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बिहार

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस: बिहार के गोपालगंज में मिला नया मरीज, 16 हुई संक्रमितों की संख्या

कोरोना वायरस बिहार में भी धीरे-धीरे पांव पसार रहा है। मंगलवार को बिहार के गोपालगंज जिले में कोरोना का एक नया मामला सामने आया है। इसी के साथ बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ कर 16 हो गए हैं।

राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इन्स्टीट्यूट (आरएमआरआई) के निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने मंगलवार को बताया कि दुबई से लौटा गोपालगंज निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है।उन्होंने बताया कि 90 संदिग्ध मामलों की आरएमआरआई में जांच की जा रही है।

बिहार में सोमवार तक कोरोना वायरस के 1051 संदिग्ध नमूनों की जांच की गई थी जिसमें से अब तक 16 पॉजिटिव पाए गए हैं। कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक व्यक्ति की गत 21 मार्च को पटना एम्स में मौत हो गई थी। पटना निवासी एक महिला जो 21 मार्च को अस्पताल में भर्ती हुई थीं उन्हें सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि पटना एम्स में आब्जर्वेशन में वर्तमान में रखे गए छह अन्य मरीजों की भी रिर्पोट निगेटिव आई है, जिनमें से तीन को आज तथा तीन अन्य को अगले दो दिनों के भीतर छुट्टी दे दी जाएगी।

कोरोना संदिग्ध की सूचना देने पर पीट-पीटकर मार डाला
सीतामढ़ी जिले में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध के बारे में प्रशासन को जानकारी देने वाले युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिले के रुन्नीसैदपुर थाना के मधौल गांव में प्रशासन को सूचना देने के कारण एक युवक की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवक की हत्या करने वाले उससे इसलिए नाराज थे, क्योंकि उसने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना मेडिकल हेल्पलाइन नंबर पर दे दी थी।

युवक ने महाराष्ट्र से लौटे दो लोगों के कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज होने की सूचना मेडिकल टीम को दी थी। उसकी सूचना पर मेडिकल टीम गांव में पहुंची और दोनों युवक को जांच के लिए लेकर गई। जांच के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं होने पर दोनों को छोड़ दिया गया।

घर पहुंचते ही दोनों ने अपने परिवार के बाकी लोगों के साथ मिलकर मेडिकल हेल्पलाइन टीम को सूचना देने वाले युवक को पीटकर गंभीर रूप घायल कर दिया। जिसको रुन्नीसैदपुर पीएचसी मे भर्ती कराया गया, लेकिन इसकी गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
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Coronavirus in Bihar: कोरोना के संदिग्ध मरीज की सूचना देने वाले युवक को पीटकर मार डाला

बिहार के सीतामढ़ी जिले में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध के बारे में प्रशासन को जानकारी देने वाले युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिले के रुन्नीसैदपुर थाना के मधौल गांव में प्रशासन को सूचना देने के कारण एक युवक की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि युवक की हत्या करने वाले उससे इसलिए नाराज थे, क्योंकि उसने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना मेडिकल हेल्पलाइन नंबर पर दे दी थी।

युवक ने महाराष्ट्र से लौटे दो लोगों के कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज होने की सूचना मेडिकल टीम को दी थी। उसकी सूचना पर मेडिकल टीम गांव में पहुंची और दोनों युवक को जांच के लिए लेकर गई। जांच के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं होने पर दोनों को छोड़ दिया गया।

घर पहुंचते ही दोनों ने अपने परिवार के बाकी लोगों के साथ मिलकर मेडिकल हेल्पलाइन टीम को सूचना देने वाले युवक को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिसको रुन्नीसैदपुर पीएचसी मे भर्ती कराया गया, लेकिन इसकी गंभीर हालत को देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया। मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। मृतक बबलू कुमार के परिजनों के बयान पर मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में पुलिस ने मामला दर्ज किया। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।

मृतक के भाई गुड्डू के बयान पर पुलिस ने गांव के ठगा महतो, सुधीर कुमार, विकास महतो, मदन महतो, दीपक कुमार और मुन्ना महतो को अभियुक्त बनाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो आरोपियों सुधीर महतो और मुन्ना महतो को गिरफ्तार कर लिया है।
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कोरोना वायरस: दूसरे राज्यों से आने वालों के साथ बर्ताव पर प्रशांत किशोर ने मांगा नीतीश का इस्तीफा

कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। देश गंभीर हालात से गुजर रहा है। वहीं, संकट के इस दौर में भी दूसरे राज्यों से बिहार लौटने वाले मजदूरों के साथ जिस तरह के बर्ताव हो रहे हैं उसे लेकर प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले लोगों के साथ हो रहे दिल दुखाने वाले बर्ताव पर बिहार के मुख्यमंत्री की आलोचना की और उनके इस्तीफे की मांग की।

किशोर ने ट्वीट किया कि कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने की सरकार की कोशिशों की एक और भयावह तस्वीर। देश के अनेक हिस्सों से भारी मुश्किलों का सामना करके बिहार पहुंचने वाले गरीब लोगों के लिए सामाजिक दूरी बनाने और पृथक रखने की नीतीश कुमार की यह व्यवस्था दिल दुखाने वाली है। नीतीश को इस्तीफा देना चाहिए।
 

 

किशोर ने एक छोटा वीडियो टैग किया जिसमें एक स्थान में कुछ लोग बंद हैं और उनमें से एक अपनी कठिनाइयों का जिक्र करते हुए रोने लगता है। लॉकडाउन की वजह से देश के विभिन्न हिस्से से कामगार अपने गृह राज्य बिहार लौट रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार ने उन्हें पृथक रखने के लिए केन्द्र बनाएं हैं। ऐसी खबरें हैं कि लोगों की बड़ी संख्या और उनके गुस्से को देखते हुए सरकार उन्हें उनके गांवों तक जाने देने के लिए मजबूर हुई है।

किशोर कोरोना वायरस से निपटने के तरीकों पर केन्द्र और बिहार सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि 21 दिन का बंद बेतरतीब है। गौरतलब है कि किशोर जदयू में नीतीश कुमार के बाद दूसरे स्थान पर सबसे ताकतवार माने जाने थे पर नागरिकता संशोधन कानून को समर्थन देने के लिए नीतीश की लगातार आलोचना करने के कारण उन्हें इस साल की शुरुआत में पार्टी से निकाल दिया गया था।
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कोरोना के चलते लालू यादव को राहत मिलने के आसार, जेल से हो सकते हैं रिहा

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बीच जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को राहत मिल सकती है। लालू प्रसाद यादव लंबे समय से जेल में बंद हैं। हालांकि, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उन्हें राहत मिल सकती है। सूत्रों की मानें तो लालू यादव जेल से बाहर आ सकते हैं, सरकार उन्हें पैरोल देने पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट्स की मानें तो लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत पैरोल दिया जा सकता है। बता दें कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जेल प्रशासन को सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल देने के मामले में फैसला सुनाया था।

बता दें कि लालू यादव की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। यही कारण है कि वह रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। इससे पहले आठ सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने उनके इलाज की समीक्षा की थी, जहां यह तय हुआ कि लालू प्रसाद यादव को फिलहाल एम्स अस्पताल भेजने की जरूरत नहीं है। इस दौरान लालू प्रसाद यादव के किडनी की जांच के लिए एम्स से एक नेफ्रोलॉजिस्ट बुलाया जाएगा। ऐसे में अगर नेफ्रोलॉजिस्ट उन्हें इलाज के लिए रिम्स से बाहर भेजने को कहता है, तब उन्हें भेजने पर फैसला लिया जा सकता है। 

बता दें कि कोरोना वायरस से देश भर में अब तक 4421 लोग प्रभावित हैं। वहीं, इस महामारी की वजह से देशभर में अब तक 114 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, 325 लोग ऐसे हैं जो इस बीमारी से पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं।
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Lalu Yadav Lalu Yadav

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में होगा पंचायतों का इस्तेमाल, छोटे इलाकों को मिलेगा फायदा

कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से सारे कारोबार बंद हो चुके हैं। ऐसे में इसका बड़ा असर मजदूर और गरीब तबके पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार की तरफ से दिए जा रहे राहत पैकेज में कई सुविधाएं हैं, लेकिन कई गरीब परिवार ऐसे हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जिन 30 लाख लोगों के राशन कार्ड के आवेदन पहले रद्द कर दिए गए थे, अब उनकी फिर से जांच की जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 से सुरक्षा के लिए सुशील मोदी ने पंचायतों को पांचवे वित्त आयोग की अनुदान राशि खर्च करने को कहा है। 

