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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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IPS बनी गोरखपुर की बेटी एमन, सीएम योगी ने मुस्लिम लड़कियों के लिए बताया रोल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की ऐमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं।

10 दिसंबर 2019

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गोंडा

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

गोरखपुर व लखनऊ की तर्ज पर बनेगा गोंडा स्टेशन

गोंडा। मई 2020 तक गोंडा रेलवे स्टेशन व यार्ड गोरखपुर लखनऊ के तर्ज पर बनकर तैयार हो जाएगा। यह बात रविवार को पूर्वोत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक अमित अग्रवाल ने अमर उजाला से वार्ता के दौरान कही।
अपर महाप्रबंधक ने रविवार को निरीक्षणयान से गोरखपुर से गोंडा रेलवे स्टेशन के बीच में पड़ने वाले सभी छोटे व बड़े स्टेशनों का निरीक्षण किया। अपर महाप्रबंधक गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचकर सर्वप्रथम उन्होंने यहां बंन रहे 33 केवी का पावर हाउस को देखा। उसके बाद यार्ड में बन रहे नए प्लेटफार्म व सेंट्रल पैनल का भी निरीक्षण किया।
अपर महाप्रबंधक ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिशा निर्देश दिये कि समय पर सभी निर्माण कार्य को पूरा करें। रेलवे राजस्व को बढ़ाने के लिए कई टिप्स दिये। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की निर्देश दिया।
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पांच लाख अन्नदाता पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित

गोंडा। देवीपाटन मंडल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत किस्त दर किस्त लाभार्थी घट गए। मंडल में 10 लाख किसानों को पहली किस्त दी गई, वहीं चौथी किस्त में सिर्फ एक लाख 32 हजार किसानों को इस योजना में भुगतान किया गया। किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकरण के दौरान हुई त्रुटि का खामियाजा मंडल के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खतौनी व आधार से नाम मिलान न होने व पंजीकरण न हो पाने के कारण मंडल के करीब पांच लाख किसानों को इस योजना में लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की। फरवरी 2019 के केंद्रीय बजट के दौरान मोदी सरकार ने इस योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत साल में तीन किस्तों में छह हजार रुपये भुगतान किया जाना है। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में अब तक 10 लाख किसानों को इस योजना के तहत लाभ दिया जा चुका है। गोंडा में चार लाख 71 हजार किसानों का पंजीकरण किया गया जिसमें से पहली किस्त तीन लाख 50 हजार, दूसरी किस्त तीन लाख 10 हजार, तीसरी क़िस्त दो लाख 70 हजार व चौथी किस्त केवल 65 हजार किसानों को भुगतान किया गया है।
बलरामपुर जिले में पहली किस्त दो लाख, दूसरी किस्त एक लाख 95 हजार, तीसरी एक लाख 62 हजार व चौथी किस्त 37 हजार किसानों को दी गई है। बहराइच जिलें में पहली किस्त तीन लाख 29 हजार, दूसरी किस्त दो लाख 87 हजार, तीसरी किस्त दो लाख 39 हजार व चौथी क़िस्त 19 हजार किसानों को दिया गया है। श्रावस्ती जिले में पहली किस्त एक लाख 12 हजार, दूसरी क़िस्त 95 हजार, तीसरी क़िस्त 78 हजार व चौथी क़िस्त 10 हजार किसानों को भुगतान किया गया।
मंडल के चारों जिले में पहली किस्त नौ लाख 95 हजार किसानों दी गई, लेकिन चौथी किस्त अभी एक लाख 32 हजार किसानों को दी गई है। इस योजना में किस्त दर किस्त लाभार्थी घटते चले गए। लाभार्थी किसानों का डाटा सही न होने के कारण लाभ नहीं दिया जा रहा है। किसी किसान का खाता नंबर, आईएफएससी कोड, आधार, खतौनी में नाम गलत होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल सका। डाटा में त्रुटि होने व किसानों का अभी पंजीकरण न होने के कारण मंडल के चारों जिले में करीब पांच लाख किसान योजना से वंचित हो गए हैं।
आधार व खतौनी में नाम मिलान न होने से रोक दी गई किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में शुरू में किसानों को तो पहली किस्त का भुगतान कर दिया गया, लेकिन बाद में आधार, खतौनी व बैंक पासबुक में नाम में अंतर होने के कारण आगे की किस्त रोक दी गई। डाटा फीडिंग में खतौनी के मुताबिक नाम फीड किया गया, लेकिन आधार से नाम नहीं मिलाया गया। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी दी जा रही है। उपकृषि निदेशक के यहां त्रुटि सुधारने का आवेदन भी लिया जा रहा है।
गोंडा में एक लाख किसानों को नहीं मिली एक भी किस्त
प्रधानमंत्री सम्मान निधि में तहसील प्रशासन ने लेखपाल के माध्यम से किसानों से आवेदन लिया और उसका सत्यापन कर किसानों का पंजीकरण कराया। जिन किसानों का डाटा पहले से कृषि विभाग के पास मौजूद था उन किसानों का डाटा भी सत्यापन कराया, लेकिन वेवसाइट पर डाटा फीडिंग के दौरान त्रुटि कर दी जिससे इस योजना से गोंडा जिले में एक लाख किसान को एक क़िस्त भी नहीं मिली। बेलसर ब्लॉक के जफरापुर निवासी किसान वीरेंद्र सिंह का बैंक खाता सही है, लेकिन आईएफएससी कोड गलत अंकित है जिससे इन्हें इस योजना में एक भी क़िस्त नहीं मिली।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण के दौरान डाटा में हुई त्रुटि के कारण अगली किस्त का भुगतान शासन ने रोक दिया है। जिन किसानों ने त्रुटि सुधारने का आवेदन किया है, उनका सुधार कराया जा रहा है। जो किसान बच गए हैं वो किसी भी कार्यालय दिवस में आधार, खतौनी व बैंक पास बुक के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। -मुकुल तिवारी, उप कृषि निदेशक
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फसरों की ढिलाई पर विधायक ने सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

