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बिहार

रविवार, 29 मार्च 2020

कोरोना: बिहार में राशनकार्ड धारकों को एक माह का राशन मिलेगा मुफ्त, डॉक्टरों को भी इनाम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि राज्य के राशनकार्ड धारकों को एक महीने का राशन मुफ्त मिलेगा। इसके अलावा पेंशन पाने वालों को भी तीन महीने की पेंशन एडवांस में दी जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि जिसके पास राशनकार्ड है, उस परिवार को एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा कक्षा पहली से 12वीं तक के छात्रों को 31 मार्च तक स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।



कोरोना वायरस से संक्रमण को रोकने के लिए दिया पैकेज
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को देखते हुए सहायता पैकेज की घोषणा की है। मुख्यमंत्री आवास पटना के एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कोरोना वायरस से संक्रमण की गंभीर स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक वीडियो में नीतीश ने बताया कि बैठक में लॉकडाउन को लेकर लोगों को सहायता पैकेज देने के संबंध में कई निर्णय लिए गए। इसके तहत उन्होंने कहा कि सभी राशन कार्डधारी परिवारों को एक माह का राशन मुफ्त में दिया जाएगा।

नीतीश ने कहा कि सभी पेंशनधारियों (मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन) को अगले तीन माह की पेंशन अग्रिम तौर पर तत्काल जारी की जाएगी। यह राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन किए गए क्षेत्रों के सभी नगर निकाय क्षेत्रों और प्रखंड मुख्यालय की पंचायत में मौजूद सभी राशन कार्डधारी परिवारों को एक हजार रुपये प्रति परिवार दिया जाएगा। यह राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में सीधे भेज दी जाएगी।

सीएम नीतीश ने कहा कि पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्र/छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति आगामी 31 मार्च तक उनके खाते में दे दी जाएगी।

डॉक्टरों को मिलेगा इनाम
सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार के सभी डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ को एक महीने का बेसिक वेतन अलग से प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को एक माह के मूल वेतन के समतुल्य प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लोगों से अनुरोध किया कि लॉकडाउन के संबंध में राज्य सरकार की ओर से जारी की गई सलाह का पालन करें। उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील भी की। समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा तथा मुख्य सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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कोरोना: पटना पुलिस ने मस्जिद में छिपे 10 विदेशियों और दो भारतीयों को हिरासत में लिया

बिहार के पटना में पुलिस ने किर्गिस्तान के 10 नागरिकों और दो भारतीयों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदिग्ध मानते हुए पकड़ा है। उनके नमूने जांच के लिए एम्स भेजे गए हैं।
 

जानकारी के अनुसार, पटना के दीघा थाना क्षेत्र में कुर्जी मोहल्ला स्थित एक मस्जिद से पुलिस ने सोमवार को 10 विदेशी धार्मिक उपदेशकों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अन्य दो भारतीयों को भी हिरासत में लिया गया है। कोरोना वायरस संबंधी जांच के लिए उन्हें एम्स भेजा गया।

स्थानीय थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें किर्गिस्तान से आए 10 धार्मिक उपदेशक और उत्तर प्रदेश निवासी दो लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों को जांच के लिए पटना स्थित एम्स भेजा गया है।

मस्जिद में छिपे थे विदेशी
पुलिस ने मिली जानकारी के अनुसार पटना के कुर्जी के गेट नंबर 74 के पास स्थित एक मस्जिद में ये विदेशी नागरिक छिपे हुए थे। मोहल्ले के लोगों को जब इसकी सूचना मिली तो वह हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।

बता दें कि 31 मार्च तक लॉकडाउन के फैसले के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने गांव जा रहे हैं। ऐसे में लोग बसों की छत पर बैठकर सफर करते दिखाई दिए। बिहार में अभी तक कोरोना के दो मरीज मिले हैं। पीएमसीएच में 24 घंटे में कोरोना के संदिग्ध 13 नए मरीज भर्ती हुए हैं।

इनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। दूसरे देश से बिहार आए 520 लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है। 119 संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है। पटना एम्स का ओपीडी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। यहां सिर्फ इमरजेंसी मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है।
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बिहार में भी 31 मार्च तक लॉकडाउन, जरूरी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी 

