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कन्या राशि में चंद्रदेव, सात राशि वालों के बनेंगे बिगड़े काम
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कन्या राशि में चंद्रदेव, सात राशि वालों के बनेंगे बिगड़े काम

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Digital Edition

यूपी : बिजनौर में केमिकल फैक्ट्री में लगी आग, तीन मजदूर झुलसे, सीएम योगी ने हादसे पर लिया संज्ञान 

यूपी के बिजनौर में रविवार सुबह एक केमिकल फैक्टरी में भीषण आग लगने से तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच पड़ताल की। वहीं सभी मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं इस हादसे पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने झुलसे मजदूरों के उचित इलाज और हादसे के कारणों की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए है।

जानकारी के अनुसार रविवार सुबह मजदूर केमिकल फैक्टरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक आग लग गई इसमें तीनों में 3 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आग में झुलसे मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने एक मजदूर की हालत गंभीर बताते हुए उसे दिल्ली के एक अस्पताल में रेफर कर दिया। 

वहीं इस हादसे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। योगी आदित्यनाथ ने झुलसे मजदूरों के उचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जिला प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रिपोर्ट सौंपे।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दर्दनाक: मां ने अपने कलेजे के टुकड़ों के साथ उठाया खौफनाक कदम, महिला को तो ग्रामीणों ने बचाया, बच्चों की थम गईं सांसें

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक महिला ने अपने बच्चों के साथ खौफनाक कदम उठा लिया। वह अपने घर से 100 मीटर दूर बच्चों के साथ खुदकुशी के लिए एक कुएं में कूद गई। इससे बच्चों की मौत हो गई, लेकिन लोगों ने महिला को बचा लिया। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।

पुलिस के अनुसार, सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के आमकोन गांव निवासी विग्गन की पत्नी सूरसती देवी अपने पुत्र आशीष(12) व पुत्री अंजलि(10) को लेकर शनिवार की रात करीब 9 बजे एक कमरे में सोने चली गई। परिवार के अन्य सदस्य भी घर के अन्य कमरों में सो गए।

सुबह जब लोगों की नींद खुली तो सूरसती और बच्चे बिस्तर पर नहीं थे। ऐसी स्थिति में तीनों की खोज शुरू हुई। थोड़ी देर के बाद गांव के लोगों ने सूचना दी कि वह अपने दोनों बच्चों के साथ कुएं में कूद गई है। महिला कुएं में निकले पत्थर के एक हिस्से को पकड़कर लटकी हुई थी और कुए के अंदर से ही बचाने की गुहार लगा रही थी।
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अयोध्या जमीन विवाद : ट्रस्ट ने वेबसाइट पर डाला जमीन खरीद का ब्योरा

जमीन खरीद मामले में घोटाले के आरोप से घिरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी वेबसाइट पर जमीन खरीद से जुड़ा पूरा ब्योरा अपलोड किया है।इसका उद्देश्य है कि अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे देश के रामभक्त जमीन प्रकरण की सच्चाई को परख सके। ट्रस्ट ने रामभक्तों को जमीन प्रकरण से जुड़े सभी पहलूओं की जानकारी देने की मंशा से ही साइट पर अंग्रेजी में पूरी कहानी बताई है। 

ट्रस्ट का दावा है कि जमीन खरीद में पूरी पारदर्शिता बरती गई है, इससे पहले भी ट्रस्ट ने जमीन, मठ व आश्रम की खरीद की है। जमीन खरीद प्रकरण में ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रमुख विपक्षी दलों ने खरीद फरोख्त में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है तो रामनगरी सहित देश के कुछ अन्य संतों ने भी इस मामले में ट्रस्ट को घेरते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। करोड़ों रामभक्तों के मन में भी इस प्रकरण की सच्चाई जानने को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। 

