जान हथेली पर रख कर चल रहे ग्रामीण

Chamoli Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
कर्णप्रयाग। लगातार हो रही बारिश से विकासखंड में दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्ग बदहाल हो गए हैं। दो वर्ष आपदा में क्षतिग्रस्त कई मार्ग मरम्मत न होने से अब और भी भयवाह बन गए हैं। स्थिति यह है कि क्षेत्रीय ग्रामीणों को मजबूरी में इन्हीं क्षतिग्रस्त रास्तों से जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन

लगातार बारिश से पूर्व से ही क्षतिग्रस्त सिमली-नैंणीसैंण, सिमली-धारडुंग्री, सिमली-कोली, सिमली-मठोली, डिम्मर-नाकोट-उमट्टा, भटोली-सिमल्ट, लंगासू-मैखुरा, बगोली-स्यान-सेरागाड़, लंगासू-स्वर्का-कांचुला, बैरफाला-रैंखाल, उमट्टा-रैंखाल, ग्वाड़-कांडा-मैखुरा, कर्णप्रयाग-बरसाली, कर्णप्रयाग-देवड़ी, नौली-कोलडुंगरा, कालेश्वर-मैखुरा आदि पैदल मार्गों की स्थिति और भी भयावह हो गई है। इन मार्गों पर कई स्थानों पर भूस्खलन, भूं-धसाव हो गया है। क्षेत्र निवासी हरीश चौहान, एसपी शर्मा आदि का कहना है कि जिला पंचायत एवं वन विभाग की लापरवाही से पैदल मार्गों की दो साल बाद भी मरम्मत नहीं हो पाई है, जिस कारण ये मार्ग इस बार और भी खतरनाक हो गए हैं। कहा कि मार्गों की मरम्मत के लिए विभाग एवं प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद मामला प्रस्तावों तक सिमटा हुआ है।
इनका कहना है--
जिला पंचायत को जो धन विभिन्न मदों में प्राप्त होता है, उसमें छोटे-छोटे मरम्मत कार्य किए जाते हैं। गांवों के क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों की मरम्मत का प्रस्ताव मनरेगा में कराने के लिए ग्राम पंचायतों को कहा जा रहा है।
-वीपी चमोली, कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष, गोपेश्वर (चमोली)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us