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ढाई साल बाद शनि बदलेंगे अपनी राशि , कुदृष्टि से बचने के लिए शनि शिंगणापुर मंदिर में कराएं तेल अभिषेक : 14-दिसंबर-2019
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IMA POP 2019: अंतिम पग पार कर देश रक्षा में समर्पित हुए 306 जांबाज, गौरवान्वित कर देंगी ये तस्वीरें

भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड के बाद आज भारतीय सेना को 306 जांबाज अफसर मिल गए हैं।

7 दिसंबर 2019

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चम्पावत

शनिवार, 7 दिसंबर 2019

डीआईजी ने किया आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी का निरीक्षण

डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने छमनियांचौड़ स्थित आईटीबीपी की 36वीं वाहिनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हिमवीरों की समस्याएं सुनीं। इसके अलावा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में स्वच्छता पखवाड़े के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया।
मंगलवार को क्षेत्रीय मुख्यालय बरेली से आए डीआईजी एपीएस निबांडिया ने हिमवीरों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने के साथ स्वच्छता के लिए जागरूक किया। डीआईजी निंबाडिया ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में वाहिनी की ओर से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया। उन्होंने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन कर उनके बेहतर कॅरिअर के लिए टिप्स दिए।
डीआईजी ने छात्रों को माउंटेनिंग के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा नशे से दूर रहने की नसीहत दी। इस दौरान निबंध प्रतियोगिता में विजेता भारती मेहता, नेहा बोहरा, चित्रकला प्रतियोगिता में विजेता हर्षित कुंवर, शिवानी मौनी, सांस्कृतिक में विजेता कक्षा आठ और कक्षा 12 के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। वहां कमांडेंट सुभाष चंद्र यादव, उपसेनानी विरेंद्र सिंह, सहायक सेनानी मोहित वर्मा, ठगेंदर सिंह, महादेव झंडे आदि मौजूद रहे।
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समाजशास्त्र के प्राध्यापक की नियुक्ति की मांग

बनबसा राजकीय महाविद्यालय में समाज शास्त्र के प्राध्यापक की नियुक्ति की मांग को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों ने प्रभारी प्राचार्य आरएन पांडेय को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि जल्द समाज शास्त्र के प्राध्यापक की नियुक्ति करवाई जाए ताकि छात्र छात्राओं को समाज शास्त्र विषय के अध्ययन में हो रही दिक्कतें दूर हो सकें।
मंगलवार को छात्रसंघ अध्यक्ष अमन कुमार के नेतृत्व में प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में छात्रसंघ पदाधिकारियों ने समाज शास्त्र के प्राध्यापक नहीं होने से पढ़ाई में आ रही परेशानियों का हवाला दिया। ज्ञापन में लिखा कि महाविद्यालय में विभिन्न कक्षाओं में करीब 170 छात्र-छात्राएं समाजशास्त्र विषय का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने प्राचार्य से समाज शास्त्र के प्राध्यापक की नियुक्ति की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में कोषाध्यक्ष विरेंद्र कुमार, छात्रा प्रतिनिधि शिवानी, कविता कापड़ी, ईशिका गुंज्याल, हिमांशु राज आदि थे। उधर समाज शास्त्र के प्राध्यापक नहीं होने से तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं भी होने वाली हैं।
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आरोपियों पर न किया जाए रहम, दी जाए सख्त सजा

अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स, कब तक निर्भया
आरोपियों पर न किया जाए रहम, दी जाए सख्त सजा
महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जरूरी, दूसरों की बहन-बेटियों के मान-सम्मान की बेटों को देनी होगी सीख
बीएनके अस्पताल सभागार में आयोजित संवाद में बोलीं महिलाएं
अमर उजाला ब्यूरो
लोहाघाट (चंपावत)। अमर उजाला ने अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले ‘आखिर कब तक निर्भया’ पर मंगलवार को महिलाओं के साथ संवाद का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया। इसके लिए पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरे और अन्य उपाय किए जाने की मांग की। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग उठाई।
बीएनके अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म व हत्या को शर्मसार करने वाली घटना बताया। कहा कि कसूरवारों को फांसी पर लटकाया जाए। महिला सुरक्षा के उपायों की विस्तृत समीक्षा कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सभ्य समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर आवाज उठानी होगी।
परिवार में बेटों को दूसरों की बहिन-बेटियों के प्रति सम्मान की नजर रखने और अच्छे संस्कार देकर सही राह पर चलने को प्रेरित करने में बुजुर्गों को बड़ी भूमिका निभानी होगी। कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अजनबी व संदिग्ध किस्म के लोगों की सूचना पुलिस को देने, बगैर सत्यापन फेरी लगाने की अनुमति न देने जैसे कई सुझाव भी रखे गए। इस दौरान महिला सशक्तीकरण की शपथ ली गई। वहां राधिका देवी, सोनिया, धना देवी, गीता देवी, रेखा अधिकारी, लक्ष्मी महर, लीला बगौली, प्रेरणा गोस्वामी, नेहा थापा, शिखा पांडेय, लाइबा, बाला देवी, मनीषा राय आदि थे।
तेलंगाना की जघन्य वारदात जैसे अत्याचार आखिर महिलाएं कब तक सहेंगी। सरकार को महिला सुरक्षा के लिए ठोस उपाय करने होंगे। मातृशक्ति को भी जागरूक करना होगा। रेखा अधिकारी।
-तेलंगाना जैसी वारदात की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने के लिए ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। ताकि दूसरों को इससे सबक मिल सके। लक्ष्मी महर
-तेलंगाना और अन्य जगह की वारदातों से महिलाओं में खौफ है। ट्यूशन, कॉलेज आदि जगह भी छात्राओं को अकेले भेजने में डर लग रहा है। पुख्ता सुरक्षा ही इसका विकल्प है। लीला बगौली
- तेलंगाना की जघन्य वारदात ने दूरदराज की महिलाओं और बालिकाओं को भी दहशत में डाल दिया है। ऐसे दुराचारियों को जेल की रोटी खिलाने के बजाय गोली मारकर सख्त संदेश दिया जाना चाहिए। प्रेरणा गोस्वामी
-तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात की पुनरावृत्ति को रोकने का एक ही उपाय है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टोलरेंस नीति बनाई जाए। मनीषा राय
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भारत-नेपाल सीमा विवाद सुलझाने को जल्द शुरू होगा संयुक्त सर्वे

भारत-नेपाल के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद सुलझाने को जल्द ही दोनों देशों की टीमें संयुक्त रूप से सीमा क्षेत्र का सर्वे कर सीमांकन करेंगी। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया की टीम एक सप्ताह पूर्व ही टनकपुर पहुंच गई है। फिलहाल, सर्वे ऑफ नेपाल की सर्वे टीम नहीं पहुंची। नेपाल की टीम के पहुंचते ही सीमा के सर्वे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
चंपावत जिले से लगी नेपाल सीमा में कई सीमा स्तंभों के क्षतिग्रस्त होने और कुछ के गायब होने से दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ब्रह्मदेव के समीप सीमा स्तंभ 811/3 ए लंबे समय से गायब है।
चंपावत से लेकर यूपी के लखीमपुर खीरी तक भारत-नेपाल सीमा में स्तंभ संख्या 700 से 850 तक सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को दोनों देशों के बीच संयुक्त सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। 24 से 26 सितंबर तक दोनों देशों के बीच देहरादून में हुई एसओसी की बैठक में सर्वे की कार्ययोजना बनने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया की टीम एक सप्ताह पूर्व यहां पहुंच गई है।
सर्वे टीम के मुखिया बीएसएस प्रसाद ने बताया कि सर्वे ऑफ नेपाल की टीम के पहुंचने के बाद एफएसटी का गठन किया जाना है। इसके बाद ही दोनों देशों की टीमें संयुक्त रूप से सर्वे शुरू करेंगी।
भारत-नेपाल सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को जल्द दोनों देशों की टीम संयुक्त सर्वे शुरू करेगी। सर्वे ऑफ इंडिया की टीम टनकपुर पहुंच चुकी है, लेकिन सर्वे ऑफ नेपाल की टीम अभी नहीं पहुंची है। नेपाल की टीम संभवत: शनिवार को पहुंच सकती है। सर्वे से पूर्व दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक होगी जिसमें एफएसटी का गठन किया जाएगा। - एसएन पांडेय, जिलाधिकारी चंपावत।
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धीरज ने सबसे दूर फेंका गोला

