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4.30 घंटे धरना प्रदर्शन में प्रशासन-पुलिस से कई बार टकराव, नतीजा शून्य

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sat, 14 Mar 2020 01:59 AM IST
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पीलीभीत। साठा धान पर प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेेस का आंदोलन शुक्रवार को तेजी पकड़ गया। दो सौ से अधिक किसानों के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा और उनके समर्थक टनकपुर हाईवे पर नेहरू ऊर्जा उद्यान पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। साढ़े चार घंटे धरना-प्रदर्शन के दौरान कई बार भीड़ के पुलिस-प्रशासन से टकराव के आसार बने, लेकिन प्रशासन अपने निर्णय पर कायम रहा। अंत में ज्ञापन लेकर धरना समाप्त करा दिया गया।
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सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार और सीओ सिटी प्रवीण मलिक की अगुवाई में नेहरू ऊर्जा उद्यान में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। 10:30 बजे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समर्थकों के साथ पहुंचना शुरू कर दिया। जब प्रशासन ने बातचीत करने की कोशिश की तो कांग्रेस नेताओं ने साठा धान से प्रतिबंध हटाने और खेतों में साठा की पौध को नष्ट न करने का आश्वासन दिए बिना धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने जब माइक लगाकर भाषण देना शुरू किया तो उन्हें प्रशासन ने रोका। भीड़ के तेवर देख अधिकारी बैकफुट पर आ गए। बातचीत के जरिए धरना समाप्त कराने के प्रयास किए जाने लगे। जब बहुत देर तक कांग्रेसी टस से मस नहीं हुए तो अधिकारियों की धड़कनें भी बढ़ने लगीं। दोपहर करीब 3:30 बजे एडीएम अतुल कुमार और एएसपी रोहित मिश्र मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने बातचीत की कोशिश की तो उनकी कांग्रेसियों से तीखी नोकझोंक हो गई। अफसरों ने उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय लेने से साफ इनकार कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने धरना जारी रखने का एलान कर दिया। दोनों अफसरों ने उच्चाधिकारियों से बात की। वहां से संकेत मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल धरनास्थल पर पहुंच गया और फिर जो अफसर सुबह से गुजारिश कर धरना देने वालों को मनाने में लगे थे, उन्होंने अचानक तल्ख तेवर दिखाए। निषेधाज्ञा लागू होने की बात कहते हुए प्रदर्शनकारियों को कानून का पाठ पढ़ाया जाने लगा और फिर कांग्रेस नेता भी बैकफुट पर आ गए। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन दिया और चलते बने।
प्रशासन ने खेली डिवाइड एंड रूल पॉलिसी
साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद जब प्रशासन धरना समाप्त नहीं हो पाया तो तो डिवाइड एंड रूल पॉलिसी अपनाई गई। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा को पहले बातचीत करने के लिए भीड़ से अलग बुलाकर ले गए। उसके बाद चीख-चीखकर कहने लगे कि चब्बा भरोसे के लायक व्यक्ति नहीं हैं। वह बार-बार अपनी मांगें बदल रहे हैं। चुनाव में लाभ लेने के लिए किसानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये बातें सुनकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के चेहरे का रंग भी फीका पड़ गया। अफसरों के इस कथन के बाद कुछ किसान जवाब देने आगे भी आए तो अफसरों ने सख्ती दिखाकर चुप करा दिया। अफसर प्रदर्शनकारियों में नजदीकी भी तलाशते रहे ताकि मामले को आसानी से मैनेज किया जा सके।
सवालों की बौछार हुई तो टाल गए अफसर
बातचीत के दौरान कई बार अघिकारियों ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए साठा धान के प्रतिबंध को लेकर अपना पक्ष रखा। किसानों ने सवाल किया कि कोर्ट ने फसल का पेमेंट दिलाने को कहा है। ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने को कहा है। किसान से होने वाली घूसखोरी पर भी कानून है। बाढ़-बारिश से नुकसान पर फसलों का मुआवजा नहीं मिलता। सूदखोरी होती है तब क्यों नहीं आते समाधान कराने? इस तरह के कई सवाल कर जवाब मांगा तो अधिकारी टाल गए। सिर्फ साठा धान की बात करने को कहा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का एलान -उदयकरनपुर में बोएंगे साठा, दम है तो रोक लेना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि उदयकरनपुर गांव में शनिवार को वह जगमोहन सिंह के खेत में साठा धान की बुवाई करेंगे। प्रशासन में दम है तो आकर रोक ले।
किसानों को पट्टे रद कराने की धमकी
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर एक और आरोप लगाया है। उनका कहना है कि साठा धान के प्रतिबंध को मनवाने के लिए किसानों को धमकियां दिलवाई जा रही हैं। घर-घर जाकर पट्टे रद करने की धमकी दी जा रही है। इसके अलावा फर्जी कहानी रचकर एफआईआर कराई जा रही हैं।
नेहरू पार्क को बना दिया छावनी
प्रदर्शनकारियों ने जब अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी और खानपान को लेकर इंतजाम करना शुरू कर दिए तो प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया। कुछ ही देर में नेहरू पार्क को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सैकड़ों की संख्या में फोर्स वहां पर तैैनात कर दिया।
प्रशासन हिटलरशाही रवैये पर उतारू
प्रशासन हिटलरशाही रवैये पर उतारू है। झूठी एफआईआर कराई जा रही है। प्रशासन तय नहीं कर सकता कि किसान खेत में कौन सी फसल बोएगा। शनिवार को हम उदयकरनपुर में और 19 मार्च को प्रदेश अध्यक्ष भी आकर साठा धान लगाएंगे। - हरप्रीत सिंह चब्बा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ज्ञापन ले लिया गया है। अगर अब आगे भी साठा धान लगाया जाता है तो सख्त एक्शन लेते हुए कार्रवाई कराई जाएगी। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
प्रदर्शनकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
साठा धान को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष की अगुवाई में हुए धरना प्रदर्शन के बाद अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो आला अधिकारियों से इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। मामले में प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है। फिलहाल अभी अधिकारी इस पर खुलकर बोल नहीं रहे हैं।
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