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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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IPS बनी गोरखपुर की बेटी एमन, सीएम योगी ने मुस्लिम लड़कियों के लिए बताया रोल मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की एमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं।

10 दिसंबर 2019

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शाहजहाँपुर

मंगलवार, 10 दिसंबर 2019

सरसों का साग खाने से परिवार के छह लोग बीमार

खुटार। शुक्रवार रात सरसों का साग खाने से एक परिवार के छह सदस्य बेहोश हो गए। शनिवार सुबह जानकारी होने पर गांववालों ने सभी को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टर ने सभी की हालत खतरे से बाहर बताई है।
खुटार इलाके के गांव सीतापुर निवासी 40 वर्षीय संजय कुमार वर्मा शुक्रवार को अपने खेत से सरसों का साग लेकर आए थे। साग बनाने में जो तेल प्रयोग किया गया था वह भी घर की सरसों का पेराई कराया हुआ था। रात करीब आठ बजे संजय वर्मा, उनके पिता राधेश्याम वर्मा, मां सुशीला देवी, भाई अवधेश, बेटी काजल और सेजल ने साग खाया था। खाना खाने के कुछ देर बाद सभी सोने चले गए। कुछ देर बाद सभी को चक्कर आने लगे और जी मिचलाने लगा। परिवार के लोगों ने पड़ोस के लोगों की मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन चारपाई से उठने के बाद बेहोश होकर गिर पड़े। संजय वर्मा के अनुसार शनिवार सुबह सात बजे कुछ होश आने पर उन्होंने उठने का प्रयास किया, लेकिन वह फिर गिर पड़े।
इस बीच पड़ोस का कोई व्यक्ति उनके घर पहुंचा और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन किसी के जवाब नहीं देने पर गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। किसी तरह घर का दरवाजा खोला गया तो अंदर परिवार के लोग बेहोश पड़े मिले। गांव के लोगों ने सभी को खुटार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद सभी लोगों को होश आ गया है, लेकिन उनको एहतियातन अस्पताल में ही रखा गया है।
करीब बीस दिन पूर्व सरसों की फसल में कीटनाशक की स्प्रे की थी। काफी दिन बीत जाने के बाद साग खाया है। बेहोशी का कारण पता नहीं क्या है। - राधेश्याम वर्मा, सीतापुर-खुटार
- खेतों में जहरीली दवा का छिड़काव होने पर सरसों की पत्तियों में दवा लगी रह जाती है। जिसका सेवन करने से बेहोशी छा जाती है और उल्टी होने लगती है। - डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार
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शाहजहांपुर-रोजा के बीच रेल फैक्चर होने रेल यातायात हुआ बाधित