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी 31 मार्च तक लॉकडाउन करने का फैसला किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को यह घोषणा की है।  सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के सभी जिला मुख्यालयों, नगरपालिका शहरों और ब्लॉक मुख्यालयों में 31 मार्च तक लॉकडाउन लागू होगा। हालांकि इस दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। 

रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान कई राज्यों ने लॉकडाउन का फैसला किया है। बिहार से पहले दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड और तेलंगाना समेत कई राज्य लॉकडाउन कर चुके हैं।  भारतीय रेलवे ने भी 31 मार्च तक सभी यात्री ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। देश में कोरोना के कुल संक्रमित मामलों बढ़कर 341 तक पहुंच गए हैं। रविवार को बिहार में भी एक कोरोना पीड़ित की मौत हुई है। इसके अलावा चार केस पॉजीटिव पाए गए हैं। सीएम नीतीश कुमार के आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया है। 
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प्रशांत किशोर का केंद्र पर आरोप, कहा- लॉकडाउन हड़बड़ाहट में लिया गया फैसला, भारत इससे बेहतर का हकदार

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने शनिवार को कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और उसके द्वारा लिए गए लॉकडाउन के फैसले को खारिज कर दिया। किशोर ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन का फैसला हड़बड़ाहट में लिया गया और लोगों के लिए उपचार और देखभाल जैसी सुविधाएं गैर मौजूद है। कोविड-19 के प्रति भारत की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

जेडीयू के पूर्व नेता किशोर ने ट्वीट किया, 'हमारे सभी आशावाद के लिए, कड़वा सच यह है कि कोविड-19 के प्रति भारत की प्रतिक्रिया बेहतर होने की आवश्यकता है ना कि सिर्फ हड़बड़ाहट में लॉकडाउन को थोप देना। एक करोड़ लोगों पर केवल 10 की जांच और जरूरतमंद लोगों के लिए कोविड-19 के उपचार और देखभाल के लिए सुविधाओं का नहीं होना। भारत इससे बेहतर का हकदार है।'

 



अपने ट्वीट में, किशोर ने लॉकडाउन के बाद प्रवासियों द्वारा सामना की जा रही कठिनाइयों पर प्रकाश डाला और उनकी दुर्दशा के को लेकर सरकार पर हमला बोला है। गौरतलब हो कि संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भाजपा और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की लगातार आलोचना और एनपीआर और एनआरसी पर तीखी टिप्पणी के कारण पार्टी से उनका निष्कासन हुआ।

इससे पहले उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा था। प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया था कि दिल्ली और अन्य कई जगहों पर बिहार के सैकड़ों गरीब लोग लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए हैं। नीतीश कुमार जी जब दुनिया भर की सरकारें अपने लोगों की मदद कर रही हैं, बिहार सरकार इन लोगों को इनके घरों तक पहुंचाने अथवा जहां ये लोग हैं वहीं कुछ फौरी राहत की व्यवस्था क्यों नहीं कर रही है? एक दूसरे ट्वीट में प्रशांत किशोर ने ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा था कि नीतीश कुमार को शर्म आनी चाहिए।

उससे पूर्व पीएम मोदी के लॉकडाउन फैसले की आलोचना करते हुए किशोर ने ट्वीट किया था कि क्या 21 दिन लॉकडाउन करने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण है जिससे कोरोना के खिलाफ जंग जीती जा सके? बिना टेस्टिंग, आइसोलेशन और चिकित्सा के कोरोना को कैसे रोका जा सकेगा। प्रशांत किशोर ने कहा था कि लॉकडाउन से लक्ष्य हासिल होगा कि नहीं यह तो पता नहीं पर इससे लोगों की जिंदगी और रोजी-रोटी जरूर बर्बाद हो जाएगी।
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Prashant Kishor Prashant Kishor

नीतीश बोले- लोगों को स्पेशल बसों से भेजना गलत, पीएम का लॉकडाउन फेल हो जाएगा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मजदूरों के लिए की गई बसों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष बस से लोगों को भेजना एक गलत कदम है। उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा कि इससे बीमारी और फैलेगी जिसकी रोकथाम करना सबके लिए मुश्किल हो जाएगा। 

