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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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अनोखा विरोध: कलक्ट्रेट के बाहर 25 रुपये प्रति किलो बेचा प्याज, खरीदारों की उमड़ी भीड़

वरिष्ठ कांग्रेसजन संघर्ष समिति के लोगों ने कलक्ट्रेट के गेट पर महंगाई के विरोध प्याज की सेल लगाई।

10 दिसंबर 2019

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ललितपुर

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

बार बानपुर रोड के नहीं भरे जा सके गड्ढे

बार /ललितपुर। बार से बानपुर को जोड़ने वाली सड़क की दयनीय स्थिति देखकर लोग पिछले बीस साल से परेशान हैं। इस पर गड्ढे होने से आने-जाने में असुविधा होती है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। विभागीय अफसर सड़क निर्माण में धनराशि की कमी को बाधा बता रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि 20 वर्ष से इस सड़क की देखभाल नहीं हो रही है। सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई, इस सड़क पर चलने वाले लोग सरकार को कोसते नजर आते हैं लोगों का कहना है कि योगी सरकार ने शपथ ग्रहण करते समय लोगों को गड्ढा मुक्त सड़क देने का आश्वासन दिया था, पर, सरकार की इस योजना यहां के अधिकारी एक जुमला साबित करने में लगे हुए हैं। यह सड़क वर्ष 2010 के पूर्व ही गड्डायुक्त हो गई थी, पर उसी गड्ढा युक्त सड़क पर पावर प्लांट के लिए आई सैकड़ों क्विंटल भार वाली गाड़ियों ने और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील कर दिया, क्योंकि मटेरियल से भरे ट्रकों का दिन-रात इस पर आवागमन होता रहा किन्तु भार मानक के अनुसार उतना भार नहीं झेल पाई, क्योंकि पावर प्लांट पर कई दिनों से भरे वाहन इस सड़क पर गुजरे कई जगह तो यह वाहन कई दिनों तक गड्ढे में फंसी रही और उन्हें क्रेन आदि की मदद से निकाला गया और सड़क पूरी तरह गड्ढा युक्त हो चुकी थी इस सड़क को बनवाने के लिए बरसों से क्षेत्र की जनता आंदोलन कर रही है किंतु कोई भी शासन-प्रशासन सुनने वाला नहीं है। क्षेत्र के ग्राम बार भेलौनी लोध, सूरी, उदयपुरा, बडोखरा, चिगलौआ आदि गांव के लोगों ने चक्का जाम किया था एवं सड़क बनवाने के लिए शासन-प्रशासन से पत्राचार किया किंतु उक्त ग्रामीण हार थक कर घर बैठ गये कि जब किसी शासन प्रशासन को इस बाबत सुनना ही नहीं तो जैसी सड़क होगी उसी से गुजारा करेंगे जिससे हाल यह है कि सड़क पर रोजाना बाइक चालक स्कूली छात्र साइकिल से गिर गिर कर चोटिल हो रहे हैं किंतु शासन को इससे क्या लेना देना कस्बा निवासी पवन रिछारिया ने 7 नवंबर को मुख्यमंत्री जी से इस सड़क को बनवाने की मांग की थी। कस्बा बार के पवन रिछारिया मधुसुदन मिश्रा कमलेश प्रजापति मंगल यादव शिवम राजपूत खेमचंद राजपूत भेलौनी लोध लोगों ने शासन से सड़क निर्माण की मांग की है। आईजीआरएस निस्तारण मे प्रांतीय लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने शासन से बजट आने पर सड़क का निर्माण कराने की बात करते हुए मामले को निस्तारित कर दिया है।
आईजीआरएस निस्तारण में ये कहा
प्रांतीय खंड लोक निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता संजीव सक्सेना ने बताया कि बार बानपुर मार्ग का आगणन 3962.39 लाख रुपये का गठित कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। धनावंटन उपरांत मार्ग का निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
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मड़ावरा के गोराकछाया में मिलीं दुलर्भ प्रतिमा

