वो शख्स, जिसने इंदिरा गांधी की आवाज में बात कर बैंक से ठग लिए थे 60 लाख रुपये

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 25 May 2020 05:47 PM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media

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24 मई, 1971 की सुबह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की संसद मार्ग ब्रांच में कोई खास गहमागहमी नहीं थी। दिन के बारह बजने वाले थे। बैंक के चीफ कैशियर वेद प्रकाश मल्होत्रा के सामने रखे फोन की घंटी बजी। फोन के दूसरे छोर पर एक शख्स ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वो प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीएन हक्सर बोल रहे हैं। 
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'प्रधानमंत्री को बांग्लादेश में एक गुप्त अभियान के लिए 60 लाख रुपये चाहिए। उन्होंने मल्होत्रा को निर्देश दिए कि वो बैंक से 60 लाख रुपये निकालें और संसद मार्ग पर ही बाइबल भवन के पास खड़े एक शख्स को पकड़ा दें। ये सारी रकम सौ रुपये के नोटों में होनी चाहिए। मल्होत्रा ये सब सुन कर थोड़े परेशान से हो गए।'  


तभी प्रधानमंत्री कार्यालय से बोलने वाले व्यक्ति ने मल्होत्रा से कहा कि लीजिए प्रधानमंत्री से ही बात कर लीजिए। इसके कुछ सेकेंडों बाद एक महिला ने मल्होत्रा से कहा कि 'आप ये रुपये ले कर खुद बाइबिल भवन पर आइए। वहां एक शख्स आपसे मिलेगा और एक कोड कहेगा, 'बांग्लादेश का बाबू'। आपको इसके जवाब में कहना होगा 'बार एट लॉ'।इसके बाद आप वो रकम उनके हवाले कर दीजिएगा और इस मामले को पूरी तरह से गुप्त रखिएगा।'

कोडवर्ड बोल कर पैसे लिए

इसके बाद मल्होत्रा ने उप मुख्य कैशियर राम प्रकाश बत्रा से एक कैश बॉक्स में 60 लाख रुपये रखने के लिए कहा। बत्रा साढ़े 12 बजे स्ट्रॉन्ग रूम में घुसे और रुपये निकाल लाए। बत्रा और उनके एक और साथी एच आर खन्ना ने वो रुपये कैश बॉक्स में रखे। डिप्टी हेड कैशियर रुहेल सिंह ने रजिस्टर में हुई एंट्री पर अपने दस्तखत किए और पेमेंट वाउचर बनवाया। वाउचर पर मल्होत्रा ने अपने दस्तखत किए। इसके बाद दो चपरासियों ने उस कैश ट्रंक को बैंक की गाड़ी (डीएलए 760) में लोड किया और मल्होत्रा खुद उसे चला कर बाइबल हाउस के पास ले गए। 

कार के रुकने के बाद एक लंबे और गोरे व्यक्ति ने आ कर वो कोड वर्ड उनके सामने बोला। फिर वो व्यक्ति बैंक की ही कार में बैठ गया और मल्होत्रा और वो सरदार पटेल मार्ग और पंचशील मार्ग के जंक्शन के टैक्सी स्टैंड पर पहुंचे। वहां पर उस व्यक्ति ने वो ट्रंक उतारा और मल्होत्रा से कहा कि वो प्रधानमंत्री निवास पर जा कर इस रकम का वाउचर ले लें। 
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हक्सर ने फोन करने से किया इनकार

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