उन्होंने कहा कि लोगों को कहीं से भी बुलाने में समस्या और बढ़ जाएगी। बिहार सरकार चाहती है कि जो लोग जहां हैं, वहीं उनके खाने और रहने की व्यवस्था कर दी जाए। बसों से लोगों को बुलाने से लॉकडाउन फेल से हो जाएगा। बसों से लोगों भेजना गलत कदम है।

मालूम हो कि दिल्ली-एनसीआर से हजारो की संख्या में लोग अपने घरों को जाने के लिए पैदल ही निकले पड़े हैं। इसमें ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं। जिनका काम लॉकडाउन होने से ठप पड़ गया है। इसे देखते हुए ही उत्तर प्रदेश सरकार ने 200 बसों की व्यवस्था की है।

कई दिनों से मुश्किलों का सामना कर रहे लोगों को राहत तो जरूर मिली है, लेकिन भीड़ में संक्रमण का खतरा अधिक है। जो कि आगे भयावह रूप ले सकता है। यूपी सरकार की बसें नोएडा और गाजियाबाद से हर दो घंटों में रवाना होंगी। हालांकि दिल्ली सरकार ने इन लोगों के लिए जरूर सामान की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, लेकिन लोग किसी भी हालत में अपने घर लौटना चाहते हैं।

हेल्पलाइन नंबर पर फोन ना लगे तो मुख्यमंत्री ऑफिस में फोन करें
नीतीश कुमार ने बिहार के बाहर फंसे लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि अगर बिहार को बचाना है और बिहार से प्रेम है तो जो जहां हैं वहीं रहें। सरकार आपके लिए हर जरूरी सामान की व्यवस्था कर रही है। 

नीतीश कुमार ने कहा कि किसी को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। लॉकडाउन में फंसे लोग हेल्पलाइन पर फोन के जरिए अपनी लोकेशन बताएं। उनकी मदद की जाएगी। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर पर फोन ना लगे तो मुख्यमंत्री ऑफिस में फोन करें। हर तरह की सहायाता की जाएगी। बिहार में अभी तक नौ लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं, वहीं एक मरीज की मौत हुई है।
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बिहार: तालाब में डूबने से तीन नाबालिग लड़कियों की मौत

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया थाना अंतर्गत सेमरा पंचायत में एक तालाब में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से शुक्रवार को तीन नाबालिग लड़कियों की मृत्य हो गई। तुरकौलिया थाना अध्यक्ष नवनीत कुमार ने बताया कि मृतकों में कविता कुमारी (15), अतिमा कुमारी (12) और खुशबू कुमारी (10) शामिल हैं ।

उन्होंने बताया कि कविता कुमारी और अतिमा कुमारी सेमरा गांव की और खुशबू कुमारी चिरैया थाना अंतर्गत बरैथा गांव की निवासी थीं। नवनीत ने कहा कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से शवों को तालाब से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय मोतिहारी स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है।
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बिहार में कोरोना उन्मूलन कोष में सभी विधायक 50 लाख रुपये करेंगे अंशदान: नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सभी विधायक एवं विधान पार्षद अपने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना निधि से न्यूनतम पचास लाख रुपये की राशि कोरोना वायरस से निपटने के लिए सहयोग के रूप में स्वास्थ्य विभाग के कोरोना उन्मूलन कोष में अंशदान करेंगे।

पटना के एक अणे मार्ग पर कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान नीतीश ने कहा कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत विधायकों एवं विधान पार्षदों को अपने क्षेत्र में एक वर्ष में तीन करोड़ रुपये खर्च करने के लिए अनुशंसा करने का अधिकार है जो कि योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।

गौतरलब हो कि बिहार की राजधानी पटना में एक निजी अस्पताल का 20 वर्षीय वार्ड ब्वॉय कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को दो नए मामले सामने आए हैं। जिससे राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वार्ड ब्वॉय निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज के संपर्क में आया था। अस्पताल में भर्ती उस मरीज की बाद में पटना एम्स में मौत हो गई थी। पटना के सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि शहर के खेमनीचक इलाके में स्थित इस निजी अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया जारी है।