शाहजहांपुर। रेल कर्मियों की सतर्कता से शनिवार को चंडीगढ़ एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। डिब्रगढ़ एक्सप्रेस निकलने के बाद जब शाहजहांपुर-रोजा के बीच आईबीएस सिग्नल डाउन नहीं हुआ तो रोजा से ईएसएसम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह ट्रैक चेक करने पहुंचे तो वहां उन्होंने पटरी चटकी देखी। इसी बीच सामने से पूरी रफ्तार से चंडीगढ़ एक्सप्रेस आती दिखाई दी तो दोनों के होश उड़ गए। दोनों ने पटरी पर दौड़ लगाते हुए टॉर्च की रोशनी मारकर ट्रेन को रोका। ड्राइवर के इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर भी ट्रेन बमुश्किल रेल फ्रैक्चर से दस मीटर की दूरी पर आकर रुकी। इसके बाद जॉगल बांधकर ट्रेनों को कॉशन पर गुजारा गया। इस दौरान ट्रेनें करीब डेढ़ घंटा तक की देरी से चलीं।
शनिवार सुबह 5:30 बजे डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस शाहजहांपुर स्टेशन से लखनऊ की ओर रवाना हुई। ट्रेन के किलोमीटर संख्या 1237/32/30 के पास से गुजरने के बाद आईबीएस सिग्नल डाउन नहीं हुआ। इस बीच शाहजहांपुर स्टेशन पर खड़ी चंडीगढ़ एक्सप्रेस को कॉशन देकर चला दिया गया। आईबीएस सिग्नल डाउन न होने पर रोजा से ईएसएम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह ट्रैक चेक करने पहुंचे तो उनकी नजर मोहम्मदी रोड के पास चटकी पटरी पर पड़ी, जिसे देख उनके होश उड़ गए। इसी बीच चंडीगढ़ एक्सप्रेस भी फुल स्पीड में शाहजहांपुर की ओर से आती दिखाई दी। दोनों रेल कर्मचारी टॉर्च लेकर ट्रेन की ओर इशारा करते हुए दौड़ पड़े। टॉर्च की रोशनी पर हाथ रख कर लाल सिग्नल का इशारा किया, जिसको देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन रेल फ्रैक्चर से मात्र 10 मीटर की दूरी पर आकर रुकी। इसके बाद रेल फ्रैक्चर होने की जानकारी कंट्रोल और पावर केबिन को दी गई तो रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में स्टेशन अधीक्षक समेत कई रेल अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। चटकी हुई पटरी के बीच जॉगल बांधने का काम किया गया। करीब 50 मिनट बाद चंडीगढ़ एक्सप्रेस को गुजारा गया। इसके बाद सभी ट्रेनें 30 किलोमीटर की स्पीड से निकाली गई।
स्टेशन पर खड़ी रही दून एक्सप्रेस, बालामऊ पैसेंजर को भी रोका गया
- शाहजहांपुर-रोजा के बीच रेल फ्रैक्चर होने पर पीछे से आ रही ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर रोका गया। इस बीच दून एक्सप्रेस 30 मिनट तक शाहजहांपुर स्टेशन पर खड़ी रही। बालामऊ एक्सप्रेस और 5012 चंडीगढ़ एक्सप्रेस को आउटर पर रोका गया। किसान एक्सप्रेस और मोरध्वज एक्सप्रेस को बंथरा और उसके पीछे के स्टेशनों पर रोक दिया गया। रेल फ्रैक्चर ठीक होने के बाद ट्रेनों को आगे रवाना किया गया।
दिलावरनगर और परसाखेड़ा में हो चुका है रेल फ्रैक्चर
- शाहजहांपुर-रोजा के बीच में रेल फ्रैक्चर होने की घटना पहली नहीं है, कुछ दिन पहले ही बरेली के आगे परसाखेड़ा में रेल फ्रैक्चर हुआ था। जिस पर ट्रेनों को रोककर चटकी हुई पटरी के बीच में जॉगल बांधने के बाद निकाला गया। इसी तरह का एक मामला दिलावरनगर के पास भी हुआ था।
तापमान कम होने के कारण चटक रहीं पटरियां
- सर्दी में तापमान लगातार गिरने की वजह से रेल फ्रैक्चर होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। रेल अधिकारियों के मुताबिक पटरी लोहे की होने की वजह से जल्दी ठंडी और गर्म हो जाती है, इसलिए सर्दी में पटरी सिकुड़ने और गर्मी में फैलने की समस्या होती है। इसी वजह से रेल फ्रैक्चर हो जाते हैं, जो कि कभी-कभी हादसे का कारण भी बनते हैं।
चंडीगढ़ एक्सप्रेस को रोकने वाले रेल कर्मी होंगे पुरस्कृत
- रेल फ्रैक्चर होने के बाद उसी ट्रैक पर आ रही चंडीगढ़ एक्सप्रेस को रोकने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर ट्रेन के सामने दौड़कर लाल सिग्नल देकर रोकने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। एडीआरएम मानसिंह मीणा ने ईएसएम रामवीर और हेल्पर दिनेश पाल सिंह को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। जिससे उनका हौसला बढ़ाया जा सके।
- आईबीएस सिस्टम फेल होने के कारण सुबह 5.18 बजे शाहजहांपुर-रोजा के बीच रेल फ्रैक्चर हो गया था। चटकी पटरी के बीच में जॉगल बांधकर ट्रेनों को रवाना किया गया। सर्दी में तापमान गिरने की वजह से रेल फैक्चर की घटनाएं बढ़ जाती है, जिसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - मनोज कुमार, स्टेशन अधीक्षक शाहजहांपुर।
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पीड़ित ने धरना लगाया....तो तहसील प्रशासन हरकत में आया

