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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020
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विवाह संबंधी दोषों को दूर करने के लिए शिवरात्रि पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक : 21-फरवरी-2020

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सीएम योगी ने तय किया सरकार के काम का एजेंडा, पूरे होंगे श्रम सुधार, बढ़ेगी जीएसटी वसूली

मुख्यमंत्री योगी ने नए साल में सभी प्रमुख विभागों के लिए कामकाज का एजेंडा तय कर दिया है।

17 फरवरी 2020

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वाराणसी

सोमवार, 17 फरवरी 2020

प्रधानमंत्री आज महाकल एक्स को करेंगे रवाना, पहले दिन बनारसी पान से होगा यात्रियों का स्वागत

महादेव के आशीर्वाद से देश आज वो फैसले भी ले रहा है, जो हमेशा पीछे छोड़ दिए जाते थे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बनारस को 12 करोड़ रुपये की सौगात दी। इसके साथ काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, तो वहीं चंदौली के पड़ाव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक का लोकार्पण किया। साथ ही प्रतिमा का भी लोकार्पण किया।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे कालखंड तक इस आखिरी पायदान को बनाए रखा गया, क्योंकि उनकी समस्याओं को सुलझाने में नहीं, उलझाने में राजनीतिक हित सिद्ध होते थे। अब स्थितियां बदल रही हैं, देश बदल रहा है। जो आखिरी पायदान पर रहा है, उसे अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। महादेव के आशीर्वाद से देश आज वो फैसले भी ले रहा है, जो हमेशा पीछे छोड़ दिए जाते थे।

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ लगातार प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमाम दबाव के बावजूद उनकी सरकार फैसले पर अडिग है। उन्होंने कहा कि चाहे अनुच्छेद 370 पर फैसला हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून पर फैसला हो, यह देश हित में जरूरी था। दबाव के बावजूद हम अपने फैसले के साथ खड़े हैं और इसके साथ बने रहेंगे।
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वाराणसी: महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते ही शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन, पर एमसीएच विंग, सुपर स्पेशियलिटी में नहीं शुरू हो पाएगी ओपीडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन 34 परियोजनाओं का लोकार्पण कर दिया, उसमें कई ऐसी सुविधाएं हैं, जिसका लाभ अभी लोगों को नहीं मिल पाएगा। इसके लिए उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी सेंटर, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा एमसीएच विंग, वैदिक विज्ञान केंद्र के शुरू होने में अभी एक से दो महीने का समय लगेगा।
 
अपने दौरे में मोदी ने पड़ाव से बटन दबाकर इन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में बन रहे 100 बेड के एमसीएच विंग का लोकार्पण तो हो गया लेकिन यहां सुविधाएं शुरू होने में अभी एक महीने का समय लगेगा। पांच मंजिला इस बिल्डिंग में पीपीपी मॉडल पर ओपीडी,महिलाओं-बच्चों को भर्ती, एसएनसीयू, दवा काउंटर, ऑपरेशन सहित अन्य सुविधाएं मिलनी हैं। उधर बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स में भी उदघाटन के बाद ओपीडी नहीं शुरू हो पाएगी।

430 बेड के इस कांपलेक्स में13 मॉडयूलर ओटी, 50 बेड का आईसीयू, 19 सीसीयू के साथ ही एक दर्जन विभागों की ओपीडी यहां चलनी है।बीएचयू विश्वनाथ मंदिर के बगल में बने वैदिक विज्ञान केंद्र में भी कक्षाएं शुरू होने पर कम से कम दो महीने का समय लगेगा। प्राचीन ज्ञान और आधुनिक ज्ञान विज्ञान के बीच संबंधों को बढ़ावा देना ही केंद्र का उद्देश्य है।
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सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

वाराणसीः एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने भाजपा नेता को पैर छूने से रोका, फिर दी नसीहत