गोंडा। शहर के विकास की चिंता जताते हुए सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने अफसरों को जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया पर विधायक की पोस्ट चर्चा में है। फेसबुक पर विधायक ने सीवर लाइन का प्रस्ताव अमृत योजना में न भेजे जाने पर चिंता जताई है। इसके अलावा उन्होंने जिलाधिकारी और नगर पालिका परिषद के ईओ पर निशाना साधते हुए प्रस्ताव न भेजने की बात कही है।
फेसबुक पर विधायक ने लिख है कि चेतना पार्क के लिए चार करोड और गोवर्धन मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए 11 करोड़ के प्रस्ताव में 90 फसीदी कटौती कर शासन को भेजे जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह जिले के लिए दुर्भाग्य की बात है। वहीं फेसबुक पर विधायक की टिप्पणी पर अधिकारियों ने खामोशी साध ली है।
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22 हजार बेटियों को हक दिलाने में लापरवाही

गोंडा। बेटियों को शिक्षा के लिए सहायता देने के लिए प्रदेश की योगी सरकार की कन्या सुमंगला योजना जिले में आगे नहीं बढ़ रही है। हाल यह है कि 499 इंटर व हाईस्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाली 22168 बेटियों को योजना का लाभ कॉलेज के प्रधानाचार्यों की लापरवाही से नहीं मिल पा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग एक महीने से कक्षा नौ में पढ़ने वाली बेटियों की संख्या जारी कर कॉलेजों से सत्यापन व अध्ययन का प्रमाण पत्र मांग रहा है, लेकिन कालेज के जिम्मेदार आंखें फेरे हुए हैं।
कन्या सुमंगला योजना से बेटियों को छह चरणों में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी है। इसके लिए आवेदनों का सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों को करना है। करीब 2672 आवेदनों का सत्यापन होने में देरी हो रही है। जिलाधिकारी की हिदायत के बाद भी तेजी नहीं आई है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा के 499 कॉलेजों में कक्षा नौ में पढ़ने वाली 22168 छात्राओं के अध्ययन प्रमाण पत्र के साथ ही उनमें पात्रों का आवेदन स्कूलों को कराना है। इसके लिए जिलाधिकारी ने कई बार निर्देश दिए और जिला विद्यालय निरीक्षक ने बैठक कर समीक्षा की। उनकी बैठक में ही 383 स्कूलों के प्रधानाचार्य नहीं आए। इससे योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। अब स्कूलों के प्रधानाचार्य को नोटिस तो दी गई है, लेकिन योजना को लेकर स्कूलों के जिम्मेदार गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इससे बेटियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिलाधिकारी की चेतावनी का भी नहीं दिखा असर
जिलाधिकारी ने कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा में लापरवाही पर चार खण्ड शिक्षा अधिकारियों को वेतन रोकने के साथ सभी को चेतावनी बीते दिनों दी थी। जनपद में खण्ड शिक्षा अधिकारियों के स्तर पर 1195 तथा खंड विकास अधिकारियों के स्तर पर 810 आवेदन लंबित हैं। लंबित आवेदनों पर कार्रवाई न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और सत्यापन में तेजी लाने की हिदायत दी। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि अब तक जिले में कुल 2672 आवेदन ऑनलाइन किए गए हैं। इसके बाद भी सुधार नहीं दिख रहा है।
छह चरणों में बेटियों को शिक्षा के लिए मिलने हैं 15 हजार रुपये
बेटी के जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक सरकार उसे छह चरणों में 15 हजार की धनराशि देने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करना है। कन्या भ्रूण हत्या, असमान लैंगिक अनुपात तथा बाल विवाह से मुक्ति के लिए ही बालिका को स्वावलंबी बनाने और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने में यह योजना अत्यंत कारगर साबित होगी। इस योजना में बेटी के जन्म से उसकी परवरिश और शिक्षा ग्रहण करने तक का खर्चा सरकार उठाएगी।
सरकार निर्धारित धनराशि बेटी के नाम से छह चरणों में एकमुश्त उपलब्ध कराएगी। एक ही परिवार की अधिकतम दो बेटियों के जन्म पर ही लाभ मिल सकेगा। योजना का लाभ एक अप्रैल 2019 से जन्म लेने वाली बेटियों को मिलेगा। पहले चरण में जन्म पर दो हजार रूपए, दूसरे चरण में एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण पर एक हजार, तीसरे चरण में कक्षा एक में प्रवेश पर दो हजार रुपये, चौथे चरण में कक्षा छह में बालिका के प्रवेश पर दो हजार रुपये, पांचवे चरण में कक्षा नौ में प्रवेश के बाद तीन हजार रुपये तथा छठें और अंतिम चरण में 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक व दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश पर पांच हजार रुपये की राशि मिलेगी।
कन्या सुमंगला योजना में अधिक से अधिक बेटियों को लाभ देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई शुरू होगी। -डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी
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दो साल से 44 शिक्षक व कर्मियों को नहीं मिल रहा वेतन

