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Coronavirus in Uttarakhand: बुखार से किशोरी की मौत, परिजन समेत अंत्येष्टि में शामिल लोगों को किया क्वारंटीन

कोरोना वायरस के खौफ के बीच हरिद्वार में बुखार से एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने किशोरी के परिजनों समेत अंत्येष्टि में शामिल लोगों को होम क्वारंटीन में रहने के लिए कहा है।

30 मार्च 2020

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कोटद्वार

मंगलवार, 31 मार्च 2020

Coronavirus in Uttarakhand: स्पेन से दुगड्डा पहुंचे युवक में कोरोना की पुष्टि, अब तक पांच मामले पॉजिटिव

उत्तराखंड में लॉकडाउन के बीच एक और कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आया है।  स्पेन से लौटकर दुगड्डा पहुंचा और उसके बाद कोटद्वार बेस अस्पताल में भर्ती युवक कोरोना से संक्रमित पाया गया है। युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि इससे पहले तीन आईएफएस अफसरों में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। ये तीनों भी स्पेन से लौटे थे। वहीं, एक अमेरिकी नागरिक भी कारोना पॉजिटिव था, जिसका इलाज दून अस्पताल में चल रहा है।

युवक के स्पेन से कोटद्वार-दुगड्डा पहुंचने और दुगड्डा में उसके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाई जा रही है। उसके पिता, माता और बहन को कोटद्वार के कण्वाश्रम स्थित जीएमवीएन क्वारंटीन सेंटर में लाया जा रहा है। वह 17 मार्च को कोटद्वार होते हुए दुगड्डा पहुंच गया। दो दिन बाद 19 मार्च को लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को युवक के बारे में सूचना दी। जिस पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुगड्डा के डा. नाजिम अली ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ उसकी प्रारंभिक जांच की, तब उस पर कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए थे।
 
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कण्वाश्रम स्थित क्वारंटीन सेंटर में एक संदिग्ध भर्ती

लोगों से सख्ती से निपटा पुलिस प्रशासन

लॉकडाउन के पहले दिन सोमवार को ढिलाई बरतने वाली कोटद्वार पुलिस और प्रशासन मंगलवार को फुल एक्शन में रहा। सुबह सात से दस बजे तक पूरा सरकारी अमला जहां बाजार में उतरकर खरीदारी को उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा रहा, वहीं दस बजते ही दुकानें बंद करवा दी गई।
मंगलवार को लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रदीप कुमार रॉय, एसडीएम योगेश मेहरा, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल जोशी और कोतवाल मनोज रतूड़ी मय पुलिस फोर्स मोर्चा संभालते हुए सड़क पर उतर गए। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि मंगलवार को दस बजे के बाद पूरे तहसील क्षेत्र में सख्ती से लॉकडाउन लागू करवा दिया गया है।
उधर, लैंसडौन में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार के लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाने के लिए लैंसडौन प्रशासन को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन की सख्ती के बाद लॉकडाउन का लैंसडौन से चैलूसैंण तक व्यापक असर दिखाई दिया। छावनी परिषद ने सुबह 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने के आदेश जारी किए थे। जयहरीखाल व गुमखाल मार्ग पर मौजमस्ती के लिए वाहनों पर निकले युवकों को पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए भगाया। पुलिस ने खुली हुई दुकानों को भी बंद कराया। मुख्य अधिशासी अधिकारी भूपति रोहित व एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल ने बेवजह घर से बाहर निकल रहे लोगों को घर में रहने की सलाह दी।
मनमाने रेड लेने वालों की करें शिकायत
कोटद्वार। कोटद्वार के प्रमुख बाजार गोखले मार्ग पर खरीदारों ने एसडीएम योगेश मेहरा, सीओ अनिल जोशी से पूजा का सामान मनमाने रेट पर बेचने की शिकायत की। एसडीएम ने एक दुकान का चालान काटते हुए उसकी दुकान दस दिन के लिए बंद रखने के निर्देश दिए। झंडाचौक-सिनेमा रोड पर स्थित एक दुकान पर भी पूजा का सामान मनमाने रेट पर बिकने की शिकायत सामने आई। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि मनमाने रेट लेते समय उसकी वीडियो बनाकर प्रशासन को दें। कार्रवाई की जाएगी। वहीं पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल ने कहा कि शहर की जनता कोरोना वायरस के संक्रमण को समझे और इस संक्रमण को बढ़ने न दें।
अति आवश्यक कार्य से बाहर जाने की ले अनुमति
सतपुली। जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल डीएस गर्ब्याल ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान अस्पताल समेत अति आवश्यक कार्यों के लिए आने जाने वाले लोगों को अनुमति प्रदान करने के लिए परगना मजिस्ट्रेटों को अधिकृत किया है।
जिलाधिकारी पौड़ी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए ऐसे लोगों को अनुमति प्रदान करने के लिए संबंधित परगना मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है। उन्होंने इस संबंध में सभी परगना मजिस्ट्रेटों को पत्र निर्गत किया है। पत्र में परगना मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुमति प्रदान करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित व्यक्ति का जनपद अथवा जनपद से बाहर जाना अति आवश्यक है।
सुबह सात बजे खुले बैंक
कोटद्वार। लॉक डाउन के दूसरे दिन कोटद्वार के सभी बैंक सुबह सात बजे से दस बजे तक खुले। लोगों के घरों से बाहर नहीं निकलने के कारण बैंकों में भीड़ न के बराबर रही। स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक राकेश भट्ट ने बताया कि मंगलवार को भीड़ अधिक नहीं होने के कारण करीब डेढ़ करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ। कहा कि अगले आदेश तक बैंकों का समय यही रहेगा।
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Lockdown: 112 वाहन जब्त, होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर छह और शोभायात्रा निकालने पर 20 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद पुलिस ने सोमवार से लॉक डाउन में सख्ती बढ़ा दी हैं। पुलिस ने बिना कारण के सड़क पर उतरे 112 वाहनों को जब्त कर थाने खड़ा कर लिया। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पुलिस को लॉक डाउन का कठोरता से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे।