काशी के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को भी बड़ी सीख दे दी। बिना कुछ कहे पीएम ने ऐसा सबक सिखा दिया, जो कि अपने-आप में कुशल नेतृत्वकर्ता की बड़ी पहचान है। दरअसल, एयरपोर्ट के एप्रन पर पीएम मोदी की अगवानी के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश त्रिवेदी पीएम का पैर छूने के लिए झुके उसके बाद पीएम ने उनको रोका और कुछ बातचीत करने के बाद आगे बढ़ गए। पीएम मोदी ने ऐसा करके संदेश दिया कि पार्टी में सभी लोग समान हैं।

दरअसल, वापसी में पीएम मोदी एयरपोर्ट पर सायं 5.12 बजे पहुंचे। एयरपोर्ट के एप्रन पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आशुतोष टंडन, मछलीशहर सांसद बीपी सरोज, मेयर मृदुला जायसवाल, चेयरमैन अपराजिता सोनकर, शंकर राय, संजय गिरी, शैलेश पांडेय, रामप्रकाश दुबे तथा एडीजी, कमिश्नर, आईजी, जिलाधिकारी, एसएसपी ने उनको सीऑफ किया।

फिर प्रधानमंत्री 5.25 बजे वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली प्रस्थान कर गए। प्रधानमंत्री के जाने के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक साथ लखनऊ प्रस्थान किये। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित अन्य भाजपा नेताओं के जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
 

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काशीवासियों को सीएए पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी ये बड़ी सीख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में 1200 करोड़ रुपये की सौगात दी। साथ ही काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, तो वहीं चंदौली के पड़ाव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मारक और प्रतिमा का भी लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने वीर शैव जंगमबाड़ी मठ में वीरशैव महाकुंभ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीसिद्धांत शिखामणि ग्रंथ के हिंदी संस्करण और ऐप का विमोचन किया। इसके साथ ही अनुच्छेद 370 और नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) पर भी बात कही। नीचे पढ़ें प्रधानमंत्री के बनारस और चंदौली के दौरे की बड़ी बातें...



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विशेष विमान से 10:25 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नीलकंठ तिवारी, राज्य मंत्री अनिल राजभर, मेयर मृदुला जायसवाल, मछलीशहर सांसद बीपी सरोज, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर पीएम का अभिनंदन किया
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, श्री काशी विश्वनाथ की पावन नगरी और आपकी कर्मभूमि आगमन पर आपका अभिनंदन है। आपके विजन और मार्गदर्शन से पौराणिक नगरी काशी सज रही, संवर रही है और अपनी परंपरा को संजोए हुए नवीनता को गले लगा रही है। नए उत्तर प्रदेश की नई काशी का उदय हो रहा।


 
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प्रधानमंत्री की CAA और अनुच्छेद-370 पर दो टूक, तमाम दबाव के बावजूद फैसले पर कायम हैं और रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को चंदौली पहुंचे, जहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के साथ ही स्मारक का लोकार्पण किया। इस दौरान पीएम मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) और अनुच्छेद 370 पर बयान दिया है।

पं दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 और सीएए के फैसले पर कायम हैं और रहेंगे। उन्होंने कहा कि 70 साल से पीछे छूटे फैसलों पर अब देश निर्णय ले रहा है। आजादी के बाद कालखंड में सुलझाने की बजाय उलझाने की राजनीति की गई।


संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ लगातार प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमाम दबाव के बावजूद उनकी सरकार फैसले पर अडिग है। उन्होंने कहा कि चाहे अनुच्छेद 370 पर फैसला हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून पर फैसला हो, यह देश हित में जरूरी था। दबाव के बावजूद हम अपने फैसले के साथ खड़े हैं और इसके साथ बने रहेंगे।

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दिल का दरिया बह ही गया गाना बजते ही जुबिन नॉटियाल के सुरीले गीतों खो गए आईआईटीयंस

