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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Coronavirus in UP Live Updates: निजामुद्दीन मरकज में शामिल तीन लोग लखनऊ में मिले, अन्य की हो रही तलाश

देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों से अच्छी और कहीं से बुरी खबरें आ रही हैं। मंगलवार सुबह बरेली में पांच नए मरीज मिले हैं जिनके बाद सूबे में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है।

31 मार्च 2020

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महाराजगंज

मंगलवार, 31 मार्च 2020

चौथे दिन श्रद्धलुओं ने की मां कुष्मांडा की पूजा

चौथे दिन श्रद्धालुओं ने की मां कुष्मांडा की पूजा
महराजगंज। वासंतिक नवरात्र के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने घर में मौजूद रहकर माता कुष्मांडा की पूजा की। हर वर्ग के लोग पूजा को लेकर गंभीर नजर आए तथा पूरे विधि-विधान से पूजा कर अपनी समस्या को दूर करने की मनौती मांगी।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदिरों को बंद रखा है, जिसके तहत लोग घर में ही रहकर पूजा करने को मजबूर हैं। जिले के प्रमुख लेहड़ा देेेमंदिर, बनैलिया देवी मंदिर, नगर के सिविल लाइंस व मऊपाकड़ दुर्गा मंदिर, बोकड़ा देवी मंदिर, सोनाड़ी देवी मंदिर, टिकुलहिया मंदिर व कुड़िया माता के मंदिर को एहतियात के तौर पर बंद रखा गया है। मंशा है कि लोगों की भीड़ एकत्रित न हो तथा कोरोना के संक्रमण को भी बढ़ने से रोका जाए। इसे ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं ने भी अपनी तैयारी घर पर ही मजबूत करते हुए वहीं पूजन-अर्चन प्रारंभ कर दिया है। बुजुर्ग, युवा, बच्चे व महिलाएं हर वर्ग के लोग पूजा करने में जुटे हैं। सभी अपने मनोकामना को पूरा करने के साथ ही इस सामाजिक समस्या को दूर कराने की प्रार्थना करने में जुटे हैं। पंडित अवधेश ने बताया कि लोगों घरों मेें रहकर पूजा कर रहे हैं। लाक डाउन के कारण मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है।
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सेनिटाइज करना तो दूर फागिंग का बेहतर इंतजाम नहीं

सैनिटाइज करना तो दूर फागिंग का इंतजाम नहीं
महराजगंज। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए निकायों की भी तैयारी आधी-अधूरी है। जिले के नौतनवां नगर पालिका को छोड़ दिया जाए तो अन्य कहीं पर भी नगर को सैनिटाइज करने की व्यवस्था नहीं है। सीमित संसाधनों में सिर्फ फागिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव कर ही काम चलाया जा रहा है।
जिले में इस समय सक्रिय रूप से सात निकाय पूर्णत: काम कर रही हैं। इनमें से नौतनवां नगर पालिका ही ऐसी नगर पालिका है जिसके पास सैनिटाइज करने वाला टैंकर मौजूद है। 2000 लीटर क्षमता वाले इस टैंकर में सोडियम हाईड्रोक्लोराइड डालकर नगर में छिड़काव कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त दो मशीनों के सहारे नालियों में एंटी लार्वा का भी छिड़काव जारी है। अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र राव ने बताया कि नगर में नियमित रूप से छिड़काव की व्यवस्था जारी है। इसके साथ ही नगर पालिका नौतनवां में तीन फागिंग मशीन से फागिंग कराई जा रही है तथा दवाओं का छिड़काव नालियों में कराया जा रहा है।
ईओ अविनाश कुमार ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के मुताबिक बेहतर ढंग से कार्य कराए जा रहे हैं। सिसवां नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि दो मशीन से नगर में फागिंग व छिड़काव जारी है। घुघली, निचलौल, सोनौली, फरेंदा नगर पंचायत में भी फागिंग मशीनों से वार्डों में बचाव को लेकर प्रयास जारी है। अपर जिलाधिकारी कुंजबिहारी अग्रवाल ने बताया कि सभी अधिशासी अधिकारियों को साफ-सफाई व्यवस्था व छिड़काव कार्य को बेहतर ढंग से कराने का निर्देश दिया गया है।
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सोशल डिस्टेंसिंग को नजरंदाज करना पड़ सकता है भारी

