विज्ञापन

4 अगस्त से शुरू हो रहा है अग्नि पंचक, जानिए क्या होता है पंचक

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 04 Aug 2020 06:12 AM IST
जब चंद्रमा गोचर करते समय वह कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है तो उस कालखंड में पंचक लगता है।
जब चंद्रमा गोचर करते समय वह कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है तो उस कालखंड में पंचक लगता है। - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • 4 अगस्त, मंगलवार से पंचक शुरू हो रहा है।
  • शास्त्रों के मुताबिक पंचक काल में कुछ कार्य करने को वर्जित माना गया है। 

विस्तार

4 अगस्त, मंगलवार से पंचक शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में पंचक का विशेष महत्व होता है। मुहूर्त ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद तथा रेवती ये नक्षत्र पर जब चन्द्रमा गोचर करते हैं तो उस काल को पंचक काल कहा गया है। 4 अगस्त से पंचक शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगा। मंगलवार के दिन पंचक लगने से यह अग्नि पंचक कहलाएगा। पंचक का उत्तर और पूर्व भारत में भदवा भी कहते हैं। शास्त्रों के मुताबिक पंचक काल में कुछ कार्य करने को  वर्जित माना गया है। 
विज्ञापन

जब चंद्रमा गोचर करते समय वह कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है तो उस कालखंड में पंचक लगता है। पंचक में घास फूस इकठ्ठा करना, लकड़ी आदि ईंधन एकत्रित करना, पलंग बनाना- चारपाई बनाना, छप्पर बनाने जैसा कार्य नहीं करना चाहिए। इससे अग्नि का भय रहता है। इस काल में दक्षिण दिशा की यात्रा भी वर्जित मानी गई है। चन्द्र जब रेवती नक्षत्र गोचर कर रहे हों तो उस समय बनने वाले मकान की छत नहीं डालनी चाहिए, इससे पारिवारिक कलह, बड़े सदस्य का स्वास्थ्य खराब रहने तथा धन हानि की संभावना अधिक रहती है।
पंचक के प्रकार
रोग पंचक
रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहते हैं। रोग पंचक के दौरान पांच दिन तक शारीरिक और मानसिक परेशानियां रहती है। इस पंचक में किसी भी तरह के शुभ कार्य आरंभ नहीं किया जाता। हर तरह के मांगलिक कार्यों में ये पंचक अशुभ माना गया है। 
राज पंचक
सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है। ये पंचक शुभ माना जाता है। इसके प्रभाव से इन पांच दिनों में सरकारी कामों में सफलता मिलती है संपत्ति से जुड़े काम करना भी शुभ रहता है।
अग्नि पंचक 
मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इन पांच दिनों में कोर्ट कचहरी और विवाद आदि के फैसले, अपना हक प्राप्त करने वाले काम किए जा सकते हैं। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। 
चोर पंचक
शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इस पंचक में लेन-देन, व्यापार और किसी भी तरह के लेन-देन से बचना चाहिए। बुधवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक सभी तरह के कार्य कर सकते हैं यहां तक कि सगाई, विवाह आदि शुभ कार्य भी किए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us