पीएम मोदी।

आईआईटी बीएचयू के तीन दिवसीय वार्षिक तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स के अंतिम दिन की शाम को जाने माने संगीतकार जुबिन नॉटियाल ने अपनी गायिकी से यादगार बना दिया। एडीवी ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में वाराणसी समेत विभिन्न जगहों से आए आईआईटीयंस भी जुबिन के गीतों पर खूब थिरके। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सभी ने कलाकारों का जोरदार स्वागत किया।

टेक्नेक्स का अंतिम दिन होने की वजह से दूर दराज से आए प्रतिभागियों का उत्साह चरम पर है। जुबिन नॉटियाल अपनी पूरी टीम के साथ जैसे ही मंच पर चढ़े छात्रों ने खड़े होकर स्वागत किया। इसके बाद गाने की शुरूआत हुई। जुबिन ने गजब का है दिन सोचो जरा, ये दीवानापन देखो जरा के साथ ही दिल का दरिया बह ही गया-इश्क इबादत बन ही गया। दिल संभल जा रहा-फिर मोहब्बत करने चला है तू।

जैसे एक से बढ़कर गीतों की झड़ी लगा दी। छात्रों की मांग पर मेरे रश्के कमर-तुने पहली नजर, जब नजर से मिलाई मजा आ गया और हां सीखा मैने जीना-जीना की प्रस्तुति की। इसके बाद अंतिम प्रस्तुति में डीजे कार्निवोर ने सभी को ईडीएम संगीत की धुन पर नाचने पर मजबूर कर दिया।

उत्सव में दिखा विकास का मॉडल

तीन दिवसीय उत्सव टेक्नेक्स में प्रतिभागियों ने अलग-अलग प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी लगाकर विकास का मॉडल दिखाया। मयंक बंसल और प्रत्यूष ने बायोनिक आर्म, अभिषेक, लाल नैन और पिनू की ओर से एक वृहत ड्रोन प्रणाली, यज्ञनेश, याश और कार्तिकेय द्वारा सृजित एक फ्रेंडी ब्रेल डिस्प्ले को देखने वालों की भीड़ लगी रही। इसके अलावा रोबोनेक्स की श्रेणी से रोबोवॉर्स, पिक्सेलेट और मैज-एक्सप्लोरर भी जुड़ी हुई थीं।

उधर 39जीटीसी की ओर से सीमा पर आतंकवादियों का मुहतोड़ जवाब देने के लिए हथियारों की प्रदर्शनी लगाकर भारतीय सेना के ताकत का अहसास कराया गया। इससे पहले स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश अरिजीत पसायत ने भारतीय न्यायिक प्रणाली पर अपनी बात रखी। वर्तमान समय में देश के बुनियादी मूल्यों को बनाए रखने का कितना महत्व है।

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ओडीओपी पर प्रधानमंत्री ने दिया जोर, बोले- काशी एक है लेकिन इसके रूप अनेक

वाराणसी में बड़ा लालपुर के दीनदयाल हस्तकला संकुल में काशी एक रूप अनेक कार्यक्रम में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को मैन्युफैक्चरिंग पावर बनाना है। इसके प्रोडक्ट को दुनिया भर में पहुंचाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी में ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है। सबसे पहले मैं अध्यात्म के कुंभ में था। फिर मैं आधुनिकता के कुंभ में गया, बनारस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अब मैं एक प्रकार से स्वरोजगार के कुंभ में पहुंच गया हूं। यहां भांति-भांति के कलाकार, शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं।

एक-एक धागे को जोड़कर, मिट्टी के एक-एक कण को घटकर, बेहतरीन निर्माण करने वालों के साथ, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चलाने वाले, एक ही छत के नीचे बैठे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हमेशा से ही ये शक्ति रही है कि यहां के हर क्षेत्र, हर जिले की पहचान से कोई ना कोई विशेष कला, विशेष आर्ट और विशेष उत्पाद जुड़ा रहा है। ये सदियों से हमारे वहां परंपरा रही है। हमारे कारोबारियों, व्यापारियों ने इसका प्रचार दुनियाभर में किया है। हमारे पास संसाधनों की और कौशल की कभी कमी नहीं रही है, बस एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है। जरूरत बस इस कहानी को दुनिया तक पहुंचाने की है। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
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जनता ने फेसबुक पर लगाई सड़क मरम्मत की गुहार तो भाजपा विधायक ने पूछा- क्यों नहीं दिया वोट

