विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
Astrology Services

नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

उत्तर प्रदेश में कोरोना के 15 नए मरीज मिले, तीन हुए ठीक, 96 पहुंची कुल संख्या

नोवेल कोराना वायरस के प्रकोप के बीच सोमवार को एक अच्छी खबर आई। पहले से अस्पतालों में भर्ती तीन पॉजिटिव मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होने के कारण डिस्चार्ज कर दिए गए। इनमें से दो नोएडा और एक आगरा का मरीज है।

31 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

पीलीभीत

मंगलवार, 31 मार्च 2020

दूसरे राज्यों-शहरों से पलायन जारी, 48 घंटे में 1800 से अधिक लौटे

पीलीभीत। कोरोना वायरस को लेकर किए गए लॉकडाउन में दूसरे राज्यों और शहरों में फंसे लोगों का पलायन जारी है। 48 घंटे में जनपद में पहुंचने वालों की संख्या 1800 के पार पहुंच चुकी है। अभी भी लोग लगातार पहुंच रहे हैं।
तराई के जनपद पीलीभीत की पांचों तहसीलों और आसपास के इलाकों के कई लोग उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुड़गांव में परिवारों समेत आजीविका कमाने गए थे। कोरोना वायरस का कहर बढ़ने पर लॉकडाउन होने के बाद इनकी रोजी- रोटी पर संकट गहरा गया। कुछ दिन पहले दूसरे प्रांतों से घरों की ओर इनके पलायन करने का सिलसिला शुरू हो गया। कोई पैदल मीलों की दूरी तय करने के लिए निकल पड़ा तो कई को वाहन की व्यवस्था कर दी गई। रोडवेज की 25 बसें भी दिल्ली व अन्य शहरों से लोगों को लाने के लिए लगाई गईं। रविवार को भी पलायन जारी रहा। दिन भर लोग आते रहे। जनपद में पहुंचने पर इनकी स्क्रीनिंग कराने के बाद रहने और खाने की व्यवस्था की गई। एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि 48 घंटे में अब तक लगभग 1800 लोग पहुंच चुके हैं। अभी भी जो लोग आ रहे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है।
13 बंदियों की अंतरिम जमानत के जेल में पहुंचे आदेश
पीलीभीत। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने साल साल तक की सजला वाले जेल में बंद आरोपियों को पैरोल या अंतरिम जमानत देने को कहा था। इसी क्रम में अब कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई। जिला कारागार से 65 सजायाफ्ता कैदियों की फाइल पैरोल के लिए शासन को भेजी गई है। इसके अलावा 65 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत दी जानी है। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि रविवार को 13 बंदियों के अंतरिम आदेश मिल गए हैं। प्रभावी कार्रवाई कराई जा रही है। संवाद
... और पढ़ें

ईंट भट्ठों को बंद ना करें

पलायनः केजरीवाल की घोषणाएं भूख नहीं मिटा पाईं तो छोड़ आए दिल्ली, छलका मजदूरों का दर्द

हाईवे पर काफिलों की भरमार है। थके-मांदे और पसीने से तरबतर लोग लगातार चलते ही जा रहे हैं। एक-एक कदम बढ़ाना भारी पड़ रहा है लेकिन फिर भी सफर लगातार जारी है। चलते-चलते तमाम पैरों में चप्पलें और जूते फट गए हैं जो इस दर्दनाक यात्रा के गवाह के तौर पर हाईवे पर ही जगह-जगह छोड़ दिए गए हैं। सूजे हुए पैरों के खून से रिसते जख्म बता रहे हैं कि जिंदगी बचाने का यह सफर कितना भारी पड़ रहा है।

शनिवार तड़के ऐसे तमाम काफिलों की सेटेलाइट बस स्टैंड के अलावा बड़ा बाईपास पर विलयधाम ओवरब्रिज और इज्जतनगर के परातासपुर इलाके में सड़कों पर भरमार थी। ज्यादातर लोग दिल्ली से आ रहे हैं जिनके एक तरफ कोरोना की चुनौती थी और दूसरी तरफ भूख की। कभी उन्होंने भूख मिटाने के लिए ही दिल्ली का रुख किया था लेकिन लॉक डाउन होने के बाद जब भूख ही जिंदगी लेने पर आमादा हो गई तो दिल्ली छोड़ दी।