इससे पहले कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक मरीज का पहले पटना के इसी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उसे पटना एम्स में भर्ती कराया गया जहां पिछले हफ्ते उसकी मौत हो गई। कोरोना वायरस का नया पॉजिटिव मामला उक्त निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय के पद पर कार्यरत युवक में सामने आया है।

जिला प्रशासन ने इस निजी अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को पृथक रहने का आदेश दिया था। मुंगेर निवासी उक्त मरीज के संपर्क में बीते दिनों में 64 व्यक्ति आए थे जिनमें से 55 के सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गये थे , जिसमें तीन कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से दो मृतक की रिश्तेदार मुंगेर निवासी एक महिला (40) और एक बच्चा (12) हैं।

कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए मुंगेर निवासी महिला और बच्चे को इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य को घर पर पृथक रखा गया है।
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बिहार: रिश्वत नहीं देने पर ट्रक चालक पर गोली चलाने के आरोप में तीन कांस्टेबल गिरफ्तार

coronavirus
बिहार में पटना के दानापुर इलाके में एक मिनी ट्रक के चालक के रिश्वत देने से इनकार करने के बाद उस पर गोली चलाने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पटना के शाहपुर थाना अंतर्गत पातालपुर गांव निवासी सोनू साव पर गुरुवार को कथित तौर पर गोली चलाई गई थी। 

सोनू को बेहतर इलाज के लिए दानापुर रेफरल अस्पताल से पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है। यह कथित घटना दानापुर थाना अंतर्गत गंगा के ऊपर पंटून पुल के पास बुधवार रात उस समय हुई जब सोनू आलू लदे मिनी ट्रक को लेकर जा रहा था।

पुलिस महानिरीक्षक (सेंट्रल रेंज) संजय सिंह ने कहा, इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद गुरुवार को तीनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द उन तीनों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल भेजे गए ये कांस्टेबल रजनीश कुमार, अनिरुद्ध और बबलू हैं।
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कोरोना वायरस: पटना में निजी अस्पताल का वार्ड ब्वॉय कोरोना वायरस संक्रमित, मरीजों की संख्या नौ हुई

बिहार की राजधानी पटना में एक निजी अस्पताल का 20 वर्षीय वार्ड ब्वॉय कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को दो नए मामले सामने आए हैं। जिससे राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वार्ड ब्वॉय निजी अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज के संपर्क में आया था। अस्पताल में भर्ती उस मरीज की बाद में पटना एम्स में मौत हो गई थी। पटना के सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि शहर के खेमनीचक इलाके में स्थित इस निजी अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया जारी है।

गौरतलब है कि कतर से लौटे मुंगेर निवासी एक मरीज का पहले पटना के इसी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उसे पटना एम्स में भर्ती कराया गया जहां पिछले हफ्ते उसकी मौत हो गई। कोरोना वायरस का नया पॉजिटिव मामला उक्त निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय के पद पर कार्यरत युवक में सामने आया है।

जिला प्रशासन ने इस निजी अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को पृथक रहने का आदेश दिया था। मुंगेर निवासी उक्त मरीज के संपर्क में बीते दिनों में 64 व्यक्ति आए थे जिनमें से 55 के सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गये थे , जिसमें तीन कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से दो मृतक की रिश्तेदार मुंगेर निवासी एक महिला (40) और एक बच्चा (12) हैं।

कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए मुंगेर निवासी महिला और बच्चे को इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य को घर पर पृथक रखा गया है।
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बिहार में जीएसटी करदाताओं को बड़ी राहत, 30 जून तक जमा करा सकेंगे रिटर्न, नहीं लगेगा कोई दंड

बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरूवार को बताया कि जीएसटी के अन्तर्गत निबंधित सभी करदाताओं को लॉकडाउन के मद्देनजर बड़ी राहत दी गई है। अब वे 31 मार्च की जगह 30 जून तक बिना किसी विलम्ब शुल्क, दंड के कर भुगतान व विवरणी दाखिल कर सकेंगे।

सुशील ने कहा कि 5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले करदाता मार्च, अप्रैल और मई का कर भुगतान व विवरणी बिना किसी ब्याज, विलम्ब शुल्क और दंड के 30 जून तक दाखिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में इसका लाभ कुल करदाताओं के करीब 85 प्रतिशत यानी 2.75 लाख लोगों को मिलेगा।