सोनभद्र जिले के रेणुकूट मुर्धवा मोड़ से रेणुकूट होकर पिपरी कस्बे तक गड्ढे में तब्दील रीवा- रांची राष्ट्रीय राजमार्ग के मरम्मत की मांग को लेकर उपजा विवाद फेसबुक पर पहुंच गया है। सोशल साइट के जरिए लोगों ने जनप्रतिनिधियों से सड़क मरम्मत के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई तो ओबरा विधायक ने पहले कमेंट किया कि पिछले सरकारों का पाप धुल रहा हूं।

इस पर लोगों ने जब उन्हें याद दिलाया कि सरकार आपकी है। इस पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय गौड़ ने कमेंट करके जवाब दिया कि रेणुकूट नगर पंचायत उपचुनाव में भाजपा को मात्र 51 वोट दिया, चुनाव जिताया नहीं, तो फिर किस उम्मीद से अपेक्षा करते हैं।
 
दरअसल, बृहस्पतिवार को दीपक वर्मा नामक व्यक्ति के फेसबुक एकाउंट पर मुर्धवा मोड़ से पिपरी के बीच खस्ताहाल सड़क की फोटो लोगों ने फेसबुक पर अपलोड की। उसमें लिखा गया कि पिपरी से मुर्धवा तक नेशनल हाइवे खराब होने से एंबुलेंस को जाने में काफी देर लग रही है। इससे यह रास्ता मरीजों के लिए मौत का मार्ग बनता जा रहा है।
 
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जंगमबाड़ी मठ क्यों गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी? जानिए वजह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में वीर शैव महाकुंभ के समापन समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा भी आए थे। आस्था के कुंभ में प्रधानमंत्री का शामिल होने का अर्थ दक्षिण भारत की राजनीति में दस्तक देना है, जहां भाजपा खुद को मजबूत करने में लगी है। कभी हरिकेश आनंदवन के नाम से मशहूर रहा स्थल आज वीर शैव मत का प्रमुख केंद्र है। इसे शिव को जानने वाला स्थान या जंगमबाड़ी मठ के नाम से जाना जाता है।

हजारों शिवलिंगों वाले इस अनूठे आस्था के केंद्र की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब और मुहम्मद शाह ने इस मठ को भूमि आदि दान में दी थी। मठ में सारे दानपत्र सुरक्षित रखे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने यहां वीर शैव मत के ग्रंथ सिद्धांत शिखामणि के हिंदी अनुवाद और ऐप का लोकार्पण किया। इस तरह उन्होंने दक्षिण को जोड़ने की कोशिश की। दरअसल, वीर शैव मत का सर्वाधिक प्रभाव कर्नाटक में है। कर्नाटक में वीर शैव या लिंगायत समाज के 18 फीसदी से ज्यादा लोग हैं।
 
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पीडीडीयू जंक्शन पर ओएचई वायर की चपेट में आकर दो रेलकर्मी गंभीर रूप से झुलसे

पीडीडीयू नगर के स्थानीय रेलवे यार्ड में जंक्शन केबिन के पास रविवार की दोपहर में ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) वायर की चपेट में आने से टीआरडी (ट्रैक्सन रोलिंग डिपार्टमेंट) के दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई। दोनों को लोको मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने दोनों को हेरिटेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया।

