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Coronavirus in UP Live Updates: संक्रमितों की संख्या 100 से ज्यादा, दौरे स्थगित कर लखनऊ रवाना हुए मुख्यमंत्री योगी

देश भर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों से अच्छी और कहीं से बुरी खबरें आ रही हैं। मंगलवार सुबह बरेली में पांच नए मरीज मिले हैं जिनके बाद सूबे में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है।

31 मार्च 2020

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सुल्तानपुर

मंगलवार, 31 मार्च 2020

मलेशिया से हनीमून मनाकर लौटे क्वारंटीन किए गए आईएएस गायब, सुल्तानपुर में मिली लोकेशन

विदेश से हनीमून मनाकर लौटे क्वारंटीन किए गए केरल कैडर के आईएएस अनुपम मिश्रा लापता हो गए। यहां पुलिस को सूचना मिली कि वह कानपुर में हैं। कई घंटे तक पुलिस चकरघिन्नी बनी रही। आखिर में सर्विलांस ने आईएएस की लोकेशन सुल्तानपुर में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

प्रयागराज के नैनी निवासी अनुपम मिश्रा केरल कैडर के आईएएस हैं। वर्तमान में वह केरल के कोल्लम जिले के एसडीएम हैं। वह सिंगापुर और मलेशिया से हनीमून मनाकर करीब 10 दिन पहले लौटे थे।

एयरपोर्ट पर मेडिकल जांच के बाद उनको 14 दिनों के लिए क्वारंटीन की डॉक्टरों ने सलाह दी थी। पर, वह अपने सरकारी आवास से गायब हो गए। शुक्रवार को आलाधिकारियों ने शहर पुलिस को सूचना दी कि अनुपम मिश्रा कानपुर में हैं।

पुलिस ने उनकी तुरंत तलाश शुरू कर दी। जांच में उनकी लोकेशन सुल्तानपुर में पाई गई। पुलिस अफसरों ने बताया कि जो सूचना केरल से यूपी पुलिस को दी गई थी वह गलत थी। दरअसल, कानपुर की जगह उनकी लोकेशन सुल्तानपुर में थी मतलब मिस कम्यूनिकेशन की वजह से शहर पुलिस कई घंटे परेशान रही।
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जरूरतमंदों की मदद को बढ़े हाथ

सुल्तानपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर लॉकडाउन के समय जरूरतमंदों की मदद के लिए स्वयंसेवी संगठनों ने हाथ बढ़ाया है। संगठनों के पदाधिकारियों ने चिकित्सालय समेत अन्य स्थानों पर भोजन पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया है।
नेशनल यूनिटी फाउंडेशन ने जरूरत मंद रिक्शा चालक, एवं दिहाड़ी मजदूरी करने वालों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। प्रशांत तिवारी ने बताया कि जरूरत मंदों को बांटने के लिए राशन का इंतजाम किया गया है। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीज एवं उनके रिश्तेदारों के लिए खाना बना कर पहुंचाया जा रहा है।
इस कड़ी में शहर के एक निजी अस्पताल में बेलसोना निवासी मरीज के लिए फैज अहमद ने अपने घर से खाना बना कर पहुंचाया। संगठन के अफसर मिर्जा ने लोगों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दिया है।
गायत्री परिवार की टीम अस्पताल में भर्ती मरीजों की मदद कर रही है। जिला अस्पताल में डॉ. सुधाकर सिंह की अगुवाई में दूर से आए मरीजों को रोजाना सुबह-शाम गायत्री परिवार अपनी टीम गोमती मित्र मंडल के साथ भोजन बांट रहा है।
साथ ही शहर में छुट्टा घूम रहे जानवरों को भी चारा-पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में दूर से आने वाले मरीजों के तीमारदार भटके न एक जगह रहें, इसके लिए गायत्री परिवार सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए सुबह-शाम लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहा है। टीम में रुद्र प्रताप सिंह मदन, रतन कसौंधन, अभिषेक सिंह समेत कई लोग शामिल रहे।
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लॉकडाउन में मानवता की मिसाल पेश कर रहे पुलिस कर्मी

