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तीर्थनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ का पहला स्नानपर्व आज, गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

कासगंज के सोरों में मार्गशीर्ष मेला शुरू हो चुका है। तीर्थनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ का पहला स्नानपर्व आज है।

8 दिसंबर 2019

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बदायूं

रविवार, 8 दिसंबर 2019

युवती ने वीडियो वायरल कर एसएसपी से मांगी सुरक्षा

मूसाझाग (बदायूं)। थाना दातागंज क्षेत्र के एक गांव के युवक ने क्षेत्र की ही युवती से कोर्ट मैरिज कर ली। युवती ने एक वीडियो वायरल करते हुए कहा है कि उन्होंने अप्रैल माह में बरेली में आर्य समाज पद्धति से शादी कर ली। बाद में हाईकोर्ट की शरण ली। जहां से उस मैरिज को उचित ठहराते हुए दो माह के अंदर शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के आदेश हुए हैं।
युवती ने वायरल वीडियो में खुद को आधार कार्ड के अनुसार बालिग करार दिया है। साथ ही उसका यह आरोप है कि इसके बाद भी थाना पुलिस उसके पति और उसके परिवार वालों को परेशान कर रही है। उसने अपने और पति के लिए सुरक्षा की गुहार की है। इस बारे में पूछे जाने पर एसओ ललिट भाटी का कहना है कि लड़की के पिता ने उनकी बेटी को भगा ले जाने की तहरीर दी है। उसके आधार पर पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। संवाद
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ग्राम समाज की जमीन से कब्जा हटाया तो शिक्षामित्र चढ़ गया पेड़ पर

मूसाझाग। थाना क्षेत्र के गांव महरौली में लेखपाल और पुलिस की कार्रवाई से नाराज एक शिक्षामित्र यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया और पेड़ से कूद कर आत्महत्या करने की धमकी दी। इस बीच गांव के बहुत से लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर यूपी 112 पुलिस भी आ गई। काफी समझाने के बाद शिक्षामित्र पेड़ से नीचे उतरा। बाद में पुलिस ने उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
गांव महरौली निवासी शिक्षामित्र रामरतन पड़ोसी गांव सिमरिया के प्राथमिक स्कूल में तैनात है। उसके घर के सामने एक तालाबनुमा गड्ढा था, जिसमें गंदा पानी भरा था। इस पर गांव के कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। उसी जगह के बराबर में मिट्टी डालकर शिक्षामित्र अपनी भैंस बांधने लगा था। इसकी शिकायत गांव के प्रकाश पाल, नरेंद्र सिंह, मुनेंद्र सिंह, माखन लाल आदि ने पुलिस से की। पुलिस और हल्का लेखपाल राजीव कुमार ने शिक्षामित्र रामरतन की भैंस खुलवा दी और शेड भी तोड़कर तहस नहस कर दिया। शिक्षामित्र का आरोप है कि उन लोगों ने उससे गाली-गलौज भी की। कहा कि यह जमीन ग्राम पंचायत की है। शिक्षामित्र का कहना था कि इस पर कई और लोगों ने भी कब्जा कर रखा है, उन लोगों का कब्जा पुलिस व लेखपाल ने नहीं हटवाया। इसी से नाराज होकर शुक्रवार को वह गांव के पश्चिम दिशा में स्थित एक यूकेलिप्टस के पेड़ पर चढ़ गया और कीद कर जान देने की धमकी दी। सुबह के वक्त गांव के लोग टहलने के लिए निकले तो उन्होंने शिक्षामित्र रतन लाल को पेड़ पर चढ़ा देखा।
ग्रामीणों ने उसके पड़े पर चढ़ने की वजह पूछी तो उसने कहा कि गांव के लोग उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। पुलिस और लेखपाल ने उसका कब्जा तो हटवा दिया जबकि दूसरों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की। उसका आरोप है कि पुलिस और लेखपाल ने उसके साथ गाली-गलौज भी की थी। इसी पर वह आत्महत्या करने को पेड़ पर चढ़ गया। उसकी इस बात को सुनकर ग्रामीणों ने पहले शिक्षामित्र के घर सूचना दी बाद में पुलिस को बताया। खबर मिलने पर यूपी 112 मौके पर पहुंच गई। शिक्षामित्र को नीचे उतरने के लिए पुलिस ने कहा पर वह नहीं माना। तब ग्रामीणों ने प्रधान वीरेंद्र कुमार को मौके पर बुलाया तो उन्होंने शिक्षामित्र को किसी तरह समझा-बुझाकर नीचे आने को राजी कर लिया। उसके नीचे आने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई, बाद में उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
किसी को आत्महत्या करने को अधिकार नहीं है। पुलिस और प्रशासन पर इस तरह दबाव बनाना किसी तरह उचित नहीं है। यदि कोई समस्या है तो उसे बताया भी जा सकता है। पेड़ पर चढ़कर पुलिस और गांव वालों को परेशानी में डालने के आरोप में शांति भंग में शिक्षामित्र का चालान किया है। साथ ही इसी धारा में उसके विरोधी ओमप्रकाश का भी चालान किया गया है।
ललित भाटी, एसओ मूसाझाग
जिन लोगों ने ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो भी लोग हैं जल्द ही उनके खिलाफ भी तहसील प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मुझ पर गाली-गलौज का आरोप निराधार है।
राजीव कुमार, हल्का लेखपाल
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नशे में धुत बरातियों ने की फायरिंग, गांव वालों से हुई मारपीट

