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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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IPS बनी गोरखपुर की बेटी एमन, सीएम योगी ने मुस्लिम लड़कियों के लिए बताया रोल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की ऐमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं।

10 दिसंबर 2019

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पीलीभीत

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

सड़क हादसे में बाइक सवार किसान की मौत

माधोटांडा (पीलीभीत)। काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे किसान की सड़क हादसे में मौत हो गई। रोड पर लहूलुहान मिलने पर जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना क्षेत्र के गांव ककरऊआ निवासी 30 वर्षीय हरिशंकर पुत्र श्यामाचरन खेती करते थे। शुक्रवार को वह घरेलू काम से पीलीभीत गए थे। काम निपटाकर शाम करीब सात बजे वह वापस घर के लिए निकले। बाइक चलाते वक्त उन्होंने हेलमेट लगा रखा था। माधोटांडा रोड पर जमुनिया-लक्ष्मीपुर गांव के पास पहुंचते ही किसी अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में हरिशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से हरिशंकर को जिला अस्पताल भर्ती कराया। इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने बताया कि पिता से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मौत के बाद परिवार में चीख पुकार मची रही। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है।
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अब नहीं सहेगी आधी आबादी..दरिंदों को चौराहे पर दो फांसी

पीलीभीत। उन्नाव कांड की दुष्कर्म पीड़िता की दिल्ली में इलाज के दौरान शुक्रवार रात मौत होने के बाद आम नागरिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखा। शहर में शनिवार को व्यापारियों और समाज के प्रबुद्धजनों ने जुलूस निकालकर दरिंदों को सरेआम चौराहे पर फांसी पर लटकाने की मांग की। कुछ लोगों ने हैदराबाद पुलिस की तर्ज पर पीड़िता को इंसाफ देने की आवाज उठाई। नारेबाजी के बीच दरिंदों का पुतला भी दहन किया गया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले शहर के व्यापारी जेपी रोड पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए ड्रमंडगंज चौराहे पर पहुंचे और दुष्कर्म पीड़िता की जलाकर हत्या करने की घटना के दरिंदों को चौराहे पर फांसी देने की मांग की गई। नारेबाजी करते हुए व्यापारियों ने दुष्कर्म के आरोपियों का पुतला भी फूंका। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि दरिंदों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर त्वरित फांसी की सजा दी जाए। महिलाओं-बेटियों के साथ दरिंदगी करने वाले को जमानत न देने का प्रावधान बनाया जाए। युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष स्वतंत्र देवल ने कहा कि कार्य पालिका और न्याय पालिका के अलावा हम सबको भी अपनी-बहन बेटियों को लेकर जिम्मेदारी समझनी होगी। दरिंदों और गुंडों से अब सतर्क रहने की जरूरत है। महिलाओं के साथ अगर कोई गलत व्यवहार हो रहा है तो इसको अनदेखा न करें। बहन और बेटी समझकर मदद करें..ताकि दरिंदों को सबक सिखाया जा सके। संजीव शर्मा, रामजी नाथ सक्सेना, राघवेंद्र नाथ मिश्र, राजन सिंह, मुकेश देवल, रामानुज अवस्थी आदि मौजूद रहे।
पीलीभीत। राजधानी लखनऊ में विधान भवन के सामने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही जिला मुख्यालय पर भी सपा कार्यकर्ता उन्नाव कांड के विरोध में सड़कों पर आ गए। जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद, पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की गई। सपा नेताओं ने कहा कि सीएम योगी को अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनसे सरकार नहीं चल पा रही है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अफसरशाही बेलगाम है। चारो ओर भ्रष्टाचार व्याप्त है। एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र को ज्ञापन दिया। अमित पाठक एडवोकेट, प्रभुदयाल पासवान, ब्लाक प्रमुख अरुण वर्मा, विवेक यादव, डिंपल गौड़, राजकुमार भोजवाल, उर्वशी सिंह, पदमा सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्नाव पीड़िता की दर्दनाक मौत से एक बार फिर सिस्टम पर सवाल

