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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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यमुना सूखी नजर ना आए इसलिए ट्रंप के दौरे से पहले छोड़ा गया 950 क्यूसेक पानी

ताजमहल का दीदार करने आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति यमुना किनारे की ओर पहुंचे तो यमुना सूखी नजर न आए, इसलिए सिंचाई विभाग ने यमुना नदी में 950 क्यूसेक पानी छोड़ा है।

19 फरवरी 2020

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शाहजहाँपुर

बुधवार, 19 फरवरी 2020

तीन विवेचक बदले, पर नहीं खुल सका हत्या का राज

शाहजहांपुर। पिछले वर्ष पहले होली पर्व पर जिस युवक का शव खन्नौत नदी से बरामद किया गया था। उसकी हत्या का राज अभी तक नहीं खुल पाया है। इस दौरान मामले की विवेचना रोजा, क्राइम ब्रांच और सीओ सिटी द्वारा की गई लेकिन हत्या के राज से पर्दा नहीं उठ पाया। पीड़ित परिवार ने एक बार फिर एसपी से मिलकर मामले की विवेचना किसी सक्षम अधिकारी से कराए जाने की मांग की है।
थाना रोजा क्षेत्र के मोहल्ला लोदीपुर निवासी बीना पत्नी सुरेश कुमार ने एसपी को दिए गए पत्र में बताया कि पिछले वर्ष होली वाले दिन उनके बेटे रवि को मोहल्ले के ही राहुल रंग खेलने के बहाने घर से बुला ले गया था। इसके बाद राहुल अपने साथी फैक्टरी स्टेट कॉलोनी निवासी दिवाकर के साथ उनके बेटे रवि को खन्नौत नदी पर नहाने के बहाने बुला ले गया। आरोप है कि वहां दोनों ने मिलकर रवि को खन्नौत नदी में धक्का देकर गिरा दिया। उसके बेटे को तैरना नहीं आता था। इसलिए उनका बेटा नदी में डूबने लगा, इसके बाद दोनों लोग मौके से भाग गए। पीड़ित महिला ने बताया कि उनकी ओर से 11 अप्रैल को एसपी के आदेश पर रोजा थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस आरोपियों को थाने पकड़ कर ले गई लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। महिला ने बताया कि घटना के समय राहुल और दिवाकर के अलावा अन्य लोग भी मौजूद थे। यदि पुलिस कड़ाई से आरोपियों से पूछताछ करे तो हत्या का राज खुल सकता है। पीड़िता ने बताया कि मामले की जांच रोजा पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, सीओ सिटी कर चुके हैं लेकिन पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को बचाने में लगी है। पीड़ित महिला ने एक बार फिर एसपी को पत्र देकर सक्षम अधिकारी से मामले की जांच कराकर हत्या की घटना का खुलासा कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संपत्ति विवाद को लेकर चल रही है रंजिश
पीड़ित महिला ने बताया कि उसका विवाद संपत्ति बंटवारे को लेकर कुछ लोगों से चल रहा है। उसे पूरी तरह से अंदेशा है कि उन्हीं लोगों ने राहुल और दिवाकर के जरिये उसके बेटे की हत्या करवाई है। महिला ने बताया कि उसके बेटे का शव जब नदी से निकाला गया था, तो वह जूते-मौजे पहने हुए था। जाहिर है कि वह नहाने के लिए नदी में नहीं कूदा होगा।
विवेचना के दौरान पता चला है कि नामजद किए गए दिवाकर और राहुल की मौजूदगी वहां नहीं पाई गई। रवि की मौत पोस्टमार्टम में डूबने से आई है। मामले की जांच रोजा पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच, सीओ सिटी भी कर चुके हैं। हत्यारोपियों की मौजूदगी नहीं मिली है।
अशोकपाल, रोजा थानाध्यक्ष
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मकसूदापुर मिल ने गन्ना किसानों के 1.45 अरब रुपये फिर दबाए