गोंडा। माध्यमिक शिक्षा के 44 शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन एक शिकायत पर फरवरी 2018 से रुका है। आयुक्त स्तर से जांच के बाद भी वेतन जारी नहीं हो पाया है। वेतन न मिलने से 44 शिक्षकों व कर्मियों का परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है और अब वेतन की मांग के लिए आंदोलन की राह पकड़ ली है। जिला विद्यालय निरीक्षक दफ्तर पर शिक्षकों ने सोमवार को धरना दिया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा। मांग किया कि बकाए का भुगतान किया जाए। इसके अलावा कई अन्य समस्याओं पर भी बात रखी।
एपी इंटर कॉलेज मनकापुर समेत कुछ और कॉलेज में कार्य रहे शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन वर्ष 2018 में ही रोक दिया गया। इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री विनय शुक्ल ने ही की थी। उनकी शिकायत पर तत्कालीन आयुक्त ने जांच कमेटी बनाई और डीआईओएस ने मामले को विवादित मानते हुए वेतन रोक दिया। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है।
सोमवार को धरने में शिक्षक नेता विनय शुक्ल पहुंचे और उन्होंने माना कि वेतन वित्तीय सहमति के बाद मिल रहा था, उन्होंने शिकायत सिर्फ नियुक्ति में अभिलेख के संबंध में किया था। फिर उन्होंने भी वेतन दिए जाने की मांग की। इससे लोग चौंक पड़े। धरने में तरुण कुमार सिंह, विनीत सिंह, कौशलेन्द्र सिंह, अंकित पाठक, संदीप सिंह, रमेश शर्मा, योगेंद्र शुक्ल, संजय सिंह आदि शिक्षक रहे। वेतन की मांग के साथ ही स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में प्राइमरी अनुभाग में कार्यरत शिक्षक शैलेंद्र सिंह के निधन पर उनकी पत्नी आशा सिंह की नियुक्ति न होने का मामला भी उठा। प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने की मांग भी किया। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा में केन्द्रों के निर्धारण में डीआईओएस पर सभी ने निशाना साधा।
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फावड़े से हमला कर किया जख्मी

बाबागंज (गोंडा)। शौच कर लौट रहे एक अधेड़ व्यक्ति पर गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने फावड़े से हमला कर लहूलुहान कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धानेपुर थाना क्षेत्र के बगही भारी के रहने वाले जैसराम के मुताबिक रविवार की देर शाम वह गांव के बाहर अपने खेत पर शौच के लिए गया था।
लौटते वक्त बगल में ही खेत की सिंचाई कर रहे गांव के ही रहने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और उस पर फावड़े से सिर पर हमला कर दिया। जिससे वह लहूलुहान हो गया। पीड़ित ने बताया कि तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। उचित कार्रवाई की जाएगी।
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सिलेंडर विस्फोट से ढही छत, मां-बेटी की मौत

