विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
Astrology Services

विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

जानें कौन हैं श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास

राम मंदिर आंदोलन के अहम किरदार रहे अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास को राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है। जानें, उनके बारे में:

19 फरवरी 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

ललितपुर

बुधवार, 19 फरवरी 2020

चार पहिया वाहन पलटने से एक की मौत्, चार घायल

ललितपुर। सोमवार को थाना महरौनी अंतर्गत टीकमगढ़ मार्ग पर आनंदपुर के पास तेज रफ्तार से जा रहे वाहन ने मोटरसाइकिल को क्रास करने के दौरान पेड़ से टकरा गया। इससे उसमें बैठे एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
थाना महरौनी अंतर्गत ग्राम सिलावन निवासी प्रेमनारायण (38) पुत्र सूूके सोमवार को दोपहर में लगभग दो बजे अपने भतीजे रोहित की शादी तय करने के लिए परिवार के करीब नौ सदस्यों के साथ टीकमगढ़ के कुंडेश्वर मंदिर जा रहे थे। अभी वह महरौनी से कुछ दूूर आगे आनंदपुर के पास पहुंचे थे कि तेज रफ्तार चार पहिया वाहन चालक ने आगे जा रही मोटरसाइकिल को क्रास करने की कोशिश की। इसी दौरान गाड़ी असंतुलित हो गई और सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराया।
इससे उसमें बैठे प्रेमनारायण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य तिजू (55) पुत्र टोड़े, दीपक (17) पुत्र प्रेमनारायण, रोहित (18) पुत्र कंछेदी और वंदना (15) पुत्री कंछेदी गंभीर रुप से घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को महरौनी अस्पताल ले गई। जहां से सभी को जिला अस्पताल भेज दिया गया। घायल रोहित ने बताया कि गाड़ी चालक परिवार का है, उसने तेज गति में मोटरसाइकिल को क्रास करने की कोशिश की, लेकिन स्टीयरिंग नहीं मोड़ सका और वह सीधे पेड़ से टकराकर पलट गई। वहीं, महरौनी पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो घायल विद्यार्थियों की आज से है बोर्ड परीक्षा
चार पहिया वाहन दुर्घटना में घायल दीपक पुत्र प्रेमनारायण बारहवीं का छात्र है और उसकी चचेरी बहन वंदना पुत्री कंछेदी कक्षा दसवीं की छात्रा है। आज से दोनों की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इस कारण दोनों परेशान रहे कि इलाज कराने को भर्ती हों या फिर घर जाकर परीक्षा की तैयारी करें। चिकित्सकों की सलाह के बाद उपचार कराने के बाद दोनों को घर भेज दिया गया।
... और पढ़ें

दिनों दिन फैल रहा अस्पताल का कचरा, बाहर बैठने को मजबूर हुए मरीज

ललितपुर। जिला अस्पताल में गंदगी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। कचरा स्थल का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। यह कचरा आयुष भवन के सामने तक आ पहुंचा है। मजबूरन होकर होम्योपैथिक चिकित्सक बरामदे में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
जिला अस्पताल में खुले में पड़े दूषित कचरे व पॉलिथीन छुट्टा गाएं खा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इसका उदाहरण जिला अस्पताल के आयुष भवन के पास पड़ी गंदगी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। कचरे का उठान नहीं होने से उसका दायरा दिनोंदिन बढ़ता रहा है। इससे मरीजों को अपनी बारी के लिए बैठना तो दूर ठहरना भी मुश्किल हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा चिकित्साधिकारियों व अन्य कर्मचारियों के रास्ते और स्टाफ हॉस्टल के पास से तो कचरा स्थल को हटाकर सुविधा कर ली है, लेकिन मरीजों को मुश्किल पैदा करने के लिए आयुष भवन के पीछे कचरा स्थल का निर्माण करा दिया गया। शुरुआत में तो कचरा के पड़ने से कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन धीरे-धीरे कचरा की मात्रा बढ़ने से भारी ढेर लग गया है। इसका उठान नहीं होने से कचरा आयुष भवन को घेरता जा रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि आयुष भवन के होम्योपैथी कक्ष के तीनों ओर कचरा जमा हो गया है।
कई माह से कचरा का उठान नहीं होने से अब कचरा आयुष भवन के दरवाजे के पास आ गया है। मरीजों का आयुष भवन के पास ठहरना मुश्किल हो रहा है। इस कचरे को बंद करने के लिए गेट लगाया, लेकिन उठान नहीं होने से गेट भी लगने की स्थिति में नहीं रहा है। इस कचरा के खुले में होने से इसको गोवंश खा रहे हैं। यहां तक कि चिकित्सक भी ओपीडी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, तो मरीजों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सका है।
आयुष भवन के पास बने कचरा घर से उठान नहीं होने से बैठना तो दूर ठहरना मुश्किल हो गया है। ज्यादा देर तक ठहरने से दुर्गंध से उल्टी होने लगती है। इसको शीघ्र ही हटवाया जाए।
- मनोज कुमार
शासन गोवंश के लिए गंभीर नजर आ रही है, लेकिन जिला अस्पताल में गोवंश पॉलिथीन व दूषित कचरे को खा रही हैं। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- नवनीत कुमार
चिकित्सक कई बीमारियों में मरीजों को स्वच्छ रहने की सलाह देते हैं, लेकिन चिकित्सक अपने ही परिसर को साफ नहीं रख पा रहे हैं। यहां पर होम्योपैथी ओपीडी में ठहरना मुश्किल हो रहा है।
- अभय राजपूत
जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री का स्वच्छता अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। शासन भले ही प्रयास कर रहा हो, लेकिन जिम्मेदार वेपरवाह बने हैं, इससे अस्पताल में कचरे का ढेर लग गया है।
- आशा देवी
आयुष भवन के पास पड़े कचरे के फैलने की जानकारी हुई है, जिसे शीघ्र ही साफ कराकर हटवाया जाएगा।
- डॉ. एस के वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
... और पढ़ें

