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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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उन्नाव कांड में हुआ बड़ा खुलासा, पहले शादी के लिए राजी थे दोनों परिवार फिर ऐसे शुरू हुई दुश्मनी

हैदराबाद में डॉक्टर बिटिया के साथ हुई दरिंदगी के बाद उन्नाव में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से हुई हैवानियत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पेट्रोल डालकर दुष्कर्म पीड़िता को जलाने के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

6 दिसंबर 2019

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शाहजहाँपुर

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

छात्रा और उसके तीनों दोस्त सीजेएम कोर्ट में पेश हुए

शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी छात्रा और उसके तीनों दोस्त मुकदमे की तारीख पर मंगलवार को कोर्ट में पेश किए गए। छात्रा को दोपहर 12:20 और उसके दोस्तों को 12:50 बजे कोर्ट में पेश किया गया। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने अगली तारीख 18 दिसंबर तय की है।
मंगलवार को आरोपी छात्रा को जिला कारागार से पुलिस की गाड़ी में महिला बंदियों के साथ जजी कचहरी लाया गया। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस कचहरी तिराहे के पास जजी कचहरी गेट के बाहर गाड़ी को रोक दिया गया। यहां से दो महिला कांस्टेबल छात्रा को पैदल कोर्ट तक लेकर पहुंचीं। यहां कुछ मिनट में अदालती कार्रवाई के तहत छात्रा ने हस्ताक्षर किए और इसके बाद उसे महिला कांस्टेबल लेकर चलीं गईं। वहीं छात्रा के दोस्तों संजय, सचिन, विक्रम को जेल से अन्य बंदियों के साथ पुलिस की गाड़ी में जजी कचहरी लाया गया। यहां तीनों आरोपियों को हवालात में रखा गया। छात्रा की पेशी के बाद उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद पुलिस उन्हें वापस हवालात ले गई। जहां से तीनों को बंदियों के साथ जेल में दाखिल कर दिया गया। फिरौती के आरोपी संजय, सचिन, विक्रम के वकील प्रमोद तिवारी ने बताया कि सीजेएम ट्रेनिंग पर गए हैं। इसलिए कोर्ट खाली होने की वजह से उन्हें अभियोजन प्रपत्र की नकलें प्राप्त नहीं हो सकीं हैं।
डीसीबी चेयरमैन और भाजपा नेता कोर्ट में नहीं हुुए पेश
शाहजहांपुर। एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में डीसीबी चेयरमैन धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपीएस राठौर और भाजपा नेता अजीत सिंह का भी नाम शामिल किया है। उन पर चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है। उनके खिलाफ कोर्ट से समन जारी किया गया है, जिन्हें पुलिस रिसीव भी करा चुकी है। कोर्ट की ओर से उन्हें पेश होने के लिए तीन दिसंबर की तारीख तय थी। मगर डीपीएस राठौर और अजीत दोनों में कोई भी मंगलवार को कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
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खुटार इलाके में फिर दिखा बाघ, ग्रामीणों में फैली दहशत

खुटार। खुटार इलाके में बाघ की चहलकदमी जारी है। बाघ की दहशत से ग्रामीण खेत में काम करने नहीं जा रहे हैं। मगर वन विभाग के अधिकारी सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं जा रहे हैं। गांव नवदिया होरीलाल में मंगलवार सुबह खेत पर काम करने जा रहे ग्रामीणों ने बाघ को देखा तो घबरा कर घर लौट गए। उनके बताने पर अन्य गांव वाले दहशत में आ गए।
खुटार के तिकुनियां निवासी वीरेंद्र कुमार रविवार शाम अपने साथी बल्देव को लेकर ट्रैक्टर से खेत की जुताई करने गए थे। उसी समय ट्रैक्टर की लाइट में सामने बाघ दिखा, इस पर वह स्टार्ट ट्रैक्टर छोड़कर घर की तरफ दौड़ पड़े और गांव वालों को बताया। सोमवार को वनकर्मियों की सूचना दी। वे लोग आए और पगचिह्न ट्रेस किए और चले गए, मगर जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। अब मंगलवार सुबह खेत की ओर काम करने जा रहे ग्रामीणों को दोबारा बाघ दिखा, जिससे वे घर लौट आए। बाघ खेत में छिपा होने की आशंका से वे लोग डरे और सहमे हुए हैं। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया है कि बाघ होने की सूचना मिली थी। रेंजर कार्यवाहक एसपी गौतम व अन्य वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों को खेतों में काम करने के लिए एक समूह बनाकर और लाठी डंडे फटकारते हुए जाने की सलाह दी गई है। साथ ही शाम होने से पहले खेत से वापस घर लौट आए।
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घर पर लगा था हुजूम, हर किसी की आंख हुई नम