सुशील मोदी ने कहा कि पंचायतें पांचवे वित्त आयोग से मिली अनुदान राशि से नागरिकों, कर्मचारियों और आइसोलेशन वार्ड में रह रहे लोगों को मास्क, सैनिटाइजर, साबुन, गलब्स जैसी चीजों को मुहैया कराने के लिए खर्च कर सकेंगी। उन्होंने आगे कहा कि इस राशि से गांव या छोटे शहरों में सैनिटाइजेशन करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही कोरोना वायरस को रोकने के लिए कई उपाय किए जा सकेंगे। इनमें ब्लिचिंग पाउडर और अन्य चीजों का छिड़काव शामिल है। सुशील मोदी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के अनुदान मद में 9 लाख रुपये, पंचायत समितियों में 20 लाख और जिला परिषद के अनुदान मद में 2 करोड़ तक की राशि रखी हुई है। 

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस दौरान कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए इलाज से ज्यादा बचाव जरूरी और कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन करने से मुश्किलें तो हुईं हैं, लेकिन इसके चलते कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को कम रखने में बड़ी कामयाबी मिली है। 

सुशील मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर सोमवार को टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय और उनके साथ 600 से अधिक भाजपा मंडल अध्यक्षों से बात की। इस दौरान कोरोना की सारी जानकारी और उससे बचाव के लिए सभी लोगों को ‘आरोग्य सेतु एप’ को डाउनलोड करने की बात कही गई। इस, एप के जरिए अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव मरीज के पास जाता है तो उन्हें अलर्ट मिल जाएगा। 
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बिहारः राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने संक्रमण समाप्त करने में एकजुटता के लिए दीप जलाए

बिहार के राज्यपाल फागू चौहान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस को समाप्त करने के लिए एकजुटता और दृढ़संकल्प जताने के लिए रविवार की रात दीप जलाए।

राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में रविवार रात नौ बजे नौ मिनट तक दीप जलाकर कोरोना-संकट को समाप्त करने के लिए जारी संघर्ष की सफलता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अपील के आलोक में कोरोना-संकट के अंधकार से निबटने के लिए रोशनी जलाकर सभी लोगों ने जिस राष्ट्रीय-सामाजिक एकता और दृढ़संकल्प को अभिव्यक्त किया है, उससे यह एहसास मजबूत हुआ है कि भारत किसी भी प्रकार की चुनौती से निबटने में तत्पर और सक्षम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग में दीप जला कर कोरोना संक्रमण के विरूद्ध अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।

उन्होंने कहा कि इससे हमारी दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत हुई है। हमें पूरा विश्वास है कि सम्पूर्ण देशवासियों की एकजुटता से हम सब जल्द ही कोरोना संक्रमण से मुक्ति पाने में सफल होंगे। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व उनकी पत्नी ने भी एकजुटता प्रकट करने के लिए दीप जलाया।

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने रात नौ बजे दीए या कैंडल जला कर जिस उत्साह से प्रधानमंत्री के प्रकाश अभियान का समर्थन किया, उसके लिए वे सभी वर्ग का कोटि-कोटि अभिनंदन करते हैं।

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी और उनके बडे पुत्र तेजप्रताप यादव जलता हुआ लालटेन ले कर खड़े हुए। यह उनकी पार्टी का चिह्न भी है।
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कोरोना वायरस: बिहार में एक नया मामला, संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 32 हुई

बिहार में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि सरकार की कोशिशों की वजह से प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है। भागलपुर जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के एक अन्य मामले की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में इस रोग से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। वहीं इससे मुंगेर निवासी एक मरीज की 21 मार्च को मौत हो गई थी।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार ने शनिवार को बताया कि भागलपुर के नौगछिया निवासी एक व्यक्ति के कोरोना वायरस संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि 65 वर्षीय उक्त व्यक्ति पिछले 18 मार्च को ब्रिटेन से अपने घर लौटे थे।

बिहार में अबतक मुंगेर जिला में 7, सिवान में 6, पटना एवं गया में में 5-5, गोपालगंज में 3, नालंदा में 2, लखीसराय, बेगूसराय, सारण और भागलपुर में एक-एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बिहार में अब तक तक कोरोना वायरस के 2292 संदिग्ध नमूने की जांच की जा चुकी है जिसमें से अब तक 2257 निगेटिव पाए गए हैं ।