दातागंज (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव धरेली में नशे में धुत बरातियों को तमंचे पर डिस्को गाने पर फायरिंग करना महंगा पड़ गया। शादी समारोह में शामिल होने आए गांव वालों ने बरातियों की जमकर धुनाई कर दी। मारपीट में दोनों पक्षों के 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया जबकि बाकी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया जा रहा है। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ जिसके बाद फेरे हुए। लड़की पक्ष की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस अनुसार गांव धरेली निवासी संजीव की बेटी की गुरुवार रात बरेली के थाना भमोरा क्षेत्र के गांव मुझियाना से बारात आई थी। बरात चढ़ने के समय डीजे पर तमंचे पे डिस्को गीत चल रहा था। कई बराती भी नशे में धुत हाथ में तमंचा लेकर डांस कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि उन बरातियों ने गाने पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। इससे गांव के लोगों में अफरातफरी मच गई। गांव के कुछ लोगों ने फायरिंग का विरोध किया। इसपर नशे में धुत बराती गाली गलौज करने लगे। इसी को लेकर विवाद बढ़ा। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसमें कन्या पक्ष के राकेश, गौरी, काकुल, खुट्टी आदि समेत कई लोग घायल हो गए। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। तब तक हंगामा करने वाले भाग गए थे। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेज दिया। गंभीर घायल दो लोगों को हायर सेंटर भेजा गया है। इस मामले में संजीव की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है। पुलिस के आने के बाद फेरे भी पड़ गई।
दूल्हे ने छिपकर खुद को बचाया
मारपीट के दौरान दूल्हा छिप कर बैठ गया। पुलिस ने देखा कि दूल्हा घटना के वक्त छिपकर बैठ गया था। पुलिस को दूल्हे ने बताया कि वह सुरक्षित रहा, उससे किसी तरह की मारपीट नहीं हुई है।
खबर मिलने के बाद पुलिस गांव पहुंच गई। मारपीट का मामला निकला। कन्या पक्ष की ओर से रिपोर्ट लिखी गई है। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया और भांवरों की रस्म पूरी हो गई।
एसके सिंह, सीओ दातागंज
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एक माह में भी पूरी नहीं हो सकी जांच, एक हजार पासबुकें बाकी

दबतोरी (बदायूं)। नकारा सिस्टम ही घोटाले करने वालों के हौसले बुलंद करता है, यही कारण है कि आए दिन नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। बिसौली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के डाकघर के डाकपाल ने ग्राहकों के 50 लाख रुपये का गबन कर लिया। अधिकारी भी मान रहे घोटाला हुआ, लेकिन जांच की सुस्त चाल से यही लग रहा है कि डाकपाल पर कार्रवाई करने के बजाए उसे बचाने की कोशिश चल रही है। एक माह में महज 400 पासबुकों की जांच हो सकी जबकि अब भी एक हजार पासबुक जांच को बाकी हैं। वहीं ग्राहक पैसा वापसी की मांग को लेकर रोजाना डाकघर पहुंच रहे हैं।
संग्रामपुर के डाकघर में तैनात डाकपाल राजू ने सैकड़ों ग्राहकों का रुपये लेने के बाद उनके खातों में जमा नहीं किया। उसने ग्राहकों के खातों में जमा धनराशि को भी विभागीय साठगांठ के चलते अपने खाते में हस्तांतरित करा लिया था। इस मामले के खुलासे के बाद अधिकारियों ने पिछले दिनों राजू को निलंबित कर दिया। पूरे मामले की उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। मौजूदा डाकपाल शमशाद ने बताया कि अब तक चार सौ ग्राहकों की पासबुकों का मिलान किया जा चुका है। लगभग एक हजार पासबुकों का और मिलान किया जाना है। जांच लंबी खिंचने के कारण अब ग्राहक जांच पर ही सवाल उठाने लगे हैं।
इधर, सूत्र बता रहे हैं कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी डाकपाल के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जांच में यह साफ हो सकेगा कि उसने कुल कितना धन डकारा है। बता दें कि अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि डाकपाल राजू ने ग्राहकों का लाखों रुपये डकार लिया है। इस बात को डाक अधीक्षक बालकिशन भी स्वीकार कर चुके हैं।
जांच अधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध
- संग्रामपुर मामले में जांच कर रहे एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह अधिकारी एक माह के बाद भी संग्रामपुर के मामले की जांच नहीं कर सका है। उसे लेकर भी विभागीय कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सोमवार को मस्जिद से होगी मुनादी
डाकपाल शमशाद के मुताबिक सोमवार को गांव में मस्जिद से इस बात की मुनादी कराई जाएगी कि जितने ग्राहकों की धनराशि हड़पी गई है या उनके खातों में दर्ज नहीं है। वे डाकखाने आकर अपनी पूरी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।
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चार साल में कोर्ट में पहुंचे दुष्कर्म के 423 मामले

