमगढ़, मिर्जापुर समेत दर्जनों स्थानों पर हो चुकी इस तरह की घटनाओं के बाद भी जिम्मेदारों की आंख नहीं खुल पा रही है। हैदराबाद में महिला चिकित्सक के साथ हुई हैवानियत में शामिल तथाकथित लोगों का इनकाउंटर कराने के बाद और किसी मामलों में पीड़िताओं को न्याय नहीं मिल सका। प्रदेश की गूंगी, बहरी, अत्याचारी, बलात्कारी सरकार को बर्खास्त करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की आवाज बुलंद की। चेतावनी भी दी गई कि यदि उन्नाव पीड़िता के परिजनों को 50 लाख मुआवजा और आरोपियों को मौत की सजा न हो सकी तो सपाजन सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। सपा नेता अजीत सिंह क्षत्रिय ने कहा कि भाजपा की सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। सूबे में महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अंत में रेप की घटनाओं में मृतकों के प्रति शोक भी जताया गया। इस मौके पर प्रदीप यादव, विकास यादव, रामकिशोर बिंद, कमला महतो, जमीन अंसारी, रामयज्ञ पाल, धर्मेंद्र यादव, दीनानाथ, मुन्ना खां, शकील दादा, रीता वर्मा, कल्लू सिंह, लालचंद बिंद, महेंद्र यादव, धर्मेन्द्र मिश्रा, काशीनाथ पाल आदि मौजूद रहे।
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पुरातन छात्रों ने साझा किया अनुभव

ज्ञानपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में रविवार को भूतपूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें पुरातन छात्रों ने अपने अनुभव को साझा किया। आगामी बोर्ड परीक्षा संग छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर विचार विमर्श किया गया।
सेमिनार का शुभारंभ प्रधानाचार्य सीएम सिंह और उप प्रधानाचार्य साहब सिंह ने सरस्वती प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। प्रधानाचार्य सीएम सिंह ने कहा कि ऐसे सेमिनार से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को भविष्य के रास्ते तय करने की सीख मिलती है। अधिकतर छात्र इंटरमीडिएट की शिक्षा ग्रहण करने के बाद भटक जाते हैं। पूर्व छात्र चिकित्सक डॉ. प्रभात कुमार, पीएचडी संतोष कुमार गुप्ता, कोचिंग संचालक जयदीप पांडेय, शिक्षक रविशंकर पटेल, निदेशक अजीत कुमार सिंह, रमेश मौर्य, विनोद गौतम, पारसनाथ शुक्ला, बबलू प्रसाद मिश्र ने अपने अनुभव को साझा किया। संगीत शिक्षक ओमकारनाथ उपाध्याय के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़ कर एक पंजाबी, गुजराती और कजरी गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध किया। सेमिनार में डॉ. मनजीत सिंह, विभाष भट्ठ, पीके श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग की। संचालन एनएच अंसारी ने किया। इस मौके पर जेपी सिंह, मारकंडे सिंह, हौसिला सिंह, सीके ओझा, राजकुमार, यूपी शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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सिर पर झूल रही मौत, जिम्मेदार अंजान

