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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए खास तैयारी, ताजनगरी इस अंदाज में बोलेगी- 'नमस्ते ट्रंप'

ताजनगरी में अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत खास अंदाज में होगा। हवाई अड्डे से ताजमहल तक रास्ते में ट्रंप-मोदी के कटआउट लगेंगे।

17 फरवरी 2020

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जालौन

सोमवार, 17 फरवरी 2020

ट्रक ने बालक को मारी टक्कर, मौत

जालौन। स्कूल की छुट्टी के बाद मां के साथ घर जा रहे 8 वर्षीय बालक को ट्रक ने टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप घायल हो गया। परिजन उसे लेकर झांसी जा रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रावतान निवासी अविराज (8) पुत्र तिलक सिंह बंगरा रोड स्थित गनेशी देवी स्कूल में एलकेजी कक्षा का छात्र था। शनिवार को रोज की तरह वह स्कूल आया था। दोपहर लगभग 2 बजे विद्यालय की छुट्टी होने के बाद वह अपनी मां के साथ स्कूल से वापस अपने घर जा रहा था। स्कूल से उरई जालौन मुख्य मार्ग पर आकर मां बेटे डिवाइडर पर पहुंच गए।
इसी दौरान औरैया की ओर से आ रहे ट्रक की चपेट में अविराज आ गया। गंभीर रूप से घायल अविराज को राहगीरों ने सीएचसी पहुंचाया। जहां से जिला अस्पताल और फिर वहां से झांसी रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर झांसी जा रहे थे तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उधर भाग रहे ट्रक चालक ट्रक को राहगीरों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक खिल्लन पुत्र सोबरन सिंह निवासी लौना थाना सिरसा कलार को पकड़ लिया। बच्चे की मौत से परिजनों को रो रोकर बुरा हाल है।
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महिला ने आग लगाकर दी जान, बचाने में पति भी झुलसा

जालौन। किसी मानसिक तनाव में महिला ने केरोसिन डाल कर आग लगा ली। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी की आग बुझाने में पति के दोनों हाथ झुलस गए। जिसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खनुवां निवासी राजपाल सिंह राजगीर का कार्य करता है। उसकी पत्नी सोनम (29) ने शनिवार सुबह चाय बनाई परिजनों व खुद पी। इसके बाद खाना बनाकर वह अपने कमरे में चली गई। घर के लोग काम पर जाने की तैयारी करने लगे। तभी सुबह लगभग 10 बजे अचानक सोनम के कमरे से धुआं निकलने लगा और सोनम चीखने लगी। जब घर के लोग कमरे में पहुंचे तो सोनम आग की लपटों से घिरी थी। बदहवास हालत में पति राजपाल सिंह ने आग बुझाने का प्रयास किया तो उसके भी दोनों हाथ आग से झुलस गए। इसके बाद घर के लोगों ने रजाई कंबल आदि डालकर किसी तरह उसकी आग बुझाई।
लेकिन तब तक सोनम ने दम तोड़ दिया था। घर के लोगों ने कमरे में देखा तो केरोसिन का डिब्बा खाली पड़ा था। घटना की सूचना परिजनों ने सोनम के मायके वालों को दे दी। सूचना पाकर आए सोनम के भाई रविकांत निवासी धमसैनी थाना एट ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाल सुनील सिंह, एसआई प्रमोद कुमार यादव व शाहजहां ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पति राजपाल सिंह को सीएचसी में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि सोनम के एक बेटा नितिन (10) व एक बेटी रिया (6) है। मां की मौत से दोनों बच्चे सदमे में हैं। इस बाबत कोतवाल सुनील सिंह ने बताया कि परिजनों व मायके वालों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। केवल सूचना मिली थी। यदि तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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महिला कोच से आरपीएफ ने नौ पुरुषों को पकड़ा

