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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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जानें कौन हैं श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास

राम मंदिर आंदोलन के अहम किरदार रहे अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास को राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है। जानें, उनके बारे में:

19 फरवरी 2020

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फैजाबाद

बुधवार, 19 फरवरी 2020

अयोध्या दुष्कर्म कांड: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले- नहीं संभल रही कानून व्यवस्था तो मठ वापस जाएं योगी

यूपी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सोमवार को अयोध्या में दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की और उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ने का वादा किया। लल्लू ने अयोध्या दुष्कर्म पीड़िता की आत्महत्या मामले पर कहा कि हम इस मुद्दे को गंभीरता से सदन में उठाएंगे और न्याय के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़िता की फरियाद के बाद भी अधिकारियो ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर की होती तो पीड़िता आज जीवित होती। बता दें कि बीते शुक्रवार को मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर दुष्कर्म पीड़िता ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी थी।

पीड़िता की मां ने कहा कि दुष्कर्म के बाद अश्लील वीडियो बनाकर परिजनों को ब्लैकमेल करने की शिकायत प्रशासन से की गई थी पर अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर एसएसपी ध्यान देते तो बिटिया बच जाती।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। प्रदेश में जंगलराज है। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। हाल ये है कि अपराधियों में लिप्त सांसद और विधायकों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है। उन्हें गोरखपुर मठ वापस चले जाना चाहिए। मठ उनका इंतजार कर रहा है। प्रदेश में अपराधी बेखौफ हो गए हैं। सरकार अपराधियों का संरक्षण कर रही है।
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रामालय के स्वर्ण-संग्रह-सपर्या अभियान पर कसेगा शिंकजा, रामलला के लिए स्वर्ण दान लेने से ट्रस्टी खफा

विराजमान रामलला का भव्य मंदिर बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अधिकृत किए जाने के बाद भी पुराने ट्रस्टों ने इस निमित्त चंदा-दान लेने का मोह नहीं त्यागा है। अलबत्ता वाराणसी में ज्योतिष पीठाधीश्वर व द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई वाले रामालय ट्रस्ट ने स्वर्ण-संग्रह-सपर्या अभियान शुरू कर दिया है। 

इसके तहत राममंदिर के लिए हर गांव से कम से कम एक ग्राम सोना दान का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को लेकर नवगठित ट्रस्ट के संयोजक ट्रस्टी व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने गलत ठहराया है। आजीवन ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने मामले को नई दिल्ली में 19 फरवरी को ट्रस्ट की होने वाली बैठक में उठाने का एलान किया है। 

अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी। 15 सदस्यीय यह ट्रस्ट 9 नवंबर 2019 को विराजमान रामलला के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बना है। कोर्ट का आदेश था कि %अयोध्या एक्ट की धारा 6 और 7 के तहत केंद्र सरकार फैसले की तारीख से 3 महीने के अंदर बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का गठन करेगी। फिर जमीन ट्रस्ट को दे दी जाएगी। 

मंदिर निर्माण कैसे होगा, यह बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज तय करेगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण से जुड़े हर फैसले लेने का स्वतंत्र रूप से अधिकार है। यह ट्रस्ट श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की सुविधाएं जैसे- अन्नक्षेत्र, किचन, गौशाला, प्रदर्शनी, म्यूजियम और सराय का इंतजाम करने के साथ किसी भी व्यक्ति, संस्था से दान, अनुदान, अचल संपत्ति और सहायता स्वीकार करेगा। 
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रामालय के स्वर्ण दान अभियान का विरोध शुरू