शाहजहांपुर। राकेश यादव की हत्या के बाद उनके कटिया टोला स्थित आवास पर मंगलवार को नेताओं, परिचितों और रिश्तेदारों का हुजूम लगा रहा। परिवारवाले बिलख रहे थे तो वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम थी। लोग बार बार परिवारवालों को ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन उनके आंसू थम नहीं रहे थे। अंतिम यात्रा में सभी राजनीतिक दल के लोगों सहित अधिवक्ता, ठेकेदार आदि भारी संख्या में शामिल हुए। जब शव यात्रा कचहरी रोड पर एसपी कार्यालय के सामने पहुंची तो एमएलसी अमित यादव उर्फ रिंकू, पूर्व विधायक राजेश यादव, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय, दल सिंह यादव आदि कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। भारी संख्या में मौजूद लोगों का आक्रोश देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने बमुश्किल शांत कराया। इसके बाद खन्नौत नदी किनारे स्थित मोक्ष धाम में अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष हरि प्रकाश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, कांग्रेस निवर्तमान जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, यादव महासभा के जिलाध्यक्ष रामनरेश यादव, कांग्रेस नेता अशफाक उल्ला खां आदि भी मौजूद थे। शोक में कटिया टोला क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें भी बंद रखीं।
मुझे, मेरे पापा के पास भेज दो
राकेश की मौत पर बिलख रही बेटी कशिश के मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि मुझे मेरे पापा के पास भेज दो। उसे हर कोई दिलासा दे रहा था, लेकिन उसके आंसू नहीं थम रहे थे। राकेश भी कशिश को सबसे ज्यादा चाहते थे और वह भी पिता की सबसे अधिक लाड़ली थी। जब पिता की हत्या की खबर उसे मिली तो वह बदहवास हो गई।
अधिवक्ताओं ने जताया शोक, नहीं किया न्यायिक कार्य
घटना पर अधिवक्ताओं ने भी दुख जताया। सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से राजीव सभागार में शोक सभा की गई। घटना के विरोध में वकीलों ने कोई न्यायिक कार्य भी नहीं किया। शोक सभा में एसोसिएशन के अध्यक्ष बांके बिहारी मिश्रा, महासचिव दिनेश मिश्रा आदि मौजूद थे।
पुरानी रंजिश और सर्विलांस के सहारे हत्यारों की तलाश में पुलिस
शाहजहांपुर। ऑफीसर्स कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई हत्या का खुलासा पुलिस के चुनौती बना हुआ है। पुलिस पुरानी रंजिश और सर्विलांस टीम का सहारा ले रही है ताकि कड़ी से कड़ी मिलाकर हत्यारों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसलिए भी है क्योंकि परिवार ने किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। वारदात में घायल गनर सोनू भी हत्यारों को जनने से इनकार कर रहा है। वह केवल सामने आने पर उन्हें पहचानने की बात कह रहा है। लिहाजा पुलिस के सामने इस वारदात के खुलासे के लिए पुरानी रंजिश खंगालने और सर्विलांस का सहारा लेने के सिवा कोई और दूसरा रास्ता नहीं है। इसलिए पुलिस पुरानी मामलों के साथ ही सर्विलांस की मदद ले रही है। घटना के समय और उससे आगे-पीछे किन-किन मोबाइल पर कितनी-कितनी देर बात हुई इसकी जांच की जा रही है। वहीं राकेश के ड्राइवर को पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, लेकिन उससे भी पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिली है।
खुलासे को बनीं पांच टीमें
हत्याकांड के खुलासे के लिए एक और टीम लगा दी गई है। इस टीम की रोजा इंस्पेक्टर अशोक पाल को जिम्मेदारी दी गई है। अब खुलासे में पांच टीमें लगी हैं। एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी के निर्देश में गठित की गईं टीमों को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। क्राइम ब्रांच के साथ ही दूसरी टीम सदर इंस्पेक्टर किरन पाल सिंह, तीसरी एसआई रोहित शर्मा, चौथी एसआई नासिर खां और पांचवीं रोजा इंस्पेक्टर के नेतृत्व में काम कर रही है।
पीडब्ल्यूडी कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा, नदारद रही पुलिस
जिस पीडब्ल्यूडी कार्यालय में सोमवार को राकेश की गोली मारकर हत्या की घटना के बाद मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहा। सबसे हैरत की बात यह थी कि कोई पुलिस कर्मी दूसरे दिन भी मौके पर मौजूद नहीं था। कार्यालय में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी तो आए, लेकिन डर की वजह से कोई बाहर नहीं निकला। उनके चेहरे पर डर का भाव साफ नजर आ रहे थे। उन्होंने क्षेत्र में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग की है।
सुल्तानपुर के हो सकते हैं शूटर
राकेश यादव की जिस तरह से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या की गई, उससे जाहिर है कि घटना को किराये के शूटरों ने अंजाम दिया है और यह पेशेवर हत्यारे बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर और मुरादाबाद से शूटर बुलाए गए थे। राकेश को गोली मारने के बाद तेज कदमों से हत्यारे बाहर निकले और जीएफ कॉलेज गेट के सामने से होकर निकल गए।
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बरेली: कैम्फर फैक्ट्री में लगी भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका

कैम्फर फैक्टरी ओरियंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड में स्पार्किंग के बाद वहां रखे केमिकल में आग लग गई। इसके बाद फैक्टरी में कई धमाके हुए, इससे हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर फैक्टरी के केमिस्ट समेत चार कर्मचारी झुलस गए। एक हेल्पर लापता है। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

सीबीगंज में नेशनल हाईवे स्थित कपूर बनाने वाली फैक्टरी ओरियंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड में बृहस्पतिवार शाम करीब 6:30 बजे टी ब्रेक के दौरान स्पार्किंग से आग लग गई। पास ही रखे ज्वलनशील केमिकल पीएमएचपी (पैरामेथेन हाइड्रोपरॉक्साइड) के ड्रम इसकी चपेट में आ गए। ड्रम फटने से धमाके हुए तो पूरा इलाका दहल गया।

हालांकि टी ब्रेक होने के चलते वहां कुछ ही कर्मचारी थे, लेकिन जोरदार धमाकों से फैक्टरी में अफरातफरी मच गई। आग की चपेट में आकर केमिस्ट करुणा रामावतार के अलावा दो-तीन कर्मचारी झुलस गए। एक हेल्पर द्वारिका प्रसाद लापता है। एसएसपी शैलेश पांडेय, सीओ सीमा यादव समेत कई थानों की फोर्स और दमकल टीम पहुंच गई।

करीब पौन घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया, इससे जाम की स्थिति बन गई। परिसर में रह परिवार भी घरों से निकलकर बाहर आ गए। प्रबंधन आग से हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।
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fire in factory fire in factory

रेलवे के अफसरों ने पानी के लिए तरसाया तो जवानों को गुस्सा आया

शाहजहांपुर। मुरादाबाद से चलकर सुबह साढ़े सात बजे शाहजहांपुर पहुंची मिलिट्री स्पेशल में पानी खत्म हो गया। एनाउंसमेंट कराए जाने पर बार बार पानी के लिए टरकाने पर जवानों का सब्र जवाब दे गया। गुस्साए जवानों ने स्टेशन पर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद ट्रेन में पानी की व्यवस्था कराई गई। जवानों के प्लेटफार्म पर नहाने-धोने और खाना-पीने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर मिलिट्री स्पेशल को होल्ड पर लिया गया था। ट्रेन सुबह साढ़े सात बजे स्टेशन पर आकर खड़ी हुई। सेना के अधिकारियों ने ट्रेन की कुछ बोगियों में लाइट खराब होने, पानी खत्म होने और शौचालयों के चोक होने की जानकारी रेलवे के अफसरों को दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर वह स्टेशन अधीक्षक ऑफिस और पावर केबिन पर पहुंचे। वहां भी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, इस पर जवानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्टेशन पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद रेलवे के अफसर आंखें खुली और मौके पर जाकर जवानों को शांत कराया। फिर आनन फानन कर्मचारियों को लगाकर ट्रेन में पानी और बिजली की व्यवस्था के साथ ही शौचालयों की सफाई कराई गई।
वॉशिंग प्वाइंट न होने के कारण आई परेशानी
- रेलवे स्टेशन पर वॉशिंग प्वाइंट नहीं है, लेकिन ट्रैक की सफाई के लिए पाइप लाइन डाली गई है। सेना के अधिकारी उसी से ट्रेन में पानी की आपूर्ति कराने की मांग कर रहे थे, पर विभागीय कर्मचारी ने पानी देने के लिए मना दिया। उसका कहना था कि पाइप लाइन से ट्रैक की सफाई के लिए ही पानी लिया जाता है, ट्रेन में भरने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन सेना के जवानों ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया और हंगामा करना शुरू कर दिया।
प्लेटफार्म पर ही बनाया खाना
- सेना के जवानों ने ट्रेन में बिजली-पानी की व्यवस्था होने के बाद नहा धोकर प्लेटफार्म पर ही खाना बनाया। सेना के जवानों को स्टेशन के मुख्य गेट के सामने प्लेटफार्म पर नहाते और खाना बनाते देख यात्री भी कोतुहल से भरें रहे। सुबह दस बजे तक सब तैयार होने के बाद ट्रेन में सवार गए। करीब 11 बजे मिलिट्री स्पेशल को स्टेशन से रवाना किया गया। तब जाकर रेलकर्मियों ने राहत की सांस ली।
- मिलिट्री स्पेशल को होल्ड पर लिया गया था, जिसमें पानी और बिजली की समस्या के साथ ही शौचालय चोक होने की शिकायत थी। स्टेशन पर ट्रेन में पानी देने के लिए वॉशिंग प्वाइंट नहीं है। इसलिए कर्मचारी ने मनाकर दिया था, लेकिन बाद में ट्रैक को साफ करने के लिए डाली गई पाइप लाइन से पानी दे दिया गया। किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ है। - मनोज कुमार, स्टेशन अधीक्षक
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कोहरा में जानलेवा साबित होंगे सड़कों पर रखे ट्रांसफार्मर

