नागरिकता कानून के विरोधी दुर्भावना से ग्रसित: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

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swadhin tiwari न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी
Updated Sun, 22 Dec 2019 09:04 PM IST
आरिफ मोहम्मद खान
आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : अमर उजाला

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बीएचयू में काशी मंथन की ओर से आयोजित परिचर्चा में वसुधैव कुटुंबकम पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर भी वक्ताओं ने बहस की और इससे जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहने का आह्वान किया।
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मुख्य वक्ता केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर देश में चल रहे आंदोलन पर बेबाकी से अपनी राय रखी। राज्यपाल ने कहा कि नफरत के सहारे आंदोलन चल सकता है देश नहीं, इस बात को लोगों को समझना होगा।


उन्होंने कहा कि भारत ने तो हमेशा से ही पीडि़तों को खुले मन से स्वीकारते हुए अपने यहां शरण दिया है। नागरिकता कानून को समय के अनुसार लिया गया सही फैसला बताते हुए कहा कि यह आजादी के दौर के हमारे तमाम नेताओं के वादे को पूरा करता है।

चाहें नेहरू हों, गांधी हों पटेल या फिर अन्य नेता सबने बंटवारे को ना चाहते हुए भी स्वीकारा था। भविष्य के संशयों को देखते हुए उन लोगों ने तब ही कहा था कि हमारे दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहेंगे। नागरिकता का यह कानून उनके इन्हीं वादों को पूरा करता है।
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