बदायूं। जिले में दुष्कर्म की घटनाएं थम नहीं रही हैं। इनमें कई घटनाएं बेहद चर्चित भी रहीं। आंकड़ों पर गौर करें तो 2016 से लेकर 2018 तक 423 दुष्कर्म के मामले न्यायालय तक पहुंचे। वर्ष 2017 में सर्वाधिक 144 मामले कोर्ट में आए तो इस साल अब तक 73 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट के 111 मुकदमे कोर्ट में चल रहे हैं।
थाना मूसाझाग में तैनात सिपाहियों ने एक किशोरी को अगवा करने के बाद थाने में ही उससे गैंगरेप किया था। वर्ष 2013 की घटना सबसे अधिक चर्चा में रही थी। इसके अलावा वर्ष 2016 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में दुष्कर्म की घटनाएं कम नहीं रही हैं। बहुत सी घटनाओं को तो पुलिस ही दबा जाती है या फिर दुष्कर्म की घटना को छेड़छाड़ में दर्ज कर पीड़ित पक्ष को यह बात कहकर शांत कर देती है कि इज्जत का सवाल है, इसलिए बेहतर होगा कि खामोश होकर ही बैठ जाएं। ऐसे में कुछ लोग पुलिस की बातों में आ जाते हैं या फिर अन्य दबाव के चलते विरोधियों पर कार्रवाई नहीं करा पाते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में करीब सौ दुष्कर्म के मामले कोर्ट पहुंचे। 2017 में इनकी संख्या बढ़कर 144 हो गई तो वर्ष 2018 में 106 मामले कोर्ट पहुंचे। चालू वर्ष यानी 2019 अब तक 73 मामले कोर्ट में आए हैं। इसके अलावा नाबालिगों से दुष्कर्म की बात करें तो इस साल में अब तक 111 मामले पॉक्सो कोर्ट में पहुंचे हैं।
कुछ ही मामलों में हुई है सजा, बाकी लंबित
- दुष्कर्म के दर्ज 423 मामलों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 के सौ मामलों में लगभग आधे मामलों में ही सजा हुई है, जबकि वर्ष 2017 में दर्ज 144 मामलों में 44 को सजा हुई है। इसके अलावा 2018 व 2019 के सभी मामले अभी लंबित हैं। पॉक्सो कोर्ट के मामले भी सभी लंबित चल रहे हैं।
कोर्ट की सख्ती के बाद भी बढ़ रहीं हैं घटनाएं-दुष्कर्म के मामलों में कोर्ट लगातार आरोपियों को कड़ी सजा दे रहा है। इससे लोगों का न्याय पर और भरोसा बढ़ा है। यदि पुलिस अपनी कार्यशैली में बदलाव ले आए तो निश्चित तौर पर दुष्कर्म के आरोपियों पर कार्रवाई हो सकेगी, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।
- दुष्कर्म के मामलों खासकर पॉक्सो एक्ट में कोर्ट बेहद सख्त है। कई मामलों में कोर्ट ने जल्द कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष को न्याय दिया है। हालांकि कई मामलों में तो कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ जो डंडा चलाया है, उसने उन पुलिसवालों को भी परेशान कर दिया जिन्होंने आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए कोर्ट में चार्जशीट भेजी। ऐसे मामलों में कोर्ट ने सीधे आरोपियों को कोर्ट में तलब किया, साथ ही बचाने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को उच्च अधिकारियों को भी लिखा।
-- मदन लाल राजपूत, एडीजीसी क्रिमिनल
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नो एंट्री में ट्रक को जाने से रोका तो चालक ने होमगार्ड से की मारपीट

