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उत्तराखंड

मंगलवार, 31 मार्च 2020

#Ladengecoronase: बाबा रामदेव ने केंद्र सरकार को दिए 25 करोड़ रुपए, पूर्व फौजी समेत कई दिग्गजों ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ की ओर से केंद्र सरकार को कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए 25 करोड़ रुपए दिए हैं। शाम को प्रेस कांफ्रेंस कर वह इस बारे में विस्तार से बताएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो क्रांफ्रेंसिंग से की डॉ. पण्ड्या से की बात 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दोपहर में वीडियो क्रांफ्रेंसिंग से गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या से चर्चा की। करीब दस मिनट चली इस चर्चा के दौरान डॉ. पण्ड्या ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हरसंभव सहयोग करने का अपना वादा दोहराया।

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. पण्ड्या से आग्रह करते हुए कहा कि एक वैज्ञानिक होने के नाते वह इस बीमारी से बचने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जनमानस को अवगत कराये। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने अपने मनोचिकित्सा एवं आध्यात्मिक चिकित्सा के प्रयोगों पर द्वारा लोगों के मन में संचारित उत्साह की जानकारी भी दी।
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Uttarakhand Lockdown : झूला पुल बंद होने पर चार नेपाली युवकों ने नदी में लगाई छलांग, तीन तैरकर पहुंचे नेपाल, एक लौटा

धारचूला में अंतरराष्ट्रीय झूला पुल बंद होने से नेपाली नागरिकों का सब्र टूट गया। चार युवक नेपाल जाने के लिए काली नदी में कूद गए। इनमें से तीन नेपाली तैरकर नेपाल पहुंच गए, जबकि एक नेपाल पुलिस के डर से लौट आया। तैरकर नेपाल पहुंचे तीनों नागरिकों को नेपाल पुलिस ने गिरफ्त में ले लिया है।

कोरोना के कारण भारत के विभिन्न शहरों में काम करने वाले नेपाली लोग अपने वतन लौट रहे हैं। नेपाल में भी लॉकडाउन होने के कारण झूला पुल के गेट नहीं खोले जा रहे हैं। पिछले दो दिन से सैकड़ों नेपाली धारचूला के झूलापुल के पास जमा हैं। सोमवार को इनकी संख्या लगभग 800 पहुंच गई। दिन में भीड़ में शामिल चार युवकों ने तैरकर नेपाल जाने के लिए काली नदी में छलांग लगा दी। इनमें से तीन नेपाली सुरक्षित नेपाल पहुंच गए, जबकि एक युवक तैर नहीं सका और वापस आ गया। तैरकर नेपाल पहुंचे तीनों युवकों को नेपाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया और जांच के लिए अपने साथ ले गई।
 
नेपाली नागरिकों में नेपाल सरकार के खिलाफ गुस्सा दिखा। भीड़ में शामिल कई लोगों ने नेपाल की ओर पत्थर भी उछाले। एक युवक राजेंद्र सिंह ने कहा कि वह चार दिन से फंसा है। नेपाल सरकार को शीघ्र गेट खोलने चाहिए। कई महिलाएं भी शामिल हैं। ओखलढुंगा से 50 किमी पैदल चलकर धारचूला पहुंची गीता और पार्वती ने बताया रविवार रात उन्होंने किसी के घर में शरण ली।

इधर, नेपाल में लॉकडाउन के कारण गेट खुलने की कोई उम्मीद नहीं है। भीड़ से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हैं। पुलिस और एसएसबी नेपाली लोगों की भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखे हैं। प्रशासन ने व्यापार संघ सहित अन्य संगठनों की मदद से फंसे हुए नेपालियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। रं म्यूजियम पहाड़ी जायका और नपल्च्यू महिला समूह की महिलाओं ने नेपाली नागरिकों के लिए राशन की व्यवस्था की। इनमें उर्मिता सनवाल, शीला ह्यांकी, लक्ष्मी नपलच्याल, गंगू, निहारिका गर्ब्याल, मोती आदि महिलाएं शामिल थीं।

नेपाल में भी लॉकडाउन चल रहा है। वहां के प्रशासन से बातचीत की जा रही है। यदि नेपाल की ओर से गेट नहीं खोला गया तो जो नेपाली यहां फंसे हैं, उनके रहने और खाने की यहीं व्यवस्था की जाएगी। अभी भी सभी फंसे नेपालियों को भोजन कराया जा रहा है।
- डॉ.विजय कुमार, डीएम पिथौरागढ़।
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Uttarakhand Lockdown : श्रमिकों को निर्धारित समय पर बिना किसी कटौती के देना होगा वेतन

