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IPS बनी गोरखपुर की बेटी एमन, सीएम योगी ने मुस्लिम लड़कियों के लिए बताया रोल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की एमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं।

10 दिसंबर 2019

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बदायूं

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

ट्रक से कुचलकर साइकिल सवार की मौत

बिसौली। पुलिस चौकी के सामने एक ट्रक ने साइकिल सवार को टक्कर मार दी, जिससे साइकिल सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गया।
मोहल्ला सोमवार बाजार निवासी भूपेंद्र मौर्य (25) पुत्र स्वरूप मौर्य दबतोरी रोड पर एक फुटवियर दुकान पर नौकरी करता था। रविवार अपराह्न वह साइकिल से दुकान के काम से पिंदारा रोड स्थित पुराने गोदाम पर गया था। यहां से वह वापस चला तो पुराने अस्पताल के पास बदायूं की ओर से आ रहे ट्रक ने उसे चपेट में ले लिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया। खबर सुनकर युवक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उनमें कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। मां सोमवती और पिता रामस्वरूप, भाई मनोज व भूरे का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई कुंवर चंद्र की दो साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
म्याऊं। उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम रिजोला निवासी मुनेंद्र शनिवार की अपरान्ह अपनी बहिन सुषमा, बहनोई राजकुमार के साथ अपने गांव रिजोला से कस्बा उसहैत की बाजार करने बाइक से जा रहा था। इस दौरान करीब दो बजे म्याऊं -उसहैत रोड पर ग्राम नौगवां नसीर नगर के पास सामने से आ रही बोलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार तीनों घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मुनेंद्र और सुषमा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बरेली रेफर कर दिया। वहीं पर सुषमा की मौत हो गई। इस मामले में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
सहसवान। रविवार को सहसवान से हरदत्तपुर जाने वाले मार्ग पर महावा नदी के पास टेंपो और बाइक में आमने-सामने टक्कर हो गई। इसमें टेंपो सवार कोतवाली क्षेत्र के गांव जरीफपुुर गढ़िय़ा निवासी बचन सिंह पुत्र सुंदर लाल, राजीव पुत्र गंगा सिंह और बाइक सवार हरदत्तपुर निवासी राहुल पुत्र रतनलाल घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर दो लोगों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। बताते हैं कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाया था।
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शराबी बेटे ने मां को लाठी मारकर मां का सिर फोड़ा, हालत गंभीर

बदायूं। नशे की हालत में एक बेटा अपनी मां पर हमलावर हो गया और लाठी मारकर उसका सिर फोड़ दिया। मां की गलती केवल इतनी थी कि उसने बेटे को कई बार खाने के लिए आवाज लगा दी थी। महिला को गांववालों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
थाना क्षेत्र दातागंज के गांव नौनी टिक्कना निवासी सुशीला (55) वर्ष पत्नी जयपाल रविवार दोपहर अपने बेटे राजू को खाना खाने को कहने उसके कमरे में गई थी। बताते हैं कि सुशीला ने राजू का कई बार आवाज लगायी, लेकिन उसने उत्तर नहीं दिया। वह शराब के नशे में धुत था। कुछ देर बाद मां के ज्यादा कहने पर उसे गुस्सा आ गया और उसने नशे की हालत में अपनी मां के सिर पर लाठी से प्रहार कर दिया, जिससे महिला का सिर फट गया और वह बेहोश होकर वहीं गिर गई। चीख सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण राजू के घर पहुंच और घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर देखते हुये जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताते हैं कि घटना के बाद आरोपी बेटा घर से भाग गया।
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बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का मामलाः थाने के सामने बेहोश हुआ पिता तो पुलिस ने आरोपी धरे