कुटिहार के महादेव का तिल- तिल बढ़ रहा स्वरूप

मड़ावरा। तहसील मुख्यालय मड़ावरा से 15 किलोमीटर दूर पूर्व दिशा में ग्राम बढ़वार और गर्रोलीमाफ के बीच कुटिहार में प्राचीन सिद्ध क्षेत्र जिसे महादेवकुंड आश्रम है। यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण होने के साथ-साथ लोगों की अटूट आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि यहां नदी के बीच विराजे भगवान भोले नाथ का स्वरूप तिल-तिल करके बढ़ रहा है। भगवान शिव जिस अर्जुन (कवा) के पेड़ से प्रकट हुए थे, वह पेड़ आज आज भी नदी के पानी में जस का तस पड़ा है।
कुटी हार परिसर में तीन सौ वर्ष से अधिक पुराना दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर है। इसके नवीनीकरण का काम ग्रामीणों द्वारा कराया जा रहा है। इसी मंदिर के नजदीक बंडई नदी के तट पर पार्वती मंदिर है। परिसर की पूर्व दिशा में श्रीशनिदेव महाराज का प्राचीन चबूतरा बना है, यहां पर क्षेत्रीय लोगों की आस्था है। महादेव कुंड के जल की बड़ी मान्यता है। यहां पर वर्ष के किसी भी मौसम में जल सूखता नहीं है, चाहे कितनी भी भीषण गर्मी क्यों न हो। किसान दूरदराज से यहां पहुंचकर कुंड का जल ले जाते हैं और खेतों में छिड़काव करते हैं। किसानों का मानना है कि इससे कीट-पतंगे फसलों में नुकसान नहीं पहुंचाते।
महादेव कुंड आश्रम के बारे में कहा जाता है कि आश्रम से 22 किलोमीटर दूरी पर स्थित सिद्ध क्षेत्र पांडव वन धाम पर लगभग 17 वीं शताब्दी में मंदिर की पूजा अर्चन करने के लिए संत अमरदास रहते थे। जिन्हें भगवान शिव ने रात्रि में स्वप्न दिया था कि वे ग्राम गर्रोलीमाफ के मध्य स्थित कुटीहार में जाकर में बंडई नदी के तट पर खड़े कवा (अर्जुन) के पेड़ में अदृश्य रूप में स्थापित हैं और अब प्रकट होना चाहते हैं। जब संत अमरदास उक्त स्थान पर पहुंचे और ग्रामीणों को स्वप्न के बारे में बताया तो लोगों को यकीन नहीं हुआ, फिर भी संत के बताए स्थान पर गांव के लोगों ने यज्ञ और हवन किया। जैसे ही कवा के पेड़ को काटा गया, शंकर भगवान पिंडी के रूप में दिखाई दिए।
लोगों ने शंका समाधान के लिए कवा के पेड़ को वहां से हटाया, तब लगभग पांच फीट गहराई तक शिव पिंडी निकलती गई। उसे बाद में चबूतरा निर्माण के साथ प्रतिष्ठित किया गया। जो अब भी मौजूद है और धीरे- धीरे पिंडी का आकार स्वत: बढ़ रहा है।
प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में बंडई नदी पूरे वेग के साथ उफान पर होती है। ऐसे में वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी महादेव कुंड के पास अब भी वह अर्जुन (कवा) का सूखा पेड़ पानी में पड़ा है। इस पेड़ में करीब तीन शताब्दी पहले भगवान शिव की पिंडी निकली थी। पहले यहां पर महाशिवरात्रि पर मेला लगता था, आसपास और दूरदराज के लोग बड़ी संख्या में आते थे। लेकिन, अब मेला बंद हो गया है। फिर भी आस्थावान महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को जल अर्पण करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।
------------------
रास्ता है कंकरीला- पथरीला
भगवान शिव के दर्शन करने के लिए पगडंडियों के सहारे जाना पड़ता है। यह क्षेत्र तहसील मड़ावरा से 15 किलोमीटर और ग्राम गिरार से पांच किलोमीटर दूर है। रास्ता कंकरीला और पथरीला है। बेहतर रास्ता नहीं होने के कारण पर्यटक यहां तक नहीं पहुंच पातें। श्रद्धालुओं के लिए यहां न तो पानी की व्यवस्था है और न बिजली की। यहां पर ठहरने का भी कोई साधन नहीं है।
कुटी हार का प्राचीन शिव स्थल कौतुहल का विषय बना हुआ है। यहां पर भगवान शिव की प्रतिमा स्वत: अपना आकार बढ़ा रही है।
- इमरत प्रसाद पाराशर, पुजारी
-----------------
भगवान शिव की पिंडी जहां नदी में स्थापित है, वहां पास में ही जल कुंड है। जलकुंड का जल कभी खाली नहीं होता। इस पानी के प्रति बड़ी आस्था है।
- घूमन सिंह यादव, ग्राम गर्रोलीमाफ
पुरातत्व विभाग इस क्षेत्र पर ध्यान दे तो यह पर्यटन से आय का बड़ा माध्यम बन सकता है। यहां पर आने- जाने के लिए पक्का मार्ग बनना जरूरी है। बरसात में यहां तक पहुंचना बहुत कठिन है।
-लट्टू सिंह लोधी, ग्राम बढ़वार
---------------
... और पढ़ें