उत्तराखंड में लॉकडाउन के दौरान अब मकान मालिक छात्रों और श्रमिकों से एक माह की अवधि के लिए किराया नहीं मांग सकेंगे। इस संबंध में आज शासन से आदेश जारी किए गए हैं।

जिसमें आदेश दिए गए हैं कि उद्योगों और दुकानों में काम करने वाले श्रमिकों को उनका वेतन भी निर्धारित समय पर बिना किसी कटौती के देना होगा। वहीं शिक्षण संस्थाएं किसी भी अध्ययनरत छात्र-छात्रा पर फीस जमा करने हेतु दबाव नहीं बनाएंगे। और अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ऐसी स्थिति में संबंधित मकान मालिक तथा शिक्षण संस्थान के खिलाफ आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की धारा 10(2)(1) तथा उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीज, कोविड 19 रेग्युलेशन, 2020 और  एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के  तहत कार्रवाई की जाएगी।
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Coronavirus in Uttarakhand: बुखार से किशोरी की मौत, परिजन समेत अंत्येष्टि में शामिल लोगों को किया क्वारंटीन

कोरोना वायरस के खौफ के बीच हरिद्वार में बुखार से एक किशोरी की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने किशोरी के परिजनों समेत अंत्येष्टि में शामिल लोगों को होम क्वारंटीन में रहने के लिए कहा है।

जानकारी के अनुसार, ज्वालापुर में एक किशोरी पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। उसे बुखार के साथ ही गले में भी कुछ समस्या बताई गई थी। रविवार शाम को तबीयत बिगड़ने पर पहले किशोरी को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 

सोमवार की दोपहर बाद लड़की का अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि में परिजनों के अलावा कई रिश्तेदार भी शामिल हुए। अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। अधिकारियों ने तुरंत वहां पहुंचकर परिजनों से बात की और ब्लड सैंपल भी लिए गए।

इसके साथ ही जो रिश्तेदार अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे उनसे भी घरों में जाकर पूछताछ की। वहीं सभी को क्वारंटीन में रहने की सलाह दी। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। अस्पताल को भी नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा कि समय से इस मामले में समुचित जानकारी विभाग को क्यों नहीं दी गई।
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Uttarakhand Lockdown: 68 हजार कर्मचारियों का चार-चार लाख रुपये का बीमा, मीडियाकर्मियों के लिए व्यवस्था जल्द

उत्तराखंड सरकार ने कोरोना संक्रमण से बचाव कार्यों में फ्रंटलाइन पर कार्यरत 68 हजार कार्मिकों को चार-चार लाख रुपये का बीमा लाभ दिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार ने कोरोना वारियर्स को जीवन बीमा का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से व्यवस्था की है। एक वर्ष के जीवन बीमा के लिए 17 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का बीमा केंद्र सरकार के स्तर से किया जा चुका है। ऐेसे में प्रदेश सरकार ने 22523 पुलिस कर्मियों, 7988 अन्य सफाई कर्मियों, 14379 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 4924 मिनी आंगनबाड़ी सहायिका, 464 सुपरवाइजर, 78 हजार डीपीओ, जीएमवीएन और केएमवीएन के तीन हजार कार्मिक, एसईओसी के पांच सौ कार्मिकों को बीमा कवर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों के लिए अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। जिसके आदेश जल्द जारी कर दिए जाएंगे।
 
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Lockdown: 112 वाहन जब्त, होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर छह और शोभायात्रा निकालने पर 20 महिलाओं पर मुकदमा दर्ज

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद पुलिस ने सोमवार से लॉक डाउन में सख्ती बढ़ा दी हैं। पुलिस ने बिना कारण के सड़क पर उतरे 112 वाहनों को जब्त कर थाने खड़ा कर लिया। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पुलिस को लॉक डाउन का कठोरता से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे।

सोमवार को एसपी सिटी स्वीता चौबे, सीओ सिटी शेखर सुयाल, सीओ अनुज कुमार, विवेक कुमार और पल्लवी त्यागी ने अपने अपने इलाकों को बिना मतलब घूम रहे वाहन चालकों पर शिकंजा कस दिया।