जंक्शन केबिन के पास लाइन में तकनीकी खराबी की सूचना पर टीआरडी विभाग के कर्मचारी टावर वैगन लेकर मौके पर पहुंच गए। कर्मचारी घासी राम व अभिषेक कुमार सिंह टावर वैगन पर खड़े होकर गड़बड़ी को दूर करने लगे। इसी बीच अचानक दोनों किसी तरह बगल से गुजरे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गए और झुलस गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

कर्मचारियों ने दोनों कर्मियों को लोको मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। वहीं टीआरएस विभाग के सीनियर डीईई प्रशांत कुमार भी अस्पताल पहुंचे। डॉ. सीएस झा और डा. सांगा ने कर्मियों का प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया।

उधर घटना की जानकारी होते ही ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के सीबी राय, एसके सिंह बघेल, अशोक सिंह, बदरुद्दीन भी मंडलीय चिकित्सालय पहुंच गए और कर्मियों का बेहतर इलाज कराने की मांग की। सीनियर डीईई टीआरडी ओमप्रकाश ने बताया कि काम के दौरान कर्मियों का उपकरण किसी तरह समीप से गुजरे यार्ड के तार को छू गया। जिस लाइन पर काम चल रहा था उस पर ब्लाक लिया गया था। झुलसे कर्मचारियों की हालत स्थिर है।
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लिंगायत समुदाय के आस्था के केंद्र जंगमबाड़ी मठ के इस महत्व को नहीं जानते होंगे आप

जंगमबाड़ी का अर्थ है शिव को जानने वालों का स्थान। जंगमों का स्थान बहुत ऊंचा माना जाता है, जिनका कर्त्तव्य धर्म का प्रचार करना है। काशी का जंगमबाड़ी मठ दरअसल वीर शैव मत की पांच पीठों में से प्रमुख विश्वाराध्य पीठ है। यह वीर शैव संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है।
 
वीर शैव मत के मुताबिक शिव के अंश अवतार माने जाने वाले विश्वाराध्य जी ने इस मठ की स्थापना की थी। यहां उनका ज्ञानपीठ भी है। लगभग 50 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में बसे इस मठ में असंख्य शिवलिंग स्थापित हैं। उनमें नीलम, पारद आदि के शिवलिंग भी हैं। लिंग को शिव का प्रतिरूप माना जाता है। ऐसे में भक्त मठ में शिव लिंगों की स्थापना करते हैं। वीर शैव के लिए शाकाहारी होना जरूरी है। मांस, मद्य और परस्त्रीगमन का निषेध है।
 
इस मठ में पुस्तकालय और गुरुकुल भी हैं। यहां तमाम दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां संग्रहीत हैं। साथ ही यह मठ उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों की मदद भी करता है। जगद्गुरु विश्वाराध्य की इस पीठ के परिसर में दरबार हाल, हरिश्वर मंदिर, जन मंदिर, पुस्तकालय, भक्त निवास, शोभा मंडल आदि हैं। वीर शैव की सभ्यता को द्रविड़ सभ्यता कहा जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक 1700 ईसा पूर्व में वीर शैव मत अफगानिस्तान, कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में बस गए। वीर शैव के मुताबिक शिव ही परम तत्व, परम ज्ञान है और लिंग उसका साकार रूप है।
 
महाशिवरात्रि उत्सव यहां धूमधाम से मनाया जाता है और विश्वाराध्य की झांकी निकलती है जिसका रथ खींचते हुए भक्त दशाश्वमेध घाट तक जाते हैं। यह मठ हिंदू-मुस्लिम एकता का भी केंद्र रहा है। मुस्लिम शासकों ने इस मठ को जमीन दान में दी है।

अकबर ने 480 बीघा जमीन मठ को दान में दी थी, इसका दानपत्र मंदिर में है। हुमायूं ने भी 300 बीघा जमीन दी थी। औरगंजेब के हस्ताक्षर वाला पत्र यहां संरक्षित है। काशी के राजा ने भी मठ को दान दिया था। मठ में कई गुरुओं की समाधियां हैं।
 
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