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उत्तर प्रदेश

शनिवार, 22 फरवरी 2020

103 वर्ष के नरमू महामंत्री केएल गुप्त की कूल्हे की हड्डी नहीं जुड़ी, जनवरी में लगी थी चोट

एनई रेलवे मजदूर यूनियन के 103 वर्षीय महामंत्री एवं ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ ) के सहायक महामंत्री केएल गुप्त के कूल्हे की हड्डी अभी भी नहीं जुड़ सकी है। शुक्रवार को एक्सरे रिपोर्ट में हड्डी के बीच गैप पाया गया है। रेलवे अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर फहीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। करीब एक महीने तक वह अस्पताल में ही रह सकते हैं।

रेलवे जीएम दफ्तर के सामने नरमू के केंद्रीय कार्यालय में सात जनवरी 2020 को बेड से उतरते समय केएल गुप्त नीचे गिर पड़े थे और उनके बाएं कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कूल्हे का ऑपरेशन किया गया। उसके बाद रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। केएल गुप्त ने बताया कि उन्होंने भोजन में खुराक भी कम कर दिया है। डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टर फहीम दो

अस्पताल से ही संगठन का काम
नरमू महामंत्री केएल गुप्त का यह काम के प्रति जुनून ही है कि रेलवे अस्पताल में बेड पर ही संगठन का काम निपटा रहे हैं। संगठन के लोगों के साथ रोजाना मीटिंग करते हैं। उसके लिखा-पढ़ी करते हैं। रेलवे बोर्ड व फेडरेशन से आने वाले ही निर्देश को पढ़ते हैं और फिर संगठन के पदाधिकारियों को पत्र भेजते हैं।

‘यूनियन की लड़ाई मेरे लिए नशे जैसा’
नरमू महामंत्री से मिलने वाले भी रोजाना पहुंचते हैं। शुक्रवार को उनके पास संगठन से जुड़े सेवानिवृत्त रेलकर्मी शिव बालक प्रसाद पहुंचे। केएल गुप्त का हालचाल पूछा। फिर कहा कि कब तक ठीक होंगे। केएल गुप्त बोले, बहुत जल्द ही। यूनियन की लड़ाई मेरे लिए नशे जैसा है।
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लखनऊः गरीबों के लिए मकान बनाने में विकास प्राधिकरण फिसड्डी

आवासीय योजनाओं में गरीबों के लिए आवास बनाने के मामले में अधिकांश विकास प्राधिकरण फिसड्डी साबित हुए हैं। आवास विकास परिषद समेत 32 में 19 विकास प्राधिकरणों में लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। यह स्थिति तब है जब शासन स्तर पर हर महीने विकास प्राधिकरणों की योजनाओं की समीक्षा होती है। फिर भी गरीबों के लिए मकान बनाने के मामले में ‘जीरो परफारर्मेंस’ वाले प्राधिकरणों पर किसी की नजर नहीं गई।  

हर वित्तीय वर्ष में आवास विकास परिषद समेत प्रदेश के 27 विकास प्राधिकरण और 5 विशेष विकास प्राधिकरणों को उनकी योजनाओं में गरीबों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए ईडब्ल्यूएस व एलआईजी श्रेणी के मकान बनाने का भी लक्ष्य दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में दिए गए लक्ष्य के मुताबिक ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 41000 मकान बनाने थे, लेकिन बनाए गए सिर्फ 4178 मकान। यानि निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ 10.19 प्रतिशत। इसी प्रकार एलआईजी के 22000 मकान बनाने केलक्ष्य के विपरीत मात्र 5265 आवास (23.93 प्रतिशत) ही मकान बने थे। इससे पहले भी वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी लगभग यही स्थिति रही।

यह वित्तीय वर्ष केसमाप्त होने में भी करीब एक ही महीने का समय बचा है। लेकिन दोनों श्रेणी के आवास बनाने की स्थिति पहले वित्तीय वर्ष से भी खराब है। इस वित्तीय वर्ष में ईडब्ल्यूएस के 54348 व एलआईजी श्रेणी के 31854 मकान बनाने के लक्ष्य दिए गए हैं। अब तक ईडब्ल्यूएस के मात्र 754 मकान बने हैं और 14085 मकान निर्माणाधीन हैं। एलआईजी के भी मात्र 553 मकान ही बन पाए हैं।