ज्ञानपुर। सूर्य ढलने के बाद अगर खेत में जाना है तो संभल कर जाएं। राहों में मौत का करंट दौड़ रहा है। मामूली चूक हुई तो आपकी जान भी जा सकती है। जिले के ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी इलाकों में जर्जर लटकते तार आए दिन मुश्किल बढ़ा रहे हैं। जिम्मेदार भी सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने है। घटनाओं के बाद भी अफसरों के आंखों पर काली पट्टी हटने का नाम नहीं ले रही। सरकारी योजनाओं के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं हो सका।
17 लाख की आबादी वाले जिले में 561 ग्राम पंचायतें और सात नगर निकाय हैं। जिले के दो उपखंडों के 22 उपकेंद्रों और 80 से अधिक फीडरों के माध्यम से बेहतर बिजली आपूर्ति की जाती है। एक दशक में बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, प्रधानमंत्री सहज जन बिजली योजना के माध्यम से हर घर को रोशन करने पर करोड़ों रुपये खर्च हो गए, लेकिन आज भी ग्रामीण इलाकों में बांस और बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। हवा और बारिश के चलते बांस-बल्ली के सहारे लगे तार जमीन से तीन से चार फीट ऊपर लटक रहे हैं। अक्सर हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी जर्जर और लटकते तारों को नहीं हटाया गया। कमोबेश यही हाल नगरीय इलाकों की है। ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही, सुरियावां जैसे बाजारों में अंडरग्राउंड वायरिंग का दावा किया जाता है लेकिन अब भी कई स्थानों पर बिजली के जर्जर तार आए दिन लोगों की धुकधुकी बढ़ाते हैं। ज्ञानपुर के वार्ड नौ, पुरानी बाजार का मामला हो या भदोही नगर के विभिन्न वार्डों की स्थिति। हर जगह लटकते जर्जर तार आम आदमी की मुसीबत को बढ़ाता है। सुविधाओं के नाम पर लाखों खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है।
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आवास विकास प्राधिकरण की जांच में मिली खामियां

सुरियावां। नगर क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च कर वर्षों से अधूरे पड़े 144 कांशीराम आवास का निरीक्षण आवास विकास प्राधिकरण वाराणसी की टीम ने किया। इस दौरान कई खामियां मिलने पर मातहतों की नकेल कसी गई। हिदायत दी गई कि अधूरे कार्यों को पूर्ण कराकर रिपोर्ट न दी गई तो संबंधितों के खिलाफ शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी। नगर पंचायत अध्यक्ष गोरेलाल कन्नौजिया, अधिशासी अधिकारी सोनल जैन के साथ अधिशासी अधिकारी डूडा वाराणसी, अधिशासी अभियंता विद्युत, जलनिगम ने कांशीराम आवास योजना के तहत बने 144 आवासों की टूटी-फूटी दीवारें, खिड़की-दरवाजा, बदहाल पड़े शौचालय की स्थिति देख बिफर पड़े। मातहतों को निर्देश देकर कहा कि शीघ्र ही आवासों की स्थिति सुधारा जाय। उसके बाद ही लाभार्थियों में आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ... और पढ़ें

डूडा दफ्तर: बदला दिखा नजारा, समये से पहुंचे कर्मी

ज्ञानपुर। अमर उजाला की पड़ताल के बाद सोमवार को जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) दफ्तर का नजारा बदला-बदला दिखा। 10 बजे तक आने वाले कर्मचारी सुबह नौ बजकर 10 मिनट पर ही दफ्तर पहुंच गए। हालांकि कांशीराम आवास सुरियावां की जांच के चलते पीओ डूडा अफसरों संग वहां गई थीं।
सोमवार को सुबह नौ बजे अमर उजाला की टीम डूडा कार्यालय पहुंची। करीब नौ बजकर 10 मिनट पर चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी मुरली दूबे ने कार्यालय खोला। साफ-सफाई करते-करते वहां लिपिक ओमकार तिवारी, कर्मचारी हरिशंकर, चेतन यादव भी पहुंच गए। चंद मिनट बाद आटसोर्सिंग संस्था के माध्यम से काम करने वाले डीसी मुकेश साहनी, शिवलाल और ज्ञानेश्वर भी कार्यालय आ गए। आम लोगों की समस्या सुनने के लिए चेतन चौहान को जिम्मेदारी दी गई थी। पीओ डूडा ऊबषा त्रिपाठी ने कहा कि सुरियावां में मान्यवर कांशीराम आवास की जांच के लिए सोनभद्र से कुछ अधिकारी आए थे। उनके साथ वहां जाना पड़ा, जिससे वह कार्यालय नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने बताया कि आम जन की समस्या प्राथमिकता से निस्तारित की जाती है।
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स्कूल के बाहर मास्साब का इंतजार करते मिले बच्चे

