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मेरठ में हॉटस्पॉट इलाकों की ड्रॉन से निगरानी, यूपी में 427 हुई संक्रमितों की संख्या

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीज मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार की सुबह आगरा में पांच नए मामले सामने आए हैं। यूपी में संक्रमितों की संख्या 427 पहुंच गई है।

10 अप्रैल 2020

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देवरिया

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

लॉकडाउन तोड़ने वालों की अब खैर नहीं, बेवजह घर से निकलने वालों को पुलिस ऐसे सिखा रही है सबक

लॉकडाउन में बेवजह घूमने वालों के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाकर 17 मुकदमे दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस ने सख्ती दिखाई और पूरे जिले में अभियान चलाकर कार्रवाई की। पुलिस की सख्ती के बाद सड़कों पर एक बार फिर सन्नाटा फैल गया।

लॉकडाउन के बावजूद कोई इलाज के नाम पर तो कोई दवा और बैंक में जरूरी काम के नाम पर सड़कों पर टहलने लगे थे। पुलिस जब टोकती थीं तो तरह-तरह के लोग बहानेबाजी करते थे। ग्रामीण अंचल में तो कम लेकिन शहर में हजारों की संख्या में लोग घूमते रहते हैं। जिसकी वजह से लॉकडाउन की मंशा पर पानी फिर रहा था। और तो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं करते।

एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र के निर्देश पर पहले दिन जिले के पुलिस सक्रिय हुई और अभियान चलाकर लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों पर शिकंजा कसा। इसमें जिले के अलग-अलग थानों में 17 केस दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें कोतवाली पुलिस ने पांच केस दर्ज कर 31 लोगों को, बघौचघाट पुलिस ने एक केस दर्ज कर तीन लोगों गिरफ्तार किया। तीनों मेहाहरहंगपुर निवासी बताए जाते हैं।
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गेहूं की बाली चुनने के लिए खेत में गई थी छात्रा, नहीं पता था ऐसे मिलेगी मौत

देवरिया और गोरखपुर जिले की सीमा पर स्थित गोरखपुर के गजपुर चक्की गांव के खेत में चल रही कंबाइन से दबकर देवरिया के तिघरा खैरवा गांव की एक आठ साल की छात्रा की मौत हो गई। घटना सोमवार की शाम तीन बजे की है। लड़की खेत में गेेेहूं की बाली चुन रही थी। इस दौरान कंबाइन का पहिया उसे रौदता हुआ निकल गया। घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

देवरिया के एकौना थाने के तिघरा गांव निवासी राम मिलन की बेटी करीना आठ वर्ष किसान माध्यमिक विद्यालय में कक्षा दो की छात्रा थी। सोमवार को वह सीमा से सटे गोरखपुर जनपद के गजपुर चक्की गांव के खेत में गेहूं की बाली चुन रही थी। उसी खेत में कंबाइन से गेहूं की कटाई हो रही थी। बाली चुनने में मशगूल करीना के ऊपर से कंबाइन मशीन गुजर गई। वह बुरी तरह कुचल गई। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही तिघरा गांव के लोग वहां उमड़ पड़े। लोगों का गुस्सा देखकर कंबाइन चालक कंबाइन लेकर फरार हो गया। मौके पर पहुंची गोरखपुर जिले के झंगहा थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। करीना तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसके पिता मुबंई में मजदूरी करते है। घटना के बाद उसकी मां सुनीता का रोकर बुरा हाल हो रहा था। गांववालों ने कंबाइन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। झंगहा थानाध्यक्ष ने कहा कि केस दर्ज कर कंबाइन चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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कोरोना संकट को पराजित करने के लिए लोगों ने जलाएं दीये