उरई। महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों की शनिवार को शामत आ गई। आरपीएफ ने अभियान चलाकर नौ यात्रियों को पकड़कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के खिलाफ कार्रवाई की। इसके अलावा महिलाओं के लिए आरक्षित शौचालय में घुसने वाले पुरुषों को भी जमकर फटकार लगाई और गंदगी फैलाने वालों को भी जागरूक किया।
बता दें कि अमर उजाला ने शनिवार 15 फरवरी के अंक में कब सुरक्षित होंगे आधी आबादी के अधिकार शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान लेते हुए रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में उरई रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया गया। जिसमें महिला कोच में सवार उरई निवासी नितिन, आटा निवासी अजय, कालपी के किशनुपाल, राजेंद्रनगर निवासी कृष्ण कुमार, रजनीकांत, गोहन निवासी राहुल, भिंड निवासी कल्लू, सोनू, राहिया निवासी जीतू समेत नौ यात्रियों को महिला कोच में सफर करते हुए पकड़ा गया।
सभी को कोच से उतारकर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट में चालान कर दिया। इसके अलावा प्लेटफार्म पर बने महिला शौचालय में घुसने वाले पुरुष यात्रियों और साधुवेश धारी लोगों को भी फटकार लगाई। आरपीएफ दरोगा ओमवीर सिंह, किशनलाल, रामऔतार, धीरंसिह, रामप्रताप ने गंदगी फैलाने वालों को भी जागरूक किया, साथ ही यात्रियों को बिना टिकट यात्रा न करने, अनाधिकृत कोच या महिला कोच में सफर न करने की चेतावनी दी। इसके साथ ही महिला कोच में महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर 182 के बारे में भी बताकर कहा कि यदि पुरुष महिला कोच में यात्रा करें तो हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
15 फरवरी को प्रकाशित खबर का पीडीएफ
15 फरवरी को प्रकाशित खबर का पीडीएफ- फोटो : ORAI
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यूपी: पति की इस आदत से तंग आकर पत्नी ने बेटी के साथ मिलकर पति को दी दर्दनाक मौत, घर के बाहर फेंका शव

बेटी के साथ मिलकर पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट बेटी के साथ मिलकर पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट

किसानों की आय दो गुनी करना सरकार की प्राथर्मिकता : राज्य मंत्री

उरई। प्रदेश सरकार में किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है और गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन पहली प्राथमिकता है। यह बात बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने सहकार भारती के तत्वावधान में आयोजित किसान कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जनपद जालौन में मटर, टमाटर और मिर्च के लिए बीज कोल्ड स्टोरेज व मार्केटिंग के माध्यम से किसानों की आय दुगनी करने में सरकार मदद करेगी। क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जिले के विकास के लिए प्रदेश सरकार पर्यटन पर भी बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत कालपी के सूर्य मंदिर को पर्यटन में शामिल किया हैं। किसान विकास कार्यशाला के मुख्य वक्ता कृषक श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं अन्य उत्पादों के माध्यम से गो पालक, किसान अपनी खेती की लागत को कम करते हुए अपनी आय को बढ़ा सकता हैं। एक गाय अथवा बैल से प्रतिदिन प्राप्त होने वाले पांच से सात लीटर गोमूत्र तथा दस किलो गोबर से एक वर्ष में दस एकड़ खेती आसानी से कर सकता है।
सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री डा. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि किसान औद्यानिक सहकारी समिति का गठन कर मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। नाबार्ड के माध्यम से हाट योजना किसान उत्पादक कंपनी बनाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को लाभ दिया जा रहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख मौधगढ़ सुदामा दीक्षित ने कहा कि जनपद में माधौगढ़ का उच्च गुणवत्ता युक्त गुड़ एवं देशी घी प्रसिद्ध था, जनपद में चीनी मिल की स्थापना से किसानों की आय में वृद्धि होगी। अनिल शर्मा, किसान नेता जेंटेर सिंह, कौशल सिंह, जिला पंचायत सदस्य बालक दास पाल, हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी ब्रज बिहारी गुप्ता, सहकार भारती की आर्थिक प्रकोष्ठ की संयोजिका विनीता पांडे, प्रदेश कार्य समिति के सदस्य सुरजीत सिंह जिला, प्रभारी अजय महतेले, कृषि वैज्ञानिक राजेंद्र सिंह भदौरिया, डा. नवाब सिंह जादौन ने कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वाहिनी के जिला अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर, जिला सयोजक रविंद्र सिंह परमार, विश्व हिंदू महासंघ के जिला प्रभारी ओंकार सिंह सेंगर, पवन सिंह चौहान, समर सिंह, रूरा अड्डू आदि उपस्थित रहे।
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नकली तंबाकू के साथ एक को पकड़ा