पुवायां (शाहजहांपुर)। करीब सप्ताह भर पहले गांव गंगसरा की गिरेशवती ने अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए पुवायां में धरना दिया था। पुलिस ने जबरन गिरेशवती को हटाने की कोशिश भी की थी। कई दिन धरना देने के बाद गिरेशवती को अपनी जमीन मिली थी। शनिवार को खुटार इलाके के रामपुर कलां गांव की शांति देवी ने पुवायां में धरना दिया। आरोप है कि नायब तहसीलदार की मिलीभगत से उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। धरना देने के बाद तहसीलदार ने मौके पर जाकर शांति देवी की जमीन से अवैध कब्जा हटवाया।
खुटार ब्लॉक के गांव रामपुर कलां निवासी शांति देवी (60) पत्नी बाबूराम ने बताया कि उनके पति के नाम दो एकड़ जमीन का पट्टा किया गया था। गरीबी के चलते पुत्री की शादी में डेढ़ एकड़ जमीन बेचनी पड़ गई। उनके पास मात्र तीन बीघा जमीन बची। उस पर वह पिछले 25 वर्षों से काबिज है। करीब दो माह पूर्व उनकी जमीन पर गांव के एक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया था। कई बार कहने पर भी आरोपी ने जमीन नहीं छोड़ी तो शांति देवी ने पुवायां जाकर एसडीएम से शिकायत की। इसके बाद उसने एसडीएम दफ्तर के कई चक्कर लगाए। कहीं तब जाकर 15 दिन पहले नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचे थे, जो विरोधी पक्ष का कब्जा सही बताकर बैरंग हो गए।
एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाकर शांति देवी परेशान हो चुकी थीं। उसने तीन दिसंबर को एसडीएम को दिए पत्र में अवैध कब्जा न हटने पर परिवार सहित अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी। आरोप है कि अवैध कब्जा हटवाने के बजाय राजस्व कर्मी जमीन जिसके कब्जे में है उसी के पास रहने देने को दबाव बनाने लगे। इसके लिए जमीन को ठेके पर देने का लालच दिया गया। इसके लिए वह राजी नहीं हुई। शनिवार सुबह शांति देवी अपने पुत्र रामाधीन और पौत्री निशा के साथ पुराने एसडीएम कार्यालय के पास जाकर धरने पर बैठ गईं। इसका पता लगने पर तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। दोपहर में तहसीलदार तृप्ति गुप्ता, कानूनगो रूपेश कुमार, लेखपाल वेदराम आदि मौके पर पहुंचे और पैमाइश कर शांति देवी की जमीन से अवैध कब्जा हटवा दिया। जमीन मिलने पर शांति देवी ने धरना समाप्त कर दिया।
शांति देवी को उनकी जमीन पर कब्जा दिला दिया गया है। मौके पर मेड़ भी डलवा दी गई। अब कोई विवाद नहीं है।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
15 दिन पहले मैं मौके पर गया था, लेकिन जमीन की नाप नहीं कराई थी। महिला का आरोप निराधार है। आज तहसीलदार मौके पर गईं थीं। महिला की समस्या का समाधान करा दिया गया है।
- भानुप्रताप, नायब तहसीलदार
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पागल कुत्ते के आतंक से सहमे लोग, 16 लोगों पर बोला धावा

शाहजहांपुर जिले के खुटार में एक पागल कुत्ते ने आतंक मचा रखा है। पागल कुत्ते ने 16 लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घायल अपना इलाज खुटार के निजी अस्पताल में करा रहे हैं।

नगर में घूम रहे पागल कुत्ते के आतंक से लोग बेहद परेशान हैं। नगर के मोहल्ला नौगवां कोट निवासी नन्हें कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह वह अपनी आठ वर्षीय पुत्री नैंसी को खुटार के प्राथमिक विद्यालय लेकर जा रहे थे। काकोरी शहीद इंटर कॉलेज के पास पीछे से कुत्ते ने आकर काट लिया। 