अयोध्या। विराजमान रामलला का भव्य मंदिर बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अधिकृत किए जाने के बाद भी पुराने ट्रस्टों ने इस निमित्त चंदा-दान लेने का मोह नहीं त्यागा है। अलबत्ता वाराणसी में ज्योतिष पीठाधीश्वर व द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की अगुवाई वाले रामालय ट्रस्ट ने स्वर्ण-संग्रह-सपर्या अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत राममंदिर के लिए हर गांव से कम से कम एक ग्राम सोना दान का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को लेकर नवगठित ट्रस्ट के संयोजक ट्रस्टी व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने गलत ठहराया है। आजीवन ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने मामले को नई दिल्ली में 19 फरवरी को ट्रस्ट की होने वाली बैठक में उठाने का एलान किया है।
अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए 5 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी। 15 सदस्यीय यह ट्रस्ट 9 नवंबर 2019 को विराजमान रामलला के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार बना है। कोर्ट का आदेश था कि %अयोध्या एक्ट की धारा 6 और 7 के तहत केंद्र सरकार फैसले की तारीख से 3 महीने के अंदर बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज का गठन करेगी। फिर जमीन ट्रस्ट को दे दी जाएगी। मंदिर निर्माण कैसे होगा, यह बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज तय करेगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण से जुड़े हर फैसले लेने का स्वतंत्र रूप से अधिकार है। यह ट्रस्ट श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की सुविधाएं जैसे- अन्नक्षेत्र, किचन, गौशाला, प्रदर्शनी, म्यूजियम और सराय का इंतजाम करने के साथ किसी भी व्यक्ति, संस्था से दान, अनुदान, अचल संपत्ति और सहायता स्वीकार करेगा।
इस बीच 7 फरवरी को अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वर्ण संग्रह सपर्या अभियान शुरू कर दिया। इसमें विराजमान रामलला के भव्य बालमंदिर के लिए राम-राम ग्राम-ग्राम योजना के तहत प्रत्येक गांव से कम से कम एक ग्राम स्वर्ण संग्रह का लक्ष्य रथा गया है। बकायदा वसूली के लिए 15 स्थान तय करके स्वर्णाधायक नियुक्त किए गए हैं। दान देने वालों को रामालय प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित कर रहा है। अभियान के लिए चार पेज का पंपलेट प्रकाशित किया गया है, जिसके मुख्य पेज पर योतिष पीठाधीश्वर व द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तस्वीर प्रस्तावित स्वर्णालय के सामने पूजा की मुद्रा में है।
स्वर्ण दान अभियान कहीं से गलत नहीं: अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि रामालय ट्रस्ट को जगतगुरु स्वरूपानंद जी ने ढाई दशक पहले ही अयोध्या एक्ट के तहत चारों शंकराचार्य, चारों वैष्णवाचार्य, तेरह अखाड़ा प्रमुखों व अन्य संस्था प्रमुखों को एक साथ मिलाकर किया था। सरकार को नया ट्रस्ट बनाने के बजाय इसी ट्रस्ट को राममंदिर निर्माण का अधिकार देना चाहिए था। सरकार के निर्णय को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी हो रही है। इसके पहले रामलला के लिए 24 फुट चौड़ा, 24 फुट लंबा व 25 फीट ऊंचा मंदिर बनाकर स्वर्ण जड़ित चंदन के सिंहासन पर रामलला को विराजमान किया जाएगा। ताकि मंदिर निर्माम होने तक इसी स्वर्णालय श्रीरामलला में दर्शन-पूजन अनवरत चलता रहे। यह मंदिर लेकर महाराज जी खुद जल्द ही अयोध्या जाएंगे। यह अभियान कहीं से गलत नहीं है। ऑनलाइन स्वर्णदान के लिए क्यूआर कोड भी है। जिसे स्कैन करके लोग दान देने आगे आ रहे हैं।
स्वर्ण संग्रह सपर्या अभियान पूरी तरह अवैधानिक: डॉ मिश्र
फोटो-67
- वाराणसी से कई भक्तों ने रामालय ट्रस्ट की ओर से स्वर्ण संग्रह सपर्या अभियान चलाने की जानकारी दी है। यह पूरी तरह अवैधानिक है। जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रस्ट का गठन हो गया है, तो पुराना ट्रस्ट कैसे चंदा ले सकता है। यह तत्काल रूकना चाहिए। 19 फरवरी को नई दिल्ली में ट्रस्ट की बैठक में मुद्दा उठाएंगे। यह भी मांग होगी कि तीनों पुराने ट्रस्टों की ओर से राममंदिर के लिए एकत्रित दान व संपत्ति को नए ट्रस्ट में फ्रीज किया जाए, ताकि भक्तों की मंशा फलीभूत हो सके।
- डॉ अनिल मिश्र, ट्रस्टी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र
इनसेट
किसी भी पुराने ट्रस्ट को चंदा-दान लेने का औचित्य नहीं: डीएम
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सुप्रीम कोर्ट से रामलला के पक्ष में आदेश आने के बाद से ही किसी भी पुराने ट्रस्ट को चंदा-दान लेने का औचित्य नहीं है। जब सरकार ने नया ट्रस्ट गठित कर दिया है तो रामालय की ओर से स्वर्ण संग्रह अभियान पूरी तरह गलत है। इसे नई दिल्ली में ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी वाराणसी से भी मामले में बात की जाएगी।
- अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी/संयोजक ट्रस्टी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र
न्यास की कार्यशाला में चंदा वसूली बंद
- विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि न्यास की ओर से राममंदिर निर्माण के लिए अब न्यास की कार्यशाला व कारसेवकरपुरम में मंदिर मॉडल के सामने चंदा की रसीदें नहीं कट रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने भी कहा कि न्यास अब चंदा-दान नहीं ले रहा है। मंदिर मॉडल के सामने दान पात्र में भक्तों के दान को सुरक्षित रखा जा रहा है, जिसे नए ट्रस्ट को समर्पित किया जाएगा।
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जानें कौन हैं श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास

कान्हा की नगरी मथुरा से बाल्यकाल में रामनगरी आए नृत्यगोपाल दास कृष्ण व रामभक्ति के अनुपम उदाहरण हैं। वे दोनों नगरी भक्तित्व अनुराग के प्रमुख संत के साथ जहां श्रीरामजन्मभूमि के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के भी अध्यक्ष हैं। राममंदिर आंदोलन में परमहंस के बाद सर्वेसर्वा हैं, छह दिसंबर की घटना से लेकर इसके पहले व बाद के तमाम संघर्षों में कांग्रेस, सपा-बसपा सरकारों में तरह-तरह के उत्पीडन भी झेलने पड़े। लेकिन भक्ति व समर्पण का प्रतिफल रहा कि अब सुप्रीम कोर्ट से रामलला के पक्ष में आए फैसले के बाद राममंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों ने उन्हें बुधवार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोनीत किया है। वे रामलला के भव्य व दिव्य मंदिर का अब सपना साकार करने वाले प्रमुख शिल्पी बन गए हैं। 