सरकार का सबसे बड़ा बजट भी लोगों को लुभा नहीं पाया

ललितपुर। प्रदेश की योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश किया। इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। इस पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा, कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि जो लोगों ने अपेक्षाएं की थी, उस ओर योगी सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। बेरोजगार मायूस हैं। वहीं, भाजपा नेताओं ने हर वर्ग के लिए हितकारी बजट बताया है।
प्रदेश सरकार ने सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा पर जोर रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे, हर जिले में युवा हब, महिला सशक्तिकरण पर जोर, अटल आवासीय योजना, न्यायालयों में सुरक्षा व्यवस्था, समग्र शिक्षा अभियान, राज्य सड़क निधि, ग्रामीण मार्गो पर फोकस किया गया है। हालांकि, राजनीतिक दल के लोग इसे अपने-अपने हिसाब से देख रहे हैं। आम आदमी भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है।
सरकार के बजट में बुंदेलखंड की गरीबी को दूर करने के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया है। विशेषकर बेरोजगारी की समस्या को करने के मामले में ठोस रणनीति की कमी दिखाई दे रही है।
- भीम चौरसिया
इस समय देश व प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार का है। रोजगार बढ़ाने के नाम पर बेरोजगारों को लॉलीपॉप देने का काम किया गया है। इससे बेरोजगारी कम होने वाली नहीं है। कुल मिलाकर बजट से मध्यवर्गीय वर्ग में मायूसी देखी जा रही है।
- हरिबाबू शर्मा
सरकार का बजट सामान्य रहा है। योगी सरकार ने लोगों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया है। जिससे बजट के प्रति लोगों में आकर्षण दिखाई नहीं दिया है।
- कैलाश नारायण डयोडिया
सरकार के बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है। इससे लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने हितकारी बजट बताया।
- बद्री प्रसाद पाठक
बजट में अधिवक्ताओं के लिए कुछ भी प्राविधान नहीं किया गया है। मंदिरों के विकास व स्वास्थ्य पर पैसा खर्च करने की योजना बनाई गई है। फैक्ट्री, उद्योग स्थापना को नजरअंदाज कर दिया गया है।
- संदेश कुमार जैन
सुमंगला योजना में बालिकाओं, दिव्यांगों, स्वास्थ्य, मेट्रो के लिए पैसा दिया गया है। जो बजट में प्राविधान किए गए हैं, उसे हकीकत में उतारा गया तो प्रदेश में विकास की रफ्तार में तेजी आएगी।
- मनीष जैन
सरकार ने बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे व डिफेंस एक्सो पर फोकस किया गया है। इससे रोजगार का सृजन होगा और बेरोजगारी में कमी आएगी। बजट में हर वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है।
- रूपेश साहू
बजट में बुंदेलखंड के विकास पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है। यहां के लिए बड़े बजट की आवश्यकता है, जिसे नहीं देकर सरकार ने बुुंदेलखंड के लोगों के छलावा किया है।
- महेंद्र सिंदवाहा
बुंदेलखंड की गिनती पिछड़े में होती है और ललितपुर जिला सबसे ज्यादा पिछड़ा है। यहां के किसान आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
- नरेंद्र राठौर
सरकार का बजट बड़ा होने के बाद भी निराशाजनक साबित हुआ है। बजट में जिन चीजों का प्राविधान किया गया है, वे दिखावे की प्रतीत होती हैं। अस्पतालों में आज भी चिकित्सक, स्टाफ व मशीनरी की कमी बनी हुई है। केवल मेडीकल कालेज की घोषणा से कुछ होने वाला नहीं है।
- जगदीश कुशवाहा
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे में किसानों की जमीन ही जाएगी। इससे क्षेत्र में रोजगार बढ़ने वाले नहीं हैं। केवल रोजगार के दावे किए जा रहे हैं। मुगेरी लाल के हसीन सपने जैसा बजट प्रतीत हो रहा है।
- आशीष अग्रवाल
बजट में इलेक्ट्रानिक बसों की व्यवस्था की गई है। इससे पर्यावरण को सुधारने में मदद मिलेगी। पाक्सों के लिए 218 कोर्ट के गठन का फैसला भी सही है। तेजाब, बलात्कार पीड़ितों के लिए धन की व्यवस्था की गई है।
- संजीव साहू
कई शहरों में मेट्रों की व्यवस्था की गई है। इससे आने-जाने के साधन सुलभ होंगे, साथ ही प्रदूषण पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
- रास बिहारी तिवारी
बजट में व्यापारी, गरीब वर्ग का ध्यान रखा गया है। इससे लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ेगी और उन्हें संबल प्राप्त होगा।
- राजकुमार जैन
असाध्य रोगों के लिए निशुल्क इलाज की पहल अच्छी है। राष्ट्रीय पोषण अभियान व मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए पर्याप्त बजट दिया गया है।
- राजेश लिटौरिया
समग्र शिक्षा के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है लेकिन ब्लाक स्तर पर बालिकाओं के लिए इंटर व उच्च शिक्षा के कालेज खोलने की बात इसमें शामिल होती है तो और भी अच्छा रहता।
- नीरज चतुर्वेदी
सरकार के बजट में किसानों के लिए कोई खास प्राविधान नहीं किया गया है। बुंदेलखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं होने के बाद भी इसके विकास के लिए कोई बड़ी धनराशि की व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने इसे लुभावना बजट बताया।
- उवेश खान
... और पढ़ें