उधर, खुटार के मोहल्ला सरोजनीनगर निवासी 32 वर्षीय अशोक कुमार, नारायनपुर निवासी राजू का आठ वर्षीय पुत्र चिराग, पश्चिमी गढ़ी निवासी 35 वर्षीय बबलू, नारायनपुर निवासी 20 वर्षीय मोहम्मद दानिश, सरोजनी नगर निवासी 55 वर्षीय सुजातअली, अनिल कुमार का नौ वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार, अनिल कुमार, 35 वर्षीय पप्पू कुमार को भी कुत्ते ने काट लिया।   

नवदिया कुइयां निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि वह खुटार के बण्डा रोड स्थित राइस मिल में काम करते हैं। सुबह मिल के बाहर खड़े थे। उसी समय पीछे से आकर कुत्ते ने काट लिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बमुश्किल कुत्ते से बचाया। 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

आखिर सुरक्षा घेरा तोड़ कैसे भाग गए हत्यारे, उठ रहे सवाल

शाहजहांपुर। सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कैंट क्षेत्र से सटी आफीसर्स कॉलोनी है। जहां घटना स्थल से लगभग दो सौ मीटर की परिधि में डीएम-एसपी समेत जिले के लगभग सभी अफसरों के आवास हैं। वहीं जीएफ कॉलेज गेट पर पुलिस पिकेट भी रहती है। ऐसे में दिनदहाड़े घटना को अंजाम देकर कातिल फरार हो गए। इसको लेकर सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी दफ्तर सीओ सिटी के आवास के ठीक पीछे हैं। उनके आवास के सामने ही एएसपी सिटी का आवास है। वहीं डीएम का आवास और कैंप कार्यालय है। जीएफ कॉलेज के सामने से होकर एसपी आवास को रास्ता जाता है। यानी घटना स्थल से कुछ दूरी पर ही एसपी का कैंप कार्यालय है। जहां हर वक्त पुलिस अलर्ट रहती है। यहां पर एनसीसी का भी कार्यालय है। आफीसर्स कॉलोनी में भी सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस रहती है। कैंट इलाका होने से दूसरी तरफ सेना का पहरा रहता है। इसके बावजूद हत्यारों का फरार हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। जीएफ कॉलेज गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा अंदर की तरफ है, यदि बाहर की ओर होता तो शायद पुलिस को हत्यारों तक पहुंचने में आसानी होती।
ठेकेदार के घर के आसपास खंगाले गए कैमरे
शाहजहांपुर। राकेश के हत्यारों की सुरागरसी में जुटी पुलिस ने ठेकेदारों की सूची भी तलब कर ली और उन ठेकेदारों का भी रिकॉर्ड देखा जा रहा है। इसके अलावा कैंट एरिया में ओसीएफ गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला और राकेश यादव के घर के आसपास भी सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। पुलिस को अभी ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: सत्यापन को भेजे गए जमानतियों के प्रपत्र

शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी छात्रा की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हो चुकी है। सीजेएम कोर्ट ने जमानतियों के प्रपत्र सत्यापन के लिए सोमवार को थाने और तहसील भेज दिए हैं। प्रपत्रों का सत्यापन होने पर रिहाई आदेश जारी हो जाएगा।
चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप छात्रा और उसके तीन दोस्तों संजय, सचिन और विक्रम पर है। पिछले करीब दो महीने से चारों जेल में हैं। हाईकोर्ट ने छात्रा और सचिन की जमानत मंजूर कर ली है। छात्रा के वकील कलविंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को प्रपत्र भरकर सीजेएम कोर्ट में जमा कर दिए गए, इसके बाद इन प्रपत्रों का संबंधित थाने और तहसील सत्यापन के लिए भेज दिया गया है। सत्यापन में जमानत प्रपत्र सही पाए गए तो दो दिन में छात्रा की रिहाई आदेश जारी हो सकता है। उधर, सचिन उर्फ सोनू की जमानत छात्रा के साथ ही मंजूर हो चुकी है, जिसका जमानत आदेश सोमवार तक सीजेएम कोर्ट नहीं पहुंचा।
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दून एक्सप्रेस का इंजन फेल, चार घंटा देरी से पहुंची रोजा