परसपुर (गोंडा)। कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी सोमवार की दोपहर एक घर में खाना पकाते समय हुए सिलेंडर विस्फोट से दहल उठा। जहां विस्फोट हुआ उस घर की छत व दीवारे ढह गई। विस्फोट की तीव्रता के कारण ईंट एवं मलबा दूर तक जा गिरा। विस्फोट में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विस्फोट की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ व प्रभारी निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
खरगूपुर थाना क्षेत्र के बैदौरा गांव की रहने वाली शालेकुन पत्नी निसार अहमद ने बताया कि वह दो दिन पहले परसपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कड़रू के मजरा सिंगहा बिकौली (पूरे पैदामी) निवासी अपने भाई बरसाती के यहां आई थी। शालेकुन के मुताबिक सोमवार की दोपहर साढ़े ग्यारह बजे उसकी बहन तबस्सुम गैस चूल्हे पर खाना पका रही थी। पास में ही उसकी भाभी अकबरी (40) पत्नी बरसाती बैठी थी। इसी बीच खाना पकाते समय गैैस सिलेंडर अचानक फट गया। विस्फोट में घर की छत ढह गई और दीवार गिर गईं। विस्फोट की चपेट में आने से भाभी अकबरी की मौके पर मौत हो गई। विस्फोट में बरसाती की बेटी सनम (4), तबस्सुम (18) पुत्री सुबराती, तरन्नुम (17) पुत्री सुबराती, सब्बर(16) पुत्र ताजमोहम्मद व एजाज (17) पुत्र शमी अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान सनम ने दम तोड़ दिया। विस्फोट की तीव्रता के कारण ईंट व मलबा दूर तक जा गिरा। जिला अस्पताल में घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। विस्फोट की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, सीओ करनैलगंज जितेन्द्र कुमार दुबे व थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली। फिलहाल अभी अंदाजा लगाया जा रहा है कि मलबे के नीचे सिलेंडर दबा हो सकता है। मगर मलबा नहीं हटाया गया है, मलबा हटाए जाने के बाद पता चलेगा कि सिलेंडर फटा है या नहीं। शालेकुन ने थाना परसपुर में विस्फोट के मामले में तहरीर दी है।
विस्फोट ने उठाए कई सवाल
कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी में हुए विस्फोट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विस्फोट के बाद मलबे में गैस चूल्हा मिला तो उसका रबर पाइप व रेगुलेटर सुरक्षित दिखाई दिया। न तो पाइप जला और न ही रेगुलेटर व चूल्हा क्षतिग्रस्त हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि छह व दीवारें ढह गईं। मलबा दूर तक जा गिरा। विस्फोट को लेकर ऐसे कई सवाल के जवाब जांच के बाद मिलेंगे। मगर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फोरेंसिक टीम भी करेगी विस्फोट की जांच
कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी में खाना पकाते समय हुए सिलेंडर विस्फोट की जांच फोरेंसिक टीम भी करेगी। फोरेंसिक विशेषज्ञ वहां से विस्फोट के कारणों की पड़ताल के लिए नमूने एकत्र करेंगे। इसके बाद तय किया जाएगा कि विस्फोट का कारण क्या था।
कराई जा रही मामले की जांच
खाना पकाते समय सिलेंडर विस्फोट बताया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि विस्फोट किन कारणों से हुआ। -महेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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यहां तो हादसों की आहट से घिरी है एक लाख की आबादी