बदायूं। घास काटने गई एक किशोरी के साथ उसके ही गांव के एक युवक ने अगवा कर अपने तीन साथियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। सुबह परिजनों ने तीन आरोपी युवकों को नशे की हालत में पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। उन्हीं युवकों ने बताया कि उनका चौथा दोस्त उसे चंड़ीगढ़ लेकर चला गया। इसके बाद परिजन उसे वहां से ले आए। किशोरी ने परिजनों को सामूहिक दुष्कर्म की बात बताई, जिसे सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रविवार को अपनी फरियाद सुनाने गया किशोरी का पिता थाने के सामने ही बेहोश हो गया तो पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पीड़ित ग्रामीण के अनुसार उसके चार बेटे तथा दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 16 साल की है, जो बुधवार को पशुओं का चारा लेने गई थी, जबकि वह तथा उसकी पत्नी खेत पर गेहूं भर रहे थे। इसी दौरान देवेंद्र ने उसकी पुत्री को पकड़ लिया। वहीं देवेंद्र के तीन साथी विकास , अजयपाल तथा सगरपाल वहां मिल गए और चारों ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया। आरोप है कि चारों ने रात भर उसकी बेटी को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। शाम तक जब बेटी घर नहीं लौटी तो उन्हें चिंता हुई। उन्होंने रात भर उसे तलाशा, लेकिन उसका पता नहीं चला। अगले दिन गुरुवार को सुराग मिलने पर परिजनों ने विकास, अजय तथा सगरपाल को पकड़ लिया तथा पुलिस को बुलाकर सौंप दिया। पिता का कहना है कि तीनों ने बताया कि देवेंद्र उसकी बेटी को चंडीगढ़ ले गया है। इसके बाद परिजन चंड़ीगढ़ पहुंचकर बेटी को किसी तरह ले आए। इसके बाद ग्रामीण ने चारों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। पिता का कहना है कि बेटी के मिलने के बाद उन्हें पता चला कि चारों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। इसके बाद वह पुलिस से मिला, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
रविवार को ग्रामीण अपनी पत्नी, बेटे तथा बेटी के साथ थाने के सामने पहुंच गया। फरियाद लगाते लगाते वह अचानक बेहोश हो गया, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। इसके बाद थाना पुलिस ने तत्काल किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। शाम को पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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बाईपास पर सोत नदी की पुलिया को शासन ने 16.7 करोड़ किया मंजूर

बदायूं। काफी समय से परेशानी का सामना कर रहे वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। शहर विधायक/नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के प्रयासों के चलते शासन ने बाईपास पर सेतु निर्माण के लिए 16.7 करोड़ रुपया मंजूर कर दिया है। जल्द ही इसका काम शुरू होने की उम्मीद है।
बरेली-मथुरा, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद और बदायूं-बिजनौर हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास पर सोत नदी का पुल नहीं बन सका था। करीब साढ़े चार सौ मीटर लंबे इस पुल के नहीं बनने से इधर से गुजरने वाले चालकों को बेहद दिक्कतें हो रही थीं। सोत नदी पर पुल निर्माण के लिए राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता से भी कई बार मांग की गई। उन्होंने स्वयं भी तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर जायजा लिया था। नगर विकास राज्यमंत्री ने पुल निर्माण के लिए प्रयास तेज किए, जो अब रंग ले आए हैं। राज्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को शासन ने बाईपास पर पुल निर्माण के लिए 16.7 करोड रुपया स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर सेतु का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद जिले के साथ साथ आस-पास के लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
चुनाव के समय किए सभी वादे करेंगे पूरे: महेश
- राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने कहा कि चुनाव के समय जनता से जो वादे किए थे उन्हें पूरा करने के लिए वह पूर्णरूप से प्रतिबद्ध हैं। आज सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी है। प्रदेश के साथ-साथ बदायूं के विकास के लिए अधिक से अधिक धन लाकर विकास कराना उनकी प्राथमिकता है। इधर, बाईपास पर पुल निर्माण को शासन से धन स्वीकृत हो जाने की खबर से लोगों में भी खुशी है। खासकर देहात से गन्ना लेकर आने वाले किसान बेहद खुश हैं।
जब तक नहीं बनती पुलिया, तब तक के लिए रास्ते को किया जाएगा ठीक
- डीएम कुमार प्रशांत ने कहा कि जब तक सोत नदी पर पुलिया निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो जाता है, तब तक के लिए रास्ते में मिट्टी आदि डलवाकर उसे ठीक कराया जाएगा। ताकि उधर से वाहनों को निकलने में किसी भी तरह की परेशानी न हो। इसको लेकर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार और खनन अधिकारी नरेंद्र कुमार को निर्देशित किया है।
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दहगवां को मिला नगर पंचायत का दर्जा, राज्यमंत्री का है पैतृक गांव