कोरोना संकट को पराजित करने के लिए लोगों ने जलाए दीये
रविवार रात नौ बजे रोशनी से जगमग हुआ नगर से लेकर गांव
दीप जलाकर कई जगहों पर युवकों ने लगाएं जय श्रीराम के नारे
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार की रात नौ बजे नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों ने घर के दरवाजे और छतों पर दीपक, मोमबत्तियां और मोबाइल का टार्च जलाकर उजाला किया। इससे नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा। इस दौरान लोगों ने आतिशबाजी भी की तो कई जगहों पर जय श्रीराम के नारे लगे। मुस्लिम इलाकों में लोगों ने दीये जलाकर कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुटता का परिचय दिया।
देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फलने से रोकन के लिए पूरे देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन किया गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सुबह नौ बजे देशवासियों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को सभी ने एक साथ मिलकर उन लोगों को धन्यवाद दिया, जो कोरोना वायरस से जंग लड़ने में महती भूमिका निभा रहे हैं। ठीक उसी तरह पांच अप्रैल को अपने घर की बालकनी या दरवाजे पर खड़े होकर नौ मिनट तक दीये, मोमबत्तियां या टार्च जलाकर उजाला कर उत्साह का परिचय दें। यह प्रकाश अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने में सहायक होगा। प्रधानमंत्री के इस आह्वान का नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने तहे दिल से स्वागत किया और रविवार की रात नौ बजते कह अपने अपने घरों की लाइटें बंद कर दीं। इसके बाद दीपक, मोमबत्ती व मोबाइल का टॉर्च जलाकर रोशनी की गई। इससे पूरा क्षेत्र जगमगा उठा।
दीपों से जगमगाया रुद्रपुर
राज्यमंत्री ने परिवार के साथ जलाई मोमबत्ती
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। कोरोना संकट के दौरान एकजुटता दिखाने के लिए लोगों ने पीएम के आह्वान पर रविवार की रात दीप जलाया। रात के नौ बजते ही रुद्रपुर नगर दीपों से जगमगाने लगा। लोगों के घर के छतों और बालकनी में जलते दीए से दीपावली जैसा मंजर दिखने लगा। इस दौरान लोग अपने छतों से टार्च और मोबाइल से रोशनी फैला कर जमकर आतिशबाजी भी की। उत्साही युवकों ने एक बार फिर ताली, थाली पीटकर, शंख बजाकर कोरोना से लड़ रहे योद्धाओं की हौसलाफजाई की।
राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने अपने गांव लक्ष्मीपुर में पूरे परिवार से साथ दीप प्रज्ज्वलित किया। इस दौरान उनकी पत्नी आरती देवी, पुत्र और ग्राम प्रधान विश्वविजय निषाद और परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष लालमती देवी और उनके प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा, पूर्व चेयरमैन फौजदार शर्मा, भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, छट्ठेलाल निगम, मनमथ त्रिपाठी ने दीप जलाया। बरहज के विधायक सुरेश तिवारी ने अपने गांव बनिएनी में दीप उत्सव मनाया। अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने हनुमान मंदिर पर दीप जलाकर कोरोना संकट के समय एकता का संदेश दिया। नगर से लेकर गाव तक लोगों ने आपदा संकट से लड़ने के लिए दीप जलाकर कोरोना योद्धाओं के प्रति आभार जताया। क्षेत्र के एकौना, मदनपुर और पकड़ी में दीप जलाकर लोगों ने दीपोत्सव मनाया।
फोटो समाचार
रुद्रपुर में पुलिस वालों को माला पहना कर रहे स्वागत
रुद्रपुर। कोरोना संकट के दौरान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिस वालों का रुद्रपुर के नागरिक अपने घर के सामने स्वागत कर रहे हैं। दरवाजे के सामने से सूचनाओं को प्रसारित कर रहे कुछ पुलिस के लोगों की गाड़ी रोककर लोगों ने उन्हें माला पहनाकर स्वागत किया। नगर के प्रमुख व्यापारी गब्बूलाल गुप्त ने दिन-रात नगर में काम कर रहे एसएसआई एमपी सिंह, दीवान सुरेश यादव और महेंद्र का परिवार के लोगों के साथ मिलकर माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने पुलिस वालों को मिठाई खिलाकर उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर समाजसेवी मनमथ तिवारी ने पुलिस कर्मचारियों की जमकर सराहना की।
फोटो समाचार
रात नौ बजे नौ मिनट तक दीपों से जगमगाता रहा बरहज
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। वैश्विक महामारी से लड़ रहे लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन पर अपने घरों में दीया जलाकर एकजुटता का संदेश दिया। बीते रविवार की रात नौ बजे से नगर दीपों की रोशनी से जगमगाता रहा। कर्मवीरों के सम्मान में शंखनाद और जयघोष से समूचा वातावरण गुंजायमान रहा। प्रधानमंत्री ने बीते रविवार को नौ बजे नौ मिनट तक सभी से दीपक जलाकर एकजुटता की अपील की थी। शाम से ही लोग तैयारी में जुटे थे। समय होते ही लोग घरों की बालकनी, बरामदा, छत आदि पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर दीप प्रज्जवलित किए। दीपों से घरों को सजाने से दीपावली सा नजारा था। क्षेत्र के कपरवार, बारा दीक्षित, करायल, बरौली, बरांव, महेन, मगहरा, सोनाड़ी, करुअना, भलुअनी आदि जगहों पर भी लोगों ने दीप जलाकर एकजुटता दिखाई।
पीएम के आह्वान पर जलाया गया उम्मीद का दीया
भाटपाररानी एवं देसही देवरिया क्षेत्र में भी लोगों ने जलाए दीपक
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी/देसही देवरिया। प्रधानमंत्री के आह्वान पर रविवार की रात 9 बजते ही जिले के विभिन्न जगहों के नगर व ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर दीप और मोमबत्तियां जलाईड्ड। साथ ही उन्होंने नौ मिनट तक ताली थाली बजाकर कोरोना वायरस महामारी में देश के सवाल पर एकजुटता दिखाई। भाटपाररानी में युवाओं ने पटाखा फोड़कर वायरस को भगाने का संकल्प लिया। देसही देवरिया क्षेत्र में रविवार रात को लोगों ने अपने घरों की लाइटें बंद कर दीं। बरामदे और छतों पर दीपक जलाकर प्रधानमंत्री के अपील का बखूबी पालन किया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उम्मीद की किरण लेकर कोरोना से निपटने के लिए लोगों ने अपना संकल्प जताया। देश के नाम दीपक जलाकर लोगों ने इस दौर में एकजुटता दिखाई। नौ मिनट की अपील के बाद लोगों ने घंटों तक दीपक जलाया। कई गांवों में पटाखे जलाकर युवकों ने हार न मानने और अपने हौसले को बुलंद करने का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे भी लगाए।
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आंख अस्पताल के डॉक्टर समेत तीन पर केस दर्ज