सोशल डिस्टेंसिंग को नजरंदाज करना पड़ सकता है भारी
महराजगंज। कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर आवश्यक सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) को कुछ लोगों द्वारा नजरंदाज किया जाना पूरे समाज पर भारी पड़ सकता है। शासन ने जिलाधिकारी को यह अधिकार दे रखा है कि वे स्थिति के आंकलन के आधार पर संपूर्ण जिले में अथवा थाना क्षेत्र में भी कर्फ्यू लगा सकते हैं। ऐसे में लापरवाही बरत रहे लोग अब भी चेत जाएं, अन्यथा उनकी शरारत की सजा पूरे शहर अथवा कस्बे को भुगतनी पड़ेगी।
जिला प्रशासन ने आमजन के हितों को दृष्टिगत रखते हुए प्रतिदिन सुबह छह बजे से 11 बजे तक की ढील दी है। प्रशासन चाहता है कि इस अवधि में जरूरतमंद घरों से बाहर निकल कर दवा तथा अन्य आवश्यक सामग्री लेकर पुन: वापस चले जाएं। मगर छूट की अवधि में घर से बाहर निकल रहे लोग एक-दूसरे से न्यूनतम एक मीटर दूरी बनाए रखने का पालन नहीं कर रहे हैं। जिला मुख्यालय हो या ग्रामीण क्षेत्र, छूट की अवधि में व्यक्तियों द्वारा यह ध्यान न रखा जाना समाज की मुश्किलों को बढ़ा सकता है। जरूरी यह है कि लोग समय रहते हुए चेत जाएं तथा ऐसी नौबत न आने दें, जिससे कि कर्फ्यू लगे। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना सभी का दायित्व है, इसका पालन न करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल डिस्टेंसिंग में एक मीटर से अधिक की रखें दूरी
प्रशासन ने कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग में प्रति व्यक्ति एक-दूसरे से न्यूनतम एक मीटर अथवा उससे अधिक की दूरी बनाए रखे। भीड़भाड़ वाले स्थलों पर जाने तथा एक-दूसरे से संपर्क में आने से बचें।
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सीएम योगी ने एक क्लिक से इन्हें दी सौगात, खाते में भेजे दिए करोड़ों रुपये

लॉकडाउन में काम बंद हो जाने की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे निर्माण श्रमिकों के खातों में भी प्रदेश सरकार एक-एक हजार रुपये की आर्थिक मदद भेज रही है। सोमवार तक मंडल के 44793 निर्माण श्रमिकों के खाते में 4.48 करोड़ रुपये की धनराशि भेज दी गई।

धनराशि उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड की ओर से दी जा रही है। अब तक गोरखपुर में सर्वाधिक 22286, कुशीनगर में 5903, देवरिया में 5654, महराजगंज में 12950 श्रमिक लाभान्वित हो चुके हैं।

इन श्रमिकों में एक अप्रैल से 35 किलोग्राम राशन का निशुल्क वितरण भी कोटेदारों के जरिए कराया जाएगा। श्रम विभाग के मुताबिक, गोरखपुर मंडल में 116968 श्रमिकों के पंजीकरण नवीनीकृत हैं। इनमें से 88611 के खातों का विवरण बोर्ड के पास उपलब्ध ही नहीं है।

वाट्सएप आदि के जरिए इन सभी श्रमिकों के पंजीकरण में जो कमियां हैं, उनका विवरण मंगाया जा रहा है। किसी का बैंक खाता नंबर गलत है तो किसी का आईएएफसी कोड। किसी का आधार कार्ड नंबर ही गायब है। ऐसे श्रमिक, जिनके मोबाइल फोन नंबर पंजीकरण में हैं, एसएमएस कर उनसे सारी जानकारी मांगी जा रही है।
 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (file)

सरहद पर फंसे नागरिकों ने जबरन नेपाल में ली एंट्री, पुलिस ने किया लाठी चार्ज, पढ़े क्या है पूरा मामला

भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर तीन दिनों से फंसे दो सौ से अधिक नेपाली नागरिक जबरन सोमवार की देर रात में नेपाल जाने लगे। बैरियर पार कर जैसे ही नेपाल के बेलहिया कस्बे मे पहुंचे नेपाल पुलिस ने सभी को रोकते हुए नो मेंस लैंड पर लाठीचार्ज कर दिया। जिससे नाराज सभी नागरिक नेपाल सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए नो मेंस लैंड पर धरने पर बैठ गए।

सोमवार की देर रात दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव से पलायन कर नेपाल जाने के लिए सोनौली पहुंचे नेपाल के यात्री उग्र हो गए और नेपाल प्रवेश पर रोक के बाद भी जबरन नेपाल में जाने के लिए पूरे समूह के साथ भारतीय सीमा पार कर नेपाल बेलहिया पुलिस चौकी के गेट पर पहुंच गए। इस दौरान नेपालियों को नेपाल पुलिस ने रोकते हुए वापस जाने को कहा, लेकिन वह नहीं माने और नारेबाजी करने लगे।

हालात को काबू में करने के लिए नेपाल पुलिस ने बल प्रयोग किया। जिससे आक्रोशित नेपाली नागरिकों ने सीमा के नो मेंस लैंड पर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी नौतनवा राजू कुमार साव ने भीड़ को देखते हुए बैरियर को बंद करा दिया।

घटना के बाद सुरक्षा को देखते हुए पुलिस तैनात
इंस्पेक्टर बेलहिया ईश्वरी अधिकारी ने बताया कि लोग रोक के बाद भी जबरन प्रवेश कर रहे थेl जिन्हें बल प्रयोग कर रोका गया है। क्षेत्राधिकारी नौतनवा राजू कुमार साव ने बताया कि नेपाली नागरिको को रेन बसेरा में सभी सुविधाएं दी गयी थी। अचानक लोग एकजुट होकर सरहद पार करने के बाद नेपाल पहुंच गए। घटना की जानकारी नेपाल के उच्चाधिकारियों को दी गई है l
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क्वारंटीन सेंटर में रहने वालों की नियमित होगी जांच

क्वारंटीन में रहने वालों की नियमित होगी जांच
महराजगंज। बाहर से आने वाले जिन लोगों को स्कूलों व सामुदायिक भवनों में बने क्वारंटीन में 14 दिन तक रखा गया है, उनकी नियमित जांच भी कराई जाएगी। चिकित्सा कर्मियों द्वारा प्रत्येक दो से तीन दिन पर उनकी जांच होगी। क्वारंटीन अवधि पूरा होने तथा हालत सामान्य होने पर ही उन्हें घर भेजा जाएगा, यदि कोई समस्या होगी तो उनका इलाज चलेगा।
जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि 29 मार्च से जो व्यक्ति अन्य प्रांतों से गांव लौट रहे हैं, 14 दिन तक उन्हें उनके घर न रखकर गांव के स्कूलों अथवा सामुदायिक भवनों के क्वारंटीन में रखा जाए तथा उनकी देखरेख की जाए। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के मोबाइल यूनिट को क्वारंटीन स्थल के भ्रमण व शेड्यूल बना करके तीन दिन के अंदर सभी व्यक्तियों का दोबारा परीक्षण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि सभी ग्राम प्रधानों, चिकित्सा कर्मियो व खंड विकास अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का भी सहयोग लें : डीएम
डीएम ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति क्वारंटीन में न रहने की बात एवं निर्देशों को न माने तो संबंधित चौकी प्रभारी बलपूर्वक उन्हें वहां रखा जाना सुनिश्चित कराएं। इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि वहां रहने के दौरान गांव के लोग अथवा आबादी से घुले-मिले नहीं। प्रधान, सचिव द्वारा रखे गए कोटेदार व तय किए गए वेंडर डोर-टू-डोर डिलीवरी के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करें। इसमें शिथिलता न बरती जाए।
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भूख से लड़खड़ाते कदम पहुंचे घर की ओर

