शापूरजी पालोनजी समूह की ओर से अब तक नहीं मिला अलग होने का प्रस्ताव: टाटा समूह

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 16 Oct 2020 12:49 PM IST
विज्ञापन
रतन टाटा, साइरस मिस्त्री
रतन टाटा, साइरस मिस्त्री - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
टाटा समूह ने कहा कि अब तक उसे शापूरजी पालोनजी समूह की ओर से अलग होने का औपचारिक तौर पर कोई आग्रह या प्रस्ताव नहीं मिला है। उच्चतम न्यायालय के शापूरजी पालोनजी समूह पर टाटा संस के शेयर रखने से रोक लगाने के बाद समूह ने 22 सितंबर को बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अब टाटा समूह से अलग होने का समय आ गया है। 
विज्ञापन

टाटा संस में शापूरजी पालोनजी समूह की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी
उल्लेखनीय है कि टाटा समूह में शापूरजी पालोनजी समूह सबसे बड़ा एकल अल्पांश हिस्सेदार है। टाटा समूह की धारक कंपनी टाटा संस में शापूरजी पालोनजी समूह की 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है। टाटा संस ने एक बयान में कहा कि, 'शापूरजी पालोनजी समूह के इस वक्तव्य ने मीडिया में काफी अटकलों को जन्म दिया। इस मामले में हमें समूह की ओर से अब तक कोई आधिकारिक वक्तव्य प्राप्त नहीं हुआ है।' 
शेयर गिरवी रखने पर जताई थी आपत्ति 
कंपनी ने कहा कि मामला अभी उच्चतम न्यायालय के विचाराधीन है। इसलिए वह न्यायालय की गतिविधियां दोबारा शुरू होने का इंतजार करेगी। यह 28 अक्तूबर के लिए निर्धारित है। टाटा संस ने शापूरजी पालोनजी समूह द्वारा उसके शेयर गिरवी रखने पर आपत्ति जताई थी। समूह यह शेयर कोष जुटाने के लिए गिरवी रखना चाहता था।

ग्रुप की 70 देशों में 18 कंपनियां
मालूम हो कि शापूरजी पालोनजी ग्रुप की दुनियाभर में 18 कंपनियां हैं। यह कुल छह क्षेत्रों इंजीनियर सेगमेंट और कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रीयल एस्टेट, वाटर, एनर्जी और फाइनेंशियल सर्विसेज में काम करती है। ग्रुप की 70 देशों में 70,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। इस कंपनी ने ही आरबीआई की बिल्डिंग, टाटा समूह की इमारतें, ताज महल टावर, बैंक ऑफ इंडिया और अन्य कई बिल्डिंग्ल बनाई हैं। 

2016 में शुरू हुआ था विवाद
2016 में यह विवाद शुरू हुआ था, जब पालोनजी मिस्त्री के बेटे सायरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाया गया था। तभी से दोनों समूहों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है। इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण के सायरस मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद बहाल करने के आदेश पर रोक लगा दी थी। 

टाटा संस के मुताबिक कि सायरस के कार्यकाल के दौरान ऐसे कार्य बार-बार हुए जो टाटा समूह के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थे। इस वजह से सायरस मित्री बोर्ड का विश्वास खो चुके थे। टाटा समूह का नेतृत्व करने के लिए उनकी क्षमताओं पर भरोसा खत्म हो चुका था।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2020 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X