एडिशनल सीएमओ की तहरीर पर पुलिस ने की कार्रवाई
सीतापुर आंख अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारियों के आत्मदाह के प्रयास का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। विकास भवन स्थित सीतापुर आंख अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने में बाधा पैदा करने पर सदर कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर समेत तीन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई एडिशनल सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद की तहरीर पर की। बृहस्पतिवार की सुबह पुलिस ने चौकीदार को इस मामले में हिरासत में ले लिया।
एडिशनल सीएमओ ने तहरीर में कहा है कि कोरोना महामारी फैली हुई है। बचाव के लिए शासन-प्रशासन आइसोलेशन ट्रीटमेंट यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। इन स्थानों का निर्माण करने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के अधीन स्थानों के अधिग्रहण का अधिकार डीएम को है। अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए डीएम की ओर से दिनांक एक अप्रैल 2020 को दस बजे सीतापुर आंख अस्पताल देवरिया को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए अधिग्रहीत किया गया है। इस स्थान पर कुछ कमरों का कब्जा लिया जा चुका था। आठ अप्रैल को शेष स्थानों पर कब्जा लेने के लिए जब जिला अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मौके पर गया तो वहां उपस्थित डॉ. अनिल कुमार कटियार, चौकीदार सुरेंद्र प्रसाद, अब्दुल रहीम की ओर से मुझे एवं अन्य कर्मचारियों को उक्त स्थान पर कब्जा लेने से बलपूर्वक रोका गया। उन्हें बताया गया कि डीएम के आदेश से अस्पताल को पूर्व में ही अधिग्रहीत किया जा चुका है तो उन्होंने कहा कि हम किसी आदेश को नहीं मानते। इस अस्पताल को अधिग्रहीत नहीं होने देंगे। इन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डाला। जब उनसे सहयोग करने एवं वैश्विक महामारी के दृष्टिगत मानवीय आचरण किये जाने की अपेक्षा की गई तो डॉ. कटियार एवं अन्य मारपीट पर आमादा हो गए एवं गाली देते हुए कर्मचारियों के साथ हाथापाई करने लगे। जान से मारने की धमकी भी दी गई। तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने डॉ. एके कटियार, सुरेंद्र प्रसाद और अब्दुल रहीम के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, आदेश की अवहेलना करना, धमकी देना, आत्मदाह के लिए प्रेरित करने और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। बृहस्पतिवार की भोर में सदर कोतवाली पुलिस ने सुरेंद्र प्रसाद को हिरासत में ले लिया। सदर कोतवाल टीजे सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। एक को हिरासत में लिया गया है।
इनसेट
यह था मामला
वैश्विक कोरोना महामारी को देखते हुए डीएम ने सीतापुर आंख अस्पताल समेत परिसर को खाली करने के आदेश पिछले दिनों दिए थे। यहां तैनात डॉ. एके कटियार ने अस्पताल का दो कमरा छोड़कर अन्य जगह खाली कर दिया। जबकि जिला प्रशासन पूरा परिसर ही खाली कराना चाहता है। जिला विकास अधिकारी, एसडीएम सदर और सीओ सिटी ने मंगलवार को ही डॉक्टर से परिसर खाली करने को कहा। इससे नाराज डॉ. एके कटियार, सुरेंद्र प्रसाद और अब्दुल रहीम ने परिवारवालों के साथ मिलकर बुधवार की दोपहर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी को समझाया था।
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अजान के बाद कोरोना से बचने को मौलाना कर रहे अपील