पीलीभीत। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में मौत होने के बाद आधी आबादी समेत समाज के सभ्य वर्ग में एक बार फिर जबरदस्त आक्रोश है। एक दिन पहले हैदराबाद कांड के चारों आरोपियों के एनकाउंटर पर जहां लोग राहत महसूस कर न्याय बताने में लगे थे, वहीं उन्नाव रेप पीड़िता के मामले में आधी आबादी समेत अन्य लोग भी बोले- भले ही हैदराबाद एनकाउंटर कानूनी तौर पर गलत हो, मगर, अदालतों में लंबित केस जल्द निपटाकर दरिंदों को जल्द सजा मिलेगी, तभी वह न्याय समझा जाएगा। देर से मिला न्याय अन्याय के बराबर है। उन्नाव कांड के बाद फिर महिला सुरक्षा पर बात तेज है। आधी आबादी भी इन घटनाओं को लेकर आक्रोशित है। महिलाओं का कहना है कि देश में ऐसी व्यवस्था हो कि निर्भया और हैदराबाद जैसे कांड को दोहराया न जा सके। किसी के साथ कोई दरिंदगी होने पर उसे न्याय पाने के लिए भटकना न पड़े। सख्त कानून बनाने से अधिक इसका पालन कराने में चुस्ती दिखाई जाए। शहर के प्रबुद्ध वर्ग से अमर उजाला ने उन्नाव की पड़िता के मामले पर बातचीत की।
उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता की जलाकर हत्या की घटना सिस्टम पर सवाल है। नृशंस तरीके से की गई हत्या के आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। इसमें समय बरवाद न किया जाए। - शबानाज, छात्रा, चंदोई
दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं, लेकिन इनमें सुधार की जरूरत है। कोर्ट में सुनवाई समय से होनी चाहिए, ताकि दरिंदों को सख्त सजा जल्द मिल सके। - बुसरा, छात्रा, चंदोई
इस तरह की घटनाओं पर हैदराबाद पुलिस ने जो किया वह गलत नहीं है। सिस्टम कमियों को दूर करे, ताकि ऐसी नौबत न आए। इतना जरूर है कि अब लड़कियों को खुद को मजबूत करने की जरूरत है। - छाया, छात्रा, गौहनिया
घटनाओं के बाद बेवजह की राजनीति तो हो रही है, लेकिन सुधार को राजनीति खमोश है। कुछ के बयान तो गंदी सोच को दर्शाते हैं। उनको भी खुद का सुधार करने की जरूरत है। -रितिका शुक्ला, छात्रा, जमुनी चौराहा
घटना को रोकने के साथ ही ऐसा काम किया जाए कि पीड़िता को खुद के साथ हुए अन्याय को साबित करने में दिक्कत न आए। कई बार तो उसको दर्द साबित करना ही चुनौती बन जाता है। इस बेपटरी सिस्टम में भी सुधार हो। - पिंकी कौर, छात्रा, खकरा
महिला सुरक्षा के नाम पर बहस नहीं काम किया जाए। ऐसे बंदोबस्त हो कि घर से निकलने के बाद उनको सुरक्षित माहौल का अहसास हो और इस तरह की घिनौनी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। - पिंकी देवल, गृहणी, खकरा
हैदराबाद पुलिस का न्याय सही था, लेकिन यह भी सत्य है कि ऐसे हर किसी को नहीं कर सकते। इसलिए ऐसा कदम उठाया जाए कि कोई और निर्भया दरिंदों की भेंट न चढ़ पाए। - कंचन गोयल, गृहणी, मोहल्ला डोरीलाल
बात सिर्फ सख्त कानून बनाने की नहीं है। पहले से कई कानून हैं। सिस्टम चुस्त करें, ताकि त्वरित न्याय मिले। अपराधी से अधिक पीड़िताओं को परेशान होना पड़ता है। - स्वीटी अग्रवाल, गृहणी, साहूकारा
ये घटनाएं सिस्टम की कमी का नतीजा हैं। इसका खामियाजा हैदराबाद या उन्नाव की पीड़िताओं को भुगतना पड़ता है। सजा की बात नहीं, धरातल पर काम होना चाहिए। - शेषा मिश्रा, गृहणी, गोदावरी इस्टेट कॉलोनी
दरिंदगी की घटनाएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। कानूनों का सख्ती से पालन हो, तभी सुधार आ सकता है। ओछी सोच रखने वालों का समाज से तिरस्कार करना चाहिए। - अमृतलाल, समाजसेवी, राजा बाग कॉलोनी
बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के नारे के साथ काम करने वाली सरकार ऐसी घटनाएं रोकने के लिए तुरंत हल निकाले। सिस्टम कमियां दूर करे। समाज भी भागीदारी निभाए। अच्छे परिणाम जरूर आएंगे। - डॉ.एसके शर्मा, रिटायर्ड प्रोफेसर, उपाधि कॉलेज
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बीसलपुर रोड पर पेड़ से टकराई कार, असम हाईवे पर पलटा ट्रक, छह घायल