मड़ावरा। ग्राम गोराकछया में खेत की सिंचाई करते समय उसमें भगवान विष्णु की प्रतिमा मिली है। प्रतिमा काफी दुर्लभ है। इसमें भगवान विष्णु के चक्र को रथ के पहिये के समान दर्शाया गया है। प्रतिमा को पेड़ के नीचे अन्य प्रतिमाओं के पास रखवा दिया गया है। ग्राम गोराकछया निवासी किसान रामचरन कुशवाहा पुत्र राजू खड़ेरन स्थित अपने खेत में सिंचाई के लिए पानी लगा रहा था। इसी दौरान उसे प्रतिमा का सिर दिखाई दिया तो उसने खुदाई करके प्रतिमा को निकाला और आसपास के लोगों को जानकारी दी। ग्रामीणों के साथ रामचरन ने प्रतिमा को गांव में पिंडीघाट स्थित चबूतरा पर रखवा दिया और पूजा- अर्चना की गई। प्रतिमा में भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र को रथ के पहिए के समान दर्शाया गया है। इस कारण यह प्रतिमा भगवान विष्णु की अन्य प्रतिमाओं से अलग है। हालांकि, प्रतिमा कई जगह से खंडित है। प्रतिमा के एक हाथ में फरसा, कमल और कलश है। प्रतिमा के कंधे पर भगवान नृसिंह की प्रतिमा है। यह गुप्तकालीन प्रतिमाओं जैसी है। प्रतिमा को देखने के लिए लोगों का जाना-जाना लगा है। ... और पढ़ें

लचर कानून व्यवस्था को लेकर सपा का प्रदर्शन

ललितपुर। घंटाघर प्रांगण में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं के साथ बलात्कार व अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट है। जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह ने आरोप लगाया कि जिस तरह महिलाओं के साथ बलात्कार व अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं, उससे पूरे देश में आक्रोश है। प्रदेश में अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया जा रहा है। यदि सरकार महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती तो प्रदेश सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। जिस तरह उन्नाव में पीड़िता को जिंदा जलाकर मार दिया गया, उससे कानून व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। अंत में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इस मौके पर विजय सिंह यादव, जय सिंह यादव, नेपाल सिंह, अजीज कुरैशी, गीता मिश्रा, शिवम मिश्रा, शिशुपाल सिंह, तिलक सिंह,सत्येंद्र सिंह यादव, राम प्रताप सिंह, नरेंद्र सिंह राजपूत, देवेंद्र यादव, माधव सिंह, अख्तर सिद्दीकी, परवेज पठान आदि उपस्थित रहे। ... और पढ़ें