शाहजहांपुर। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल ने पिछले पेराई सत्र में खरीदे गए गन्ना का शनिवार को संपूर्ण भुगतान कर दिया, लेकिन वर्तमान पेराई सत्र में किसानों से खरीदे जा चुके 1.45 अरब रुपये से अधिक मूल्य के गन्ना का भुगतान फिर दबा लिया। जिले की अन्य चारों मिलों पर किसानों की देनदारी जोड़ ली जाए तो बकाया गन्ना मूल्य की धनराशि 202.08 करोड़ रुपये है। मार्च तक पेराई सत्र समाप्त होने से पहले किसानों को संपूर्ण बकाया भुगतान मिलने में संदेह है।
मकसूदापुर मिल ने गत पेराई सत्र 2018-19 में 36839 किसानों से 277.76 करोड़ रुपये का 86.25 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था। भुगतान में लेटलतीफी के चलते नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी इस मिल पर 72 करोड़ रुपये बकाया था। किसानों को पेमेंट दिलाने के लिए तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने मिल प्रबंधन को नोटिस जारी कराए और मिल का चीनी स्टॉक जब्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई की। इसका असर यह हुआ कि मिल प्रबंधन ने चीनी बिक्री कर और ग्रुप की अन्य मिलों से वित्तीय मदद लेकर पिछली देनदारी चुकता करनी शुरू की। इसके बावजूद वर्तमान सत्र में खरीदे गए गन्ने के एवज मेें किसानों को कोई भुगतान नहीं किया, जबकि शासन ने 14 दिन में भुगतान करने के आदेश दिए थे।
14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था का पालन केवल डालमिया ग्रुप की निगोही मिल कर रही है, जबकि अन्य तीनों चीनी मिलें इस कसौटी पर भी पिछड़ रही हैं। इसकेे बावजूद गन्ना विकास विभाग के अधिकारी इस बात से संतुष्ट हैं कि मिलें 14 दिन में भुगतान प्रक्रिया अपनाने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पांचों मिलें अब तक 203.75 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 21.97 लाख क्विंटल चीनी बना चुकी हैं और गन्ना के कुल उत्पादन 50 प्रतिशत गन्ना पेरा जा चुका है। मिलों मेें 1.26 लाख किसान गन्ना दे चुके हैं, लेकिन संपूर्ण भुगतान पाने वाले सिर्फ 90881 (72 फीसदी) किसान हैं।
भुगतान की प्रक्रिया में सुधार का दावा
अधिकारियों का दावा है कि मिलों से भुगतान प्रक्रिया में सुधार हो रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव के अनुसार गत तीन वर्षों में (19 मार्च 2017 से 31 जनवरी 2020 तक) 1.59 लाख किसानों को 3159.27 करोड़ रुपये भुगतान किया जा चुका है। डीसीओ के अनुसार इससे पूर्व के तीन वर्षों (सत्र 2014-15 से 2016-17 में 18 मार्च 2017 तक) केवल 1615.32 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। उन्होंने बताया कि गत तीन वर्ष में गन्ना की नवीन प्रजातियों से उत्पादकता 140.08 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और चीनी रिकवरी में 0.25 प्रतिशत वृद्धि हुई है। डीसीओ ने बताया कि मकसूदापुर मिल प्रबंधन ने अगले सप्ताह से वर्तमान पेराई सत्र का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।
चीनी मिल वार गन्ना खरीद एवं भुगतान (करोड़ रुपये)
चीनी मिल गन्ना खरीद भुगतान भुगतान अवधि
निगोही मिल 203.94 201.00 31 जनवरी, 2020
मकसूदापुर मिल 145.36 शून्य
रोजा मिल 110.15 86.13 14 जनवरी, 2020
तिलहर मिल 53.13 31.13 01 जनवरी, 2020
पुवायां मिल 44.91 37.15 18 जनवरी, 2020
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9.26 करोड़ रुपये का बिजली दबाकर बैठे सरकारी विभाग

शाहजहांपुर। तमाम सरकारी विभागों पर सवा नौ करोड़ रुपये से ज्यादा बिल बकाया है लेकिन पावर कारपोरेशन के अभियंता छोटे बकाएदारों पर कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं। इनमें से पुलिस, स्वास्थ और रेलवे पर ही लंबे समय से छह करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है लेकिन इन सरकारी विभागों पर शिकंजा कसने की अभी तक कोई योजना नहीं बनाई गई है।
शहर में घरेलू और वाणिज्यिक श्रेणी के करीब 85 हजार उपभोक्ता हैं, जो हर महीने करीब 12 करोड़ की बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। मगर इनमें से बमुश्किल 50 फीसदी उपभोक्ता नियमित बिल भुगतान करते हैं। तमाम ऐसे उपभोक्ता भी हैं जो ज्यादा भुगतान से बचने के लिए कम रीडिंग का बिल निकलवाते हैं और शेष यूनिट मीटर मेें स्टोर रहते हैं। चार-छह माह बाद मीटर की वास्तविक रीडिंग की गणना होती है तो भारी-भरकम बिल देखकर उनके हाथ-पांव फूल जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार महानगर में एक लाख रुपये और इससे अधिक धनराशि के सौ से अधिक बकाएदार हैं, जबकि आठ हजार से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर दस हजार या इससे अधिक बकाया है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय से जुड़े महानगर के करीब 16 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं पर बकाया हैं। पुरानी देनदारी शामिल होने के बाद यह धनराशि बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो जाती है।
सरकारी विभागों पर बकाया (लाख रुपये): एक नजर
विभाग बकाया धनराशि
पुलिस एवं जिला जेल 107.34
स्वास्थ्य 324.05
बीएसएनएल 9.53
शिक्षा 30.85
न्याय 13.84
वाणिज्य कर 12.49
रेलवे 182.28
जीआईसी हॉस्टल 32.90
पीडब्ल्यूडी 18.59
कृषि 8.97
विकास भवन समेत कई विभागों के कार्यालय बकाएदार
निर्वाचन कार्यालय पर 3.47 लाख, रोजा रेलवे साइडिंग कार्यालय पर 2.97 लाख, बीएसए कार्यालय पर 2.82 लाख, रोजा मंडी समिति सचिव कार्यालय पर 2.91 लाख, रोजा टेलीफोन एक्सचेंज पर 1.60 लाख, विकास भवन केे कार्यालयों पर 1.39 लाख, विद्युत सुरक्षा सहायक निदेशक कार्यालय पर 1.01 लाख, रोजा आईटीआई पर 90124, तहसीलदार सदर कार्यालय पर 85651, डीएम कार्यालय पर 56567 और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन कार्यालय पर 48175 रुपये बिजली राजस्व की देनदारी है।
सरकार ने रेलवे, स्वास्थ्य, दूरसंचार आदि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कई विभागों के कनेक्शन जनहित को ध्यान में नहीं काटने के निर्देश दिए हैं। अन्य विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजकर बकाया बिल शीघ्र जमा करने के लिए कहा गया है। अन्यथा की स्थिति मेें उनके कनेक्शन काटकर आरसी जारी कराई जाएंगी। - प्रशांत गुप्ता, एक्सईएन (सिटी), पावर कारपोरेशन
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सोते समय युवक की चाकू से गोदकर हत्या