पीलीभीत। हाईवों पर तेज रफ्तार कार एक बार फिर हादसों का सबब बनी। बीसलपुर रोड पर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। काम में सवार पांच लोग घायल हो गए। दूसरी ओर असम हाईवे पर धान लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे एक व्यक्ति घायल हो गया। ट्रक चालक को छोड़ अन्य पांच को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टरों से घायलों का हालचाल लिया।
डॉक्टरों पर हो रही कानूनी कार्रवाई के विरोध में आईएमए से जुड़े डॉक्टर सोमवार शाम को सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। डीएम वैभव श्रीवास्तव से मिले निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया था। सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे बीसलपुर की तरफ से आ रही कार रुपुपर गांव के पास पहुंचते ही अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में दावत में पीलीभीत आ रहे कार सवार बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरैनिया रामगुलाम निवासी नरेश कुमार (28) पुत्र मिढ़ईलाल, संदीप (30) पुत्र वीरेंद्र, अरविंद (32) पुत्र जयंती प्रसाद, विजय (32) और बिचपुरी गांव निवासी संजीव (35) पुत्र चंद्रसेन घायल हो गए। इसकी सूचना मिलते ही सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंच गई। 108 एंबुलेंस को बुला लिया।
सीएमओ डॉ.सीमा अग्रवाल ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम को अलर्ट किया। कार में फंसे घायलों को पुलिस ने बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भर्ती कराया। एसडीएम सदर अविनाश कुमार ने डॉक्टरों से बातचीत कर घायलों का हालचाल लिया और उनको बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
उधर, मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे असम हाईवे पर जराकोठी के पास धान लदा ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे तालाब में पलट गया। हादसे में ट्रक चालक करनाल (हरियाणा) निवासी नेपाल सिंह घायल हो गए। उनका पीएचसी में इलाज कराया गया। ट्रक चालक ने बताया कि बिहार से धान लेकर वह करनाल जा रहे थे। हादसे की वजह ट्रक का गुल्ला टूटना बताया जा रहा है।
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तेंदुए ने घर में घुसकर बकरी को बनाया निवाला

माधोटांडा/गभिया सहराई (पीलीभीत)। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे बूंदीभूड गांव में रात एक घर में घुसे तेंदुए ने बकरी को निवाला बना लिया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पगचिह्न ट्रेस किए और ग्रामीणों को सतर्क करने की अपील की।
सीमा से सटे बूंदीभूड़ गांव और इसके आसपास इलाके में पिछले दो साल से तेंदुओं का आतंक है। तेंदुए मवेशियों को अक्सर शिकार बना रहे हैं। इधर गांव बूंदीभूड़ निवासी सुरेश राजभर का परिवार करीब 10 बजे खाना खाकर सो गया। इस बीच एक तेंदुए ने उनके घर में घुसकर बंधी बकरी को दबोच लिया और खींचकर पास के खेत में निवाला बना डाला। आहट पाकर लोगों ने शोरशराबा शुरू कर दिया। जिससे तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना नौजल्हा वन चौकी को दी। जिस पर वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत और रवि यादव मौके पर पहुंचे, खेत में पगचिह्न ट्रेस किए। वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत ने बताया कि पगचिह्न तेंदुए के हैं। ग्रामीणों के शोर मचाने के पर तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपने मवेशियों को घर या पशुशाला में सुरक्षित रखने के साथ स्वयं सतर्क रहने की भी अपील की।
गत वर्ष पकड़े गए थे दो तेंदुआ
इलाके में तेंदुए की दस्तक बराबर बनी हुई है। एक ओर शारदा नदी और दूसरी ओर जगबूड़ा नदी है। यहां अलग-अलग टुकड़ों में जंगल भी है। चारों ओर आबादी होने से जंगल से निकले तेंदुए अक्सर घरों या पशुशाला में घुसकर मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। हालांकि गत वर्ष हुई घटनाओं के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कैमरों से निगरानी के साथ दो नर और मादा तेंदुआ पकड़ा था और टाइगर रिजर्व के दूसरे जंगल क्षेत्र में छुड़वा दिया था। इसके बावजूद तेंदुओं की सक्रियता में कमी नहीं आई है। कभी रमनगरा क्षेत्र में तो कभी पुरैना ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र में कभी बॉर्डर से सटे बंदरभोज और बूंदीभूड़ में तेंदुआ लगाकर मवेशियों को शिकार बना रहा है।
नौजलहा चौकी क्षेत्र में बूंदीभूड़ गांव में तेंदुए द्वारा बकरी उठाने की बात सामने आई है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा था। ठंड की वजह से तेंदुओं की सक्रियता बढ़ी है। ग्रामीणों का सतर्क रहने को कहा गया है।
- डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी बराही रेंज।
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हरिपुर जंगल में जानवरों से ज्यादा बदमाशों का खतरा, फिर लूटपाट