मड़ावरा चोरी प्रकरण में एक और बांछित गिरफ्तार

ललितपुर। थाना मड़ावरा क्षेत्र अंतर्गत कस्बा में चार महीने पहले एक चिकित्सक व छत्तीसगढ़ के न्यायाधीश के पैतृक आवास में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से सौ ग्राम सोना बरामद किया है।
थाना मडावरा क्षेत्र अंतर्गत कस्बा निवासी डा. नीरज जैन व छत्तीसगढ़ में तैनात न्यायाधीश पंकज जैन के घर में एक/ दो अगस्त की रात को जेवर व नकदी समेत करीब 64 लाख 96 हजार रुपये की चोरी को अज्ञात चोरों ने अंजाम दिया था। लेकिन, चोरी का तीन महीने से अधिक समय तक खुलासा नहीं होने पर मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया था। इसके बाद 27 नबंवर को स्वॉट टीम ने चोरी का सफलता करने में सफलता पाई थी।
पुलिस ने छह आरोपी पकड़े थे, इसमें मड़ावरा के ग्राम रनगांव निवासी रामदास उर्फ भज्जू कुशवाहा, नाराहट के ग्राम डोंगराकलां निवासी सोहन, ग्राम क्योलारी निवासी रामकिशन कुशवाहा एवं ग्राम बुढ़वसार निवासी देवेंद्र कुशवाहा के पास से सौ-सौ ग्राम के तीन सोने के बिस्कुट, पचास ग्राम वजन का सोने का हार समेत अन्य जेवर और 1.25 किलोग्राम वजन के चांदी के जेवर बरामद किए थे। इसमें शहर के कारोबारी उत्तमचंद जैन व अनूप जैन के पास से 600 ग्राम वजन का सोना, सोने की चूड़ियां व दो सोने की अंगूठी बरामद की गईं थीं।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि पकड़े गए आरोपी उत्तम चंद जैन ने बताया था कि शेष माल उसने अपने साढ़ू राजकुमार जैन, इंदौर के मनु जैन और आगरा के रामदास को दिया था। इसके बाद स्वॉट टीम ने सक्रियता बढ़ा दी थी और इंदौर निवासी मनु राव का पुत्र विनोद कुमार को मुखबिर की सूचना पर इंदिरा चौराहा महरौनी से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी मनु के पास से 100 ग्राम सोने की थप्पी बरामद की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसने सोने की थप्पी अपने साढू उत्तम चंद जैन से ली थी, जो अभी जेल में है। जब उसे पता चला कि सोना मड़ावरा चोरी से संबंधित है, तो वह उसे अपनी ससुराल में रखने के लिए टीकमगढ़ जा रहा था।
गिरफ्तार करने वाली टीम में मड़ावरा प्रभारी थाना निरीक्षक देवेंद्र सिंह, स्वॉट टीम उपनिरीक्षक राजकुमार यादव, सरदारीलाल, देवीशरण त्रिपाठी, शत्रुन्जय सिंह, देवेंद्र यादव, अमित पाठक, मनमोहन, जगदीश चौहान, रविंद्र प्रताप सिंह, विवेक राठौर, भूपेंद्र सिंह शामिल रहे।
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मड़ावरा चोरी कांड के आरोपी के बारे में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग। मड़ावरा चोरी कांड के आरोपी के बारे में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग।

चिकित्सक के साथ हुई मारपीट, महिला कर्मचारी से छेड़छाड़

ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत सदनशाह के पास स्थित निजी चिकित्सालय में मरीज देखकर लौट रहे एक डाक्टर के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। वहीं, चिकित्सालय की महिला कर्मचारी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
मोहल्ला लक्ष्मीपुरा निवासी डा.अजय कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि रविवार की देर शाम वह सदनशाह स्थित एक चिकित्सालय में अस्पताल में मरीज देखने गए थे। जब वह बाहर निकले तो एक व्यक्ति अपने भाई के साथ आया और अवैध पैसों की मांग करते हुए कहने लगा कि उसे कमीशन दिया करो, क्योंकि वह कमीशनखोरी का काम करता है। जब उन्होंने मना किया तो वह बौखलाकर गाली- गलौज करने लगा, विरोध किया तो वह मारपीट करने लगा और कमीशन नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। यही नहीं, उनके साथ मौजूद एक महिला कर्मचारी के साथ आरोपियों ने छेड़छाड़ भी की और मारपीट कर दी। चिकित्सक ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है।
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जामनी नदी में भेंरों घाट पर चल रहा बालू का अवैध खनन