गौरतलब है कि कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक मरीज जिसकी 21 मार्च को पटना एम्स में मौत हो गई थी, के संपर्क में बीते दिनों 64 व्यक्ति आए थे जिनमें से 55 के नमूने जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गए थे। इसमें से अबतक 11 कोरोना वायरस संकमित पाए गए हैं। बिहार में अबतक दो कोरोना संक्रमित मरीज ठीक भी हुए हैं जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
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बिहार: लॉकडाउन के दौरान दुर्व्यवहार और शराब पीने के आरोप में चार पुलिसकर्मी बर्खास्त

बिहार सरकार ने लॉकडाउन  के दौरान वरीय अधिकारी से आपत्तिजनक व्यवहार करने और शराब सेवन करने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 मार्च को औरंगाबाद जिला स्थित तिवारी बिगहा बस स्टैण्ड रफीगंज के पास अंचलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह के साथ सिपाही दिलीप कुमार द्वारा आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने की सूचना पर रफीगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष घटनास्थल पर पहुंचे।

इसी बीच उनके द्वारा चरवाहा विद्यालय स्थित बिहार सैन्य पुलिस कैम्प से साथी जवानों को बुलाकर उपस्थित अंचलाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं थानाध्यक्ष के साथ भी उदण्डतापूर्ण दुर्व्यहार किया गया।

घटना में शामिल जवानों में से तीन जवान राकेश कुमार, पप्पु कुमार और सरोज कुमार शराब के नशे की स्थिति में पाए ग, जिसकी पुष्टि चिकित्सीय जांच से हुई। तीनों सिपाहियों के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद :संशोधित: अधिनियम-2018 के अन्तर्गत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया है।
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पीएम की मोमबत्ती-दीया जलाने की अपील पर तेज प्रताप बोले- लालटेन भी जला सकते हैं

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में आज प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पांच अप्रैल रविवार की रात को नौ मिनट के लिए मोमबत्ती दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की है। पीएम मोदी की इस अपील पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने प्रतिक्रया दी है। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा है कि इस दौरान लोग लालटेन भी जला सकते हैं। मालूम हो कि राष्ट्रीय जनता दल का चुनाव चिन्ह 'लालटेन' है। 

तेजप्रताप यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर लिखा कि वैसे आप लालटेन भी जला सकते हैं! इसके साथ उन्होंने हैशटैग का भी इस्तेमाल किया है- 'नौ बजे नौ मिनट।'
 


तेजप्रताव यादव का यह ट्वीट पीएम मोदी के उस अपील के बाद आया। जिसमें पीएम ने वीडियो संदेश के जरिए देशवासियों से कोरोना वायरस के अंधकार को मिटाने के लिए रविवार की रात नौ बजे नौ मिनट तक लाइट बंद कर घरों के बाहर दरवाजे या बालकनी में दीया या मोमबत्ती जलाने को कहा।

सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा को लांघना नहीं है

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि हमें निरंतर प्रकाश की ओर जाना है, जो इस कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, हमारे गरीब भाई-बहन उन्हें कोरोना संकट से पैदा हुई निराशा से आशा की तरफ ले जाना है।

इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे समाप्त करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है। इस अंधकारमय कोरोना संकट को पराजित करने के लिए, हमें प्रकाश के तेज को चारो दिशाओं में फैलाना है।

पीएम मोदी ने एक बार फिर से लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा उन्होंने कहा कि सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। किसी भी हालत में इसे तोड़ना नहीं है, क्योंकि कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।
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बिहार के गया में स्वच्छता कर्मियों पर फूलों की बारिश, स्थानीय लोगों ने किया सहयोग

कोरोना वायरस: बिहार में एक संदिग्ध की मौत, संक्रमित मरीजों की संख्या 29 हुई

कोरोना वायरस का कहर देश में तेजी से फैलता जा रहा है। इसी बीच बिहार में कोरोना से दूसरी मौत का मामला सामने आया है। बिहार के भोजपुर जिले में एक कोरोना वायरस संदिग्ध की गुरुवार शाम मौत होने के बाद इस रोग से प्रदेश में अब तक मौत के दो मामले सामने आए हैं। इससे पहले मुंगेर निवासी एक मरीज की 21 मार्च को मौत हो गई थी।

प्रदेश में इस रोग के 29 पॉजिटिव मामले अब तक सामने आ चुके हैं। बिहार स्वास्थ्य सोसायटी की राज्य निगरानी अधिकारी डॉ रागिनी मिश्र ने शुक्रवार को बताया कि भोजपुर जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में भर्ती एक मरीज की गुरुवार शाम मृत्यु हो गई जिसका नमूना जांच के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीएमएस) भेजा गया था।