ज्ञानपुर/चौरी। हल्की ठंड शुरू होते ही शिक्षकों के स्कूल आने का टाइमटेबल ही बदल गया है। तय समय के बजाए आधे से एक घंटे विलंब से स्कूल आ रहे हैं। सोमवार को अमर उजाला की टीम ने चौरी के तीन स्कूलों की पड़ताल की तो व्यवस्था की खामियां सामने आ गईं। कोल्हण स्कूल के बाहर बच्चे और रसोइयां तो पहुंच गए पर मास्साब ही नहीं दिखे। जोल्हापुर में एक सहायक अध्यापक नजर आई तो भदरनपुर में भी ताला लटका मिला।
जिले में 1116 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। सरकारी स्कूलों में व्यवस्था सुधार के लिए सरकार की ओर से तमाम प्रयास हो रहे हैं। जिसका असर भी काफी स्कूलों में दिख रहा है लेकिन कई शिक्षक अपनी कार्यप्रणाली से शिक्षा विभाग के अच्छे कार्यों में दाग लगा रहे हैं। शासन की ओर से स्कूलों का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे निर्धारित है। सोमवार को अमर उजाला टीम सुबह नौ बजकर 24 मिनट पर प्राथमिक विद्यालय कोल्हण पहुंची तो मेनगेट पर ताला लगा मिला। यहां बच्चे विद्यालय का ताला खुलने के इंतजार में बाहर ही खड़े मिले। स्कूल में वाराणसी से आने वाले एक सहायक अध्यापक और आंगनबाड़ी कार्यकत्री समय से पहुच गए थे, लेकिन गेट पर ताला लगने के कारण उनको भी बाहर ही खड़ा रहना पड़ा। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय जोल्हापुर में भी मात्र एक सहायक अध्यापिका पहुंची थी, जबकि प्राथमिक विद्यालय भदरनपुर में ताला लगा मिला। यहां पर भी बच्चे अध्यापको के आने का इंतजार करते दिखे। बताया जाता है कि दूर से आने वाले अध्यापक तो समय से पहुंच जाते हैं लेकिन स्थानीय शिक्षक 10 बजे के आसपास पहुंचते है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल पर लेटलतीफ आने वाले शिक्षकों पर सख्ती होगी। संबंधित स्कूल के शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
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सड़क हादसे में तीन घायल,एक रेफर

गोपीगंज/घोसिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को हुई घटनाओं में ट्रक चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक की हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। पहली घटना औराई थाना क्षेत्र के कटका अंडरपास ब्रिज-राजमार्ग पर हुई, जहां पहले से खराब होकर खड़े डंपर में ओवरलोड ट्रक के जोरदार टक्कर मार देने से चालक बेनीचंद्र (38) पुत्र रामलाल निवासी अजमेर घायल हो गया। बीचबचाव कर लोगों ने उसे सीएचसी औराई में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। बताया जाता है कि चालक बेनीचंद्र सामान लादकर वाराणसी की ओर जा रहा था। ब्रिज पर पहुंचते ही उसे झपकी आ गई और घटना का शिकार हो गया। दूसरी घटना गोपपुर मोड़ के पास हुई जहां बाइकों के आपस में टकराने के कारण दो युवक घायल हो गए जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताते हैं कि घोसिया निवासी सलीम (18) पुत्र नूरमोहम्मद बाइक से गोपीगंज आ रहा था गोपपुर के पास पहुंचने पर दूसरी बाइक लेकर पहुंचे राममोहन 20 ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक समेत गिरकर दोनों घायल हो गए। ... और पढ़ें