हजारा (पूरनपुर/ पीलीभीत)। टाइगर रिजर्व का हरिपुर रेंज जंगल बदमाशों की शरण स्थली बन चुका है। इधर से गुजरने वाले राहगीरों को जानवरों से अधिक बदमाशों का खतरा है। लगातार घटनाएं सामने आने के बाद भी पुलिस ने अबतक सख्त कदम नहीं उठाए। चार दिन पहले माधोटांडा थाना के गांव डगा निवासी महमूद और उसके चार साथियों से मारपीट कर बदमाश 22 हजार रुपये लूट ले गए थे। इसको पुलिस दबा गई और अब एक बार फिर असलहाधारी बदमाशों ने एक-एक कर पांच राहगीरों को बंधक बनाकर लूटपाट की। एक राहगीर ने बदमाशों के इशारे पर बाइक नहीं रोकी तो उस पर फायर कर दिया, जिसमें वह बाल-बाल बचा। सूचना पर पुलिस ने कांबिंग कर जंगल में बदमाशों को तलाशा, लेकिन असफल रही। अब तहरीर न मिलने की बात कहकर कार्रवाई टाली जा रही है।
घटना सोमवार सुबह करीब सात बजे धनाराघाट-परनपुर रोड पर हरिपुर रेंज के जंगल के पास हुई। चंदिया हजारा गांव निवासी वन विभाग के वॉचर गौतम बाइक से जंगल की गश्त को जा रहे थे। चंदिया हजारा वन चौकी से 50 मीटर दूर पहुंचते ही जंगल से निकले 10 असलहाधारी बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। सभी बदमाश अपने चेहरा कपड़े से ढके हुए थे। बदमाश वॉचर को जंगल के अंदर ले गए और बंधक बनाकर 500 रुपये लूट लिए और पिटाई की। इसके बाद एक बदमाश वॉचर के पास रहा। लखीमपुर खीरी के कृष्णा नगर गांव निवासी ट्रक चालक सुबेग सिंह और उसी गांव के बाइक सवार शिवमंगल को बदमाशों ने रोका। बदमाश सड़क के बीच खड़े थे। जैसे ही ट्रक चालक और बाइक सवार आगे बढ़े बदमाश उनको भी पकड़कर जंगल में ले गए। इन दोनों से बदमाशों ने नौ हजार रुपये लूट लिए। गमछे से दोनों को बांध दिया। इसके बाद बाइक सवार न्यूरिया कॉलोनी के प्रेम सरकार और उसके भाई पवन सरकार को इसी तरह से मारपीट कर छह हजार रुपये, मोबाइल लूटा, फिर बंधक बनाया। इस बीच सिद्धनगर समिति के सचिव अनिलेश कटियार बाइक से आ रहे थे। उन्होंने बदमाशों द्वारा बंधक बनाए गए एक युवक से की जा रही मारपीट देखी तो वह बाइक मोड़ने लगे। इस पर बदमाशों ने उन पर भी हवाई फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनकर पूरनपुर कचहरी जा रहे वकील हरसोवरन, गांव भुरजनिया के काबुल सिंह, नहेरूनगर निवासी रविंद ने भी बदमाशों की आहट पर बाइक मोड़ ली। उन्होंने आनन-फानन में पुलिस को चंदिया हजारा चौकी जाकर सूचना दी। उधर, बदमाश भी खतरा भांपकर जंगल की तरफ निकल गए। शोर पर एकत्र ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए राहगीरों को छुड़ाया। हजारा पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी की। इसके बाद जंगल में कांबिंग कर बदमाशों को तलाशा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। फिर पुलिस मामले को दबाने में जुट गई।
हरीपुर जंगल में बदमाशों द्वारा लूटपाट की सूचना पर पुलिस गई थी। जंगल में कांबिंग की गई, लेकिन कोई मिल नहीं सका। दो लोगों ने लूट की मौखिक शिकायत की थी, लेकिन तहरीर नहीं दी। जंगल में कांबिंग कराई जा रही है। - सुनील कुमार, थानाध्यक्ष हजारा
हजारा में लूटपाट की घटना संज्ञान में आई है। इसको लेकर थाना पुलिस को सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। बदमाशों की धरपकड़ के लिए टीम लगाई है। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में अलर्ट

पीलीभीत। आईएमए के डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने से गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसको देखते हुए सीएमओ ने जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पीएचसी पर डॉक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि किसी भी सूचना मिलने पर एंबुलेंस तत्काल जाकर मरीज को अस्पताल लेकर आए। किसी भी हालत में दवाओं का टोटा ना होने दें।
डॉक्टरों पर हो रही कानूनी कार्रवाई के खिलाफ आईएमए के डॉक्टरों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। आईएमए से जुड़े निजी डॉक्टरों के मरीज ना देखने के कारण स्थिति गंभीर हो सकती है। क्योंकि जिला मुख्यालय पर एकमात्र जिला अस्पताल ही है, जहां मरीजों का इलाज किया जाता है। वहां पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में दुर्घटना समेत अन्य गंभीर स्थिति आने पर मरीजों के लिए प्राइवेट अस्पताल ही एकमात्र सहारा बनते हैं। डॉक्टरों के अवकाश पर जाने के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। डीएम ने सीएमओ को मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। डीएम से मिले निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने भी जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी पर दवाओं का स्टॉक रखने और अलर्ट रहने का निर्देश दिया हैं । यह भी कहा है कि जिला अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज का समुचित इलाज किया जाए। इसके लिए डॉक्टरों की टीम मुस्तैद रहें। एंबुलेंस चालकों से भी अपील की है कि अगर कोई सूचना मिलती है तो वे तत्काल को इलाज को लाएं।
मामला संज्ञान में आया है। इसके निस्तारण को आईएमए के पदाधिकारियों से बात की जाएंगी। मरीजो को दिक्कत नही होने दी जाएगी।
वैभव श्रीवास्तव, जिलाधिकारी
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अपने ऊपर कार्रवाई के विरोध में डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर

पीलीभीत। डॉक्टरों पर लग रहे आरोप और कानूनी कार्रवाई के विरोध में आईएमए ने सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया है। सोमवार को एसोसिएशन की बैठक के बाद उसे जुड़े डॉक्टरों ने अपने चैंबर बंद कर दिए।
ईएनटी सर्जन डॉ.एसके मित्रा पर दो दिन पूर्व थाना सुनगढ़ी में कोर्ट के आदेश पर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें उन पर पांच साल के मासूम का गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगा था, जिससे मासूम की मौत होना बताया गया। कुछ माह पूर्व गौहनिया चौराहा के पास एक प्राइवेट अस्पताल में लाश का इलाज करने के नाम पर एक लाख रुपये ऐंठे गए थे। इस मामले में फर्जी डिग्री के आधार पर अस्पताल संचालित करने की बात आई थी, जिसमें डॉक्टर पर एफआईआर हुई और अस्पताल सील कर दिया था। इसके अलावा भी डॉक्टरों पर कई आरोप लगे। इन सब कार्रवाइयों से क्षुब्ध होकर आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने सोमवार को बैठक की, जिसमें सर्व सम्मति से अवकाश पर जो का निर्णय लिया गया। डॉक्टरों का कहना है उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने पढ़ाई इसलिए नहीं कि वह हत्यारे बने। गलत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही।
आजकल डॉक्टरों के बीच अत्यंत भय का माहौल बन चुका है। सभी डॉक्टरों में इतना मानसिक अवसाद उत्पन्न हो गया है कि कोई भी मरीज सामान्य रूप से देख नहीं पा रहे हैं। ऐसे में हम अपने प्रोफेशन एवं मरीज के साथ न्याय नहीं कर पा रहे। मानसिक अवसाद के बीच में हमने अवकाश पर जाने का निर्णय किया है। हम जनता के बीच बार-बार हत्यारे के रूप में चर्चित न हों, ऐसे में अब जनता को उच्च स्तरीय डॉक्टर के पास जाने का मौका मिलेगा, जिससे उनका बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।
- डॉ. तरुण सेठी, आईएमए अध्यक्ष
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बाबा से डेढ़ घंटे पूछताछ फिर भी पुलिस के हाथ खाली

पीलीभीत। तीन दिन पहले दफनाया गया किशोरी का शव गायब होने के मामले में 24 घंटे की पड़ताल के बाद भी पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है। तंत्र-मंत्र का अंदेशा होने पर क्षेत्र के एक बाबा को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन कुछ नहीं जुटा सकी। बाद में उसे थाने से छोड़ दिया। उधर, करीबियों को लेकर भी पुलिस छानबीन कर रही है। सर्विलांस की मदद से साक्ष्य जुटाने की कोशिश भी की जा रही है।
बिलसंडा क्षेत्र के गांव खुटरायां निवासी मजदूर राकेश की 15 वर्षीय पुत्री अंजली तीन माह से पीलिया से ग्रसित थी। उसका पांच दिसंबर को निधन हो गया था। छह दिसंबर को परिजन ने गांव के बाहर ग्राम समाज की जगह पर ताल बाबा मंदिर के पास शव जमीन में दफना दिया। रविवार सुबह दफनाया शव गायब मिलने से हड़कंप मच गया। पिता की ओर से पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ शव गायब करने की एफआईआर दर्ज की थी। इसी गांव में जून में एक किशोरी का शव ऐसे ही गायब हो चुका है, उसका भी अब तक खुलासा नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस को तंत्र-मंत्र की ओर अंदेशा था। इसको लेकर थाना पुलिस और सर्विलांस-स्वाट टीम ने पड़ताल की। तंत्र मंत्र को लेकर सुरागरसी की तो गांव के एक बाबा का नाम सामने आया। उसको रविवार रात पुलिस ने थाने लाकर पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ में कुछ निकलकर नहीं आया। इस पर बाबा को छोड़ दिया गया। उधर, पुलिस करीबियों पर भी नजर रखे है। इसके लिए सर्विलांस की मदद से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार वाले कुछ नहीं बता पा रहे। ऐसे में ग्रामीणों से संपर्क कर सुरागरसी की जा रही है, ताकि कोई ऐसा तथ्य निकलकर आ सके, जिससे घटना का पर्दाफाश किया जाए।
हमारी टीमें गहनता से मामले की पड़ताल कर रही हैं। अभी कुछ अधिक सुराग तो हाथ नहीं आए हैं, लेकिन खुलासे तक पहुंचने के लिए कुछ बिंदुओं पर काम कराया जा रहा है। कार्रवाई की सही दिशा रही तो जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।
- अभिषेक दीक्षित, एसपी
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बीसलपुर ब्रॉडगेज कार्यों का निरीक्षण