गोंडा में बिस्फोट के बाद तितर-बितर सामान को निहारता पुलिस का जवान।
गोंडा। शहर के चौक क्षेत्र की एक लाख आबादी का सामना हर दिन हादसों की आहट से होता है। छह फुट की चूड़ी गली में एक हजार से अधिक दुकानें सजी है और भीतर एक छोटे से चौराहे के चारों तरफ दुकानें हैं। यहां पैदल घुसने की हिम्मत नहीं होती, लेकिन हर दिन आठ से दस हजार महिलाएं चूड़ी गली में खरीदारी करती हैं। यह गली भी रोज हादसे को दावत देती हैं। गली में तो बिजली की लाइनें दौड़ ही रहीं हैं, बाहर सड़क के किनारे पर बनी दुकानों पर भी तारों का मकड़जाल बड़े खतरे का संकेत देता दिख रहा है। यहां कभी भी शॉर्ट सर्किट से दिल्ली जैसी बड़ी आगजनी की घटना हो सकती है। यही नहीं पूरे शहर के प्रमुख चौराहों और गलियों में बिजली के खुले तारों से बड़े हादसे की आहट मिलती है। यह सब जानते हुए भी अधिकारी आंखें फेरे होगी। उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
शहर का चौक क्षेत्र में हमेशा भीड़ रहती है और हजारों दुकानों पर 20 से 25 हजार लोगों का आवागमन बना रहता है। चौक के साथ ही महिला अस्पताल से लेकर मनकापुर बस स्टाप, हनुमानगढ़ी, चुंगी नाका तक भीड़ जैसी स्थिति रहती है। ऐसे में एक लाख की आबादी की मौजूदगी इन क्षेत्रों में रोज रहती है और इसके बाद भी प्रशासन के अधिकारियों की इन क्षेत्रों पर नजर नही है। चौक इलाके में वाहनों की पार्किंग या फिर मैदान जैसा कोई स्थान भी नहीं सुरक्षित है कि किसी अनहोनी के दौरान लोग सुरक्षित हो सकें। उल्टे हर रोड़ पर खतरों का तार दौड़ता दिख जाएगा। सबसे गंभीर स्थिति तो चूड़ी गली कि वहां तो कोई हादसा हुआ तो हजारों लोगों का दम ही घुट जाएगा। छह फुट की इस गली में एक हजार से अधिक गुमटी की तरह दुकानें हैं और महिलाओं की आमद वहां सबसे ज्यादा रहती है। एक बार कोई अंदर घुस जाए तो पलट कर लौटने में कठिनाई होती है, इतनी तंग गली में बिजली की लाइनें भी हैं। यहां प्लास्टिक, इलेक्ट्रानिक, कांच व कपड़ों के सामानों की बिक्री होती है।
यहां पर एक छोटी सी भी चूक हजारों की जिदंगी को मुसीबत में डाल सकता है। गली में अग्निशमन दल का कोई भी वाहन अंदर जा ही नही सकती है। इसी तरह जयनरायन चौराहे के पास सुनार गली का ही हाल है। ठठेरी बाजार में तो हर मोड़ पर खतरों का तार झूम रहा है। महिला अस्पताल से बनकटवा गली की ओर मुड़ते ही बिजली के लटकते तार हादसों का संकेत देते मिल रहे हैं। इस गली में मकानों पर भी बिजली के खुले और एक साथ कई तारों के जुडने से शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई जा रही है। जनपथ मार्केट, एकता चौक, फैजाबाद रोड़, देहात कोतवाली के सामने के मोहल्लों में सैकड़ों घरों में दुकानें तो हैं ही लोग आवासीय रुप से भी रहते हैं। यहां भी बिजली तारों से खतरा बढ़ा है और विभाग के साथ ही प्रशासन अभी आंख मूंदे बैठा है।
शहर में 20 बिस्किट फैक्ट्रियों से भी जान पर मंडरा रहा खतरा
शहर में बिना सुरक्षा मानकों को देखे ही बिस्किट की फैक्ट्रियों को मंजूरी दी जा चुकी है और वह ऐसे स्थानों पर चल रही हैं जहां सुरक्षा का मानक पूरा नही है। बरियार में चल रही एक फैक्ट्री ऐसी गली में चलती दिखी, जहां चार पहिया वाहन का आसानी जाना संभव ही नही है। इसी तरह एक दर्जन से अधिक फैक्ट्रियां तंग गलियों में हैं और यह वहां की आबादी के लिए यह बडा खतरा बनी हैं।
सोनार गली का रास्ता है तंग, फिर भी 70 दुकानें और 500 मकान
शहर के जय नरायन चौराहे के पास बहुचर्चित सुनार गली का रास्ता काफी तंग है। यहां रोड़ से गुजरना वाहनों का मुश्किल है। इसके बावजूद गली में करीब 70 दुकानें संचालित हैं और 500 मकान बने हैं। यहां भी दिनभर में पांच से दस हजार लोगों का आवागमन रहता है। इसके अलावा परिवार भी रहता है। यहां हादसे की संभावनाएं हमेशा बनी रहती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी करके फैक्ट्रियों का संचालन मिला तो प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। व्यवसायियों को चाहिए कि सुरक्षा की व्यवस्था को देखकर ही कोई फैक्ट्री लगाएं और सुरक्षा के प्रति सजग रहें। -राम सुमेर त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
बिजली तारों की स्थिति की जांच कराई जाएगी। कहीं से कोई शिकायत नहीं मिली है, जर्जर और लटकते तारों को सही कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। -वेंकट रमन, अधिशाषी अभियंता विद्युत प्रथम
शहर में सुरक्षा के लिए अभियान चलाकर जानकारी की जाएगी। कहीं कोई समस्या है तो जिस विभाग से संबंधित होगी उसे कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। -राकेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट
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सिलेंडर विस्फोट से ढही छत, मां-बेटी की मौत