शाहजहांपुर/रोजा। दून एक्सप्रेस के इंजन में रविवार रात तकनीकी खराबी आ गई, इस वजह से ट्रेन रफ्तार नहीं पकड़ पाई और चार घंटे देरी से सुबह तीन बजे रोजा स्टेशन पहुंच पाई। रोजा से तकनीकी खराबी दूर किए बिना ही ट्रेन को बरेली के लिए रवाना कर दिया गया, इसके बाद बरेली जंक्शन पर इंजन बदलने के बाद ट्रेन को निर्धारित गति से चलाया जा सका।
रविवार रात 11 बजे लखनऊ से चली अप लाइन की दून एक्सप्रेस के इंजन में कुछ दूर चलने के बाद ही तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से ट्रेन रफ्तार नहीं पकड़ पाई। लोको पायलट ने इसकी सूचना लखनऊ कंट्रोल को दी। बताते हैं कि कंट्रोल ने मुरादाबाद में इंजन बदलने की बात कहकर ट्रेन को ऐसे ही रवाना कर दिया। इस दौरान ट्रेन को 25-30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया गया। चार घंटे देरी से सुबह तीन बजे ट्रेन रोजा पहुंची। दो मिनट रुकने के बाद ट्रेन को बरेली रवाना कर दिया गया। जहां दूसरा इंजन लगाया गया। ट्रेन के समय पर न पहुंचने से कई यात्रियों को अपने रिजर्वेशन कैंसल कराने पड़े।
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सरकार के खिलाफ भड़के किसान, जलाई गन्ने की होली

पुवायां। गन्ने की फसल में बढ़ती लागत और समर्थन मूल्य न बढ़ने से इसकी खेती अब किसानों के लिए घाटे का सौदा होती जा रही है। लागत निकालने के बाद किसानों को एक क्विंटल गन्ने पर महज 25 रुपये ही बच रहे हैं। इसी वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरह अब जिले के किसान संगठनों ने गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का मन बना लिया है। सोमवार को पुवायां में विरोध करते हुए किसानों ने गन्ने की होली जलाई और सरकार से समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की।
भाकियू के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में किसान सोमवार को पुवायां के राजीव चौक पर इकट्ठा हुए और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गन्ने की होली जलाई। इस मौके पर मंजीत सिंह ने कहा कि तीन वर्ष से गन्ने का रेट नहीं बढ़ाया जा रहा है, जबकि चीनी के रेट लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीनी मिलें कोर्ट और सरकार का आदेश नहीं मानती हैं और भुगतान नहीं दे रही हैं, लेकिन सांठगांठ के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। तहसील अध्यक्ष अनिल सिंह यादव ने कहा कि किसान हित की बात नहीं करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। गन्ना मूल्य को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर करनैल सिंह, नीरज वर्मा, जरनैल सिंह, श्रीकृष्ण जाटव, वीरेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, विनोद राठौर सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
तीन सौ खर्च, 325 रेट, यह कैसा अन्याय
पुवायां। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि गन्ने की फसल में सारे खर्च मिलाकर गन्ना तीन सौ रुपये प्रति क्विंटल पड़ रहा है और सरकार तीन साल से रेट 325 रुपये प्रति क्विंटल रख रही है। किसान को प्रति क्विंटल महज 25 रुपये मिल रहे हैं। खेती घाटे का सौदा होती जा रही है, ऐसे में किसान आत्महत्या नहीं तो और क्या करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन के मुखिया वीएम सिंह के निर्देश पर जल्द बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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चिनौर में युवक ने खुद को गोली से उड़या