सैदपुर। ग्राम सैदपुर से लगभग पांच किलोमीटर दूर सैदपुर और ग्राम बारचौन की सीमा को विभाजित करती जामनी नदी के किनारे भैंरों घाट पर बालू का अवैध खनन चल रहा है। इससे हर महीने लाखों रुपये राजस्व का नुकसान किया जा रहा है।
बालू और ईंट भट्ठा कारोबारी नदी किनारे की बालू/मिट्टी खोदकर नदी का स्वरूप बिगाड़ने में लगे हैं। नदी उफान पर होती है तो नदी के मुहानों की मिट्टी खुदी होने के कारण पानी से मिट्टी का कटाव तेजी से होता है, जिससे नदी का आकार बिगड़ रहा है। मिट्टी का कटान होने से नदी की गहराई कम होती जा रही है। इसका असर जलभराव पर पड़ रहा है। जामनी नदी में भैंरों घाट के पास लंबे समय से अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। बरसात के मौसम से यह कारोबार जोर पकड़ लेता है, जो लगभग पांच महीने तक चलता है। कारोबारी सैकड़ों ट्राली बालू निकाल लेते हैं, जिसे रातोंरात ट्रैक्टर- ट्राली में भरकर आसपास के गांव में बेच देते हैं।
कुम्हैड़ी चौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भैंरों घाट से पास जामनी नदी पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें बालू के कारोबारी तो नहीं मिले, लेकिन मौके से नदी किनारे लगे बालू के सोलह ढेर पकड़े गए थे, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
जामनी नदी पर स्थित भैंरों घाट तक जाने के लिए ग्राम सैदपुर से कच्चा मार्ग है। बरसात में पूरे रास्ते में कीचड़ होने के कारण यह मार्ग बंद हो जाता है और छह महीने तक बंद रहता है। ग्राम बारचौन और पठा मार्ग चालू रहता है। मुख्य मार्ग से दूर होने के कारण नदी के इस घाट पर न तो पुलिस का आना- जाना होता है, न ही अधिकारियों का। इसका फायदा खनन कारोबारी उठाते हैं और बेखौफ होकर अवैध बालू का कारोबार करते हैं।
इंस्पेक्टर को मौके पर भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन कुमार दास, क्षेत्रीय/ जिला खान अधिकारी
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चिकित्सकों की मनमानी से मरीजों को नहीं मिल पा रहा उपचार

ललितपुर। चिकित्सक हैं नहीं और शासन अप्रैल से मेडिकल कालेज खोलने का सपना देख रहा है। जिला महिला अस्पताल में गंभीर रोगियों का उपचार आयुर्वेद चिकित्सक कर रहे हैं। यहां सर्जनों की भी कमी है। अप्रैल में मेडिकल कॉलेज शुरू होना है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण यहां पर समस्याएं बनी हुई हैं। जिला महिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत भी गर्भवती महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
जिला महिला अस्पताल में प्रत्येक माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत विशेष जांच शिविर लगाया जाता है, जिसमें गंभीर गर्भवती महिलाओं की सभी प्रकार की जांच कराई जाती हैं और उपचार किया जाता है। नियमत: गंभीर गर्भवती महिलाओं का इलाज स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन जिला महिला अस्पताल में महिलाओं को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। दोपहर के समय तीनों ओपीडी में स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं रहे। कक्षों में केवल आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा इलाज किया गया। ऐसे में कई मरीज स्त्री रोग विशेषज्ञ के आने का इंतजार करती रहीं। अंत में समय समाप्त होने पर बिना उपचार के ही वापस लौट गईं।
जिले में जागरूकता के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आभास नहीं होता कि कौन चिकित्सक स्त्री रोग विशेषज्ञ है और कौन आयुर्वेदिक है। अधिकांश लोग गर्भवती महिलाओं का इलाज स्त्री रोग विशेषज्ञ से न कराकर आयुर्वेदिक चिकित्सक से करा लेते हैं। इसके बाद भी अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। जिसका खामियाजा आने वाले मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय पर स्थित जिला महिला अस्पताल प्रमुख अस्पतालों में से एक है। यहां पर जिले भर के अस्पतालों से प्रसव के अधिकांश गंभीर मरीज रेफर होकर आते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं अपनी जांच व प्रसव के लिए आती हैं। अस्पताल में 24 घंटे में लगभग दो दर्जन प्रसव होते हैं। लेकिन, 26 नवंबर से डा. गजेंद्र सिंह अवकाश पर चल रहे हैं। इससे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व्यवस्था गड़बड़ा गई है। सोमवार को दिन एक बजे के बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक द्वारा अल्ट्रासाउंड किए गए, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट मिलने तक चिकित्सक ओपीडी बंद करके जा चुके थे। ऐसे में मरीजों को दूसरे दिन आना पड़ रहा है, जबकि गर्भवती महिलाओं केे आवागमन में परेशानी होती है।
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएस) की टीम के आने की सूचना पर अस्पताल को अच्छे अंक दिलाने के चक्कर में अस्पताल प्रबंधन सफाई पर जोर दे रहा है। इसको लेकर सोमवार को ओपीडी के समय में भी अस्पताल में सफाई जारी रही। इससे प्रसव कक्ष के बाद वार्ड में भर्ती मरीज व तीमारदारों को आवागमन में परेशानी रही।
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक डा. गजेंद्र सिंह एक माह के अवकाश पर गए हैं। ऐसे में महिला मरीजों को अल्ट्रासाउंड की परेशानी हो रही है। जबकि, गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड के बिना जांच होना मुश्किल है। हालांकि सोमवार को जिला अस्पताल के चिकित्सक द्वारा एक बजे से अल्ट्रासाउंड महिला अस्पताल में शुरु किए। जब तक अल्ट्रासाउंड शुरु हुए तब तक अधिकांश चिकित्सका ओपीडी छोड़कर जा चुके थे। इससे गर्भवती महिलाओं को उपचार नहीं मिल सका है।
जिला महिला चिकित्सालय में ओपीडी में स्त्री रोग विशेषज्ञ के न बैठने से उपचार बाधित होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी जानकारी सीएमएस से ली जाएगी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की समस्या चिकित्सक के अवकाश पर जाने से हो रही है, जिसका शीघ्र ही निराकरण किया जाएगा।
- डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जीआरपी ने चोरी के तीन मोबाइल सहित चोर पकड़ा