बदायूं। शहर में दातागंज तिराहे पर नशे में धुत ट्रक चालक ने नो एंट्री जोन में जाने से रोकने पर होमगार्ड को पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया और उसका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। उसके खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो गया, तब पुलिस के आला अफसरों को इसकी जानकारी हुई।
दातागंज रोड से शहर के अंदर को आने वाले भारी वाहनों की सुबह आठ बजे से शाम तक नो एंट्री रहती है। दातागंज तिराहे पर हर वक्त पुलिस वालों के साथ ही होमगार्ड तैनात रहते हैं। शनिवार को एक ट्रक जो कि प्रयागराज जा रहा था। उसके चालक ने होमगार्ड के रोकने के बाद भी नो एंट्री जोन में ट्रक को घुसा दिया। होमगार्ड के पीछा करने पर चालक ने ट्रक को रोक दिया। उतरते ही चालक ने होमगार्ड पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए उसे पकड़ लिया। इस बीच उसने होमगार्ड के साथ मारपीट भी की। यह देख मौके पर दर्जनों लोग आ गए।
होमगार्ड के साथ मारपीट की खबर सुनकर थाना सिविल लाइन पुलिस भी आ गई। पुलिस ने ट्रक चालक सोनू निवासी लुधियाना (पंजाब) को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने होमगार्ड और चालक का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। चालक द्वारा होमगार्ड को पीटने का वीडियो भी वायरल हो गया, जिससे जानकारी पुलिस अफसरों को भी हो गई।
शहर में सुबह से बड़े वाहनों की नो एंट्री रहती है। होमगार्ड ने ट्रक को जब रोका तो उसके चालक ने उसके साथ अशिष्टता की। ट्रक चालक और होमगार्ड का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। मेडिकल में ट्रक चालक में एल्कोहल पाया गया है। होमगार्ड से मारपीट करने और शराब पीकर वाहन चलाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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ससुराल से लौट रहे बाइक सवार की टेंपों की टक्कर से मौत

बदायूं। दातागंज रोड पर टेंपो से हुई भिड़त में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक बरेली अपनी ससुराल से लौट रहा था। इधर, बिसौली क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार युवक घायल हो गया।
मूसाझाग। शनिवार की देर शाम दातागंज-बदायूं रोड पर गांव भैरोनगला के पास बदायूं की ओर से आ रहे टेंपो ने विपरीत दिशा से आ रही बाइक में टक्कर मार दी। इससे बाइक पर सवार थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव बाराचिर्रा निवासी बादाम सिंह (30) पुत्र सोहनपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी ममता गंभीर रूप से घायल हो गई। टेंपो चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना की खबर सुनकर थाना मूसाझाग पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उसने घायल ममता को जिला अस्पताल भेज दिया। शव को कब्जे में कर लिया है। मृतक के परिवार वालों को भी सूचना दे दी है। पुलिस ने बताया कि युवक बादाम सिंह बरेली स्थित अपनी ससुराल से घर लौट रहा था। इधर, उसकी मौत की खबर से परिवार वालों में कोहराम मच गया है। पुलिस टेंपो चालक को तलाश रही है।
बिसौली। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गुरयारी निवासी रंजीत कुमार (32) पुत्र रामपाल शनिवार को बाइक से अपनी ससुराल उझानी से आ रहा था। मुरादाबाद फर्रुखाबाद रोड पर विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रंजीत का पैर टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेलमेट लगा होने से युवक बच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे ले लिया। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है।
कार ने मारी टक्कर, बाइक सवार घायल
म्याऊं। हजरतपुर-म्याऊ मार्ग पर म्यारी मोड़ के पास कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दोनों लोग घायल हो गया। घायलों का स्थानीय पीएचसी में भर्ती कराया गया है। उसावां थाना क्षेत्र के गांव म्यारी निवासी शिवराज सिंह और प्रेमपाल म्याऊं से लौट रहे थे। म्यारी मोड़ पर ही जैसे ही बाइक मुड़ी तो पीछे से आ रही कार ने टक्कर मार दी। जिससे दोनों बाइक सवार घायल हो गए। एंबुलेंस की मदद से घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। यहां दोनों का उपचार चल रहा है।
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दोषियों को जल्द से जल्द दी जाए सजा

बदायूं। उन्नाव कांड की पीड़िता की मृत्यु होने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लोक भवन के सामने धरने पर बैठ गए। यहां सहसवान विधायक ओमकार सिंह यादव, पूर्व विधायक आशीष यादव, पूर्व बिसौली विधायक आशुतोष मौर्य व सपा नेता फखरे अहमद शोबी के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के सामने धरना दिया, साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सहसवान विधायक ओमकार सिंह यादव व पूर्व विधायक आशीष यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में जंगलराज कायम है तथा चारों तरफ अराजकता का माहौल है। उन्नाव कांड की पीड़िता के परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है। देश व प्रदेश में दुष्कर्म, लूट जैसे जघन्य अपराध कर अपराधी शासन व प्रशासन की लापरवाही के कारण खुलेआम घूम रहें है। सपा नेता धर्मेंद्र यादव के निर्देश पर हम सभी कार्यकर्ताओं ने इस धरने के माध्यम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। पूर्व विधायक आशुतोष मौर्य व फखरे अहमद शोबी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों में अपराध अपनी चरम सीमा पर है। अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने के कारण दिन प्रतिदिन प्रदेश में बलात्कार जैसे जघन्य अपराध आम हो गई है। धरने में उन्नाव कांड की पीड़िता के मृत्यु पर सपा नेता व कार्यकर्ताओं ने 2 मिनट का मौन धारण किया। इस मौके पर अवधेश यादव, विपिन यादव, सुरेश पाल सिंह चैहान, हिमांशु यादव, अशोक यादव, ओमवीर सिंह यादव, बलवीर सिंह यादव, फरहत अली, गुलफाम सिंह, प्रभात अग्रवाल, सलीम अहमद आदि मौजूद रहे।
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निलंबित डाकपाल ने फर्जी खाते खोलकर डाकघर के खाते में ही लगा दी सेंध