खेल महाकुंभ के तहत लोहाघाट, पाटी और बाराकोट में खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। लोहाघाट में अंडर-21 आयु वर्ग में गोला फेंक में धीरज ने सबसे दूर 27 मीटर गोला फेंका। रोहित व दीपक क्रमश: दूसरे व तीसरे नंबर पर रहे। चक्का फेंक में प्रीतम, मोहन व योगेश और भाला फेंक में दीपक, संजय व बलवंत पहले तीन स्थान पर रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
400 मीटर दौड़ में हेमंत, मनोज व गंगा, 800 मीटर में गोपाल, संजय व मनोज, 1500 मीटर में योगेश, पंकज व मदन, लंबी कूद में संजय, अंकित व प्रीतम क्रमश: पहले तीन नंबर पर रहे। कबड्डी में कोलीढेक विजेता और भुमलाई उप विजेता रहा। आयोजन में ब्लाक आर्गनाइजर जसवंत खड़ायत, नरेश राय, जीवन मेहता, गोविंद मेहता, नरेंद्र अधिकारी, मदन पुजारी, दिवान पुजारी, प्रदीप ढेक, चंद्रा पांडेय, गोविंद बोहरा आदि ने सहयोग किया।
बाराकोट में बीईओ रमेश राम की अध्यक्षता और आरपी कालाकोटी के संचालन व रमेश जोशी के दिशा निर्देशन में 1500 मीटर दौड़ में तनु, वंदना व गीता, चक्का फेंक में सुहानी, रानी व दीपा, बालकों में आशीष, अजय व राजेंद्र, गोला फेंक में आरती, सुहानी व कविता, बालकों में नीरज, लक्की व सचिन, बैडमिंटन में कृतिका, कविता व रितिका पहले तीन स्थान पर रहे। आयोजन में दुर्गेश जोशी, रमेश जोशी, राजकिशोर ओली, बीके सिंह, डा. योगेश चतुर्वेदी, ऋषिराज खर्कवाल, जगदीश अधिकारी, महेश पांडेय, रितेश वर्मा प्रेम राम, गणेश गिरी आदि सहयोग कर रहे हैं।
पाटी में बीईओ राजकिशोर बाजपेयी के दिशा-निर्देशन में आयोजित 100 मीटर दौड़ में सुहानी, कृतिका व महिमा, 400 मीटर में सानिया, संतोषी व अंकिता, 1500 मीटर में हेमा, रुकमणि व राधा, गोला फेंक में बबीता, काजल व खुशबू, लंबी कूद में सुहानी, कृतिका व कविता विजयी रहे। आयोजन में कमल जोशी, कीर्ति भट्ट, सुरेश गहतोड़ी, दीपक सोराड़ी, दीप जोशी, रवीश पचौली, रमेश भट्ट, दीपक जोशी, पान सिंह मेहता, गीता जोशी आदि सहयोग कर रहे हैं।
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मकानों को गिरने से बचा लो हुजूर