उरई। रजिस्टर्ड फर्म के नाम पर अवैध रुप से चल रही नकली तंबाकू पैकिंग की शिकायत पर पुलिस ने छापा मारकर डिब्बी, रैपर व तंबाकू के साथ एक को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस को भारी मात्रा में भरी तंबाकू की डिब्बी, अवैध रेपर खाली डिब्बी 40 किलो तंबाकू मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।
शहर कोतवाल शिवगोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर के मोहल्ला रामनगर स्थित बारह बीघा निवासी संजीव गुप्ता उर्फ बड़े पुत्र कृपाराम गुप्ता को उसके घर से छापा मारकर शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस को 12 सौ डिब्बी भरी तंबाकू, दस हजार आउटर रेपर खाली अवैध, एक हजार डिब्बी भरी तंबाकू, 40 किलो तंबाकू बरामद हुई। कोतवाल ने बताया कि सुनील कुमार गुप्ता पुत्र छिद्दननाथ गुप्ता निवासी कानपुर रोड औरैया ने उरई कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। रजिस्टर्ड फर्म के नाम से फर्जी तरीके रैपर व डिब्बी तैयार कर बाजार सप्लाई कर बेचते थे। जिससे उसका आर्थिक नुकसान हो रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर बताए गए स्थान पर छापा मारा और संजीव गुप्ता को गिरफ्तार कर उपरोक्त सामग्री बरामद की। छापा मारने वाली पुलिस टीम में एसएसआई अशोक कुमार यादव, उपनिरीक्षक संतराम कुशवाहा, योगेश पाठक, सिपाही अजय पाल, कृष्णवीर आदि रहे। कोतवाल ने धोखाधड़ी व कापी राइट एक्ट का मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
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आरपीएफ ने महिला कोच से उतारे पुरुष यात्री