मनरेगा और चौदहवां वित्त से दूर होगी गौशालाओं की ठंड

ज्ञानपुर। प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश पर अब जनपद के छह ब्लाक क्षेत्रों में संचालित 17 अस्थायी और एक स्थार्यी गोशालाओं में संरक्षण ले रहे छुट्टा पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। भले ही विभाग से गोशाला संचालकों को धेला न मिला हो, लेकिन मनरेगा और चौदहवें वित्त आयोग से पालीथिनयुक्त बैरिकेडिंग कर पशुओं को बचाना ही पड़ेगा।
सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में सभी गोशालाओं को पालीथिन तिरपाल लगवा दी जाएगी और 12 गोशालाओं में तिरपाल लग जाने से पशुओं को ठंड से राहत भी मिलना शुरू हो गया है। शेष बचने वाले गोशालाओं को भी सुरक्षित करा दिया जाएगा। बताते हैं कि उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में गठित पशु संरक्षण समिति की देखरेख में संरक्षण प्राप्त पशुओं को 30 रुपये की दर से अब तक तीन करोड़ रुपये खर्च करा दिया गया है, लेकिन अतिरिक्त सुविधाएं संबंधित ब्लाक में संचालित हो रहे गौशालाओं की देखरेख कर रहे ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है। फिर भी संरक्षण समिति के दावे रुटीन पर न होने से अधिकांश पशु छोटी-बड़ी सड़कों और खेत-खलिहानों में ही समय काटने को मजबूर हो उठे हैं।
30 हजार से अधिक पशुओं को नहीं मिलेगी राहत
ज्ञानपुर। पशु संरक्षण के नाम पर खर्च हो चुके तीन करोड़ के बाद भी नगर क्षेत्रों में विचरण करने वाले 30 हजार से अधिक छुट्टा पशुओं को ठंड राहत मिलना मुश्कि ल ही दिख रहा है। 18 गोशालाओं में संरक्षण लेने वाले लगभग दो हजार से अधिक पशुओं की चिंता है लेकिन30 हजार से अधि क सड़कों और सिवानों में ककंठित जीवन बीताने वालों की ओर न विभाग ही कोई कदम उठा पा रहा है न प्रदेश सरकार। विभागीय सूत्रों का कहना रहा कि ग्रामीण अंचलों में घूमने वाले पशुओं को ग्राम स्तर व नगर क्षेत्रों में पालिका और नगर पंचायतों को संरक्षण गृह पहुंचाने की जिम्मेदारी है लेकिन नगर प्रशासन उससे भटक चुका है जिसका खामियाजा छुट्टा पशु राजमार्ग पर पहुंच कर भुगत रहे हैं।
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साहब! मां का खर्च नहीं उठा पाऊंगा

ज्ञानपुर। सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा, लेकिन है सोलह आने सच। दो बीबी और चार बच्चों का खर्च उठाने वाले एक बेटे ने बुढ़ापे में अपनी मां को खिला पाने में असमर्थता जाहिर कर दी। रविवार को उसने बकायदा महिला थाने में प्रार्थना पत्र भी दे दिया। थाने में बेटे की इस करतूत पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने नसीहत दी, लेकिन वह नहीं पिघला। मां की हालत देखकर बेटी ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। उसने आरोप लगाया कि मां की दौलत हथियाने के बाद अब वह उसे बेसहारा छोड़ रहा है।
ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की मिश्रा मार्केट में दुकान है। युवक की दो बीवियां हैं, जबकि दोनों पत्नियों से उसके चार बच्चे हैं। दूसरी बीवी इन दिनों मायके में बताई जाती है। दो बीबी संग चार बच्चों का भरण-पोषण वह खुशी-खुशी करता है, लेकिन बूढ़ी मां को साथ रखने में शायद उसके घर का बजट बिगड़ जा रहा है। थाने में दिए प्रार्थना पत्र में उसने इसका जिक्र भी किया। उसने कहा कि मां की सेवा कर पाना उसके वश में नहीं है। बूढ़ी मां को बेसहारा छोड़ा तो बेटी सामने आई। उसने थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसकी मां की जायदाद को बेचकर भाई उसे प्रताड़ित करता है। दो दिन से उसे खाना भी नहीं दिया गया। बूढ़ी मां के साथ बेटे का यह व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे खरी-खोटी भी सुनाई पर वह टस से मस नहीं हुआ। फिलहाल मां उसी बेटे के घर में है, लेकिन बुढ़ापे में उसके भविष्य को लेकर असमंजस के बादल मंडरा रहे हैं। इस घटना की सोमवार को काफी चर्चा रही। हर किसी की जुबां पर यही सुनने को मिला कि हे भगवान किसी मां को बेटा दे, लेकिन ऐसा न दे।
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टूटी नाली, खराब नलकूप बढ़ा रहे मुसीबत