सोमवार को एसपी सिटी स्वीता चौबे, सीओ सिटी शेखर सुयाल, सीओ अनुज कुमार, विवेक कुमार और पल्लवी त्यागी ने अपने अपने इलाकों को बिना मतलब घूम रहे वाहन चालकों पर शिकंजा कस दिया।

पहले से ही चुपहिया वाहनों के संचालन पर रोक हैं। एसपी चौबे ने बताया कि पुलिस ने 190 वाहनों का चालान करने के साथ 112 वाहनों को सीज किया गया। शांति भंग में आठ लोगों की गिरफ्तारी के साथ 27 के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज किया गया हैं।
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सड़कों पर सन्नाटा, अब तहसील में उमड़ रही लोगों की भीड़

कोटद्वार। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद लोग कोरोना के खतरे को समझने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद अब कोटद्वार की सड़कों पर तो भीड़ कम हो गई है। लेकिन, तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय में भीड़ जुट रही है। कुछ लोग पास बनाने तो कई लोग बिना मतलब भीड़ का हिस्सा बने हुए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होने से लोगों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
जिलाधिकारी के आदेश पर कोटद्वार एसडीएम योगेश मेहरा को आवश्यक कार्य होने पर लॉकडाउन के समय सड़क पर वाहन चलाने के लिए पास जारी कर रहे हैं। लेकिन, लोग जरा जरा सी बात पर पास के लिए सुबह से ही तहसील में जुटने शुरू हो जा रहे हैं। इनमें से कई लोगों को एसडीएम बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं, बावजूद इसके तहसील में लोगों की पास बनाने के लिए भीड़ लगी हुई है।
सोमवार को कोटद्वार के गोखले मार्ग से लेकर सड़कों में पुलिस की सख्ती के चलते भीड़ कम देखी गई। लेकिन, लोग बड़ी संख्या में पास बनाने के लिए एसडीएम कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। होमगार्ड कर्मियों के दूरी पर खड़ा होने के लिए बार बार कहने पर भी लोग एक दूसरे के करीब खड़े रहे। इसके अलावा कई लोग बिना किसी काम के तहसील में धूमते रहे उनपर किसी का ध्यान नहीं गया। यही हाल रहा तो कोरोना का संक्रणम कोटद्वार तहसील से ही फैलना तय है।
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि तहसील में भीड़ लगाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पालन करते हुए बिना किसी खास बजह के पास के लिए भीड़ नहीं लगाने की अपील की।
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- फोटो समाचार
जारी- नरेश थपलियाल
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कोरोना पॉजिटिव युवक का इलाज करने वाले डाक्टरों की रिपोर्ट नेगेटिव, राहत

