जितना जल्दी करेंगे रिटायरमेंट की प्लानिंग, उतना ज्यादा मिलेगा भविष्य में फायदा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 14 Dec 2019 07:16 PM IST
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रिटायरमेंट
रिटायरमेंट - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

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जब निवेश की बात आती है तो अच्छी चीजें अक्सर उनके साथ नहीं होती, जो इंतजार करते हैं। जितनी जल्दी निवेश किया जाए, उतना ही ज्यादा अच्छा रहता है। जितनी जल्दी आप निवेश करना शुरू करेंगे, रिटायरमेंट के बाद आपको उतना ही पैसा मिलगा।
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मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक जश्न अरोड़ा ने कहा कि हम में से बहुत से लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद जिंदगी का मतलब बिना किसी रोकटोक के सुकून से स्वतंत्र जिंदगी जीना है, जिसमें आपको अपने खर्चों की चिंता करने की जरूरत न पड़े। हालांकि महंगाई बढ़ने के साथ केवल रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी के बारे में सोचना ही पर्याप्त नहीं है। आपको इसके लिए प्लानिंग करने की जरूरत पड़ती है। सबसे पहले दिमाग में अपने बजट को रखकर सोचना पड़ता है। 


आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं कि यह पोस्ट रिटायरमेंट प्लान की स्कीम किस तरह काम करती है। मान लीजिए, नेहा की उम्र 32 साल है। उन्हें इस समय 50 हजार रुपये सैलरी मिल रही है। वह 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होंगी। वह रिटायरमेंट के बाद 30 हजार रुपये की मासिक पेंशन लेना चाहती हैं। अब यह सवाल उठता है कि उन्हें अपने रिटायरमेंट की उम्र तक कितनी राशि का निवेश करना चाहिए, ताकि वह भविष्य में संतोषजनक ढंग से जीवन व्यतीत कर सकें।

रिटायरमेंट के बाद 30 हजार रुपये की मासिक पेंशन लेने के लिए नेहा को 4.05 करोड़ की धनराशि एकत्र करने की जरूरत होगी। उन्हें रिटायरमेंट की उम्र तक 12 फीसदी रिटर्न मिलेगा और उसके बाद 6 फीसदी की मुद्रास्फीति की दर से 5 फीसदी की दर से रिटर्न मिलेगा। अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नेहा को अगले 28 साल तक हर महीने 14,820 रुपये का निवश करना होगा। इस सारी स्थिति को समझते हुए संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है तो निवेशक रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित जिंदगी व्यतीत कर सकता है। यह उदाहरण रिटायरमेंट प्लान लेने की योजनाओं के महत्व को उभारता है।

यह हैं भारत के टॉप तीन रिटायरमेंट प्लान

भारत के टॉप तीन रिटायरमेंट प्लान निम्नलिखित है, जिससे आपके पास अपनी जिंदगी की सांझ तक पर्याप्त धनराशि एकत्र हो सकती है....

1. एचडीएफसी रिटायरमेंट सेविंग फंड

यह रिटायरमेंट के बाद अपने हिसाब से जिंदगी गुजारने का सबसे अच्छा प्लान है। यह स्कीम 5 साल या रिटायरमेंट की उम्र तक होती है। इसमें से जो भी अवधि जल्दी पूरी होती है, उतनी अवधि तक का यह प्लान होता है।  

इस फंड की यह हैं विशेषताएं

  • यह उम्र और जोखिम के प्रोफाइल पर निर्भर रहती है।
  • इसमें तीन तरह की योजनाएं, इक्विटी, हाइब्रिड इक्विटी और हाइब्रिड ड्प्ट प्लान, शामिल है, जिसमें से आप अपनी पसंद की योजना चुन सकते हैं।
  • मौजूदा योजनाओं के लॉक इन पीरियड के बाद आपके पास अपने संचित कोष को किसी और योजना में निवेश करने का विकल्प भी मौजूद होता है।
  • सिस्टमेटिक विदड्रॉल एडवांटेज प्लान (एसडब्ल्यूपी) के माध्यम से निवेशकों को रिटायरमेंट के बाद स्थिर राशि लेने में मदद मिल सकती है।
  • इस फंड में निवेश की रकम के हिसाब से आयकर अधिनियम 1961 की धारा यू/एस 80 सी के तहत आयकर लगाया जाएगा।

2. फ्रैंकलिन इंडिया पेंशन प्लान

फ्रैंकलिन इंडिया पेंशन प्लान एक ऋण आधारित हाइब्रिड फंड है। इस फंड का 40 फीसदी का इक्विटी में निवेश किया जा सकता है, जबकि शेष रकम को फिक्सड इनकम के तहत निवेश किया सकता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद निवेशकों को अच्छी-खासी राशि मिल जाती है।

विशेषताएंः
  • इससे निवेशकों को रिटायरमेंट के बाद अच्छी खासी रकम हासिल करने की इजाजत मिलती है।
  • इस रकम को निकालने के लिए सुविधाजनक विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इस फंड में निवेश की रकम के हिसाब से आयकर अधिनियम 1961 की धारा यू/एस 80 सी के तहत आयकर लगाया जाएगा।

3. टाटा रिटायरमेंट सेविंग फंड
यह ओपन एंडेड रिटायरमेंट सोल्यूशन ओरिंएटेड स्कीम है, जिसे 5 साल तक या रिटायरमेंट की उम्र तक, जो भी पहले आए, उस अवधि तक लॉक किया जा सकता है।

विशेषताएं
  • इस प्लान में निवेश के तीन विकल्पों का ऑफर दिया गया है, जिसमें प्रोग्रोसिव प्लान (इक्विटी ओरिएंटेड सेविंग स्कीम), मॉडरेट प्लान  (इक्विटी और ऋण पर आधारित सेविंग स्कीम), कंजर्वेटिव प्लान (कर्ज पर आधारित सेविंग स्कीम) शामिल है।
  • यह ऑटो ट्रिगर सुविधा के साथ आती है, जिसमें निवेशक की उम्र के अनुसार लाभांश और ऋण का आवंटन बदल जाता है। 
  • इससे निवेशकों को रिटायरमेंट के बाद  अच्छी-खासी रकम हासिल होती है। इस रकम को निकालने के लिए सुविधाजनक विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इस फंड में निवेश की रकम के हिसाब से आयकर अधिनियम 1961 की धारा यू/एस 80 सी के तहत आयकर लगाया जाएगा। 

रिटायरमेंट की प्लानिंग करने से पहले कुछ आसान टिप्स याद रखने बहुत जरूरी हैः-

  • सबसे पहले आप उस राशि के बारे में विचार करना चाहिए, जिसकी जरूरत आपको रिटायरमेंट के बाद अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरी करने के लिए पड़ेगी।
  • अपनी मौजूदा सैलरी को देखते हुए आप एक राशि तय कीजिए, जो आप रिटायरमेंट प्लान में निवेश कर सकें।
  • अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रिसर्च के बाद एक आकर्शक रिटायरमेंट प्लान चुनिए।
  • किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले उसके हानि-लाभ के बारे में अच्छी तरह समझना चाहिए, जिससे वह योजना पूरी तरह आपकी समझ में जाए।
  • किसी भी प्लान को केवल इसलिए मत लीजिए क्योंकि वह प्लान टैक्स में बचत के लिहाज से आपके लिए उपयोगी है।
  • केवल आयकर बचाने के लिए कोई स्कीम या पॉलिसी नहीं लेनी चाहिए।  
डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश से बाजार में जोखिम के खतरे जुड़े हैं। किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले कंपनी का ऑफर लेटर हमेशा ध्यान से पढ़ें।

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