कहते हैं, केजरीवाल ने आधार कार्ड पर राशन के साथ सभी जरूरी सुविधाएं घर पर ही मुहैया कराने की घोषणा तो की लेकिन फिर भी जब कई दिन झुग्गियों में भूखे रहना पड़ा तो निकल आए। दिल्ली से आने वालों के अलावा अच्छी-खासी तादाद नोएडा और रुद्रपुर की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की भी है। रुद्रपुर से बेदखल हुए लोगों का सफर अपेक्षाकृत कम लंबा हैं लेकिन चिंताएं वही हैं कि घर लौटकर शायद कोरोना से तो बच जाएं लेकिन परिवार का पेट कैसे भरेंगे।

रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे दिल्ली से बाराबंकी का पैदल सफर

तीन दिन में बरेली पहुंचा भूखा-प्यासा दस मजदूरों का जत्था, अभी इससे भी ज्यादा सफर बाकी
बाराबंकी के सफदरगंज इलाके के धौरागांव में रहने वाला दस मजदूरों का जत्था दिल्ली से बुधवार को पैदल घर की ओर निकला था। इस जत्थे में शामिल रामबाबू, शिवांश और संदीप ने बताया कि उनमें से कोई दिल्ली में रिक्शा चलाता था तो कोई फैक्टरी में काम करता था। जनता कर्फ्यू के दिन से ही खाने के लाले पड़ गए और हवा फैलने लगी कि लॉक डाउन तीन महीने से पहले खत्म नहीं होगा। इसके बाद घर लौटना बेहतर समझा। काफी कोशिश की लेकिन किसी सवारी का इंतजाम नहीं हुआ। सड़क पर निकलने पर जगह-जगह पुलिस पीट रही थी। लिहाजा बुधवार रात सभी लोग अपने बैग लेकर अलग-अलग निकले और स्टेशन से अलग हटकर एक जगह इकट्ठे होने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे सफर शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक पर सफर करने से पुलिस का खतरा नहीं था। जहां मौका मिला वहां सड़क पर आ गए। रामहजारे के पैर से खून निकल रहा था। शिवांश और उसके साथियों के पैर सूज गए थे। रामबाबू की हालत सबसे ज्यादा खराब थी जिनकी आंत का बमुश्किल 15 दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था।

शुक्रवार को चली बसें मगर दिल्ली नोएडा से बरेली लाकर छोड़ दिया

दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से मजदूरों को लाने के लिए बरेली रीजन की करीब सवा सौ बसें शुक्रवार को चलनी शुरू हुईं तो हजारों लोगों को राहत भी मिली। इसके अलावा दिल्ली की भी तमाम बसें उन्हें यूपी के तमाम शहरों तक छोड़ रही हैं। लेकिन फिर भी हजारों की तादाद ऐसे लोगों की भी हैं जो बसें शुरू होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर चल पड़े थे। खचाखच भरी बसों में उन्हें रास्ते में जगह नहीं मिली लिहाजा उन्हें परिवार के साथ पूरा सफर पैदल तय करना पड़ा।

साइकिल पर लादी पत्नी-बेटी के साथ पूरी गृहस्थी फिर रुद्रपुर से बरेली की यात्रा

पीलीभीत के बीसलपुर के गांव अखौली में रहने वाले नीरज रुद्रपुर की कंपनी में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि रुद्रपुर में दस दिन पहले ही काम पूरी तरह बंद हो गया था। उनका पूरा परिवार कमरे में ही पूरा वक्त गुजार रहा था। ज्यादा दिक्कत तब शुरू हुई जब बाहर निकलने पर पाबंदी के बीच घर में रखा राशन खत्म हो गया और राशन, सब्जी-दूध जैसी चीजें खरीदने को पैसे भी नहीं बचे। कई बार बस और टेंपो स्टैंड गए ताकि गांव जाने के लिए कोई साधन मिल जाए लेकिन सब सुनसान पड़ा हुआ था। आखिर में साइकिल पर ही घर का जरूरी सामान लेकर लौटने का फैसला किया। पत्नी कुसुमा और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ रात में दो बजे चल दिए। नीरज ने उम्मीद जताई कि शाम तक घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में पुलिसवालों ने कई जगह रोका पर परेशानी सुनकर जाने दिया।

