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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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उन्नाव कांड: दुष्कर्म पीड़िता को जलाने के आरोपी हाईसिक्योरिटी बैरक में, 34 सीसीटीवी कर रहे निगरानी

कुलदीप सिंह प्रकरण में किरकिरी करा चुका जेल प्रशासन बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पूरी तरह सतर्क है। डीजी जेल से लेकर निचले स्तर तक के सभी अधिकारी जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।

8 दिसंबर 2019

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श्रावस्ती

रविवार, 8 दिसंबर 2019

छह दिसंबर को लेकर पुलिस ने जांची सुरक्षा

श्रावस्ती। विवादित ढांचा विध्वंस की बरसी पर किसी भी संगठन की ओर से काला दिवस या शौर्य दिवस न मनाया जाए इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है। जिले में अमन चैन व सुरक्षा बनाए रखने के लिए गुरुवार को जिला पुलिस ने तहसील सहित न्यायालय परिसर व बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। इस दौरान एएसपी ने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
अयोध्या में छह दिसंबर को विवादित ढांचा गिराया गया था। वहीं हाल ही में अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से फैसला भी आ गया है। ऐसे में छह दिसंबर को कोई भी व्यक्ति अमन चैन न बिगाड़ने पाए इसके लिए जिला पुलिस सर्तक है। चुनौतियों से निपटने व समाज में भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए जिला पुलिस ने सभी थानों में शांति समिति की बैठक की। वहीं लोगों से अमन चैन बनाए रखने की अपील भी की।
सिरसिया थाने में आयोजित शांति समिति की बैठक में शामिल होने आए एएसपी बीसी दुबे ने पुलिस कर्मियों के साथ नेपाल सीमा से सटे गांवों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही ग्रामीणों से सीमा पार आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर निगाह रखने व संदिग्धों की सूचना स्थानीय पुलिस को देने को कहा। एएसपी ने बताया कि पुलिस के साथ ही सीमा पर तैनात एसएसबी पूरी तरह से सतर्क है। आने जाने वालों में यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति प्रतीत होता है तो उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है। बौद्ध तपोस्थली की भी सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की गई है।
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रैन बसेरों पर अतिक्रमण, खुले में रात बिता रहे लोग