भूख से लड़खड़ाते कदम पहुंचे घर की ओर
महराजगंज। कोरोना का खौफ हर तरफ है। चाहे मजदूर हो या फिर मालिक, सभी अपने बचाव में जुटे हैं। घर से दूर रहने वाले मजदूरों का काम बंद हुआ तो जैसे थे, उसी हाल में चल पडे़। रास्ते में जो मिला, उसे खा लिया, अगर नहीं मिला तो पानी पीकर काम चलाया। भूख प्यास से लड़खड़ाते कदम अपने लोगों के पास आने की आस में घर की ओर बढ़े। किसी तरह जिला मुख्यालय पहुंचे। यहा से सीधे जिला अस्पताल जाकर जांच कराई। इसके बाद घर की ओर रवाना हुए। अमर उजाला से बातचीत के दौरान बाहर से आने वाले मजदूरों का दर्द छलक उठा।
सोमवार को शहर के फरेंदा रोड पर श्याम, मनोज, मद्धेशिया, मनोज खरवार आते दिखे। ये सभी अपनी पीठ पर बैग रखे हुए थे। ये सभी लोग जयपुर राजस्थान से यहां तक पहुंचे। इन्हें निचलौल जाना था। फरेंदा रोड पर जिला उद्योग केंद्र के पास पहुंचे तो मनोज बैग को जमीन पर रखते हुए बोला पीठ में दर्द है। जयपुर में ये लोग पेंटर का काम करते थे। लॉकडाउन के बाद सभी अपने घर की ओर चल पडे़। उन्होंने बताया कि जयपुर से बस मिली तो लखनऊ तक की दूरी तय की। इसके बाद वहां से पैदल की चल दिए। रास्ते में ठेला मिला तो कुछ दूर तक उससे सफर किया। इसके बाद गोरखपुर किसी तरह पहुंचे। सभी लोगों ने बताया कि जेब में रकम नहीं है, जिससे 24 घंटे से कुछ खाने को नहीं मिला। महराजगंज आने पर एक व्यक्ति ने बिस्किट पानी दिया तो कुछ राहत मिली। अब यहां आने के बाद अस्पताल जांच कराने पहुंचे। वहीं झांसी से आ रहे अभय, जसवंत, टाइगर, वीरू, रमेश को खड्डा जाना था। किसी तरह महराजगंज आए। इन सभी लोगों ने बताया कि शनिवार को ही झांसी से निकले थे। रास्ते में दुश्वरियां झेलते हुए महराजगंज तक पहुंचे। सभी ने अपने दर्द को साझा करते हुए कहा कि इस महामारी से बचने की जरूरत है।
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Lockdown: भारत नेपाल सीमा पर फंसे 200 से अधिक नेपाली नागरिक, नहीं मिल रही एंट्री

कुईयां कंचनपुर में प्राथमिक विद्यालय में बाहर से आए लोग आराम करते हुए।
भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा से नेपाल जाने के लिए पहुंचे नेपाली नागरिकों की संख्या दो सौ से अधिक पहुंच गई है। जिन्हें नेपाली प्रशासन ने प्रवेश देने से इंकार कर दिया है। स्थानीय प्रशासन उन सभी के रहने खाने की पूरी व्यवस्था कर रही है। कोरोना वायरस को लेकर भारत और नेपाल दोनों देशों की सरकार ने 21 दिन का लॉक डाउन किया है।

जिसको लेकर देश के महानगरों में काम कर रहे नेपाली नागरिक फैक्ट्री के बंद होने के बाद घरों के लिए पलायन करना शुरू कर दिया। जिससे रविवार और सोमवार दोनों दिनों को मिला कर सोनौली सीमा में दूर दूर से पहुंचे नेपाली नागरिकों की संख्या दो सौ से अधिक पहुंच गई है। यह सभी लोग सीमा के निकट दुकानों के सामने समय काट रहे हैं। जिसमे नेपाल के अर्धाखाची और झापा समेत नेपाल के पहाड़ों पर रहने वाले सबसे ज्यादा लोग हैं।

एसडीएम नौतनवां जसधीर सिह यादव ने बताया कि नेपाल के अधिकारियों से बातचीत हुई है। अभी तक इनके प्रवेश को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई है। तब तक बस डिपो के शेड में इनकी व्यवस्था की जा रही है।