अजान के बाद कोरोना से बचने को मौलाना कर रहे अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। इलाके की दर्जनों गांवों की मस्जिदों से अजान के बाद कोरोना से बचने की जानकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से मौलाना लोगों तक दे रहे हैं। घरों में नमाज पढ़ने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सहित सैनिटाइज करते रहने की सलाह दे रहे हैं। ताकि विकट परिस्थिति में संक्रमण न फैले।
लार जमा मस्जिद के मौलाना दाउद अंसारी ने मस्जिद में अजान की। अजान खत्म होते ही वह मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग, अपने आस-पास सफाई रखने, हाथों को दो-दो घंटे पर धोते रहने व अपने घरों में ही पांचों वक्त की नमाज पढ़ने को कहा। लार ब्लॉक के पटना गांव के मस्जिद के पेशे इमाम शाहनवाज हुसैन ने अजान के बाद पूरे ग्राम वासियों से गुजारिश करते हुए कहा कि देश की आर्थिक स्थिति सुधारने व महामारी से बचने के लिए देश हित में सभी लोग काम करें। लॉकडाउन का उल्लंघन करना आप की और आपके परिवार की जान को खतरा में डाल सकता है। अपने घरों में रहें। बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें। रामनगर, गढ़वा खास, मेहरौना, पिंडी, चुरिया, सुतावार, चौरडीहां मस्जिदों के लाउडस्पीकर से कोरोना के खिलाफ लॉकडाउन का पालन कर जंग लड़ने की गुजारिश की गई। मौलाना मसिउदजमा ने कहा कि अपने देश को हर हाल में सुरक्षित रखना है। यह अपील लगातार चलती रहेगी।
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महराजगंज में रखे जाएंगे गोरखपुर मंडल के कोरोना पॉजिटिव मरीज