श्रावस्ती। तराई में चल रही शीतलहर से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी व पछुआ हवा से जिले में लोगों को गलन का एहसास हो रहा है। उधर प्रशासन की ओर से गरीबों, मजदूरों व बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए। जिले में स्थापित रैन बसेरे बदहाल है। कुछ पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है तो कई जगहों पर गंदगी का साम्राज्य है। ऐसे में शहरों में मेहनत मजदूरी करने आने वाले मजदूरों तथा बेसहारा लोगों को खुले में रात गुजारनी पड़ रही है।
जिले में जहां ठंड का प्रकोप बढ़ गया है वहीं प्रशासन की ओर से अब तक न तो गरीबों को कंबल वितरित कराया गया और न ही कहीं अलाव ही जलवाया गया है। वहीं पूर्व से स्थित रैन बसेरों पर अतिक्रमण है। इन्हें अब तक खाली नहीं कराया गया है। कई स्थानों पर रैन बसेरों में धार्मिक संस्थाओं का कब्जा है। वहीं कुछ स्थानों पर सरकारी अमला व आवारा पशु काबिज हैं।
इसके चलते गरीबों, मजदूरों व बेसहारा लोगों को रात में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति जिले में अधिकांश जगह है। इससे भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य क्षेत्र भी अछूते नहीं हैं। गुरुवार को अमर उजाला ने जब जिले में बने रैन बसेरों की पड़ताल किया तो सच्चाई उजागर हुई। रैनबसेरों में कहीं मवेशी तो कहीं गंदगी देखने को मिली।
मवेशियों का कब्जा व गंदगी की भरमार
सोनवा थाना क्षेत्र के दिकौली मेला परिसर में बना रैन बसेरा उपेक्षित है। यहां न तो कंबल आदि की व्यवस्था है और न अलाव की। रैन बसेरा में मवेशियों का कब्जा है। जहां पर काफी गंदगी देखने को मिली। रैन बसेरे की फर्श पर गड्ढे बने हैं। आसपास लोगों के घरों का गंदा पानी भरा है। यही स्थित वहीं फोरलेन के पास दिकौली मोड़ पर बने रैन बसेरे की भी है। जहां कुछ लोगों ने गुमटी व दुकान रख कर अतिक्रमण कर रखा है। वही पास में लगे हैंडपंप के चारों तरफ गंदगी व्याप्त है। यहां प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
रामलीला कमेटी ने जमा रखा कब्जा
इकौना नगर के रामलीला मैदान में बने रैन बसेरे पर रामलीला कमेटी का कब्जा है। इसे स्थानीय जानकारों की माने तो रामलीला कमेटी की ओर से किराए पर दिया जा रहा है। यहां बिना किराया दिए किसी को पैर रखने की भी इजाजत नहीं है। ठंड से बेहाल मजदूर पेशा लोग व स्थानीय गरीबों को इसका इस्तेमाल करने नहीं दिया जाता। यह पूरी तरह से राम लीला कमेटी की निजी संपत्ति बन कर रह गया है।
पुलिस का कब्जा, नगर पंचायत का कबाड़ भी जमा
इकौना थाने के बगल बने इस रैनबसेरा (पुरानी कांजीहाउस) के पिछले हिस्से पर पुलिस वालों का कब्जा है। वहीं रैन बसेरे का अगला भाग टूट कर जर्जर हो गया है। इसमें नगर पंचायत इकौना ने कबाड़ रखवाया है। इकौना तहसील व ब्लॉक मुख्यालय होने के कारण यहां दूर दराज गांव के लोग भी आते हैं। वहीं प्रमुख कस्बा होने के कारण देश प्रदेश से आने वाले लोग भी देर रात यहां बसों से उतर कर अपने गांव व घर को जाते हैं। कभी कभी ऐसी स्थिति भी आ जाती है कि लोगों को रात इकौना में ही रुकना पड़ता है। लेकिन इस रैन बसेरे में किसी को पैर रखने की इजाजत नहीं है।
रैन बसेरों में गरीबों को ठंड से बचाने के लिए कंबल व अलाव की लकड़ी रखवाने का निर्देश संबंधि नगर निकाय व ग्राम पंचायतों को दिया जा चुका है। रही बात अतिक्रमण की तो इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे हटवा कर सुविधा संपन्न बनाया जाएगा। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी
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जिला कारागार का डीएम व एएसपी ने किया निरीक्षण

श्रावस्ती। जिला कारागार बहराइच में श्रावस्ती के कैदी भी निरुद्ध हैं। इस लिए मंगलवार शाम डीएम व एएसपी ने जिला कारागार बहराइच का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्होंने जिले के बंदियों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही उनका हाल भी जाना।
जिले में अब तक कारागार का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं में संलिप्त लोगों को जिला कारागार बहराइच में निरुद्ध किया जा रहा है। इतना ही नहीं सजायाफ्ता कैदियों को भी जिला कारागार बहराइच भेजा जा हा है।
ऐसे में उन्हें जेल में सरकार की ओर से दी जा रही सभी सुविधाएं मुहैया हो रही हैं अथवा नहीं, इसका हाल जानने के लिए जिलाधिकारी यशु रुस्तगी व अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने जिला कारागार बहराइच का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बहराइच जिला जेल में निरुद्ध पुरुष व महिला बंदियों व कैदियों के बैरकों में जाकर जानकारी ली। अधिकारियों ने रसोई घर, स्टोर खाद्यान, महिला बैरक, पुरुष बैरक, किशोर बैरक का निरीक्षण किया। वहीं जेल परिसर में संचालित क्लीनिक का भी निरीक्षण किया।
जहां तैनात चिकित्सकों से बंदियों को दी जाने वाली दवाओं सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। वहीं मुलाकाती पंजिका का भी निरीक्षण किया गया। इस मौके पर दोनों अधिकारियों ने बंदियों से मिल कर उनका हाल भी जाना। इस मौके पर कारागार अधीक्षक एएन त्रिपाठी मौजूद रहे।
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बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं

