बिल्डर के खिलाफ रेरा को बड़ा हथियार मानते हैं 70 फीसदी मकान खरीदार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 05 Jun 2019 05:23 AM IST
विज्ञापन
RERA ACT
RERA ACT

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
बिल्डर की लेटलतीफी से अक्सर मकान मिलने की बाट जोहने वाले खरीदारों को रियल एस्टेट रेग्युलेशन एक्ट (रेरा) के रूप में बड़ा हथियार मिला है। मैजिक ब्रिक्स की ओर से कराए गए एक सर्वे में 70 फीसदी से ज्यादा मकान खरीदारों का कहना है कि अगर उन्हें पजेशन मिलने मेें देरी हुई तो बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत करेंगे। 
विज्ञापन

मई 2017 में लागू हुआ रियल एस्टेट कानून मकान खरीदारों के बीच सबसे भरोसेमंद व्यवस्था बन चुका है। अभी 22 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश रेरा को अपना चुके हैं। सर्वे में 19 फीसदी मकान खरीदारों ने कहा कि अगर उन्हें मकान का अधिकार मिलने में देरी होती है तो वे अपना पैसा रिफंड कर लेंगे।
वहीं, 10 फीसदी खरीदारों ने निर्माण पूरा होने तक इंतजार करने की बात कही। सर्वे के अनुसार, रेरा ने मकान खरीदारों का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में भरोसा बढ़ाया है और उन्हें अब ज्यादा पारदर्शिता दिखाई देने लगी है। हालांकि, कई मामलों में रेरा लागू करने में मुश्किल आ रही है, जिससे मकान खरीदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

एनआरआई का भी बढ़ा भरोसा

रेरा लागू होने के बाद अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) में भी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में निवेश करने का भरोसा बढ़ा है। उन्हें लगता है कि नए कानून के तहत डेवलपर्स निवेशकों के पैसे लेकर भाग नहीं सकेंगे। हाउसिंग.कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, एनआरआई के निवेश से रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बार फिर बहार लौट सकती है। पहले जहां तैयार और निर्माणाधीन मकानों में एनआरआई के निवेश का औसत 67:33 था, वहीं अब यह 56:44 पर आ गया है।

इन देशों से आ रहे खरीदार

घरेलू रियल एस्टेट बाजार में सबसे ज्यादा मकान खरीदारी अमेरिका, यूएई, ब्रिटेन और सिंगापुर में रहने वाली प्रवासी भारतीय करते हैं। कुल एनआरआई की खरीद में इन चार देशों के खरीदारों की भागीदारी 55 फीसदी है, जिसमें से अकेले अमेरिका के 26.5 फीसदी खरीदार होते हैं। इसी तरह, यूएई और सिंगापुर में प्रत्येक के 9.1 फीसदी खरीदार शामिल हैं। इसके अलावा कुवैत, कनाडा, मलयेशिया, हांगकांग, बहरीन और फ्रांस के एनआरआई में भी भारत में प्रॉपर्टी खरीदने में दिलचस्पी बढ़ी है।

एनसीआर में बढ़ रही रुचि

देश में प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर एनआरआई का सबसे पसंदीदा शहर हैदराबाद है, जिसके बाद मुंबई और बंगलूरु का नंबर आता है। एनसीआर के गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी एनआरआई मकान खरीदना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य पसंदीदा शहरों में पुणे, अहमदाबाद, वडोदरा, कोच्चि और गोवा भी शामिल हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और बजट 2020 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us