राममंदिर आंदोलन में जिन प्रमुख संतों ने अयोध्या में कोर्ट से लेकर सड़क तक संघर्ष किया था, उनमें दिगंबर अखाड़ा के महंत परमहंस रामचंद्र दास के बाद मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास हैं। जन्मभूमि को मुक्त कराने हेतु जन-जागरण के लिए सीतामढ़ी से अयोध्या पहुंची राम-जानकी रथ यात्रा मणिरामदास छावनी में ही रूकी थी। परमहंस कोर्ट में सक्रिय थे तो नृत्यगोपाल आंदोलन के संतों-महंतों व कारसवेकों के लिए साधन-सुविधाएं रात दिन एक उपलब्ध कराते।  

जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी शिवरामाचार्य जी महाराज के द्वारा श्रीराम जन्मभूमि न्यास की स्थापना हुई। दिसंबर 1985 की द्वितीय धर्म संसद उडुपी (कर्नाटक) में परमहंस की अध्यक्षता में निर्णय हुआ, 'यदि 8 मार्च 1986 को महाशिवरात्रि तक रामजन्मभूमि पर लगा ताला नहीं खुला तो महाशिवरात्रि के बाद ताला खोलो आन्दोलन, ताला तोड़ो में बदल जाएगा। 8 मार्च के बाद प्रतिदिन देश के प्रमुख धर्माचार्य इसका नेतृत्व करेंगे। इसी दौरान जब परमहंस रामचन्द्र दास ने 8 मार्च 1986 तक श्रीराम जन्मभूमि का ताला नहीं खुला तो मैं आत्मदाह करूंगा' की घोषणा करके सनसनी फैला दी तो नृत्यगोपाल आंदोलन के प्रमुख कर्ता-धर्ता थे। 

परिणाम यह हुआ कि 1 फरवरी 1986 को ही ताला खुल गया। जनवरी, 1989 में प्रयाग महाकुम्भ के अवसर पर आयोजित तृतीय धर्मसंसद में शिला पूजन एवं शिलान्यास में अहम भूमिका निभाई। इस अभिनव शिलापूजन कार्यक्रम ने सम्पूर्ण विश्व के रामभक्तों को जन्मभूमि के साथ प्रत्यक्ष जोड़ दिया। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष जगद्गुरु रामानन्दाचार्य पूज्य स्वामी शिवरामाचार्य जी महाराज का साकेतवास हो जाने के पश्चात् अप्रैल, 1989 में परमहंस को श्रीराम जन्मभूमि न्यास का कार्याध्यक्ष घोषित किया गया। तब नृत्यगोपाल दास उपाध्यक्ष बने। 

परमहंस की दृढ़ संकल्प शक्ति के परिणामस्वरूप ही निश्चित तिथि, स्थान एवं पूर्व निर्धारित शुभ मुहूर्त 9 नवम्बर 1989 को शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 30 अक्टूबर 1990 की कारसेवा के समय अनेक बाधाओं को पार करते हुए अयोध्या में आए हजारों कारसेवकों का नेतृत्व व मार्गदर्शन देने में नृत्यगोपाल दास की अहम भूमिका रही। 2 नवम्बर 1990 को आशीर्वाद लेकर कारसेवकों ने जन्मभूमि के लिए कूच किया। उस दिन हुए बलिदान के वे स्वयं साक्षी थे। 

अक्टूबर 1982 में दिल्ली की धर्म संसद में 6 दिसम्बर की कारसेवा के निर्णय में मुख्य भूमिका निभाई। स्वयं अपनी आंखों से उस ढांचे को बिखरते हुए देखा था, जिसका स्वप्न वह अनेक वर्षों से अपने मन में संजोए थे। अक्टूबर 2000 में गोवा में केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक, जनवरी, 2002 में अयोध्या से दिल्ली तक की चेतावनी सन्त यात्रा, 27 जनवरी 2002 को प्रधानमंत्री से मिलने गए सन्तों के प्रतिनिधि मण्डल में अहम किरदार थे। 

मार्च 2002 के पूर्णाहुति यज्ञ के समय शिलादान को लेकर भी संघर्ष किया। सितंबर, 2002 को केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की लखनऊ बैठक में गोरक्ष पीठाधीश्वर महन्त अवैद्यनाथ जी महाराज की अध्यक्षता में श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण आन्दोलन उच्चाधिकार समिति का निर्माण हुआ। 26 मार्च 2003 को दिल्ली में आयोजित सत्याग्रह के प्रथम जत्थे का नेतृत्व कर पूज्य परमहंस रामचन्द्र दास के साथ गिरफ्तारी देने वालों में नृत्यगोपाल दास भी थे। 29-30 अप्रैल 2003 को अयोध्या में आयोजित उच्चाधिकार समिति की बैठक में श्रीराम संकल्पसूत्र संकीर्तन कार्यक्रम की योजना का निर्णय हुआ। इसके द्वारा दो लाख गांवों के दो करोड़ रामभक्त प्रत्यक्ष रूप से मन्दिर के साथ सहभागी बनाए गए। 