सुल्तानपुर। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर किए गए लॉकडाउन में आमलोगों के लिए पुलिस देवदूत बन गई है। दिन-रात ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मी मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान जिले में सुकून पहुंचाने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं।
बल्दीराय में एसओ ने दिव्यांग के घर जहां राशन पहुंचाया, वहीं भूख से बिलख रहे बच्चों की सूचना मिलते ही एसओ हलियापुर मातहतों के साथ मौके पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने महिला को राशन और अन्य सामग्री वितरित की तो बच्चों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
शुक्रवार को तीसरे दिन लॉकडाउन में एसओ बल्दीराय अखिलेश सिंह को सूचना मिली कि कस्बे में दिव्यांग संतोष कुमार के घर पर राशन नहीं है। सूचना मिलते ही एसओ पुलिस टीम के साथ संतोष के घर पहुंच गए। एसओ ने राशन के साथ अन्य सामग्री संतोष को उपलब्ध कराया।
हलियापुर थाना क्षेत्र के कुशवाहा गांव की रहने वाली सीतापती पत्नी सुखदेव ने शुक्रवार को यूपी 112 पर फोन करके सूचना दी कि उसके पति मजदूरी करते हैं और मौजूदा समय में मेरठ में फंसे हुए हैं। घर पर छोटे बच्चे हैं और खाने के लिए कुछ भी नहीं है।
यूपी 112 के पुलिस कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल एसओ हलियापुर मोहम्मद अरशद खान को दी। सूचना मिलते ही एसओ पुलिस कर्मियों के साथ राशन व अन्य सामान लेकर सीतापती के घर पहुंच गए। पुलिस कर्मियों को देखकर सीतापती ने राहत की सांस ली।
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प्रत्येक ग्राम सभा में एक विद्यालय को बनाया जाएगा क्वारंटीन सेंटर

सुल्तानपुर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रत्येक ग्राम सभा में एक परिषदीय विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही विशेष परिस्थिति में सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को क्वारंटीन सेंटर बनाया जाएगा। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर तैयारी करने का निर्देश दिया है।
बाहरी प्रदेशों से जिले में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को लौटे हैं। इसको देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी ग्राम सभाओं में एक परिषदीय विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाने का निर्णय लिया है।
बीएसए संतोष कुमार सक्सेना ने सोमवार को सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर ग्राम पंचायत में एक विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर के रूप में तैयार किया जाय। साथ ही जिले के सभी 12 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को भी विशेष परिस्थितियों में क्वारंटीन सेंटर बनाया जाय।
इसके अलावा ग्राम प्रधान को मध्याह्न भोजन निर्माण की पूरी जिम्मेदारी दी जाए। निशुल्क राशन वितरण के लिए प्रत्येक दुकान पर एक स्थानीय शिक्षामित्र की ड़्यूटी लगाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को मैन पॉवर उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी के आदेश पर कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी को लॉकडाउन अवधि में घर पर रहने के लिए शिक्षकों को प्रोत्साहित करना होगा। यदि बाहरी व्यक्ति प्रवास कर रहा है तो उसे लॉकडाउन के दौरान उसी स्थान पर रहने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है कि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों से जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन कराएं और प्रतिदिन शाम को रिपोर्ट करें।
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केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री पर चिकित्सक ने की अमर्यादित टिप्पणी

सुल्तानपुर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में किए गए लॉकडाउन के दौरान टीवी पर रामायण और महाभारत का प्रसारण कराने पर चिकित्सक ने फेसबुक पर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की है। पुलिस ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष की तहरीर पर चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने डीडी भारती पर रामायण और महाभारत के प्रसारण का आदेश दिया था। इसी क्रम में देश भर में रामायण और महाभारत का प्रसारण किया जा रहा है।
सुल्तानपुर जिले के भदैंया सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. रवींद्र कुमार ने फेसबुक पर केंद्रीय मंत्री पर अभद्र टिप्पणी करते हुए पोस्ट डाल दी। चिकित्सक से जुड़े लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
इसकी जानकारी भदैंया भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी को रविवार की को हुई तो उन्होंने चिकित्सक के खिलाफ नामजद तहरीर थाने में दी। पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
सीएचसी भदैंया में तैनात चिकित्सक डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 से निपटने के लिए हमारी ड्यूटी लगाई गई है। वे गांव-गांव जाकर बाहर से पहुंचने वाले लोगों की जांच कर रहे हैं। ऐसे में किसी ने उन्हें मैसेज भेजा था, जिसे बिना समझे उन्होंने आगे फॉरवर्ड कर दिया।
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दिन-रात कोरोना वायरस की जांच में जुटे रहे चिकित्सक