बिहार में अब तक तक कोरोना वायरस के 1973 संदिग्ध रोगियों के नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें अब तक 1940 नमूने निगेटिव और 29 पॉजिटिव पाए गए हैं। गौरतलब है कि मुंगेर निवासी एक मरीज जिसकी 21 मार्च को पटना एम्स में मौत हो गई थी, उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए उसके परिजनों को सौंप दिए जाने के बाद उसके कोरोना वायरस पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई थी।

कतर से लौटे मुंगेर निवासी उक्त मरीज के संपर्क में बीते दिनों में 64 व्यक्ति आए थे जिनमें से 55 के सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई भेजे गए थे, जिसमें से अब तक 11 कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए हैं। बिहार में अब तक दो कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।
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कोरोना: नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से की बात, डॉक्टरों के लिए मांगी पांच लाख किट

कोरोना वायरस के संकट से निपटने की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री से कोरोना से बचाव के लिए भारी संख्या में किट और अन्य उपकरणों की मांग की।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत का मुख्य केंद्र वायरस के संक्रमण से बचने के लिए किट और अन्य उपकरणों पर रहा। नीतीश ने प्रधानमंत्री के साथ चर्चा में इस बात पर उम्मीद जताई की देश सभी चुनौतियों से निपट लेगा और जल्द ही इस महामारी को हरा देगा। नीतीश के इस बयान का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपके मुंह में घी शक्कर।'

एक निजी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार नीतीश सरकार ने बाद में मीडिया को चर्चा का पूरा ब्योरा दिया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, 'हमने पांच लाख व्यक्तिगत सुरक्षा किट (पीपीई) की मांग की थी लेकिन हमें केवल 4,000 ही मिले। हमने 10 लाख एन95 मास्क मांगे थे लेकिन सिर्फ 10,000 ही मिले। इसके अलावा हमने 10 लाख पीआई मास्क मांगे थे मगर केवल एक लाख ही मुहैया कराए गए। हमें 10,000 आरएनए किट की जगह 250 ही उपलब्ध हुए हैं।'



नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को बताया कि हमने 100 वेंटिलेटर की मांग की थी जबकि अभी तक एक भी नहीं मिला है। उन्होंने एक ऐसी किट उपलब्ध कराने को कहा जिसमें टेस्टिंग, किट, आरएनए किट और अन्य उपकरण भी शामिल हों। प्रधानमंत्री ने दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, केरल, कर्नाटक आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी चर्चा की।

कांफ्रेंसिंग में उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन भी मौजूद थे। गृह मंत्री मे कहा कि प्रोटिक्टिव गियर मुहैया कराने की कोशिशें जारी हैं। राज्य भी अपने स्तर पर कोशिश कर सकते हैं। हालांकि सरकार ने राज्यों के फंड मांगने पर कोई जवाब नहीं दिया है।
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बिहार: सिविल सर्जन ने झोलाछाप डॉक्टरों को कोरोना इलाज में किया शामिल, सरकार ने की कार्रवाई

बिहार सरकार ने सिवान के सिविल सर्जन डा अशेष कुमार को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जिले के सभी प्रखंडों में झोलाछाप चिकित्सकों को चिन्हित करते हुए उनसे इलाज के लिए सहमति पत्र प्राप्त कर प्रशिक्षण देने के संबंध में आदेश निर्गत करने पर निलंबित कर दिया है।

विभाग द्वारा इस संबंध में बुधवार को जारी एक आदेश के अनुसार, डा अशेष द्वारा इस आदेश के निर्गमन के पूर्व न तो विभाग से अनुमति ली गई और ना ही विभाग को इसकी सूचना दी गई। 

डा अशेष ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सिवान जिला के सभी प्रखंडों में झोलाछाप चिकित्सकों को चिन्हित करते हुए उनसे इलाज के वास्ते सहमति पत्र प्राप्त कर प्रशिक्षण देने के संबंध में जिलान्तर्गत सभी उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में संचालित निजी अस्पताल एवं झोलाछाप चिकित्सकों की सूची मांगी थी।

आदेश के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस आशय का पत्र सिवान सिविल सर्जन के स्तर से निर्गत करने से कोविड-19 संकमण से रोकथाम के लिए विभाग एवं राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सभी प्रयास कमजोर हुए प्रतीत होते हैं। इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने से विभाग को आलोचना झेलनी पड़ी।
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