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उपलब्धिः ई-कॉमर्स को बाजार देने में आगे भारत, छह स्थान का किया सुधार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 04 Dec 2019 09:08 PM IST
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सार

  • संयुक्त राष्ट्र ने जारी किया ई-कॉमर्स सूचकांक 
  • 73वें स्थान पर पहुंचा भारत ई-कॉमर्स सूचकांक में
  • शीर्ष-10 में आठ यूरोपीय देशों का कब्जा, नीदरलैंड शीर्ष पर

विस्तार

ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा देने के लिहाज से अग्रणी देशों की सूची में भारत की स्थिति मजबूत हुई है। इसके लिए अर्थव्यवस्था की तैयारी से संबंधित सूचकांक में भारत ने छह स्थान की छलांग लगाई है। इसके साथ भारत व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (अंकटाड) के बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बीटूसी) ई-कॉमर्स सूचकांक 2019 में 73वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले 2018 में भारत 80वें और 2017 में 83वें स्थान पर रहा था। यह सूचकांक 152 देशों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई है। 
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अंकटाड के इस सूचकांक में शीर्ष-10 में आठ यूरोपीय देशों का कब्जा है, जबकि दो देश सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया यूरोप से बाहर के हैं। इस सूचकांक में नीदरलैंड लगातार दूसरी बार शीर्ष पर रहने में कामयाब रहा। इसके स्विट्जरलैंड दूसरे, सिंगापुर तीसरे, फिनलैंड चौथे, ब्रिटेन पांचवें, डेनमार्क छठवें, नॉर्वे सातवें, आयरलैंड आठवें, जर्मनी नौंवे और ऑस्ट्रेलिया 10वें स्थान पर हैं। वहीं, भारत से बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में ईरान 42वें, कजाखस्तान 57वें, अजरबैजान 62वें, वियतनाम 64वें और ट्यूनिशिया 70वें स्थान पर रहा। 

भारत की जीडीपी से अधिक हुई ऑनलाइन खरीदारी

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में वैश्विक स्तर पर 3.9 ट्रिलियन डॉलर (करीब 279.1 लाख करोड़ रुपये) की ऑनलाइन खरीदारी की गई, जो 2016 में हुई ऑनलाइन खरीदारी के मुकाबले 22 फीसदी अधिक है। यह आंकड़ा भारत की जीडीपी के मुकाबले करीब डेढ़ गुना अधिक है। भारत की अनुमानित जीडीपी 190.10 लाख करोड़ रुपये की है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2017 में भारत में कुल इंटरनेट यूजर्स के मुकाबले इंटरनेट के जरिए खरीदारी करने वालों की संख्या 11 फीसदी थी, जबकि जनसंख्या के मुकाबले ऐसे खरीदारों की संख्या तीन फीसदी रही थी।  

इस आधार पर तैयार किया गया है सूचकांक

इस सूचकांक में सुरक्षित इंटरनेट सर्वर, डाक सेवाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर की विश्वसनीयता, आबादी के मुकाबले इंटरनेट यूजर्स की संख्या और एक वित्तीय संस्थान या मोबाइल-मनी-सेवा प्रदाता के यहां खाते के आधार पर देशों को अंक दिए गए हैं। इसमें उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले 10 विकासशील देश एशिया के हैं, जबकि सबसे अंक पाने वाले 20 स्थानों पर 18 सबसे कम विकसित देश काबिज हैं। बाकी के दो स्थानों पर कांगो और सीरिया का कब्जा है। इस सूचकांक में कोमरोस, बुरुंडी, चाड और नाइजर सबसे नीचे हैं। 

कम तैयार देशों के मदद की आवश्यकता

सालाना सूचकांक बनाने वाली अंकटाड की इकाई की निदेशक शमिका सिरिमने का कहना है कि हमारे बीटूसी सूचकांक से पता चलता है कि विकसित और विकासशील देशों के बीच डिजिटल अंतर कितना वास्तविक और चिंताजनक है। उदारहण के लिए आधा दर्जन यूरोपीय देशों में 80 फीसदी से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, लेकिन यह अनुपात सबसे कम और निम्न मध्यम-आय वाले देशों में 10 फीसदी से नीचे है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स के लिए कम तैयार देशों को अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने और अपने नागरिकों के बीच विश्वास पैदा करने में मदद की तत्काल आवश्यकता है। ऐसा नहीं होने पर वहां के कारोबार और नागरिक डिजिटल अर्थव्यवस्था से मिले अवसरों से चूक जाएंगे।
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