यूपी के इस जिले में मिली फारसी में प्रकाशित रामचरितमानस

पंकज चौबे, अमर उजाला, भदोही Updated Sun, 27 Jan 2019 10:08 AM IST
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रामचरितमानस
रामचरितमानस - फोटो : amar ujala

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सनातनधर्मी परंपरा के धार्मिक ग्रंथ श्रीरामचरितमानस की लोकप्रियता के विशाल आयाम से जुड़े एक और महत्वपूर्ण पहलू का पता चला है। उत्तर प्रदेश के भदोही में 73 वर्ष पूर्व फारसी में प्रकाशित रामचरित मानस के गद्य स्वरूप की दुर्लभ प्रति मिली है।
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इससे पहले अथवा बाद में तुलसीकृत रामचरितमानस के फारसी भाषा में प्रकाशन का उदाहरण मानस मर्मज्ञों के सामने नहीं आया। मानस के सातों कांड की कथा को संक्षेप रूप में समाहित करते हुए गागर में सागर भरा गया है।
फिलहाल पुस्तक बीएचयू स्थित सरसुंदरलाल चिकित्सालय के प्रमुख डॉ. वीएन मिश्र के संग्रहालय में महफूज है। तुलसी साहित्य के प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। श्रीरामचरितमानस की फारसी में प्रकाशित पुस्तक का पता चलने के बाद साहित्यप्रेमियों का उत्साह बढ़ गया है।
श्रीरामचरितमानस का फारसी गद्यानुवाद पाकिस्तान के कराची शहर में पं. मेवाचंद प्रेमचंद ने किया था। 1946 में इसे सनातन धर्मसभा कराची से महाराज आत्माराम रेवाचंद ने इंडिया प्रिटिंग प्रेस मीर वेदर से प्रकाशित कराया। 
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पुस्तक पर छपे है रंगीन चित्र

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