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान यहां से करीब 20 किमी दूर स्वांला में कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीणों ने जल्द बचाव के उपाय करने की प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड से गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच पर कटिंग के बाद सुरक्षा दीवार निर्माण में देरी से स्वांला में सड़क से लगे मकान का आंगन और शौचालय खतरे की जद में आ गया है। बृहस्पतिवार शाम को भवन में कई जगह दीवार में भी दरार आ गई है। इससे पूरे मकान के गिरने का अंदेशा पैदा हो गया है। भवन स्वामी लीलाधर भट्ट और हरीश भट्ट का कहना है कि सड़क कटिंग के तुरंत बाद सुरक्षा दीवार नहीं बनाए जाने से यह नौबत आई है।
नंदाबल्लभ, प्रकाश चंद्र, हेम चंद्र, रमेश चंद्र, भुवन चंद्र, जगदीश चंद्र आदि के मकानों को भी खतरा है। लोगों ने जल्द बचाव के जरूरी कदम उठाने की मांग की है। एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने कहा कि ग्रामीणों के भवन पर खतरे के मद्देनजर निर्माण करा रही कंपनी से जल्द बचाव के जरूरी उपाय करने को कहा गया है।
निर्माण अवधि को विस्तार का अभी भी हो रहा इंतजार
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क के निर्माण की अवधि 30 नवंबर को पूरी हो गई है लेकिन करीब 30 प्रतिशत काम अभी भी बाकी है। निर्माणदायी कंपनियों ने सड़क निर्माण के लिए कार्य अवधि विस्तार के लिए एनएच को पत्र भेजा है।
उन्होंने अप्रैल 2020 तक का वक्त मांगा है। एनएच के लोहाघाट खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि पत्रावली केंद्रीय सड़क मंत्रालय में विचाराधीन है। विस्तार नहीं मिलने की दशा में हर रोज 0.25 प्रतिशत रकम के हिसाब से कटौती की जाएगी।
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4000 रुपये किलो बिक रहा बद्री गाय के दूध से तैयार घी

आमतौर पर बाजार में घी 400 से 500 रुपये किलो की दर से बिकता है लेकिन पहाड़ी नस्ल की बद्री गाय का घी चार हजार रुपये किलो ऑनलाइन बिक रहा है।
पहाड़ी नस्ल की गाय के संरक्षण के बनाए गए नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में बद्री गाय को बचाने की मुहिम रंग ला रही है। हेथा कंपनी बद्री गाय के दूध को 41 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद कर इसका घी बनवा रही है जो ऑनलाइन चार हजार रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। वर्तमान में यहां 300 पशुधन हैं जिसमें 140 बद्री गाय और उनके बछड़े हैं।
पशु प्रजनन केंद्र में प्रतिदिन बद्री गायों से 125 लीटर दूध प्राप्त होता है। पूर्व में यह दूध दुग्ध संघ को 25 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिया जाता था। बाद में पशु प्रजनन केंद्र ने बद्री गाय के दूध की लैब में सैंपलिंग कराई। लैब में बद्री गाय के दूध में ए-2 प्रोटीन के अलावा अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता पाई गई।
इसकी गुणवत्ता के आधार पर पशुपालन विभाग ने दूध को खरीदने के लिए निविदा आमंत्रित की जिसके बाद पशुपालन विभाग ने दूध का पेटेंट कराया। निविदा के बाद गाजियाबाद की हेथा कंपनी ने दूध के 41 रुपये प्रति लीटर की दर से दाम दिए। नरियालगांव की स्थानीय महिलाएं हेथा कंपनी के लिए इस दूध से पारंपरिक तरीके से घी तैयार कर दे रही हैं। इससे उनको रोजगार भी मिल रहा है।
यह घी हेथा हिमालयन पहाड़ी बद्री गाय बिलोना घी के नाम से ऑनलाइन बिक रहा है। बद्री गाय के कम दूध देने के कारण पहाड़ में लोगों ने इन्हें पालना छोड़ दिया था। पशुपालन विभाग की इस पहल से अब लोग फिर से बद्री गाय पालने की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
गाजियाबाद की हेथा कंपनी बद्री गाय के दूध से जैविक घी तैयार कर रही है जो अमेजन सहित कई अन्य शॉपिंग कंपनियों में ऑनलाइन बिक रहा है। आधा किलोग्राम की कीमत 2500 रुपये है। डॉ. बीएस जंगपांगी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चंपावत।
दस महिलाओं को मिला रोजगार
चंपावत। हेथा कंपनी की ओर से बद्री गाय के दूध से घी तैयार करने के लिए 10 स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। नरियालगांव में लगाए गए प्लांट में घी तैयार करने के कार्य में लगी महिलाओं को दैनिक पारिश्रमिक दिया जाता है। कंपनी की ओर से प्रत्येक महिला को 7000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में मौजूद बद्री गायें।
नरियालगांव पशु प्रजनन केंद्र में मौजूद बद्री गायें।- फोटो : CHAMPAWAT
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ऐसा कानून बनाएं जिससे अपराधियों में खौफ हो