ट्रस्ट ने रामभक्तों को पूरे प्रकरण की सच्चाई से अवगत कराने की मंशा से ही अपनी साइट पर जमीन खरीद की पूरी प्रक्रिया को अपलोड कर अपना पक्ष स्पष्ट करने का प्रयास किया है। इसमें बताया गया है कि बाग बिजैशी स्थित 1.2080 हेक्टेयर भूमि 1423 रुपया प्रति स्कवायर फीट की दर से खरीदी गई है जो बाजार की खरीद दर बहुत ही कम है। इस भूमि को लेकर 2011 से ही एग्रीमेंट की प्रक्रिया चल रही थी। ट्रस्ट इस जमीन की खरीद को लेकर उत्सुक था लेकिन पहले भूमि की मिलकियत स्पष्ट करना चाहता था, क्योंकि इस एग्रीमेंट में नौ लोग जुड़े हुए थे, जिसमें से तीन मुस्लिम थे। सभी से संपर्क कर उनकी सहमति ली गई फिर एग्रीमेंट को फाइनल किया गया। इस कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती गयी। 

ट्रस्ट ने साफ किया कि इस दौरान हुए सभी लेन देन ऑन लाइन तरीके से किए गए हैं। ट्रस्ट ने इस जमीन के लिए 17 करोड़ का भुगतान किया है। यह भी बताया गया है कि ट्रस्ट तीन-चार प्लांट मंदिर व आश्रम को मिलाकर पहले भी खरीद चुका है, और आगे भी खरीद का कार्य चलता रहेगा। खरीद से जुड़े सभी रिकार्ड आन लाइन हैं। साइट पर ट्रस्ट ने बाग बिजैशी की जमीन को लेकर 2011 से अब तक हुए एग्रीमेंट का पूरा ब्यौरा भी प्रस्तुत किया है। बताया गया है कि कब-कब किससे एग्रीमेंट हुआ और किस तरह फाइनल रूप से ट्रस्ट ने जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया।

ट्रस्ट की ईमानदारी पर पूरा भरोसा
राममंदिर के लिए सबसे बड़े दानदाताओं में शुमार बिहार धर्मादा बोर्ड के न्यासी व पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने अमर उजाला से हुई विशेष बातचीत में बताया कि उन्हें ट्रस्ट की ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। वह शुक्रवार को रामजन्मभूमि परिसर गए थे और महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र की मौजूदगी में उन्होंने राममंदिर निर्माण की प्रगति देखी। काम बहुत ही संतोषजनक व योजनाबद्ध तरीके से हो रहा है।

जमीन खरीद प्रकरण में ट्रस्ट पर लग रहे आरोपों पर कहा कि मैं चंपत राय को 1990 से जानता हूं। मेरा उनके साथ तीस साल का अनुभव जुड़ा है, राममंदिर के प्रति उनकी निष्ठा पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता। मैने जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज नहीं देखे हैं। इन्हें देखने के बाद ही इस मामले पर कोई टिप्पणी करूंगा। हां इतना जरूर कह सकता हूं कि चंपत राय ने राममंदिर के प्रति आजीवन निष्ठा से काम किया है। 

पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने राममंदिर निर्माण के लिए पटना महावीर मंदिर की ओर से दस करोड़ देने का ऐलान किया है। वह मंदिर निर्माण के लिए सबसे पहले दो करोड़ का चेक भी ट्रस्ट को दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहले पांच साल के भीतर दस करोड़ देने को कहा था लेकिन अब तीन साल के भीतर ही वह राममंदिर के लिए शेष धनराशि समर्पित कर देंगे।
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गंगा दशहराः काशी में आज सांकेतिक रूप से आयोजन, इन मार्गों पर वाहनों के प्रवेश पर रोक

कोरोना संक्रमण का प्रभाव तीज-त्योहारों पर भी पड़ रहा है। गंगा दशहरा का पर्व रविवार को काशी में सांकेतिक स्वरूप से मनाया जाएगा। गंगा दशहरा पर पूर्व में वृहद स्तर पर गंगा आरती एवं पूजन का आयोजन होता था, लेकिन दो साल से कोरोना महामारी के कारण भव्य कार्यक्रमों पर ग्रहण लग गया है। गंगा दशहरा के चलते रविवार को शहर के कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जिसके चलते कई स्थानों पर वाहनों के प्रवेश पर पाबंदियां लगाई गईं हैं।