बीसलपुर (पीलीभीत)। शाहजहांपुर रेल मार्ग पर बीसलपुर तक ब्रॉडगेज ट्रेनों के संचालन के लिए सोमवार को गोरखपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (ब्रॉडगेज) सुधांशु शर्मा ने पीलीभीत से बीसलपुर तक रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। कार्य की गति को बढ़ने के निर्देश दिए।
पीलीभीत से बीसलपुर होते हुए शाहजहांपुर तक ब्रॉडगेज का कार्य चल रहा है। इस रूट पर बीसलपुर तक अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। बचे कार्यों को दुरुस्त करने पर फोकस किया जा रहा है। पूर्व में पटरियों पर सिग्नल वर्क पर भी अमल शुरू कर दिया गया। नए साल पर ब्रॉडगेज ट्रेनों के संचालन की कवायद तेज है। इधर गोरखपुर से आए रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुधांशु शर्मा ने सोमवार को पीलीभीत से बीसलपुर तक रेल लाइन पर हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान पुल, पुलियों, नालों, समपार, अंडर ब्रिज, बैरियर गेट और प्लेटफॉर्म आदि का निरीक्षण किया। प्रसादपुर रेलवे हाल्ट पर निर्माण कार्य की गति धीमी होने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए। समय से काम पूरा न होने पर भुगतान रोकने की भी चेतावनी दी। वहीं बीसलपुर स्टेशन का निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालय क्षेत्र, फुट ओवरब्रिज का कार्य रुका होने पर संबंधित अधिकारियों से नाराज व्यक्त की। इस दौरान इज्जतनगर के विद्युत अधिशासी अभियंता एसके सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (निर्माण) आनंद कुमार मौजूद रहे।
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पूरनपुर के शाहिल और जहानाबाद के आशुतोष की हादसे में गई थी जान

पीलीभीत। एलएच चीनी मिल मार्ग पर रविवार रात हुए हादसे में पूरनपुर के मोहल्ला खानकाह निवासी 15 वर्षीय शाहिल उर्फ सोहेल पुत्र बड़े लल्ला और जहानाबाद के प्यास गांव निवासी 18 वर्षीय आशुतोष पुत्र गयादीन की मौत हो गई थी। वह परिवार के साथ वर्तमान समय में शहर से सटी राजीव कॉलोनी में रह रहे थे। तीसरा घायल साथी राजीव कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय गातेंद्र पुत्र नोखेलाल की हालत गंभीर होने पर बरेली रेफर किया गया है। इधर, सुनगढ़ी पुलिस ने परिजनों से जानकारी जुटाकर शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
हादसा रविवार रात चीनी मिल मार्ग पर नगर पालिका कार्यालय के पास हुआ था। बिना हेलमेट ट्रिपल राइडिंग करते समय बाइक को ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी। इसमें शाहिल और आशुतोष की मौत हुई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल था। तीनों के पास से कोई कागजात न मिलने पर शिनाख्त नहीं हो सकी थी। एसपी अभिषेक दीक्षित, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने जिला अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। सुनगढ़ी पुलिस बाइक नंबर के आधार पर तीनों के परिवार तक पहुंच गई। बाइक सवार परिवार के साथ वर्तमान में सुनगढ़ी क्षेत्र की राजीव कॉलोनी में रह रहे थे। उनके पहुंचने पर पुलिस ने जानकारी और फिर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, घायल गातेंद्र को बरेली रेफर किया गया है। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों शवों का सोमवार को पोस्टमार्टम कराया है। कानूनी कार्रवाई के लिए परिजन से तहरीर मांगी गई है। वाहन के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। गातेंद्र के बड़े भाई राजेश की ससुराल छतरी चौराहे के पास मोहल्ला नई बस्ती गौटिया में है। वहां पर रविवार रात दावत थी। तीनों बाइक से दावत मेें जाने को रात साढ़े नौ बजे निकले थे।
राजीव कॉलोनी में बस गए थे परिवार वाले
मृतक शाहिल और आशुतोष के परिवार मूल रुप से राजीव कॉलोनी के रहने वाले नहीं है। परिवार वाले मजदूरी के लिए
कुछ साल पहले आकर यहां बस गए थे। शाहिल के पिता बड़े लल्ला की मौत के बाद मां शाहीन दो साल पहले बीसलपुर के मोहल्ला दुबे निवासी रवि के साथ रहने लगी। शाहिल को भी साथ ले आई थी। इसके बाद रवि सुनगढ़ी क्षेत्र की राजीव कॉलोनी में रहने लगे। शाहीन के अलावा शाहिल को भी साथ रखा। चार माह पूर्व शाहीन की मौत हो गई। इसके बाद भी शाहिल को रवि अपने पास ही रखे था। इधर, आशुतोष मूल रूप से जहानाबाद के प्यास गांव का रहने वाला है। मजदूरी के लिए कई साल पहले पूरा परिवार राजीव कॉलोनी में आकर रहने लगा। आशुतोष चार भाई में दूसरे नंबर का था। उसके दो बहने कमलेश और मिथिलेश हैं। सभी भाई-बहन अविवाहित हैं। आशुतोष रुद्रपुर (उत्तराखंड) की एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह बीते मंगलवार को ही घर आया था। दोनों की मौत के बाद उनके परिवारों में चीख पुकार मची है।
गन्ना वाहनों की बेतरतीब व्यवस्था बन रही राहगीरों का काल
पीलीभीत। चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरुआत से सड़कों पर ट्रैफिक सिस्टम ध्वस्त हो जाता है। वाहनों में की जाने वाली ओवरलोडिंग और बेतरतीब शहर के आबादी वाले रास्तों में आवाजाही राहगीरों के लिए काल बनती है। हर साल गन्ना वाहनों की चपेट में आकर कई लोग जान गंवाते हैं। अभी चीनी मिल की शुरुआत हुए एक माह भी पूरा नहीं हुआ है। गन्ना लदे वाहन अब तक चार राहगीरों की मौत का सबब बन चुके हैं।
गन्ना वाहनों को लेकर बिगड़ रही व्यवस्था के सुधार के लिए गंभीरता से कदम उठाए जाएंगे। सीओ ट्रैफिक धर्म सिंह मार्छाल को इसको लेकर गशनता से प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं, सख्त एक्शन लिया जाएगा। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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बलि कांड के मुख्य आरोपी ने कोर्ट में किया समर्पण, जेल भेजा