पहले से ही चुपहिया वाहनों के संचालन पर रोक हैं। एसपी चौबे ने बताया कि पुलिस ने 190 वाहनों का चालान करने के साथ 112 वाहनों को सीज किया गया। शांति भंग में आठ लोगों की गिरफ्तारी के साथ 27 के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज किया गया हैं।
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Coronavirus in Uttarakhand: बुखार के बाद युवक को अस्पताल में किया क्वारंटीन, सऊदी अरब से लौटा था दस दिन पहले

Uttarakhand Weather: फिर बदलेगा मौसम, कई इलाकों में तीन दिन भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में आज से अगले तीन दिन बारिश और बर्फबारी हो सकती है। निचले इलाकों में जहां गरज और चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में आज बादल छाये रहने का अनुमान है। कुछ पहाड़ी जिलों में गरज और चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। वहीं चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का भी अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में तेज ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान भी जताया है।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले तीन दिन इसी तरह का मौसम बना रहेगा। इस दौरान ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी होगी। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव होगा।
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Coronavirus: कोरोना को हराने के लिए अपनाया सलमान की 'जय हो' का तरीका, ऐसे कर रहे लोगों को जागरुक

Lockdown in Uttarakhand: आखिरी बार पत्नी से बात तक न कर पाया बुजुर्ग पति, मौत के बाद पुलिस ने दी घर जाने की अनुमति

लॉकडाउन के आगे बेबस बुजुर्ग पति करीब 90 किलोमीटर दूर अपनी बीमार पत्नी से आखिरी बार बात नहीं कर सका। सोमवार दोपहर पत्नी की मौत के बाद एसडीएम से अनुमति मिलने पर बुजुर्ग को परिवार के साथ रानीखेत जाने दिया गया। व्यक्ति की आंखें हमसफर का साथ छूटने का दर्द बयां कर रही थीं। देर शाम परिवार गांव पहुंच गया।

ग्राम गेरा पोस्ट ऑफिस शिशवा रिची रानीखेत जिला अल्मोड़ा निवासी देवीदत्त बुधानी (85) दस दिन पहले ही अपने पोते शेखर बुधानी के पास मोहाली पंजाब गए थे। देवीदत्तमोहाली तो पहुंच गए, लेकिन दो दिन बाद ही 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर पूरे देश में लॉकडाउन हो गया।

शेखर बुधानी ने बताया कि 28 मार्च को गांव से फोन आया कि 82 वर्षीय दादी देवकी देवी की तबीयत काफी खराब हो गई है। बताया गया कि दादी अंतिम सांसे गिन रहीं हैं। सूचना पर दादा भावुक हो गए और घर जाने को कहने लगे। उसके बाद परिवार सहित सभी मोहाली से गांव के लिए कार में निकले गए। 29 मार्च की रात करीब 11 बजे पीरूमदारा क्षेत्र के हल्दुआ बैरियर में पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया।

पुलिस ने सभी की मौके पर ही डॉक्टरों से जांच कराई और हल्दुआ बैरियर पर ही एक कमरे में सभी को रखा गया। शेखर ने बताया कि उनके साथ पत्नी कविता बुधानी, भाई नवीन बुधानी, बेटी रीता, कोमल, खुशी और बेटा रूमाल बुधानी भी थे।
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Uttarakhand Lockdown: पारस के बाद अब परम ने भी घटाए दूध के दाम, पनीर के साथ दही फ्री

लॉकडाउन के चलते खपत कम होने और लोगों की परेशानियों को देखते हुए पारस दूध कंपनी के बाद अब परम दूध कंपनी ने भी दूध के दाम कम किए हैं। कंपनी ने अपनी प्रत्येक वैरायटी में चार रुपये की कमी की है। इसके अलावा 200 ग्राम पनीर खरीदने पर कंपनी की ओर से 10 रुपये का दही फ्री दिया जाएगा।

देहरादून में परम दूध कंपनी के रीजिनल सेल्स मैनेजर अजय शर्मा ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से गढ़वाल और दून में दूध की डिमांड में कमी आई है। कंपनी गढ़वाल में प्रतिदिन 36000 लीटर दूध की सप्लाई करती है। दून में परम दूध की खपत 12000 लीटर प्रतिदिन है। अब दूध की खपत कम हुई है। ऐसे में कंपनी की ओर से प्रत्येक वैरायटी में चार रुपये तक की कमी की गई है।
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Coronavirus Lockdown: अन्य राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों की मदद के लिए आरएसएस ने बनाया कॉल सेंटर