कोटद्वार। स्पेन से दुगड्डा पहुंचे कोरोना पॉजिटिव पाए गए युवक का इलाज कर रहे डॉक्टरों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। हालांकि डॉक्टरों को अभी नौ दिन और होम क्वारंटीन में रखना पड़ेगा। क्वारंटीन के 14 दिन का समय पूरा करने के बाद ही वे अस्पताल में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। स्पेन से गत 17 मार्च को दुगड्डा अपने घर लौटे 26 वर्षीय युवक को पीएचसी दुगड्डा में प्रारंभिक जांच करने के बाद 19 मार्च को बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया था। कोटद्वार बेस अस्पताल के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टरों ने युवक का एक सप्ताह तक इलाज किया। 25 मार्च को उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बिना पीपीई किट धारण किए कोरोना पॉजिटिव युवक के उपचार में लगे तीन डॉक्टरों, चार नर्स और दो सफाई कर्मियों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन पर भेज दिया गया था।
गत शनिवार को उनका सैंपल हल्द्वानी भेजा गया, जिसकी तत्काल जांच की गई। इसमें देर शाम को डॉक्टरों की रिपोर्ट निगेटिव आने की पुष्टि कर दी गई। बेस अस्पताल के पीएस डॉ. बीसी काला ने बताया कि एक अन्य डॉक्टर, चार नर्स और सफाई कर्मियों का सैंपल नहीं भेजा जाएगा। वे 14 दिन होम क्वारंटीन का समय पूरा कर अपनी ड्यूटी पर आएंगे।
सीएमओ पौड़ी डॉ. मनोज बहुखंडी ने बताया कि स्पेन से पहुंचे युवा का कोरोना पॉजिटिव होने पर कोटद्वार बेस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचार किया जा रहा है, वह अब स्वस्थ है। युवक को पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पहले उपचार में जुटे डॉक्टरों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन उन्हें होम क्वारंटीन के 14 दिन का समय पूरा करना होगा।
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लॉकडाउन ने छीनी मजदूरी, पैदल ही बरेली अपने घर के लिए निकले 17 मजदूर