बीसलपुर (पीलीभीत)। खजाने के लालच में चार साल के मासूम अरुण की बलि देने के मामले में मुख्य आरोपी सुधीर को पकड़ने में पुलिस असफल रही। उसने पुलिस से बचते-बचाते न्यायालय में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। अब पुलिस विवेचना तेज कर जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
कोतवाली क्षेत्र के पुरैनिया रामगुलाम गांव निवासी प्रेमशंकर का चार वर्षीय पुत्र अरुण 18 नवंबर की शाम घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया था। दूसरे दिन 19 नवंबर की सुबह गांव के बाहर उसका शव तालाब में पड़ा मिला था। इंस्पेक्टर मनीराम सिंह की लापरवाही से मामला दो दिन तक दबा रहा। कोतवाल डूबने से मौत बताते रहे, लेकिन बाद में जब अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी तो शरीर पर आठ चोटें निकलीं और मामला हत्या का निकला। पुलिस ने अरुण के पिता की तहरीर पर सात दिन बाद गांव के सुधीर के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट लिखी। उस पर खजाने के लालच में बलि देने का आरोप था। पड़ताल में आरोप सही पाए गए। पुलिस ने दो तांत्रिक समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी कर जेल भेजा था। सुधीर पुलिस के हत्थे नहीं लगा। सुधीर ने ही खजाने के लालच में तांत्रिक से मिलकर पूरी घटना रची थी। इस घटना में लालच में गांव के और लोग भी शामिल हो गए थे, एक महिला की तंत्र विद्या में जरूरत बताई गई थी तो सुधीर की पत्नी भी शामिल हो गई थी।
पांच दिन पूर्व पिता प्रेमशंकर ने एसपी से शिकायत कर सुधीर के परिजन पर धमकाने का आरोप लगाया था। कोतवाल आरोपों को झुठलाते रहे। सुधीर की गिरफ्तारी में भी कोतवाली पुलिस औपचारिकता निभाती रही। नतीजतन शनिवार को मुख्य आरोपी सुधीर ने न्यायालय में समर्पण कर दिया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि सुधीर कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया है। कुछ बरामदगी भी नहीं करनी है, इसलिए उसको रिमांड पर नहीं लिया जाएगा। विवेचना पूरी कराकर चार्जशीट दाखिल कराई जाएगी।
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दो दिन पहले दफनाया किशोरी का शव, तंत्र मंत्र की आशंका