केंद्र सरकार भी 31 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर दखिल की जाने वाली आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न सहित विभिन्न वैधानिक और नियामकीय अनुपालन संबंधी रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा कर चुकी है।

सुशील ने कहा कि 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले 20 हजार करदाता भी मार्च-मई तक के कर का भुगतान 30 जून तक बिना किसी विलम्ब शुल्क व दंड के कर सकेंगे, उन्हें 18 की जगह 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान करना होगा।

उन्होंने कहा कि कम्पोजिशन स्कीम के तहत निबंधित करदाताओं को जिन्हें अगले वित्तीय वर्ष में इसी स्कीम में रहना है या सामान्य जीएसटी में जाना है के विकल्प चुनने की अवधि को भी 31 मार्च से 30 जून तक विस्तारित कर दिया गया है। ऐसे करदाता भी वर्ष 2019-20 के कर के भुगतान व विवरणी 30 जून तक दाखिल कर सकेंगे।

सुशील ने कहा कि इसके अतिरिक्त जीएसटी अधिनियम के अन्तर्गत जितनी भी सूचना, अधिसूचना,अपील, विवरणी,आवेदन व अन्य दस्तावेज जिन्हें 20 मार्च से 29 जून तक दाखिल करना था की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी गई है।
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बिहार में घूस के लिए आलू वैन चालक पर पुलिसवालों ने चलाई गोलियां

बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने तीन सिपाही को गिरफ्तार किया है। इनपर आरोप है कि इन्होंने आलू ले जा रही पिक-अप वैन के ड्राइवर पर गोलियां चलाईं और उसे जाने की इजाजत देने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित का नाम सोनू शाह है जो नदी किनारे से दानापुर शहर के लिए आलू ला रहा था। पटना के पास तीन पुलिसवालों के साथ उसकी बहस हो गई।जिसके बाद पुलिसवालों ने उसके पैर में गोली मार दी।

सोनू ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मुझे सबसे पहले वाहन को पुलिस स्टेशन ले तजााने के लिए कहा गया। उन्होंने मुझे संकेत दिया कि मुझे वरिष्ठ अधिकारियों से बात करनी पड़ेगी या फिर मामला पांच हजार रुपये देकर सुलझाया जा सकता है।' सोनू का पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तीनों कांस्टेबल पर रिश्वत मांगने और हत्या की कोशिश का मामला दर्ज हो गया है।

बिहार ट्रक मालिक एसोसिएशन (बीटीओए) ने आरोप लगाया है कि राज्य भर के कई चेकपोस्टों पर पुलिसकर्मी आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों को रोक रहे हैं और उन्हें रिहा करने के लिए रिश्वत मांग कर रहे हैं। बीओटीए अध्यक्ष भानू शंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले तीन दिनों में उन्हें बहुत से ड्राइवर्स के फोन आए हैं जिन्हें चेकपोस्टों पर रोका गया है।

सिंह ने कहा, चेकपोस्टों पर रोके जाने वाले दर्जभर ड्राइवर जरूरी सामान लेकर जा रहे हैं। इस तरह का एक मामला गुरुवार को मोतिहारी के अरेराज से सामने आया। पुलिस अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत मांग रही है। जिससे कि आपूर्ति श्रृंखला बाधित होगी और चीजों का संकट पैदा हो जाएगा। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि वे विशिष्ट शिकायतों पर गौर करेंगे।

पटना सेंट्रल रेंज के इंस्पेक्टर जनरल संजय सिंह ने कहा, 'मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और गुरुवार को गिरफ्तार किए गए तीनों कांस्टेबलों को जेल भेज दिया गया है। उन्हें बहुत जल्द सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।'
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कोरोना लॉकडाउनः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 100 करोड़ के राहत पैकेज का किया एलान

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के मद्देनजर बड़ी राहत की घोषणी की है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 100 करोड रुपये जारी किए हैं। इससे पहले नीतीश कुमार ने राशनकार्ड धारकों के खाते में एक-एक हजार रुपये राशि डालने का एलान किया था। 