ज्ञानपुर। नहरों संग सिंचाई के अहम साधन नलकूप की हालत जिले में ठीक नहीं है। 15 से 20 फीसदी राजकीय नलकूपों की खराबी संग टूटी नालियां रबी की बुआई से लेकर सिंचाई की समस्या बढ़ा रहे हैं। नलकूप न सही होने से सैकड़ों बीघे में एक-डेढ़ साल से खेती नहीं हो पा रही है। ढाई से तीन दशक पुराने नलकूप ब्रष्ट होने के साथ ही तकनीकी खामियों और बिजली की समस्या से बंद पड़े है।
जिले में नहरों के अलावा सबसे अधिक नलकूप से खेती की सिंचाई की जाती है। धान की कटाई के बाद किसान गेहूं का खेत तैयार कर बुआई कर रहे हैं। अगैती फसलों की पहली सिंचाई शुरू हो गई है तो पिछैती के लिए पलेवा हो रहा है। साफ-सफाई के चलते न तो नहर चल रही है और तकनीकी एवं ट्रांसफार्मर जलने से ज्यादातर राजकीय नलकूप बंद है। ऐसे में पलेवा संग सिंचाई को लेकर किसान चिंतित है। नलकूप विभाग के आंकड़ो पर गौर करें तो कुल 524 राजकीय नलकूपों में 20 से 21 ही खराबी से बंद हैं जबकि हकीकत इससे जुदा है। करीब 70 राजकीय नलकूप ट्रांसफार्मर, बिजली की तकनीकी खामी और ब्रष्ट होने से बंद हैं। भदोही में 10 डीघ में 22, सुरियावां में 11, ज्ञानपुर में नौ, अभोली में तीन और औराई क्षेत्र में तकरीबन 15 से अधिक राजकीय नलकूप खराब है। कुछ के ट्रांसफार्मर कई माह से जले हैं तो कुछ तकनीकी खराबी से बंद है। जिला प्रशासन के तमाम निर्देश के बाद बंद नलकूपों को अब तक चालू नहीं किया गया। देवाजितपुर के प्रगतिशील किसान भोलानाथ उपाध्याय, एके चौबे, कंडा तिवारी ने कहा कि नलकूप और बिजली विभाग की लापरवाही से ज्यादातर नलकूप बंद है। उसे समय से सही नहीं किया गया तो किसानों को काफी दिक्कत होगी।
222 नाली मरम्मत का भेजा प्रस्ताव
ज्ञानपुर। जिले के राजकीय नलकूपों की नाली की मरम्मत के लिए नलकूप विभाग संजीदा है। विभाग की ओर से 222 नाली के मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से बजट स्वीकृत होने पर काम कराया जाएगा। नाली के बजाए अब पाईपलाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है।
माननीयों की उदासीनता बढ़ा रही दिक्कत
ज्ञानपुर। सूबे में नए राजकीय नलकूपों की स्थापना को लेकर कवायद चल रही है लेकिन जिले के छह ब्लॉक सेमी क्रीटिकल होने से एक भी नलकूप नहीं लग सकेंगे। औराई, अभोली, सुरियावां और डीघ डार्कजोन से जरूर हट गए लेकिन अब भी सेमी क्रीटीकल में शामिल है जबकि भदोही और ज्ञानपुर अब भी डार्कजोन में शामिल है। विधायकों से लेकर सांसद तक की ओर से इसे खत्म करने को लेकर कोई पहल नहीं की गई, जिससे जिले में नए नलकूप मिल पाना मुश्किल ही दिख रहा है। अगर अब भी माननीय संजीदा हुए तो किसानों को नए नलकूप की सौगात मिल सकती है।
जिले में ज्यादातर राजकीय नलकूप सही है। ट्रांसफार्मर की खराबी और पुराने 21 राजकीय नलकूप बंद है। बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है। गिने-चुने नलकूप तकनीकी खराबी से बंद है, उसे सही कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नंदलाल, अधिशासी अभियंता नलकूप
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जागरुकता के अभाव में फेल हो रहा गोकुल मिशन