बदायूं। योगी सरकार ने जिले की ग्राम पंचायत और प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता के मूल गांव दहगंवा को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया है। योगी कैबिनेट ने सोमवार को इसकी मंजूरी दे दी। जल्द ही नगर पंचायत अपने मूलरूप में आ जाएगी। सरकार के इस फैसले से जहां दहगवां के लोगों में खुशी है, वहीं उघैती की जनता में निराशा है। इसका प्रस्ताव भी शासन में गया था, लेकिन मंजूरी केवल दहगवां को मिली।
सहसवान विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दहगंवा को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की काफी लंबे समय से मांग चल रही थी, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस मामले में ज्यादा रुचि नहीं ली। सपा शासनकाल में भी इसकी जोरदार मांग उठी थी। बदायूं विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के शहर विधायक और वर्तमान में नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता की पहल पर दहगवां को सोमवार के लिए शासन ने बड़ी सौगात दी। दहगंवा को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। पता हो कि महेश चंद्र गुप्ता गांव दहगवां के मूल निवासी हैं। उन्होंने ही अपने गांव को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए शुरू से प्रयास किए थे। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही उन्होंने नगर पंचायत का दर्जा दिलाने को और ज्यादा प्रयास तेज कर दिए। हालांकि उन्होंने सन 2016 में प्रस्ताव डाला था जो कि सपा सरकार में ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहा। प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद इससे जुड़ी फाइल को दोबारा निकलवाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने पैतृक गांव को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव दिया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। राज्यमंत्री का कहना है कि जल्द ही नगर पंचायत अपनी मुख्य भूमिका में आ जाएगी। कार्यालय आदि की औपचारिकताएं पूर्ण होंगी।
शासन में गया था प्रस्ताव, पर नहीं मिल सकी मंजूरी
बदायूं। बदायूं-बिजनौर हाईवे पर बसे उघैती गांव के लोग भी काफी समय से नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। यहां का भी प्रस्ताव शासन में गया था। शासन ने कुछ माह पहले दहगवां और उघैती को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की बात की थी, लेकिन सोमवार को जब कैबिनेट में दहगवां को दर्जा मिल गया और उघैती का मामला पूरी तरह से गायब रहा तो इस खबर को सुनकर जहां दहगवां के लोगों में खुशी थी, तो वहीं उघैती की जनता निराशा में डूब गई।
जिले मेें अब 13 की जगह 14 हो गई नगर पंचायतों की संख्या
-जिले में अभी तक बदायूं, उझानी, ककराला, दातागंज, बिसौली, बिल्सी व सहसवान सात नगर पालिका है, वहीं उसावां, उसहैत, अलापुर, गुलड़िया, सखानूं, कछला, कुवरगांव, वजीरगंज, सैदपुर, मुड़ियार, फैजगंज, रुदायन व इस्लामनगर समेत 13 नगर पंचायत जिले में थी। लेकिन कैबिनेट के फैसले के बाद में जिले में दहगवां 14 वीं नगर पंचायत के रूप में शामिल हुई है।
खुशी में झूमे दहगवां के लोग, छोड़े पटाखे, बांटी मिठाई
दहगवां। कैबिनेट से नगर पंचायत का दर्जा मिल जाने की खबर सुनते ही दहगंवा के लोगों ने जमकर खुशियां मनाईं। लोगों ने घरों से निकलकर खुशी में पटाखे छोड़े और जमकर आतिशबाजी छोड़ी।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस फैसले से दहगवां के विकास को और रफ्तार मिलेगी। पूर्व प्रधान मयंक गुप्ता ने कहा कि दहगवां के लोगों को अब और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके लिए लोगों ने नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता को पूरा श्रेय दिया है। खुशी मनाने वालों में ग्रीश गुप्ता, नमित गुप्ता, कपिल गुप्ता, नरेशचन्द्र गुप्ता, विनोद गुप्ता, ऋषिपाल सिंह यादव, ललतेश शाक्य आदि थे।
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गैस रिफिलिंग के दौरान वैन में लगी आग, मचा हड़कंप