पैर उठते नहीं, मां-बहनों का हाल देखकर दिल भी बैठा जा रहा है

शाहजहांपुर के सिंधौली कस्बे में रहने वाले तालिब अपने परिवार के साथ रुद्रपुर में रहते हैं जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह खुद फैक्टरी में काम करते हैं। तालिब विलयधाम पर अपनी मां, तीन बहनों और परिवार के और लोगों के साथ गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात तीन बजे वे सभी पैदल ही घर के लिए चल दिए थे। रास्ते में टेंपो, डनलप. तांगा जो भी मिला, उस पर कुछ दूर के लिए बैठ लिए। कुछ नहीं मिला तो पैदल चलते रहे। बरेली आकर उनकी हिम्मत जवाब दे गई है। मां और बहनों की हालत देखकर दिल भी बैठा जा रहा है। बोले, काफी इंतजार के बाद यहां भी कोई गाड़ी नहीं मिल रही है। किसी तरह शाहजहांपुर पहुंच जाएं तो घर जाने की भी कोई जुगाड़ हो ही जाएगी।

 

... और पढ़ें

13 बंदी अंतरिम जमानत पर छूटे, आज फिर लगेगा कोर्ट

डीएम ने किया व्यवस्थाओं का निरीक्षण और दिए एसडीएम को आवश्यक निर्देश

बीसलपुर। डीएम ने लॉकडाउन के बाद की गईं व्यवस्थाएं देखीं और एसडीएम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीएम ने सबसे पहले सामुदायिक भोजनालय देखा। एसडीएम चंद्रभानु सिंह से बाहर से आने वाले लोगों के लिए बने शेल्टर होम की जानकारी ली। कहा कि बैंक में ग्राहकों के बीच निर्धारित दूरी स्थापित की जाए। नगरपालिका की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। डीएम ने मोहल्ला बाजार कटरा निवासी कैलाश चंद्र के घर भोजन के पैकेट भिजवाए। कैलाश चंद्र ने फोन पर डीएम से अपने घर भोजन पैकेट भिजवाने की मांग की थी। एसडीएम से सीएचसी और ईदगाह चौराहे पर परीक्षण के बारे में भी पूछा और लॉकडाउन के दौरान बंदी शत प्रतिशत सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
दो विद्यालयों में बनाए शेल्टर हाउस
प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए दो विद्यालयों में सोमवार को शेल्टर हाउस बनवा दिए। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि बाला देवी रोशन लाल कॉलेज और मदर्स पब्लिक स्कूल में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए शेल्टर हाउस बनवा दिए गए हैं। इनमें बिस्तर भी डलवाए गए हैं और भोजन का भी बंदोबस्त किया गया। मुईन अहमद खां, सौरभ सदन बाजपेई, आलोक सैनी समेत चार शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। संवाद
... और पढ़ें

