उम्मीदों की मशाल, मरते पेड़ों में प्राण फूंक देते हैं महाजन

राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 02 May 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
राहुल महाजन, बिजनेसमैन
राहुल महाजन, बिजनेसमैन - फोटो : amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जो काम चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम को करना चाहिए था उसे व्यापारी राहुल महाजन अंजाम दे रहे हैं। वह शहर में मर रहे पेड़ों की सेवा करते हैं। महाजन जब भी शहर में आंधी और तेज हवा से कमजोर पेड़ गिर जाता है उसको फिर से खड़ा करते हैं। इसके साथ ही शहर के विकास में आड़े आ रहे पेड़ों को काटने के फैसले के खिलाफ खड़े होकर उनको रीप्लांट कराते हैं।
विज्ञापन

सेक्टर 26 मंडी के व्यापारी राहुल महाजन ने 50 साल पुराने 15 ऐसे बड़े हरे भरे पेड़ों को री प्लांट कराया, जिन्हें प्रशासन स्लीप रोड बनाने केलिए उखाड़ने और काटने की मंजूरी दे चुका था। महाजन ने बागवानी विभाग पर दबाव डाल कर उन पेड़ों को री प्लांट कराया जो अब  नई जगह लोगों को छाया दे रहे हैं।
छह माह पहले सेक्टर-7 के चौक से दो पेड़ कमजोर होने के कारण तेज हवा में सड़क पर गिर पड़े थे। इन पेड़ों को भी महाजन ने सेक्टर-26 के चौक पर री प्लांट कराया है। सेक्टर-16 में भी दो पेड़ों को री प्लांट किया जा चुका है।  इन सभी पेड़ों को अब महाजन खुद पानी और खाद दे रहे हैं। इन पर हरे पत्ते भी आ गए हैं। महाजन इसके अलावा दीमक लगे पेड़ों को अपनी जेब से खर्च कर दवा डालते हैं और उन्हें गिरने से बचाते है।
महाजन का कहना है कि जब वह सड़क पर किसी पेड़ को दीमक के कारण सूखते हुए देखते है तो उन्हें बहुत दुख होता है। उनका कहना है कि पेड़ों को बचाकर वह अपनी आने वाली पीढ़ी को पानी की किल्लत से बचा सकते हैं। उनका कहना है कि पानी का ग्राउंड लेवल बढ़ाने में पेड़ों को अहम योगदान है नहीं तो चंडीगढ़ में 20 साल बाद भी लातूर जैसा होता।
कोई भी फोन कर दे वह खुद दवा डालने के लिए आएंगे

व्यापारी राहुल महाजन का कहना है कि इस समय शहर में सैकड़ों पेड़ ऐसे है जिनमें दीमक लग गए हैं और वह जल्द ही गिर जाएंगे। महाजन का कहना है कि अगर किसी शहरवासी के आसपास कोई पेड़ दीमक के कारण कमजोर हो रहा तो वह सिर्फ उन्हें संपर्क करके इसकी जानकारी दे उसके बाद उस पेड़ पर दवा डालने का काम उनका होगा। महाजन का कहना है कि कोई भी शहरवासी उन्हें 9316715454 पर दीमक लगे हुए पेड़ों की सूचना दे सकता है, हालांकि महाजन का कहना है कि बागवानी विभाग को यह काम करना चाहिए अगर वह भी नहीं कर सकते तो वह भी दीमक लगे हुए पेड़ों की सूचना उन्हें दे सकते है वह अपने खर्चे पर जाकर दवा डालेंगे।

अधिकारी नहीं करते थे विश्वास
पेड़ों को री प्लांट करने की बात को पहले बागवानी विभाग के अधिकारी मानने के लिए तैयार नहीं थे। वह महाजन से भी कहते थे कि यह संभव नहीं है। री प्लांट के बाद पेड़ जिंदा नहीं रह सकता। लेकिन अब महाजन के कार्य से  विभाग भी प्रभावित है। इनसे प्रभावित होकर निगम के कार्यकारी अभियंता कृष्ण पाल ने भी एक पेड़ को सेक्टर-29 में री प्लांट किया है।

पेड़ों का क्षेत्रफल घटा
पर्यावरण मंत्रालय की भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट में बताया गया है कि चंडीगढ़ में पेड़ों का क्षेत्रफल पिछले दो सालों में घटा है। साल 2011 में आई रिपोर्ट के मुताबिक शहर पूरे देश में दूसरे नंबर पर था जो कि अब चौथे नंबर पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us