बदायूं। बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के डाकपाल द्वारा ग्राहकों की 50 लाख से ज्यादा की रकम डकारने के मामले में अभी ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी कि दूसरी तरफ एक और डाकपाल का घोटाला सामने आ गया। सहसवान क्षेत्र के नाधा में तैनात डाकपाल के विभागीय पासवर्ड की मदद से निलंबित चल रहे एक डाकपाल ने डाकघर के खाते में ही सेंध लगा दी। फर्जी खाते खोलकर विभाग के खाते से सवा लाख रुपये उनमें ट्रांसफर कर लिए। पेटीएम की मदद से 67 हजार रुपये निकाल भी लिए। वर्तमान डाकपाल को जब भनक लगी तब उसने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद आरोपी डाकपाल को हिरासत में ले लिया गया।
नाधा के डाकघर में ओमेंद्र सिंह भदौरिया डाकपाल के पद पर तैनात हैं। कुछ महीने पहले विभाग की ओर से सहसवान तहसील में एक कैंप लगा था जिसमें अधिकारियों ने ज्यादा से ज्यादा खाते खोलने पर जोर दिया था। सभी डाकपालों को निर्देश दिए थे कि वे लोगों को डाकघर से जोड़ें। कार्य में पारदर्शिता रहे, इसके लिए विभाग ने डाकपालों को एक सिम और मोबाइल फोन दिया था। चूंकि खाते ऑनलाइन खुलने की प्रक्रिया थी इसलिए डाकपाल ओमेंद्र उस प्रक्रिया को समझ नहीं पा रहे थे। इसके लिए वह अपने बेटे आशीष को कैंप में ले गए थे। इस कैंप में कुछ खाते भी खुले थे। डाकपाल के मुताबिक कैंप में मौजूद एक ओवरसीयर ने उसके बेटे को आईपीपीबी (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) आईडी का पासवर्ड डालते हुए देख लिया था। डाकपाल का आरोप है कि ओवरसीयर ने इसे निलंबित डाकपाल हरीश को बता दिया। हरीश बदायूं के करेंगी गांव के पास पड़ने वाले गांव महमूदपुर जो कि बरेली जिले में पड़ता है, उसमें डाकपाल के रूप में तैनात था। यह मूलरूप से सम्भल जिले के थाना हयातनगर क्षेत्र का रहने वाला है, तथा हेराफेरी के मामले में तीन चार माह से निलंबित चल रहा है।
डाकपाल ओमेंद्र सिंह के अनुसार कुछ दिन पहले उन्हें पता चला कि हरीश ने पांच लोगों के फर्जी खाते डाकघर में खुलवाए। इनमें गुन्नौर क्षेत्र के गांव गोठना निवासी राम किशोर और राम सिंह के अलावा एक-एक अलीगढ़, सम्भल और बुलंदशहर के हैं। इसके बाद आरोपी ने हासिल किए गए पासवर्ड का प्रयोग करके 27 नवंबर को इनके खातों में विभाग के 25-25 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद पेटीएम से खाता जोड़कर 67 हजार रुपये निकाल भी लिए। डाकपाल की शिकायत पर आरोपी डाकपाल को सम्भल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ने ऐसेे किया घोटाला
डाकपाल ओमेंद्र के अनुसार हरीश ने जिन लोगों के नाम से खाते खुलवाए थे, उसने उन लोगों से कहा था कि वह केंद्र सरकार की ओर से चल रही एक योजना के तहत उन्हें डेढ़ डेढ़ लाख रुपये दिलाएगा। इसलिए वह अपने आधार, फोटो आदि दे दें। हरीश ने खाते खोलने के लिए दो फर्जी सिम भी खरीदे थे। उन्हीं के नंबर इन लोगों के खातों में अंकित किए थे ताकि ओटीपी प्राप्त हो जाए। चूंकि पासवर्ड उसके पास था। इसलिए खाते खुलवाने के बाद उसने विभागीय पैसा खातों में भिजवा दिया। उन खातों के बारे में हरीश को ही जानकारी थी, जिससे उसने पेटीएम के माध्यम से एक दुकानदार को 67 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए और बाद में उन्हें दुकानदार से ले लिया।
आरोपी बोला- ओवरसीयर पर आ रहे हैं नौ लाख, उसी ने दी थी सलाह
- ओमेंद्र के अनुसार, जब उन्हें इस बात का पता लगा तो उन्होंने अपने स्तर से जानकारी हासिल की, जिसके बाद उन्हें इस मामले में हरीश की जानकारी हुई। शुक्रवार को वह कुछ अन्य डाकपालों को लेकर सम्भल स्थित उसके गांव हयातनगर पहुंचा और थाना पुलिस को तहरीर दी। हयातनगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हरीश को हिरासत में ले लिया। हयातनगर एसओ रविंद्र कुमार ने बताया कि शिकायत मिलने पर शुक्रवार दोपहर में आरोपी को हिरासत में ले लिया था, साथ ही जरीफनगर पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। इधर हिरासत मे आरोपी हरीश ने पुलिस को बताया कि उसके एक विभागीय ओवरसीयर पर नौ लाख रुपये आ रहे हैं, जिस पर उसी ने उसे ऐसा करने की सलाह दी थी। उसने उससे कहा था कि वह एक पासवर्ड देगा तब वह कितना भी धन निकाल सकता है। इसकी सलाह पर ही उसने पांच खाते खुलवाए और 25-25 हजार रुपये उन खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 67 हजार रुपये पेटीएम के माध्यम से निकाल लिए।
जल्द नहीं होता खुलासा तो निकल जाते लाखों रुपये
विभागीय कर्मचारियों का कहना है यदि डाकपाल ओमेंद्र भदौरिया को इस मामले की जानकारी जल्द नहीं होती तो आरोपी हरीश पता नहीं कितने रुपये खातों से निकल लेता। इधर मामले का खुलासा होने पर ओमेंद्र ने पासवर्ड ब्लॉक करा दिया है।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं आज गोरखपुर में हूं। पहले अधिकारियों से पूरी जानकारी करेंगे और फिर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। यदि ऐसा हुआ है तो वह गलत है।
संजय सिंह, पोस्टमास्टर जनरल, जोन बरेली
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घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म, आरोपी से मिली धमकियां तो पलायन कर गया परिवार