कोटद्वार। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए 21 दिन के लॉकडाउन से मजदूरों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ठेकेदार मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रहे हैं, जिससे सतपुली में काम कर रहे 17 मजदूर पैदल ही अपने घर बरेली जाने के लिए निकल पड़े हैं।
यूपी के जिला बरेली के बहेड़ी गांव निवासी ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि वे गत तीन माह से सतपुली में सतपुली-खरकोली मार्ग निर्माण का कार्य कर रहे थे। होली के दौरान ठेकेदार ने उन्हें 65 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान किया था, लेकिन होली से लेकर अब तक ठेकेदार ने उनका 80 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। लॉकडाउन के चलते पिछले सात दिन से काम बंद है। मुंशी से मजदूरी देने के लिए कहा तो उसने हाथ खड़े कर दिए, जबकि ठेकेदार भी देहरादून में है। मजदूरी नहीं मिलने से उनके पास घर जाने के लिए बस का किराया और खाने के लिए पैसे तक नहीं हैं, इसलिए उन्होंने घर जाने का फैसला लिया। वे शनिवार को सतपुली से चले थे। रास्ते में गुमखाल में एक संस्था ने उन्हें खाने के लिए राशन दिया। जंगल में खाना बनाकर खाया और किसी तरह वे रविवार दोपहर को कोटद्वार पहुंचे हैं। उनका एक ही लक्ष्य है कि वे किसी तरह घर पहुंच जाएं। उन्हें घर भेजने के लिए प्रशासन की ओर से भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
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चमोली जिले से मजदूरों का पलायन शुरू
रविवार को सैकड़ों मजदूर ऋषिकेश और रानीखेत हाईवे पर दिनभर पैदल चलते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। लॉकडाउन के दौरान काम नहीं मिलने के कारण चमोली जिले से अन्य राज्यों के निवासियों का पलायन शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों से लगातार मजदूर सड़कों पर जत्थे के रूप में पैदल अपने राज्यों को जा रहे हैं।
चमोली जिले के जोशीमठ, कर्णप्रयाग, चमोली सहित अन्य कस्बों में बिहार, यूपी व अन्य राज्यों के लोग काफी संख्या में मजदूरी करते हैं। कारोना वायरस की मार भी सबसे ज्यादा इन्हीं मजदूरों पर पड़ी है। शनिवार देर शाम से लेकर रविवार को सैकड़ों मजदूर ऋषिकेश और रानीखेत हाईवे पर दिनभर पैदल चलते रहे। मजदूरों का कहना है कि जिन संस्थानों में वे काम करते थे, वे लॉकडाउन के कारण बंद हो चुके हैं। साथ ही दुकानें भी बंद हैं। ऐसे में उनको पल्लेदारी का काम भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि काम न मिलने से उनके सामने खाने पीने की समस्या खड़ी हो गई है, जिससे वे अपने घरों को लौट रहे हैं।
गौचर। काम बंद होने से अपने घरों को पैदल लौट रहे विभिन्न कंपनियों के मजदूरों को प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने खाने की व्यवस्था कर गाड़ियों से उन्हें घरों तक पहुंचाने में मदद की। बिरही, हेलंग व जोशीमठ आदि स्थानों से कंपनियों में काम करने वाले करीब 103 मजदूर शनिवार देर रात सामान सहित पैदल गौचर पहुंचे। सूचना पर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने प्रशासनिक अधिकारियों को मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण और उन्हें घर पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुनील पंवार, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल व सभासद अनिल नेगी आदि ने मजदूरों को खाना खिलाया। पालिकाध्यक्ष अंजू बिष्ट तथा पालिका के कर्मचारियों ने भी हरिद्वार से परवाड़ी गैरसैंण के लिए पैदल लौट रहे छह युवकों को पालिका के वाहन से गांव तक पहुंचाया।
नेपाल वापस लौटने के लिए मजदूरों के पास पैसे नहीं
उधार के भरोसे चल रहे नेपाली मजदूरों की जिंदगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई टिहरी। कालीमाठी नेपाल का बल बहादुर और नवीन बहादुर घर जाना चाहता है, लेकिन घर जाने के लिए जेब में पैसे नहीं हैं। दो वक्त का खाना मददगार मुहैया करा रहे हैं तो पेट भर जा रहा है। एक सप्ताह सेे डेरे पर खाली बैठे हैं। हम घर पैदल भी चले जाएंगे साहब, लेकिन छोटे बच्चों को कैसे ले जाएं। इन चुनौतियों से नई टिहरी बौराड़ी बस अड्डे के समीप निवासरत 50 से अधिक नेपालियों का परिवार जूझ रहा है।
कोरोना के डर से नेपाली मजदूर भी संकट से जूझ रहे हैं। हर दिन गुलजार रहने वाले नई टिहरी के बौराड़ी बस अड्डे में इन दिनों वीरानी छाई हुई है। काम धंधा बंद है। अब दो जून की रोटी के लिए नेपाली मजदूर जद्दोजहद कर रहे हैं। बस अड्डे के आसपास लगभग 50 से अधिक नेपाली मजदूरों का परिवार निवासरत हैं। सभी दिहाड़ी-मजदूरी से अपना पेट भरते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते पिछले एक सप्ताह से उनका रोजगार ठप है। कालीमाठी नेपाल निवासी नवीन बहादुर पत्नी और छह माह की बेटी के साथ यहां रहते हैं। दो-तीन दिन से लोग उन्हें दिन और सांय के वक्त बस अड्डे पर आकर खाना दे रहे हैं, लेकिन जेब में पैसे न होने के कारण नन्ही बेटी को वे दूध नहीं पिला पा रहे हैं।