मिर्जापुर(शाहजहांपुर)। मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव बढ़ऊ में मंगलवार रात 40 वर्षीय आरिफ की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। उसके घरवालों को घटना की जानकारी बुधवार सुबह हुई। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए। वहीं, डॉग स्क्वॉड ने भी हत्यारों की सुरागरसी की, लेकिन सफलता नहीं मिली। एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम ने भी मौका मुआयना किया। आरिफ के परिजन किसी से भी रंजिश से इनकार कर रहे हैं लेकिन पुलिस को अवैध संबंधों में हत्या की आशंका है। मृतक की पत्नी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव बढ़ऊ निवासी आरिफ की मां सायरा का प्रधानमंत्री आवास मंजूर हुआ है। मंगलवार को निर्माण कार्य शुरू हुआ तो आरिफ वहां पड़े सामान की रखवाली के लिए रात में वहीं चारपाई पर लेट गया। पत्नी मुंगिरा बेगम, बच्चे और मां सौ मीटर दूर मकान में सो गए। रात में किसी समय सीने और पेट में चाकू से प्रहार कर आरिफ की हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह मुंगिरा वहां पानी लेने गईं तो चारपाई के पास खून देखकर चीख निकल गई। पति आरिफ चारपाई पर मृत पड़े थे। कुछ ही देर में वहां गांव वालों की भीड़ लग गई। थानाध्यक्ष दिलीप यादव भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेसिंक टीम और डॉग स्क्वॉड भी मौके पर बुलाया गया। डॉग स्क्वॉड आसपास के मकानों, गलियों और खेतों में घूमकर लौट आया। एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी की। उन्होंने थानाध्यक्ष को जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने गांव के ही एक युवक को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
आरिफ जिस जगह पर मकान बनवा रहा था, वह जगह मां के नाम है। इसके अलावा अवैध संबंधों की बात भी चर्चा में है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। - अपर्णा गौतम, एएसपी ग्रामीण
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फेरों के बाद विदाई से पहले दूल्हे की खुल गई पोल, दुल्हन बोली-मैं इसके साथ...

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। रविवार रात द्वारचार से लेकर भांवरों तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। बरात विदा होने से पहले कलेवा के दौरान जो कुछ हुआ, उसने नई नवेली दुल्हन के रोंगटे खड़े कर दिए। कलेवा में बैठे दूल्हे को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। इसके बाद दुल्हन ने ससुराल जाने से मना करते हुए रिश्ता तोड़ दिया। 

बेटी के फैसले को सुनकर दुल्हन के परिजन ने दूल्हे और उसके पिता सहित बरातियों को बंधक बना लिया। फिर पंचायत बैठी। मामला थाने पहुंचने पर दूल्हे के पिता को खर्च के डेढ़ लाख रुपये देने पड़े और फिर बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई।

खुदागंज क्षेत्र निवासी व्यक्ति के तीन बेटे हैं। इनमें बड़े बेटे और छोटे बेटे की शादी हो चुकी है। मिर्गी का दौरा आने की वजह से दूसरे नंबर के बेटे की शादी में अड़चन आ रही थी। 