चंपावत के नरियालगांव में बद्री गायों के दूध से घी तैयार करतीं महिलाएं।
हैदराबाद में डॉक्टर बेटी के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में बुधवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले एमडीएम एजुकेशनल एकेडमी स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। कहा कि ऐसा कानून बने जिससे अपराधियों में खौफ पैदा हो।
शिक्षिकाओं ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाना ही काफी नहीं है बल्कि कानून पर धरातलीय अमल भी जरूरी है जिससे अपराधियों में कानून का भय पैदा हो। उन्होंने कहा कि इस घटना ने मानवीयता को तार-तार किया है। दुराचारियों को कठोर सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी बेटियों की तरफ बुरी नजर से देखने की हिम्मत न जुटा पाए।
महिला सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाने चाहिए जिससे वे अपने सामाजिक दायित्वों को समझ सकें। बेटियों को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा में दक्ष बनाने की भी जरूरत है। उन्होंने दरिंदों को सबक सिखाने के लिए खुद सक्षम बनने का संकल्प लेते हुए उन्हें जल्द फांसी पर लटकाने की मांग उठाई।
हैदराबाद की घटना पूर्व में हुई निर्भया घटना की पुनरावृत्ति है। निर्भया घटना के बाद महिला सुरक्षा कानून बनाने को खूब हल्ला मचा था। इस घटना ने और सख्त कानून बनाने की जरूरत का अहसास कराया है। अपराधियों में जब तक कानून का भय नहीं होगा ऐसी घटना पर अंकुश नहीं लग पाएगा। सुनीता चंद, प्रधानाचार्या।
- बहन-बेटियों के साथ दुराचार करने वालों पर दया करने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को सख्त सजा देकर अपराधियों में कानून के खौफ का अहसास कराना होगा। ऐसे दुराचारियों को सबक सिखाने के लिए बेटियों को भी खुद सक्षम बनने की जरूरत है। पुष्पा पाठक, शिक्षिका।
-हैदराबाद की घटना ने निर्भया घटना की तरह शर्मसार किया है। डॉक्टर बेटी के साथ जो हुआ उसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और न ही किया जाना चाहिए। दोषियों को जल्द ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि बहन-बेटियों पर बुरी नजर रखने वालों को सबक मिल सके। रितू देउपा, शिक्षिका।
ऐसी घटनाओं पर अंकुश के लिए कड़े कानून के साथ सुरक्षा उपाय व सुरक्षात्मक निगरानी जरूरी है। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा। लोगों को जागरूक होने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले काम भी करने होंगे। बच्चों को इस योग्य बनाना चाहिए है कि वे सामाजिक दायित्वों को समझ सकें। एकता अग्रवाल, शिक्षिका।
दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए। हैदराबाद की घटना ने महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा की है। ऐसा कानून बनाया जाए जिसका ऐसे दरिंदों में खौफ पैदा हो। पूजा जोशी, शिक्षिका।
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प्रसिद्ध नरसिंह श्रमदान से बनने लगा नरसिंह मंदिर

प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के निर्माण को शुरू हुआ श्रमदान
खेतीखान के पास कालूखांण में है यह प्रसिद्ध मंदिर, ग्रामीणों ने लिया सरकारी निधि न लेने का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। खेतीखान के नजदीक कालूखांण के प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। यह पूरा काम क्षेत्र के लोग श्रमदान और आपसी सहयोग से कर रहे हैं। ग्रामीणों ने तय किया कि मंदिर के काम में किसी भी तरह की विधायक या सांसद निधि की मदद नहीं ली जाएगी।
खेतीखान और आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए नरसिंह मंदिर अनन्य आस्था का केंद्र है। तय किया गया कि पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे खूबसूरत स्वरूप दिया जाएगा। मंदिर कमेटी और ग्रामीणों ने पुराने मंदिर को तोड़ने का काम श्रमदान से शुरू कर दिया है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष गोविंद बल्लभ पंगरिया ने बताया कि मंदिर के भवन का खर्च और अन्य तमाम खर्च क्षेत्र के लोग वहन करेंगे। श्रमदान में पूर्व ब्लाक उप प्रमुख गोपाल मनराल, सतीश, मुकेश, संजय, सुरेंद्र बोहरा, जगन्नाथ, सुमित कलखुड़िया सहित क्षेत्र के तमाम ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
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डिग्री कॉलेज भवन को 100 नाली भूमि देंगे मुजेड़ा तोक के लोग

