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अब मशीनों से जांच जाएगा कुपोषण, 3400 मशीनें आईं

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 18 Feb 2020 12:18 AM IST
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सोनभद्र। जिले में अब कुपोषित बच्चों की जांच इंफैटोमीटर और स्टेडियोमीटर मशीन से की जाएगी। इसके लिए 3400 मशीनें जिले में आ गई हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस उपलब्ध कराने वाला सोनभद्र यूपी का पहला जिला है। इन मशीनों से बच्चों की उम्र के हिसाब से लंबाई, नाटापन और कुपोषण की स्थिति का पता लगाया जाएगा। फरवरी माह के अंत से इन मशीनों की सहायता से कुपोषण की स्थित का पता लगाया जाएगा।
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यूपी के आठ अति पिछड़े जिलों में सोनभद्र भी शामिल है। यहां गरीबी और पिछड़ापन के नाते लोगों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। इससे ज्यादातर बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। हालांकि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हो रही हैं लेकिन उसका फायदा संबंधितों को नहीं मिल पा रहा है। पहले सिर्फ वजन मशीन से बच्चों के कुपोषण की जानकारी ली जाती थी, लेकिन अब जिले में इसको लेकर नई पहल की गई है। अब जिले के सभी केंद्रों के लिए वजन मशीन इंफैंटोमीटर एवं स्टेडियोमीटर का क्रय कर लिया गया है। 3700 मशीनें खरीदी गई हैं जो आंगनबाड़ी केंद्रों पर फरवरी माह के अंत तक पहुंचा दी जाएंगी। इस माह के अंत तक सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस के माध्यम से बच्चों में नाटापन, वजन के अनुसार कम लंबाई, कुपोषित बच्चे इत्यादि की सटीक पहचान करेंगी। इससे विभाग की दी जाने वाली सेवाएं और सही ढंग से दी जा सकेंगी।
पंजिका पर नियमित रिपोर्ट न भरने वालों पर होगी कार्रवाई
सोनभद्र। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि यदि किसी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने अब बच्चों का नियमित रूप से वजन, लंबाई इत्यादि का विवरण प्रत्येक माह पंजिका में दर्ज नहीं किया तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपकरण उपलब्ध होने से अब जिले में कुपोषण की वास्तविक स्थिति की नियमित रूप से पहचान कर उसका निदान कराया जाएगा।
विकास भवन में दिया गया ग्रोथ मॉनीटरिंग प्रशिक्षण
सोनभद्र। विकास भवन के पंचायत सभागार में सोमवार को सभी सीडीपीओ एवं मुख्य सेविकाओं तथा सहयोगी पार्टनर पिरामल, यूपीटीएसयू के ब्लॉक स्तरीय पोषण सखी एवं वीटीओ इत्यादि को ग्रोथ मॉनिटरिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उन्हें बच्चों के वजन और उनकी लंबाई के अनुसार कुपोषण की स्थिति पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण पिरामल के डीटीएम अक्षय शर्मा, यूपीटीयू के संतोष पांडे तथा टाटा ट्रस्ट के मोहम्मद इमरान ने दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या: 218810
अति कुपोषित बच्चों की संख्या: 12156
कुपोषित बच्चों की संख्या: 51317
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