भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद और पूर्व सीआईए निदेशक की अपील- कश्मीर से आगे कर सोचें भारत-पाक

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 18 Aug 2019 06:34 AM IST
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नरेंद्र मोदी और इमरान खान (फाइल फोटो)
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सार

  • गढिया और पेट्रायस ने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों से अपील की है
  • दोनों ने मतभेदों को वार्ता के जरिये हल करने का अनुरोध करते हुए स्तंभ लिखा है
  • पाकिस्तान के पीएम से की अपील- विवाद की जगह देश की नाजुक स्थिति पर ध्यान दें

विस्तार

ब्रिटिश हाउस ऑफ लार्ड्स के सदस्य और भारतीय मूल के लार्ड जीतेश गढिया और सीआईए के पूर्व निदेशक जनरल डेविड पेट्रायस ने भारत और पाकिस्तान से कश्मीर से परे हटकर आंतरिक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने तथा अपने द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने पर ध्यान केन्द्रित करने का आह्वान किया है।
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गढिया और पेट्रायस ने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी देशों को अपने मतभेदों को वार्ता के जरिये हल करने का अनुरोध ‘द डेली टेलीग्राफ’ में एक संयुक्त स्तंभ लिखा है। इस दैनिक के स्तंभकारों में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जानसन भी हैं।
उन्होंने लिखा है कि
दक्षिण एशिया की दो अहम परमाणु शक्तियों के बीच बढ़े तनाव के समय दोनों देश विंस्टन चर्चिल की सलाह ‘‘लंबी वार्ता करना युद्ध की तुलना में बेहतर है’ का पालन करते हुए अपने-अपने देश में नागरिकों की सर्वश्रेष्ठ सेवा कर सकते हैं। फिर(वे) अपने पड़ोसियों द्वारा पेश की जाने वाली चुनौतियों के बजाय अपनी अंदरूनी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
गढिया और पेट्रायस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को कश्मीर को लेकर विवाद पर समय एवं धन खर्च करने के बजाय देश की नाजुक आर्थिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जो (पाक) दिवालियेपन की कगार पर है क्योंकि इसने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से अरबों डॉलर का एक और राहत पैकेज के लिए बात की है। 

उन्होंने कहा, 

पाकिस्तान लंबे समय से यह स्वीकार करने से इनकार करता रहा है कि देश के लिए सर्वाधिक गंभीर खतरा भारत नहीं, बल्कि उसके आंतरिक चरमपंथी हैं और वहां के अपर्याप्त विकसित आर्थिक अवसर हैं।


उन्होंने अनुच्छेद 370 पर भारत के फैसले पर कहा कि काफी कुछ दांव पर लगाने की रणनीति के साथ बहुत कुछ इसके क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा। हालांकि भारत की युक्ति पर सवाल उठ सकते हैं, लेकिन अपने सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की उसकी रणनीति में खामी ढूंढना मुश्किल होगा।
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