विज्ञापन

चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: परीक्षा देने बरेली नहीं गई छात्रा

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Fri, 29 Nov 2019 12:33 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: परीक्षा देने बरेली नहीं गई छात्रा
विज्ञापन
- बैक पेपर के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा में बैठाने से कर दिया था मना
- बृहस्पतिवार को भी छात्रा का था पेपर, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर छूटी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी एलएलएम की छात्रा 28 नवंबर को परीक्षा देने बरेली नहीं गई। एलएलएम का बैक पेपर 25 नवंबर को दिलाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रा की कक्षा में उपस्थिति कम बताकर 26 नवंबर को परीक्षा में बैठनेे से रोक लगा दी थी। इस कारण बृहस्पतिवार को छात्रा को बरेली नहीं ले जाया गया।
चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बरेली के एक कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया था। चूंकि छात्रा 25 सितंबर से जेल में बंद है। उसके जमानत प्रार्थना पत्र पर 29 नवंबर को बहस होनी है, लेकिन इससे पहले 25 नवंबर को एलएलएम की परीक्षा शुरू होने पर छात्रा ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर परीक्षा में बैठने की गुहार लगाई थी। इस पर कोर्ट ने उसे अनुमति दे दी थी। छात्रा को पुलिस अभिरक्षा में 25 नवंबर को जिला कारागार से बरेली परीक्षा में शामिल होने के लिए भेजा गया था। पहला पेपर देने के बाद पुलिस ने दोबारा उसे जेल में दाखिल कर दिया था। 26 नवंबर को फिर उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल से बरेली ले जाया गया, लेकिन विश्वविद्यालय ने उपस्थिति कम होने का हवाले देने हुए परीक्षा में नहीं बैठने दिया। लिहाजा उसे बिना परीक्षा दिए ही लौटना पड़ा। छात्रा का बृहस्पतिवार को तीसरा पेपर था, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से मना करने पर छात्रा को बरेली नहीं भेजा गया।
अनुपस्थिति में छूट की मांग पर भी नहीं मिली राहत
छात्रा ने परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति पर छूट दिलाए जाने की मांग सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर की थी। छात्रा के वकील कलविंदर सिंह की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इस अदालत को यह क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है। इसलिए मामला विश्वविद्यालय के विवेक पर निर्भर था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 75 प्रतिशत अनुपस्थिति कम पाए जाने पर परीक्षा में बैठने से छात्रा को रोक दिया।
----------
जब विश्वविद्यालय ने परीक्षा में बैठने के लिए मना कर दिया है, इसलिए छात्रा को बरेली परीक्षा के लिए नहीं भेजा गया। - राजेश कुमार राय, जेलर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us