एक वर्ष पहले एक रिश्तेदार ने मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव में लड़की पक्ष से बातकर रिश्ता तय करने को बातचीत शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच रिश्ता पक्का होने के बाद बरात की तारीख भी निश्चित हो गई। रविवार रात गाजे-बाजे के साथ बरात मिर्जापुर क्षेत्र के गांव में पहुंची। द्वारचार की रस्म पूरी होने के साथ ही बरातियों की जमकर आवभगत हुई।
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भोजन के स्थान पर नाश्ता देकर हड़प गए बजट

पुवायां। खुटार के सरकारी अस्पताल में ट्रेकोमा की रोकथाम की ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को दिए जाने वाले भोजन का बजट हड़प लिया गया। दोपहर में भोजन के स्थान पर नाश्ता मिलने से नाराज कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। प्रभारी ने बमुश्किल कर्मचारियों को शांत किया। कर्मचारियों ने मामले की शिकायत सीएमओ से करने की बात कही है।
मंगलवार को खुटार के सरकारी अस्पताल में ट्रेकोमा (आंख से संबंधित रोहे, कुक्करे रोग) से बचाव की ट्रेनिंग थी। ट्रेनिंग में लगभग 25 एएनएम और बीएचडब्लू शामिल थीं। दोपहर में भोजन के स्थान पर नाश्ते के रूप में दो समोसे, दो बिस्कुट, चाय, नमकीन और एक केला मिलने से नाराज कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि प्रति कर्मचारी भोजन के रूप में 250 रुपये की राशि मिलने के बाद भी भोजन न देकर घोटाला किया जा रहा है।
जानकारी पाकर पीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाया। डॉक्टर ने कहा कि आगे से ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन नाराज कर्मचारियों ने नाश्ता लेने से इनकार कर दिया और ट्रेनिंग के बाद लौट गईं।
ट्रेनिंग शुरू होने से पूर्व एएनएम से पूछा गया तो उन्होंने कह दिया कि नाश्ता करा दिया जाए। इस कारण नाश्ता दिया गया। भोजन को लेकर कोई विवाद नहीं है। - डॉ. संजीव कुमार, पीएचसी प्रभारी खुटार
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धान घोटाले में शामिल घोटालेबाज फिर गए लखनऊ

पुवायां। धान खरीद घोटाले में शामिल घोटालेबाज कार्रवाई होने की आशंका से डरे हुए हैं। मंगलवार को घोटाले में शामिल पांच लोग एक बार फिर लखनऊ पहुंचे हैं। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने लखनऊ के एक नेता मिलकर मामले को रफा दफा कराने की मदद मांगी है।
पुवायां तहसील में धान की सरकारी खरीद में भारी घोटाला किया गया है। तमाम ऐसे किसानों का धान सेंटरों पर खरीदा जाना दर्शाया गया है, जिन्होंने वहां धान बेचा ही नहीं था। कई ऐसे किसानों से भी धान खरीद दिखाई गई है, जिन्होंने धान की फसल ही नहीं उगाई थी। स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बाद कार्रवाई नहीं होने पर शासन में मामला पहुंचा तो पांच सेंटर प्रभारियों पर रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इस धान खरीद घोटाले के मास्टरमाइंड राइस मिलर ने अपनी समितियां गठित करके फर्जी धान खरीद दिखाई थी। अब इस राइस मिलर को भी कार्रवाई में लपेटने की तैयारी है। इसके चलते मिल प्रबंधन में हड़कंप मचा है। इस संबंध में सोमवार को घोटाले में शामिल रहे लोगों की एक मीटिंग हुई और अब मंगलवार को वे एक बार फिर लखनऊ के नेता की शरण में पहुंचे हैं।
राइस मिल की धांधली में कर्मचारियों ने भी मचाई लूट
इस मामले में यह भी सामने आया है कि राइस मिलर के कर्मचारियों ने भी धान खरीद में जमकर लूट मचाई। एक ओर तो मिल प्रबंधन कम दरों पर खरीदा गया धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जाना दिखाने में जुटा था, दूसरी ओर क्रय केंद्रों पर लगाए मिलों के कर्मचारी भी अपने स्तर पर धान खरीदकर यह खेल करने में जुटे थे। यह मामला संज्ञान में आने के बाद मिल प्रबंधन इन कर्मचारियों की जांच कराकर कार्रवाई की तैयारी में है।
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लाखों लगाकर खड़ी कर दी दुकानें, बांधे जा रहे पशु, हो गए अवैध कब्जे