शाहजहांपुर। शहर से सटे चिनौर गांव में एक युवक ने कमरे में बंद होकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने पर पड़ोसियों को लगा कि पटाखा छूटा होगा। दोपहर बाद पिता के घर लौटने पर घटना का पता चला। तमंचा मौके पर पड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक पारिवारिक कलह के चलते अरुण पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में था।
करीब 25 वर्षीय अरुण थाना सदर बाजार क्षेत्र के चिनौर गांव निवासी रामआसरे का बेटा था। अरुण पत्नी सावित्री और पांच साल के बेटे रूद्र के साथ माता-पिता से अलग मकान में रहता था। अरुण की पत्नी सावित्री पिछले करीब तीन माह से अपने मायके में रह रही थी। सोमवार को अरुण काम पर नहीं गया। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अरुण के घर में फायर हुआ। पड़ोसियों को लगा कि किसी ने पटाखा छोड़ा होगा। दोपहर करीब एक बजे रामआसरे बेटे को देखने गए तो अरुण का शव खून से लथपथ कमरे में पड़ा था। उनके रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। इसकी सूचना मिलने पर सदर बाजार पुलिस पहुंच गई। रामआसरे ने बताया कि अरुण कुछ दिनों से परेशान दिख रहा था। क्या परेशानी थी कभी कुछ बताया नहीं। उनकी अरुण से ज्यादा बात नहीं होती थी।
रात 11 बजे तक पिता ने सुनी बेटे की आवाज
रामआसरे ने बताया कि अरुण शराब पी लेता था। रात करीब 11 बजे तक उसकी आवाज सुनी, लेकिन उसके बाद सो गए। सुबह उठे तो खेत पर चले गए। दोपहर को लौटे तो बेटे की लाश मिली। रामआसरे रोजा क्षेत्र के हथौड़ा गांव के मूल निवासी है।
प्रथम दृष्टया जांच में पता लगा है कि पारिवारिक कलह के चलते अरुण ने आत्महत्या की। तमंचा भी मौके पर पड़ा मिला। फिर भी मामले की जांच की जा रही है। - केपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक सदर कोतवाली
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अवैध कब्जा हटवाने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने किया पथराव

कुर्रिया कलां। अवैध कब्जा हटवाने गई कांट पुलिस की टीम पर गांव के कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस कर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
सदर तहसील क्षेत्र के गांव पल्हौरा गांव में चकबंदी चल रही है। पल्हौरा गांव के पास से होकर गुजर रहे कांट रोड का चौड़ीकरण किया जाना है। इसलिए कुछ ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए अपने खेत में रोड किनारे निर्माण करा रहे हैं। इसमें कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। पुलिस के मुताबिक पल्हौरा निवासी प्रदीप त्रिवेदी का गाटा संख्या 797 का रकबा खतौनी में ढाई बीघा है। आरोप है कि उन्होंने साठगांठ करके अपने खेत से सटी ग्रामसभा की करीब 1.5 बीघा जमीन अवैध कब्जा कर लिया है। सोमवार को उन्होंने निर्माण के लिए नींव भरवाना शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक प्रदीप के निर्माण करने से पड़ोसी धनपाल आदि के आने जाने का रास्ता बंद हो रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत चौकी कुर्रिया कलां पुलिस से की। इस पर चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह पुलिस कर्मियों को लेकर निर्माण रुकवाने मौके पर पहुंचे। आरोप है कि प्रदीप व परिजनों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे चौकी इंचार्ज और उनके साथी पुलिस कर्मियों को मौके से भागना पड़ा। फिर वायरलेस पर सूचना देकर कांट थाने से पुलिस बुलाई गई। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों के दो लोगों को पकड़कर थाना कांट ले गई। प्रदीप पक्ष के लोगों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने महिलाओं से अभद्रता की थी।
गांव में चकबंदी चल रही है। सोमवार को राजस्व टीम की गैर मौजूदगी में कुछ लोगों ने निर्माण शुरू कर दिया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मौके पर जाकर रुकवा दिया। पुलिस पर पथराव की बात गलत है। - डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी
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शारदा के जल बचेगा से भैंसी नदी का अस्तित्व