शाहजहांपुर। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर की सड़कों के चौड़ीकरण का काम तो शुरू कर दिया, लेकिन इससे पहले खंभों और ट्रांसफॉर्मर की शिफ्टिंग नहीं कराई, जिससे सड़कें चौड़ी होने से किनारों पर लगे खंभे और ट्रांसफार्मर बीच में आ गए हैं। ऐसे में घना कोहरा पड़ने पर सड़कों के बीच में खड़े खंभे और ट्रांसफार्मर जानलेवा साबित हो सकते हैं। पावर कारपोरेशन के अफसरों ने बजट न होने की बात कहकर लाइन शिफ्ट करने से हाथ खड़े कर दिए। अफसरों का कहना है शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद ही लाइन शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। हालांकि पावर कारपोरेशन विद्युत उपकेंद्र और हाईटेंशन लाइनों पर अब तक 3.06 अरब रुपये का बजट खर्च कर चुका है, लेकिन आम लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कोई काम नहीं कराया गया।
टाउन हॉल तिराहे के तीखे मोड़ पर हादसे की आशंका
टाउन हॉल में नगर निगम दफ्तर के ठीक पीछे स्थित तिराहे पर दिन भरी ट्रैफिक रहता है। तिराहे पर करीब दो दशक से ट्रांसफार्मर रखा है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सड़क के चौड़ीकरण के लिए फुटपाथ की इंटरलॉकिंग ब्रिक्स उखाड़कर वहां हॉट मिक्स बजरी-कोलतार बिछाया गया तो ट्रांसफार्मर और उसकी फेंसिंग का कुछ हिस्सा रोड पर आ गया। हालांकि, ट्रांसफार्मर के पास सफेद पेंट से रोड की साइड लाइन डाली गई है, लेकिन घना कोहरा होने पर पुराने ओवरब्रिज से शहर की ओर से आने वाले वाहन चालकों को रोड साइड का पेंट नहीं दिखने पर ट्रांसफार्मर और उसकी रेलिंग से टकराने का खतरा बना हुआ है।
उस्मान बाग में ट्रांसफॉर्मर के पास कूड़ा से घिरी रोड
लाल इमली चौराहा-घंटाघर मार्ग पर बीते तीन वर्ष के दौरान दो बार हॉट मिक्स से रोड बनाई जा चुकी है। हाल में इस मार्ग के फुटपाथ को भी मेन रोड में शामिल कर लिए जाने से उस्मान बाग में पुलिस चौकी के पास रखा ट्रांसफार्मर सड़क के हिस्से पर आ गया है। यही नहीं, ट्रांसफार्मर के पास डाला जा रहा घरों का कूड़ा आधी सड़क पर बिखरा रहता है। शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण इस रास्ते पर सुबह से रात तक भारी ट्रैफिक रहता है। इसी ट्रांसफार्मर के पास मंदिर होने से श्रद्धालुओं का जमावड़ा भी बना रहता है।
इन स्थानों पर जान जोखिम में डाल सकते हैं ट्रांसफार्मर और खंभे
जेल रोड, सिंजई, मल्हार मोड़, ईदगाह तिराहा, सुभाषनगर, अजीजगंज, गर्रा फाटक, लोधीपुर, सरायकाइयां, बिजलीपुरा, स्टेशन रोड, एमनजई जलालनगर, हुसैनपुरा, हयातपुरा, ककरा कलां, लोहारों का चौराहा, लाला तेली बजरिया, अहमदपुर रेती, रेती की नई बस्ती, किला, बंगश क्षेत्रों में सड़कों के चौड़ीकरण के बाद खंभे और ट्रांसफार्मर शिफ्ट न होने के कारण राहगीरों की जान को जोखिम में डाल सकते हैं।
महानगर में क्षमता वार स्थापित ट्रांसफार्मर: एक नजर
क्षमता (केवी) संख्या
630 11
400 67
250 105
160 08
100 219
63 25
25 66
जन सामान्य की बात, उन्हीं की जुबानी
स्मार्ट सिटी का ढिंढोरा पीटने वाले सड़कें चौड़ी कराने से पहले खंभों और ट्रांसफार्मरों के लिए नए स्थान देख लेेते तो लोगों की जान खतरे में नहीं पड़ती। अब ट्रांसफार्मर हटाने पर वहां रोड वाले हिस्से पर भी निर्माण कार्य कराना पड़ेगा। - अनूप वर्मा
नाली से नाली तक सड़कें चौड़ी कराई जा रही है। इसलिए ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए जगह ही नहीं बची है। अधिकारी जल्द इस समस्या का समाधान खोजें, अन्यथा कोई दुर्घटना होने पर उन्हीं की जवाबदेही होगी। - श्याम लाल यादव
- सड़कों के बीच में आ रहे ट्रांसफार्मर हटाने के लिए नगर निगम से प्रस्ताव मिल चुका है। ऐसे सभी ट्रांसफार्मर रोड साइड में पीछे की ओर शिफ्ट कराने के लिए चिह्नित कराए जा रहे हैं। इससे लिए शासन को बजट की मांग भेजी जा चुकी है। शासन से धनराशि अवमुक्त होते ही ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग और फेंसिंग का काम शुरू कराया जाएगा। - प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन सिटी, पावर कारपोरेशन
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....अलविदा थ्री नॉट थ्री..74 साल निभाया पुलिस का साथ