महराजगंज में रखे जाएंगे गोरखपुर मंडल के कोरोना पॉजिटिव मरीज
वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दिया आदेश, गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज में होंगे शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना से निपटने के लिए आएदिन नए-नए आदेश जारी हो रहे हैं। गोरखपुर मंडल में कोरोना मरीजों को महराजगंज जिले में रखा जाएगा। 30 बेड का एलवन का अस्पताल तैयार किया गया है। जबकि गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में रखा जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने ऐसा आदेश जारी किया है।
देवरिया में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गौरीबाजार सीएचसी को एलवन 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम बना दी गई है और टीम के रुकने के लिए होटल भी सुरक्षित कर लिए गए थे, लेकिन बुधवार की शाम को प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि गोरखपुर मंडल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जिले में कोरोना का मरीज मिलें तो उन्हें महराजगंज में रखा जाएगा। इसके लिए महराजगंज में जिले के एक अस्पताल को एलवन अस्पताल बनाया गया है, जहां 30 कोरोना के मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। इससे अधिक मरीज होने या गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जाएगा। इस आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमा ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गोरखपुर मंडल के किसी भी जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसे महराजगंज जिले में रखा जाएगा। ऐसा आदेश मिला है। हालांकि, जिले पर भी डॉक्टरों की टीम को सक्रिय रखा जाएगा और संदिग्ध मरीजों की जांच जारी रहेगी।
सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, जांच के लिए भेजा नमूना
देवरिया। विदेश से आए कोरोना के पांच संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। इनका नमूना जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अभी तक जिले में 33 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है।
कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता ही महत्वपूर्ण है। बावजूद लोग अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का जहां माखौल उड़ा रहे हैं, वहीं, कोरोना की जांच कराने से भी मुंह मोड़ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य महकमा अभियान चलाकर संदिग्धों की जांच कर रहा है। बृहस्पतिवार को पांच लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया। सभी की सांस फूल रही है और विदेश से आए हैं। इसमें एक भलुअनी ब्लॉक, शहर के एक वार्ड, भाटपाररानी तहसील, मदनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। डॉक्टरों ने बताया कि विदेश से कुछ दिन पूर्व ये युवक घर आए थे, सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे, इनकी स्क्रीनिंग भी हुई, लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखा। इन दिनों से सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही थी। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पांचों युवकों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लाकर भर्ती किया। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि पांच कोरोना के संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही है। इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया है।
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जानिए ऐसा क्या हुआ कि डॉक्टर और कर्मचारियों ने की आत्मदाह की कोशिश, वजह हैरान करने वाली

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाएं जाने के आदेश से आहत आकर सीतापुर आंख अस्पताल के डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों ने बुधवार की दोपहर अपने आवास परिसर में अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया।

संयोग रहा कि कुछ लोगों ने माचिस जलाने से रोक लिया। इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। उधर डीएम का कहना है कि  इस मामले में डाक्टर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मिली जानकारी के मुताबिक विकास भवन परिसर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। जिला पंचायत, प्रशासन और सीतापुर आंख अस्पताल तीनों का अलग-अलग हिस्से में कब्जा है। और तीनों पूरी जमींन अपना-अपना होने का दावा करते हैं। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। चिकित्सक डॉ. एके कटियार का कहना है कि हाईकोर्ट ने उन्हें स्टे दिया है।
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लाउडस्पीकर से अजान की मिली छूट