नेपाल जाजलकोट की गौरापति अपने तीन छोटे बच्चों के साथ पांच साल से बौराड़ी में रहती है। कोरोना संक्रमण की सूचना पर परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर बुलाया है, लेकिन जेब में इतना पैसा नहीं कि वह बच्चों को लेकर नेपाल जा सके। बल बहादुर कहते हैं कि वह भी अपने देश वापस जाना चाहते हैं, लेकिन जाने के लिए उनके पास कोई संसाधन नहीं है। कुछ लोगों ने डेरे में आकर एक-एक किलो आटा और तीन किलो चावल भी दिए हैं, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। अन्य नेपाली परिवारों की स्थिति भी इनसे अलग नहीं है। लोगों के भरोसे कब तक खाना मिलेगा साहब।
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गैर प्रदेशों के मजदूरों को किया जा रहा है सूचीबद्ध
घर भेजे जाने की अफवाह से हुई मजदूरों की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्रशासन ने क्षेत्र में रह रहे अन्य प्रदेशों के मजदूरों की सूची बनानी शुरू कर दी है ताकि उक्त मजदूरों को राशन उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, मजदूरों के बीच यह अफवाह फैल गई कि सरकार उनको उनके घर भेज रही है। इसके चलते भारी संख्या में मजदूर अपना नाम दर्ज कराने पहुंच गए। हालांकि मजदूरों ने यह भी शर्त रखी कि जब सरकार उन्हें गांव तक पहुंचाएगी, तभी वे वापस जाएंगे।
श्रीनगर, डांग, उफल्डा व श्रीकोट सहित नदियों में काम करने वालों मजदूरों की संख्या पांच हजार से ऊपर है। पिछले दिनों से काम बंद होने की वजह से उनके समक्ष जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि भाजपा की ओर से श्रीनगर मेें रह रहे मजदूरों को एक वक्त निशुल्क भोजन खिलाया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
दिक्कत यह है कि प्रशासन के पास इनकी संख्या उपलब्ध नहीं है। जिला अधिकारी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि मजदूरों को सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिससे यह उनकी वास्तविक संख्या की जानकारी मिल सके और सरकारी मदद पहुंचाई जा सके।
वहीं, शहर के एक वेडिंग प्वाइंट में मजदूरों की लिस्ट बनाए जाने की सूचना मिलने पर मजदूर लॉकडाउन छूट अवधि खत्म होने के बाद सड़क पर निकल आए। देखते ही देखते पंजीकरण स्थान पर भारी संख्या में मजदूर एकत्रित हो गए, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का नियम धरा का धरा रह गया।
बाहरी राज्यों में फंसे लोग लगा रहे घर वापसी की गुहार
उत्तरकाशी। शिक्षा एवं रोजगार के सिलसिले में बाहरी राज्यों में गए उत्तरकाशी के सैकड़ों युवा लॉकडाउन के चलते वहीं फंस गए हैं। काम कारोबार ठप होने के कारण इन लोगों के समक्ष वहां रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में ये लोग घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं।
अहमदाबाद गुजरात में फंसे गाजणा क्षेत्र के अब्बल सिंह नेगी ने दूरभाष पर बताया कि वहां उत्तरकाशी के ही सौ से अधिक युवक फंसे हुए हैं। जिन होटलों में ये युवक काम करते थे, वे अब बंद हो गए हैं। इस कारण इन लोगों को दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते रोज उत्तराखंड में फंसे गुजरात के लोगों को लेकर यहां आए वाहनों के चालकों से संपर्क करने पर उन्होंने भी इन लोगों को वापस उत्तराखंड लाने से इनकार कर दिया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से घर वापसी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है। जिले के हर गांव से 10-20 लोग बाहरी क्षेत्रों में रहकर आजीविका कमाते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग लॉकडाउन के चलते वहीं फंस गए हैं। शनिवार को जिला प्रशासन ने इस तरह के 137 लोगों की सूची शासन को प्रेषित की थी। रविवार को जिले के विभिन्न गांवों से लोग इस तरह की सूची तैयार कर अब प्रशासन को भेज रहे हैं। अभी तक इन लोगों की घर वापसी के कोई इंतजाम नहीं हो पाए हैं। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि बाहरी राज्यों में फंसे उत्तरकाशी के लोगों की सूचना शासन को दी जा रही है ताकि उन लोगों के लिए वहीं रहने और भोजन आदि की समुचित व्यवस्था कराई जा सके।
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Uttarakhand Lockdown: अब होम क्वारंटीन लोगों के घर के आगे लगेगा बोर्ड