ज्ञानपुर। पशुपालन विभाग की ओर से चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन जागरुकता के अभाव में फेल साबित हो रही है। अक्तूबर-2019 से मार्च-20 तक छह माह तक चलने वाली योजनांतर्गत तीन माह में मात्र 203 पशुओं में नि:शुकल्क कृत्रिम गर्भाधान करा पाना विभागीय कार्यप्रणाली उदासीनता को बखूबी प्रदर्शित कर रहा है। पशुपालक जोखूराम, महेश कुमार, मुनीब आदि का आरोप रहा कि जानकारी न होने के कारण वह महंगे दर पर पशुओं का गर्भाधान कराने को विवश हैं। बताया जाता है कि योजना के तहत नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 10 पशु अस्पतालों के अधीन 100 गांव इसके लिए चयनित कि ए जा चुके हैं। संबंधित पशु चिकित्सा कर्मी योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी तरह का जागरुकता अभियान नहीं चलाया जा सका। योजना मात्र अस्पतालों तक ही सीमि त हो जाने पशु पालक परेशान हैं। सीवीओ डा.जेपी सिंह ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाएगी। यदि विभागीय लापरवाही सामने आई तो बड़ी कार्रवाई संभव होगी। ... और पढ़ें

शिवम के छक्कों से झूमे प्रशंसक, जताई खुशी

ज्ञानपुर। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे ट्वेंटी-20 मुकाबले में रविवार को जिले के युवा क्रिकेटर शिवम दूबे की आतिशी पारी से प्रशंसक झूम उठे। पहला अर्द्धशतक पूरे होने पर करीबियों ने चौरी बाजार और मानिकपुर में एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी का इजहार किया।
भदोही-वाराणसी मार्ग के मानिकपुर गांव निवासी शिवम के पिता राजेश दुबे मुंबई में दूध के व्यापारी हैं। शिवम का जन्म मुंबई में ही हुआ और उसकी पढ़ाई-लिखाई और प्रैक्टिस सब कुछ मुंबई में ही हुई, लेकिन परिवार हर साल यहां गांव आता है। करीब 25 साल के शिवम 15 साल से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन वह सुर्खियों में तब आए, जब बड़ौदा के खिलाफ रणजी मैच में लगातार पांच छक्के और मुंबई ट्वेंटी लीग में प्रवीण तांबे की पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के लगाए। पिछले दिनों बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज में शिवम का चयन इंडिया की टी 20 टीम में हुआ। उस सीरिज में बल्ले से तो नहीं, लेकिन गेंदबाजी में एक मैच को जीत की ओर ले गए। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन दूसरे मैच में शिवम दूबे ने 54 रन की तेज पारी खेल कर टीम इंडिया को एक अच्छे स्कोर की तरफ अग्रसर कर दिया। पोलार्ड के एक ओवर में 24 रन बनाने के बाद चौरी बाजार में प्रशंसक आशीष दूबे, दीपक मोदनवाल, विजय दूबे, मनोज सिंह के नेतृत्व में मिठाई बांटी गई। शिवम दूबे के चाचा पूर्व सांसद रमेश दूबे ने शिवम ने अच्छी बल्लेबाजी पर खुशी जताई। कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की तरफ से सहयोग मिलेगा तो वह और भी बेहतर करेगा।
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