बदायूं। दहगवां में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब घरेलू गैस सिलिंडर से रिफिलिंग के दौरान एक वैन में आग लग गई। आग की लपटें देख अफरातफरी मद गई, दुकानदार भी दुकानें बंद करने लगे। दमकल विभाग को सूचना दी गई लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही आसपास के लोगों ने आग पर काबू पा लिया। इससे काफी देर तक वहां दहशत का माहौल बना रहा।
नगर के मुख्य बाजार में बड़ी तादात में गैस रिफिलिंग का कारोबार होता है। यहां लोग ब्लैक में सिलिंडर खरीदकर गाड़ी के सिलिंडर में गैस भरते हैं। इसके अलावा छोटे सिलिंडर में भी गैस की रिफिलिंग की जाती है। सोमवार को यहां एक वैन चालक गैस डलवाने के लिए पहुंचा हुआ था। उसने सिलिंडर खरीदने के बाद बाजार में ही गैस वैन के सिलिंडर में भरना शुरू कर दी। इसी बीच अचानक कोई फॉल्ट हुआ और चिंगारी के साथ सिलिंडर ने आग पकड़ ली। इसके बाद गाड़ी में भी आग लग गई। आग ने तेज लपटों के साथ पूरी गाड़ी को चपेट में ले लिया। जैसे ही गाड़ी में आग लगी तो बाजार में अफरातफरी मच गई। लोग अपनी-अपनी दुकानों को बंद कर भागने लगे। वहीं आसपास के लोग आग बुझाने का प्रयास करने लगे। दमकल विभाग को आग की सूचना दी गई। दमकल के पहुंचने से पहले ही आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। आग पर काबू न पा पाने पर बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था। सूत्रों के मुताबिक जिस दुकान के पास आग लगी थी, उसमें करीब 18 सिलिंडर रखे थे।
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वन विभाग की हजारों बीघा जमीन पर दबंगों का कब्जा, एसडीएम ने लेखपालों से मांगी रिपोर्ट

दातागंज (बदायूं)। तहसील क्षेत्र में वन विभाग की हजारों बीघा जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है, जबकि वन विभाग पूरी तरह से खामोश बैठा है। संज्ञान में आने के बाद सोमवार को एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह ने उन सभी गांवों के लेखपालों को कब्जा करने वाले लोगों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को भी पत्र लिखते हुए जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए जल्द कदम उठाने को कहा है।
योगी सरकार ने सत्ता में आते ही सरकारी जमीनों पर दबंगों द्वारा किए गए कब्जों को मुक्त कराने के लिए फरमान जारी कर दिया था। इसके बाद पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाया गया। प्रशासन की ओर से कब्जा की गई जमीनों को मुक्त कराने किए लेखपालों की टीम बनाकर एक अभियान चलाया गया। बावजूद इसके अनेक स्थानों पर दबंग बाज नहीं आए। साथ ही प्रशासन भी उन दंबगों के आगे मानों बेबस हो गया हो। तहसील क्षेत्र में भी कटरी में किए गए जमीनों पर कब्जों को लेकर कई बार संघर्ष हुआ। कई बार के अभियान के बावजूद क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर हुए कब्जे नहीं हट सके।
वन विभाग की जमीन पर कब्जे का मामला सोमवार को जब एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने गांव गूरा, किश्नी मेहरा, सैंजनी, चिंजरी, हरोड़ा, कुलचिया, वनबौसारी, सेरा आदि गांव में हुए कब्जों की रिपोर्ट इन इलाकों के लेखपालों से मांगी है। एसडीएम ने बताया कि उनकी जानकारी मेें आया है कि अकेले किश्नी में करीब 22 सौ बीघा जमीन कब्जे में है। इसी तरह अन्य गांवों में वन विभाग की जमीनों पर कब्जे हैं। वन विभाग के अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है, ताकि जल्द ही उन जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा सके।
कइ बार हो चुका है संघर्ष
- कटरी क्षेत्र की जमीन पर भी अभी लोगों के कब्जे हैं। इस जमीन पर कब्जे को लेकर पहले कई दफा लोगों में संघर्ष भी हुआ है। मगर प्रशासन कटरी की सारी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं करा पाया है।
सरकारी जमीनों पर हुए कब्जों को मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है। अब पता चला है कि उपरोक्त गांवों में वन विभाग की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। उन्हें मुक्त कराने के लिए जल्द ही कार्रवाई होगी। रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन एक्शन में आ जाएगा। किसी भी कब्जा करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।
केबी सिंह, एसडीएम दातागंज
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ये दुकानें भी अवैध हैं.... पहले नोटिस दें, फिर भी नहीं मानें तो ढहा दीजिए

उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बाईपास के संजरपुर मोड़ पर बिल्सी रोड मार्केट की ओर अधबनी पड़ी दुकानों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। रविवार शाम अतिक्रमण हटाओ अभियान की वास्तविकता का जायजा लेते वक्त डीएम कुमार प्रशांत ने इन दुकानों की भी जांच पड़ताल की। उन्होंने अवैध दुकानों के मालिकों को नोटिस भेजकर अतिक्रमण ध्वस्त कराने के आदेश दिए हैं। कुछ को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं।
शुरू से ही विवादों को लेकर अफसरों के संज्ञान में रहे दुकानों के निर्माण के मामले में अब तक कई बार पैमाइश भी हो चुकी है। पालिका से लेकर राजस्व विभाग के अफसरों ने भी शिकायतों पर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य लिंटर तक पहुंच गया था। ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय के मुताबिक दुकानें सरकारी जमीन पर बनी हैं। कोर्ट ने भी उनके अधिकतर हिस्से को सरकारी जमीन पर माना है। तीन दिन पहले पीडब्ल्यूडी और पालिका की टीम ने अतिक्रमण चिह्नित करते समय दुकानों के आगे लाल निशान लगा दिए थे। रविवार शाम को डीएम कुमार प्रशांत मौके पर पहुंचे तो उन्होंने भी निरीक्षण किया। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को सड़क किनारे की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कथित मालिकों को नोटिस भेजने की बात कही। साथ ही नोटिस के बावजूद खुद कब्जा न हटाने पर अतिक्रमण ढहाने के भी आदेश दे दिए। पीडब्ल्यूडी ने कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी भेज दिए हैं।
अतिक्रमणकारियों पर दर्ज होगी रिपोर्ट
उझानी। रविवार को बाईपास स्थित सरौरा मोड और संजरपुर मोड़ के पास अतिक्रमण हटवाने के बाद सोमवार को पालिका के ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने एक बार फिर मौका मुआयना किया। ईओ ने कहा कि दोबारा कब्जा करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रविवार को एसडीएम पारसनाथ मौर्य, सीओ सर्वेंद्र सिंह और पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने पालिका के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था।
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उझानी सहकारी क्रय-विक्रय समिति पर किसानों को मिलेगा उर्वरक