श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ग्राम पंचायत परसा डेहरिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय डेहरिया में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य विषय बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, निशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत का महत्व, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता एवं अन्य कानूनी जानकारी देना था। इसकी शुरूआत प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संदेश से जन जन को जागरूक करना है। अब बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। उन्होंने बालिकाओं को मिलने वाली निशुल्क शिक्षा, पॉक्सो एक्ट, प्रथम सूचना रिपोर्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों व कानूनों का ज्ञान नहीं होगा तब तक महिलाएं सशक्त नहीं होंगी।
उन्होंने आह्वान किया कि वह अत्याचारों को सहन न करें। सरकार की ओर से बनाए गए कानूनों का उपयोग कर अपने अधिकारों की रक्षा करें। मौजूदा दौर में लिंगानुपात में बालिकाओं की संख्या कम होना चिंता का विषय है। पूरी दुनिया में महिलायें अब कला, विज्ञान, निर्माण, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और नेतृत्व आदि में पुरुषों के साथ बराबरी कर एक विकसित समाज की बुनियाद रख रही हैं। ऐसे में महिलाओं के साथ बढ़ती घटनायें लोगों को झकझोर देती हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष कानून बनाये गये हैं। कानून अभियुक्त को सजा देकर पीड़ित को न्याय दिलाते हैं। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में अलग अलग मामलों की सुनवाई के लिए पीठों का गठन किया गया है। पुराने सुलह होने वाले मामलों के निपटारे के लिए इस तरह की लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह के आधार पर मामलों का निपटारा किया जायेगा। खंड शिक्षाधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग का आधुनिक तकनीकों के जरिये पता लगाना दंडनीय अपराध है। शिविर को अधिवक्ता पंकज देव गुप्ता, अनूप श्रीवास्तव, सुरेंद्र कुमार आर्य, अतुल कुमार, रज्जब अली सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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विधिक शिविर में ग्रामीणों को जानकारी देते न्यायिक अधिकारी। विधिक शिविर में ग्रामीणों को जानकारी देते न्यायिक अधिकारी।

दौड़ में दिलीप, गौतम व ममता प्रथम

श्रावस्ती। जूनियर हाईस्कूल भिनगा में रविवार से बेसिक शिक्षा परिषद की दो दिवसीय जिला स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बीएसए ओमकार राणा के नेतृत्व में आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ डीएम यशु रुस्तगी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ ही दीप जलाकर किया। इस दौरान प्रतियोगिता में बच्चों ने मार्च पास्ट कर सलामी दी। वहीं अतिथि ने गुब्बारे एवं सफेद कबूतर छोड़कर आजादी, शांति एवं सौहार्द का परिचय दिया।
प्रतियोगिता की शुरुआत प्राथमिक स्तर 100 मीटर बालक वर्ग की दौड़ से हुई। इसमें विकास क्षेत्र हरिहरपुररानी के दिलीप यादव प्रथम, सिरसिया के शिवकुमार द्वितीय तथा हरिहरपुररानी के ही राकेश तृतीय स्थान पर रहे। उच्च प्राथमिक स्तर 100 मीटर बालक दौड़ में हरिहरपुररानी के गौतम प्रथम, जमुनहा के रामबरन द्वितीय जबकि हरिहरपुररानी के ही मोहम्मद आलम तृतीय स्थान पर रहे।
उच्च प्राथमिक स्तर 200 मीटर बालिका दौड़ में हरिहरहरपुररानी की ममता यादव प्रथम, रनियापुर सिरसिया की सोनिका द्वितीय जबकि जमुनहा की सामिया तृतीय स्थान पर रहीं। विजेता प्रतिभागियों को जिलाधिकारी ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
इस मौके पर सुधा कुमारी, गुलिश्ता गौहर, नीतू यादव, निधि राजपूत, रेहाना कुरैशी आदि शिक्षिकाओं ने रंगोली बनाई। प्रतियोगिता के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश यादव, भारत भूषण जायसवाल, कृष्ण कुमार, जिला समन्वयक अजीत उपाध्याय, जिला व्यायाम शिक्षक अमरनाथ सिंह, अनूप कुमार श्रीवास्तव, अशोक पाठक, राम दयाल, रवि कुमार, अंकित श्रीवास्तव सहित काफी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं व छात्र मौजूद रहे।
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बेटियों के उत्थान से होगा समाज का विकास