खास बात यह है कि जो विकास प्राधिकरण पिछले साल लक्ष्य पूरा करने में नकारा साबित हुए थे, वही प्राधिकरण इस साल भी अब तक दोनों श्रेणियों के एक भी मकान नहीं बना पाए हैं। ऐसे प्राधिकरणों में करीब 19 विकास प्राधिकरण व 5 विशेष प्राधिकरण क्षेत्र शामिल हैं। ईडब्लूयएस श्रेणी के मकान बनाने के मामले में इलाहाबाद, हापुड़-पिलखुआ, रायबरेली, बरेली व मथुरा-वृंदावन प्राधिकरणों की स्थिति संतोषजनक थी। जबकि आवास विकास परषिद समेत गाजियाबाद, कानपुर व मुरादाबाद विकास प्राधिकरण तय लक्ष्य का सिर्फ 30 प्रतिशत मकान ही बना पाए थे।   

दो वर्षों में एक भी मकान नहीं बनाने वाले प्राधिकरण
ईडब्ल्यूएस- लखनऊ, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, बुलंदशहर, फैजाबाद, फिरोजाबाद, झांसी, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उन्नाव, रामपुर, उरई, खुर्जा, आजमगढ़, बागपत, (सभी विकास प्राधिकरण)। इसके अलावा कुशीनगर, शक्तिनगर, चित्रकूट, कपिलवस्तु व मिर्जापुर विशेष प्राधिकरण क्षेत्रों ने एक भी आवास नहीं बनाए हैं।

एलआईजी- गाजियाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, बुलंदशहर, फैजाबाद, फिरोजाबाद, झांसी, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उन्नाव, रामपुर, उरई, आजमगढ़ व बागपत, (सभी विकास प्राधिकरण) व कुशीनगर, शक्तिनगर, चित्रकूट, कपिलवस्तु व मिर्जापुर विशेष प्राधिकरण क्षेत्रों ने एक भी आवास नहीं बनाए हैं।
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बिजली गिरने और ओला-बारिश से उत्तर प्रदेश में आठ लोगों की मौत, फसलों को नुकसान

प्रदेश में बृहस्पतिवार रात से ही अचानक मौसम बदल गया। कई जिलों में आंधी और बारिश हुई। शुक्रवार को भी दिनभर ऐसा ही दौर रहा। अवध के बाराबंकी, अमेठी व रायबरेली में ओले भी गिरे। इससे प्रदेश में कुल आठ लोगों की मौत हो गई। अवध में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश के चलते फसलों का भी नुकसान हुआ। मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, नजीबाबाद, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर और मेरठ में भी बारिश व बूंदाबांदी हुई। मौसम में बदलाव के कारण दिन के पारे में गिरावट होने से ठंड बढ़ गई।

सुल्तानपुर के हलियापुर में बारिश के दौरान बिजली गिरने से छत्तीसगढ़ निवासी मजदूर पिता दिलीप (40) और पुत्र राजकुमार (15) की मौत हो गई। तीन अन्य झुलस गए। सुल्तानपुर के ही दूबेपुर और भदैंया में दंपती समेत पांच लोग झुलस गए। वहीं, अंबेडकरनगर केभीटी में खेत पर जा रही बच्ची निधि (12) ने भी बिजली गिरने से दम तोड़ दिया। सीतापुर के रेउसा में बिजली गिरने से जहां पोती क्रांति (10) की मौत हो गई। बाबा मनोहर बुरी तरह से झुलस गए। वहीं, लखनऊ के गोसाईंगंज में भी बिजली गिरने से सुनील वर्मा (45) ने दम तोड़ दिया।

 शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश के आसार, 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

कहां-कितनी बारिश (मिमी में)
बहराइच: 
10.4
मुजफ्फरनगर: 8.6
नजीबाबाद: 8.2
सुल्तानपुर: 7.6
मुरादाबाद: 5.0
अमेठी : 4.6


कनापुर से मौसम अपडेट: अचानक बदला मौसम, बारिश संग पड़े ओले

अरब सागर से उठीं हवाओं से बने विक्षोभ के चलते बुंदेलखंड और कानपुर के आसपास के जिलों में बारिश हुई। कई जिलों में ओले भी गिरे। 13 किमी की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने ठंड लौटने का अहसास कराया। बारिश से सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। शनिवार को भी बारिश की संभावना है। कानपुर शहर में शुक्रवार को भी हवाआें संग तीन मिली बारिश हुई। कानपुर देहात में तेज आंधी से बबूल का पेड़ झोपड़ी पर गिर गया, जिससे एक महिला की मौत हो गई।