बदायूं। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। उन्नाव में भी दुष्कर्म की दो घटनाएं हो चुकीं हैं। बहू- बेटियों की सुरक्षा को लेकर समाज का हर तबका चिंतित है, लेकिन थाना बिल्सी की पुलिस ऐसे मामलों में गंभीर नजर नहीं आती। थाना क्षेत्र के गांव में महिला के घर में घुसकर तमंचे के बल पर उससे दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने कई बार थाने लाकर फरियाद लगाई, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इधर, आरोपी लगातार महिला व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देता रहा, जिससे डरकर महिला अपने पूरे परिवार के साथ गांव से ही पलायन कर गई। अब वह कहा हैं इसके बारे में गांव वालों को भी नहीं पता।
बिल्सी थाना क्षेत्र की एक महिला का पति मजदूरी पर रंगरोगन का काम करता है। उसके दो बेटे व एक बेटी है। एक बेटा दिल्ली में रहता है जबकि छोटा बेटा बदायूं में रहकर पढ़ाई कर रहा है। 12 वर्षीय बेटी उसके साथ ही रहती है। महिला के मुताबिक गांव का ही एक दबंग उस पर गलत नजर रखता है, तथा आते जाते उससे छेड़छाड़ व गलत हरकतें करता रहता था। इसका वह विरोध भी करती तो उसे धमकी दे देता था। दो नवंबर को उसका पति मजदूरी करने वजीरगंज गया था, जबकि उसकी बेटी बाहर खेल रही थी। इसी दौरान दबंग उसके घर में घुस आया तथा अंदर से कुंडी लगा ली। इसके बाद उसने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने किसी को बताने पर उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी। फिर वहां से चला गया। महिला के अनुसार पति के आने के बाद वह थाना बिल्सी पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। महिला ने बताया कि जब वह दुबारा सात नवंबर को पति के साथ थाने जा रही था तब आरोपी एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ रास्ते में मिला और जान से मारने की धमकी दी। महिला के अनुसार उसने वरिष्ठ अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी उसे लगातार जान से मारने की धमकी देने लगा। इससे वह बेहद डर गई। इसके बाद वह कुछ दिन पहले गांव से पलायन कर गई। अब महिला अपने परिवार के साथ कहां गई है, इसका गांव वालों को भी नहीं पता। उसके घर में ताला लटका है।
महिला के पलायन करने पर भी पुलिस खामोश-
- दुष्कर्म की घटनाओं से पूरा देश हिला हुआ है। हर किसी की जुबान पर हैदराबाद और उन्नाव की घटनाएं हैं, लेकिन बिल्सी क्षेत्र में महिला से दुष्कर्म के बाद गांव से पलायन करने के मामले में आखिर पुलिस क्यों खामोश है, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। लोगों की जुबां पर कई सवाल हैं, पर पुलिस किसी का जवाब नहीं दे रही है।
वर्जन
-यह रुपयों के लेनदेन का मामला था। महिला की शिकायत में जांच की गई थी, लेकिन जांच में दुष्कर्म का मामला नहीं निकला था। लेनदेन के चक्कर में महिला इस तरह के आरोप लगा रही है। अब महिला इस समय कहां है, इसकी जानकारी नहीं है।
धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, एसओ बिल्सी
महिला संबंधी मामलों को तो मैं खुद ही प्रमुखता से लेता हूं, लेकिन इस तरह की कोई शिकायत मुझे नहीं मिली। यदि शिकायत मिलती तो मैं खुद ही जाकर इसकी जांच करता। फिलहाल ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है।
संजय कुमार रेड्डी, सीओ बिल्सी
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पालिका और पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने चिन्हित किए सड़क किनारे अवैध कब्जे