पुवायां (शाहजहांपुर)। पुलिस के जवानों का 74 वर्ष से साथ निभाने वाली थ्री नॉट थ्री राइफल 29 नवंबर से इतिहास में दर्ज हो गई है। शासनादेश के अनुसार अब किसी भी थाने में पुलिसकर्मी इसका प्रयोग नहीं कर सकेंगे। इसके स्थान पर पुलिस को इंसास और एसएलआर राइफलों से लैस किया जा रहा है। तीन दिसंबर को इस आशय का आदेश शाहजहांपुर भी पहुंच गया है।
थ्री नॉट थ्री राइफल की मारक क्षमता दो किमी थी। इसे 1945 में पुलिस को दिया गया था। इससे पहले यूपी पुलिस मस्कट राइफल 410 का प्रयोग करती थी। 80 के दशक में थ्री नॉट थ्री को फोर्स से धीरे-धीरे बाहर किए जाने प्रक्रिया शुरू की गई थी और यूपी पुलिस को एसएलआर राइफल मिलनी शुरू हुई थी। जिन थानों में एसएलआर पहुंचती गईं, वहीं थ्री नॉट थ्री होमगार्डों के कंधे की शोभा बनने लगी थी। अब थ्री नॉट थ्री के प्रयोग पर 29 नवंबर से पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई हैं। यह राइफलें आरआई के यहां जमा कराई जाएंगी और फिर इन्हें शस्त्र फैक्ट्री में नष्ट कराया जाएगा।
थ्री नाट थ्री राइफल का निशाना अचूक था। इसकी मारक क्षमता इतनी बेहतर थी कि निशाना चूकने की संभावना कम रहती थी। यही कारण है कि ट्रेनिंग के समय अभी तक इसका उपयोग होता था। थ्री नॉट थ्री की गोली यदि लगने के बजाय शरीर को छूते हुए भी निकल जाती थी तो वह काफी नुकसान पहुंचाती थी। प्रमुख सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पुलिसकर्मी अब थ्री नॉट थ्री का प्रयोग नहीं करेंगे। अगर किसी थाने पर इसका इस्तेमाल होता पाया गया तो संबंधित थाने और जिला पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होगी।
तीन दिसंबर को आदेश मिल गया है। जिले के सभी 23 थानों की थ्री नॉट थ्री राइफलें एक सप्ताह में पुलिस लाइन में जमा करा ली जाएंगी। होमगार्ड के पास आवंटित राइफलें भी जमा होंगी। इसके स्थान पर इंसास और एसएलआर राइफलें दी जाएंगी।
मुकेश सिंह रावत, आरआई पुलिस लाइंस शाहजहांपुर
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ठेकेदार के हत्यारों की तलाश में सीतापुर, बदायूं, गोरखपुर गईं पुलिस टीमें