पुवायां। देश की सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए तमाम योजनाएं चला रही हैं। प्रयास है कि युवा नौकरी करने के बजाय अपना रोजगार शुरू करें और दूसरों को रोजगार दें। इसी मंशा के साथ वर्ष 2008-09 में गांव जेबां में सरस हाट बनाई गई थी। इसका मकसद था कि बेरोजगार युवा यहां ग्रामीणों की जरूरत के लिए एक ही छत के नीचे खाद, बीज, दवा सहित अन्य कारोबार शुरू करें ताकि ग्रामीणों को यह सारा सामान सुगमता से उपलब्ध हो सके। मगर स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत जेबा में बनी सरस हाट सिस्टम की बदहाली का शिकार हो गई। निर्माण के लंबे समय बाद भी हाट में बनी दुकानों का अब तक आवंटन नहीं किया गया और अब यहां अवैध कब्जे शुरू हो गए हैं।
इस महत्वाकांक्षी योजना की बदहाली का आलम यह है कि स्थानीय अधिकारियों को जेबां में बनी सरस हाट की लागत की जानकारी तक नहीं है। लगभग 20 दुकानों में लोगों ने अवैध कब्जा कर भूसा भर रखा है। हाट के चबूतरे पर लोग अपने पशु बांधते हैं और परिसर में अवैध कब्जा कर भूसे के गूंगे, उपलों के ढेर लगाने के साथ ही ग्रामीणों के ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि खड़े रहते हैं। तमाम दुकानों के शटर गल चुके हैं, जिनमें लोगों ने तिरपाल बांधकर भूसा भर रखा है। अधिकारियों के ध्यान नहीं देने के कारण बेरोजगारों को रोजगार देने वाली शासन की यह योजना बेकार गई। साथ ही लाखों की संपत्ति पर अवैध कब्जे भी हो गए।
निर्माण के बाद कोई पलटकर देखने नहीं आया
वर्ष 2008-09 में सरस हाट का निर्माण होने के बाद इसका उद्घाटन कराकर कारोबार शुरू कराना तो दूर की बात अफसर पलटकर इसे देखने भी नहीं पहुंचे। पहले गांव वालों में भी इसको लेकर उत्सुकता रही है लेकिन लंबा समय बीतने के बाद अब कोई इसकी बात नहीं करता। दो साल पहले ग्राम प्रधान ने जरूर इसे शुरू कराने के लिए पत्राचार किया लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सरस हाट के नाम पर बजट खर्च कर बंदरबांट किया गया। इसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया। पुवायां में जेबां, टकेली, सबली कटेली में सरस हाट बनी है, लेकिन इनका लोगों को लाभ नहीं मिल सका। - अनिल यादव, तहसील अध्यक्ष भाकियू पुवायां
वर्ष 2016-17 में सरस काट में रंगाई पुताई, मिट्टी का कार्य कराया था। इसके बाद आवंटन कराने के लिए अधिकारियों से पत्राचार किया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। सरस हाट की दुकानों का आवंटन किया जाना चाहिए, जिससे शासन की मंशा सफल हो सके।- रैना देवी, प्रधान, जेबां-पुवायां
जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं अधिकारी
पुवायां के मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार का कहना है कि उनके विभाग का सरस हाट से कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में सहकारिता विभाग ही कुछ बता सकता है। वहीं, एआर कोऑरेटिव को कहना कि सहकारिता विभाग सरस हाट नहीं बनवाता है। मंडी सचिव ही कुछ बता सकते हैं।
गांव जेबां की सरस हाट पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जल्द ही कब्जा हटवाया जाएगा और दुकानों के आवंटन के बारे में प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
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दहेज हत्या में पति और सास-ससुर को दस-दस वर्ष की कैद

शाहजहांपुर। थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव कैलहा में वर्ष 2014 में हुई दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति और सास-ससुर को दस-दस साल की कैद और सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
फर्रुखाबाद में थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव लायकपुर निवासी भइयालाल की बेटी की शादी पांच अगस्त 2009 को गांव कैलहा निवासी हरिओम के साथ हुई थी। मायके वालों का आरोप था कि दहेज में बाइक की मांग पूरी नहीं होने पर बेटी को उसका पति हरिओम, ससुर मेवाराम, सास सावित्री और ननद आरती प्रताड़ित करते थे। पांच अगस्त 2014 को भइयालाल को सूचना मिली कि उनकी बेटी ने ससुराल कैलहा में फंदे लगाकर जान दे दी है। सूचना पर कैलहा पहुंचे भइयालाल ने बेटी को मृत देख दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के उपरांत मृतका के पति, ससुर और सास के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील शशिमोहन सिंह के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पिंकू कुमार ने पति, सास-ससुर को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष की कैद और सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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खेल हॉस्टल में प्रवेश के लिए बच्चों ने दिखाया दमखम