जिला महिला चिकित्सालय में सूनी पड़ी चिकित्सक की ओपीडी
ललितपुर। जीआरपी ने रविवार को रेलवे स्टेशन से एक युवक को चोरी के तीन मोबाइल सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ललितपुर व बीना में चोरी के आठ मुकदमे दर्ज हैं।
रविवार को उपनिरीक्षक जाकिर हुसैन अपने हमराह अजमत उल्ला व राजकरन सिंह के साथ रेलवे स्टेशन पर गश्त कर रहे थे। चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म नंबर दो पर बीना की ओर यात्री प्रतीक्षालय सीट पर एक व्यक्ति बैठा था, जो पुलिस के आने पर उठकर तेजी से भागने का प्रयास करने लगा। घेराबंदी कर युवक को पकड़कर पूछताछ की और तलाशी लेने पर उसके पास से तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। उसने अपना नाम थाना कोतवाली ललितपुर के ग्राम सतरवांस निवासी अरविंद कुशवाहा पुत्र धनीराम बताया। उसने ट्रेनों में सीट पर रखे मोबाइल फोन चुराकर बाजार में कम रेट पर बेचने की बात बताई।
उसके पास से 65 हजार रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी पर पूर्व में चोरी के ललितपुर थाना कोतवाली में दो मुकदमे, जीआरपी में चार और बीना जीआरपी में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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ढाबे पर विवाद, अतिरिक्त पैसे मांगने पर दिखाई हनक

ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम रोड़ा के पास एक ढाबे पर खाने के पैसे देने के बाद कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से टिप मांगना महंगा पड़ गया। ग्राहकों ने हनक दिखाते हुए पिस्टल लहरा दी। घबराए कर्मचारी मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की पड़ताल की।
रोड़ा गांव के पास एक ढाबे पर रविवार को कुछ लोग खाना खाने के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने खाना खाया और खाने के बाद पेमेंट भी कर दिया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने टिप मांगी तो ग्राहकों ने हनक दिखाते हुए पिस्टल लहरा दी। इस बीच गोली चलने की सूचना पर दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने पड़ताल की, लेकिन गोली चलाने की बात पर कोई भी व्यक्ति कुछ नहीं बोला। इस पर पुलिस ने राहत की सांस ली। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि ढाबे पर विवाद की बात सामने आई है। गोली चलने का मामला सामने नहीं आया है और न ही किसी ने शिकायत की है। यदि कोई शिकायत करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत

ललितपुर। थाना जखौरा अंतर्गत जखौरा-राजघाट मार्ग पर ग्राम खिरिया के पास एक बाइक सवार युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम लागौन निवासी देवेंद्र (25) पुत्र हरभजन राजपूत शनिवार की देर शाम बाइक से मायके गई अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल ग्राम पूनागढ़ सिरसी जा रहा था। वह जखौरा-राजघाट मार्ग में ग्राम खिरिया के पास ही पहुंचा था कि उसकी बाइक असंतुलित होकर सड़क किनारे एक नाले में गिर गई और युवक भी नाले में गिर गया। इसी दौरान उसका सिर पत्थर से टकरा गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्राम खिरिया के ग्रामीण सुबह जब वहां से निकले तो नाले में पड़े युवक देवेंद्र और उसकी बाइक को देखा, ग्रामीणों ने उसे पहचान लिया और घटना की जानकारी पास के गांव लागौन में मृतक के परिजनों को दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस युवक की मौत के मामले में पड़ताल कर रही है कि किसी वाहन के टकराने से युवक की मौत हुई है या फिर खुद ही उसके गिरने से मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।
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आसपास नहीं है भगवान विष्णु का मंदिर

मड़ावरा। गांव गोराकछया में दुर्लभ भगवान विष्णु की प्रतिमा का मिलना क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है। भगवान विष्णु की प्रतिमा के साथ हवनकुंड की वेदी मिलने से इस बात की आशंका लगाई जा रही है कि क्षेत्र में प्राचीन सभ्यता से जुड़ा कोई स्थान रहा होगा। अब पुरातत्व विभाग के ऊपर निर्भर करता है कि क्षेत्र में खुदाई कराता है या नहीं।
गांव गोराकछया के आसपास हजारों हेक्टेयर जमीन बंजर पड़ी थी। जंगली क्षेत्र होने के कारण लोगों का कम आना-जाना था। गांव से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर मध्यप्रदेश की सीमा लगती है। करीब 10 वर्ष पहले यहां पर जमीनों के पट्टे दिए गए, तब से यहां पर खेती होने लगी है और चहल-पहल शुरू हुई। भगवान विष्णु की प्रतिमा गांव के रामचरण कुशवाहा के खेत में मिली है। प्रतिमा खेत में अधिक गहराई पर नहीं थी। जब खुदाई करके प्रतिमा निकाली गई तो पास में ही हवनकुंड वेदी भी मिली है। अब गांव वालों ने श्री राधाकृष्ण मंदिर में भगवान विष्णु की इस दुलर्भ प्रतिमा को स्थापित करने का निर्णय लिया है।
क्षेत्र में आसपास कहीं भगवान विष्णु का मंदिर तो नहीं है और न ही पिछले समय में यहां भगवान विष्णु के मंदिर के प्रमाण मिले हैं, लेकिन खेत की खुदाई में भगवान विष्णु की प्रतिमा और हवनकुंड मिलना इस बात के संकेत दे रहा है कि हो सकता है कि यहां आसपास भगवान विष्णु के उपासक रहे हैं और उन्होंने यहां मंदिर बनवाया हो, जो कालांतर में क्षतिग्रस्त हो गया होगा।
ऐसे में अब पुरातत्व विभाग का दायित्व है कि वह प्रतिमा स्थल और आसपास के क्षेत्र की खुदाई कराए, क्योंकि जिले में ऐसे कई स्थान हैं। देवगढ़ में भगवान विष्णु का पांचवीं शताब्दी का दशावतार मंदिर है। राजकीय संग्रहालय में लगभग सवा सौ प्रतिमाएं संरक्षित हैं, जो नौवीं से ग्यारहवीं शताब्दी की हैं। एक ही पत्थर को तराश कर बनाई गई यह प्रतिमा भी बहुत पुरानी है। चांदपुर और दूधई में प्राचीन प्रतिमाएं हैं, पहाड में नृसिंह भगवान की प्रतिमा उकेरी गई है। ऐसे में संभावना है कि इस क्षेत्र में कोई सभ्यता रही होगी, वरना जंगल में भगवान की प्रतिमा कहां से आई।
पूर्व में खेत की जुताई करते समय किसान रामचरन के ट्रैक्टर के कल्टीवेटर के फल से प्रतिमा टकराई थी, लेकिन किसान ने ध्यान नहीं दिया और पत्थर समझकर अनदेखा कर दिया गया था।
आठ दस साल पहले ही जमीन पर खेती शुरू हुई है। पहले जमीन वीरान थी। आसपास भगवान विष्णु के किसी मंदिर के प्रमाण नहीं है।
- योगेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छपरौनी
भगवान विष्णु की प्रतिमा दुलर्भ है। जिलाधिकारी से बात करके इस प्रतिमा को संग्रहालय में रखवाया जाएगा। क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद ही अगला कदम उठाने का निर्णय लिया जाएगा।
- एसके दुबे, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी
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जिला अस्पताल में पानी की समस्या से परेशान मरीज