शाहजहांपुर। ठेकेदार राकेश यादव हत्याकांड के खुलासे में लगीं पुलिस टीमें अब स्केच के जरिये हत्यारों तक पहुंचने में लगी हुईं हैं। शूटरों की तलाश में पुलिस टीमें सीतापुर, बदायूं, गोरखपुर भेजी गईं, लेकिन अभी तक पुलिस हत्यारों तक पहुंच नहीं पाई है।
दो दिसंबर को आफीसर्स कॉलोनी के पास स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय में दिनदहाड़े ठेकेदार राकेश की हत्या कर दी गई थी। इस घटना का खुलासा करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। खुलासे में लगीं टीमें स्थानीय स्तर पर अब तक पुरानी रंजिश, प्रापर्टी और ठेके के विवादों को बारीकी से देख चुकीं हैं। अन्य जिलों में भी ठेकेदारी को लेकर विवादों की छानबीन की जा रही है। पुलिस के सामने अब तक जो विवाद आए हैं उनकी कड़ियां एक दूसरे से जोड़कर देखी जा रही हैं ताकि हत्या की साजिश रचने वालों और हत्यारों तक पहुंचा जा सके। हालांकि पुलिस के हाथ कुछ साक्ष्य लगे हैं, कुछ संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर आए हैं, लेकिन बिना ठोस आधार के पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। इन्हीं बिंदुओं पर पुलिस की टीम और गहराई से जांच कर रही है ताकि असली गुनहगारों तक पहुंचा जा सके। सर्विलांस के जरिये संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स को भी देखा जा रहा है। कुछ पुरानी डिटेल्स भी निकालीं जा रहीं हैं। वहीं सुरागरसी के लिए बुधवार देर रात सीतापुर और बदायूं व गोरखपुर के लिए भी टीमें रवाना कर दी गईं, जो ठेके से संबंधित विवादों को खंगालेंगी। इससे पहले टीमें बरेली, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, हरदोई में अभी भी घटना के खुलासे को लेकर काम कर रहीं हैं।
- पुराने विवादों की कड़ियों को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है। शहर के बाहर निकलने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा गया है। कुछ टीमें, सीतापुर, बदायूं, गोरखपुर भी भेजी गईं हैं। जहां ठेके से संबंधित विवादों को देखा जा रहा है। जिन स्थानों पर पहले टीमें गईं थीं। वह टीमें वहां से अभी लौटी नहीं हैं। कुछ क्लू मिले है, जिन पर पड़ताल हो रही है। - कुलदीप सिंह, सीओ सिटी
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सिटी पार्क के पास दुकानों पर चली जेसीबी

शाहजहांपुर। अतिक्रमण विरोधी अभियान गुरुवार को हथौड़ा चौराहा रोड पर चला। इस दौरान सिटी पार्क से हथौड़ा चौराहे तक रोड के किनारे बनी दुकानों को जेसीबी से तोड़ा दिया गया।
गुरुवार को नगर निगम की टीम सुबह 11 बजे हथौड़ा चौराहा रोड पर पहुंचा। जहां सिटी पार्क के पास से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के निर्देश पर सिटी पार्क के पास ही बनी दुकान का चबूतरा जेसीबी से तोड़ा गया। इसके बाद पड़ोस में बनी दुकान को ढहा दिया गया। इस बीच रोड पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसको हटने के निर्देश दिए गए, लेकिन उनके न मानने पर प्रवर्तन दल ने सभी को खदेड़ दिया। इसके बाद चौराहे तक जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया। गन्ना शोध परिषद की दीवार के आगे रखे खोखों को भी हटा दिया गया, जिससे सड़क चौड़ी हो गई। इस बीच लोगों ने खुद अतिक्रमण हटाने की मोहलत भी मांगी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी।
प्रवर्तन दल के अधिकारी राजेंद्र त्रिपासिया ने बताया कि शुक्रवार को भी हथौड़ा चौराहा रोड पर अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस रोड को फोरलेन बनाया जाना है, जिसका काम अटसलिया के पास से शुरू हो चुका है।
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जब जुर्म कबूल लिया गया, तो अब तक फांसी क्यों नहीं