लॉकडाउन पर प्रशासन सख्त, सभी बॉर्डर सील, सन्नाटा पसरा

पीलीभीत। लॉकडाउन को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए शासन के सख्त होने के बाद जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। 42 स्थानों पर मोबाइल बैरियर लगाकर पुलिस-एसएसबी के जवान मुस्तैद कर दिए गए हैं। आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। आवश्यक खाद्य सामग्री वाले वाहन ही निकालने की अनुमति दी गई है। इसके बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। वहीं लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश मातहतों को दिए गए हैं।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से किए गए लॉकडाउन को सप्ताह भर बीत चुका है। बीते 72 घंटों में अचानक पलायन कर दूसरे प्रांतों से घर वापसी करने वालों की भीड़ टूट पड़ी तो लॉकडाउन पर बड़ा असर पड़ने लगा था। इसको देखते हुए अब केंद्र और प्रदेश की सरकारें सख्त हुईं। केंद्र से निर्देश मिलने के बाद सभी राज्यों को सख्ती से पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर प्रदेश में पलायन पर रोक लगा दी। इसके बाद अधिकारी लॉकडाउन को लेकर सख्त हो गए। तराई का जनपद पीलीभीत नेपाल और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा है। 72 घंटे में पलायन कर पहुंचने वालों की संख्या 3500 के पार पहुंच गई थी। सोमवार को उच्चाधिकारियों का आदेश मिलते ही डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी अभिषेक दीक्षित ने इसको लेकर सख्ती अपनाई। नेपाल और उत्तराखंड सीमा के अलावा जनपद की सीमा को छूने वाले बरेली, लखीमपुर खीरी व शाहजहांपुर जिलों की सीमाएं भी सील कर दी गईं। 42 प्वांइटों पर बैरियर लगा दिए गए। इससे अब किसी को आने की अनुमति नहीं दी गई।
हालांकि गन्ना लेकर चीनी मिल जाने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली व दूसरे वाहन और खाद्य आपूर्ति वाले वाहन ही निकाले जा रहे हैं। उन्हें भी प्रशासन की ओर से पास जारी किए जा चुके हैं। आलम यह रहा कि पलायन कर आने वाले सोमवार दोपहर से चंद लोग ही सड़कों पर दिखाई दिए। कुछ लोग जो पहुंचे भी उन्हें रोककर स्क्रीनिंग कराई गई और खानपान व ठहरने की व्यवस्था कराकर रोक दिया गया है। नेपाल सीमा पर एसएसबी भी सख्ती से पालन कराने में जुटी रही।
एडीएम-एएसपी भ्रमण कर परखते रहे हालात
सीमाएं सील होने के बाद एडीएम अतुल सिंह, एएसपी रोहित मिश्र सोमवार को भ्रमण कर हालात परखते रहे। नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों में जाकर स्थिति का जायजा लिया। बैरियर प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए।
678 पर हो चुकी है एफआईआर
23 मार्च से अब तक लॉकडाउन को लेकर धारा 188 के तहत 81 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें 678 आरोपी बनाए गए हैं। 272 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस दौरान 61 वाहन सीज किए गए, 1594 का चालान किया गया। वहीं 580201 रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है।
लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर एक दिन में छह नामजद
पीलीभीत। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर छह और लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सभी आरोपियों खिलाफ न्यूरिया थाने में धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर खीम सिंह जलाल ने बताया कि दरोगा उत्तम कुमार की ओर से मोहल्ला ठाकुरद्वारा के रहने वाले बबलू, अय्यूब, सद्दीक, अलीम, फईम और सवीना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी को नोटिस भिजवाए जा रहे हैं। संवाद
लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। शासन का आदेश मिलते ही अंतर्राष्ट्रीय, अंतर्राज्यीय और अंतरजनपदीय सीमाएं सील कर दी गई हैं। आवश्यक खाद्य आपूर्ति वाले वाहन ही निकाले जा रहे हैं। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
मैगलगंज हाईवे पर नहीं दिखा सीमा सील का असर
पूरनपुर। मैगलगंज हाईवे पर शाहजहांपुर की ओर से आवागमन होता रहा। असम हाईवे पर बीच सड़क पर बैरियर लगा था, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं दिख रहे थे। मैगलगंज हाईवे पर चहलकदमी आम दिनों की अपेक्षा कम थी, लेकिन सीमाएं सील का असर नहीं दिख रहा था। सीओ योगेंद्र कुमार से जब इसको लेकर पूछा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सीमाएं सील हैं। आवागमन पूरी तरह से बंद है। आवाजाही होने के सवाल पर वह कुछ नहीं बोले।
... और पढ़ें

