कोरोना का कहर : रामोत्सव में न शोभायात्रा निकलेगी न जुटेगी भीड़

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 18 Mar 2020 10:57 PM IST
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अयोध्या। कोरोना वायरस को लेकर विहिप के अति उत्साही रामोत्सव कार्यक्रम पर भी असर पड़ा है। विहिप ने इसके चलते रामोत्सव के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया है। अब रामोत्सव में न तो किसी प्रकार की शोभायात्रा निकाली जाएगी और न ही भीड़ जुटेगी।
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यूपी के 50 हजार घरों व देश के तीन लाखा गांवों में अब मर्यादित ढंग से रामोत्सव मनेगा। विहिप के प्रदेश संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने केंद्रीय टोली के निर्देश पर देशभर के जिलों को परिवर्तित कार्यक्रम का संदेश भी भेज दिया है। रामोत्सव पूरे देश में 25 मार्च चैत्र प्रतिपदा से 8 अप्रैल हनुमान जयंती तक मनाया जाएगा।
श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का फैसला आने के बाद विहिप का मकसद पूरे देश के लोगों को राममंदिर निर्माण से जोड़ना है। इसके लिए विहिप ने पूरे देश में रामोत्सव के आयोजन का खाका तैयार किया था। रामोत्सव के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की तैयारी पूरी हो चुकी है।
इसी बीच कोरोना वायरस जैसे महामारी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में कुछ परिवर्तन किया गया है। अब परिषद के द्वारा रामोत्सव में किसी भी प्रकार की शोभायात्रा, जुलूस न निकालने का निर्णय लिया गया है।
मर्यादित संख्या में गोष्ठियां कर उसमें राममंदिर निर्माण का विषय उठाया जाएगा। सामूहिक आरती के कार्यक्रम संपन्न होंगे। घरों मेें भगवाध्वज लगाकर देश भर में धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से रामोत्सव के कार्यक्रम को राममय बनाने की योजना है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा बताते हैं कि कोरोना के चलते विहिप के रामोत्सव कार्यक्रम का स्वरूप बदला है।
किसी प्रकार की शोभायात्रा या रथयात्रा विश्व हिंदू परिषद के बैनर से निकाला जाना या ऐसी किसी और संस्था शोभायात्रा को प्रोत्साहित करना ठीक नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में रामजी के मंदिर के मॉडल का चित्र और स्टीकर अधिकतम स्थानों पर पहुंचाने का लक्ष्य है। जगह-जगह अनुष्ठानों के क्रम में हनुमान चालीसा, नवाह पारायण, मानस पाठ आदि के कार्यक्रम किए जाएंगे।
कोरोना को देखते हुए लोगों को जागरूक करने का भी काम किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि रामोत्सव में ज्यादा से ज्यादा हवन-पूजन व अनुष्ठान हों। रामोत्सव के लिए ग्राम महोत्सव समितियां बनाई गईं हैं। गांव-गांव में बैठकों के माध्यम से लोगों से जनसंपर्क किया जा रहा है। विहिप की कोशिश रामोत्सव के माध्यम से ग्राम समितियां बनाकर राम की मूर्ति स्थापित करने और उसकी पूजा करवाकर पूरे देश में राममय माहौल बनाने की है।
जगह-जगह गोष्ठियों में होगी राममंदिर आंदोलन की चर्चा और कारसेवकों का सम्मान
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा बताते हैं कि रामोत्सव के आयोजन में जगह-जगह गोष्ठियां कर राममंदिर आंदोलन की चर्चा की जाएगी। गोष्ठियों में कारसेवकों का सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले कारसेवकों को गांव-गांव सूचीबद्ध किया जा रहा है। रामोत्सव के लिए इन कारसेवकों को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही गोष्ठियों के माध्यम से युवा पीढ़ी को राममंदिर आंदोलन से भी अवगत कराया जाएगा। लोगों को राममंदिर निर्माण से जोड़ने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा। जो राममंदिर निर्माण के दौरान अयोध्या नहीं पहुंच सकते हैं वे राममंदिर के लिए कम से कम 10 रुपये दान देकर अपना योगदान निभाएं इस हेतु लोगों को उत्साहित करने की तैयारी है।
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