श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट के तथागत हाल में रविवार को यूनीसेफ की ओर से स्मार्ट बेटियां फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर बाल विवाह, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर श्रावस्ती तथा बलरामपुर की बेटियों की ओर से बनाई गई प्रेरक फिल्में दिखाई गईं। इन्हें देखकर लोगों ने बेटियों की सराहना की। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि बेटियों के उत्थान से ही समाज का विकास होगा।
स्मार्ट बेेटियां फिल्म फेस्टिवल में डीएम यशु रुस्तगी ने कहा कि इस फिल्म को देखने से निश्चित ही समाज में बदलाव आएगा। बाल विवाह के कारण लड़कियां कम उम्र में गर्भवती हो जाती हैं। इससे उनके शरीर का पूरी तरह मानसिक और शारीरिक विकास नहीं हो पाता है। कम उम्र होने के चलते प्रसव के दौरान बहुत सी लड़कियों की मृत्यु हो जाती है। इसलिए बाल विवाह को हम सभी को रोकना चाहिए। कम उम्र में मां बनने से लड़कियों के सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। बच्चे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। मातृ मृत्यु दर की संभावना बहुत अधिक होती है। विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। यदि कहीं बाल विवाह हो रहा है तो इसका विरोध करना चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में जन्म दर बहुत अधिक है।
इसको कम करने के लिए परिवार नियोजन के बारे में लोगों को जागरूक करें। यह भी बताए कि परिवार बड़ा होने से किस प्रकार की समस्याओं का समाना करना पड़ता है। इस दौरान प्रेरक विषयों पर कहानी व फिल्म बनाने के लिए बेटियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया। बाल विवाह श्रेणी में श्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार प्रिया यादव व उसके समूह व बेहतर फिल्म का पुरस्कार नीलम सिंह व उनके समूह की पांच किशोरियों दिया गया।
शिक्षा श्रेणी में किरण व उनके समूह को श्रेष्ठ फिल्म व पूनम तथा उनके समूह की किशोरियों को श्रेष्ठ कहानी के लिये सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर श्रेष्ठ कहानी के लिए सोनी शर्मा व उनके समूह को तथा बेहतर फिल्म के लिए अनुराधा तिवारी व उनके समूह को सम्मानित किया गया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय, एएसपी बीसी दूबे, सीएमओ डॉ. बीके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, जिला पंचायत राज अधिकारी अवनीश कुमार श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह सहित सभी खंड विकास अधिकारी व छात्राएं मौजूद रहीं।
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एएनएम नहीं दे रही परिवार नियोजन की जानकारी

श्रावस्ती। जिलाधिकारी ने शनिवार को मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने माना कि एएनएम महिलाओं को परिवार नियोजन की जानकारी नहीं दे रही हैं। इसके साथ ही बैठक में अन्य समस्याओं पर भी विचार विमर्श किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान डीएम यशु रुस्तगी ने कहा कि एएनएम व आशाओं की ओर से गांवों में परिवार नियोजन जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे अन्य जिलों की अपेक्षा श्रावस्ती में जनसंख्या वृद्धि दर अधिक है। इसको कम करने के लिए सरकार की ओर से अस्पताल के माध्यम से परिवार नियोजन की कई सुविधाएं निशुल्क दी जा रही है।
प्रोत्साहन स्वरूप महिला नसबंदी के लिए दो हजार, पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार, प्रसव के बाद कापर टी लगवाने पर 300 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही परिवार नियोजन के अन्य संसाधनों को लोग अपना कर खुशहाल बना सकते है। समीक्षा के दौरान उन्होंने देखा कि एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है।
इस पर सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी मरीज ओपीडी में आते हैं उनमें से तीन प्रतिशत मरीजों का क्षय रोग परीक्षण कराया जाए। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, डेंगू से बचाव एवं हाई रिस्क गर्भवती की पहचान सहित स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मौके पर स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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ठंड के साथ जंगलों में बढ़ी अवैध कटान

