जनधन योजना के छह साल पूरे, पीएम मोदी ने बताया गेमचेंजर, करोड़ों लोगों हुआ फायदा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Aug 2020 12:34 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई

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जनधन योजना की छठी वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि यह पहल 'बदलाव लाने वाली' रही है और यह गरीबी उन्मूलन के लिए उठाए गए कदमों की नींव साबित हुई है। भारतीय जनता पार्टी के 2014 में सत्ता में आने के बाद, यह सरकार की पहली बड़ी योजना थी जिसके तहत करोड़ों लोगों खासकर गरीबों के बैंक खाते खोले गए। 
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प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि, 'आज के दिन, छह साल पहले, प्रधानमंत्री जनधन योजना बिना खाते वालों को बैंकों से जोड़ने के महत्वाकांक्षी  लक्ष्य के साथ शुरू की गई थी। यह पहल महत्त्वपूर्ण बदलाव लाने वाली रही, गरीबी उन्मूलन की कई पहलों की नींव साबित हुई और इसने करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया।' 
 
कई परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री जनधन योजना का शुक्रिया जिसकी वजह से कई परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ। लाभार्थियों में से अधिकतर ग्रामीण इलाकों से हैं और महिलाएं हैं। मैं उन सभी की प्रशंसा करता हूं जिन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना को सफल बनाने के लिए अथक मेहनत की।' मोदी ने इस योजना को गेमचेंजर बताया।

40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए
मोदी द्वारा साझा किए गए ग्राफिक्स में दिखा कि अब तक 40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं जिनमें से 63 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी ग्रामीण इलाकों से हैं। इनमें से करीब 55 प्रतिशत महिलाएं हैं। सराकर ने कहा था कि योजना की वजह से वह कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को सीधे जरूरतमंदों को भेजने में सक्षम हुई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी दिया बयान
इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि, 'जनधन योजना मोदी सरकार की जन-केंद्रित आर्थिक पहलों की आधारशिला रही है। चाहे वह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण हो, कोविड-19 वित्तीय सहायता हो, पीएम-किसान, मनरेगा के तहत वेतन में वृद्धि हो या जीवन और स्वास्थ्य बीमा कवर, पहला कदम था कि सभी व्यस्क को बैंक खाता मुहैया कराना, जिसे पीएमजेडीवाई ने लगभग पूरा कर लिया है।' 

प्रति खाता औसत जमा राशि 3,239 रुपये- वित्त राज्य मंत्री
इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएमजेडीवाई ने बैंकिंग प्रणाली में इससे छूट गए लोगों को जोड़ा और 40 करोड़ से अधिक खाताधारकों को वित्तीय प्रणाली में शामिल किया गया, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं और अधिकांश खाते ग्रामीण भारत के हैं। पीएमजेडीवाई खातों के तहत कुल जमा शेष राशि 1.31 लाख करोड़ रुपये और प्रति खाता औसत जमा राशि 3,239 रुपये है। 
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