शाहजहांपुर। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या पर पूरे देश में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर के लोगों में भी घटना का लेकर उबाल है। लोग सरकार से बेटियों की सुरक्षा के साथ ही दरिंदों को सरेआम फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को हैदराबाद की घटना को लेकर गुरुनानक पाठशाला में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं ने खुलकर अपना आक्रोश जाहिर किया। छात्राओं ने कहा कि सरकार के लचर रवैये के कारण 2012 में दिल्ली में निर्भया की नृशंस हत्या करने वालों को अब तक फांसी नहीं दी गई हैं, इससे दूसरे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अपराधियों को लगने लगा है कि वो कितनी भी जघन्य वारदात करेंगे और उन्हें सजा नहीं मिलेगी इसलिए वह महिलाओं से दुर्व्यवहार करने से नहीं हिचक रहे। हैदराबाद की घटना इसी का उदाहरण है। ऐसे मामलों में सरकार को सख्त कानून बनाकर जल्द सुनवाई कराकर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवानी चाहिए, तभी इन घटनाओं पर अंकुश लग सकेगा और बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
ऐसे तो घर से निकला मुश्किल हो जाएगा
समाज में इस प्रकार की घटनाएं रुकने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। ये हालात विचलित करने वाले हैं। लोगों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। अन्यथा लड़कियों और महिलाओं का तो घर से निकलना ही मुश्किल हो जाएगा। - शिवानी राठौर, छात्रा
दरिंदों को जलाकर मार डालना चाहिए
महिलाओं के साथ जो भी व्यवहार किया जा रहा है, दोषियों को उसी प्रकार की सजा मिलनी चाहिए। इसलिए हैदराबाद के दरिंदों को सार्वजनिक रूप से जलाकर मार डालना चाहिए। तभी इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है। - कनिष्का, छात्रा
दुर्भाग्यपूर्ण है हैदराबाद की घटना
हैदराबाद की घटना भारत जैसे देश में बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस हद तक समाज का पतन होगा, यह सोचा भी नहीं जा सकता। इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़ा कानून बनाया जाए और दोषियों को सरेआम फांसी दी जाए। - अदिति मिश्रा, छात्रा
बेहद शर्मनाक हैं ऐसी घटनाएं
जिस देश में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है, वहां इस प्रकार की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। इससे हमारे देश की छबि खराब हो रही है। हैदराबाद जैसी घटनाओं को रोका जाना बहुत जरूरी है, इसके लिए सरकार को जो भी जरूरी हों, वे कदम उठाने चाहिए। - कृष्णा शुक्ला, छात्रा
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सेंटर से रिजेक्ट धान की ट्रॉली लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे किसान

शाहजहांपुर/रोजा। क्रय केंद्र पर धान में खराबी बताकर सेंटर इंचार्ज ने तौल करने से मना कर दिया तो किसान धान से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर गुरुवार देर शाम कलक्ट्रेट पहुंच गया और एक ट्रॉली में भरा धान वहीं पलटकर नारेबाजी शुरू कर दी, इससे अधिकारियों में खलबली मच गई। एडीएम फाइनेेंस एवं प्रभारी अधिकारी धान खरीद अमर पाल सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस बुलाकर धान ट्रॉली में भराकर रोजा मंडी भिजवा दिया। शुक्रवार को मंडी में धान की दोबारा जांच कराकर आगे की कार्रवाई होगी।
निगोही क्षेत्र के गांव जठिउरा निवासी सुधीर सिंह चौहान और गोपाल सिंह अपने ताऊ शिवपाल सिंह का धान तीन ट्रॉलियों से लेकर मंगलवार को रोजा मंडी गए थे। एक ट्रॉली धान उसी दिन नैफेड के सेंटर पर ले लिया गया, लेकिन बाकी दोनों ट्रॉलियों का धान खराब बताकर उसे कई सेंटर इंचार्जों ने लेने से मना कर दिया। आरएफसी और पीसीएफ के सेंटरों से टरकाए जाने पर सुधीर सिंह केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार के पीसीयू सेंटर पर पहुंचे तो वहां के केंद्र प्रभारी ने शिवपाल सिंह के नाम धान रिजेक्ट करने की पर्ची जारी कर दी।
सुधीर सिंह का आरोप है कि केंद्र प्रभारी तौल के एवज मेें 100 रुपये प्रति क्विंटल सुविधा शुल्क मांग रहे थे। मना करने पर धान काला बताकर तौलने से मना कर दिया, जबकि उसी खेत के धान की एक ट्रॉली दूसरे सेंटर पर तौली जा चुकी है। वहां दूसरी ट्रॉली तुलाने का प्रयास करने पर सेंटर इंचार्ज ने खरीद लक्ष्य पूरा होने की बात करके टरका दिया। अधिकारियों को समस्या बताने पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशान होकर उन्हें धान कलक्ट्रेट में पलटना पड़ा क्योंकि ट्रैक्टर ट्रॉली किराये पर लाए थे।
जानकारी पाकर शाम करीब 7.30 बजे एडीएम फाइनेंस सहित सिटी मजिस्ट्रेट विनीता सिंह और एसडीएम सदर वेद सिंह चौहान आदि अधिकारी भी कलक्ट्रेट जा पहुंचे। उन्होंने धान रिजेक्ट कर जारी की गई पर्ची की जांच करने पर पाया कि धान में नमी 16.4 प्रतिशत, डैमेज धान 8.20 प्रतिशत, बदरंग 04 प्रतिशत और कार्बनिक अकार्बनिक तत्व 3.40 प्रतिशत बताए गए। बाद में अधिकारियों ने थाना सदर बाजार के एसआई अवधेश कुमार और पुलिस कर्मियों के जरिये धान को दोबारा ट्रॉली में भरवाकर मंडी भेज दिया।
रोजा मंडी में रिजेक्ट किया गया धान बिल्कुल काला पड़ चुका है। सेंटर पर तौल कराने का दबाव बनाने के लिए किसान उसे कलक्ट्रेट लेकर चले आए। सुधीर सिंह को धान रिजेक्ट करने की पर्ची बुधवार को जारी की गई है। शुक्रवार को मंडी में इस धान की दोबारा जांच कराई जाएगी और उसके बाद ही आगे की कार्यवाही होगी। - अमर पाल सिंह, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी धान खरीद
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ट्रक की चपेट में आकर साइकिल सवार की मौत

