मुजफ्फरनगर-शामली के जांबाजों से थर्रा गई थी पाकिस्तानी सेना, 12 सैनिक हुए थे शहीद 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Mon, 17 Dec 2018 05:53 PM IST
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शहीद स्मारक
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16 दिसंबर 1971 यानी भारत की पाकिस्तान पर विजय का दिन। हर साल यह दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह ऐतिहासिक जीत यूं ही नहीं मिली थी। भारतीय सैनिकों ने अपना लहू बहाकर इसे हासिल किया। मुजफ्फरनगर और इससे अलग होकर बने शामली जनपद के जांबाजों ने लड़ाई में अपनी वीरता और शौर्य से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे।12 सैनिकों को अपनी शहादत देनी पड़ी थी। उनकी याद में नुमाइश मैदान में आज भी शहीद स्मारक स्थित है।
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देश के इतिहास में 16 दिसंबर 1971 का दिन विशेष गौरव के रूप में अंकित है। इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को न केवल लंबे युद्ध में पराजित किया, बल्कि पाकिस्तानी सेना के जरनल नियाजी को उस समय के पूर्वी पाकिस्तान के शहर ढाका में करीब 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने के लिए भी मजबूर कर दिया था। इसी दिन विश्व पटल पर बांग्लादेश के रूप में एक नए देश का भी उदय हुआ। 
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