उरई। महिला कोच में यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। आरपीएफ ने महिलाओं को दिया उनका हक। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल समेत कई ट्रेनों में महिला कोच पर बैठे यात्रियों को कोच से उतारा। यही नहीं कई पुरुषों ने इस पर आपत्ति भी जताई कि उनकी पत्नी महिला कोच में है, वह उनसे अलग हो जाएगी। लेकिन आरपीएफ ने उन्हें समझाकर शांत किया कि अगर यही बात है कि पत्नी के साथ दूसरे कोच में बैठें।
बता दें कि अमर उजाला ने 15 फरवरी के अंक में कब सुरक्षित होंगे आधी आबादी के अधिकार शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, इसे संज्ञान में लेकर आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय के निर्देश पर शनिवार को अभियान चलाकर नौ पुरुषों को महिला कोच से उतारकर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। आरपीएफ का अभियान रविवार को भी जारी रहा। आरपीएफ ने छपरा मेल, गोरखपुर से तिरुअंतपुर जाने वाली राप्तीसागर जैसी ट्रेनों में महिला कोच में सवार यात्रियों को उतारा। इस दौरान कई पुरुषों ने नाराजगी भी जताई। हालांकि आरपीएफ के तेवर देखकर उन्होंने कोच बदल लिया। इसे लेकर महिलाएं खुश देखी गई। कई महिलाओं को कोच में उनकी सीट मिल गई। आरपीएफ इंस्पेक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि महिला कोच में यात्रा करने वाले पुरुषों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। दिन के साथ रात में भी इस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों में छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गैलरी में खड़ी होकर आ रही थी, सीट मिली
पुखरायां निवासी लीलावती का कहना है कि वे शादी समारोह में लौट रही थी, महिला आरक्षित कोच में पुरुष बैठे थे, इसके चलते वे मजबूरी में सीट न मिलने पर कोच की गैलरी में खड़ी है। उन्होंने कहा कि आरपीएफ ने अभियान चलाकर उन्हें सीट मुहैया कराई, यह अच्छी बात है।
जारी रहना चाहिए अभियान
कानपुर के गोविंदनगर निवासी बसंती बोली कि वे ग्वालियर से आ रही है, ग्वालियर से ही कोच में पुरुष भरे थे, उरई आने पर आरपीएफ ने पुरुषों को उतारकर उन्हें जगह दिलाई। रेलवे प्रशासन को इस तरह का अभियान सब जगह चलाना चाहिए ताकि महिलाओं को हक मिल सके।
महिला कोच में बैठे यात्रियों को उतारते आरपीएफ कर्मी।
महिला कोच में बैठे यात्रियों को उतारते आरपीएफ कर्मी।- फोटो : ORAI
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मवेशी को बचाने में पलटी आटो, कई घायल

पीडीएफ
कदौरा। अन्ना मवेशी को बचाने में आटो पलट गया, जिसमें बैठे 3 बच्चों सहित 9 लोग घायल हो गए, सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां से गंभीर हालत में 3 को जिला अस्पताल रिफ र कर दिया गया।
रविवार को थाना क्षेत्र के ग्राम पाली अभिरवा से एक आटो सवारी भरकर कदौरा आ रहा था, तभी ग्राम अलीपुर व हांसा के पास सामने से अचानक अन्ना मवेशी के आ जाने से आटो चालक बचाने की कोशिश में स्टेयरिंग से नियंत्रण खो बैठा और आटो पलट गया। आटो के पलटने से उसमें बैठी सवारियों में माया (32), गुड्डी (26), जसीराम (28), जनकदुलारी (35), केसर (30) निवासी पाली व कुसमा देवी उरई और माया के तीन बच्चे प्रांशू, जीतू व अंश घायल हो गए। घायलों की चीखपुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला तभी सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया जहां माया, केसर व प्रांशू की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गय्रा। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जल्द डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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छह साल की मासूम से दुराचार का प्रचार, आरोपी गिरफ्तार

कदौरा। कस्बे के एक मोहल्ले में टाफी खिलाने के बहाने दुकानदार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के चीखने पर पड़ोसियों ने आरोपी दुकानदार की धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया।
रविवार दोपहर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 6 वर्षीय बच्ची को पड़ोस के एक दुकानदार ने टाफी देने के बहाने दुकान में बुलाया और अंदर ले जा कर दुष्कर्म का प्रयास किया। मासूम के चीखने पर दौड़े पड़ोसियों ने आरोपी दुकानदार को पकड़ कर धुनाई करते हुए यूपी 112 को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने युवक को पकड़ कर थाने के सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह का कहना है कि अभी परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। आरोपी को पकड़ लिया है, तहरीर मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में कर्फ्यू सा सन्नाटा, फोर्स मौजूद