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लाउडस्पीकर से अजान की मिली छूट
जिला प्रशासन की ओर से मौखिक रूप से दी गई इजाजत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अजान के लिए मस्जिदों से लाउडस्पीकर का प्रयोग कर सकेंगे। अंजुमन इस्लामिया के सदर की ओर से पिछले दिनों जिला प्रशासन से छूट की मांग की गई थी। जिला प्रशासन ने इसके लिए मौखिक स्वीकृति दी है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन करना होगा।
सदर कोतवाली थाने में एसडीएम सदर दिनेश मिश्र और सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय ने पिछले दिनों मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक की। कोरोना वायरस को देखते हुए उनसे अजान के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करने की बात कही गई। कहा गया कि पांचों वक्त की नमाज सभी लोग अपने घरों में ही रहकर पढ़ें। मौलाना अहमद रजा ने बताया कि लाउडस्पीकर से अजान होने पर लोगों को नमाज पढ़ने की जानकारी मिल जाती है। हर दिन नमाज पढ़ने का समय अलग-अलग होता है। लाउउस्पीकर से अजान नहीं होने पर लोग नमाज का सही वक्त नहीं जान पाएंगे। पिछले दिनों अंजुमन इस्लामिया के सदर जलालुद्दीन ने डीएम और एसपी से मिलकर इसके लिए छूट की मांग की थी। जिला प्रशासन की ओर से इस पर गंभीरता से विचार किया गया और मौखिक रूप से अजान के लिए लाउडस्पीकर चलाने की छूट दे दी है। कहा गया है कि मस्जिदों में लोग नमाज पढ़ने के लिए एकत्र न हों। अपने घरों में रहकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काम करें।
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भूसा मशीन मालिक के साथ मारपीट, नकदी व सोने की चेन छीनी

भूसा मशीन मालिक के साथ मारपीट, नकदी व सोने की चेन छीनी
बघौचघाट थानाक्षेत्र के विशुनपुरा बाजार के पास हुई घटना
पीड़ित ने एक नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। स्थानीय थानाक्षेत्र के विशुनपुरा बाजार में मनबढ़ों ने मारपीट कर भूसा मशीन मालिक के रुपये और सोने की चेन छीन लिया। मामला बुधवार की दोपहर बाद का है। पीड़ित ने एक नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बिहार के विजयीपुर थानाक्षेत्र के सबया गांव निवासी राकेश यादव भूसा मशीन चलवाते हैं। बुधवार को वह गांव में ही भूसा बना रहे थे। बताया जा रहा है कि बघौचघाट थानाक्षेत्र के विशुनपुरा बाजार निवासी किसी शख्स को भूसा की जरूरत थी। उसने राकेश यादव को फोन किया। दोपहर बाद राकेश का ड्राइवर भूसा लदी ट्राली लेकर विशुनपुरा बाजार आ रहा था। रास्ते में ट्राली पंक्चर हो गई। इस बात की जानकारी चालक ने राकेश को दी। राकेश यादव मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उसी दौरान कुछ मनबढ़ युवक पहुंचे। उन मनबढ़ों ने राकेश यादव को मारपीट कर पॉकेट से 10 हजार रुपये और गले से सोने की चेन छीन ली। मामले की जानकारी डायल-112 को होते ही पुलिस के मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले ही बदमाश बिहार की तरफ फरार हो गए थे। पीड़ित राकेश यादव ने बघौचघाट थाने में अपने ही गांव के एक नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। इस बाबत प्रभारी एसओ राममोहन सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस में ड्यूटी पर हूं। तहरीर मिली है। मामले की जांचकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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डॉक्टर और कर्मचारियों ने किया आत्मदाह का प्रयास