मल्हीपुर (श्रावस्ती)। ठंड शुरू होते ही जंगलों से अवैध कटान करके कीमती लकड़ी को बाजार पहुंचाया जा रहा है। सबसे अधिक कटान ककरदरी रेंज के जमुनहा कानी बोझी व लक्ष्मनपुर कोठी क्षेत्र में हो रही है। इन मार्गों पर सुबह अवैध कटान करने वाले लकड़हारों की कतार लग जाती है। इस कार्य में वन विभाग के कुछ कर्मचारी भी मिले हुए हैं। इसके चलते अवैध कटान करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पाती।
तराई का पारा जैसे जैसे गिरता जा रहा है। वैसे वैसे लकड़ी की मांग बढ़ती जा रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए लकड़हारों की कुल्हाड़ी जंगल के कीमती पेड़ों पर चल रही है। प्रतिदिन सैकड़ों टन लकड़ी जंगल से काट कर बाजार पहुंचाई जा रही है।
ऐसा ही कुछ नजारा शनिवार तड़के ककरदरी जंगल से सटे जमुनहा, कानी बोझी, लक्षणपुर बैराज व मल्हीपुर बाजार में देखने को मिला। यहां जंगल से लकड़ी काट कर साइकिलों से बाजार में पहुंचाई जा रही है। इसमें ज्यादातर सागौन व साखू की लकड़ी है। औसतन प्रति साइकिल पर दो से तीन क्विंटल लकड़ी लदी होती है।
इस कार्य में लकड़हारों के साथ वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत होती है। इसी के चलते सुबह चार से पांच बजे के मध्य बैराज से यह लकड़हारे साइकिल लेकर खुलेआम गुजरते हें, जबकि बैराज पर ही वन विभाग का एक बैरियर भी है। इस संबंध में डीएफओ एपी यादव बताते हैं कि मामले की जानकारी नहीं थी। विशेष टीम भेज कर इस अवैध कटान की जांच कराई जाएगी।
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ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित रखें राजस्वकर्मी

श्रावस्ती। जिले के सभी थानों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इस दौरान भिनगा कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम यशु रुस्तगी ने की। जहां उन्होंने मौजूद राजस्व कर्मियों को ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने फरियादियों से मोबाइल पर बात कर शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता परखी। वहीं इकौना में एएसपी ने लोगों की समस्याएं सुनीं।
इस दौरान डीएम ने कहा कि समाधान दिवस में आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाये। समय सीमा के अंतर्गत उनका निराकरण भी सुनिश्चित किया जाए। जिससे फरियादियों को इधर उधर अपनी समस्याओं को लेकर भटकना न पड़े। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच अब फरियादियों के मोबाइल पर बात कर की जायेगी। यदि निस्तारण फर्जी मिला तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समाधान दिवस में भिनगा नगर के मोहल्ला बंदरहा निवासी अफरोज पुत्री साकिर अली ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह बहुत ही गरीब हैं प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास बनाने के लिए पैसा मिला था। चचेरे भाई आवास नहीं बनाने दे रहे हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए राजस्व और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर जांच करने का निर्देश दिया।
गांधी कला निवासी भभूति ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि सचिव की ओर से प्रार्थी के पिता का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करके नकल नहीं दी जा रही है। इस पर खंड विकास अधिकारी सिरसिया को तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने कहा कि थाना दिवसों में प्राप्त सभी शिकायतों को पंजिका में दर्ज किया जाए। शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। वहीं इकौना थाने में आयोजित समाधान दिवस में एएसपी ने लोगों की फरियाद सुनकर कर संबंधित अधिकारियों को उनका गुणवत्ता परक निपटारा कराने का निर्देश दिया।
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दुष्कर्म के आरोपियों को दी जाए फांसी की सजा