स्पेन से दुगड्डा लौटे युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उसके और उसके परिजनों के संपर्क में आए लोगों की सूची प्रशासन ने तैयार कर ली है। इसके तहत दुगड्डा और कोटद्वार के तीन अन्य लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।

अब कोटद्वार में क्वारंटीन लोगों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जिसमें छह लोग क्वारंटीन सेंटर जबकि 11 लोग होम क्वारंटीन किए गए हैं। इन सभी लोगों की नियमित निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की गई है। साथ ही होम क्वारंटीन लोगों के घर के आगे सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा।

स्पेन से गत 17 मार्च को दुगड्डा अपने घर लौटे 26 वर्षीय युवक को पीएचसी दुगड्डा में प्रारंभिक जांच करने के बाद गत 19 मार्च को बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया था। 25 मार्च को हल्द्वानी से आई रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करते हुए उसके माता, पिता, बहन, काम वाली बाई, चाचा, ताऊ को कण्वाश्रम स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया।

युवक के उपचार करने वाले तीन डॉक्टर, चार नर्स और दो सफाई कर्मियों को भी स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने युवक के संपर्क में आए दुगड्डा और कोटद्वार के 2 अन्य लोगों को चिह्नित करते हुए उन्हें भी होम क्वारंटीन करने के निर्देश दिए। बेस अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. वीसी काला ने बताया कि क्वारंटीन लोगों की निगरानी के लिए बनी टीम को अलर्ट कर दिया गया है।

चमोली में विदेशों से पहुंचे 29 लोग होम क्वारंटीन

चमोली जिले में विदेश से पहुंचे 56 लोगों में से 29 को होम क्वारंटीन किया गया है, जबकि 27 लोगों के होम क्वारंटीन की अवधि 28 दिन होने के कारण उन्हें निगरानी से बाहर कर दिया गया है। जिले में देश के विभिन्न जिलों से लगभग 1800 लोग पहुंचे। सीएमओ डा. केके सिंह ने बताया कि आठ लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कर्णप्रयाग और कालेश्वर में क्वारंटीन किया गया है। जिले में स्थिति पूरी तरह काबू में है।
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अब कोटद्वार में मोबाइल ऐप से होगी आवश्यक सामान की होम डिलीवरी

कोटद्वार। घर से बाहर निकलने में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए अब कोटद्वार में प्रशासन की पहल पर आवश्यक खाद्य सामान की होम डिलीवरी शुरू की जा रही है। इसके लिए कोटद्वार के दो युवकों के द्वारा बनाया गया ‘ग्रोसरीज’ नाम का मोबाइल एप लांच किया गया है। रविवार दोपहर के बाद से लोग इस एप पर आवश्यक सामान अपने घर पर मंगवा सकते हैं।
कोटद्वार के अनुभव गुप्ता और रिषभ गुप्ता ने बताया कि उन्होंने प्रशासन की पहल पर लोगों की सुविधा के लिए ‘ग्रोसरीज’ एप बनाया है। इसे प्ले स्टोर से अपलोड किया जा सकता है। इसमें खाद्य वस्तुएं, फल और सब्जी का ऑर्डर दिया जा सकता है।
एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देेखते हुए लॉकडाउन के दौरान बाजार में उमड़ रही भीड़ से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मोबाइल एप बनाया गया है। मोबाइल ऐप पर मिले ऑडर को संस्कार सामाजिक संस्था के 10 वालंटियर बाइकों के माध्यम से लोगों के घर तक पहुंचाएंगे। बाइकों के पेट्रोल की व्यवस्था वन मंत्री डा. हरक सिंह करेंगे।
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कोरोना के डर से बिजनौर पुलिस प्रशासन ने रोके खाद्यान्य के ट्रक