सुल्तानपुर। कोरोना वायरस कोविड-19 की जांच के लिए जिला अस्पताल के चिकित्सक दिन-रात ड्यूटी में लगे हैं। रविवार की रात 11 बजे तक चिकित्सकों ने 314 लोगों की जांच की। सोमवार की दोपहर बाद तीन बजे तक चिकित्सकों ने 454 लोगों की जांच की है। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक छुट्टी में भी काम कर रहे हैं।
कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए चिकित्सक लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं। जिला अस्पताल में रविवार की दोपहर तीन बजे से रात 11 बजे तक चिकित्सकों ने बाहर से पहुंचने वाले 314 लोगों की जांच की। सोमवार की सुबह आठ बजे से चिकित्सक दोबारा जांच में जुट गए।
जिला अस्पताल में बनाए गए कोरोना वायरस ओपीडी में चिकित्सक व अन्य स्टाफ ने दोपहर बाद तीन बजे तक 454 लोगों की कोरोना वायरस की जांच की। जिला अस्पताल में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए चिकित्सक छुट्टी में भी ड्यूटी दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में पिछले 24 घंटे में कुल 768 लोगों की जांच की गई है। राहत की बात ये रही कि अभी तक जिले में एक भी कोरोना वायरस से पीडित कोई मरीज नहीं मिला है। सीएमएस ने जांच में जुटे चिकित्सकों की सराहना भी की।
जिला अस्पताल में सोमवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले होमगार्ड व पीआरडी के जवानों ने बाहर से पहुंचने वाले लोगों को बिस्किट व पानी का वितरण किया। इस मौके पर फिरोज अहमद, राम तीरथ प्रजापति, मनोज कुमार यादव, संतोष कुमार यादव, बृजेश कुमार सिंह, राम चेत वर्मा, राधे श्याम प्रजापति मौजूद रहे।
सुल्तानपुर। कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों को भी सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने कमर कसी है। सोमवार को एसपी के आदेश पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रतिसार निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने सभी कार्यालयों को सैनिटाइज किया।
एसपी ने मातहतों से अपील की है कि मास्क, ग्लव्स व सैनिटाइजर का नियमित उपयोग करें और सोशल डिस्टेंस बनाकर ड्यूटी करें। पुलिस विभाग के आरआई इंद्रसेन सिंह ने बताया कि जिले में तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स व सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया है।
कोरोना वायरस की रोकथाम व बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन में रविवार की रात पुलिस अधीक्षक सड़क पर उतर पड़े। एसपी ने शहर के डाकखाना, गंदानाला, जिला अस्पताल, रोडवेज, दीवानी मोड़ जैसे स्थानों पर पैदल गश्त करते हुए लोगों से घरों में रहने की अपील की। एसपी ने कहा कि लॉकडाउन आपके हित में है और इसका पालन कर देश को स्वस्थ रखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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कोई पैदल तो कुछ ट्रक से सफर कर पहुंचे गांव