बांदा जिले में शुक्रवार की शाम को बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस बीच कालिंजर क्षेत्र में बिजली गिरने से एक चरवाहे की मौत हो गई। चित्रकूट में भी रिमझिम बारिश संग तेज हवाएं चलीं। जालौन में बृहस्पतिवार की रात तेज हवाओं संग झमाझम बारिश हुई। कन्नौज में बारिश के साथ ही मानीमऊ क्षेत्र में ओले गिरे। फतेहपुर में शुक्रवार को तड़के धाता क्षेत्र में बारिश संग ओले गिरे।  यहां एक मिमी बारिश रिकार्ड की गई।

फर्रुखाबाद में भी बारिश संग कमालगंज क्षेत्र में ओले गिरे। बृहस्पतिवार की रात बारिश से 250 गांवों की बत्ती गुल हो गई। इटावा में बूंदाबांदी के साथ कई क्षेत्रों में ओले गिरे, जिससे सरसों और की फसल को नुकसान पहुंचा। उन्नाव में भी तेज बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले गिरे और सरसों की फसल को नुकसान हुआ। हालांकि गेहूं की फसल को फायदा पहुंचने की संभावना है। हरदोई में शुक्रवार तड़के चार बजे बारिश और तेज हवाओं के चलने से शहर की बिजली आठ घंटे तक गुल रही। पिहानी में तेज हवा चलने से सरसों, मसूर व गन्ना की फसल पलट गई।
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तेज हवाओं के चलते कई पेड़ भी गिरे। तेज हवाओं के चलते कई पेड़ भी गिरे।

मौसम साथ दे तो जून से 45 मिनट में करें दिल्ली से मेरठ का सफर

दिल्ली से मेरठ का सफर 45 मिनट में पूरा कराने के लिए अब एनएचएआई की तरफ से दिन-रात कार्य किया जाएगा। डासना से मेरठ (32 किमी) तक जीआर इंफ्रा की तरफ से 1100 कर्मचारी काम में जुटे हैं, लेकिन अब इस संख्या को दोगुना कर निर्माण कार्य में रफ्तार देने की तैयारी है।

अगर मौसम ने साथ दिया तो जून-2020 तक एनएचएआई आपको दिल्ली से मेरठ का सफर मात्र 45 मिनट में पूरा कराने का वादा कर रहा है। इससे दिल्ली से मेरठ जाने वाले लोगों को राहत मिलने जा रही है। जहां अभी दिल्ली से मेरठ का सफर चार से पांच घंटों मेें पूरा होता है, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह घटकर मिनटों में रह जाएगा।

शुक्रवार को सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार के साथ डासना से मेरठ तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यहां कई स्थानों पर मौसम के साथ न देने के कारण अभी सड़क को अंडरपास से जोड़ने का काम रुका हुआ है। बारिश होने से मिट्टी का बेस तैयार नहीं हो पा रहा है। इससे प्रोजेक्ट कार्य में देरी हो रही है।

वहीं, कई स्थानों पर अभी डामर की सड़क को भी तैयार किया जाना है। हाल ही में बृहस्पतिवार देर रात से हो रही बारिश ने भी कार्य में व्यवधान डाल दिया है। इससे भी कार्य अब दो-तीन दिन तक बाधित रहेगा।
यहां चल रहा धीमा कार्य

कुशालिया गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस -वे को जोड़ रहा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का कार्य धीमा है। यहां दोनों एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़ रहे हैं। लेकिन यहां कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। इस स्थान पर परतापुर तिराहे की तरह ही कनेक्टर बनाया जाना है। यहां एनएचएआई को जमीन पर कब्जा भी काफी दिनों बाद मिला है।

इस स्थान पर मुआवजा प्रकरण में हुए घपले की वजह से किसानों ने कार्य पर रोक लगा दी थी। इस मामले के निस्तारण के बाद यहां कार्य को गति मिली है। इसके अलावा यूपी गेट से डासना से आने वाले चरण में डासना तक जोड़े जाने वाले ओवरब्रिज का कार्य भी अधूरा है।
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राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप ने बढ़ाया कदम, संगठन मंत्रियों की बुलाई दिल्ली बैठक