अल्हागंज। थाना क्षेत्र के गांव राजकिराया के सामने बृहस्पतिवार शाम स्टेट हाईवे पर ट्रक की चपेट में आकर एक साइकिल सवार की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक वह नशे में था।
क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी 35 वर्षीय देवपाल किसी काम से अल्हागंज आया था। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे वह साइकिल से घर लौट रहा था। जैसे ही साइकिल राजकिराया गांव के पास पहुंची, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल सवार को चपेट में ले लिया। वह उछलकर सड़क पर गिरा और इतने में ही ट्रक का पहिया उसका सिर कुचलता हुआ आगे निकल गया। घटना के बाद साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घटना के बाद मौके से भाग रहा ट्रक कुछ दूर चलकर कोयला गांव के पास पलट गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सुधाकर पांडेय ने ग्रामीणों की मदद से ट्रक के अगले शीशे को तोड़कर चालक को बाहर निकाला। पूछताछ में उसने अपना नाम विशाल गुप्ता निवासी मोहल्ला सुत्त हट्टी फर्रुखाबाद बताया। उसने बताया कि वह ट्रक में गत्ता भरकर बरेली जा रहा था। पुलिस के मुताबिक चालक नशे में था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
देवपाल की मौत के बाद अनाथ हो गए मासूम बच्चे
देवपाल के पिता श्रीराम और मां की मौत हो चुकी है। देवपाल की शादी होने के लगभग चार वर्ष बाद ही उसकी पत्नी ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। तीन छोटे-छोटे बच्चे, जिनमें बड़ा पुत्र हिमांशु (10), पुत्री रागिनी (8), शिवम (6) वर्ष के हैं। उसके पास मात्र चार बीघा खेत है, जिससे उसकी गुजर बसर हो रही थी। बच्चों के सिर से मां के बाद पिता का भी साया छिन गया है। देवपाल के चचेरे भाई बंधु के ऊपर बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी है।
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ट्रक की टक्कर से पोल टूटा, इंदिरानगर के सैकड़ों घरों की बत्ती गुल

शाहजहांपुर। बुधवार रात कलक्ट्रेट के पीछे एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर लगने से हथौड़ा सब स्टेशन से निकले इंदिरानगर फीडर की 11 केवी लाइन का पोल धराशायी हो गया। तार टूटकर आपस में उलझ गए। फाल्ट के चलते फीडर से जुड़े करीब 1500 घरों और प्रतिष्ठानों की बत्ती गुल हो गई। हालांकि गुरुवार सुबह तक दूसरा पोल लगाकर लोधीपुर क्षेत्र की बिजली सप्लाई चालू कर दी गई, लेकिन इंदिरानगर कॉलोनी के करीब 250 घरों में दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रहने से पानी का संकट पैदा हो गया।
इंदिरानगर फीडर से एसपी के सरकारी बंगले के पीछे स्थित मऊ कैंट गांव को भी बिजली सप्लाई होती है। बुधवार रात करीब दस बजे कचहरी तिराहे की ओर से आए ट्रक ने प्रसाद भवन तिराहे से जीआईसी की ओर मुड़ते वक्त 11 केवी लाइन के पोल को टक्कर मार दी, इससे पोल टूटने के साथ आसपास के तीन अन्य पोल भी तिरछे हो गए। बत्ती गुल होने की सूचना पाकर हथौड़ा सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता केके पटेल ने फील्ड स्टाफ से पेट्रोलिंग कराई तो प्रसाद भवन के सामने वाली लाइन के तार जमीन पर पड़े दिख गए। रात अधिक होने से टूटा पोल और क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत का काम सुबह नौ बजे शुरू हो सका। दिन में 11 बजे तक मरम्मत कर लोधीपुर और मऊ कैंट मेें बिजली सप्लाई चालू करा दी, लेकिन इंदिरानगर कॉलोनी के उत्तरी हिस्से के करीब 250 घरों मेें दोपहर बाद तीन बजे बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। एक्सईएन सिटी प्रशांत गुप्ता के अनुसार लाइन डैमेज करने वाले ट्रक चालक का सुराग नहीं लग सका है।
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