बता दें कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मां गंगा का अवतरण हुआ था।  प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गंगा दशहरा मनाने की अपील की गई है। कोरोना के कारण गंगा के घाटों पर पूजन अर्चन का सांकेतिक आयोजन किया जाएगा।

मां गंगा दैनिक आरती समित अस्सी घाट, गंगोत्री सेवा समिति की ओर से केदार घाट और दशाश्वेध घाट, गंगा सेवा निधि की ओर से दशाश्वमेध घाट, गंगा ट्रस्ट की ओर से ललिता घाट तथा केंद्रीय देव दीपावली महासमिति की ओर से पंचगंगा घाट, रामघाट, गाय घाट, प्रह्लाद घाट एवं भैसासुर घाट पर होने वाले धार्मिक आयोजनों को सांकेतिक रूप से किया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि गंगा दशहरा पर गंगा पूजन में दस की संख्या का विशेष महत्व है। मां गंगा को दस प्रकार के फूल, दस पकार के नैवेद्य, दस पकार के ऋतुफल, दस तांबूल, दशांग, धूप अर्पित करने के साथ दस दीपकों से आरती करने का विधान है। 
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उन्नाव : सिटी मजिस्ट्रेट से बिटिया की दुहाई, पिता के खाते में लाखों लेकर आई

सांकेतिक रूप से आज मनाया जाएगा गंगा दशहरा
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अधिकारी छोटे छोटे कामों के लिए महीनों नहीं सालों टहलाते हैं वहीं उन्नाव सिटी मजिस्ट्रेट ने एक बेटी की गुहार को सिर्फ सुना ही नहीं पात्र पांच घंटे के अंदर उसकी समस्या भी दूर कर दी। पढ़िए अमर उजाला की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...

बेटी की शादी और पिता धन की कमी से परेशान। उम्मीद थी कि गंगा एक्सप्रेस के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का पैसा मिलेगा और बेटी की शादी धूम-धाम से करेंगे, लेकिन शादी के दो दिन पहले तक पैसा नहीं मिला तो पिता की बेचैनी बढ़ गई। पिता की बेचैनी देख बेटी ने सिटी मजिस्ट्रेट को व्हाट्सएप पर मैसेज कर अपनी शादी की दुहाई देते हुए राशि दिलवाने की गुहार लगाई।

बिटिया के मैसेज से सरकारी सिस्टम पिघल गया और रफ्तार ऐसी दिखाई कि पांच घंटे में ही मुआवजे के 20 लाख रुपये खाते में पहुंचा दिए। तय समय में बिटिया की शादी धूमधाम से हुई। बीघापुर तहसील के सलेथू गांव के मूल निवासी दिनेश तिवारी शुक्लागंज गंगानगर पोनी रोड में रहते हैं। कानपुर में एक कपड़े की दुकान में नौकरी करते हैं।
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फादर्स डे आज: मिस यू पापा... हमेशा यादों में रहेंगे आप, पिता को खोने वाले बेटे-बेटियों का छलका दर्द

जिंदगी के हर कदम पर पिता हौसला देते हैं। कुछ भी हो जाए, एक वही होते हैं जो साथ खड़े रहते हैं। उंगली पकड़कर चलना सिखाना हो या पहली बार स्कूल छोड़कर आना। मनपसंद चीज मंगानी हो या कहीं घूमने जाना। पिता जिंदगी के हर पड़ाव पर एक वृक्ष की तरह छांव देते हैं। पिता के भाव को शब्दों से नहीं समझाया जा सकता। हर बार फादर्स डे बच्चों के लिए खास होता था, लेकिन इस बार महामारी ने इसे दुखद बना दिया है।

कोरोना ने कितने ही परिवारों को जिंदगी भर का गम दे दिया है। कितने ही ऐसे परिवार हैं, जिनके घर में हर बार जैसी खुशियां नहीं होंगी। जिनको हर साल बेटे-बेटी गिफ्ट देते थे... अपनी जिद पूरी कराते थे... वे पापा नहीं होंगे। आज इस दुखद क्षण में अपने पिता को खोने वाले ऐसे बच्चों से बात हुई तो इस दिन के मायने और भी बढ़ गए। ये बच्चे आज फादर्स डे पर यही कह रहे हैं कि उनकी कमी तो अब जिंदगीभर रहेगी... लेकिन उनके सपनों को पूरा करना ही अब हमारा लक्ष्य होगा। जो जिम्मेदारी परिवार की वो उठाते थे... उसे अब हम संभालेंगे। मिस यू पापा... आप हमेशा हमारी यादों में रहेंगे।