उझानी। बदायूं मोड बाईपास से सरौरा तक और संजरपुर मोड पर दुकानदारों ने सड़क के काफी हिस्से पर कब्जा जमा लिया। शनिवार को नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पैमाइश कराकर लाल निशान लगाने शुरू किए तो सारी सच्चाई सामने आई। दुकानदारों में भी खलबली मच गई। एक दो दिन में ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता हरप्रसाद सिंह, सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार शर्मा और पालिका के अवर अभियंता विनय सक्सेना की अगुवाई में दोनों विभागों के कर्मचारियों की संयुक्त टीम शनिवार को सरौरा पहुंची। बदायूं मोड बाइपास से सरौरा तक अतिक्रमण चिह्नित किया। अफसरों ने सड़क को सेंटर प्वाइंट मानकर दोनों ओर पैमाइश की तो 12 से ज्यादा लोगों द्वारा कब्जा करने की बात सामने आई। बाद में टीम बाईपास पर ही संजरपुर मोड़ पर पहुंचकर कई दुकानों की पैमाइश की। संजरपुर मोड़ पर सबसे ज्यादा अतिक्रमण दिखा। कई लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों के आगे करीब छह फिट तक सरकारी भूमि पर कब्जा कर रखा है। पालिका और पीडब्ल्यूडी के अफसरों की देखरेख में जहां भी लाल निशान लगाए हैं, वहां अतिक्रमणकारियों की सूची बना ली गई है। फिलहाल अतिक्रमणकारियों से कहा गया है कि वह कार्रवाई शुरू होने से पहले ही अतिक्रमण हटा लें। बता दें कि पालिका प्रशासन ने तीन दिन पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने डीएम कुमार प्रशांत को भी बाईपास समेत मेन मार्केट में अतिक्रमण की स्थिति से अवगत करा दिया था। बाद में वह पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार से भी मिले थे। रविवार को सरौरा इलाके और बाईपास स्थित संजरपुर मोड़ को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा।
अतिक्रमण हटा तो मुख्य बाजार की बदलेगी सूरत
उझानी। अतिक्रमण हटवाने के लिए चल रही कवायद के तहत शनिवार को पीडब्ल्यूडी और पालिका के अफसरों ने जिस तरह से सरौरा और बाईपास स्थित संजरपुर मोड़ पर लाल निशान लगाए, उसे देखकर मेन मार्केट के अतिक्रमणकारियों के होश फाख्ता हो गए। मेन मार्केट से स्थायी अतिक्रमण हटा तो खासकर घंटाघर चौराहा, सब्जी मंडी, पुरानी मंडी, अशफाक तिराहा और हलवाई चौक मोड़ का तो रूप ही बदल जाएगा।
अतिक्रमण हटाओ अभियान तीन-चार चरण में पूरा होगा। पहले चरण में बाईपास पर संजरपुर मोड और सरौरा के आसपास इलाके को अतिक्रमणमुक्त कराया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई पूरी कर ली गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस फोर्स भी मौजूद रहेगा।
- डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, ईओ।
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सीडीओ ने 34 सचिवों को दी प्रतिकूल प्रविष्टि