उझानी (बदायूं)। सहकारी क्रय-विक्रय समिति एक बार फिर किसानों को उर्वरक समेत कई ऐसी सुविधाएं मुहैया कराएगी जो कृषि उत्पादन और किसानों की आय दोगुनी करने में सहायक बनेंगी। इसी के तहत सोमवार को समिति ने उर्वरक केंद्र खोला है। बिल्सी से भाजपा विधायक आरके शर्मा ने लोकार्पण किया, साथ ही समिति के उत्थान के लिए भी उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
समिति करीब एक दशक पहले तक किसानों और नागरिकों को तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराती थी। समिति परिसर में ही खादी वस्त्र भंडार, राशन की दुकान और उर्वरक क्रय केंद्र था। किसानों के लिए गेहूं का बीज भी मुहैया कराया जाता था लेकिन बाद में समिति के कारिंदों का ऐसा मोहभंग हुआ कि सभी सेंटर बंद होते चले गए। समिति के सभापति किशनचंद्र शर्मा ने पिछले दिनों प्रयास कर उर्वरक केंद्र आवंटित करा लिया। इसके तहत समिति पर किसानों को यूरिया, डीएपी और बीज के अलावा कीटनाशक भी सरकारी रेट पर मुहैया कराया जाएगा। सोमवार को विधायक आरके शर्मा ने इसका उदघाटन किया। कहा कि समिति को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वह खुद कोशिश करेंगे। सभापति समेत संचालकों ने विधायक शर्मा को दिक्कतें भी बताईं। इस मौके पर हरवंश पहलवान, शैलेंद्र सिंह, संजीव गुप्ता, नेत्रपाल सिंह, गिरीशपाल सिंह, अजय तोमर, राजीव गोयल, मुकेश शर्मा और मोनू शर्मा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन सचिव राजेंद्र कुमार ने किया।
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संग्रामपुर में महिलाओं ने घेरा डाकघर, जांच टीम खिसकी

दबतोरी (बदायूं)। संग्रामपुर डाकघर में डाकपाल द्वारा किए गए 50 लाख से ज्यादा के घोटाले के मामले में जांच के नाम पर ली गई पासबुकें वापस नहीं करने से गुस्साईं महिलाओं ने यहां डाकघर को घेर लिया। इससे यहां हंगामा हो गया। महिलाओं के आने की सूचना मिलने पर जांच टीम के अधिकारी वहां से खिसक लिए। जांच अधिकारियों ने मुख्य जांच अधिकारी को रिपोर्ट दी है कि अब कोई भी पुलिस के बिना गांव में जांच को नहीं जाए।
तहसील बिसौली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव संग्रामपुर में डाकपाल राजू ने सैकड़ों ग्राहकों की रकम लेने के बाद उनके खातों में जमा नहीं की। उल्टे फर्जी खातों के जरिए उनकी 50 लाख से ज्यादा की धनराशि अपने खाते में हस्तांतरित करा ली। इस घोटाले का खुलासा होने के बाद कई विभागीय कर्मचारी शक के घेरे में आ गए। हालांकि घोटाले का आरोपी डाकपाल राजू निलंबित किया जा चुका है, मगर उसके खिलाफ अभी रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। इस मामले की जांच सहसवान-बिसौली के निरीक्षण अधिकारी सतीश कुमार मीणा के निर्देशन में तीन जांच अधिकारी जो विभाग में ओवरसीयर के पद पर तैनात हैं, कर रहे हैं। सोमवार को गांव संग्रामपुर में इस बात की मुनादी होनी थी कि जो भी ग्राहक ऐसे बचे हैं जिनकी पासबुकों की जांच नहीं हुई है, वे पासबुकें जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दें। इन जांच अधिकारियों ने रविवार को भी बिसौली डाकघर में रहकर जांच पड़ताल की थी। सोमवार को जांच अधिकारी कृपाल सिंह, मुख्यतार अहमद और प्रमोद कुमार गांव पहुंचे। उनके आने की खबर उन महिलाओं को भी लग गई जिनकी पासबुकें जांच के नाम पर काफी दिन पहले जांच अधिकारी ने ली थीं और अभी तक वापस नहीं कीं। ऐसे मेें महिलाओं ने यहां आकर हंगामा शुरू कर दिया। बताते हैं कि महिलाओं के आने की सूचना किसी ने जांच अधिकारियों को पहले ही दे दी थी, जिससे वे वहां से पहले ही खिसक लिए। बताते हैं कि कुछ महिलाओं के हाथों में डंडे भी थे, जिन्हें देखकर जांच अधिकारियों ने वहां से जाना ही मुनासिब समझा।