बंडा। करीब एक दशक से सूखी पड़ी गोमती की सहायक भैंसी नदी के दिन बहुरने वाले हैं। पांच किमी लंबे नाले के जरिए भैंसी नदी को शारदा नहर से जोड़ा जाएगा। शारदा का पानी भैंसी नदी में छोड़े जाने से दर्जनों गांवों के किसानों को खेती की सिंचाई के लिए फायदा होगा। लोक भारती संगठन भैंसी नदी को शारदा नहर से जोड़ने वाले नाले की सफाई करने में जुटा है। सोमवार को वहां पहुंचे डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मातहत अधिकारियों के साथ नाले की सफाई की। डीएम को नाले की सफाई करते देख ग्रामीण भौचक्के रह गए।
यह नदी पीलीभीत की पूरनपुर तहसील के डंडरौल व शाहजहांपुर की सीमा से लगी करीब 50 वर्ग किमी में फैली भैंसासुर झील से निकली है। वहां से चलकर करीब 42 किमी लंबी भैंसी नदी लखीमपुर खीरी के इमलिया घाट के पास गोमती में मिल जाती है। भैंसी को गोमती की सहायक नदी कहा जाता है। करीब तीन दर्जन गांवों के हजारों परिवारों और जीव-जंतुओं को जीवन देने वाली भैंसी नदी करीब एक दशक से अस्तित्व विहीन पड़ी है। नदी सूखी पड़ी रहने से आसपास के किसानों ने अवैध कब्जा कर रखा है। रेत का अवैध खनन भी खूब किया जाता है।
भैंसी नदी और शारदा नहर के बीच करीब पांच किमी लंबा नाला है, जो बंडा इलाके के रामदेवरी गांव के पास से गुजरता है। लोक भारती संगठन ने इस नाले के जरिए शारदा नहर से जोड़ने के लिए नाले की सफाई करने की योजना बनाई। इस संगठन के सदस्य रविवार को नाले की सफाई को जुटते हैं। सोमवार को मणि मंदिर के पास संस्था सदस्यों के साथ डीएम, सीडीओ व अन्य अधिकारियों ने फावड़े से नाले की सफाई की।
इस मौके पर डीएम ने कहा कि सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन के साथ स्थानीय लोगों के सहयोग से भैंसी नदी की सफाई कराई गई है। भैंसी नदी में पानी छोड़े जाने के लिए शारदा नहर से जोड़ा जाएगा। जल संरक्षण करके भैंसी नदी का अस्तित्व बचाया जा सके। इस मौके पर पुवायां एसडीएम सौरभ भट्ट, लोकभारती संगठन के अध्यक्ष विजय पाठक, संयोजक गोपालजी आदि थे।
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पुवायां में हत्यारोपी के घर प्रधान पक्ष के लोगों ने किया हमला, लूटपाट, तोड़फोड़