क्लोजिंग ईयर की जल्दी: सरकारी विभागों में ठिकाने लग रहा बजट

पीलीभीत। कोरोना के खौफ से पूरी दुनिया परेशान है। वहीं वित्तीय वर्ष समाप्त होने के चलते सरकारी विभागों में हर साल की तरह इस साल भी करोड़ों का बजट ठिकाने लगाने को पूरी मुस्तैदी बरती जा रही है। ठेकेदार, जेई और एई को चुपचाप दफ्तर या आवास पर बुलाकर धड़ाधड़ बिल पास किए जा रहे हैं। अफसर मनमाने तरीके से खर्च दर्शाकर यह बजट ठिकाने लगाने में जुटे हैं। बिल धड़ाधड़ कोषागार भेजे जा रहे हैं। कोषागार को भी 31 मार्च से पहले बिल पास करना मजबूरी है क्योंकि एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ हो जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2019-20 का समापन 31 मार्च को होना है। कोरोना वायरस के संक्रमण के लॉकडाउन के चलते सरकार ने आयकर समेत कुछ विभागों में वित्तीय वर्ष की अवधि बढ़ाकर 30 जून कर दी है। मगर, अधिकांश सरकारी विभागों में राज्य या केंद्र सरकार से जो भी बजट मिला है, उसको इसी वित्तीय वर्ष की अवधि में खर्च करना जरूरी है। अगर वह बजट 31 मार्च तक खर्च नहीं हो पाया है तो सरकार को वापस करना पड़ेगा। इसके चलते जल निगम, सिंचाई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, नगरपालिका, नगर पंचायतें, जिला पंचायत के अलावा लघु सिंचाई, मनरेगा, पीएम आवास जैसी योजनाओं में अधिकांश बजट अफसर समय रहते खर्च नहीं कर पाए। अब मार्च के आखिरी सप्ताह से करोड़ों का बजट मनमाने तरीके से खर्च दर्शाकर ठिकाने लगाने का काम चल रहा है। एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। इसके बाद पुराने बजट का न तो किसी से हिसाब मांगा जाएगा। न ही उसके काम की समीक्षा हो पाएगी। हालांकि कोरोना के संक्रमण के चलते पूरी सरकार संकट में है। एक तरफ जहां कोरोना से निपटने में पूरा अमला जहां रात दिन एक किए है, वहीं दूसरी ओर तमाम सरकारी विभाग परंपरागत रूप से हर साल की तरह अपने दफ्तर या आवास में ठेकेदारों और इंजीनियरों को बुलाकर बजट का हिसाब किताब करने में लगे हैं। 29 मार्च की रात तक करोड़ों रुपये के बिना धरातल पर कराए या फिर नाममात्र कराए गए कामों के बिल पास हो चुके हैं।
721 ग्राम पंचायतों में अटका शौचालयों का निर्माण
शासन के निर्देश पर जनपद की 721 ग्राम पंचायतों में दो-दो सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। इसमें एक शौचालय ग्राम निधि जबकि दूसरा शौचालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनना था। दो-दो लाख की लागत से बनने वाले इन शौचालयों के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई, मगर लॉकडाउन के चलते अब तक इनका निर्माण नहीं हो सका है। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि अग्रिम आदेश तक शौचालयों का निर्माण कार्य रोका गया है।
पीडब्ल्यूडी में 24 घंटे पहले शासन से मिले एक करोड़
सरकारी विभागों में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से दो या तीन दिन पहले शासन से लेकर प्रशासन तक किस तरह सरकारी बजट जारी कर उसे मनमाने तरीके से ठिकाने लगाया जाता है, इसकी एक बानगी पीडब्ल्यूडी में देखी जा सकती है। पीडब्ल्यूडी में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से 48 घंटे पहले एक करोड़ रुपये से अधिक जारी किया गया। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने तुरंत ही अपने आवास पर ठेकेदारों को बुलाकर जेई की मदद से काम होने की सूची बनाई और उस बिल को तुरंत ही पास होने कोषागार भेज दिया। इससे पहले शासन से एक पत्र आया था कि जो पैसा बचा हो, उसे सरेंडर कर दें, मगर पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों ने बचा बजट सरेंडर नहीं किया, बल्कि उसके तुरंत काम दर्शाकर दो दिन में निपटा दिया। पीडब्ल्यूडी से 55 सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण का प्रस्ताव 10 महीने पहले शासन को भेजा गया था।
सिंचाई विभाग का भी यही हाल
सिंचाई विभाग ने तो अपना अधिकतर बजट पहले ही निपटा दिया। इस विभाग के शारदा सागर बाढ़ खंड के दफ्तर में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से एक दिन पहले यानी कि 30 मार्च को ठेकेदारों और इंजीनियरों की लग्जरी गाड़ियां बजट को ठिकाने के लिए खड़ी थीं। अंदर हिसाब किताब लग रहा था कि किस मद से आए करोड़ों के बजट को किस तरह का खर्च दिखाकर ठिकाने लगाना है।
... और पढ़ें

रसोई गैस की होम डिलीवरी जारी

पीलीभीत। रसोई गैस के 3.93 लाख उपभोक्ताओं तक रसोई गैस सिलिंडर अब तक तो आसानी से पहुंच रहे थे, मगर अब 15 दिन के अंतराल पर ही सिलिंडर देने के बनाए गए नियम से लोगों के सामने थोड़ी दिक्कत आ सकती है।
एलपीजी एसोसिएशन के मुताबिक लॉकडाउन के कारण उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी, बशर्ते एक ही कनेक्शन पर 15 दिन से पहले सिलिंडर न लिया जा रहा हो। दावा किया गया है कि घर-घर रसोई गैस की होम डिलीवरी की जा रही है। एजेंसियों के पास रसोई गैस का अभी पर्याप्त स्टाक है।
जनपद में 40 गैस एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों से तीन लाख 93 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। लॉकडाउन के शुरुआती दौर में तो अफरातफरी का माहौल देखा गया। गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ जुटाना शुरू गयी थी। इसके बाद एलपीजी एसोसिएशन की आपात बैठक हुई। इसमें गैस एजेंसी संचालकों ने लॉकडाउन को देखते हुए घर-घर गैस सिलिंडर पहुंचाने का निर्णय लिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रेम गंगवार ने बताया कि जनपद में सभी 40 गैस एजेंसी के पास रसोई गैस का पर्याप्त मात्रा में स्टाक है। वितरकों द्वारा प्रतिदिन होम डिलीवरी की जा रही है। हालांकि कुछ लोग लॉकडाउन को लेकर अतिरिक्त गैस सिलिंडर की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने अब 15 दिन का अंतराल रखने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे जरूरत के मुताबिक ही गैस सिलिंडर मंगवाए। आगे भी रसोई गैस की किल्लत नहीं होगी। संवाद
... और पढ़ें