श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई

पुलवारा। ब्लॉक बार के ग्राम बरौदा डांग में श्री कैलाशपति मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास नीरज नयन शास्त्री ने धरती पर कंस के अत्याचार और श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
उन्होंने कहा कि द्वापर युग में जब पृथ्वी पर राक्षसों के अत्याचार बढ़ने लगे तो पृथ्वी गाय का रूप धारण कर अपनी व्यथा सुनाने के लिए तथा उद्धार के लिए ब्रह्मा जी के पास गई। पृथ्वी पर पाप कर्म बहुत बढ़ गए यह देखकर सभी देवता भी बहुत चिंतित थे। ब्रह्माजी सब देवताओं को साथ लेकर पृथ्वी को भगवान श्री विष्णु के पास क्षीर सागर ले गए। उस समय भगवान विष्णु शयन कर रहे थे। स्तुति करने पर भगवान की निद्रा भंग हो गई। भगवान ने ब्रह मा जी एवं सभी देवताओं को देखकर उनके आने का कारण पूछा तो पृथ्वी बोलीं कि भगवान में पाप के बोझ से दबी जा रही हूं, मेरा उद्धार करें।
यह सुनकर भगवान विष्णु उन्हें आश्वस्त करते हुए बोले चिंता न करें मैं अवतार लेकर पृथ्वी पर आऊंगा और इसे पापों से मुक्ति प्रदान करूंगा। मेरे अवतार लेने से पहले कश्यप मुनि मथुरा के यदुकुल में जन्म लेकर वसुदेव नाम से प्रसिद्ध होंगे। तब मैं ब्रजमंडल में वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से ‘कृष्ण’ के रूप में जन्म लूंगा और उनकी दूसरी पत्नी के गर्भ से मेरी सवारी शेषनाग बलराम के रूप में उत्पन्न होंगे। तुम सब देवतागण ब्रज भूमि में जाकर यादव वंश में अपना शरीर धारण कर लो। कुरुक्षेत्र के मैदान में मैं पापियों का संहार कर पृथ्वी को पापों से भार मुक्त करूंगा।
कंस एक क्रूर और दुराचारी राजा था, जिसने अपनी बहन और बहनोई को कारागार में बंदी बनाकर रखा था। उसके अंत के लिए भगवान विष्णु ने जब देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया तो उस रात सारे सिपाही सो गए और कारागार के दरवाजे और हथकड़ियां खुल गईं। जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तो कंस का बंदी गृह प्रकाशमान हो उठा। वासुदेव कृष्ण को गोकुल में नंद के घर छोड़ आए। श्रीकृष्ण का जन्म होते ही श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में झूम उठे।
इस अवसर पर श्री झूमरनाथ धाम के महंत चंद्रशेखर दास महाराज, पंकज शास्त्री बरोदाडांग, रामगोपाल मिश्र, बृजेश मिश्र, हरीराम मिश्र, संदीप मिश्र, रामसहाय तिवारी, रूपनारायण मलैया, रामनारायण मलैया, सत्यनारायण मलैया, विशाल मलैया, राजेश मलैया, आनंद मलैया, आकाश, विकास आदि लोग मौजूद रहे।
... और पढ़ें

श्रीजी विमान की की शोभयात्रा निकाली

बिरधा। जैन समाज बिरधा द्वारा नवनिर्मित जैन मंदिर और त्रय वेदियों की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर श्रीजी के विमान की शोभायात्रा निकाली गई।
जैन मंदिर में शांति विधान हुआ। शोभायात्रा में धर्म ध्वजा पताका फहराने का सौभाग्य प्रतीक जैन मोदी, पीयूष चौधरी को मिला। शोभायात्रा में समाज के उत्साही युवाओं और बच्चों द्वारा बैंडबाजों से दिव्य घोष किया गया। सैरा मंडली आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालु मंगलगान कर रहे थे और जयकारा लगाते हुए चल रहे थे। श्रद्धालुओं ने अपने घर के दरवाजों पर रंगोली सजाकर श्रीजी की मंगल आरती उतारी।
इस अवसर पर बाहर से आए धर्म श्रेष्ठियों में सेठ शिखर चंद सर्राफ किसलवांस, सुधीर जैन पाली, जैनेंद्र जैन, देवकुमार जैन, मुन्नालाल, जिनेंद्र पारोल, शीलचंद्र जैन आदि का बिरधा के जैन समाज ने अभिनंदन किया। सौधर्म इंद्र, ईशान इंद्र बनने का सौभाग्य प्रेमचंद पंकज बिरधा, कैलाश चंद, अभिषेक व शांतिधारा का सौभाग्य राजीव जैन, राजेंद्र चौधरी, अनिल मोदी को मिला। विमान में श्रीजी को विराजमान करने का सौभाग्य कैलाश चंद्र, संजय जैन मोदी, संजीव जैन, राजीव जैन, मुकेश मोदी परिवार को मिला।
इस मौके पर प्रेमचंद्र पंकज जैन बिरधा, नरेंद्र मोदी, सनत चौधरी, अशोक चौधरी, अशोक मोदी, सुरेश चंद, संजय जैन मोदी, नेमीचंद, कैलाश चंद, संतोष जैन, संजीव कुमार, राजीव कुमार, अनिल जैन, लख्मी चंद, प्रकाश चंद, प्रदीप जैन, राजकुमार मोदी, मुकेश चंद, सुनील जैन, कमलेश चौधरी आदि मौजूद रहे।
... और पढ़ें

पहले दिन दो हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा

ललितपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई। पहले दिन 2,033 परीक्षार्थियों ने प्रतिभाग नहीं किया। जनपद मुख्यालय पर स्थित कंट्रोल रूम में सीसीटीवी से निगरानी रखी गई। वहीं, सचल दल भी केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
मंगलवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल के हिन्दी विषय में नामित 20,843 के सापेक्ष 19471 छात्र/छात्राएं उपिस्थत रहे। इस तरह 1372 छात्र/छात्राएं अनुपस्थित रहीं। सुबह की पाली में कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पाया गया। वहीं, द्वितीय पाली में सामान्य हिन्दी एवं साहित्यिक हिन्दी में नामांकित 14749 के मुकाबले 14088 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। इस पाली में 661 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिले में गठित चार सचल दलोें ने जनपद के 47 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया।
जनपद मुख्यालय पर स्थित कंट्रोल रूम में सीसीटीवी से निगरानी रखी गई। मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी ने वर्णी कॉलेज इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। वहीं, कंट्रोल रूम से 47 परीक्षा केंद्रों का सीसीटीवी लाइव प्रसारण से निरीक्षण किया। प्रथम दिवस की परीक्षा में लगभग 1400 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस दौरान प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती रही।
... और पढ़ें

भूसे पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के मंडलायुक्त ने दिए निर्देश

