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Farmers Protest: किसानों की ट्रैक्टर परेड पर पुलिस का अलर्ट, हाईवे-एक्सप्रेसवे पर फोर्स तैनात

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तैनात फोर्स आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तैनात फोर्स

राजभवन घेराव करने जा रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, बोले- कानून अन्नदाता के हित में नहीं

तीनों कृषि कानूनों की वापसी समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजभवन घेरने लखनऊ पहुंचे किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किसान नेता हरनाम सिंह के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन में प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों ने राज्यपाल से कहा कि तीनों कृषि कानून अन्नदाता के हित में नहीं हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी राजभवन में मौजूद थे।

इसके पहले, लखनऊ में किसान राजभवन घेरने के लिए निकले तो पुलिस ने बनी के पास बल्ली लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्नाव-लखनऊ सीमा के बीच पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दुबग्गा के नजदीक पहुंचे किसानों को पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की और उन्हें वहीं रोक दिया।

बता दें कि प्रशासन ने अवध और पूर्वांचल के जिलों के भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए जिले भर में कई जगह बैरीकेडिंग की है। इसके बावजूद शुक्रवार रात तक करीब 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड़ पर कासिमपुर बिरहुवा गांव पहुंच गए थे।

दिल्ली बार्डर पर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रही संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने 23 जनवरी को राजभवन घेराव और 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली व जिलों में ट्रैक्टर परेड का आह्वान किया। अवध व पूर्वांचल के जिलों के कार्यकर्ता शनिवार को राजभवन का घेराव करेंगे। भाकियू के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बताया कि सभी जिलों में किसानों को लखनऊ आने से रोका जा रहा है। किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। 

अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने किसानों के ढाई-तीन सौ ट्रैक्टर रोक रखे हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार रात तक 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड पर गोसाईंगज के निकट कासिमपुर बिरहुआ गांव पहुंच गए हैं। ट्रैक्टर वहीं खड़ी कर दिए गए हैं। शनिवार को और भी ट्रैक्टर आ जाएंगे। भाकियू के प्रवक्ता आलोक वर्मा ने बताया कि शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में हजारों ट्रैक्टरों से हजारों किसान गोसाईंगंज के कबीरपुर गांव से एक बजे राज्यपाल को ज्ञापन देने जाएंगे।

किसान नेताओं से बात कर उन्हे रोकेंगे जिलों के पुलिस अफसर, मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग कर दिए निर्देश 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में कानून व्यवस्था सउनिश्चित रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार रात वीडीयो कान्फ्रेंसिंग कर सभी जिलों व दोनों कमिशनरेट के अफसरों को इसे लेकर स्थिति की जानकारी की और सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।  
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अलीगढ़ः जगह-जगह से दिल्ली कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने रोका, कहीं छीनी चाबी, कहीं किसान नेता नजरबंद

दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन देने और 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए देश के कई इलाकों से किसान दिल्ली का रुख कर रहे हैं। ऐसे ही किसानों में उत्तर प्रदेश के अलगीगढ़ के किसान भी हैं। जिले से शनिवार सुबह से ही अलग-अलग स्थानों से किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं, हालांकि इन्हें पुलिस बीच रास्ते में ही रोक रही है।

आज अलीगढ़ के टप्पल, इगलास और अतरौली इलाके से दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। कुछ किसान नेताओं को पुलिस ने उनके घर में नजरबंद भी कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से कई जगह जाम भी लग गया है।

इगलास से जब किसान दिल्ली की ओर रवाना हो रहे थे तो पुलिस ने किसानों को रोकते हुए ट्रैक्टर की चाबी छीन ली। वहीं समाजसेवी किसान चौधरी सुंदर सिंह के घर पर दो सिपाही तैनात कर उन्हें नजरबंद कर दिए हैं।

अतरौली के नरौना मेंं 12 नंबर पर किसानों को रोका गया तो किसानों ने रास्ते में जाम लगा दिया। किसान आंदोलन के चलते कस्बा इगलास में पुलिस के साथ एस डी एम कुलदेव सिंह और सीओ मोहसिन खान ने पैदल मार्च किया।
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मोस्ट वांटेड बद्दो की कोठी पर तीसरे दिन भी चला बुलडोजर, कार्रवाई के दौरान नहीं पहुंचे अधिकारी

मेरठ में ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की कोठी पर शनिवार को तीसरे दिन भी एमडीए का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान आज भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे पहले शुक्रवार को भी कार्रवाई के दौरान कोई पुलिस अधिकारी न्यू पंजाबीपुरा नहीं पहुंचा था। हालांकि टीपी नगर थाना पुलिस और एमडीए के अधिकारी ही दिनभर मौजूद रहे।

शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक कार्रवाई चली थी। बुलडोजर से कोठी को करीब 90 फीसदी ध्वस्त कर दिया गया। एमडीए ने 50 से ज्यादा मजदूर भी काम पर लगाए। आसपास के लोगों का कहना है कि कोठी का मलबा पड़ोसियों के घर के सामने तक फैल गया है। इसके चलते उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया कि मलबा जल्द हटा दिया जाएगा।

आज पोर्कलेन मशीन से तोड़ी गई कोठी
बद्दो की कोठी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज तीसरे दिन भी जारी रही। गली संकरी होने से कोठी को गिराने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। शुक्रवार को नगर निगम से पोर्कलेन मशीन मांगी गई थी। कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण वह नहीं मिल सकी। जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि अगर संकरी गली न होती तो जेसीबी से ही काम पूरा हो जाता।

शातिर अपराधी मोस्ट वांटेड बद्दो की कोठी को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। उसकी अचल संपति को भी जब्त करने की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। बद्दो से जुड़े सभी उसके साथियों पर भी कार्रवाई होगी। - अजय साहनी, एसएसपी

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लखनऊ: अंगीठी की आग से जिंदा जले दो मासूम, छत काटी, पर नहीं बची जान

बद्दो की कोठी पर बुलडोजर चला।
राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र की विराट नगर कॉलोनी में शनिवार सुबह एक घर में अंगीठी तापते समय भीषण आग लग गई जिसमें दो मासूम सहित पांच लोग बुरी तरह झुलस गए। मासूमों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां दोनों की मौत हो गई। मृतकों में चार साल का रितिक और एक साल का शांतनु है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों की मौत दम घुटने और झुलसने से हुई है। दोनों के शवों को मर्चुरी भेज दिया गया है।

घर से धुंआ और तेज लपटें निकलती देख पड़ोसियों ने पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने आग में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला जिसमें दो मासूमों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी मौत हो गई। वहीं, दमकल की 5 गाड़ियों ने ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। पुलिस के मुताबिक, आग लगने का कारण अब पता नहीं चल सका है।

प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर महेश दुबे के मुताबिक, विराट नगर में शांति अकेले रहती हैं। उन्होंने अपने मकान का एक हिस्सा सनी को किराए पर दे रखा है। सनी के परिवार में उसकी पत्नी खुशबू दो बेटे रितिक और शांतनु है। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे शांति के घर से अचानक धुंआ और तेज लपटें निकलने लगी जिसे देख कर पड़ोसियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों को दूर किया अग्निशमन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

छत काटकर निकाले गए लोग
सूचना पर पहुंची अग्निशमन की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर घर में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए छत और दीवार काटकर अंदर पहुंचे और पांचों लोगों को बाहर निकाला जिनमें रितिक और शांतनु की हालत गंभीर थी। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, आग बुझाने का काम शुरू किया गया। कमरे में धुआं इतना भर गया था कि अग्निशमन कर्मियों को राहत कार्य करने में दिक्कत हो रही थी। अग्निशमन कर्मी ऑक्सीजन का सिलेंडर लेकर छत के रास्ते घर में घुसे थे।
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अखिलेश का योगी सरकार पर तंज, पूछा- ये अभी भी इलाहाबादी अमरूद है या 'प्रयागराजी अमरूद' हो गया

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जिलों के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक ठेले से अमरूद खरीदते हुए अपनी फोटो ट्वटिर पर पोस्ट की। उन्होंने सवाल करने के अंदाज में पूछा कि भाई अभी भी सबसे प्रसिद्ध अमरूद ‘इलाहाबादी अमरूद’ कहलाता है या उसका भी नाम बदलकर ‘प्रयागराजी अमरूद’ हो गया है?



बता दें कि अखिलेश यादव अक्सर इसी अंदाज में योगी सरकार पर तंज कसते रहते हैं। दरअसल, यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनने लगा है। सपा अध्यक्ष जिलों के दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने रामपुर और बरेली का दौरा किया।

रामपुर में उन्होंने आजम खां की पत्नी व सपा विधायक डॉ. तजीन फात्मा से मुलाकात की। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे। कुर्की का आदेश जारी होने के बाद आजम खां ने अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और पुत्र अब्दुल्ला आजम के साथ 26 फरवरी 2020 को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था

 इसके बाद तीनों को सीतापुर जेल भेज दिया गया था। सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद डॉ. फात्मा पिछले माह जेल से बाहर आ गई थीं। अब तक सपा का कोई बड़ा नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा था। कांग्रेस और दूसरे दलों के नेताओं ने आजम खां के घर जाकर डॉ. फात्मा से मुलाकात की।  इस बीच एआईएमआईएम के सदर असदउद्दीन ओवैसी की आजम खां से मुलाकात करने की संभावना की खबर भी सियासी गलियारों में चलने लगी। इस बीच अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर डॉ. फात्मा से मुलाकात की।
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शिक्षक का एकतरफा प्यार और छात्रा पर वार, काटी उंगलियां, दिए जख्म

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