सुल्तानपुर। दिल्ली के नागलोई से सुल्तानपुर की दूरी करीब पांच सौ किमी है लेकिन मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के खोजगीपुर के दंपती पैदल ही घर को निकल पड़े। साथ में उनका एक रिश्तेदार शिवपाल भी था। तीनों 34 किमी पैदल चलकर दिल्ली के सीमापुरी बॉर्डर पर पहुंचे, जहां पुलिस ने बिस्किट, पानी व भोजन का पैकेट दिया। तब जाकर सूखते हलक में जान आई।
शनिवार की देर शाम दूसरे दिन घर पहुंचा पिंटू निषाद बताता है कि पैदल चलने की आदत कम हो गई थी। सिर पर बैग भारी पड़ रही थी। तेज धूप में 34 किमी के पैदल सफर में ही हलक सूख गई थी। पास में साढ़े तीन हजार रुपये बचे थे। दुकानें भी बंद थीं।
ऐसे में कुछ खाने को नहीं मिल रहा था। लगता था कि अब अचेत होकर गिर पड़ेंगे या तब। फिलहाल सीमापुरी बॉर्डर पर पुलिस की ओर से दिया गया लंच पैकेट जीवन का सहारा बना। कोई साधन नहीं मिलने पर फिर पैदल ही तीनों लोग आगे बढ़े।
इस बीच आजमगढ़ जनपद जा रहा एक ट्रक मिल गया। ट्रक चालक ने प्रति व्यक्ति एक हजार रुपया किराया मांगा। तीनों के लिए उसे तीन हजार रुपया किराया दिया। ट्रक में करीब 70 लोग पहले से ही बैठे थे। किसी तरह उसमें बैठकर दूसरे दिन शनिवार को गांव पहुंचा।
इस बीच पुलिस ने ट्रक कई जगह रोका लेकिन न कहीं भोजन मिला और न पानी। दिल्ली से वापसी के सफर का वाकया बताते हुए उसकी आंखें भर आती हैं। पिंटू के मुताबिक दिल्ली से न निकलता को तीनों भूख से मर जाते। ऐसे में पैदल ही घर निकलने का ही फैसला लेना पड़ा। यही हाल गाजियाबाद से पहुंचे राजेंद्र, फरीदाबाद से पहुंचे प्रभात व नागपुर से पहुंचे शिवप्रसाद का भी है।
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दूसरे राज्यों से पहुंचे 786 लोग, प्रशासन ने किया क्वारंटीन