परसपुर (गोंडा)। कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी सोमवार की दोपहर एक घर में खाना पकाते समय हुए सिलेंडर विस्फोट से दहल उठा। जहां विस्फोट हुआ उस घर की छत व दीवारे ढह गई। विस्फोट की तीव्रता के कारण ईंट एवं मलबा दूर तक जा गिरा। विस्फोट में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विस्फोट की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ व प्रभारी निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
खरगूपुर थाना क्षेत्र के बैदौरा गांव की रहने वाली शालेकुन पत्नी निसार अहमद ने बताया कि वह दो दिन पहले परसपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कड़रू के मजरा सिंगहा बिकौली (पूरे पैदामी) निवासी अपने भाई बरसाती के यहां आई थी। शालेकुन के मुताबिक सोमवार की दोपहर साढ़े ग्यारह बजे उसकी बहन तबस्सुम गैस चूल्हे पर खाना पका रही थी। पास में ही उसकी भाभी अकबरी (40) पत्नी बरसाती बैठी थी। इसी बीच खाना पकाते समय गैैस सिलेंडर अचानक फट गया। विस्फोट में घर की छत ढह गई और दीवार गिर गईं। विस्फोट की चपेट में आने से भाभी अकबरी की मौके पर मौत हो गई। विस्फोट में बरसाती की बेटी सनम (4), तबस्सुम (18) पुत्री सुबराती, तरन्नुम (17) पुत्री सुबराती, सब्बर(16) पुत्र ताजमोहम्मद व एजाज (17) पुत्र शमी अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान सनम ने दम तोड़ दिया। विस्फोट की तीव्रता के कारण ईंट व मलबा दूर तक जा गिरा। जिला अस्पताल में घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। विस्फोट की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार, सीओ करनैलगंज जितेन्द्र कुमार दुबे व थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली। फिलहाल अभी अंदाजा लगाया जा रहा है कि मलबे के नीचे सिलेंडर दबा हो सकता है। मगर मलबा नहीं हटाया गया है, मलबा हटाए जाने के बाद पता चलेगा कि सिलेंडर फटा है या नहीं। शालेकुन ने थाना परसपुर में विस्फोट के मामले में तहरीर दी है।
विस्फोट ने उठाए कई सवाल
कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी में हुए विस्फोट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विस्फोट के बाद मलबे में गैस चूल्हा मिला तो उसका रबर पाइप व रेगुलेटर सुरक्षित दिखाई दिया। न तो पाइप जला और न ही रेगुलेटर व चूल्हा क्षतिग्रस्त हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि छह व दीवारें ढह गईं। मलबा दूर तक जा गिरा। विस्फोट को लेकर ऐसे कई सवाल के जवाब जांच के बाद मिलेंगे। मगर इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फोरेंसिक टीम भी करेगी विस्फोट की जांच
कड़रू गांव के मजरे सिंगहा बिकौली पूरे पैदामी में खाना पकाते समय हुए सिलेंडर विस्फोट की जांच फोरेंसिक टीम भी करेगी। फोरेंसिक विशेषज्ञ वहां से विस्फोट के कारणों की पड़ताल के लिए नमूने एकत्र करेंगे। इसके बाद तय किया जाएगा कि विस्फोट का कारण क्या था।
कराई जा रही मामले की जांच
खाना पकाते समय सिलेंडर विस्फोट बताया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि विस्फोट किन कारणों से हुआ। -महेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
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किसानों के धरने को समर्थन देने पहुँचा सपाइयों का प्रतिनिधि मंडल