शाहजहांपुर। प्रदेश के आगरा, मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, आजमगढ़, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली आदि खेल हॉस्टल में प्रवेश के लिए अंडर-12 और अंडर-15 आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं का चयन किया गया। चयन के लिए मंगलवार को अंतिम ट्रायल हुआ।
दोपहर तक स्टेडियम में फुटबाल कोच पंकज कुमार और पुनीत कुमार ने चयन के लिए पहुंचे बच्चों के फॉर्म जमा कर रजिस्ट्रेशन किया। उसके बाद शारीरिक दक्षता के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की। बालकों के अलावा कबड्डी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स के लिए चार बालिकाओं ने भी पंजीकरण कराया था, जिसमें एक बालिका पहले ही राउंड में 800 मीटर दौड़ पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन प्रक्रिया से बाहर हो गई। तीन बालिकाओं अनुष्का वर्मा ने बैडमिंटन और रिशिका तथा खुशबू ने एथलेटिक्स में सफलतापूर्वक ट्रायल दिया। इनका चयन समय मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
बालिकाओं के अलावा बड़ी संख्या में बालकों ने मंगलवार को क्रिकेट, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, कबड्डी आदि खेलों के ट्रायल दिए। सभी ट्रायल 800 मीटर और 100 मीटर दौड़, मेडिसिन बाल थ्रो, स्टैंडिंग ब्रॉड जंप, शटल रन के बाद किए गए। जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र भगत ने बताया कि ट्रायल में क्रिकेट के लिए 22, कबड्डी के लिए दो बालक, एक बालिका, एथलेटिक्स के लिए 11 बालक और दो बालिका तथा बैडमिंटन के लिए एक बालिका ने प्रतिभाग किया। चयनित खिलाड़ियों की सूची जल्द जारी कर दी जाएगी। चयनित खिलाड़ियों को मंडल चयन के लिए बरेली भेजा जाएगा।
आठ खेलों के नहीं पहुंचे खिलाड़ी
हॉस्टल में प्रवेश के लिए जिम्नास्टिक, तैराकी, कुश्ती, हॉकी, वॉलीबाल, फुटबाल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, कबड्डी, बास्केटबाल, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, जूडो, हैंडबाल और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के ट्रॉयल होने थे। मगर इन 16 खेलों में जिम्नास्टिक, तैराकी, टेबल टेनिस, बास्केटबाल, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, जूडो और हैंडबाल जैसे आठ खेलों में एक भी खिलाड़ी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया।
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कड़ी मेहनत और प्रतिभा ने अंजली को बनाया नेशनल प्लेयर

शाहजहांपुर। संसाधनों के अभाव में लक्ष्य किस तरह हासिल किया जा सकता है, यह अंजली से बेहतर भला कौन जान सकता है। अपनी मेहनत और प्रतिभा की दम पर वह इस समय ग्वालियर हॉस्टल में न सिर्फ हॉकी में पारंगत हो रही है, बल्कि अपनी शिक्षा भी पूरी कर रही है। हॉस्टल में उसे फारवर्ड लाइन के तेज-तर्रार खिलाड़ियों में शुमार माना जाता है।
हथौड़ा बुजुर्ग निवासी एडवोकेट सियाराम और रानी देवी की बड़ी बेटी अंजली गौतम ने अपनी छोटी बहन अमिता गौतम के साथ ही परमवीर चक्र नायक जदुनाथ सिंह स्टेडियम में हॉकी सीखनी शुरू की थी, खेल के प्रति रुचि बढ़ने पर नियमित अभ्यास करना उसने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया था। ट्रायल में जिला और मंडल स्तर पर सफलता अर्जित करने के बाद उसका चयन मध्य प्रदेश हॉकी एकेडमी (ग्लालियर हॉस्टल) के लिए हो गया। कड़े परिश्रम और खेल के प्रति ईमानदारी से वहां भी उसका सिक्का चल पड़ा।
अंजली ने अमर उजाला को बताया कि उसने मास्टर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (एमपीईएस) का प्रथम वर्ष पूरा कर लिया है। इसके अलावा वह हॉस्टल की टीम से 30 जनवरी से नौ फरवरी तक केरल में हुए सीनियर नेशनल टूर्नामेंट में खेल चुकी है, इसमें उनकी टीम को तीसरा स्थान मिला था। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में हॉस्टल की टीम ने महाराष्ट्र की टीम को पराजित किया था। इसी तरह चेन्नई में हुई इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में भी उसकी टीम को कांस्य पदक मिला था। अंजली बताती है कि 22 फरवरी से भुवनेश्वर में खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत टूर्नामेंट होना है, इस समय उसी की तैयारी चल रही है। इसके अलावा इसी वर्ष गोवा में नेशनल गेम्स भी प्रस्तावित हैं, वहां भी हॉस्टल की टीम खेलने जाएगी।
अंजली ने बताया कि स्टेडियम में मोइनुद्दीन उसके कोच थे। उसकी छोटी बहन अमिता गौतम भी स्टेडियम में हॉकी का नियमित अभ्यास कर रही है। अंजली का कहना है कि शाहजहांपुर में लड़कियां खेल में आगे नहीं बढ़ रही हैं, यह चिंता का विषय है।
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चीन में कोरोना की बीमारी..अबकी होली पर चलेगी देसी पिचकारी