बिलसंडा(पीलीभीत)। खुटराया गांव में लंबी बीमारी के बाद जान गंवाने वाली एक किशोरी का गांव के बाहर दफनाया गया शव दो दिन बाद रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। रविवार सुबह इसका पता चलने पर शोर मचा तो परिजन भी पहुंच गए। पुलिस ने खोजी कुत्ते की मदद से शव ढूंढने की कोशिश की, मगर रात तक कुछ पता नहीं चला। पूरे दिन कुछ पता न चलने के कारण तंत्र विद्या की आशंका भी जाहिर की जाने लगी। इस घटना से आसपास के पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, क्योंकि छह महीने पहले भी इसी तरह एक किशोरी का शव गायब हुआ था।
बिलसंडा क्षेत्र के गांव खुटराया निवासी राकेश मजदूरी करते हैं। उनकी 15 वर्षीय पुत्री अंजली तीन माह से पीलिया से ग्रसित थी। परिजन प्राइवेट डॉक्टर से उसका इलाज कराते रहे। पांच दिसंबर की रात अंजली का निधन हो गया। शुक्रवार (छह दिसंबर) को गांव से तीन सौ मीटर दूर तालबाबा मंदिर के पास ग्राम समाज की जमीन एक टुकड़े में उसका शव दफना दिया गया। रविवार सुबह उधर से गांव के कुछ लोग गुजरे तो उनकी नजर खुदे हुए गड्ढे पर पड़ी। गड्ढे से तीन दिन पहले दफनाया गया किशोरी का शव गायब था। कुछ ही देर में गांव में इस बात का शोर मच गया। किशोरी के परिवार वाले भी आ गए। सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे सीओ प्रवीण मलिक और इंस्पेक्टर हरिशंकर वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों और परिजन से मामले की जानकारी की। मुख्यालय से डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट टीम बुलाई। खोजी कुत्ता कुछ ही दूर आगे बढ़ने के बाद रुक गया। इससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। फील्ड यूनिट टीम के एक्सपर्ट ने जांच के लिए घटनास्थल से कई नमूने एकत्र किए। इंस्पेक्टर हरिशंकर वर्मा ने बताया कि पिता से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ शव गायब करने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
योजनाबद्ध तरीके से शव निकाले जाने का शक
किशोरी का शव गायब होने के बाद खुटराया गांव में हर कोई हैरान है। वहीं पुलिस में भी घटना को लेकर खलबली मची है। शव निकालने के लिए जिस तरह से गड्ढा खोदकर मिट्टी हटाई गई है, उससे साफ है कि यह काम किसी जानवर का नहीं है बल्कि किसी इंसान ने ही शव निकाला है। ऐसे में शव गायब करने के पीछे पुलिस को तंत्र-विद्या का शक है। पुलिस ने इसी बिंदु पर छानबीन भी तेज कर दी है।
चंद दिन पहले ही बीसलपुर के गांव में एक मासूम की खजाने के लालच में बलि देने की घटना सामने आई थी। इसी वजह यह भी चर्चा रही कि खुटराया के मामले में भी कहीं तंत्र विद्या के लिए तो शव गायब नहीं किया गया। यह शक पुलिस अफसरों को भी हुआ, इसी कारण गांव और आसपास के इलाके में तंत्र-विद्या करने वालों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एसपी ने सर्विलांस और स्वाट प्रभारी आलोक मिश्र को भी टीम के साथ खुटराया भेजा। उन्होंने परिजन और ग्रामीणों से संपर्क कर जानकारी की। घटनास्थल के आसपास के इलाके को भी बारीकी से देखा। इसमें निकलकर आए कुछ तथ्यों पर काम भी शुरू कर दिया है।
कुछ समझ ही नहीं पा रहे परिजन
घटना के बाद किशोरी का परिवार कुछ समझ नहीं पा रहा है। पिता राकेश ने बताया कि अंजलि छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। उसकी बीमारी से मौत हुई। किसी से परिवार की कोई रंजिश नहीं। शव का कोई क्या करेगा, यह बात उन्हें भी समझ नहीं आ रही। मां राजकुमारी का बेटी की मौत के बाद से ही रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने किसी तरह की आशंका नहीं जताई, लेकिन इसका पर्दाफाश करने की मांग पुलिस से की।
नौ जून को भी इसी गांव में गायब हुआ था शव
खुटराया गांव में किशोरी का शव गायब होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल नौ जून को गांव के वसंतलाल की 15 वर्षीय पुत्री राजकुमारी का शव इसी तरह रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। वह टीबी की बीमारी के चलते मर गई थी। उसका शव भी गांव के बाहर निगोही ब्रांच नहर के किनारे दफनाया गया था। हालांकि उस वक्त पुलिस और ग्रामीणों ने किसी जानवर द्वारा शव निकालने की बात कही थी। तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, न ही शव का कुछ पता चला था।
घटना को गंभीरता से लिया गया है। पिता की तरफ से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अलावा सर्विलांस-स्वाट टीम भी लगाई है। कुछ बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द वर्कआउट किया जाएगा। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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