इसके बाद परमहंस के गोलोकवाली होने पर 2003 में नृत्यगोपाल दास न्यास के अध्यक्ष बने। नृत्यगोपाल दास की अगुवाई में ही राममंदिर के लिए पत्थर तराशी तेज हुई, मंदिर मॉडल में लगने वाले दो लाख घनफुट पत्थर में सवा लाख घनफुट पत्थर तराशे जा चुके हैं। न्यास के पास करोड़ों की भूमि समेत नकदी भी है।  
 
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महंत नृत्यगोपाल दास महंत नृत्यगोपाल दास

अयोध्या में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट, मांस बिक्री पर लगी रोक, आदेश जारी

अयोध्या में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश जारी कर मांस बिक्री पर रोक लगा दी है। उनका कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में मांस नहीं बिकेगा। यह रोक अग्रिम आदेश आने तक रहेगी। बता दें कि कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।



बढ़ने लगी हैं चीनी वस्तुओं की कीमतें
वहीं, राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस का प्रकोप जमाखोरों के लिए कमाई का बहाना बन गया है। ये आवक घटने का हवाला देकर चीनी वस्तुओं की कीमतें बढ़ाने लगे हैं। खासकर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के दाम में 10 से 12 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है।

नाका में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के कारोबारियों ने बताया कि कोरोना वायरस के बहाने चीनी एलईडी की कीमत 600 से 1000 रुपये और स्पीकर की 100 से 300 रुपये बढ़ गई है। मसलन 32 इंच का जो एलईडी अब तक 5700 से 5800 रुपये का बेचते थे, उसे 6400 से 6500 रुपये में बेच रहे हैं।

इसी प्रकार 40 इंच का जो स्मार्ट एलईडी 12,200 से 12,300 रुपये का था, उसकी कीमत 13,200 से 13,300 रुपये हो गई। आर्यानगर के मोबाइल व्यापारी करन ने बताया कि मोबाइल एसेसरीज के दाम 10 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

ब्लूटूथ स्पीकर का अभाव हो गया है। जिन दुकानदारों के पास ये स्पीकर हैं वह 100 से 300 रुपये दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं। उत्तर प्रदेश व्यापारी समन्वय समिति के संयोजक पवन मनोचा ने कहा, दिल्ली के थोक कारोबारियों से चीनी वस्तुओं की सप्लाई होती है। बढ़ी कीमत वहीं से आ रही है।

40 पैसे का मास्क बिक रहा छह रुपये में
वायरस के खौफ की मार प्रदूषण से बचाने वाले मास्क पर भी पड़ी है। एक व्यापारी ने बताया कि ये मास्क थोक में 40 पैसा प्रति खरीद पड़ता था। वर्तमान में इसकी कीमत बढ़कर छह रुपये तक हो चुकी है। राजधानी में जिनके पास इस मास्क का स्टाक है, वह इसे मनमाने दाम पर बेच रहा है।
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निर्मोही अखाड़ा को पूजा अधिकार से लेकर स्वर्ण दान का उठेगा मुद्दा, राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक आज

राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में शामिल होने गए यहां के ट्रस्टियों के पास कई मुद्दे हैं। सबसे बड़ी चुनौती निर्मोही अखाड़े से चुने गए प्रतिनिधि ट्रस्टी दिनेंद्र दास के समक्ष है, उन्हें अखाड़े के छह पंचों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा उठाना है। 

साथ ही निर्मोही अखाड़े को पूजा का अधिकार की मांग करनी है, जबकि डीएम समेत अन्य ट्रस्टियों ने रामालय ट्रस्ट की ओर से वाराणसी में राममंदिर के लिए स्वर्णदान लेने पर रोक समेत राममंदिर बनवाने के नाम पर बने अन्य ट्रस्टों की परिसंपत्तियों को फ्रीज करके उपयोग में लेने का मुद्दा भी उठेगा। 

बुधवार को नई दिल्ली में होने जा रही ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गए निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि अपने छह और सदस्यों को शामिल करने व पूजा-पाठ का अधिकार मांगने के लिए प्रस्ताव रखेंगे। 

बताया कि बैठक में राममंदिर निर्माण की तिथि पर भी चर्चा होनी तय है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र व आफियो ट्रस्टी डीएम अनुज कुमार झा ने रामालट ट्रस्ट की ओर से स्वर्ण दान अभियान के खिलाफ मुद्दा उठाने की बात कही है। 
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मंदिर निर्माण के चलते राम लला की मूर्तियों को किया जाएगा स्थानांतरित

राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू होने की वजह से अब राम लला की मूर्तियों को अस्थाई मंदिर के गर्भगृह से दूसरी जगह स्थापित किया जाएगा। यह जानकारी राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी ने मंगलवार को दी।

पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि मूर्तियों को अस्थाई मंदिर से 200 मीटर दूर एक जगह पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण गर्भगृह से शुरू होगा। मुख्य पुजारी ने कहा कि राम लला की मूर्तियों को स्थानांतरित करने के लिए कुछ इंजीनियरों ने भूमि की माप की है, हालांकि मैं उनसे नहीं मिला। 

मूर्तियों को स्थानांतरित किया जाएगा और अस्थायी रूप से मानस भवन की ओर स्थापित किया जाएगा। अयोध्या मामले में टाइटल सूट के पक्षकार त्रिलोकी नाथ पाण्डेय ने कहा कि गर्भगृह का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियों को उनके मूल स्थान पर वापस लाया जाएगा।
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हाईस्कूल की परीक्षा देने जा रहे छात्र की हादसे में मौत, एक गंभीर

फाइल फोटो
हनुमतनगर। पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कोडरी चौराहा पर मंगलवार सुबह हाईस्कूल की परीक्षा देने जा रहे बाइक सवार तीन छात्रों को ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी। हादसे में एक छात्र की मौत हो गई। जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं एक अन्य मामूली रूप से घायल हो गया।
पूराकलंदर के डाभासेमर मजरे गोपालपुर गांव निवासी मंजीत कुमार (16) पुत्र हजारीलाल व विकास पुत्र वनवारी स्वर्ण जयंती इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के छात्र हैं, जिसका सेंटर ग्रामोदय इंटर कॉलेज रामपुर सरधा में था।
मंगलवार सुबह करीब 6 बजे दोनों मंजीत के भाई मिथुन के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर परीक्षा देने जा रहे थे। जैसे ही वे जब जमूरतगंज-बिल्वहरी घाट मार्ग पर स्थित कोडरी चौराहे पहुंचे, उसी दौरान सामने से ईंट लेकर आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे में मंजीत व विकास गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मिथुन को हल्की चोटें आईं हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मंजीत को मृत घोषित कर दिया। घायल विकास का इलाज चल रहा है, जबकि मिथुन को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया।
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राममंदिर निर्माण में अब कोई रोड़ा नहीं होगा बर्दाश्त

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टियों को मंदिर के लिए दी गई 67 एकड़ जमीन में से 4/5 एकड़ पर कब्रगाह का दावा करने संबंधी लिखे पत्र पर संत-धर्माचार्यों ने एतराज जताया है। ट्रस्टियों ने भी पत्र को शरारत पूर्ण व भावना को भड़काने वाला ठहराया।
रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास ने कहा कि अयोध्या ने बहुत आक्रमण झेला है। अब राममंदिर के घंटा-घड़ियाल की आवाज से यहां मुगलों की ओर से किए गए पाप का नाश होगा। ट्रस्टी व निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि मुगलों ने जबरन मंदिर तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया, यहां कहीं कब्र नहीं देखी गई। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों से सबको सावधान रहने की जरूरत है।
मुस्लिमों द्वारा पत्र भेजे जाने पर अयोध्या के संत समाज में नाराजगी है। संत समाज का कहना है कि अयोध्या का कण-कण पवित्र है। मुसलमान अंधविश्वास पैदा करने का षड़यंत्र कर रहे हैं। दूसरी तरफ पत्र भेजने वाले मोहम्मद आजम का कहना है कि राममंदिर और बाबरी मस्जिद का पुराना मामला था। इस पर फैसला आया और सभी ने इसको मान लिया।
1993 में सुरक्षा की दृष्टि से जमीनों का अधिग्रहण हुआ था यह बात सदन में भी कही गई थी कि फैसला आने के बाद जिनकी जमीनें हैं उनको वापस कर दी जाएंगी। फैसला आ चुका है और अब उस जमीन पर मंदिर बनना है। हम नहीं चाहते हैं कि सनातन धर्म के हिंदू भाई श्रीरामचंद्र जी का मंदिर ऐसे स्थान पर बनाएं जिस पर कोई विवाद हो।
हमने पत्र लिखकर यह मांग की है कि नजूल विभाग में जितने भी कब्रिस्तान दर्ज हैं, उन सभी को रिलीज कर दिया जाए। अधिग्रहण में शामिल मंदिरों को रिलीज करने की बात कही गई है। उसी तर्ज पर कब्रिस्तान भी रिलीज कर हम लोगों को हैंडओवर कर दिया जाए। यह आग्रह हमने ट्रस्ट के लोगों से किया है। श्री राम का भव्य मंदिर बनने का समय आया है। अब ऐसा कोई काम न करें जिससे कि कोई उसमें दाग लगे, यह आग्रह है।
बाबरी मामले के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि मेरे वकील शमशाद के माध्यम से एक पत्र श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दिया गया है। कहा कि मंदिर की 67 एकड़ जमीन में से 4/5 एकड़ पर कब्रगाह है। 1949 से 1992 तक उस जगह का दूसरे तरह से इस्तेमाल हो रहा था। ट्रस्टी विचार करें कि क्या मंदिर का निर्माण कब्रगाह पर हो सकता है। हाजी ने बताया कि आज की तारीख में भले ही वहां कब्र न दिखाई दे, लेकिन वह कब्रगाह है।
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने साफ कहा है कि मुस्लिम समाज द्वारा जो पत्र ट्रस्टियों को लिखा गया है उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है, जिसने लिखा वह जाने। मैं बस इतनी बात कहूंगा कि अब अयोध्या विकास की ओर है। अब और विवाद नहीं होना चाहिए। हमारी मांग है कि अयोध्या नगरी में मुस्लिम समाज की जो विरासत धरोहर है उसे भी सहेजा जाए। मस्जिदों, मजारों, कब्रगाह का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कड़े शब्दों में इसका विरोध करते हुए कहा कि पूरे अधिग्रहित क्षेत्र में न कहीं कोई कब्रिस्तान है न ही मुस्लिम समाज का वहां पर कोई कब्जा था। लोअर कोर्ट में इसकी बहस भी हो चुकी है। सनातन धर्म की मान्यता है कि जहां पर पूजा-अर्चना होती है घंटा घड़ियाल बजते हैं। शंखनाद होता है, वह स्थल पवित्र होता है। इंच-इंच जमीन भगवान राम की है। मुस्लिम समाज इसमें अड़ंगा लगाने का षड़यंत्र कर रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि हमने उस भूमि पर कभी कोई कब्र नहीं देखी। हमारे बुजुर्ग भी बताते रहे कि मुगलों ने जबरन मंदिर तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया, हमेशा मंदिर ही रहा है। 1934 से मुसलमान कभी अधिग्रहीत क्षेत्र में गए ही नहीं। कब्रिस्तान होने की बात झूठी एवं निराधार है। राममंदिर निर्माण में रोड़ा डालने का प्रयास है, अयोध्या की रज-रज पवित्र है, मुस्लिम समाज हमारी भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहा है।
संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने कहा कि वहां कोई कब्र नहीं थी। काल्पनिक कब्र बनाकर अयोध्या की भूमि को अपवित्र करने का प्रयास कुंठित लोगों द्वारा किया जा रहा है। रामलला की भूमि पवित्र है। मुसलमानों ने नया शिगूफा छोड़ा है। अंधविश्वास पैदा करने का षड़यंत्र किया जा रहा है। अयोध्या की सारी भूमि पवित्र है राममंदिर बनने पर स्वत: और पवित्र हो जाएगी। राममंदिर निर्माण में अब कोई रोड़ा बर्दाश्त नहीं होगा।
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्ण भूमि रामलला की मान ली है, जब इसको स्वीकार कर लिया है और फैसला भी दे दिया है। तब कब्रिस्तान की बात करना भ्रम की स्थिति पैदा करना है साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट की मुस्लिम समाज अवमानना कर रहा है।
कभी मलबे की मांग, कभी कब्रिस्तान की बात कहकर मुस्लिम समाज हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है। यह सिर्फ दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण की राह में रोड़ा अटकाने का प्रयास है।
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बगैर लाइसेंस का मेडिकल स्टोर किया सीज