बालपुर(गोंडा)।विकास खंड हलधरमऊ के शिवशंकर पुरवा में चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन के 20 वें दिन समाजवादी पार्टी का 8 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल पूर्व मंत्री अरविन्द सिंह गोप की अगुवाई में किसानों के धरने को समर्थन देने पहुँचा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की हितैषी नहीं है। यहां के किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार के नुुमाइंदे अपने घरों में बैठे देख रहे हैं।
धरने पर बैठी महिलाओं की सेहत बिगड़ रही है कोई ध्यान देने वाला नहीं है। पूरे प्रदेश में काननू व्यवस्था खराब है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। गन्ना किसान परेशान हैं सपा की सरकार में प्रत्येक वर्ष गन्ना का मूल्य बढ़ाया जाता था। इस सरकार में एक पैसा भी गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं की है। परसा गोंडरी, धानी, धनखर, सालपुर धौताल के किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। 2022 में सपा सरकार आने पर किसानों को नए सर्किल रेट से मुआवजा दिया जायेगा। तब तक किसान अपनी जमीन की खुदाई नहीं करने देगा। धरने को पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह, योगेश प्रताप सिंह, डॉ. शिव प्रताप यादव ने कहा कि इस सरकार में इनके विधायक, सांसद ठेकेदार बने हुए हैं जो किसानों के जमीन पर बिना मुआवजा दिये नहर की खोदाई जबरस्ती करना चाहते है जो गलत है। गलत का विरोध करना समाज वादियों का धर्म है।
पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने कहा कि किसानों की जमीन सरकार धोखे से लेना चाहती है। सपा हमेशा किसानों के हित में काम करती रही है। किसानों की लड़ाई में समाज वादी लोग साथ हैं। जबरदस्ती खोदाई नही करने दिया जायेगा। मुआवजा मिलने तक किसानों का यह धरना जारी रहेगा। धरने को पूर्व मंत्री तेज नरायन उर्फ पवन पांडेय, विधान परिषद सदस्य महफूज खां, पूर्व विधाक नंदिता शुक्ला आदि ने संबोधित किया और किसानों की लड़ाई में साथ देने का वादा किया। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल गोंडा पहुंचकर जिलाधिकारी से मिला और उन्हें ज्ञापन देकर मौजूदा सर्किल दर पर मुआवजा दिलाने की मांग रखी। संचालन पूर्व प्रधान नन्द किशोर ओझा ने किया। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि राजू ओझा, परमात्मा दीन साहू प्रधान, अनिल शुक्ल एडवोकेट, फहीम अहमद, संजय शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
फूटफूट कर रोयी महिला किसान
बालपुर। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों का समूह धरना स्थल पर पहुँचते ही बीस दिन से धरने पर बैठी महिला किसान पूर्व विधायक नन्दिता शुक्ला को पकड़कर फूटफूट कर रोने लगी। पूर्व विधायक के काफी समझाने के बाद उस महिला का आंसू बन्द हुआ।उन्होंने सरकार आने पर मुआवजा दिलाने की बात कही।
जिंदगी हारने वाली बिटिया को श्रद्धांजलि
बालपुर ।समाज वादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने उन्नाव कांड में जिंदगी हारने वाली बिटिया को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और ऐसे अपराधियों को कठोर दंड देने की मांग की गयी।
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बाइक व टेंपो की भिड़ंत में मां-बेटे समेत तीन घायल

मनकापुर(गोंडा)। बाइक व टेंपो में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। जिसमें दो युवक सहित एक महिला घायल हो गई। घायलों को डायल 112 से सीएचसी लाया गया। जहां से दो युवकों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रविवार की शाम कोतवाली क्षेत्र के पंचपुती जगतापुर गांव के मजरे गंगा पुरवा निवासी कनिकराम वर्मा(18) पुत्र भगौती वर्मा अपनी मां छोटका (50) व अपने गांव के ही प्रदीप वर्मा (17) पुत्र रामकेवल वर्मा को बाइक से लेकर अपने रिश्तेदार के यहां महादेवा गांव गया था। वहां से देर शाम तीनों बाइक से लौट रहे थे। मनकापुर-मसकनवा मार्ग पर अवरहवा गांव के पास सामने से आ रहे टेंपो ने बाइक में टक्कर मार दी। जिससे तीनों घायल हो गए।
घायलों को डायल 112 से सीएचसी लाया गया। चिकित्सक डॉ. डीके भाष्कर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल कनिकराम वर्मा व प्रदीप वर्मा को सीएचसी रेफर कर दिया गया है और मामूली चोटिल छोटका का प्राथमिक इलाज कर घर भेज दिया गया।
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कालाबाजारी को ले जाते मिड-डे-मील का 25 बोरा राशन पकड़ा