बदायूं। सीडीओ निशा अनंत ने पिछले दिनों मनरेगा से जुड़े कामों की समीक्षा की। कई जगहों पर सचिवों द्वारा काम में रुचि नहीं लेने का मामला सामने आया। इन सचिवों को काम में सुधार लाने के निर्देश के बावजूद सुधार नहीं होने पर 34 सचिवों को प्रतिकूल प्रतिवष्टि दी है।
मनरेगा योजना के तहत जिले में मानव दिवस सृजित करने के लिए शासन की ओर से 43 लाख से अधिक का लक्ष्य दिया गया है, जिसके तहत जिले में मनरेगा योजना में अब तक 27 लाख ही मानव दिवस सृजित हो सके हैं। उसमें भी सभी जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो सका है। जबकि जिले में 2.22 लाख जॉब कार्ड धारक हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इसमें से लगभग डेढ़ लाख जॉब कार्ड धारक ही मनरेगा योजना के तहत कार्य करने में रुचि लेते हैं। इनमें से भी कुल 70523 जॉब कार्ड धारकों को रोजगार नहीं मिल सका। ऐसे में जॉब कार्ड धारकों को मनरेगा योजना के तहत कार्य न मिलने में सचिवों की लापरवाही सामने आ रही है। आधा से अधिक वित्तीय वर्ष गुजर जाने के बाद भी 50 फीसदी से अधिक कार्य नहीं कराया गया। इसकी जानकारी तब हुई जब ग्राम्य विकास आयुक्त द्वारा वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बैठक ली गई। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसे सचिवों पर कार्रवाई करने के साथ लक्ष्य के अनुसार शत प्रतिशत कार्य कराने के निर्देश मनरेगा उपायुक्त और सीडीओ को दिए। ग्राम्य विकास आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के बाद सीडीओ द्वारा मनरेगा कार्यों की ग्राम पंचायत वार समीक्षा की गई। जिसमें पता चला कि 34 सचिव ऐसे हैं। जिनके द्वारा मनरेगा योजना के तहत कार्य कराने में रुचि नहीं ली जा रही है। जिसमें सबसे अधिक जगत और उझानी विकास खंड के सचिव शामिल हैं। जिस पर सीडीओ ने कार्रवाई करते हुए सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्य नहीं कराया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ठंड में बड़ा मुश्किल है रोडवेज की खटारा बसों से सफर करना

बदायूं। ठंड हो या गर्मी, रोडवेज बसों से सफर हमेशा मुश्किल भरा रहा है। गर्मी में लू के थपेड़ों से बुरा हाल था तो अब सर्दी में ठंडी हवाओं में ठिठुरना पड़ रहा है। कारण बन रहा है अधिकतर बसों के टूटे हुए शीशे। यात्रियों के लिए सिर्फ यही दिक्कत नहीं है बल्कि जोखिम भी भरपूर है, क्योंकि अधिकतर बसों में फॉग लाइट भी नहीं है। अब घना कोहरा शुरू हो गया तो दिक्कतें होना लाजमी है।
बदायूं डिपो के बेड़े में 126 बसें हैं। जबकि कई अन्य डिपों की बसें भी यहां से होकर गुजरती हैं। सबसे अधिक बसें दिल्ली रूट को दौड़ती हैं। बदायूं से बरेली को भी 24 घंटे बस सेवा है। इनमें लंबे रूट की ज्यादातर बसों में फॉग लाइट नहीं हैं। शीशे टूटे होने से रात में मुसाफिरों ठंडी हवा में बैठना पड़ता है। अब जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। रात में यात्री चादरें लपेटकर सीटों पर बैठे नजर आते हैं। बस चालकों के अनुसार अन्य वाहनों की तुलना में बसों की रोशनी वैसे ही कम रहती है। रात में कोहरा होने पर तो कुछ नजर ही नहीं आता है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी पड़ने पर तो बिल्कुल ही दिखाई नहीं देता है। कई बसों के वाइपर भी नहीं हैं। ज्यादातर बसों के वाइपर की रबर घिस गई है। इससे कांच साफ नहीं हो पाता है। सर्दी में कोहरे के चलते कांच को बार बार साफ करना होता है। कई बार बस रोककर कपड़े से कांच को साफ करना पड़ता है। अधिकांश बसों पर लगे रिफ्लेक्टर भी छूट चुके हैं, जबकि कोहरे में भी इनकी जरूरत होती है।
सर्दी में सफर कट जाए तो गनीमत
- बदायूं डिपो कई बसों में आधे अधूरे शीशे लगे हैं। दो शीशों की जगह एक ही शीशा लगा है, जिनसे सर्द हवा अंदर तक ठंड घुसा देती हैै। इन बसों में दिन में ही सफर करना दुश्वार हो जाता है, रात में तो यात्रियों की मानों शामत ही आ जाती है। जैसे तैसे यात्री अपना सफर काटते हैं। इसके अलावा जिन बसों में शीशे पूरे भी हैं तो उनकी बीच की रबर इतनी खराब हो चुकी है कि खिड़कियां पूरी तरह बंद नहीं हो पाती तथा सफर के दौरान अपने आप खुलती रहती हैं। यात्री इन्हें बंद करते-करते थक जाते हैं।
वर्कशॉप में उपलब्ध फॉग लाइटें बसों में लगवाई जा रही हैं। इसके अलावा फॉग लाइट की डिमांड भी भेजी जा चुकी है। बसों में टूटे शीशों समेत अन्य खामियों को भी सही कराया जा रहा है।
जुगेंद्रपाल सिंह, फोरमैन, बदायूं डिपो
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