पाटी राजकीय डिग्री कॉलेज के भवन के लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को जौलाड़ी में हुई बैठक में गांव के लोगों ने कॉलेज भवन के लिए 100 नाली जमीन दान देने का एलान किया है। कॉलेज प्रशासन इस भूमि का मुआयना कर जल्द ही निर्णय लेगा।
देवीधुरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एएस उनियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव के लोगों ने जौलाड़ी ग्राम पंचायत के मुजेड़ा तोक में 100 नाली भूमि कॉलेज के लिए निशुल्क देने पर सहमति जताई। ग्रामीण लक्ष्मण सिंह मेहता, बहादुर सिंह, रणबहादुर मेहता, आनंद गहतोड़ी, राम सिंह, भगवान लाल आदि ने कहा कि पाटी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के इस संस्थान के लिए और जमीन की जरूरत होगी तो गांव के लोग भूमि दान करने से पीछे नहीं हटेंगे।
प्राचार्य ने कहा कि भूमि के इस प्रस्ताव को निदेशालय भेज आगे की कार्यवाही की जाएगी। पाटी में इसी शिक्षा सत्र में राजकीय डिग्री कॉलेज शुरू हुआ है। फिलहाल बीए में छह विषय हैं। बंद हो चुके राजकीय प्राथमिक विद्यालय के कमरों में इस वक्त यह कॉलेज संचालित हो रहा है।
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15 मिनट के जाम ने रोक दिए वाहनों के पहिए

जिला मुख्यालय में भैरवां के पास बृहस्पतिवार को करीब 15 मिनट तक लगे जाम ने आवाजाही ठप कर दी। इस मार्ग से कलक्ट्रेट सहित 12 से ज्यादा महत्वपूर्ण कार्यालय पहुंचा जाता है। जाम लगने से लोगों को समस्या झेलनी पड़ी। इस दौरान आसपास कहीं भी यातायात पुलिस का कोई कर्मी नजर नहीं आया। बाद में बमुश्किल जाम खोला जा सका।
बृहस्पतिवार सुबह 11.49 बजे से दोपहर 12.04 बजे तक भैरवां में जाम लगा। इस दौरान यहां तिराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई जिससे 15 मिनट तक वाहनों का निकलना तो दूर पैदल आवाजाही भी प्रभावित रही। एक कार के ओवरटेक करने के चक्कर में यह जाम लगा। यातायात पुलिस के आसपास मौजूद नहीं होने से व्यवस्था को सुचारु करने में वक्त लग गया।
कई महत्वपूर्ण कार्यालयों को जाने वाले इस मार्ग पर जाम लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कोतवाल धर्मवीर सोलंकी का कहना है कि यातायात को व्यवस्थित करने के लिए ललुवापानी तिराहे को जाने वाले मार्ग पर नियमित रूप से पुलिस कर्मी को तैनात किया जाता है। आगे से व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा।
इस तिराहे से होकर पड़ते हैं ये कार्यालय:
कलक्ट्रेट, विकास भवन, एसपी कार्यालय, विकासखंड, मुख्य चिकित्साधिकारी, तहसील, एसडीएम, डाकघर, पीएमजीएसवाई।
रोड किनारे अतिक्रमण है जाम की बड़ी वजह
चंपावत। भैरवां क्षेत्र में वाहनों की अव्यवस्था आम है। यातायात की इस अव्यवस्था की मुख्य वजह यातायात पुलिस की हीलाहवाली के अलावा रोड किनारे बड़े पैमाने पर हुआ अस्थायी अतिक्रमण है। इससे वाहनों की आवाजाही अक्सर चुनौती बनती है।
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योजना तो बनी लेकिन हस्तांतरण का इंतजार