सुल्तानपुर। लॉकडाउन के बीच सोमवार को तीसरे दिन भी परदेसियों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। 786 परदेसियों के विभिन्न जगहों से पहुंचने से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। प्रशासन ने गठित टीम से परदेसियों की स्क्रीनिंग कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया है।
साथ ही उनके भोजन आदि की भी व्यवस्था की है। इस बीच कुछ लापरवाह किस्म के लोग चुपके से अपने गांव भी पहुंच गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों की मदद से प्रशासन ऐसे लोगों की सूचनाएं एकत्र कर रहा है। सोमवार को भी डीएम व एसपी ने विभिन्न जगहों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रशासन के मुताबिक शनिवार से सोमवार की दोपहर तक गैर प्रांतों व जनपदों से परदेसियों के आने का क्रम लगातार जारी रहा। रविवार की दोपहर तक विभिन्न जगहों से जिले में 214 लोग पहुंचे थे। सोमवार को परदेसियों के पहुंचने की संख्या 786 हो गई।
इसके पहले करीब साढ़े पांच हजार लोग विभिन्न जगहों से आ चुके हैं। रविवार की दोपहर से सोमवार की दोपहर तक 786 लोगों के और पहुंच जाने से प्रशासन की धडकनें बढ़ गई हैं। विभिन्न साधनों से व पैदल लोगों के लगातार पहुंचने की सूचना पर प्रशासन की ओर से गठित टीम की देखरेख में परदेसियों की स्क्रीनिंग कराई गई।
एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद 170 परदेसियों को एहतियात के तौर पर रैन बसेरे में क्वारंटीन कर दिया है। 21 परदेसियों को गांव भेजते हुए उन्हेें घर पर ही क्वारंटीन करके नोटिस चस्पा कर दी गई है। 595 परदेसियों की स्क्रीनिंग के बाद पूर्ण स्वस्थ मिलने पर उन्हें बसों से घर पर भेज दिया गया है।
परदेसियों के पहुंचने की मिल रही सूचना पर जिलाधिकारी सी. इंदुमती व पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने अधिकारियों के साथ बस स्टेशन, जिला अस्पताल समेत अन्य जगहों का निरीक्षण किया। डीएम ने परीक्षण व व्यवस्था में लगी टीम का उत्साहवर्धन किया।
बताया कि परदेसियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। चुपके से गांव पहुंचे लोगों की सूचना प्रशासन ग्राम पंचायत कर्मियों व ग्राम प्रधानों के जरिए एकत्र कर रहा है। ग्राम प्रधानों को ऐसे लोगों की सूचना तुरंत देने व उन्हें क्वारंटीन करने को कहा गया है। प्रशासन के निर्देश का असर हुआ कि अधिकांश गांवों में ग्राम प्रधानों ने परदेसियों को अलग रखने की व्यवस्था पर अमल शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन को लगातार सूचना दी जा रही है।
जिले में विदेश से आने वालों का क्रम भी जारी है। विभिन्न देशों से दो दिनों के भीतर जिले में 21 लोग पहुंचे हैं। एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक जिले में विदेश से कुल 240 लोग पहुंच चुके हैं। उनके स्वास्थ्य का चेकअप कराने के बाद उन्हें क्वारंटीन किया गया है। सभी के रहने व खान-पाने की व्यवस्था की गई है। चिकित्सीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
लॉकडाउन के चौथे दिन से ही विभिन्न साधनों व पैदल जिले में परदेसियों के पहुंचने की संख्या बढ़ गई है। विभिन्न जगहों से पलायन कर बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों से व्यवस्था पर असर पड़ा है। भीड़ में लोगों के पहुंचने से वायरस के संक्रमण को लेकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। डीएम सी. इंदुमती ने बताया कि फिलहाल अभी तक जिला सुरक्षित बना है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
लॉकडाउन के छठवें दिन भी जिले में कर्फ्यू जैसा नजारा रहा। सोमवार को भी प्रमुख सडक़ों पर तकरीबन सन्नाटा पसरा रहा और दुकानें बंद रहीं। कमोबेश ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल रहा। हालांकि मोहल्लों में लोग सुबह-शाम सतर्कता पर कम ध्यान दे रहे हैं।
कुछ युवा बेवजह सडक़ों पर फर्राटा भर रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लॉकडाउन में मेडिकल स्टोर व कुछ आवश्यक सामाग्री की चिह्नित दुकानें खुली रहीं। लोग इन पर खरीदारी करते रहे। खरीदारी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कुछ दुकानों पर लोग नहीं करते दिखे।
छठवें दिन भी डीएम सी. इंदुमती व एसपी शिवहरी मीणा, एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय ने शहर का निरीक्षण कर लॉकडाउन का जायजा लिया। डीएम व एसपी ने संक्रमण का खतरा रोकने के लिए लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी है। साथ ही खरीदारी के वक्त आपस में कम से कम एक मीटर का फासला बनाए रखने की सलाह दी है। कहा कि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
शहर में मेडिकल स्टोर व बसों पर सोशल डिस्टेंसिंग में लोगों की लापरवाही दिखी। दुकानों पर दवाओं की खरीद के लिए प्रशासन के निर्देश पर बनाए गए गोले को छोड़कर लोग एक दूसरे से सटकर दवाएं खरीदते रहे। पलायन कर जिले में पहुंचे लोग घर पहुंचने की जल्दबाजी में बस में बैठने के लिए एक साथ टूट पड़े। इसी तरह कुछ अन्य जगहों पर भी लोगों ने लापरवाही दिखाई।
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कोरोना पॉजिटिव की अफवाह फैलाने पर केस

सुल्तानपुर। सोशल मीडिया पर जिले में कोरोना वायरस का पॉजिटिव मरीज पाए जाने की एक युवक ने फर्जी सूचना फैला दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया (चुनहा) निवासी पंकज गुप्ता ने शनिवार को सोशल मीडिया व्हाट्स एप पर सूचना प्रसारित कर दिया कि जिले के एक गांव में रहने वाला युवक कोरोना वायरस से पीड़ित है।
सोशल मीडिया पर सूचना प्रसारित होने से जिले में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच की तो मामला फर्जी पाया गया। कुड़वार थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि आरोपी पंकज गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पैरों के छालों पर भारी पड़ रही घर पहुंचने की जिद

