प्रसव के दौरान महिला की मौत, ई-रिक्शा से गांव पहुंचा शव

Ghaziabad Bureauगाजियाबाद ब्यूरो Updated Wed, 01 Jul 2020 11:42 PM IST
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प्रसव के दौरान महिला की मौत, एंबुलेंस तक नहीं हुई नसीब
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हापुड़। चिकित्सकों की लापरवाही के चलते गढ़ रोड स्थित सरकारी अस्पताल में मंगलवार को प्रसूता ने तड़पकर दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है सामान्य प्रसव होने के इंतजार में चिकित्सकों ने महिला का ऑपरेशन तक नहीं किया। जिससे उसकी मौत हो गई। यहां तक कि एंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई परिजनों को मृतका का शव ई-रिक्शा से गांव तक लेकर जाना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस से ही महिला को भेजने का दावा किया है। लेकिन वायरल वीडियो में सच देखा जा सकता है।
जानकारी के अनुसार गांव अनवरपुर निवासी रहमुद्दीन की पत्नी शबनम को मंगलवार को प्रसव पीड़ा हुई थी। जिसे गढ़ रोड स्थित सीएचसी में भर्ती कराया गया था। शबनम के परिजनों का आरोप है कि शबनम अब से पहले चार बच्चों को सामान्य प्रसव से जन्म दे चुकी है।
लेकिन मंगलवार को वह प्रसव पीड़ा से अस्पताल में तड़पती रही। उन्होंने चिकित्सकों से सर्जरी करने की भी बात कही। आरोप है कि चिकित्सकों ने सर्जरी नहीं करने की बात कह, सामान्य प्रसव के लिए इंतजार करने को कहा। परिजनों ने बताया कि बच्चे का सिर तो बाहर आ गया, लेकिन बाकी हिस्सा बाहर नहीं आ सका। इस स्थिति में काफी देर तड़पने के बाद जच्चा और बच्चा ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि चिकित्सक शबनम की मौत के बाद भी उन्हें गुमराह करते रहे। जबरन उनसे रेफर लेटर पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। कुल मिलाकर घंटों दर्द से तड़पती शबनम ने दम तोड़ दिया। इसके बाद भी चिकित्सकों को दया नहीं आई और मृतका के शव को परिजन जैसे तैसे कर ई-रिक्शा में लेकर गांव तक पहुंचे। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि महिला को एंबुलेंस से भेजा गया था, जिसकी एंट्री भी उनके पास मौजूद है। लेकिन वायरल वीडियो कुछ और ही बयां कर रहा है, जिसमें परिजन महिला के शव को ई रिक्शा से ले जाते नजर आ रहे है।
महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। हालांकि मृतका के परिवार की आर्थिक हालत नाजुक है, ऐसे में वह अपने साथ ही इस दुर्व्यवहार की आवाज नहीं उठा पा रहे हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी अपनी जवाबदेही से बचते नजर आए।
आशा ने लगाए गंभीर आरोप--
अस्पताल में प्रसूताओं के प्रसव में बरती जा रही लापरवाही पर एक आशा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर उसने यह भी बताया कि ऑपरेशन से पहले प्रसूता के परिजनों से पैसे भी तय किए जाते हैं। पैसों के आधार पर ही उपचार की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है। हालांकि इन आरोपों को चिकित्सकों और अधिकारियों ने गलत बताया है। लेकिन आए दिन प्रसूताओं की मौत से व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
सीएचसी के अधीक्षक डा.दिनेश खत्री ने बताया कि महिला काफी नाजुक हालत में अस्पताल पहुंची थी। बच्चा अटका हुआ था, उसे एंबुलेंस से ही रेफर किया गया था। हालांकि वायरल वीडियो की बात पर वह दावा करने लगे कि उनके पास एंबुलेंस की एंट्री भी मौजूद है।
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