कैप्सन - परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले चेकिंग करते अध्यापक
ललितपुर। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने गोवंश आश्रय स्थल दूधई- डुंगरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भूसे एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। गोवंश के गोबर को गड्ढा में एकत्र किया जाए।
गोवंश आश्रय स्थल में कुल 1195 गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें से 99 प्रतिशत गोवंश की इयर टैंगिंग का कार्य तथा 430 बछड़ों का बधियाकरण अब तक किया जा चुका है। गोवंश आश्रय स्थल में गोवंश की देखरेख हेतु 18 मजदूर एवं 02 चौकीदार कार्यरत हैं। परियोजना निदेशक डीआरडीए इस गौवंश आश्रय स्थल के प्रभारी अधिकारी हैं। यहां पर 06 टीन शैड बने हुये हैं जिनमें से 03 टीन शैड 2017-18 की सरकारी धनराशि से कार्यदायी संस्था सी0एल0डी0एफ0 द्वारा बनाये गए हैं, तथा 03 टीन शैड मनरेगा की धनराशि से बनाये गए हैं। इस गौवंश आश्रय स्थल पर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय सिंह कार्यरत हैं। गौवंश को भोजन में चोकर एवं भूसा मिलाकर दिया जाता है। मौके पर उन्होेंने भूसा गोदाम, शेड, गौवंश के लिए भोजन की उपलब्धता, चरही एवं अन्य संसाधनों का जायजा लिया।
आयुक्त महोदय द्वारा यहां पर गौवंश के गोबर के निस्तारण के बारे में तथा गौवंश के लिए दवाओं की उपलब्धता के बारे में पूछा गया तथा उन्होंने निर्देश दिये कि गौवंश के लिए भूसे एवं पानी की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की जाये, साथ ही गौवंश के गोबर को पिट में एकत्र किया जाये। उन्होंने कहा कि सरकार गौवंश के कल्याण के लिए पूर्ण रुप से प्रतिबद्ध है, गाय को हमारे देश में माता कहा जाता है, इसलिए गौवंश के रखरखाव में हमारे द्वारा कोई भी कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। यह एक पुण्यकार्य है, जिसमें हम सभी को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए।
इस अवसर संयुक्त विकास आयुक्त श्री चन्द्रशेखर शुक्ला, जिलाधिकारी, ललितपुर श्री योगेश कुमार शुक्ल, पुलिस अधीक्षक कैप्टन एम0एम0 बेग, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय, परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 बलिराम वर्मा, उप जिलाधिकारी पाली अनिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 एस0 के0 शाक्य, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संजय सिंह, तहसीलदार पाली अभिषेक, सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय सहित जनपद/तहसील स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला सूचना अधिकारी,
ललितपुर
... और पढ़ें

सहरिया आदिवासियों की आवाज नहीं बन सके राज्यमंत्री

ललितपुर। प्रदेश सरकार के श्रम और सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ अब तक कमजोर वर्ग की आवाज नहीं बन सके हैं। जिस धौर्रा गांव से उनका नाता है, उसमें सहरिया आदिवासियों की अनगिनत समस्याएं हैं। किसी को सस्ता राशन नहीं मिल रहा है तो कोई पेयजल एवं आवास के लिए परेशान है। पानी की समस्या इतनी विकट है कि यहां के लोगों ने शौचालय का उपयोग करना बंद कर दिया है। कुछ लोग तो शौचालय में अपनी गृहस्थी का सामान रखे हैं।
ब्लाक बिरधा अंतर्गत ग्राम धौर्रा इमारती पत्थर के खनन के लिए पहचाना जाता है। वर्तमान में यहां अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में दो दर्जन से अधिक खदानें बंद चल रही हैं, जिससे लोगों को रोजगार के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। गांव के मुख्य बाजार में वर्षों पहले डाली गई सीसी सड़क में जगह-जगह छोटे-छोटे गड्ढे उभर आए हैं। यहां की नालियों पर लोगों ने पक्के चबूतरे बना लिए हैं, इस कारण नालियों की सफाई नहीं हो पा रही है। बरसात के दिनों में पानी सड़क पर जमा हो जाता है। कुछ नालियां अस्त-व्यस्त होने से गंदा पानी इधर-उधर बह रहा है।
बाजार के पास पक्का कुआं है, जो अब कचरा घर बन गया है। सबसे ज्यादा समस्या सहरिया बस्ती में है, जहां लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। पिपराबांसा परियोजना क्षेत्र के कई गांवों की प्यास बुझाती थी जो अब हांफ रही है। टंकी से आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। सहरिया बस्ती के लोगों को एक किलोमीटर की दूरी से पानी भरना पड़ता है। कइयों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसे लोग कच्चे मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। लोगों के घरों में शौचालयों का निर्माण हो गया है। इसके निर्माण में मनमानी बरती गई है। गड्ढों को मानक अनुरूप नहीं बनाया गया है। पानी की समस्या के चलते अधिकतर लोगों ने शौचालयों का उपयोग बंद कर दिया है। कुछ लोगों ने तो शौचालयों में अपनी गृहस्थी का सामान रखना शुरू कर दिया है।
जिला पंचायत ने कांजी हाउस गो आश्रय स्थल का निर्माण कराया है, लेकिन उसमें पशु एक भी बंद नहीं हैं। सुखनंदन के मकान से कपासी तिगैला की ओर सीसी निर्माण अधूरा है। इस मार्ग पर जगह-जगह कचरा पसरा है। नाली भी सफाई के अभाव में बजबजा रही हैं। परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा शिक्षक व शिक्षिकाओं की मनमानी का शिकार हो गई है। कुल मिलाकर ग्राम धौर्रा की व्यवस्था देखकर यह कह सकते हैं कि राज्यमंत्री अपने ही गांव के विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं, जिसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्राम धौर्रा सहित आसपास के कई गांवों में पेयजल की समस्या है। पिपरिया चौराहे पर एक ही हैंडपंप लगा है, जबकि यहां लोग बड़ी संख्या में बैठकर आने-जाने का साधन तलाशते हैं। शौचालयों के निर्माण में भारी गड़बड़ी बरती गई है।
- राजेश कुमार यादव
दो साल पहले आवास के लिए फार्म भरा था, लेकिन उसका आवास अब तक स्वीकृत नहीं हो सका है। शौचालय निर्माण के लिए नौ हजार रुपये की किस्त मिली, उसके उपरांत अगली किस्त नहीं दी गई है। इससे शौचालय पूर्ण नहीं हो पा रहा है।
- सुकनंदन
मोहल्ले की नाली चोक है, इससे नाली से दुर्गंध उठती है। वहीं, पीने के पानी की भी परेशानी है। हैंडपंप का पानी घर के लिए उपयोग करते हैं।
- सुशीला
आठ दिन में एक दिन पाइप लाइन से पानी मिलता है। इस कारण दो किलोमीटर की दूरी से पानी भरना पड़ता है। पानी ढोते- ढोते सिर भी कांपने लगता है। पानी की समस्या बहुत विकट है, जिसे कोई निस्तारित नहीं कर रहा है।
- काशीबाई
मैन सड़क को सीसी सड़क में बदल दिया है, लेकिन अंदर के रास्ते या तो कच्चे हैं या फिर खडंजा डला है। बस्ती के अंदर के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- भगवान सिंह
पहले सस्ता राशन मिलता था, लेकिन किसी ने सूची से नाम कटवा दिया या कट गया। इससे राशन मिलना बंद हो गया है। तीन माह से कोई राशन नहीं मिला है। ऑनलाइन फार्म जमा किया तो भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। आवास भी नहीं मिला है। बड़े लोगों की ही सुनवाई हो रही है।
- उमा
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्म तो भरा लिए जाते हैं, लेकिन लाभ किसी योजना का नहीं मिलता है। सहरियों की कोई सुनने वाला नहीं है। बस्ती में कोई भी अधिकारी समस्या जानने के लिए नहीं आता है।
- बहादुर
पूप्र सर्दी के सीजन में पानी का इंतजाम साइकिल पर कुप्पा बांधकर किया है। अब गर्मी आ रही है तो समस्या और भी कठिन होने वाली है, यह चिंता दिन रात बनी रहती है।
- राजा
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन उसमें पानी डालने के लिए समस्या है। पानी बहुत दूरी से ढोकर लाना पड़ता है। कोई यहां की समस्याएं देखने भी नहीं आता है।
- बादाम
पानी की समस्या का हल तब निकलेगा, जब जल संस्थान अपने कर्मियों को नियमित करे। शिक्षा के लिए गांव में अटल आवासीय स्कूल स्वीकृत हो गया है। वहीं, इंटर कॉलेज के भवन का काम लग गया है। हालांकि, उच्च शिक्षा की अभी कमी है। परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षिकाएं भोपाल व अन्य जिलों से आते हैं, जिसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। गांव में केवल एक सफाई कर्मचारी है।
- बबीता मिश्रा, ग्राम प्रधान, धौर्रा
पेयजल की व्यवस्था के लिए हर घर नल योजना स्वीकृत हो गई है। सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। सहरिया बस्ती में देवी मंदिर तक सड़क बनी है। खदानें चालू होने पर रोजगार की व्यवस्था हो जाएगी। इनके संचालन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।
- मनोहरलाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन
... और पढ़ें