मवई। क्षेत्र के चकपुरवा में मंगलवार को छापामार बिना लाइसेंस के चल रहे एक मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया गया। इस दौरान अधिकारियों ने करीब 60 हजार रुपये की दवा भी सील की गईं। साथ ही दो संदिग्ध दवाओं का नमूना भी भरा। कार्रवाई से मवई इलाके के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया।
सहायक आयुक्त औषधि अयोध्या मंडल एसके चौरसिया व औषधि निरीक्षक अयोध्या प्रबोध रस्तोगी, औषधि निरीक्षक बाराबंकी सुमित वर्मा की संयुक्त टीम ने छापामारी की। औषधि निरीक्षक प्रबोध रस्तोगी ने बताया कि मवई थाना क्षेत्र स्थित चकपुरवा चौराहा पर स्थित श्याम मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया।
मौके पर फर्म के प्रो. श्याम बिहारी के पास से लगभग 60 हजार रुपये की औषधियों को सीज कर दिया गया। बताया कि छापामारी में मौके पर दो संदिग्ध मानव औषधियों के एवं एक वेटेनरी औषधि का नमूना भरा गया है।
वहीं, कार्रवाई की भनक लगते ही स्थानीय बाजारों में चल रहे मेडिकल स्टोर संचालकों में अफरातफरी मच गई। जब तक टीम अन्य दुकानों पर पहुंचती आसपास के दुकानों के शटर गिर गए।
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योगी बजट से फिर निहाल हुई अयोध्या, मिले 595 करोड़