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुहूर्त नजदीक आने के साथ ही विश्व हिंदू परिषद ने भी भविष्य की भूमिका की तैयारी युद्धस्तर पर शुरू कर दी है। इसके लिए विहिप ने संगठन की रीढ़ की हड्डी के रूप में काम करने वाले देशभर के संगठन मंत्रियों को 18-19 मार्च को बैठक के लिए दिल्ली बुलाया है। जिसमें मंदिर निर्माण पर ट्रस्ट के फैसलों को जमीन पर उतारने और उसे परवान चढ़ाने की योजना बनाई जाएगी।

विहिप की कोशिश मंदिर निर्माण के साथ देश भर में हिंदुत्व का माहौल बनाने की है। जिससे अयोध्या में बनने वाले ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर’ निर्माण से देश के हर हिंदू परिवार को भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सके। इसीलिए विहिप ने मंदिर निर्माण शुरू करने से पहले 25 मार्च से 7 अप्रैल तक देश में ‘राम महोत्सव’ आयोजित करके गांव-गांव मंदिर पर माहौल बनाने की योजना पहले ही बना ली है। साथ ही उन गांवों में जहां 1989 में शिलापूजन हुआ था और पूजित शिलाएं अयोध्या गई थीं उनमें विशेष कार्यक्रम तथा हर ब्लॉक मुख्यालय पर कारसेवकों के सम्मान के जरिये लोगों से संपर्क व संवाद बढ़ाने की रणनीति पहले ही तय कर ली है।

दिल्ली बैठक में इन फैसलों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तय होगी और संगठन मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों को सफलता पूर्वक संपन्न कराने की जिम्मेदारी देते हुए टीम गठित करने का काम सौंपा जाएगा।

इन मुद्दों पर होगा मंथन
दरअसल, मंदिर निर्माण को लेकर लोगों में उत्सुकता को देखते हुए विहिप सचेत हो गई है। उसकी कोशिश है कि निर्माण के दौरान अयोध्या आने वालों लोगों की भीड़ नियंत्रित रहे। ऐसा न हो कि शुरुआती दिनों मेंअयोध्या में बहुत भीड़ बढ़े और समय के साथ-साथ वहां सन्नाटा छा जाए। इसीलिए विहिप की योजना जिला, क्षेत्र और प्रांतवार संख्या तय करके लोगों को निश्चित संख्या में अलग-अलग दिन बुलाने की है।

योजना है कि 1990 और 92 की तरह ही अलग-अलग क्षेत्रों की संख्या तय करके लोगों को बुलाया जाएगा। बैठक में निर्माण के दौरान अयोध्या भेजे जाने वाले कारसेवकों की क्षेत्रवार संख्या और तरीका व तारीखों पर भी कार्ययोजना बनाई जाएगी। दिल्ली बैठक में मंदिर निर्माण के दौरान देशभर में उन अन्य कार्यक्रमों का भी खाका खींचा जाएगा जिनसे अयोध्या के मंदिर निर्माण का उत्साह गांव-गांव बना रहे।

राष्ट्र के सम्मान का प्रतीक बनेगा राममंदिर
मंदिर आंदोलन से प्रारंभ से ही जुड़े रहे और विहिप के क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीष कहते हैं कि विश्व हिंदू परिषद की भूमिका वैसी ही है जैसी भगवान राम के साथ कोल-भिल्लों की और बानर-भालुओं की थीं। जैसे भगवान राम के काज को जामवंत और सुग्रीव जैसे सेनापतियों के निर्देश पर काम करते थे, वैसे ही विहिप के कार्यकर्ता संतों के निर्देश पर इस आंदोलन में काम करते चले आ रहे हैं।

अब जब मंदिर निर्माण की घड़ी साकार होने को आ गई है तब फिर सेवक के रूप में हमारी भूमिका बढ़ गई है। दिल्ली बैठक में संगठनात्मक मुद्दों के साथ इस बारे में विचार होगा।


 
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गाय को बचाने के चक्कर में स्कार्पियो चालक ने बाइक को मारी टक्कर, तीन भाइयों की मौत