गुमदेश के पुलहिंडोला की ट्यूबवेल योजना पूरी होने के बावजूद हस्तांतरित नहीं हो सकी है। सीएम पोर्टल में शिकायत करने पर इसे 10 नवंबर तक हस्तांतरित करने का भरोसा दिलाया गया था लेकिन निर्धारित तिथि से 24 दिन अधिक बीतने के बावजूद योजना का जल संस्थान को हस्तांतरण नहीं किया जा सका है। इससे ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं।
गंभीर पेयजल संकट से जूझने वाले पुलहिंडोला क्षेत्र के लोगों के संघर्ष के बाद 2014 में यहां ट्यूबवेल मंजूर हुआ था। इस योजना के स्वीकृत होने से पूर्व तक पुलहिंडोला के ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए छह हैंडपंप थे। 1.27 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत ट्यूबवेल के निर्माण कार्य में सिविल वर्क, पेयजल लाइनें बिछाने, टैंक निर्माण और पंप सैट लगाने आदि का कार्य जून में ही पूरा हो चुका था। इसके बाद भी योजना हस्तांतरित नहीं हुई।
पुलहिंडोला के सामाजिक कार्यकर्ता नुकूल पंत ने इस मामले को 4 जून को तहसील दिवस में और फिर मुख्यमंत्री पोर्टल में उठाया। सीएम पोर्टल में सुनवाई के बाद योजना को 10 नवंबर तक जल संस्थान को हस्तांतरित करने की बात कही गई थी। इसके बावजूद योजना अब तक हस्तांतरित नहीं हुई है। योजना के हस्तांतरण के बाद ही जल संस्थान ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन जारी करेगा। योजना से पुलहिंडोला के अलावा डुंगडाई और बिल्दे गांव के लोग भी लाभान्वित होंगे।
पुलहिंडोला ट्यूबवेल योजना के हस्तांतरण के लिए जल संस्थान के साथ निगम का संयुक्त मुआयना हुआ था। जल संस्थान ने कुछ छिटपुट खामियां बताई थीं जिन्हें दूर कर दोबारा संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। जल्द ही योजना हस्तांतरित हो जाएगी।
एमएस मनराल, सहायक अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निगम।
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नहर निर्माण स्थल देखने नेपाली सचिव पहुंचे टनकपुर बैराज

टनकपुर बैराज से नेपाल के लिए प्रस्तावित सिंचाई नहर के संबंध में जानकारी लेने नेपाल के सचिव रविंद्र नाथ श्रेष्ठ ने मौका मुआयना किया। उन्होंने नहर निर्माण शुरू होने और निर्माण संपन्न होने में लगने वाले समय के संबंध में एनएचपीसी के अधिकारियों से पता किया। उन्होंने टनकपुर बैराज से प्रस्तावित भारत से नेपाल सीमा तक सड़क के संबंध में भी जानकारी हासिल की।
टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति कराने को 1.2 किमी (नेपाल सीमा तक) लंबी कैनाल का निर्माण प्रस्तावित है जिसे भारत सरकार की ओर से बनाया जाना है। भारत सरकार ने एनएचपीसी को कार्यदायी संस्था बनाया है। बुधवार को नेपाली सचिव रविंद्र नाथ श्रेष्ठ (सिंचाई सचिव) ने टनकपुर बैराज से भारतीय भूभाग में नेपाल सीमा तक प्रस्तावित नहर स्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के महाप्रबंधक (सिविल) एसके शर्मा से नहर निर्माण के संबंध में मालुमात की। नेपाली सचिव ने बताया कि भारत की ओर से अपने क्षेत्र में निर्माण पूरा करते ही नेपाल भी अपने हिस्से में नहर का निर्माण शुरू करेगा।
इस मौके पर नेपाल के डायरेक्टर जनरल मधुकर प्रसाद राजभंडारी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर लोक बहादुर थापा, सब डिविजिनल इंजीनियर राम प्रसाद, इंजीनियर प्रेम चंद्र झा, करुणाकर पंत, राजेश भक्त पोखरल, वरिष्ठ प्रबंधक पीके पांडेय, वरिष्ठ प्रबंधक पर्यावरण मनोज कुशवाह, सहायक प्रबंधक सिविल जयवीर भंडारी आदि थे।
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