एट। शनिवार रात जिस बिलाया गांव में तीन बजे तक पुलिस की गाड़ियां आरोपियों की चीख पुकार सुनाई दे रही थी, रविवार सुबह वहां कर्फ्यू सा सन्नाटा पसरा हुआ था। सभी दुकानें बंद रहीं, गांव की गलियों में महिला पुरुष तो क्या बच्चे तक नजर नहीं आ रहे थे। चौराहे-चौराहे पर पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद थे। जबकि आरोपी सोबरन, फूलसिंह और बालाप्रसाद के घरों के बाहर भी पूरे दिन फोर्स डटा रहा। एसपी का कहना है कि रात तक गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जाएगी।
जिस वक्त एट समेत अन्य थानों की फोर्स रात के अंधेरे में टार्च की रोशनी में आरोपियों को तलाश रही थी वहीं दूसरी ओर से तीस चालीस लोगों की भीड़ आठ दस महिलाएं भी शामिल थी, पुलिस की ओर देखकर मारो-मारो कर दौड़ने लगीं। हाथों में लाठी-डंडे कुल्हाड़ी व धारदार हथियार देख पुलिस भी एक बार सकते में आ गई। तभी वहां मौजूद एसपी डा. सतीश कुमार ने स्वयं मोर्चा संभाला और फोर्स के साथ सामने से आने वाली भीड़ को ललकारा, जिस पर हमलावरों को उल्टे पैर भागना पड़ा।
आंखों ने देखा, फिर भी जुबां खामोश
शनिवार रात गांव में पहले नशेबाजों का तांडव और उसके बाद पुलिसिया कार्रवाई को बिलाया गांव के सैकड़ों लोगों ने अपनी आंखों से देखा लेकिन रविवार को जब पुलिस गांववालों से पूछताछ करने पहुंची तो किसी ने भी अपनी जुबान नहीं खोली। कोई कह रहा था कि शोर शराबा सुनकर बाहर ही नहीं निकले तो किसी का कहना था कि अंधेरे के कारण कुछ देख न सके। पुलिस भी जान रही थी कि सबने सब कुछ देखा है लेकिन कोई कुछ बताना नहीं चाहता है। इंस्पेक्टर अरुण तिवारी के मुताबिक पूछताछ का सिलसिला जारी है।
बिलायां में आरोपियों के घर के बाहर बैठी पुलिस।
बिलायां में आरोपियों के घर के बाहर बैठी पुलिस।- फोटो : ORAI
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रस्सी से बांधे हाथ और पेंचकस से गोदा

एट। दरोगा रामनसेही वर्मा ने जब पुलिसिया अंदाज में कल्लू व राजू को पकड़कर थाने ले जाने का प्रयास किया तो महिलाओं समेत परिवार के सभी लोग दरोगा पर टूट पड़े।
दरोगा से धक्कामुक्की तक तो सिपाही देवदत्त भी वहां डटा रहा लेकिन जब भीड़ ने रामसनेही को लात घूंसे मारते हुए जमीन पर गिरा दिया तो यह देखकर सिपाही देवदत्त भी घबरा गया और किसी तरह वहां से भागा और जब देवदत्त थाना पुलिस के साथ आया तो घायल दरोगा सोबरन के दरवाजे पर पड़े थे, उनके दोनों हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे। पेट, पीठ, गले और हाथों पर पेचकस मारे जाने के भी निशान थे। बेहोश दरोगा को आंखों के सामने पड़ा देख एट पुलिस पारा भी चढ़ गया और लाठियों के साथ भीड़ पर टूट पड़े लेकिन तब तक हमलावरों की भीड़ बढ़ चुकी थी। कुछ ही देर में आसपास के थानों की फोर्स जब मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर बितर करना शुरू किया तब तक हालात कुछ काबू में आए। गांव के गली कूचों में यूपी 112 के सिपाहियों को भी घेरकर हमलावरों ने उनके साथ हाथापाई की। हालांकि बाद में भारी फोर्स आने के सभी हमलावर इधर उधर दुबक गए थे। पुलिस को मौके से पेंचकस, लाठी डंडे और वह रस्सी भी मिली, जिससे दरोगा के हाथ पैर बांधे गए थे।
दरोगा की जिंदगी पर भारी पड़े 30 मिनट
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दरोगा से कहासुनी शुरू होने से लेकर एट थाने की पुलिस के मौके पर पहुंचने तक करीब तीस मिनट का समय लगा, इस दौरान आरोपी नशेबाज और उनके परिवार के लोग बेदर्दी से दरोगा पर लात घूंसे बरसा रहे थे। यदि एट पुलिस ने आने में 15 से 20 मिनट की और देरी कर दी होती तो शायद दरोगा को अपनी जान से भी हाथ धोने पड़ जाते। अस्पताल में भर्ती दरोगा को रविवार की दोपहर हल्का सा होश आया। फिलहाल डाक्टर उसे खतरे से बाहर बता रहे हैं।
बदहवास देवदत्त की आंखों में खौफ
भीड़ के चंगुल से छूटने वाला सिपाही देवदत्त रविवार को भी बदहवास सा रहा। शनिवार रात घटना को याद करते ही उसके चेहरे पर हमलावरों का खौफ दिखाई देने लगता था। देवदत्त ने बताया कि हर तरफ से मार डालो मार डालो की आवाजें ही आ रही थीं। उसने बहुत प्रयास किया कि दरोगा को भीड़ के चंगुल से छुड़ा ले जाए लेकिन जब कामयाब नहीं हो पाया तो अपनी जान बचाकर थाने पहुंचना ही ठीक समझा। देवदत्त के मुताबिक, हमलावरों ने उस पर तमंचे से फायर भी किए थे।
दरोगा के साथ गया सिपाही देवदत्त।
दरोगा के साथ गया सिपाही देवदत्त।- फोटो : ORAI
रात में मौके पर पहुंचकर जानकारी लेते एसपी।
रात में मौके पर पहुंचकर जानकारी लेते एसपी।- फोटो : ORAI
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37 साल पहले भी हुई थी पुलिस से भिड़ंत