डॉक्टर और कर्मचारियों ने किया आत्मदाह का प्रयास
विकास भवन परिसर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने के आदेश से क्षुब्ध सीतापुर आंख अस्पताल के डॉक्टर और चिकित्साकर्मियों ने बुधवार की दोपहर अपने आवास परिसर में अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। संयोग ही रहा कि कुछ लोगों ने माचिस जलाने से रोक लिया। इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन के कान खड़े हो गए। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। उधर, डीएम का कहना है कि इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन परिसर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। जिला पंचायत, प्रशासन और सीतापुर आंख अस्पताल तीनों का अलग-अलग हिस्से में कब्जा है और तीनों पूरी जमीन को अपना-अपना होने का दावा करते हैं। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। चिकित्सक डॉ. एके कटियार का कहना है कि हाईकोर्ट ने उन्हें स्टे दिया है। कोरोना महामारी के चलते डीएम ने इसे आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए खाली करा लिया। डॉक्टर ने अस्पताल के दो कमरों में अपना सामान रखकर शेष जगह आइसोलेशन वार्ड के लिए दे दिया। डॉ. एके कटियार का आरोप है कि मंगलवार को जिला विकास अधिकारी और तहसीलदार आए और आवास खाली नहीं करने पर सामान बाहर फेंकवाने की धमकी दी। बुधवार को इसी बात से आहत होकर डॉ. एके कटियार, उनकी पत्नी शोभा कटियार, बेटे अभिनव, अभिजीत, कर्मचारी राकेश श्रीवास्तव, अब्दुल रहीम, सुरेंद्र के साथ ही इन सभी के परिवार के कायनात, नौसबा, राजन, शाहिद, नसरीन, मीना कुमारी, राशिद, इलाचयी आदि ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। सूचना पर एडीएम प्रशासन राकेश पटेल, एसडीएम सदर दिनेश कुमार मिश्र, सीओ निष्ठा उपाध्याय, सदर कोतवाल टीजे सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा।
डीएम का है यह आदेश
कोरोना महामारी को देखते हुए संदिग्ध मरीजों की अलग व्यवस्था के लिए शासन ने सभी जिलों में सरकारी और निजी भवनों को अधिग्रहीत करने का आदेश दिया है। इसी क्रम में डीएम अमित किशोर ने 30 मार्च को सीतापुर आंख अस्पताल के सभी भवनों सहित परिसर को अधिग्रहीत कर लिया। अस्पताल प्रबंधक को पत्र भेजकर भवन खाली करने का आदेश दिया। परिसर खाली कराते हुए अपने नियंत्रण में लेने को कहा है।
डीएम बोले- प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी
देवरिया। डीएम अमित किशोर ने कहा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए विकास भवन स्थित एक बिल्डिंग को जिला अस्पताल के एक्सटेंशन के तौर पर प्रयोग के लिए तैयार कराया जा रहा है। इसमें पूर्व में सीतापुर आंख अस्पताल संचालित था। जो अब अस्तित्व में नहीं है। लेकिन एके कटियार नाम का एक व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर अनाधिकृत रूप से ओपीडी चला रहा है। इनके द्वारा कोरोना महामारी के दौरान कार्य में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। जो कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत गैर कानूनी है। बुधवार को जब अनाधिकृत रूप से इस भवन में आने पर डॉ. एके कटियार को मना किया गया तो दबाव बनाने की मंशा और प्रशासन को परेशान करने की नीयत से स्वयं और अपने साथ एक अन्य व्यक्ति के ऊपर तेल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया गया है। पुलिस की सजगता ने उन्हें रोका गया। इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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गांव के बाहर तालाब में मिला छात्रा का शव

गांव के बाहर तालाब में मिला छात्रा का शव
दो दिन पूर्व छात्रा की मां ने पुलिस को लापता होने की तहरीर दी थी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दर्ज किया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। नगर के एक कॉलेज की छात्रा (15) का शव उसके गांव के बाहर तालाब में मिला है। परिवार के लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि दो दिन पूर्व छात्रा की मां ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बेटी के लापता होने की बात कही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के महदहां गांव के रहने वाले बृजेश यादव की बेटी अमीषा (15) नगर के एक कॉलेज में दसवीं की छात्रा थी। पुलिस के मुताबिक दो दिन पूर्व किसी बात को लेकर छात्रा का मां से विवाद हुआ था। इस दौरान मां ने उसे डांटा-फटकारा था। इससे नाराज होकर वह घर से लापता हो गई थी। छात्रा की मां ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। जिस पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। बुधवार की दोपहर लोगों ने गांव के बाहर उत्तर तरफ उसका शव देखा। छात्रा के परिवार वालों ने इसकी पहचान कर पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी होते ही सीओ वरुण मिश्र ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिवार वालों से कुछ अहम जानकारी ली। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बाबत कोतवाल अश्वनी कुमार राय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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देवरिया: सिवान में ब्राह्मण महासंगठन के जिला अध्यक्ष की हत्या, घर के दरवाजे पर बदमाशों ने मारी गोली

