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एक साल से विद्यालय बंद, बच्चों के भविष्य पर संकट

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 19 Feb 2020 10:27 PM IST
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एक साल से स्कूल बंद, बच्चों के भविष्य पर संकट
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसालतपुर में सालभर से नही चलीं कक्षाएं
स्कूल के एकमात्र शिक्षक हत्या के मामले में जेल जाने से उपजे हालात
ऐहतेशामउद्दीन अहमद
सिद्धार्थनगर। जिले के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसालतपुर में एक साल से शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय के एकमात्र शिक्षक को हत्या के मामले में जेल जाने से विभाग ने यहां दूसरे शिक्षक को तैनात नहीं किया। विद्यालय बंद होने से अभिभावकों ने भी बच्चों को भेजना बंद कर दिया। शिक्षामंत्री के गृह जनपद में एक साल से विद्यालय बंद होने के सवाल पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
नौगढ़ के रिसालतपुर फहीमगंज गांव में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान बेअसर साबित हो रही है। रिसालतपुर विद्यालय में तैनात एकमात्र शिक्षक राजेश यादव मई 2019 मेें हत्या के मामले में जेल भेज दिया गया। शिक्षक के जेल जाने से विद्यालय में शिक्षण कार्य बंद है। स्कूल में ताला लगने के कारण बच्चों का भी आना बंद हो गया। गांव के अनिल कुमार बताते हैं कि शिक्षक के जेल जाने के बाद न तो कोई अन्य शिक्षक भेजा गया और न ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता की। गांव के इरशाद कहते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। पढ़ाई बंद होने से बच्चों का एक साल बर्बाद हो गया। इसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
स्कूल है दूर तो बंद करा दी पढ़ाई
कुछ अभिभावकों ने करीब चार किलोमीटर दूर बनगाई गांव स्थित सरकारी स्कूल में बच्चों का दाखिला कराया लेकिन 15 से अधिक अभिभावकों ने अपने बच्चों की पढ़ाई बंद करा दी। इन अभिभावकों का कहना है कि छह सात वर्ष की उम्र के बच्चे को अकेले चार किलोमीटर दूर पढ़ने नहीं भेज सकते। गांव में ही स्कूल था तो बच्चे नजर के सामने रहते थे इतनी दूर अकेले भेजना असुरक्षित है।
अराजकतत्वों का अड्डा बन गया विद्यालय
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल में ताला लगवाकर मुंह मोड़ लिया। अधिकारियों ने यह भी नहीं देखा कि स्कूल का फर्नीचर है या चोरी हो गया। हालात यह हैं कि चोर ताला तोड़कर सारा सामान उठा ले गए। खाली कमरों में अराजकतत्वों का कब्जा हो चुका है। बताया गया कि यह लोग गांव के बच्चों को भी परेशान करते हैं।
जनप्रतिनिधि भी मामले में उदासीन
गांव के रमेश बताते हैं कि बच्चों का भविष्य खराब होने की गुहार करते प्रतिनिधियों से शिक्षक तैनाती की मांग की गई। गांव के मो. मोहसिन कहते हैं कि यदि शिक्षक तैनात होता तो बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकती। लोगों को आशंका है कि अगले शैक्षणिक सत्र में भी यहां कोई शिक्षक नहीं आएगा और बच्चों का भविष्य खराब होगा। विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा रही सविता और सुंदरी कहती हैं कि स्कूल बंद होने के बाद से गांव के अधिकतर बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है। वह दोनों चार किलोमीटर दूर स्थित स्कूल में पढ़ने जाती हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसालतपुर में शिक्षक के नहीं तैनात होने की जानकारी मिली है, जल्द ही किसी शिक्षक की तैनाती करवा दी जाएगी।
- डॉ. सतीश चंद द्विवेदी, बेसिक शिक्षामंत्री
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसालतपुर के बंद होने की जानकारी है। खंड शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में निर्देशित किया गया है, जल्द पढ़ाई शुरू होगी।
- डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, बीएसए
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसालतपुर के बंद होने की जानकारी नहीं है, बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगकर इससे फिर से चालू करवाया जाएगा।
- दीपक मीणा, जिलाधिकारी
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