एट (जालौन)। थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात पुलिस और नशेबाजों के बीच भिड़ंत का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले करीब 37 साल पूर्व भी एट कस्बा पुलिस और पब्लिक की भिड़ंत से धधक चुका है।
क्षेत्रीय बुजुर्गों ने बताया कि 1983 में कस्बे में एक कुल्फी वाले की सिपाही से मामूली कहासुनी भारी बवाल में तब्दील हो गई थी। तब इलाकाई लोगों और कई थानों की पुलिस के बीच जमकर हाथापाई हुई थी। एक हफ्ते तक कस्बे की सभी बाजारें बंद रही थीं। राजनैतिक दलों ने भी धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया था। इसके बाद एट और कोटरा थाने के लगभग एक दर्जन दरोगा और सिपाही निलंबित कर मामले को शांत कराया गया था।
इसी तरह नदीगांव में बीते साल 25 जनवरी को हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर गांववालों ने कुत्ते छोड़ दिए थे। पुलिस के साथ जमकर मारपीट और फायरिंग भी हुई। आखिर में हिस्ट्रीशीटर के साथी उसे पुलिस के चंगुल से छुड़ा ले गए। जिसे अभी तक पुलिस दोबारा नहीं पकड़ पाई। इसी तरह बीते साल कोंच की सुरही चौकी पुलिस की भी पब्लिक से भिड़ंत हुई थी। जिसमें भी पुलिस को पीटा गया था। इसी तरह जालौन और कदौरा थाना पुलिस की बीते पांच सालों से तीन बार पब्लिक से भिड़ंत हुई और पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा।
हाल ही के कुछ मामलों में नजर डाली जाए तो 11 फरवरी को कोंच के महंतनगर मोहल्ले में पुलिस जब जुआ के आरोप में युवक को पकड़कर ले जाने लगी तो महिलाओं ने सिपाहियों पर हमला बोलते हुए उनके बिल्ले तक नोंच लिए थे। उरई कोतवाली में चार दिन पूर्व ही ठीक एट की घटना की तरह दो पक्षों के विवाद के बीच पहुंची शहर कोतवाली पुलिस को भी भीड़ ने पीटा था। यहां भी दरोगा को मामूली चोटें आई थी लेकिन पुलिस ने मामले में अभी तक कोई भी लिखा पढ़ी नहीं की। 2015 में भी शहर में गैर जनपद में तैनात दो सिपाहियों की बाजार में भीड़ ने पिटाई कर दी थी। जबकि इसी करीब छह साल पूर्व भी उरई कालपी रोड पर स्थित दुकान के व्यापारी से हुई कहासुनी में गोली चली थी, जिसमें एक सिपाही को जान से भी हाथ धोना पड़ा था।
गांव का प्रधान भी नदारद, ढूंढ रही पुलिस
एट। शनिवार को घटना के वक्त मामला कुछ शांत होने के बाद पुलिस ने जब बिलाया गांव के प्रधान को बुलवाने के लिए सिपाही उसके घर भेजे तो वह सामने नहीं आया। इसके बाद से ही गांव का प्रधान नदारद बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के लिए प्रधान को बुलाया जा रहा है लेकिन उसका मोबाइल भी अब स्विच आफ हो गया है। उधर घायल दरोगा को देखने के लिए रविवार की सुबह मथुरा से उसके परिवारवाले भी मेडिकल कालेज पहुंचे।
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ग्रामीणों की पिटाई से दरोगा मरणासन्न, आठ गिरफ्तार