कोटद्वार। कोटद्वार में एक कोरोना मरीज की पुष्टि होने के बाद से यूपी के बिजनौर पुलिस प्रशासन ने कोटद्वार की ओर आने वाले आवश्यक वस्तुओं के ट्रक भी रोक दिए। यूपी के जाफरा में बड़ी संख्या में खाद्यान्न और फल सब्जियों के ट्रक रोके जाने की खबर मिलते ही कोटद्वार में डेरा डाले पौड़ी के एडीएम डा. एसके बरनवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजनौर के अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। आखिर में लखनऊ सचिवालय से निर्देश मिलने के बाद ही कोटद्वार के खाद्यान्न के वाहनों को छोड़ा गया।
शुक्रवार तड़के उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल, बिजनौर और अन्य प्रांतों से आटा, चावल, दालें और फल सब्जियां लेकर कोटद्वार आ रहे ट्रकों को यूपी के बिजनौर पुलिस ने एक-एक कर जाफरा में खड़ा करवा दिया। मौके पर वाहनों की संख्या 60 तक पहुंच गई तो पौड़ी जिला प्रशासन हरकत में आया। एडीएम पौड़ी डा. एसके बरनवाल जाफरा चौकी पहुंचे और स्थानीय अधिकारियों से वार्ता की। नजीबाबाद के एसडीएम से लेकर बिजनौर के डीएम और एसपी ने कोटद्वार में कोरोना बीमारी का हवाला देते हुए वाहनों को छोड़ने से हाथ खड़े कर दिए। काफी देर तक वार्ता के बाद जब कोई नतीजा नहीं निकला तो बात लखनऊ सचिवालय तक पहुंची। जहां अधिकारियों ने आवश्यक वस्तुओं के वाहनों को रोकने पर घोर आपत्ति जताई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लखनऊ सचिवालय से बिजनौर पुलिस प्रशासन को दिशा निर्देश मिले और वाहनों को छोड़ा गया। एडीएम डा. बरनवाल ने बताया कि बिजनौर पुलिस ने जाफरा में करीब 20 ट्रक खाद्यान्न के और 35 से 40 ट्रक फल और सब्जियों के रोक लिए थे।
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कोरोना वायरस को रोकने में दें अपना महत्वपूर्ण योगदान: डा. हरक सिंह

कोटद्वार। वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य, नगर निगम और पुलिस कर्मियों को कोरोना सुरक्षा किट वितरित की। उन्होंने डीएम और एसएसपी पौड़ी से कोरोना वायरस की स्थिति की जानकारी मांगी और उन्हें संक्रमण को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना को रोकने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
शुक्रवार देर शाम कोतवाली में आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बेस अस्पताल के चिकित्सकों, नगर निगम और पुलिस कर्मियों को एंटी वायरस प्रोटेक्टिव सूट, 5000 मास्क, 2500 सैनिटाइजर और हैंड ग्लब्स बांटे।
इस अवसर पर वन मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण जानलेवा है। विश्व के कई देशों में कोरोना का कहर छाया हुआ है। उत्तराखंड में कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार कार्य कर रही है। इस संक्रमण से रोकथाम के लिए चिकित्सकों और पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में सबसे पहले इन लोगों को अपनी सुरक्षा करनी आवश्यक है। कहा कि कोरोना की रोकथाम में संसाधनों में कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार वचनवद्ध है।
इस अवसर पर एसडीएम योगेश मेहरा, राजकीय बेस अस्पताल के पीएस वीसी काला, प्रबंधक बलवीर सिंह रावत, एएसपी प्रदीप राय, सीओ अनिल जोशी, कोतवाल मनोज रतूड़ी, एसएसआई प्रदीप नेगी, सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी, सफाई निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के अलावा पुलिस के अधिकारी कर्मचारी आदि मौजूद थे।
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लॉकडाडन में छूट का लोगों ने उठाया फायदा, जमकर की खरीददारी

