नगर आयुक्त ने इंजीनियरों को किया तलब, कार्यकारिणी को सूचित किए बिना कराए थे लाखों के कार्य

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 23 Jun 2020 11:21 AM IST
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नगर निगम ऑफिस मेरठ
नगर निगम ऑफिस मेरठ - फोटो : अमर उजाला

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उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में नगर निगम के अफसरों ने वर्ष 2019 में शहर में विकास कार्य करा दिए, लेकिन इस बारे में न तो नगर निगम कार्य कारिणी को अवगत कराया और न ही इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी की। अब नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने इस पूरे मामले पर जांच बैठाते हुए नगर निगम के निर्माण विभाग के इंजीनियरों को तलब किया है।
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जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019 में तत्कालीन नगर आयुक्त मनोज कुमार चौरसिया ने अपने कार्यकाल के अंतिम दो माह में शहर में लाखों रुपये से नाले व पार्क आदि के कार्य कराए थे। अफसरों ने बताया था कि नगर निगम की धारा 117 (6) बी के तहत ये कार्य कराए थे। इस धारा में नगर आयुक्त को दस लाख रुपये तक खर्च कर ऐसे विकास कार्य कराने का अधकार है जो आपातकाल स्थिति में आते हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया से नगर निगम कार्यकारिणी को अवगत कराना होता है और शासन को भी सूचना देनी होती है।
आरेाप है कि तत्कालीन नगर आयुक्त ने अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए नगर निगम एक्ट की इस धारा का दुरुपयोग किया था।
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