ये फिल्मी नहीं, रियल पीपली लाइव है

sachin yadavसचिन यादव Updated Wed, 04 Jun 2014 08:47 AM IST
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it is real peepli live not filmi peepli live

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गंगा के किनारे शोक में डूबे कटरी के इस गांव में पीपली लाइव जैसी किसी फिल्म की शूटिंग नहीं हो रही है लेकिन गांव का नजारा देखकर लगता है कि हम किसी फिल्मी पीपली गांव में आ गए हैं।
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एक सहमा सा पीड़ित परिवार जैसे सबके लिए खिलौना सा बन गया है। क्रूरतम तरीके से किए गए बलात्कार के बाद दो किशोरियों को पेड़ पर लटका देने की दर्दनाक कहानी के सिरे तो मिल गए हैं लेकिन बीच का हिस्सा गायब है।


लगता है कि इसे गायब करने की साजिश चल रही है ताकि पूरा सच सामने न आ सके। देश विदेश के मीडिया वाले, तमाम दलों के नेता, स्वयंसेवी संगठनों का मजमा लगा हुआ हैं। विदेशी मीडिया के लिए अब बड़ा मुद्दा गांव में शौचालयों का न होना है तो भारतीय मीडिया नेताओं के बयान ले रहा है।
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जख्म कुरेदे जा रहे हैं बार-बार

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