संक्रमित मां-बेटे की रिपोर्ट फिर आई पॉजिटिव

पीलीभीत। कोरोना संक्रमित मां-बेटे दूसरी रिपोर्ट में भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं नेपाल से आए साधु में कोरोना संक्रमण न होने की पुष्टि हुई है। संक्रमित मां-बेटे का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि दोनों की हालत में फिलहाल सुधार देखा जा रहा है।
सऊदी अरब से अमरिया क्षेत्र में लौटे मां-बेटे की लखनऊ से कराई गई जांच गई थी, रिपोर्ट में दोनों कोरोना वायरस से संक्रमित बताए गए। दोनों ही जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। इधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित मां-बेटे में संक्रमण की स्थिति जानने को लेकर रविवार को दोनों के खून के नमूने जांच को फिर से लखनऊ भेजा गया था। इधर सोमवार को दोनों की दूसरी जांच रिपोर्ट भी स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हो गई। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल के मुताबिक दूसरी जांच रिपोर्ट में भी संक्रमित मां-बेटे में कोरोना का संक्रमण पाया गया है, यानी अभी कोरोना का प्रभाव दूर करने के लिए इलाज जारी रहेगा। इसके अलावा नेपाल से गजरौला क्षेत्र में आए एक साधु को माधोटांडा सीएचसी के क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट करने के साथ उनका खून का नमूना भी जांच को भेजा गया था। लखनऊ से सोमवार को आई रिपोर्ट में साधु में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया है। फिलहाल साधु को पूरे 14 दिन तक क्वारंटीन वार्ड में रखकर निगरानी की जाएगी।
कोरोना संक्रमित मां-बेटे की दूसरी जांच रिपोर्ट में दोनों पॉजिटिव पाए गए हैं। फिलहाल दोनों की हालत में सुधार है। अब दोनों का सैंपल 14 दिन पूरे होने के बाद जांच को भेजा जाएगा। -डॉ. रमाकांत सागर, फिजिशियन, जिला अस्पताल
... और पढ़ें

अमरिया में एक और कोरोना संदिग्ध मिला, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

पीलीभीत। सोनीपत (हरियाणा) से सात दिन पहले आए युवक की हालत बिगड़ने पर उस जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे कोरोनो संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है। उसका सैंपल लिया गया है।
तहसील अमरिया के गांव टोंडरपुर मुस्तकिल निवासी एक युवक को सोमवार दोपहर को सांस लेने में तकलीफ हुई। युवक के परिजनों ने ग्राम प्रधान अखलाक अहमद को इसकी खबर दी। प्रधान की सूचना पर मझोला स्वास्थ्य विभाग को टीम व चौकी प्रभारी गांव पहुंचे। युवक को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय लाया गया। ग्राम प्रधान के मुताबिक जनता कर्फ्यू के बाद 23 मार्च को 21 लोग वापस गांव आए थे। इसकी सूचना मझोला अस्पताल में दी गयी थी। 24 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था और हिदायत दी गई थी कि अपने घरों में 14 दिन सबसे अलग रहें। सोमवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी का दुबारा परीक्षण किया। दोपहर बाद एक युवक को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और युवक को जिला अस्पताल में लाया गया है। जहां स्वास्थ्य विभाग ने युवक को संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है। युवक का सैंपल लेकर भेजने की तैयारी चल रही है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि युवक को संदिग्ध मानते हुए युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल लिया गया है। युवक को माधोटांडा सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।
... और पढ़ें