राममंदिर का मॉडल

जौनपुर जिले में हाईस्कूल की परीक्षा के लिए गाजीपुर जा रहे बाइक सवार दो सगे भाइयों की तेज रफ्तार स्कार्पियो की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में तीसरा भाई भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ और उसे वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि देर शाम उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा चंदवक-औड़िहार मार्ग पर पतरही गांव के पास शुक्रवार की देर शाम हुआ।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद स्कार्पियो मौके पर छोड़ चालक फरार है। केराकत कोतवाली क्षेत्र के मई टूड़वापर गांव निवासी बाबूलाल प्रतापगढ़ में पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। उनका छोटा पुत्र आशीष गौतम (19) गाजीपुर जिले के एक कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है।

शनिवार को प्रथम पाली में होने वाली परीक्षा के लिए वह बड़े भाई राजेंद्र प्रसाद (32) और मझला भाई मुकेश कुमार (21) के साथ बाइक से गाजीपुर जा रहा था। बाइक राजेंद्र प्रसाद चला रहा था। तीनों चंदवक-औड़िहार मार्ग पर पतरही बाजार में पहुंचे ही थे, तभी सड़क पर खड़ी गाय को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित हुई तेज रफ्तार स्कार्पियो ने बाइक में टक्कर मार दी।

हादसे में तीनों भाई गंभीर रुप से जख्मी हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोभी पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने राजेंद्र और आशीष को मृत घोषित कर दिया। पुलिस दोनों का शव कब्जे में ले लिया।

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देश-दुनिया में बदनामी के साथ भाजपा राज में उत्तर प्रदेश बना ‘हत्याओं का प्रदेशः अखिलेश

सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सत्ता के संरक्षण के चलते ‘भाजपा राज‘ में अपराध का डंका बज रहा है। पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था के बाद भी राजधानी लखनऊ में ताबड़तोड़ हत्याएं हो रही हैं। कानून व्यवस्था जस की तस हैं। हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं रोज दहलाती हैं। मुख्यमंत्री शायद यही रामराज्य प्रदेश में स्थापित करना चाहते हैं!

अखिलेश यादव ने कहा कि राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े दो हत्याओं से लोग आतंकित हो उठे हैं। लखनऊ के गोमतीनगर में कार से निकालकर भीड़ के सामने ही युवक की चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। चौक में एक एजेंसी के कर्मचारी की लूट के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस गश्त, पीआरवी और थाना चौकियों के बीच से अपराधी निश्चिंत होकर फरार हो जाते हैं।

गोंडा में खेत की रखवाली करने गए युवक की गला काटकर हत्या कर दी गई। अयोध्या में जिला पंचायत सदस्य की पुत्री पर उसी के घर में एक युवक ने चाकू से हमला कर दिया। हमलावर ने तमंचे से फायर कर दहशत फैलाईं। गुडम्बा में डंडा मार कर बदमाशों ने ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर नकदी लूट ली और उसको लहूलुहान कर दिया। बहराइच में थाना कैसरगंज में बदमाश ने एक व्यक्ति के बैंक से निकलते वक्त उसके रुपये लूटकर फरार हो गए।
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झांसीः पिटाई से क्षुब्ध होकर युवक ने पी लिया कीटनाशक, चली गई जान

बृहस्पतिवार की शाम थाना जखौरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नगवास में क्रिकेट खेलने के दौरान आधा दर्जन ग्रामीणों ने एक युवक की पिटाई कर दी। इससे क्षुब्ध होकर एक युवक ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। पुलिस ने युवक की मौत के मामले में छह लोगों के खिलाफ मारपीट व आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

ग्राम नगवास निवासी प्रवेश (21) पुत्र फेरनलाल अहिरवार बृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे घर के पीछे मैदान में अपने साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। पुलिस के अनुसार इसी बीच गांव के छह लोग आए और गाली- गलौज करने लगे। प्रवेश को बल्ले से पीटा गया। धमकाया भी गया। इससे क्षुब्ध होकर प्रवेश ने घर में जाकर कीटनाशक दवा पी ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

परिजन उसे जखौरा स्थित सीएचसी केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस मामले में थाना जखौरा पुलिस ने मृतक के भाई जितेंद्र की तहरीर पर दयाराम, हरीराम, श्रीराम, धनीराम, करतार एवं कपूर के खिलाफ मारपीट एवं आत्महत्या को उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रवेश के पिता फेरनलाल ने करीब एक साल पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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