सिवान में ब्राह्मण महासंगठन के जिलाध्यक्ष शेषनाथ द्विवेदी उर्फ टिंकू की गोली मार दी। गोली मारने के बाद बदमाश फरार हो गए। आनन-फानन परिवार के लोग उन्हें पीएचसी पहुंचाए। जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।

परिवार के लोग जिला चिकित्सालय लेकर जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। सिवान जिले के अंदर थाना के घेराई गांव निवासी शेषनाथ द्विवेदी (38) मंगलवार सुबह घर के बाहर बैठे थे। इसी बीच दो बाइक सवार उनके दरवाजे पर पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे।

इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर परिवार के लोग बाहर आए तब तक हमलावर भाग चुके थे। शेषनाथ जमीन पर खून से लथपथ होकर गिरे थे।
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कागजी तैयारी से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग

कागजी तैयारी से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग
किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है वेंटिलेटर, सीएमओ ने 20 वेंटिलेटर की डिमांड की, अभी तक नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं है। शहर के दो नर्सिंगहोम सिर्फ दो वेंटिलेटर हैं। ऐसे में कोरोना के गंभीर मरीज मिलने पर तैयारियों का पोल खुल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने पर्सनल प्रोटेक्शन किट, छोटा वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर, मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड भेजी है, लेकिन अभी तक मुहैया नहीं हो सका है। ऐसे में कागजी तैयारियों के बीच कोरोना से निपटना मुश्किल लग रहा है।
महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना से निपटने के लिए उपयोग में लेगा। इसकी कागजी तैयारी भी पूरा कर ली गई है। किसी भी सरकारी अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। जबकि कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत है। सीएमओ ने शासन को बीस छोटा वेंटिलेटर, 20 ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर की मांग की है, लेकिन अभी तक एक भी सामान मुहैया नहीं कराया जा सका है और न ही इन सामानों को खरीदने के लिए बजट और अनुमति भी शासन की ओर से नहीं मिला है। जगह का अभाव बताते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने वेंटिलेटर की मांग अभी तक नहीं की है। उपकरण की कमी समय रहते पूरा नहीं किया गया तो ऐन वक्त पर सभी तैयारियों पर पानी फिर जाएगा। इस दौरान एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने बताया कि वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंस्टेंटर मुख्य है। इसके लिए डिमांड की गई है। अभी तक उपकरण मिले नहीं है। इसके लिए वार्ता चल रही है।
रात को अस्पताल पर नहीं रुकते हैं डॉक्टर और कर्मचारी
सीएमओ के निरीक्षण में डॉक्टर समेत नौ कर्मचारी मिले गैरहाजिर
वेतन रोकने के निर्देश, मांगा गया स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जहां संघर्ष कर रहे हैं, वहीं, कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को सीएमओ के निरीक्षण में बैतालपुर पीएचसी के चिकित्साधिकारी समेत नौ कर्मचारी ड्यूटी से लापता मिले। फोन करने पर चिकित्साधिकारी का फोन तक रिसीव नहीं हुआ।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय और एसीएमओ डॉ. डीबी शाही सुबह करीब 9:36 बजे बैतालपुर पीएचसी पर पहुंचे। अस्पताल सुनसान पड़ा था और कर्मचारियों का पता नहीं था। उपस्थिति पंजिका देखी तो चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चौहान, एचईओ अखिलेश भारती, एलटी सतीश कुमार चौहान, गोविंद पांडेय, एचएस रमानंद पटेल, गिरीशचंद्र तिवारी, बीएचडब्लू आनंद कुमार सोनकर ड़्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। वहीं, एचवी फूलभावती देवी और एएनएम चांदनी सिंह एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं आई थीं। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि कोई भी डॉक्टर और कर्मचारी आवास पर रात को रुकता नहीं है। गोरखपुर या अपने घर से आकर सभी लोग ड़्यूटी करते हैं। इस लिए कोई समय से नहीं आता है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है और स्पष्टीकरण मांगा है।
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