सुल्तानपुर। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों तक ने लोगों से लॉकडाउन के दौरान जहां हैं वहीं रुक जाने की अपील की। उनके रहने-खाने से लेकर हर जरूरतों को पूरा करने का भरोसा दिलाया लेकिन रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेस गए लोगों ने किसी पर एतबार नहीं किया।
चल पड़े अपने घर को। न वाहन के इंतजाम की फिक्र और न ही रास्ते की अन्य तकलीफों की परवाह। नतीजा यह है कि महज 24 घंटे में जिले में जिले के 214 व बाहरी जनपदों के 700 लोग अब तक यहां पहुंच चुके हैं।
पैरों में छाले पड़ गए हैं लेकिन मंजिल तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। रविवार को ‘अमर उजाला’ ने जिले में पहुंचे थके हारे कुछ राहगीरों से बात की तो उनका दर्द फूट पड़ा।
जिले के जयसिंहपुर के गोसैसिंहपुर गांव निवासी शैलेश पांडेय ने बताया कि वे शनिवार को हरियाणा के गुडग़ांव से घर के लिए निकल पड़े थे। 25 किलोमीटर पैदल चलने के बाद आनंद विहार पहुंचे। वहां से एक सरकारी बस पर सवार हुए।
बस वाले ने लखनऊ में उतार दिया। वहां से पैदल बाईपास तक पहुंचे। फिर एक बस मिली जिसने अमहट में छोड़ दिया। यहां से वे पैदल ही शालीमार गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां प्रशासन ने खाने-पीने व ठहरने का इंतजाम कर रखा है। कुछ देर यहां रुकने के बाद आगे को रवाना होंगे।
यही पीड़ा दोस्तपुर के अमित कुमार की रही। वे आगरा से लखनऊ आए। वहां से करीब 12 किलोमीटर पैदल चलने के बाद बस मिली जिसने अमहट में उतार दिया। सेमरी निवासी बृजभूषण सात लोगों के साथ आनंद विहार से लखनऊ आए।
बताया कि बस वाले ने तीन सौ रुपये का टिकट देकर सात-सात रुपये सभी से ले लिया। हालत यह हो गई कि लखनऊ से सुल्तानपुर के लिए पैदल निकलना पड़ा। पैरों में छाले पड़ गए हैं लेकिन घर पहुंचने की जद्दोजहद जारी है। बताया कि किसी तरह घर पहुंच जाएं, बस।
अकबरपुर के रहने वाले शिवकुमार किसी तरह पत्नी और बेटे के साथ अमहट में उतर गए लेकिन आगे के रास्ते की चुनौती है। फिलहाल पैदल चल पड़े हैं। मध्यप्रदेश के रहने वाले दो परिवार जिले के धनपतगंज के शंकरगढ़ में फुलकी बेचकर आजीविका चलाते थे।
दो लोगों के परिवार के आठ सदस्यों के साथ वे घर को निकल पड़े हैं। करीब 10 किलोमीटर बाद किसी मालवाहक ने शहर में छोड़ दिया। यहां से आगे का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। साथ में चार बच्चे भी हैं।
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जिला अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच कराने को लगी कतार

सुल्तानपुर। लॉकडाउन के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंच रहे यात्रियों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिला अस्पताल में तीन दिनों में चिकित्सकों ने 722 लोगों की कोरोना वायरस की जांच की है। इसमे अधिकतर वे लोग हैं जो इन दिनों बाहर से पहुंचे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
देश में फैले कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन किया गया है। इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों की संख्या में मजदूरों और अन्य लोगों ने अपने घरों की ओर रुख कर दिया है।
पिछली 27 मार्च को जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने देश के कई हिस्सों से पहुंचे 201 लोगों की जांच की थी। इसके बाद 28 मार्च को सुबह से लेकर रात 12 बजे तक 234 लोगों की जांच की गई। रविवार को सुबह आठ बजते ही जिला अस्पताल में चिकित्सक, पैथोलॉजिस्ट व स्टाफ नर्स ड्यूटी पर तैनात हो गए। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक जिला अस्पताल में बाहर से पहुंचे 287 लोगों की जांच की गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि तीन दिनों में देश के अलग-अलग स्थानों से पहुंचे कुल 722 लोगों की चिकित्सकों ने जांच की है। जांच अभी भी चल रही है। चिकित्सक और अन्य स्टाफ दिन-रात ड्यूटी में लगे हैं।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि लॉकडाउन के बीच शुक्रवार, शनिवार और रविवार को देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचने वाले 722 लोगों की जांच की गई है। इसके अलावा जांच के लिए जिले की 14 सीएचसी पर चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों की टीम गठित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले भर में कुल 245 टीमें बनाई गई हैं जो स्वदेश से पहुंचने वाले सभी लोगों के घर-घर पहुंचकर जांच करने में जुटी हैं। जितने भी लोग बाहर से पहुंच रहे हैं उन्हें जांच के बाद घर में रहने का निर्देश दिया गया है।
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अरहर की दाल कालाबाजारी करने पर केस

