कोरोना काल में आंवला ने लौटाई किसानों की मुस्कान

Allahabad Bureauइलाहाबाद ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2020 12:18 AM IST
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महुली मंडी में आंवला पैक करते मजदूर।
महुली मंडी में आंवला पैक करते मजदूर। - फोटो : PRATAPGARH

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-जबरदस्त मांग, इस वर्ष रिकार्ड पैदावार, आंवला किसानों की बल्ले-बल्ले
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-7051 हेक्टेअर में हुई खेती, कई कंपनियों ने अभी से जिले में डाला डेरा
-मांग बढ़ने से दाम में भी हुई बढ़ोत्तरी
प्रतापगढ़। कोरोना काल में पेड़ों पर भरपूर फल देेख इस बार जिले के आंवला किसानों की उम्मीदें आसमान पर हैं। संक्रमण से लड़ने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर माने जा रहे आंवला की जबरदस्त मांग है। डिमांड बढ़ने के साथ आंवला के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में अच्छी फसल देखकर किसान भरपूर कमाई की उम्मीद जता रहे हैं। कई बड़ी कंपनियों ने किसानों का आंवला खरीदने के लिए अभी से जिले में डेरा डाल दिया है।
जिले में 7,051 हेक्टेअर में आंवले की खेती हुई है। पिछले वर्ष 51,132 मीट्रिक टन आंवला का उत्पादन हुआ था। इस बार किसानों की मानें तो आंवला का रिकार्ड तोड़ उत्पादन होगा। उद्यान विभाग ने इस दिशा में सर्वे कराना भी शुरू कर दिया है।
वैश्विक महामारी कोरना से जंग लड़ने में अमृतफल कारगर साबित हो रहा है। प्रदेश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आंवले की मांग बढ़ने से इसके उत्पादों के दामों में काफी उछाल आया है। आंवले की कैंडी, बर्फी, लड्डू, जूस, मुरब्बा की मांग इतनी बढ़ गई कि जिले में कारोबार करने वालों के पास कच्चे माल की कमी पड़ गई। अब नए सीजन में अच्छी पैदावार होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। उनका कहना है कि इस बार की कमाई से पिछले वर्षों में हुए नुकसान की भरपाई हो जाएगी। मांग अधिक होने से दाम अच्छे मिलने के आसार हैं। व्यापारी अभी से किसानों के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि, अधिकांश किसानों ने फल आने के पहले ही बाग बेच दिए थ्रे।
कई कंपनियों के एजेंटों ने डाला डेरा
जिले से भारी मात्रा में आंवले की खरीद के लिए कई बड़ी आयुर्वेदिक कंपनियों के एजेंटों ने डेरा डाल रखा है। झंडू, पतंजलि, डाबर, गुरुकुल कांगड़ी के एजेंट व्यापारियों से संपर्क कर थोक भाव में आंवला खरीद रहे हैं।
मंडी में आने लगा आंवला
महुली मंडी में आंवले का बाजार सजने लगा है। देर रात तक व्यापारी आंवले की खरीद के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह होते ही मंडी से आंवला गायब हो जाता है।
900 रुपये मन खरीद रहे थोक विक्रेता
मंडी में इन दिनों आंवला का दाम 900-950 रुपये मन है। एक मन में चालीस किलो आंवला आता है। इस प्रकार थोक में 20-25 रुपये प्रति किग्रा की दर से आंवला बिक रहा है। पिछले वर्ष 10 से 12 रुपये किलो की दर से आंवला बिका था। जिले से बाहर यह काफी ऊंचे दाम पर बिकता है। इससे थोक विक्रेता आयुर्वेदिक कंपनियों से समझौता करके मोटी रकम कमाते हैं।
जिले में इस वर्ष आंवले की पैदावार अच्छी हुई है। इससे उम्मीद है कि पिछले नुकसान की भरपाई होगी। किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए आयुर्वेदिक कंपनियों को बुलाया गया है। किसान अपनी इच्छा के अनुरुप आंवला बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। -एके दुबे, जिला उद्यान अधिकारी
मंडी में आंवले की आवक प्रारंभ हो गई है। थोक विक्रेता आंवला खरीदना शुुरू कर दिए हैं। आयुर्वेदिक कंपनियों के एजेंट आंवला खरीदने के लिए आ गए हैं। -रमेश पांडेय, मंडी सचिव
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