पुवायां। प्रधान की हत्या से बौखलाए उनके पक्ष के करीब दो दर्जन लोगों ने सोमवार को पुवायां इलाके में रहने वाले एक हत्या आरोपी के घर धावा बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ व मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर असलाह और लोहे की रॉड लिए थे। हमलावरों के तेवर देख ग्रामीण विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रधान पक्ष के 25 से 30 लोग बाइकों पर सवार होकर अवैध हथियार और लोहे की रॉड लिए मोहनपुर बलरामपुर जा धमके और हत्या आरोपी यासीन के घर पर हमला बोल दिया। यासीन की पत्नी साबरून ने खेत में छिपकर जान बचाई। घर में मौजूद यासीन की छोटे भाई शमीम की पत्नी नूरजहां को हमलावरों ने जमकर पीटा। यासीन के घर का सारा सामान तोड़ दिया गया। घर के बाहर खड़ी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। करीब आधे घंटे तक उत्पात मचाने के बाद हमलावर मौके से चले गए। काफी देर बाद घर लौटने पर साबरून ने पुलिस को सूचना दी तो कार्यवाहक थानाध्यक्ष संदेश यादव मौके पर पहुंचे। इसके बाद संदेश यादव मोहम्मदी कोतवाली गए और वहां की पुलिस को घटना की जानकारी दी। साबरून के अनुसार हमलावर उसके घर से लाखों के जेवर सहित तीन लाख रुपये लूट ले गए हैं।
यह था मामला
जनपद लखीमपुर के थाना मोहम्मदी के गांव खजुरिया में प्रधानी और कोटे को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद चल रहा है। कई बार फायरिंग और झगड़ा हो चुका है। खजुरिया के प्रधान मोहम्मद इलियास की छह दिसंबर को दिन में 11 बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह चचेरे भाई सहीम के साथ अपने पुत्र माजिद के निकाह की तैयारियों केे सिलसिले में खरीदारी करके घर लौट रहे थे। हमले में सहीम घायल हो गए थे। इससे पहले प्रधान के एक पुत्र शाहिद की 2008 में हत्या कर दी गई थी। प्रधान के पुत्र का सात दिसंबर को निकाह होना था, लेकिन हत्या के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गई थीं। इस मामले में माजिद खां की ओर से लखीमपुर खीरी के ग्राम खजुरिया के मालूक खां, इसरायल खां, जलीस खां, शाहिद खां, मशील खां, इसत्खार उल्ला, नवाब खां, लईक, जकरूल्ला और शाहजहांपुर के पुवायां थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर बलरामपुर निवासी यासीन खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मोहम्मदी पुलिस ने इसरायल को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था और नवाब ने समर्पण कर दिया था।
बेटी की शादी के लिए रखे थे जेवर-रुपये
यासीन की पत्नी साबरून ने बताया कि उसकी पुत्री सलमा की शादी तय हो चुकी है। इसके लिए जेवर, रुपये रखे थे, जो लूट लिए गए हैं। कहा कि अगर वह घर से नहीं भागती तो हमलावर उन्हें मार डालते।
हमलावरों के खौफ से घरों में कैद हुए गांववाले
गांव में हमलावरों के खुलेआम असलाह लहराने पर गांववाले सहम गए। गांववालों ने बताया कि हमलावर बेहद उग्र थे। यदि कोई बोलता तो उसको खतरा हो सकता था, इस कारण सभी ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर खुद को बचाया। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी संदेश यादव ने बताया कि लूट की बात पूरी तरह से गलत है। कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जानकारी मिली है। पुलिस को मौके पर भेजा गया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - प्रवीण कुमार, सीओ पुवायां
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टूटी पुलिया से टकराकर ठेली वाले की मौत

मिर्जापुर। जलालाबाद-ढाईघाट रोड पर ग्राम जरीनपुर के पास टूटी पुलिया से ठेली टकरा जाने से युवक नीचे नाले में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
जरीनपुर ग्राम पंचायत के मजरा गंगानगर निवासी रामकुमार कश्यप फेरी लगाकर ठेली पर नान खटाई बिस्कुट बेचता था। रविवार रात करीब आठ बजे जलालाबाद-ढाईघाट रोड पर ग्राम जरीनपुर के पास टूटी पुलिया के नीचे नाले में ग्रामीणों ने ठेली पड़ी देखी। लोगों ने नाले में जाने के बाद ठेली उठाकर देखा तो राजकुमार की लाश पड़ी थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि रामकुमार के पांच बच्चे हैं। उसकी पत्नी डेढ़ साल पहले बच्चों को छोड़कर चली गई थी। रामकुमार की मौत से बच्चे अनाथ हो गए।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
मिर्जापुर। जरीनपुर गांव निवासी भाकियू के तहसील अध्यक्ष उदयवीर सिंह यादव ने दर्जनों किसानों के साथ जलालाबाद-ढाईघाट रोड की टूटी पुलिया का शीघ्र निर्माण करवाये जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। भाकियू नेता ने कहा कि कई बार पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से पुलिया का निर्माण करवाये जाने की मांग की गयी। मगर जनता की मांग को अनदेखा किया गया। टूटी पुलिया की वजह से राजकुमार की जान चली गई। जिससे उसके पांच मासूम बच्चे अनाथ हो गये हैं।
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