संक्रमण को लेकर नगरवासी भयभीत
सोनौली कस्बे के मुख्य सड़क पर शनिवार की रात से ही डेरा जमाए नेपाली नागरिकों के कारण स्थानीय नगरवासी संक्रमण फैलने को लेकर भयभीत हैं। राजू कुमार, कन्हैया गुप्ता, विशाल, सुधीर कुमार समेत कई लोगो ने प्रशासन से मांग किया है कि सभी नागरिकों को या तो नेपाल भेज दें अन्यथा कहीं एकांत स्थान पर इनका रैन बसेरा बना दिया जाए।
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महराजगंज: पुरानी रंजिश को लेकर चली गोली में एक घायल, मामूली बात से शुरू हुआ था विवाद

उत्तर प्रदेश के महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के ग्रामसभा मेदनीपुर में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष में गोली चल गई। जिसमें एक पक्ष का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना पर पहुंचे एएस पी व थानाध्यक्ष ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।

बताया गया कि कुछ दिन पूर्व मेदनीपुर ग्रामसभा निवासी कुछ लोगों आपसी विवाद के कारण एक पक्ष के कुछ लोगों ने दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति की गंभीर रूप से पिटाई कर दिया था। इसी मामले को लेकर के दोनों पक्ष में पुराने समय से रंजिश चल रहा था। जिसे लेकर सोमवार की सुबह दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और एक पक्ष ने विजय (22) को गोली मार दी।

इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया कि कट्टे से तीन फायर कर हुआ। जिसमें से दो गोली पेट में तथा एक गोली विजय के कान पर लगी। गोली चला कर आरोपी युवक फरार हो गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को प्राथमिक स्वाथ्य केंद्र घुघली लाया गया। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। एएसपी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि घटना स्थल की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ जल्दी केस दर्ज किया जाएगा।
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कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, वर्क टू होम पर है जोर

कार्यालयों में पसरा सन्नाटा, वर्क टू होम पर है जोर
महराजगंज। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए विभागीय जिम्मेदार हों या कर्मी, संभी गंभीर हैं। शासकीय सेवा में आने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के प्रति वे संकल्पित रहते हुए कार्य कर रहे हैं। कुछ कार्यालय में आकर कार्य पर जोर दे रहे हैं तो कुछ घर से ही अपने दायित्वों को निभा रहे हैं। स्थिति यह है कि आम दिनों में हमेशा चहल-पहल दिखने वाले कार्यालय से रौनक गायब है।
अधिकांश लोगों के घर से काम करने की वजह से सड़कों की तरह विकास भवन के अधिकांश कार्यालयों में भी सन्नाटा है, जबकि कुछ कार्यालय में कर्मी काम कर रहे हैं। बेवजह की समस्याओं से बचने के लिए घरों से भी लोग आनलाइन कार्य करने पर जोर दे रहे हैं। कोई ग्राम पंचायतों से बाहर से आने वालों का आंकड़ा एकत्र कर रहा है तो कोई बजट व वेतन संबंधी आवश्यक कार्य को निपटा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि कर्मियों को इस वायरस से बचाने के लिए भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जिम्मेदारों को भी घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। अत्यधिक आवश्यकता महसूस होने पर आगे दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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दिल्ली से आए नेपाली नागरिको को नेपाल में नहीं मिला प्रवेश