एक जांच अधिकारी पर उठ रहे हैं सवाल-
-जांच टीम में शामिल एक जांच अधिकारी पर महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने ही जांच के नाम पर उनकी पासबुकें लीं थीं, जो आज तक वापस नहीं कीं हैं। महिलाओं का कहना था कि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी घोटालेबाज से मिले हैं।

यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती तो पता नहीं महिलाएं जांच टीम के साथ क्या सलूक करतीं। जानकारी मिली थी कि महिलाएं आ रही हैं, इसलिए वहां से चले आए। पूरे मामले से मुख्य जांच अधिकारी सतीश कुमार मीणा को भी अवगत करा दिया है। कहा है कि अब बिना पुलिस के जांच को न जाएं।
कृपाल सिंह, जांच अधिकारी

यदि किसी खाते से 20 लाख का लेनदेन हो रहा है तो संबंधित अधिकारी को गंभीरता से लेना चाहिए था। तब शायद यह मामला पहले ही खुल जाता। कुछ लोगों की लापरवाही अवश्य रही है। जैसे, नाधा घोटाले की मुझे जानकारी मिली तो मैंने संबंधित डाकपाल का पासवर्ड बंद कर दिया था। नाधा मामले की भी जांच करा रहे हैं।
अमरदीप शुक्ला, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक प्रबंधक, बदायूं
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हजरतपुर और उसावां क्षेत्र के पांच लोगों पर पराली जलाने पर एफआईआर

दातागंज (बदायूं)। पराली जलाने के मामले में सोमवार को अलग-अलग थाना क्षेत्र में लेखपालों ने पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई से पराली जलाने वालों में खलबली मची है। अब तक दातागंज क्षेत्र में आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। कई किसानों को नोटिस भेजे जाने के साथ-साथ उनसे जुर्माना भी बसूला जा चुका है।
तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों पराली जलाने पर लेखपालों ने तीन किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही छह किसानों से जुर्माना भी वसूला गया था। सोमवार को एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह के निर्देश पर थाना उसावां क्षेत्र के गांव जस्मा के गजेंद्र सिंह मूल निवासी मेरठ, थाना हजरतपुर क्षेत्र के गांव ग्योतीधर्मपुर निवासी सूरजपाल, रामनिवास, महेश और बालकराम के खिलाफ लेखपाल की ओर से पराली जलाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस कार्रवाई से पराली जलाने वालों में खलबली मची हुई है। लगातार चेतावनी और कानूनी कार्रवाई के बावजूद किसान पराली जलाना बंद नहीं कर रहे हैं।
पिछले महीने दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया था। देश के कई राज्यों में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी। यह तथ्य सामने आया था कि पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों में पराली जलाई जाने के कारण यह धुंध छायी हुई है। उसी से प्रदूषण हुआ है। कोर्ट ने पराली जलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के सरकारों को निर्देश दिए। यूपी सरकार ने भी सभी जिलाधिकारियों को पराली जलाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने के निर्देश दिए थे।
पराली जलाने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सोमवार को हजरतपुर और उसावां क्षेत्र के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है। सभी लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने हलके में पराली जलने पर ध्यान दें। ऐसा होने पर तुरंत कार्रवाई करें। - कुंवर बहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज
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उझानी बाइपास के दो प्वाइंट अतिक्रमणमुक्त, दुकानों के आगे से अवैध निर्माण ढहाया