अयोध्या। योगी सरकार के चौथे बजट में भी रामनगरी के विकास के लिए पिटारा खुला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के विकसित किए जा रहे श्रीरामचंद्र एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद को 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि राममंदिर बनने के साथ उच्चस्तरीय पर्यटन सुविधाओं पर 85 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
साथ ही अयोध्या में नौ हैरिटेज होटल समेत रेस्त्रां खोलने में उत्तर-प्रदेश पर्यटन नीति के तहत 50 करोड़ के प्रावधान से अब तेजी आने की उम्मीद है। बीते दिनों यहां आए मुख्यमंत्री ने तुलसी स्मारक भवन को हाईटेक करने की घोषणा की थी। बजट में इसके लिए भी अलग से 10 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
योगी सरकार ने अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए बजट में पांच सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। बजट में धन आवंटन से अब इसके काम में और तेजी आएगी। अब तक जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए लगभग 161 करोड़ रुपये की जमीन खरीद ली है। अयोध्या के प्रस्तावित एयरपोर्ट को रामनवमी 2021 तक तैयार किए जाने का लक्ष्य है।
इसके लिए प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट के आसपास के तीन गांवों जनौरा, गंजा और धर्मपुर सहादत की लगभग 106 हेक्येटर जमीन को चिह्नित किया था। पहले चरण में जनौरा और गंजा की जमीनों की किसानों से रजिस्ट्री कराई जा रही है। किसानों को दिए जाने वाले पैसे और रजिस्ट्री खर्च के साथ जमीन की खरीद पर लगभग साढ़े छह सौ करोड़ के खर्च का अनुमान है।
बजट में अब धन आवंटन से अयोध्या के एयरपोर्ट को लेकर योगी सरकार की गंभीरता दिखती है। बजट में जिले पर उपलब्ध सवा पांच सौ करोड़ के अतिरिक्त एयरपोर्ट के लिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे जमीन खरीद के साथ अन्य कार्यों में खासी तेजी आएगी। जमीन के मद में लगभग साढ़े छह सौ करोड़ खर्च के अलावा भी लगभग पौने चार सौ करोड़ रुपये से दूसरे कार्य होने की संभावना है।
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अव्यवस्था के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, सीसीटीवी से हुई निगरानी