कोटद्वार/लैंसडौन। 21 दिन के लॉकडाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को दोपहर एक बजे तक बाजार खुले रहे। इस दौरान लोगों ने खाद्यान्न, सब्जी और फल की खूब खरीदारी की। स्थानीय प्रशासन ने दुकानों में अनावश्यक भीड़ न करने और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की। दुकानों में राशन की कमी के कारण लोगों को पूरा सामान नहीं मिल पाया।
शुक्रवार को लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए सरकार ने छूट का समय सुबह 10 बजे से बढ़ाकर दोपहर एक बजे करने की घोषणा की। साथ ही दोपहिया वाहन के संचालन की अनुमति भी प्रदान की। सरकार की घोषणा के बाद सुबह से ही लोग अपने वाहनों से बाजार पहुंचने लगे। इस दौरान लोगों ने गोखले मार्ग, बद्रीनाथ मार्ग, पटेल मार्ग, आमपड़ाव में फुटकर व्यापारियों से जहां आटा, चावल, दालें, तेल समेत अन्य राशन खरीदा, वहीं गाड़ीपड़ाव, गोखले मार्ग पर लोगों ने सब्जियां और फल खरीदे। मेडिकल स्टोरों पर भी दवाइयां खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। सुबह आठ से 10 बजे तक बाजार में खासी भीड़ लगी रही। 10 बजे से बारिश शुरू होने के बाद लोग वापस अपने घरों को लौटने लगे। दुकानों में गोखले मार्ग पर भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सभी गलियों में बैरिकेडिंग की गई, वहीं गोखले मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही को भी बंद किया गया। कोतवाल, एएसपी, एसडीएम की गाड़ियां नगर में घूमती रहीं। शुक्रवार को भी लोगों को दुकानों में आटा कम ही मिल पाया। उधर, लैंसडौन में कोराना संकट से बचाव के लिए लॉकडाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को आवश्यक सेवाओं की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ काफी कम रही। लॉकडाउन में छूट की अवधि बढ़ने से लोगों को राहत मिली। एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल के दिशा-निर्देश पर खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अभिषेक कर्णवाल ने क्षेत्र की खाद्य आपूर्ति व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बेवजह घूम रहे दो वाहनों के खिलाफ जुर्माना
लैंसडौन। पुलिस ने बेवजह सड़कों पर दौड़ रहे दो वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर एमवी एक्ट के तहत जुर्माना लगाया है। कोतवाल एसएन गैरोला ने बताया कि बाजार में बेवजह सड़कों पर दौड़ रहे दो वाहन चालकों को रोककर उनका एमवी एक्ट के तहत जुर्माना वसूला गया है।
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कोटद्वार में मिला एक ओर कोरोना संदिग्ध

डाडामंडी क्षेत्र के एक गांव के एक किशोर में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। किशोर को पीएचसी दुगड्डा से पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट पहनाकर कोटद्वार बेस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
डाडामंडी के एक गांव का किशोर ऋषिकेश के एक आश्रम में संस्कृत की शिक्षा ले रहा है। वहां वह विदेशी पर्यटकों के संपर्क में आया। क्षेत्र में कोरोना का कहर होने और लॉकडाउन के कारण वह 21 मार्च को गांव लौट आया। गांव पहुंचने के बाद युवक ने पीएचसी डाडामंडी और बेस अस्पताल में अपना चेकअप कराया, तब कोई लक्षण नहीं होने पर डाक्टरों ने उसे घर भेज दिया। बृहस्पतिवार को उसे खांसी, जुखाम और बुखार होने पर वह अपनी मां के साथ पीएचसी दुगड्डा पहुंचा, जहां प्रारंभिक जांच में किशोर में कोराना के लक्षण मिले हैं।
पीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. फिरोज आलम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किशोर में कोरोना के लक्षण मिले हैं। सूचना पर पीपीई किट लेकर पहुंची बेस अस्पताल की टीम किशोर को कोटद्वार ले आई। बेस अस्पताल के पीएस डा. वीसी काला ने बताया कि कोरोना के संदिग्ध किशोर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
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