कोरोना संकट में देश व्यापी लॉक डाउन के बीच राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों की सहायता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने ऑनलाइन विंडो खोली है। इसके साथ ही प्रांतीय कार्यालय में कॉल सेंटर भी बनाया है। इसमें 9410770763 पर लोग सहायता मांग सकते हैं।

संघ के प्रांतीय कार्यालय के मुताबिक, इस ऑनलाइन विंडो पर 1408 मूल निवासियों ने सहायता के आवेदन एवं प्रतिक्रियाएं दी हैं। संघ ये सारी जानकारी स्थानीय स्वयंसेवकों और प्रशासन के साथ साझा कर रहा है ताकि लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। संघ के प्रांतीय प्रचारक युद्धवीर के मुताबिक, कोरोना वायरस की रोकथाम और लॉक डाउन में जरूरतमंदों की सहायता के लिए संघ ने प्रशासन का सहयोग करने के लिए 109 स्थान तय किए हैं।

जहां 825 स्वयंसेवक तैनात हैं। अब तक संघ की ओर से 7705 परिवारों को सहायता दी गई है। इस दौरान 1412 लोगों ने गरीब व जरूरतमंदों की मदद के लिए संघ का सहयोग किया है। संघ के सहायता केंद्रों में अब तक 11047 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए गए हैं। 146 स्थानों पर सामाजिक दूरी को बनाने के लिए दूरी चिन्ह बनाए गए हैं जबकि 9160 लोगों को मास्क और 2200 लोगों सैनिटाइजर बांटे गए हैं।
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Lockdown: गुजरात से उत्तराखंड आ रहे यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने बार्डर पर जबरन उतारा

परिवहन निगम की बसों में गुजरात से उत्तराखंड आ रहे 50 से अधिक यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर जबरन नीचे उतार लिया। हालांकि चालकों परिचालकों ने यात्रियों को छोड़ देने की काफी गुजारिश की लेकिन हरियाणा पुलिस ने उनकी एक न सुनी। आखिरकार चालक परिचालक तमाम खाली बसों को लेकर उत्तराखंड आ गए । बता दें कि गुजरात के 1500 तीर्थयात्रियों को लेकर परिवहन निगम की 50 बसें हरिद्वार से अहमदाबाद गई थी ।

यात्रियों को गुजरात पहुंचाने के बाद जब बसे वापस आने लगी तो गुजरात सरकार के अधिकारियों ने 50 से अधिक उत्तराखंड के लोगों के फंसे होने का हवाला देकर उन्हें बसों में बैठा लिया। चालक परिचालक यात्रियों को लेक्ट गुजरात व राजस्थान का बॉर्डर तो पार कर गए लेकिन जैसे ही बस राजस्थान हरियाणा बॉर्डर पर पहुंचे तो हरियाणा पुलिस ने बसों को रोक लिया।

चालकों से कागजात मांगे गए तो उन्होंने जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेश की प्रतियां दिखा दी । यात्रियों की बावत जानकारी ली तो चालकों ने बताया कि ये गुजरात में फंसे हुए थे और उन्हें लेकर वह उत्तराखंड जा रहे हैं । लेकिन पुलिस ने कोरोना के चलते देशव्यापी लॉक डाउन का हवाला देकर गाड़ी से नीचे उतार लिया। हाला की चालको ने पुलिस अधिकारियों से काफी अनुरोध किया लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। चालकों परिचालकों की मानें तो ज्यादा अनुरोध करने पर पुलिस अधिकारियों ने बसों को सीज करने की चेतावनी दे डाली ।

आखिरकार सभी यात्रियों को बॉर्डर पर ही छोड़कर बसें सोमवार सुबह हरिद्वार देहरादून आ गई । प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि अफवाह फैला दी गई कि चालकों ने यात्रियों को उतार दिया जबकि हकीकत यह है कि सभी यात्रियों को हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर जवान जबरन उत्तर गया। प्रबंध निदेशक चौहान का कहना है कि जब चालक यात्रियों को 1200 किलो मीटर लेकर आ गए थे तो दिल्ली से उत्तराखंड जाने में भला क्या दिक्कत थी।
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