जिला अस्पताल में लगा रहा राजनीतिक दलों का जमावड़ा

ललितपुर। पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति की मारपीट से मौत होने के मामले की खबर मिलने मिलने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
ग्राम नाराहट निवासी देवेंद्र की मौत की खबर मिलने पर जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों के लोग पहुंचना शुरू हो गए। पूर्व विधायक फेरनलाल अहिरवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह लोग मेरे पास आए थे, जिस पर मैंने चौकी इंचार्ज के पास जाकर इलाज कराने के लिए छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन चौकी इंचार्ज द्वारा नहीं छोड़ा गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य व पूर्व सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, बसपा जिलाध्यक्ष बाबूराम, बसपा नेता संतोष कुशवाहा, कपिल अहिरवार, अमर विश्वकर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत व अन्य नेता भी पहुंच गए।
पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से वार्ता की। उन्होंने 25 लाख रुपये मदद देने, आवास देने अंत्येष्टि के लिए मदद देने और थाना कर्मचारियों का स्थानांतरण करने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
खेती करके परिवार का करता था पालन पोषण
मृतक देवेंद्र खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वह ट्रैक्टर चलाकर मजदूरी भी करता था। मृतक दो भाइयों में बड़ा था, उसके दो बच्चे हैं।
मामले की जांच कराई जाएगी। तहरीर मिली है, जिस पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। दोषी के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिक से अधिक मदद दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। आऊटसोर्स का पद रिक्त होने पर किसी आश्रित को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - योगेश कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी
... और पढ़ें