श्रावस्ती। हैदराबाद व उन्नाव में बेटियों के साथ हुई दरिंदगी की घटनाओं ने महिलाओं को एकजुट होने को मजबूर कर दिया है। ऐसी घटना करने वालों को कोर्ट में जल्द सुनवाई कर फांसी देनी चाहिए, ताकि ऐसा कृत्य करने वाले दरिंदे सहमे और आगे कोई बेटी ऐसी घटना का शिकार होने से बचे। इसके लिए सरकार को कानून और सख्त बनाना होगा। यह बातें शनिवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत भिनगा नगर के टीचर्स कॉलोनी में हुए संवाद के दौरान शिक्षिकाओं ने कहीं।
संवाद के दौरान शिक्षिकाओं में कहा कि हैदराबाद व उन्नाव में बेटियों के साथ हुई दरिंदगी से समाज के हर वर्ग में रोष है। शिक्षिकाओं ने देश में तेजी से बढ़ रहे महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष कानून बनाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध पर नियंत्रण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर पुरुषों की मानसिकता परिवर्तित करने पर बल देना चाहिए। साथ ही इतनी भयावह सजा अपराधियों को दी जाय, जो उनके लिए एक उदाहरण का कार्य करे।
समाज में हो रही इस तरह की घटना भयावह है। इनको अंजाम देने वाले मानसिक रूप से विकृत हैं। उनको कठोर सजा देने का नियम भी है, लेकिन प्रक्रिया लंबी होने से उन्हें देर में सजा मिल पाती है। ऐसी घटनाओं का विरोध कर पुलिस को सूचना दें। - सुनीता सिंह, सब इंस्पेक्टर
हत्या और दुष्कर्म के अपराधियों को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा होनी चाहिए। चाहे अपराधी जिस आयु वर्ग का हो। ऐसे दोषियों के खिलाफ फांसी की सजा का कानून बनना चाहिए, जिससे इस तरह का अपराध करने वालों में भय उत्पन्न हो। - संजीवनी सिंह
दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के लिए जल्द से जल्द ऐसा कानून बने, जिसमें छह महीने या छह साल नहीं छह दिन में सजा का प्रावधान किया जाए। ऐसे अपराधियों के लिए बस एक ही सजा हो मौत। जिससे अपराधियों के मन में कानून का भय व्याप्त हो। - हेमलता यादव
हम दुर्गा व लक्ष्मी का पूजन करते हैं, जबकि कन्या रूपी लक्ष्मी को गर्भ में आते ही उसे मिटाने का प्रयास करते हैं। ऐसा कदापि नहीं होना चाहिए। इतिहास गवाह है कि जब जब महिला व पुरुष का लिंगानुपात घटा है, तब तब महिलाओं के साथ अपराध बढ़ा है। - अंजली मौर्या
समाज महिलाओं को पुरुषों के समान बराबरी का अधिकार देने का दावा करता है। जबकि कन्या भ्रूण हत्या, दहेज, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ व महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा है। जब तक यह कुप्रथाएं नहीं मिटती तब तक पूरी तरह महिला सशक्तिकरण नहीं हो सकता। - कुसुमलता सिंह
हम संकल्प लें कि महिलाओं व बच्चियों को अबला नहीं मानेंगे। बल्कि उन्हें समानता का अधिकार देते हुए उन्हें भी खुल कर जीवन जीने देंगे। महिलाओं के प्रति जो लोगों के मन में भ्रम है, उसे मिटाकर बेटा व बेटी को एक समान मानने का संकल्प लेंगे। - संगीता मिश्रा
नारी दीपक है जो हर रूप में प्रकाश देती है। जबकि उसका जीवन अंधेरे में रहता है। समाज में स्त्री पुरुष के मध्य बोए गए इस भेदभाव के बीज को मिटाने के लिए ज्ञान रूपी प्रकाश जगाना होगा। हमें इन परंपराओं को तोड़ कर मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आना होगा। - माधुरी कंसल
जब तक ऐसे जघन्य अपराध करने वालों, दहेज मांगने वाले व कन्या भ्रूण हत्या के पक्षधर का सामाजिक बहिष्कार नहीं होगा, तब तक ऐसे लोग अपराध करते रहेंगे। महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है। फिर उनके साथ दोहरा व्यवहार उन्हें पीछे ढकेला जाता है। - दीपा यादव
महिलाओं, युवतियों व बच्चियों में भी कहीं न कहीं यह बात घर किए रहती है कि वह स्त्री है। हमें अपनी सोच बदलनी होगी। दहेज जैसी कुप्रथा का हमें विरोध करना होगा। लोगों को बताना होगा कि हम भी किसी से कम नहीं हैं। हमें कुप्रथाओं को मिटाने का संकल्प लेना होगा। - श्रुति श्रीवास्तव
महिलाओं को भले ही पुरुष के समान माना गया, लेकिन हमें बौद्धिक आजादी अब तक नहीं मिली। नारियां आज जागरूक हो रही हैं। वह अपने कर्तव्य व अधिकार को समझती हैं। जागरूक होने के नाते हमें अपने व दूसरों के साथ हो रहे अपराधों पर खुलकर लड़ाई लड़नी होगी। - चंद्रावती देवी
जिस देश में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा होती है। वहीं नारियों का अपमान भी किया जाता है। कन्या भोज कराने वाले गर्भस्थ को बिना दोष मिटाने का प्रयास करते हैं। यह आडंबर ही तो है। यदि सच में हम नारी को सम्मान देते हैं तो हमें बालिकाओं को खुला आसमान देना चाहिए। - वंदना मिश्रा
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थाईलैंड से आए बौद्ध उपासकों ने की पूजा

कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में शनिवार को थाईलैंड से आए उपासकों ने विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान गंध कुटि पर अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो के नेतृत्व में पूजन अर्चन किया। इसके बाद बौद्ध उपासकों ने तपोस्थली के विभिन्न मूमेंटों का भ्रमण कर उनकी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की।
बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो ने कहा कि बुद्ध के अनुसार मानव जीवन दुखो से परिपूर्ण है। प्रथम आर्य सत्य में बुद्ध ने बताया है कि संसार में सभी वस्तुएं दुखमय है। उन्होंने जन्म और मरण के चक्र को दुखों का मूल कारण माना। बताया कि किसी भी धर्म का मूल उद्देश्य मानव को इस जन्म और मृत्यु के चक्र से छुटकारा दिलाना होना चाहिए।
दूसरे आर्य सत्य में बुद्ध ने दुख उत्पन्न होने के अनेक कारण बताए। इन सभी कारणों का मूल तृष्णा को बताया। तीसरे आर्य सत्य के अनुसार दुख निरोध के लिए तृष्णा का उन्मूलन आवश्यक है। संसार में प्रिय लगने वाली वस्तुओं कि इच्छा को त्यागना ही दुख निरोध के मार्ग कि ओर ले जाता है। चौथे आर्य सत्य में बुद्ध ने दुख निरोध के मार्ग को बताया है।
बुद्ध ने अष्टांगिक मार्ग को इसके लिए उपयुक्त बताया। बुद्ध के अनुसार इस मार्ग का पालन करने से मनुष्य कि तृष्णा खत्म हो जाती है और उसको निर्वाण प्राप्त हो जाता है। बुद्ध ने निर्वाण प्राप्ति को सरल बनाने के लिए निम्न दस शीलों पर बल दिया।
अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (किसी प्रकार की संपत्ति न रखना), मध सेवन न करना, असमय भोजन न करना, सुखप्रद बिस्तर पर नहीं सोना, धन संचय न करना, स्त्रियों से दूर रहना, नृत्य गान आदि से दूर रहना। उनके अनुसार ग्रहस्थों के लिए प्रथम पांच शील तथा भिक्षुओं के लिए दसों शील मानना अनिवार्य बताया था। इस मौके पर काफी संख्या में उपासक मौजूद रहें।
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बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

