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बजट 2020: रेलवे, रक्षा समेत इन चार सेक्टर पर होना चाहिए सरकार का फोकस

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 20 Jan 2020 07:55 PM IST
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union budget 2020 expectations railways, defense and these two sectors need important attention
- फोटो : अमर उजाला
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विकास दर के पांच फीसदी पहुंचने से अर्थव्यवस्था में जो सुस्ती छाई है, उसका असर रेलवे, रक्षा, फॉर्मा और विनिर्माण पर भी पड़ा है। सरकार को इस बार के बजट में मांग और आपूर्ति को बढ़ाना होगा, जिसके लिए ये चार सेक्टर अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट-रिसर्च, डॉ. रवि सिंह ने कहा कि इन सेक्टरों को कर में रियायत देकर के सरकार ऐसा कर सकती है। 
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रेलवे को मिले इंफ्रा में प्रमुख हिस्सेदारी

रवि सिंह ने कहा कि 2019 में सरकार ने रेल यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के लिए वंदे भारत और तेजस जैसी कई नई ट्रेनों का तोहफा दिया, ताकि रेल यात्री भी अच्छी सुविधाओं के साथ आरामदायक सफर कर सकें। हालांकि अभी भी रेलवे को अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए काफी काम करने की जरूरत है। धीमी गति की पैसेंजर ट्रेनों को हटाकर के फास्ट मेमू ट्रेन चलाना इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। वित्त मंत्री द्वारा घोषित 102 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रा फंड में रेलवे को भी शामिल करना होगा। वहीं संरक्षा और ट्रेनों के रूट पर विद्युतीकरण और पटरियों को बदलने से भी गाड़ियों का परिचालन समय कम होगा, जिसका फायदा लंबे समय में अर्थव्यवस्था को मिलेगा। 

फॉर्मा सेक्टर में कम हो आयात शुल्क

रवि सिंह ने कहा कि फॉर्मा इंडस्ट्री लंबे समय से डॉक्टरों द्वारा इलाज के लिए प्रयोग में लाई जा रही मशीनरी पर आयात शुल्क को कम करने की मांग कर रही है। इसके अलावा विदेश से आयतित होने वाले लेंस पर भी शुल्क को कम करने की मांग हो रही है। फॉर्मा सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग को इस बार के बजट में पूरा करेगी। इसके अलावा सरकार आरएंडडी के लिए मंगाए जाने वाली वस्तुओं के लिए कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से खत्म करने की मांग कर रही है। इससे दवाइयों की कीमतों में कमी हो सकती है, जिसका फायदा सभी को मिलेगा। 

विनिर्माण को सरकार से मिले मदद

विनिर्माण के लिए सरकार को अपनी तरफ से वित्तीय मदद देने की घोषणा करनी चाहिए। इससे सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी। अगर सरकार वित्तीय मदद देती है तो इससे स्टील और सीमेंट की मांग भी बढ़ेगी। इसके अलावा अक्षय उर्जा को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कमी करनी चाहिए, ताकि उसको भी फायदा मिल सके। 

रक्षा क्षेत्र में लगे आयात शुल्क

रक्षा क्षेत्र में सैन्य उत्पादन में लगी कंपनियों को उम्मीद है कि रक्षा मंत्रालय या फिर सेनाओं द्वारा विदेश से उत्पाद मंगाने पर आयात शुल्क में मिली छूट को खत्म किया जाएगा। इससे घरेलू कंपनियों को काफी बल मिलेगा, क्योंकि अभी भारतीय कंपनियां अपने विदेशी समकक्ष के आगे कहीं भी नहीं ठहरती हैं। ऐसे में वो अपने उत्पाद रक्षा मंत्रालय या फिर सेनाओं को नहीं बेच पाते हैं। इन कंपनियों को विदेश से कच्चा माल आयात करने पर, कंपोनेंट और पार्ट्स पर भी शुल्क में माफी की उम्मीद है। 
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