अद्भुत है भगवान नीलकंठेश्वर की त्रिमुखी प्रतिमा -

पाली। बुंदेली वसुंधरा की कोख में विंध्यांचल पर्वत की सुरम्य वादियों में आस्था के केंद्र बिंदु भगवान श्री नीलकंठेश्वर अपने गर्भ में हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति व सभ्यता की कहानी समेटे हैं। यह पीठ ज्योतिष और तांत्रिक साधकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंदिर में विराजमान भूतभावन भगवान शिवजी की त्रिमुखी प्रतिमा का निर्माण नौवीं शताब्दी में चंदेल कालीन राजाओं के द्वारा कराया गया था।
मंदिर की इसकी वास्तु शिल्प देखते ही बनती है। मंदिर को जाने के लिए सौ से ज्यादा सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है। गर्भ गृह में प्रवेश के साथ ही काले बलुए पत्थर पर भगवान शिव के त्रिमुखी दर्शन होते हैं। नीचे फर्श पर एकमुखी ज्योतिर्लिंग स्थापित है। यहां भगवान के अर्ध नारीश्वर स्वरूप के दर्शन होते हैं। एकमुखी ज्योतिर्लिंग का हिंदू वेद पुराणों में बड़ा महत्व है। महाशिवरात्रि पर मंदिर में भगवान भोलेनाथ और राजा हिमांचल की पुत्री गौरा का विवाह धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बुंदेली परंपरा के साथ संपन्न होता है। राजा हिमांचल एवं रानी मैना के चयनित पात्र अपनी पुत्री गौरा का कन्यादान लेंगे।
विवाह में शिव पक्ष एवं गौरा पक्ष से जुड़ी महिलाएं बुंदेली विवाह गारी गीत के माध्यम से भक्ति के साथ हास्य के भाव प्रस्तुत करेंगी। दोनों ही पक्ष अपने गीत ‘कैसे हो समधी अनबने...’, न घोड़े न हाथी पैदल आए बराती..’, ‘आज मोरी गौरा को चढ़त है चढ़ाओ..’, ‘भोले सांसी तो बताओ कीने के दइ करवायो व्यायो...’, ‘समर-समर पग धरो बेटी राजन की..’ आदि गीतों के बीच वैवाहिक नोकझोंक होती है। देर शाम से चलने वाले इस कार्यक्रम को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संपन्न कराया जाता है। इसमें स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
महाशिवरात्रि को लेकर भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया जाता है। श्रृंगार में ऐसे लगता है कि जैसे साक्षात भोलेनाथ के दर्शन हो रहे हों।
श्री नीलकंठेश्वर मंदिर में बुंदेली दर्ज पर शिव-पार्वती का विवाह संपन्न कराया जाता है। इस दिन माता पार्वती का कन्यादान कर पुण्य अर्जित किया जाता है। वर्षों से इस परंपरा को देखता आ रहा हूं। युवा वर्ग भी इसमें भाग लें, जिससे ऐसे कार्यों में उत्साह पैदा हो।
- गोविंददास चौरसिया
महाशिवरात्रि पर्व पर यहां विवाह देखने परिवार सहित आता हूं। जो अपने आप में बड़ा सौभाग्य होता है। विवाह की रस्मों में उपस्थित रहने से मन बड़ा ही आनंदित होता है।
- नरसिंह चौरसिया
यहां भगवान के बड़े ही अलौकिक दर्शन हैं । मंदिर के विकास की प्रबंधन व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं, जिससे अब तक जो विकास यहां होना था वह नहीं हो पाया। एक प्रबंधन कमेटी होनी चाहिए, जो महाशिवरात्रि पर्व पर यहां होने वाले कार्यक्रम को और ऊपर तक ले जाए ।
- अजय यादव, बंट
भले ही समाज के लोगों ने विवाह के रूवरूप बदल दिए हों, लेकिन यहां शिव- पार्वती विवाह पूरे रीति- रिवाजों से होता आ रहा है। हिंदू रीति- रिवाजों से होने वाले विवाहों की अपनी अलग मिठास है। लोगों से चाहूंगा कि इन रीति- रिवाजों का अच्छी तरह पालन करें।
- हरचरन चौरसिया
अब विवाहों में फिल्मी गानों का प्रचलन बढ़ गया है। पुराने वैवाहिक गीत मंडपों से गायब हो गए हैं। महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ के विवाह में आज भी रस्मों के बीच मंगलगायन करने का मौका मिलता है। वास्तव में ऐसे लगता है कि हम ही पार्वतीजी को शिवजी के साथ विदा कर रहे हैं।
- सिंबा कुशवाहा
21 को होगा भगवान शिव और पार्वती का विवाह
महाशिवरात्रि पर 21 फरवरी को भूतनाथ भगवान श्री नीलकंठेश्वर धाम मंदिर में आस्था की बयार के बीच हर्षोल्लास से राजा हिमांचल एवं रानी मैना की पुत्री पार्वती का विवाह भगवान शिवजी के साथ होगा। देर शाम को होने वाले इस कार्यक्रम में हल्दी, मंडप सहित अन्य वैवाहिक रस्में बुंदेली रीति रिवाजों से संपन्न होंगी। वहीं, भोलेनाथ के दरबार में हाजरी लगाने वाले लोग बेलपत्ती, धतूरा, फल, फूल भगवान को अर्पित करके दूध, दही, घी, गुड़, शहद और पानी से भगवान का रुद्राभिषेक करेंगे।
भगवान श्रीनीलकंठेश्वर का दिव्य स्वरूप
भगवान श्रीनीलकंठेश्वर का दिव्य स्वरूप- फोटो : LALITPUR
... और पढ़ें

49 केंद्रों में 36919 विद्यार्थी देंगे परीक्षा

ललितपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। नकलविहीन परीक्षा के लिए सचल दलों का गठन किया गया है। परीक्षा में 36,919 छात्र- छात्राएं शामिल होंगे।
उप्र बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं छह मार्च तक चलेंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जनपद में बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण व नकलविहीन संपन्न कराने के लिए पांच जोनल मजिस्ट्रेट, 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 47 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं, नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराए जाने हेतु जनपद स्तर पर चार सचल दलों का गठन किया गया है। केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त प्रकाश व पीने के पानी की व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की समस्या से नहीं जूझना पड़े। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संचालित कराए जाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
----------
इतने परीक्षार्थी होंगे शामिल
जनपद में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में कुुल 36,919 विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें 20,657 बालक और 16,292 बालिकाएं हैं। हाईस्कूल में संस्थागत परीक्षार्थियों के रुप में 20,605 और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के रुप में 676 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इंटरमीडिएट में संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में 14,609 और 553 व्यक्तिगत परीक्षार्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा केंद्र के भीतर परीक्षार्थियों को पाठ्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं रहेगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान गेट पर परीक्षार्थियों की तलाशी ली जाएगी। परीक्षार्थियों को सेलुलर फोन, कैलकुलेटर, स्केनर, पेजर आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
-------------
कंट्रोल रूम पर दें सूचना
परीक्षाओं को सुगम व सुचारु रुप से संचालित करने के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर एक दिन पूर्व ही परीक्षार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त टेबल व कुर्सियों की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। टेबलों पर परीक्षार्थियों के रोल नंबर की स्लिप चस्पा कर दी गई है। कंट्रोल रूम 05176- 274122 में छात्र-छात्राओं की कठिनाइयों का निवारण किया जाएगा। यह जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने दी है।
-------
संकलन केंद्र बना
जनपद में परीक्षा कापी संकलन केंद्र की स्थापना राजकीय इंटर कॉलेज में की गई है। जहां पर वायस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन किया जाएगा।
--------
दस संवेदनशील परीक्षा केंद्र
बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए दस संवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें में डॉ राममनोहर लोहिया कॉलेज बानपुर, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हाईस्कूल हंसारकला, हरभजन प्रजापति इंटर कॉलेज लागौन, ठाकुर रघुवीर सिंह इंटर कॉलेज सजनाम तिराहा, श्री शाहूजी महाराज पटेल हाईस्कूल पिपरिया पाली, महात्मा ज्योतिबाई फुले इंटर कॉलेज सेमराबुजुर्ग, शीतल बड़ौनिया कॉलेज किसरदा और रुद्रनारायण त्रिवेदी हाईस्कूल खडोवरा हैं।
... और पढ़ें