एट (जालौन)। थाना क्षेत्र के बिलाया गांव में शनिवार देर रात दो पक्षों में हुए विवाद को सुलझाने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। भीड़ ने दरोगा को बंधक बनाकर लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी के वार से अधमरा कर दिया। सिपाही जान बचाकर थाने आया तो बड़ी संख्या में फोर्स गांव पहुंची। दरोगा को तत्काल उरई मेडिकल कालेज ले जाया गया। सिपाही देवदत्त की तहरीर पर 11 नामजद, 15 अज्ञात पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर महिला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुुलिस ने आरोपियों के पास से लाठी-डंडे और तमंचा बरामद कर लिया गया है। एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि दरोगा की हालत अब खतरे से बाहर है। उधर बिलाया गांव में सन्नाटा पसर गया। वाकया देर रात पुलिस को फोन पर मिली जानकारी के बाद हुआ। गांव के आशिक पुत्र विनोद परिहार ने फोन कर पुलिस को बताया था कि पड़ोसी कल्लू और राघवेंद्र पुत्र फूल सिंह, राजू पुत्र बाला प्रसाद गाली-गलौज कर रहे हैं। दरोगा रामसनेही वर्मा सिपाही देवदत्त को साथ लेकर गांव पहुंच गए।
उन्होंने कल्लू, राघवेंद्र और राजू को पकड़ लिया। लेकिन जब इन्हें थाने ले जाने लगे तो दोनों के परिजनों ने दरोगा और सिपाही को घेर लिया। आसपास के कई महिला-पुरुषों ने भी लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर दरोगा को दौड़ा लिया। दरोगा को दौड़ाता देख सिपाही जान बचाकर भाग निकला। भीड़ ने दरोगा को बंधक बना लिया और उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इसी बीच सिपाही की सूचना पर एट थाना समेत कोंच और कैलिया थानों की फोर्स गांव पहुंची और ग्रामीणों के चंगुल से दरोगा को छुड़ाकर गंभीर हालत में मेडिकल कालेज उरई में भर्ती कराया।
इसके बाद उरई, चुर्खी, जालौन, डकोर आदि थानों की फोर्स और पीएसी भी गांव पहुंची। एसपी डॉ. सतीश कुमार भी आ गए। एसपी ने बताया कि सिपाही देवदत्त की तहरीर पर 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, इनमें तीन महिलाएं भी शामिल है। बताया कि आठ आरोपियों बाला प्रसाद, राजू, संजय, दीपू, कल्लू, राघवेंद्र, सोम और जयमाला को पकड़ लिया गया है।
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