होम क्वारंटीन किए गए घरों से बाहर निकले, आम नागरिक परेशान

पीलीभीत। कोरोना वायरस को लेकर घरों पर ही 14 दिन के क्वारंटीन किए गए लोगों के बाहर निकलकर घूमने का सिलसिला नहीं रुक रहा। लगातार शिकायतें सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। संदिग्धों की सड़कों पर चहलकदमी से खासतौर से पड़ोसियों के साथ ही दूसरे लोगों को संक्रमण का डर सता रहा है।
कोरोना वायरस को लेकर हर तरफ दहशत का माहौल है। सऊदी अरब से लौटे अमरिया के मां-बेटे दो मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा दूसरे प्रांतों से आ रहे दर्जनों लोग क्वारंटीन किए गए हैं। कुछ लोगों को घरों पर भी क्वारंटीन किया जा रहा है। मगर, पुलिस की मानें तो शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में इसका सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा। मोहल्ला भूरे खां में दुबई से आए एक व्यक्ति को क्वारंटीन किया गया है। पुलिस को पता चला है कि वह भी आए दिन सड़क पर घूमता दिख रहा है। मोहल्ला साहूकारा में क्वारंटीन किए गए एक परिवार के सदस्यों के बाहर निकलने की भी शिकायत पुलिस तक आ चुकी है। रविवार रात मोहल्ला पंजाबियान में क्वारंटीन किए गए युवक के घर से बाहर निकलने की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवक अपने घर में जा चुका था। आसपास के लोगों से जानकारी करने के बाद पुलिस वापस आ गई। सितारगंज से आने के बाद क्वारंटीन किए गए मोहल्ला फीलखाना के आठ लोग न सिर्फ घरों से बाहर निकले, बल्कि वह मंडी समिति में सब्जी बेचकर लौट भी आए।
इसके बाद खुद के चेकअप के लिए पैदल जिला अस्पताल जाते वक्त इस परिवार को पुलिस ने रोक लिया था। इस मामले में भी स्वास्थ्य विभाग का रवैया लापरवाही वाला रहा। इसी तरह से कई अन्य स्थानों से भी शिकायतें आ चुुकीं हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी ठोस कदम प्रशासनिक स्तर से नहीं उठाए जा रहे हैं। आम नागरिकों को इनके संक्रमण का डर सता रहा है। लोगों का मानना है कि कोरोना संदिग्ध जो लोग बाहर घूम रहे हैं, उनसे कोई भी संक्रमित हो सकता है।
होम क्वारंटीन करते वक्त ही 14 दिनों तक घर के अंदर रहने की सख्त हिदायत दी जाती है। इसका नोटिस घर के बाहर चस्पा किया जाता है। प्रतिदिन हमारी टीम क्वारंटीन किए गए लोगों से संपर्क कर उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत देती है। इनकी लोकेशन का भी पता लगाया जाता है। फिर भी अगर किसी के बाहर निकलने का पता चलता है तो पुलिस की मदद ली जाती है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
क्वारंटीन किए गए लोगों के घरों से बाहर निकलने की सूचना पर तत्काल पुलिस भेजी जाती है। समस्त थानाध्यक्षों को इसको लेकर गंभीरता बरतने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि इस तरह के लोग किसी हाल में बाहर न निकलने पाएं। -रोहित मिश्र, एएसपी
ग्रामीण इलाकों में होम क्वारंटीन के नाम पर खानापूरी
पूरनपुर। विदेशों और अन्य राज्यों से से आए लोगों की जांच के नाम पर केवल खानापूरी ही हो रही है। थर्मल स्क्रीनिंग कर घरों में क्वारंटीन का नोटिस थमाने के बाद हाथ में मुहर तो लगाई, लेकिन वह घरों में ही रुक रहे हैं या नहीं, यह देखने वाला कोई नहीं है। घरों में क्वारंटीन लोग गांव और मोहल्लों में घूम रहे हैं।
बाहर से आए 494 लोगों की सोमवार को सीएचसी में जांच की गई। इनमें से 10 लोग विदेशों से आए है। जांच के बाद सभी लोगों को क्वारंटीन होने का नोटिस थमाया गया। इनके हाथ पर मुहर भी लगा दी गई, ताकि पहचान रहे कि इन लोगों को क्वारंटीन किया गया है। लॉकडाउन के बाद अब तक बाहर से आए कुल 1400 लोग की जांच हुई है, इनमें 120 लोगों विदेश से लौटे हैं। इन सबको भी घरों में 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है। मगर, इनमें अधिकांश घरों में एकांत में न रहकर गली- मोहल्लों में घूम रहे हैं। कोई गन्ना छीलने खेतों में पहुंच रहा है, तो कोई मजदूरी करने बाहर निकल रहा है। संवाद
... और पढ़ें

