विज्ञापन

किसानों से हेराफेरी कर धान खरीद की लक्ष्य पूर्ति में जुटे साहब

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Tue, 26 Nov 2019 07:23 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
शाहजहांपुर। धान खरीद में इस बार भी केंद्र प्रभारियों की सांठगांठ से खूब धांधली हुई। खरीद शुरू होने के दो माह बाद भी क्रय केंद्र सून पड़े रहे, जो किसान यहां धान लेकर आते भी थे उन्हें नमी बताकर लौटाया जाता रहा, मगर अचरज की बात यह रही कि दस दिन पहले तक धान खरीद का आंकड़ा लक्ष्य के अनुरूप 15 फीसदी तक ही पहुंच पाया था वह एकाएक लंबी छलांग लगाते हुए 73 फीसदी पर पहुंच गया। इस खेल को किसान तब समझ पाए जब आढ़त और राइस मिल पर बेचे धान के भुगतान के मेसेज उन्हें सरकारी क्रय केंद्रों से आने लगे। इसकी शिकायत डीएम इंद्र विक्रम सिंह से की गई तो उन्होंने मामले की जांच पुवायां एसडीएम सौरभ भट्ट को सौंपी है। उधर तिलहर में भी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा छाया रहने के बाद भी धान खरीद का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
शासन से इस वर्ष जिले को 3.61 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों को 141 क्रय केंद्र आवंटित किए गए। बाद में ये बढ़ाकर 171 कर दिए गए। दिवाली तक नमी की अधिकता बताकर केंद्र प्रभारियों ने खरीद नहीं की। इस वजह से केंद्र सूने पड़े रहे। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद 15 प्रतिशत तक ही हो पाई, लेकिन बीते दस दिन में यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 264899.90 टन हो गया जो कि लक्ष्य के सापेक्ष 73.39 प्रतिशत है। अचानक धान खरीद में हुई यह वृद्घि किसी के गले नहीं उतर रही। किसानों का दावा है कि उन्होंने जो धान आढ़त और राइस मिलों पर बेचा, उसके भुगतान के मेसेज भी सरकारी क्रय केंद्रों से आ रहे है। पुवायां के गांव बितौनी के ग्राम प्रधान ने इस मामले की शिकायत डीएम इंद्र विक्रम सिंह से की तो उन्होंने जांच पुवायां एसडीएम को सौंपी है।
तिलहर में कागजी हेराफेरी कर हो रही लक्ष्य पूर्ति
तिलहर। मंडी में आढ़त और राइस मिलें धान से पट गई हैं, लेकिन यहां के सेंटरों पर खरीद बेहद कम हो रही है। यह स्थिति तब है, जब धान के अधिकतर खेत खाली हो चुके हैं। मंडी सचिव पंकज मिश्रा के अनुसार 24 नवंबर तक मंडी में धान की कुल आवक 180634.60 क्विंटल हुई है। इसमें आरएफसी प्रथम क्रय केंद्र पर 28601.20 क्विंटल, आरएफसी द्वितीय केंद्र पर 15395.20 क्विंटल, पीसीएफ केंद्र पर 8582 क्विंटल और एसएफसी क्रय केंद्र पर 15169.20 क्विंटल खरीद शामिल है। चारों सेंटरों पर सिर्फ 67747.60 क्विंटल धान खरीदा गया, जबकि आढ़तों पर 1.12 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा गया। सूत्र बताते हैं कि राइस मिलर्स ने जो धान खरीदा उसे क्रय केंद्रों के कागजों पर दर्शा कर सरकारी खरीद का आंकड़ा पूरा करके अधिकारी वाहवाही लूटने में लगे हैं। एसडीएम मोईन उल इस्लाम का कहना है कि गलत तरह से धान के भंडारण की शिकायत मिलने पर जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाएगा।
क्रय एजेंसी वार खरीद लक्ष्य एवं अभी तक हुई खरीद (टन में)
----------------------------------------
क्रय एजेंसी खरीद लक्ष्य अब तक हुई खरीद
आरएफसी 138000 73217.90
खाद्य विभाग सोसाइटी 12000 16675.61
पीसीएफ 59000 37563.73
यूपी एग्रो 6700 3965.60
एसएफसी 25000 23465.99
कर्मचारी कल्याण निगम 12000 7969.26
पीसीयू 50000 40457.22
यूपीएसएस 35000 36984.73
नैफेड 18000 9831.26
भारतीय खाद्य निगम 5300 14768.60
पुवायां क्षेत्र से एक शिकायत मिली है कि राइस मिल पर दिए गए धान के भुगतान का मेसेज किसी सेंटर से मिला है। इस मामले की जांच वहां के एसडीएम से कराई जा रही है और इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी तय है। - अमरपाल सिंह, एडीएम फाइनेंस/प्रभारी अधिकारी, धान खरीद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us