सुल्तानपुर। लॉकडाउन के दौरान लंभुआ कस्बे में एक दुकानदार निर्धारित रेट से अधिक दाम पर अरहर की दाल बिक्री करता पाया गया। अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायत पर पहुंची टीम ने दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। साथ ही दुकानदारों को निर्धारित मूल्य पर ही बिक्री के निर्देश दिए गए हैं।
लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं के दामों पर नियंत्रण के लिए जिला मजिस्ट्रेट सी. इंदुमती ने टीम गठित की है। शनिवार को आपूर्ति विभाग की टीम ने दोमुहां, कामतागंज व लंभुआ कस्बे का निरीक्षण ॎकया। टीम के मुताबिक निरीक्षण में दोमुहां व कामतागंज में दुकानें बंद पाई गईं। लंभुआ में एक किराना स्टोर पर सामानों की बिक्री होती पाई है। इस बीच किराना स्टोर से अरहर की दाल खरीद कर वापस जा रहे गणेश सिंह निवासी रजवाड़े रामपुर से टीम के सदस्यों ने रेट की जानकारी ली।
पूछने पर गणेश ने बताया कि अरहर की आधा किलो दाल 60 रुपये में मिली है। इस पर टीम के सदस्यों ने दुकानदार से पूछताछ की। दुकानदार कल्लू ने भी 60 रुपये में आधा किलो अरहर की दाल बेचना स्वीकार किया। डीएम की ओर से निर्धारित 90 रुपये किलो के बजाय 120 रुपये प्रति किलो अरहर की दाल बेचते मिलने पर टीम के सदस्यों के साथ डीएसओ ने इसकी रिपोर्ट डीएम को दी। डीएम के निर्देश पर डीएसओ ने लंभुआ थाने पर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी है। बताया कि दुकानदार के खिलाफ केस दर्ज हो गया है।
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अधिकारियों ने थोक व फुटकर दुकानों पर मारा छापा

सुल्तानपुर। आवश्यक सामग्री के दामों पर नियंत्रण के लिए शनिवार को लॉक डाउन के चौथे दिन प्रशासन की ओर से गठित अधिकारियों की टीम ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों व गोदामों पर छापा मारा। छापे के दौरान अधिकारियों ने वस्तुओं के दामों व स्टॉक की जांच की। व्यापारियों को निर्धारित दामों पर वस्तुओं की बिक्री का निर्देश दिया गया।
जिला मजिस्ट्रेट सी. इंदुमती के निर्देश पर बाजार पर नियंत्रण के लिए गठित टीम ने शनिवार को शहर के नमक मंडी समेत अन्य स्थानों पर छापा मारा। छापे के दौरान दुकानदारों से गोदाम व दुकान खुलवाकर राशन समेत अन्य सामानों का सत्यापन किया गया।
स्टॉक के हिसाब से उसका मिलान किया गया। साथ ही मूल्य की जानकारी ली गई। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी विनीता मिश्रा के साथ पहुंची टीम ने फुटकर दुकानों पर भी छापा मारकर वस्तुओं के रेट लिए।
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी एसडीएम की अगुआई में कई कस्बों में दुकानों व गोदामों की चेकिंग की गई। चेकिंग से दुकानदारों में खलबली मची रही है। बताते हैं कि प्रशासन को महंगी दरों पर वस्तुओं की बिक्री शिकायतें लॉक डाउन के दौरान मिल रही थीं। इसे देखते हुए गठित टीमों को प्रशासन ने सक्रिय कर दिया है।
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