ब्लाक प्रमुख बनने के बाद भी नहीं बना मुक्तिधाम

कलौथरा/बिरधा ब्लॉक के ग्राम कलौथरा की हकीकत किसी से छिपी नहीं है। गांव का कद इसलिए बढ़ जाता है कि यहां से निर्वाचित जयराम सिंह निरंजन ब्लाक प्रमुख हैं। गांव में नाली और सड़कें तो ठीक हैं, लेकिन यहां की प्रमुख समस्या गांव में मुक्तिधाम नहीं होना है। बरसात के दौरान अंतिम संस्कार के समय पानी बरसने लगता है तो लोगों को शव की आग बचाने के लिए टिनशेड लगाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत के चुनाव के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए जयराम सिंह निरंजन प्रत्याशी बने तो ग्रामीणों को उम्मीद जाग गई थी कि जयराम सिंह निरंजन ही ब्लाक प्रमुख बनेंगे। ग्रामीणों को भरोसा था कि मुक्तिधाम बन जाएगा। दरअसल, ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने के लिए अभी अपने निजी खेतों में जाना पड़ता है, जिन ग्रामीणों के अपने खेत नहीं हैं। उन्हें सड़क किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बरसात में कीचड़ के कारण बहुत परेशानी होती है। यदि मूसलाधार बरसात होती है और किसी ग्रामीण का निधन हो जाता है तो परिजनों को अंतिम संस्कार की चिंता सताने लगती है। क्योंकि, अंतिम संस्कार करने जाते समय ग्रामीणों को साथ में टिनशेड ले जाना पड़ता है। टिनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ग्रामीण इस समस्या से काफी परेशान हैं।
कलौथरा गांव की आबादी करीब 2000 है और यहां पर 1400 की वोटिंग है। इतनी बड़ी आबादी वाले गांव में मुक्तिधाम नहीं है, जिससे ग्रामीणों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मुहल्ला गुल्लौर में नाली की नियमित सफाई नहीं होती है, जिससे चौक पड़ी है। कुछ गलियों में खड़ंजा ऊबड़-खाबड़ होने के कारण मुहल्लेवासियों को असुविधा होती है। पंचायत चुनाव आने वाले हैं। ग्रामीण पांच साल से मुक्तिधाम बनने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस बारे में कुछ नहीं हो सका है।
मुक्तिधाम नहीं होने कारण ग्रामीणों को अपनी निजी जगह में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बरसात में कीचड़ होने कारण अपने खेतों में जाने के लिए कीचड़ से निललना पड़ता है। गांव में मुक्तिधाम बनना जरूरी है।
- भूपेंद्र सिंह
ग्राम कलौथरा के मुहल्ला गुल्लौर में नालियों की स्थिति बहुत ही खराब है। नालियां चोक पड़ी हुई हैं और आम रास्ते में खड़ंजा ऊबड़-खाबड़ होने के कारण मुहल्लेवासियों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। यहां का खड़ंजा सही कराया जाए।
- कुंदन यादव
मुक्तिधाम बनना बहुत आवश्यक है। मुक्तिधाम बनने के लिए जगह भी है। मैंने सरकार से दो मुक्तिधामों की मांग की थी, जिसका समाधान जल्द से जल्द हो जाएगा। मुक्तिधाम हर हालत में बनना चाहिए।
- रामनरेश निरंजन, उपाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा
गांव की यह सबसे विकट समस्या है। मुक्तिधाम जल्द बनना चाहिए, क्योंकि बरसात में लोगो को अंतिम संस्कार के लिए निजी टिनशेड के सहारे अंतिम संस्कार करना पड़ा है।
- द्वारिका प्रसाद निरंजन, पूर्व प्रधान
मुक्तिधाम के लिए जगह नहीं होने कारण यह स्थिति बनी है। अगर ग्राम में कहीं जगह की व्यवस्था होती है तो इसे गांव की कार्ययोजना में शामिल करके ग्राम पंचायत द्वारा मुक्तिधाम बनवाया जाएगा। इससे समस्या से निजात मिल जाएगी।
- मानसिंह पटेल, प्रधान प्रतिनिधि कलौथरा
मुक्तिधाम नहीं होना, ग्राम कलौथरा की बड़ी समस्या है। इसे जिला पंचायत अथवा क्षेत्र पंचायत से बनवा जा सकता है। यह मेरे संज्ञान में आया है। अपनी कार्ययोजना में इसे शामिल करके कहीं न कहीं से जमीन लेकर मुक्तिधाम की समस्या का समाधान करेंगे।
- जयराम सिंह निरंजन, ब्लाक प्रमुख बिरधा
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us