मनकापुर (गोंडा)। ग्रामीणों की सूचना पर रविवार को मिड-डे-मील का 25 बोरा राशन बाजार में कालाबाजारी करते पुलिस ने पकड़ कर तहसीलदार को सूचना दिया। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार जांच में जुटे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के दतौली पुलिस चौकी के पास कोटेदार शिव किशोर यादव पुत्र राम लोचन यादव ग्राम उपाध्ययापुर ग्रंट द्वारा रविवार की दोपहर अपने निजी वाहन पिकप से दस बोरा गेहूं व 15 बोरा चावल कुड़ासन बाजार में ब्रिकी के लिये ले जाते समय स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसआई हीरा लाल वर्मा अपने हमराही के साथ मौके पर पहुंच कर पिकअप को पकड़ लिया और तहसीलदार मिश्री लाल सिह चौहान व पूर्ति निरीक्षक चंदन को तत्काल सूचना दी।
अधिकारी द्वय द्वारा कोटेदार से पूछताछ करने पर बताया कि प्राइमरी व जूनियर स्कूल के बच्चों का मिड-डे-मील खाद्यान को पहुंचाने जा रहे हैं, जब तहसीलदार ने संबंधित स्कूल के अध्यापक राजेश यादव से वार्ता में बताया कि कोटेदार द्वारा मिडडे मिल खाद्यान के बारे में कोई सूचना नहीं दिया गया है और रविवार होने के कारण स्कूल बंद भी है।
ऐसे में मिडडे मिल का बहाना कर रहा है कोटेदार। वहीं तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान ने बताया कि खाद्यान को मनकापुर गोदाम प्रभारी के सुपर्दगी में दे कर जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल को रिपोर्ट सौंपी जायेगी।
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तीन डॉक्टरों के भरोसे बेलसर की दो लाख आबादी

रगड़गंज (गोंडा)। बेलसर ब्लाक के सरकारी अस्पताल डाक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। दो लाख आबादी की सेहत का जिम्मा सिर्फ तीन डॉक्टरों पर है। सीएचसी बेलसर में आठ पदों के सापेक्ष सिर्फ दो डॉक्टर हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। तीन पीएचसी में सिर्फ एक में डॉक्टर की तैनाती है और दो पीएचसी बिना डॉक्टर के चल रहे हैं। वहीं एक पीएचसी बंद है। जिससे यहां के लोग निजी निजी अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हैं।
विकास खंड बेलसर अन्तर्गत 51 ग्राम पंचायतें हैं। दो लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,19 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सीएचसी बेलसर में आठ डॉक्टरों के सापेक्ष सिर्फ दो डॉक्टरों की तैनाती है। यहां डॉ. अमित त्रिपाठी व डॉ. मेराज अहमद अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। यहां महिला एमबीबीएस डॉक्टर नहीं हैं। महिला डॉक्टर आयुष चिकित्सक डॉ. एसएस परवीन महिलाओं का इलाज करती हैं। चीफ फार्मासिस्ट बृजेश सिंह भी ओपीडी में मरीजों का इलाज करते हैं। यहां डिजिटल एक्सरे की सुविधा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सौनौली मोहम्मदपुर में डॉ. रमेश मौर्या, फार्मासिस्ट राजेंद्र पांडेय, लैब असिस्टेंट कामता प्रसाद शुक्ल व स्वीपर राजू की तैनाती है और वार्ड ब्वॉय का पद खाली है। माधवपुर पीएचसी में डॉक्टर व लैब असिस्टेंट नहीं हैं। यहां फार्मासिस्ट दिवाकर, वार्ड ब्वॉय राम चंदर व स्वीपर बजरंगी तैनात हैं। पकड़ी पीएचसी पूरी तरह बंद है। यहां किसी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती नहीं है। कुछ दिन पूर्व सीएचसी बेलसर से एक फार्मासिस्ट को भेजकर पीएचसी चलाया जा रहा था, लेकिन संबद्धता ख़त्म होने के बाद किसी को तैनात नहीं किया गया है।
51 ग्राम पंचायतों में पांच प्रसव केंद्र
बेलसर ब्लॉक में 51 ग्राम पंचायतें हैं। यहां 19 एएनएम सेंटर संचालित हैं, लेकिन सिर्फ चार एएनएम सेंटर पर प्रसव कराया जाता है। उप स्वास्थ्य केंद्र उमरी बेगमगंज, डिकसिर, सेमरी कला व अमदही प्रसव केंद्र बनाए गए है। साथ ही सीएचसी बेलसर में तैनात एएनएम प्रसव कराती है।
सीएचसी बेलसर में एचइओ व एआरओ भी नहीं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व सहायक शोध अधिकारी के पद सृजित है, लेकिन दोनों पद खाली हैं। यहां तैनात एचईओ बृजेश कुमार सिंह का परसपुर तबादला हो गया था जिसके बाद से यहां किसी एचईओ की तैनाती नहीं की गई। तरबगंज सीएचसी के एचईओ को संबद्ध कर बेलसर का काम चलाया जा रहा है। वहीं सहायक शोध अधिकारी का पद काफी दिनों से खाली पड़ा है।
बेलसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी है। नर्सिंग स्टाफ, एचईओ व एआरओ के पद खाली है। इसकी सूचना सीएमओ को दी जा चुकी है। सीएचसी आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज किया जाता है। -डॉ मेराज अहमद, अधीक्षक सीएचसी बेलसर
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