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लड़कियों में खून की कमी दूर करने के लिए वितरित की जाने वाली दवा कूड़े के ढेर में फेंकी मिली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Updated Sat, 18 Jan 2020 11:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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किशोरी और गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी को दूर करने के लिए आई दवा विकली आयरन एंड फोलिक एसिड सप्लीमेंट (डब्लूआईएफएस) और एंटी बायोटिक इंजेक्शन कूड़े के ढेर मेें मिला। सुईथाकला बीआरसी के सामने खंडहर भवन में बड़ी मात्रा में फेंकी गई इस दवा में तमाम ऐसी हैं, जिनकी मियाद बाकी है। मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर दायित्वों से पल्ला झाड़ने में लगे हैं।

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किशोरियों और महिलाओं में रक्त की कमी सामान्य समस्या है। कई बार यह कमी इतनी ज्यादा होती है कि वह एनीमिया की चपेट में आ जाती है। इसका असर उनके स्वास्थ्य के साथ दैनिक कामकाज पर भी पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद घातक होता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अभियान चलाकर स्कूलों में किशोरी बच्चियों व गर्भवती महिलाओं में डब्लूआईएफएस की गोली वितरित कराया जा रहा है। यह जिम्मेदारी विद्यालय के शिक्षकों, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते सुईथाकला ब्लाक में वितरण की बजाए दवा कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया है। बड़ी मात्रा में यह दवा बीआरसी के सामने स्थित खंडहर भवन में शनिवार को पड़ा मिला। इनमें डब्लूआईएफएस जूनियर दवा का निर्माण जून 2018 में हुआ था, जिसका उपयोग मई 2020 तक किया जा सकता है। वहीं डब्लूआईएफएस दवा दिसंबर 2016 की बनी है, जो नवंबर 2018 में ही एक्सपायर हो गई। भारी मात्रा में इंजेक्शन भी पड़े मिले हैं।
 

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