‘पापा के हर सपने को पूरा करूंगा’
फादर्स डे पर पापा एडवोकेट भोज प्रताप सिंह घुमाने ले जाते थे। अब हर बार ये दिन बहुत रुलाएगा। मुझे कभी पापा ने सोते नहीं उठाया। मेरे पास आकर बैठ जाते थे और जोर-जोर से अखबार पढ़ने लगते थे, ताकि मैं खुद उठ जाऊं। कभी पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं बनाया। बस यही कहते थे कि जो भी करो, मन से करो। कभी पढ़ाई में मुझ पर नंबरों के लिए दबाव नहीं बनाया। अब तो परिवार की जिम्मेदारी संभालनी है। मन लगाकर और मेहनत से पढ़ाई करनी है। पढ़ाई के दम पर ही पापा के सपने को पूूरा करना है। उन सारी बातों को पूरा करना है जो वे परिवार के लिए सोचा करते थे। उनकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। - आशीष तोमर, 12वीं के छात्र, गंगानगर  

‘किसी और बच्चे के साथ ऐसा न हो’ 
हर बार पापा विनोद वर्मा फादर्स डे पर पूरा दिन भाई और मेरे साथ रहते थे। घर आते तो कहते कि एक बार हंस दे, मुझे ताकत मिल जाती है। बस यही कहते थे कि शुभम और तुम पढ़-लिखकर कामयाब हो जाओ तो मुझे आराम मिले। कभी भी उन्होंने कुछ मना नहीं किया। वे हमेशा यही कहते थे कि जिस क्षेत्र में जाओ मेरा नाम करना। उन्होंने कभी खुशी हो या गम किसी भी क्षण मुझे अकेलापन महसूस नहीं होने दिया। उनकी कमी बहुत खल रही है। हर बार फादर्स डे पर उनकी याद सताती रहेगी। अब मेहनत से पढ़ाई करके उनके सपने को पूरा करना है। इंजीनियरिंग में मेहनत करके अच्छी नौकरी पानी है, ताकि उनके सपने को पूरा कर सकूं। दूसरे किसी बच्चे के साथ ऐसा न हो।  - मानसी वर्मा, इंजीनियरिंग की छात्रा, ब्रह्मपुरी 

 
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यूपी में सोमवार से कोरोना पाबंदियों में छूट, शादी में शामिल हो सकेंगे 50 लोग, दफ्तर आएंगे सभी लोग

टूटा रिकॉर्डः वाराणसी में बादलों ने पानी और पारा गिराया, अब तक 200 एमएम बारिश, तस्वीरों में देखें शहर का हाल

मानसूनी सक्रियता के कारण वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश और बूंदाबांदी का माहौल बना हुआ है। वाराणसी में  13 को मानसून के आने के बाद अब तक सात दिन में ही 200 मिलीमीटर बारिश होने से जून में औसत मानक का रिकॉर्ड टूट गया है। आने वाले दिनों में बारिश की जो संभावना जताई जा रही है, उससे पिछले दस साल का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

इधर, शनिवार सुबह से शुरू बूंदाबांदी रात तक तेज बारिश में तब्दील हो गई। इससे लोगों को उमस से राहत मिली। पिछले 24 घंटे में तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  आमतौर पर वाराणसी समेत पूर्वांचल में 20 जून तक मानसून आता है, लेकिन इस बार समय से पहले 13 जून को ही मानसून ने दस्तक दे दी।

अगले दिन से ही बारिश शुरू हुई, जो रुक रुक होती जा रही है। 13 से 16 जून तक 44 मिलीमीटर बारिश हुई थी जबकि 17 जून को 102 मिलीमीटर बारिश हुई। शुक्रवार और शनिवार को मिलाकर दो दिन में मौसम विभाग ने 54 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। 13 से 19 जून तक कुल 200 मिलीमीटर बारिश हुई। 
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