बरेली में कोरोना संक्रमित मां-बेटे समेत 35 के खिलाफ एफआईआर

कोरोना संक्रमित अमरिया की महिला समेत 35 लोगों पर सीएमओ की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। जत्थे के रूप में उमरा को गए इन लोगों को सऊदी अरब से लौटाए जाने के बाद मुंबई हवाई अड्डे पहुंचने पर स्क्रीनिंग के बाद हाथ पर मुहर लगाई गई थी, जिसे उन्होंने मिटा दिया और अमरिया में आकर अपने-अपने घर पहुंच गए थे। जबकि उन्हें यहां आकर मुहर दिखाते हुए फिर से स्क्रीनिंग करानी थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग स्थिति देखकर भर्ती भी कर सकता था।

रविवार को डीएम के आदेश पर सीएमओ ने तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 279, 270, 271 और एपीडेमिक डिसीज एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। अमरिया क्षेत्र के 35 यात्रियों का यह जत्था सऊदी अरब से 20 मार्च को लौटा था। स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के बाद मां-बेटे को संदिग्ध मानते हुए दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था।

जांच में मां-बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। उमरा करने वालों के अलावा घर पर मौजूद महिला की पुत्रवधु और किराएदार समेत 37 संदिग्धों को क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट किया गया, हालांकि वे दोनों जत्थे में नहीं गए थे, मगर उनके भी संक्रमण से ग्रसित होने की आशंका में आइसोलेशन में भर्ती किया गया। बाद में मां-बेटे से मिलने वाले अन्य लोगों की भी तलाश की गई। फिर कुछ अन्य रिश्तेदारों को भी क्वारंटीन किया गया था। हालांकि कोई नया मरीज अभी तक सामने नहीं आ सका।

उमरा करने वाले सभी 35 यात्री फ्लाइट से सऊदी अरब से मुंबई पहुंचे थे। मुंबई से ट्रेन में सवार होकर बरेली आए और बरेली से अलग-अलग ट्रांसपोर्ट से पीलीभीत पहुंचे। पहले दिन इन लोगों ने किसी को कुछ नहीं बताया। जबकि उन्हें खुद यहां आकर मुहर दिखाकर स्क्रीनिंग कराना थी। वह तो गांव के प्रधान से सूचना मिलने के बाद ही टीम पहुंची थी। टीम को जांच के समय इन लोगों के हाथों से मुहर का निशान गायब मिला था।

इसका संज्ञान लेकर प्रशासन सख्त हुआ और डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एफआईआर के निर्देश दिए थे। रविवार को सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने तहरीर दी। एसओ उदयवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पता लगा है कि कोरोना संक्रमित महिला की स्क्रीनिंग मुंबई एयरपोर्ट पर हुई थी, लेकिन उसके हाथ पर इस समय मुहर नहीं है। महिला के द्वारा मुहर मिटाने की बात निकलकर सामने आई। इसी के चलते एफआईआर कराई गई है। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम
... और पढ़ें

कोरोना संक्रमित मां-बेटे का सैंपल दोबारा जांच को भेजा...हालत में सुधार

पीलीभीत। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मां- बेटे का सैंपल जांच को दोबारा लखनऊ भेजा गया है। वहीं नेपाल से आए एक साधु का भी सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। साधु को क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा।
सऊदी अरब से 37 यात्रियों का जत्था 20 मार्च को अमरिया क्षेत्र में अपने घरों में पहुंचा था। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी लगने पर सभी 37 लोगों के घर- घर जाकर स्क्रीनिंग की थी। इसमें अमरिया निवासी एक महिला और उसके पुत्र की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में मां- बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। वहीं शेष बचे 35 लोगों को पुराने अस्पताल में बने क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट कर निगरानी शुरू की थी। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मां- बेटे का इलाज अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर की देखरेख में हो रहा है। संक्रमित महिला के 10 दिन और उसके बेटे के निगरानी में आठ दिन पूरे होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की ताजा स्थिति जानने को शनिवार रात दोनों का सैंपल लखनऊ भेज दिया। वहीं गजरौला क्षेत्र में नेपाल से आए एक साधु का भी सैंपल जांच को लखनऊ भेजा गया है। साधु को क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन की निगरानी में रखा गया है।
----
संक्रमित मां बेटे का सैंपल जांच के लिए पुन: लखनऊ भेजा गया है। फिलहाल संक्रमित मां-बेटे की हालत में सुधार देखा जा रहा है। दोनों में अब संक्रमण की क्या स्थिति है, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। - डॉ. रमाकांत सागर, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us