श्रावस्ती। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को अलक्षेंद्र इंटर कॉलेज भिनगा में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. महेंद्र प्रसाद भारती ने की। इस दौरान सभी ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेंद्र प्रसाद भारती ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर संविधान के निर्माता होने के साथ ही एक महान समाज सुधारक थे। उन्होंने छुआछूत और जातिवाद जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए कई आंदोलन किए। उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, वंचितों और समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए न्योछावर कर दिया।
बाबा साहेब ने 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में अंतिम सांस ली। वहीं विद्यालय के प्राचार्य ज्योति प्रकाश पांडेय ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के छोटे से गांव महू में हुआ था। वह अपने पिता रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई की 14वीं संतान थे। डॉ. आंबेडकर ज्यादातर समय सामाजिक कार्यों में ही व्यस्त रहते थे।
वहीं जिला संयोजक रुद्र त्रिपाठी रिशु ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सांप्रदायिक सौहार्द, सद्भाव बहुत जरूरी है। हम सभी को आपसी सद्भाव को कायम करने के लिए भेदभाव को मिटाना होगा। विद्यार्थी परिषद सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है, और सामाजिक समरसता के माध्यम से छात्रों के अंदर राष्ट्रवाद की भावना को पैदा करती है। इस मौके पर जितेंद्र मिश्रा, सुधांशु पांडे सहित काफी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद रहीं।
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गंदगी से होकर बूथ पर पहुंची डीएम

श्रावस्ती। नगर पालिका भिनगा में गंदगी का अंबार है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ मोहल्लों में पैदल चलना भी मुश्किल है। शुक्रवार को निरीक्षण पर निकलीं डीएम को भी इस समस्या से रूबरू होना पड़ा। मिशन इंद्र धनुष के तहत हो रहे टीकाकरण का निरीक्षण करने बूथ पर जा रहीं डीएम को गंदगी से होकर गुजरना पड़ा। इससे नाराज डीएम ने ईओ को तलब कर चौबीस घंटे में सफाई कराने के निर्देश दिए।
भिनगा के कई मोहल्लों में शायद ही कभी साफ सफाई होती हो। जगह जगह गंदगी का अंबार लगा है। लोगों को इसी गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। शुक्रवार को जब डीएम यशु रुस्तगी निरीक्षण के लिए निकलीं तो उन्हें इसकी हकीकत पता चली। मामला भिनगा नगर के मोहल्ला मंगलभट्ठा का है।
यहां मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण का कैंप लगाया गया था। इसका निरीक्षण करने के लिए डीएम स्वयं बूथ जा रहीं थीं। वाहन से उतरने के बाद वह जब मोहल्ले में पहुंची तो नालियों का पानी सड़क पर भरा मिला। चारों ओर गंदगी नजर आई, जहां से पैदल निकलना भी मुश्किल दिखाई दिया।
किसी तरह डीएम बूथ पर पहुंची तो वहां भी आसपास गंदगी नजर आई। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने ईओ नगर पालिका को मौके पर तलब कर 24 घंटे में सफाई कराने का निर्देश दिया। साथ ही रोस्टर बना कर सभी वार्डों की सफाई कराने को कहा।
कोर्ट रियासत में चल रहे टीकाकरण सत्र का जायजा लेने के लिए डीएम ने बूथ का निरीक्षण किया। यहां मौजूद एएनएम सावित्री मिश्रा को धीमी गति से कार्य करने पर फटकार लगाई। मोहल्ला मंगलभट्ठा में एएनएम स्वाती सिंह को भी फटकार लगाते हुए ड्यू लिस्ट के अनुसार बच्चों का टीकाकरण करने के निर्देश दिया।
वहीं हरिहरपुररानी के असईपुरवा में जांच के दौरान वजन करने की मशीन खराब मिली। उसे तत्काल बदलने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षकों से पूरे मनोयोग से कार्य करके शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण करने का निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय, डब्लूएचओ की एसएमओ डॉ. प्रिया बंसल मौजूद रही।
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