अव्यवस्था के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, सीसीटीवी से हुई निगरानी
कई कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे, लिपिकों के सहारे हुई परीक्षा
फोटो नंबर-44, 45, 17 से 20
अयोध्या। यूपी बोर्ड हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा मंगलवार को अव्यवस्था के बीच शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों पर कई कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे तो लिपिकों के सहारे परीक्षा कराई गई। कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी आवंटन में भी खामी दिखी। परीक्षा की निगरानी सीसीटीवी से की गई। वित्त विहीन विद्यालयों के कई शिक्षकों ने भी परीक्षा के लिए अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज कराई। इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश जारी किया है। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस तैनात रही।
जाना बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक कक्ष निरीक्षक के लिए प्राथमिक अध्यापकों की कमी दिखाई दी। क्षेत्र के एसए इंटर कॉलेज खपराडीह के केंद्र व्यवस्थापक व विद्यालय के प्रधानाचार्य शमशेर सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्तर के 10 में से चार कक्ष निरीक्षण ही उपस्थित रहे। सुमित्रा बालिका इंटर कॉलेज हैदरगंज केंद्र व्यवस्थापक इंद्रजीत यादव ने बताया कि कक्ष निरीक्षक के लिए 16 में से 8 प्राथमिक शिक्षक ही पहुंचे।
खंडासा प्रतिनिधि के मुताबिक अव्यवस्था के बीच मंगलवार को हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा निपटी। विभिन्न विद्यालयों में विद्यालय के अध्यापक, लिपिक और चपरासी के सहारे परीक्षा हुई। जहां 40 छात्र पर दो कक्ष निरीक्षक की तैनाती होनी थी, एक अध्यापक से ड्यूटी कराई गई। परिषदीय विद्यालयों से बोर्ड परीक्षा के लिए एक भी अध्यापक खंड शिक्षा अधिकारी अमानीगंज से रिलीव नहीं किए गए, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से बीएसए को पत्र भेजकर हर परीक्षा केंद्र पर 16-16 अध्यापक की ड्यूटी लगाई गई है। शिवपुरी इंटर कॉलेज, जय अबला जगजीवन इंटर कॉलेज, राष्ट्रीय विद्या पीठ इंटर कॉलेज, राम चरन इंटर कॉलेज, राम जानकी इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक से बात की गई तो बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को अध्यापक के लिए मांग पत्र भेजा गया है लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा एक भी अध्यापक रिलीव नहीं किए गए। विद्यालय के अध्यापक और लिपिक के सहारे परीक्षा संपन्न करा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अमानीगंज से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन बंद मिला।
सोहावल प्रतिनिधि के मुताबिक पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की कमी रही। कॉलेज के लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा। क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों में अति संवेदनशील घोषित आरडी इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक ने बताया परिषदीय विद्यालयों से कक्ष निरीक्षण के लिए चार अध्यापकों को आना था एक भी अध्यापक समय पर नहीं पहुंचा। लिपिक से निरीक्षण कराना पड़ा।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की कमी के चलते केंद्र व्यवस्थापकों को कठिनाइयों हुई। किसी तरह परीक्षा कराई गई प्रथम पाली में हाई स्कूल के छात्रों की हिंदी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। देव विद्यालय इंटर कॉलेज तरौली के केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि 311 छात्र नामांकित थे। जिनमें 18 छात्र अनुपस्थित रहे। केदारनाथ शुक्ला इंटर कॉलेज अगरवा में 233 नामांकित छात्रों में नौ परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। मनीराम इंटर कॉलेज मजनाई में 335 नामांकित परीक्षार्थियों में 20 अनुपस्थित रहे। आजाद इंटर कॉलेज पलिया जगमोहन सिंह में 21 ने परीक्षा छोड़ी। महाराजी इंटर कॉलेज अघियारी में 424 नामांकित छात्रों में 28 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
बलदेव विद्यापीठ इंटर कॉलेज सेवरा केंद्र व्यवस्थापक संजीव कुमार ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। लेकिन परीक्षा केंद्रों पर लगे कक्ष निरीक्षक के तौर पर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक ड्यूटी करने बहुत कम आए।
बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी की नजर में बोर्ड परीक्षा शुरू हुई। प्रशिक्षु आईएएस उप जिलाधिकारी जयेंद्र कुमार व सीओ वीरेंद्र विक्रम ने द्वितीय पाली की परीक्षा में राज माधव श्री इंटर कॉलेज जलालपुर माफी, भारती इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज रामदासपुर मझौली सहित आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
इनसेट...
-एडेड स्कूलों के जिन शिक्षकों ने परीक्षा केंद्रों पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। उनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रबंधकों को नोटिस जारी किया गया है। यदि यह शिक्षक शीघ्र ही कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरबीएस चौहान, डीआईओएस
कोट
परिषदीय परीक्षा के बाद ही कक्ष निरीक्षक बन सकते
खंड शिक्षा अधिकारी सियाराम वर्मा ने बताया बुधवार को होने वाली अपनी परिषदीय परीक्षा के बाद ही कक्ष निरीक्षण में लगाए गए अध्यापकों को मुक्त किया जा सकता है। बोर्ड की परीक्षा अवधि में शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होना है। 25 फरवरी तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में परिषदीय विद्यालय के ही शिक्षक भाग लेंगे। इसलिए मांग के हिसाब से परिषदीय अध्यापकों को कक्ष निरीक्षण के लिए भेज पाना संभव ही नहीं है।
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मंडल में 13 हजार ने छोड़ी परीक्षा, एक नकलची पकड़ा
अयोध्या। बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को प्रथम पाली में हाई स्कूल की हिंदी/प्रारंभिक हिंदी और द्वितीय पाली में इंटर की हिंदी/सामान्य हिंदी की परीक्षा संपन्न हुई। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान अंबेडकरनगर के अशोक स्मारक इंटर कॉलेज अकबरपुर परीक्षा केन्द्र पर कक्ष निरीक्षक ने हाई स्कूल का संस्थागत परीक्षार्थी (बालक) अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया। प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान ही संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने सचल दल के साथ अयोध्या के राज माधव इंटर कालेज बीकापुर, टींएनइण्टर कालेज भरहूखाता चौरे बाजार और सुलतानपुर के जनता इंटर कॉलेज कूरेभार, रामरती इंटर कॉलेज द्वारिकागंज, केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रामकली बालिका इंटर कॉलेज एवं राजकीय इंटर कॉलेज में स्थापित जनपदीय कंट्रोल रूम और द्वितीय पाली में श्रीसिंहराय इंटर कॉलेज, भाले सुलतानपुर हलियापुर, जनपद अमेठी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौरीगंज परीक्षा केन्द्र व जनपदीय कंट्रोल रूम, एंग्लो हिंदुस्तानी इंटर कॉलेज मुसाफिरखाना, जगन्नाथ बक्स इंटर कॉलेज अलीनगर, स्व. बीएन सिंह इका थौरी और अयोध्या के राष्ट्रीय विद्यापीठ इका. पिठला परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण किया। केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा निर्देश भी दिए।
मंडलीय कंट्रोल रूम प्रेस सेल प्रभारी राजेश कुमार शुक्ल के मुताबिक हाई स्कूल के अनिवार्य विषय हिंदी की परीक्षा से अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों की कुल संख्या अयोध्या मंडल में 13 हजार 189 रही। इसमें सर्वाधिक अनुपस्थिति जनपद अयोध्या में 3177, अंबेडकरनगर में 3017, सुलतानपुर में 2939, बाराबंकी में 2405 और अमेठी में सबसे कम 1651 रही।
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अयोध्या में राम मंदिर के साथ बौद्ध मंदिर भी बनें : रामदास अठावले

अयोध्या। अयोध्या गौतम बुद्ध की विचारधारा का केंद्र भी रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के साथ बौद्ध मंदिर भी बनना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर जमीन की मांग करेंगे। अगर सरकार की ओर से जमीन नहीं मिलती तो बौद्धिष्ट लोग जमीन की व्यवस्था कर बौद्ध मंदिर का निर्माण कराएंगे। यह कहना है केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले का। वह मंगलवार को अयोध्या आए हुए थे।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नागरिक संशोधन कानून भारत में रह रहे मुसलमानों के विरोध में नहीं है। यह कानून सिर्फ उनके लिए जो अल्पसंख्यक अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान में निवास करते हैं या फिर भारत में आ चुके हैं। इसके तहत उन्हीं को नागरिकता दी जाएगी।
यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका यहां के मुसलमानों को सपोर्ट करने की है। मुस्लिम समाज को इस कानून को लेकर सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। कहा कि सपा, बसपा व कांग्रेस के लोग भी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुए हैं। इससे उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में मजबूत होगी।
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