दिल्ली से आए नेपाली नागरिकों को नेपाल में नहीं मिला प्रवेश
सोनौली। कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन के बाद दिल्ली सहित नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव की सभी फैक्ट्रियां और होटल बंद होने से मजदूरों के लिए संकट उत्पन्न हो गया है। काम बंद होने के बाद लोग घर जाने पर मजबूर हो गए हैं। शनिवार की शाम सोनौली डिपो से गोरखपुर रवाना हुई डिपो की छह बसों में दिल्ली से गोरखपुर पहुंचे यात्रियों को सोनौली लाया गया, जिसमें नेपाल के भी 22 यात्री शामिल हैं। उन्हें नेपाल सरकार ने नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। सभी सरहद के पास सड़क पर वक्त काट रहे हैं।
एआरएम सीके भाष्कर ने बताया कि गोरखपुर से सोनौली के बीच के यात्री दिल्ली से गोरखपुर पहुंचे, जिन्हें प्रशासन की अनुमति के बाद गंतव्य तक पहुंचा दिया गया। नेपाल के नागरिकों को सीमा तक छोड़ दिया गया है।
नेपाल प्रशासन को कराया अवगत
दिल्ली से सोनौली पहुंचे नेपाल जाने के लिए 22 नेपाली नागरिकों के सीमा पर रोके जाने की सूचना के बाद सोनौली पहुंचे एसडीएम नौतनवां जसधीर सिह यादव ने नेपाल प्रशासन से बातचीत की। उन्होंने बताया कि नेपाली यात्री भारत में रुकने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं, जिसकी सूचना नेपाल के अधिकारियों को दी गई है। 14 दिन क्वारंटीन में रखने पर वार्ता चल रही है।
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37 भारतीय नेपाल से पगडंडियों के रास्ते भारत लौटे

37 भारतीय नेपाल से लौटे
नौतनवां(महराजगंज)। सोनौली कोतवाली थाना क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही के पास से नेपाल से भारतीय सीमा में पगडंडियों के रास्ते आए अलग अलग राज्यों के 37 लोगों को खनुआ पुलिस चौकी इंचार्ज एवं एसएसबी की संयुक्त टीम ने रोककर पूछताछ की। सभी लोगों को बनैलिया मंदिर बाईपास पर लाया गया, जहां से रोडवेज बस से भेज दिया गया। बताया गया कि सोनौली कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही ईंट भट्ठे के पास से नेपाल के पगडंडी से होकर भारत के हरियाणा के 16, बिहार के 9, राजस्थान के 7, इटावा से 5 लोग पैदल भारतीय सीमा में प्रवेश किया। जानकारी मिलते ही खनुआ चौकी इंचार्ज प्रिंस कुमार ने लोगों को रोककर पूछताछ कर बनैलिया बाईपास ले आए। हरियाणा के शंकर ने बताया कि हम लोग करीब 6, 7 महीने से नेपाल की एक कम्पनी में मजदूरी करते थे। उपजिलाधिकारी जसधीर सिंह ने बताया कि सभी लोगों को रोडवेज बस से भेज दिया गया।
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इंडो नेपाल बॉर्डर पर कोरोना की रोकथाम बनी चुनौती

इंडो नेपाल बॉर्डर पर कोरोना की रोकथाम बनी चुनौती
निचलौल(महराजगंज)। इंडो नेपाल बॉर्डर पर कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा से लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। इनके द्वारा संदिग्ध लोगों की जांच कर सुरक्षा बरती जा रही है, लेकिन रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजे 14 बंगाल के लोग बॉर्डर पर बगैर जांच कराए भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसकर एक मकान में छिप गए। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देकर उन लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया। इंडो नेपाल बॉर्डर की खुली सीमा पर कोरोना की रोकथाम करना चुनौती बना हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों के स्वास्थ्य की जांच में जुटी है।
बॉर्डर से सटे ठूठीबारी निवासी दीपक निगम, राजकुमार चौधरी, भोला वर्मा, दीपू जायसवाल, पवन सहानी में बताया कि रविवार को बॉर्डर पर तैनात कई सुरक्षा एजेंसियों व स्वास्थ्य विभाग की टीम को चकमा देकर 14 बंगाली अर्घखाची से इंडो नेपाल के खुले बॉर्डर के रास्ते ठूठीबारी में प्रवेश कर एक मकान में छिप गए। गांववालों ने कोतवाली पुलिस को तत्काल सूचना देकर उनके हवाले कर दिया गया। इससे जाहिर है कि बॉर्डर पर कोरोना की रोकथाम के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
इस संबंध में ठूठीबारी कोतवाल छोटेलाल का कहना है कि बॉर्डर की खुली सीमा के रास्ते यह लोग बगैर स्वास्थ्य परीक्षण कराए भारतीय सीमा में घुस गए थे, जिन्हें सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण कराकर छोड़ दिया गया है।
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