शाहजहांपुर। चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते बाजार में चाइनीज आइटमों की बिक्री में काफी कमी आई है। इसका असर होली के बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। जहां हर साल भारतीय बाजार में होली से एक महीना पहले ही चाइनीज आइटमों की भरमार होती थी, इस बार उससे ज्यादा देसी पिचकारियां नजर आ रही है। इसका कारण चीन में कोरोना वायरस का अटैक होना बताया जा रहा है।
कारोबारी बताते हैं कि चीन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नए आइटम नहीं आ रहे हैं। क्योंकि चीन से जनवरी माह में सामान आना शुरू होता है। इसी माह में वहां पर वायरस फैल गया है। तब से स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। इस बार होली पर खुद व्यापारी चाइनीज आइटमों से दूर भागते नजर आ रहे हैं। इसकी वजह चीन में हजारों लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होना है। होली पर इसी समय में सामान मंगाया जाता है। बीमारी फैलने से भारतीय बाजार और व्यापारी भी सकते में है, जबकि उन्होंने कई माह पहले ही होली पर इस्तेमाल होने वाले आइटम पिचकारी, खाद्य सामग्री कचरी आदि की बुकिंग करा दी थी। कारोबारियों ने इसका एडवांस भी दे दिया, लेकिन वहां कोरोना ने सब कुछ बदल दिया है।
पिचकारियों की बहार : बाजार में भारत निर्मित पिचकारी और खिलौने आदि सस्ते दामों पर बेचे जा रहे हैं। कारोबारी बताते हैं कि शुरूआती रेंज में गन वाली पिचकारी 20 से 25 रुपये में उपलब्ध है, जबकि ऐसा चीनी आइटम 50 रुपये में आता है।
चीन का पुराना माल ही बाजार में
बाजार में अभी करीब तीस प्रतिशत पुराना चीनी माल मौजूद है। इनकी बिक्री हो रही है, ज्यादातर आइटम पुराने होने से लोग कम ही पसंद कर रहे हैं। तमाम ग्राहक चीनी आइटम लेने से इनकार कर रहे हैं। इसलिए चीनी आइटमों की कीमतें भी ज्यादा नहीं हैं। उनकी अपेक्षा देसी सामान सस्ता यानी कम दामों पर उपलब्ध है। कारोबारी बताते हैं कि चीन का पुराना स्टॉक फिलहाल क्लियर हो रहा है। नया कुछ नहीं मंगाया गया है। सूत्रों ने बताया कि बमुश्किल तीस प्रतिशत चीनी आइटम बाजार में उपलब्ध है। लेकिन लोग इसे पसंद कम कर रहे हैं।
मोदी मुखौटा हाथों हाथ बिक रहा
होली पर तमाम लोग रंग में सराबोर होने के साथ ही मुखौटे भी लगाते हैं। बाजार में डरावने और विभिन्न तरह के मुखौटों की भरमार है, लेकिन बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाले मुखौटों ने धाक जमा ली है। कारोबारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह मोदी वाले मुखौटे आए थे, मांग ज्यादा होने से हाथों हाथ बिक रहे हैं। योगी अथवा किसी अन्य राजनेता के मुखौटे बाजार में नहीं आए।
गन, सिलिंडर, फॉग, गुलाल, पिचकारी, वाटर टैंक मौजूद
बाजार में दर्जनों पिचकारी आइटम उपलब्ध हैं। गन, सिलेंडर, फॉग, गुलाल पिचकारी, वाटर टैंक, पिस्तौल, सामान्य और फैंसी चिपकारियों की भरमार है। एक बार पिचकारी मं गुलाल भरकर शॉट लगाना एक नाया अनुभव होगा। लोग गुलाल हाथों में लगाते रहे हैं, वाटर टैंक और गन भी अलग-अलग क्षमता की मौजूद हैं।
इस बार गरीब बच्चें भी होली पर अच्छी पिचकारी ले सकेंगे। चीन से सस्ते भारतीय आइटम मौजूद हैं। 20-25 रुपये में पिचकारी मिल जाएगी। वैसे भी लोगों को चीनी आइटमों से परहेज होने लगा है। - अरुण शुक्ला, पिचकारी कारोबारी
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परीक्षार्थी को गलत प्रश्नपत्र देने पर केंद्र डिबार की संस्तुति

शाहजहांपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज की हाईस्कूल और इंटर परीक्षा (यूपी बोर्ड) मंगलवार से 107 केंद्रों पर शुरू हो गई। पहले ही दिन कांट क्षेत्र के एक सेंटर पर द्वितीय पाली में गलत प्रश्नपत्र बांट देने से डीआईओएस ने संबंधित केंद्र को डिबार करने की संस्तुति कर दी है। वहीं, संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निगोही समेत नगर के केंद्रों का भ्रमण कर जीआईसी में बनाए गए कंप्यूटर कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। सुबह की पाली में पुलिस विभाग की ओर से सचल दलों के लिए सुरक्षाकर्मी मुहैया नहीं कराने से सभी पांचों सचल दल अपनी रिस्क पर बिना सुरक्षा के ही केंद्रों का भ्रमण करते रहे। कहीं से किसी के नकल में पकड़े जाने की जानकारी प्रकाश में नहीं आई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में हाईस्कूल के 40,675 और इंटर के 33,930 परीक्षार्थियों के लिए 107 केंद्र बनाए गए थे। पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी और द्वितीय पाली में इंटर सामान्य हिंदी का पेपर हुआ। प्रथम पाली में 3,816 परीक्षार्थी अनुपस्थित हो गए, जबकि 36,859 परीक्षा में शामिल हुए। द्वितीय पाली की अनुपस्थिति समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सकी थी। प्रथम पाली में संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. प्रदीप कुमार ने डीआईओएस पंकज पांडेय के साथ निगोही समेत नगर के केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्भीकता के साथ नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए।
डीआईओएस ने बताया कि द्वितीय पाली में ताराचंद्र मेमोरियल कन्या इंटर कॉलेज भरतपुर कांट केंद्र पर एक परीक्षार्थी को विज्ञान वर्ग की हिंदी के पेपर के स्थान पर कला वर्ग का पेपर दे दिया गया। इस लापरवाही के कारण उन्होंने केंद्र को डिबार करने की संस्तुति कर दी है। गलत प्रश्नपत्र से परीक्षार्थी का साल बर्बाद हो सकता है।
बिना सुरक्षा व्यवस्था के दौड़े सचल दल
सुबह की पाली में पुलिस विभाग सचल दलों के लिए सुरक्षाकर्मी ही मुहैया नहीं करा पाया। डीआईओएस पंकज पांडेय ने बताया कि उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के लिए एसपी सिटी और आरआई मुकेश सिंह को कई बार फोन किया, लेकिन आरआई ने फोन ही रिसीव नहीं किया। इसलिए पहली पाली में सभी सचल दलों को अपनी रिस्क पर ही भ्रमण पर निकलना पड़ा। हालांकि द्वितीय पाली में सचल दलों के साथ जाने के लिए डीआईओएस कार्यालय में पुलिसकर्मी बैठे देखे गए।
छात्रों ने लगाया प्रवेश पत्र नहीं देने का आरोप, छूटी परीक्षा
शाहजहांपुर। बोर्ड परीक्षा में खमानीराम भीमसेन इंटर कॉलेज शाहबाजनगर केंद्र पर कुछ परीक्षार्थियों ने प्रवेश पत्र नहीं बांटने पर परीक्षा छूटने का आरोप लगाया है। भूरखेड़ा तिलहर के हाईस्कूल के छात्र पवन ने बताया कि कॉलेज के प्रधानाचार्य ने सोमवार को बुलाकर प्रवेश पत्र देने को कहा था, आरोप है कि प्रधानाचार्य ने उससे एक हजार रुपये भी लिए, लेकिन प्रवेश पत्र नहीं दिया और परीक्षा के समय सुबह प्रवेश पत्र देने की बात कही। जब वह परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचा तो उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया, जिससे परीक्षा छूट गई। वहीं, शिखा पुत्री हरपाल ने बताया कि उसे भी कॉलेज के प्रधानाचार्य ने प्रवेश पत्र नहीं दिया, इसलिए उसकी परीक्षा छूट गई। इस बात को लेकर शिखा अपने पिता हरपाल के साथ डीआईओएस कार्यालय भी पहुंची, लेकिन अधिकारी के नहीं मिलने पर वह लौट गए। इस पर प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार का कहना है कि इन छात्रों ने न तो ऑनलाइन फार्म भरा और न ही अपना फोटो और पुराना अंकपत्र लाकर दिया। जब फॉर्म ही नहीं भरा तो प्रवेश पत्र कहां से मिल जाएगा। डीआईओएस का कहना है कि उनके सामने ऐसा कोई प्रकरण नहीं आया है। लिखित शिकायत मिलने पर जरूर कार्रवाई करेंगे।
पांच सचल दलों का किया गया गठन
शाहजहांपुर। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए विभाग ने पांच सचल दल बनाए हैं, जिसमें एक सचल का नेतृत्व स्वयं डीआईओएस कर रहे हैं। इनके अलावा बीएसए राकेश कुमार, डायट प्राचार्य डॉ. अचल मिश्रा, वित्त एवं लेखाधिकारी अनिल शुक्ला और जीआईसी चांदापुर के प्रधानाचार्य टीआर वर्मा सचल दल का नेतृत्व कर रहे हैं।
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