बिहार के बाहर फंसे लोगों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस राशि का उपयोग आपदा राहत केन्द्र बनाने के लिए होगा। इनमें लॉकडाउन की वजह से प्रभावित मजदूरों, रिक्शाचालक, ठेला वेंडर एवं रास्ते में फंसे गरीबों के भोजन एवं रहने की व्यवस्था की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जो लोग बिहार के बाहर फंसे हैं या रास्ते में हैं उन्हें स्थानिक आयुक्त (रेसिडेंट कमिशनर) के माध्यम संबंधित राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर वहीं पर भोजन एवं रहने की व्यवस्था की जाएगी, जिसका खर्च बिहार सरकार उठाएगी।

बिहार में संक्रमित मरीजों की संख्या छह हुई
राहत केंद्रों पर कोरोना वायरस की रोकथाम से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। वहीं, मुंगेर जिला के दो मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बिहार में इस रोग से संक्रमित लोगों की संख्या बढकर अब छह हो गयी जबकि इससे मुंगेर निवासी एक मरीज की शनिवार को मौत हो गई थी ।

पटना स्थित राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इन्स्टिटूट (आरएमआरआई) के निदेशक डा. प्रदीप दास ने गुरुवार को बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण वाले दो नए मामले मुंगेर के हैं। दास ने बताया कि अबतक कोरोना वायरस के 401 संदिग्ध सैंपल की जांच की जा चुकी है जिसमें से छह पाॉटिव और 395 निगेटिव पाए गए हैं।

मुंगेर निवासी जिस व्यक्ति की शनिवार को मौत हो गई थी, उसके संपर्क में बीते दिनों में 64 व्यक्ति आए थे। इनमें से 55 के सैंपल जांच के लिए आरएमआरआई में भेजे गए हैं और कोरोना संक्रमण के ये दोनों मामले उन्हीं में से हैं। इनमें एक महिला (40) और एक बच्चा (12) शामिल हैं।

मुंगेर के जिलाधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि इन दोनों मरीजों को इलाज के लिए भागलपुर भेजा जाएगा जबकि बाकी अन्य को होम क्वारंटीन में रखा गया है।
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कोरोना: बिहार संक्रमित मरीजों की संख्या हुई चार, नीतीश कुमार ने राशन कार्ड धारकों को 1000 देने की घोषणा की

कोरोना वायरस का कहर देश में तेजी से फैलता जा रहा है। अब तक देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 562 हो गई है, जबकि 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बिहार में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इसमें से एक मरीज की कुछ दिन पहले ही मौत हो चुकी है। बुधवार को पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में कोरोना का एक और पॉजिटिव मरीज मिला है।

नालंदा मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी अजय सिन्हा ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति की उम्र 29 साल है और कुछ दिन पहले ही वह गुजरात के भावनगर से पटना लौटा था। प्रशासन उसकी यात्रा इतिहास की जांच कर रहा है।

राशन कार्ड धारकों को मिलेंगे 1000 रुपये
वहीं, कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन से निपटने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राशन कार्ड धारक सभी परिवारों को एक हजार रुपये देने की घोषणा की है।

 

बता दें कि बिहार के पटना में पुलिस ने किर्गिस्तान के 10 नागरिकों और दो भारतीयों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदिग्ध मानते हुए दो दिन पहले (23 मार्च को) पकड़ा था। जानकारी के अनुसार, पटना के दीघा थाना क्षेत्र में कुर्जी मोहल्ला स्थित एक मस्जिद से पुलिस ने सोमवार को 10 विदेशी धार्मिक उपदेशकों को हिरासत में लिया था। इसके अलावा अन्य दो भारतीयों को भी हिरासत में लिया गया था। कोरोना वायरस संबंधी जांच के लिए उन्हें एम्स भेजा गया।

स्थानीय थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें किर्गिस्तान से आए 10 धार्मिक उपदेशक और उत्तर प्रदेश निवासी दो लोग शामिल हैं। 

मस्जिद में छिपे थे विदेशी
पुलिस ने बताया कि पटना के कुर्जी के गेट नंबर 74 के पास स्थित एक मस्जिद में ये विदेशी नागरिक छिपे हुए थे। मोहल्ले के लोगों को जब इसकी सूचना मिली तो वह हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी विदेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई।
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