उझानी (बदायूं)। नगर पालिका परिषद और पीडब्ल्यूडी ने बरेली-मथुरा हाईवे को दिल्ली रोड से जोड़ने वाले बाईपास को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए रविवार को अभियान शुरू कर दिया। एसडीएम , सीओ और ईओ की मौजूदगी में जेसीबी ने सरौरा मोड़ और संजरपुर मोड़ पर जेसीबी चली तो अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी मच गई। दो-तीन स्थानों पर अतिक्रमणकारियों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हो गई, लेकिन अफसरों के सख्त रुख की वजह से अतिक्रमणकारियों के तेवर ठंडे पड़ गए। पुलिस कर्मियों ने बाईपास से ठेला और खोमचा वालों को खदेड़ दिया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरूआत बाईपास स्थित सरौरा मोड़ के पास से हुई। नगर पालिका परिषद की ओर से जेसीबी ने अतिक्रमण ढहाना शुरू किया तो आसपास इलाके के कई दुकानदारों ने खुद ही सामान समेटना शुरू कर दिया। सरौरा मोड़ पर दो स्थानों पर खोखानुमा दुकानों के दो तरफ बनी पक्की दीवारों को भी जेसीबी ने गिरा दिया। दुकानों के आगे पड़े स्लैब और टीनशेड भी ढहा दिए गए। एक दुकानदार के विरोध करने पर एसडीएम पारसनाथ मौर्य और सीओ सर्वेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी के जेई हर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुमार शर्मा ने पैमाइश कराके मामला निपटा दिया। बाद में अफसरों की टीम संजरपुर मोड़ पर पहुंची तो आटा चक्की के बाहर सड़क पर कब्जा करके बनाए गया जीना भी अतिक्रमण की चपेट में आ गया। बाईपास पर ठेला-खोमचा वालों को सड़ किनारे से खदेड़ दिया गया। साथ ही उन्हें आगे चलकर भी ठेला सड़क से दूर लगाने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कर्मचारियों और अतिक्रमणकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। कार्रवाई के दौरान बाईपास पर लोगों का जमघट लगा रहा। ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि फिलहाल अस्थायी अतिक्रमण को हटाया गया है। आंबेडकर चौराहे के पास भी अभियान चलेगा लेकिन इससे पहले संजरपुर मोड़ तक किसी स्थान पर अतिक्रमण नजर नहीं आएगा। स्थायी अतिक्रमण हटवाने के लिए कार्रवाई बाद में होगी।
उझानी। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने शनिवार को बाईपास पर अतिक्रमण चिन्हित करते समय करीब दो दर्जन दुकानों और घरों की दीवारों पर लाल निशान लगाए थे। रविवार को कार्रवाई के दौरान लाल निशान वाले किसी भी मकान और दुकान पर जेसीबी नहीं चली लेकिन पीडब्ल्यूडी के जेई हर प्रसाद सिंह ने बताया कि ऐसे अतिक्रमणकारियों को आठ दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जों को ढहा दिया जाएगा। मार्केट में अभियान बाद में चलेगा।
बाइपास के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, जहां भी अतिक्रमण नजर आया, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को भी निर्देशित कर दिया गया है। अभियान के दौरान किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा।- पारसनाथ मौर्य, एसडीएम सदर।
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इस बार मोबाइल एप से होगी आर्थिक गणना

बदायूं। जिले में सातवीं आर्थिक गणना का कार्य इस बार मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने इस बार आर्थिक गणना का काम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सौंपा है। मोबाइल एप के दिए गए फीचर्स पर जाकर ही परिवार दर परिवार आर्थिक सर्वे इन कर्मचारियों के माध्यम से होगा।
जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार त्यागी ने बताया कि पूर्व में आर्थिक गणना का कार्य सरकारी कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल किया जाता था, लेकिन इस बार केंद सरकार ने इसे कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) को सौंपा है। गणना पूर्णतया ऑनलाइन और जियो टैग पर आधारित होगी। गणना का पूरा डाटा पूर्णतया गोपनीय है। कहा कि गणना का मुख्य ध्येय सही आर्थिक आकड़े जुटाना है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी घर-घर जाकर प्रत्येक परिवारों का आर्थिक सर्वे करेंगे। सर्वे में परिवार के मुखिया का नाम, कुल सदस्य, व्यवसाय व सभी स्त्रोतों से प्राप्त अनुमानित पारिवारिक आमदनी का ब्यौरा लिया जाएगा। देश में पहली आर्थिक गणना 1977 में हुई थी। छठी आर्थिक गणना वर्ष 2013-14 में की गई थी। गणना को मुख्य उद्देश्य ये होता है कि सरकार को सभी लोगों की जानकारी होती है। उसी के अनुरूप योजनाएं तैयार होती हैं, जिससे गरीब पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सके।
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