ललितपुर। जिला अस्पताल में समस्याएं कम नहीं हो पा रहीं हैं। वार्डों में भर्ती मरीज पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। मरीजों को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले में न तो बड़ेे नर्सिंग होम हैं और न बेहतर उपचार की सुविधा है। ऐसे में जिले की 14 लाख आबादी के उपचार के लिए जिला अस्पताल प्रमुख अस्पतालों में गिना जाता है। यहां पर समीपवर्ती मध्यप्रदेश के जिलों केे लोग भी इलाज कराने के लिए आते हैं। इससे काफी भीड़ रहती है। अस्पताल में ओपीडी के समय में लगभग डेढ़ हजार मरीज आते हैं। इमरजेंसी में भी मरीज इलाज कराने आते हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल में चार वार्ड संचालित हो रहे हैं, जिनमें विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
लेकिन, मरीजों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अब तक सीटी स्कैन की सुविधा शुरू नहीं की जा सकी है। वार्डों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। दिन में तो दूर रात्रि में भी पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों के तीमारदार दिन में परिसर के इर्द-गिर्द से पानी जुटा लेते हैं। कुछ मरीज बाहर लगे हैंडपंप से पानी लाने को मजबूर हैं। जो मरीज तीसरी मंजिल पर बने वार्ड में भर्ती होते हैं, उन्हें सर्वाधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मरीजों को अधिक बर्तन न होने से पानी जुटाने की समस्या हो जाती है। दिन में तो बाहर घूम कर पेयजल की व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन रात्रि में अधिक समस्या जटिल हो जाती है।
जानकारी के अभाव में तीमारदार बाहर आने डरते हैं। मरीज को अकेले छोड़ने की समस्या आती है। ऐसे में कई मरीज तो प्यासे रहकर रात गुजारते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
अस्पताल के वार्डों में पेयजल की सुविधा नहीं है। ऐसे अधिकांश मरीजों के तीमारदार बाहर से पानी जुटा रहे हैं। वहीं अकेले मरीजों को पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। अकेले होने के कारण पलंग छोड़कर जाने में परेशानी होती है। हालत खराब होने पर चलने- फिरने में समस्या होती है।
जिला अस्पताल में मरीजों को पेयजल की सुविधा मुहैया कराने के लिए तीन वॉटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें दो वॉटर कूलर डेढ़ वर्ष से खराब पड़े हैं। बुजुर्ग वार्ड में लगा वाटर कूलर ही पेयजल के लिए सहारा बना है। लेकिन, यह अधिक अंदर होने के कारण अधिकांश मरीजों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। मजबूरन मरीज हैंडपंप व टंकी के पानी से प्यास बुझा रहे हैं।
अस्पताल में टंकी भरने के लिए लगाई गई मोटरों में एक मोटर खराब हो गई। इससे दो दिनों तक तृतीय तल पर बने शौचालयों में पानी की कमी रही। इनकी सफाई करने के लिए द्वितीय तल की टंकियों को बंद करना पड़ा, तब जाकर तीसरे तल पर पानी पहुंचा।
अस्पताल में विभिन्न वार्डों के अलावा प्राइवेट वार्ड में भी भर्ती मरीजों को पानी नहीं मिल पा रहा है। जबकि, विभाग द्वारा मरीजों से प्राइवेट वार्ड में भर्ती करने का चार्ज अलग से लिया जा रहा है। इसके बावजूद पेयजल तो दूर शौचालय के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीजों को दिक्कत हो रही है।
मरीज को उपचार के लिए भर्ती किया है, लेकिन वार्ड में पेयजल के लिए कोई सुविधा नहीं है। दिन में तो पानी लाने में कोई दिक्कत नहीं है। रात में ठंड पड़ने पर जाने में समस्या होती है।
- रामस्वरुप कुशवाहा
अस्पताल के तीसरे तल के वार्ड पर भर्ती मरीज का इलाज चल रहा है। लेकिन, पेयजल के लिए अधिक परेशान होना पड़ रहा है। पानी के लिए बाहर लगे हैंडपंप पर जाना पड़ रहा है।
- ब्रजभान रमपुरा
अस्पताल के तृृतीय तल पर लगा वाटर कूलर खराब पड़ा है, जिससे पेयजल की समस्या हो रही है। बजट के अभाव में कूलर ठीक नहीं हो पा रहा है। बजट मिलते ही समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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बालू से लदी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी

ललितपुर। ललितपुर वन रेंज अंतर्गत अवैध परिवहन के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में ग्राम जाखलौन के पास बालू से लदी ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ी गई। वन कर्मियों ने ट्रैक्टर चालक से जुर्माना वसूला है।
ललितपुर वन रेंज अंतर्गत क्षेत्र में अवैध गतिवधियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गत दिवस कैलगुवां रोड के पास आरामशीन में इमारती अवैध लकड़ी बरामद हुई। इसमें नीम, चिरौल, गुरार, सैमल आदि की लकड़ी शामिल थी। इस दौरान आरामशीन संचालक कागजात नहीं दिखा सका था। रविवार को ग्राम जाखलौन में एक बालू से लदी ट्रैक्टर - ट्राली पकड़ी गई। इस दौरान चालक निकासी प्रपत्र नहीं दिखा सका था। इस पर वन कर्मियों ने बीस हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। दो दिन में दो मामले पकड़े गए हैं। इससे स्पष्ट है कि ललितपुर वन रेंज क्षेत्र में अवैध गतिविधियां करने वाले सक्रिय बने हुए हैं।
आरामशीन पर अवैध लकड़ी बरामद होने के पीछे भी यही है। आरामशीनों पर चोरी छिपे अवैध लकड़ी लाई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि अन्य आरामशीनों पर भी छापामार कार्रवाई की जाए तो अवैध लकड़ी पकड़ी जाएगी। आरामशीनों पर कभी- कभार होने वाली कार्रवाई से संचालक नियमों की अनदेखी करने लगते हैं। जब शहर के बीच में संचालित आरामशीन पर अवैध लकड़ी बरामद हो रही है तो ग्रामीण क्षेत्र की आरामशीन के संचालन की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
ग्राम सभा में होने वाले खनन में कोई सीधे हाथ नहीं डालता है। वन विभाग इसे खनन विभाग का मामला बताकर कार्रवाई से बच निकलता है। वहीं, खनन विभाग भी इस तरह के मामलों में अनभिज्ञता दर्शाता है। इस वजह से अवैध निकासी के मामले बढ़ रहे हैं।
बालू से लदी ट्रैक्टर- ट्राली के चालक के पास निकासी के संबंध में कोई कागजात नहीं थे।
- राजेंद्र सिंह
ललितपुर वन रेंजर
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