वित्तीय लक्ष्य की योजनाओं से जुड़े कुछ टिप्स

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Updated Tue, 20 Oct 2020 08:57 AM IST
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रिटायरमेंट - फोटो : अमर उजाला

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सार

दिल्ली के रहने वाले 34 साल के सुमित आहुजा के लिए पिछले सात महीने बेहद तकलीफदेह रहे और वह जानना चाहते हैं कि अपने वित्तीय लक्ष्यों की योजना वह कैसे बनाएं। हममें से सब अलग हैं और हमारे वित्तीय लक्ष्य तथा महत्वाकांक्षाएं भी भिन्न हैं। लेकिन हम सबकी आर्थिक चिंताएं कमोबेश समान होती हैं। जैसे-जब हम रिटायर होंगे, तब क्या हमारे पास पैसा होगा या क्या हम अपने जीवन की आर्थिक जरूरतें पूरी करने में सक्षम होंगे?

विस्तार

औसतन हर परिवार एक घर खरीदने के बारे में सोचता है। उसका लक्ष्य होता है कि अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा दें, उनकी शादी करें और इतने पैसे की व्यवस्था रखें, जिससे रिटायरमेंट के बाद जीवन आराम से गुजर जाए। इन बड़े लक्ष्यों के बीच कुछ छोटे-छोटे लक्ष्य भी होते हैं, जैसे-परिवार के साथ छुट्टियां बिताना, कार खरीदना तथा छोटी-मोटी बीमारियों और घर की मरम्मत के लिए पास में पर्याप्त धन होना।
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वित्तीय लक्ष्य तय करना
अपने जीवन का वित्तीय लक्ष्य तय करने के दो तरीके होते हैं-समय के आधार पर लक्ष्य तय करना और उपलब्धियों को केंद्र में रखकर लक्ष्य बनाना। अपने वित्तीय लक्ष्य तय करने के लिए आप कौन-सा रास्ता चुनते हैं, यह मायने नहीं रखता, क्योंकि एक या दूसरे बिंदु पर वे मिलते हैं। उदाहरण के लिए, कोई चाहे तीन साल बाद घर खरीदने के बारे में सोचे या पांच साल बाद, लेकिन लक्ष्य तो घर खरीदना ही रहता है।
वित्तीय लक्ष्य तय करने की अवधि तीन से 30 साल तक होती है। उसके बाद एक समयावधि में किसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए आपको निश्चित रकम की जरूरत पड़ती है। इस तरह आपका वित्तीय लक्ष्य स्पष्ट होता है-यानी भविष्य में कभी घर खरीदने के बजाय आप पांच साल बाद घर खरीदने का फैसला लेते हैं, जिसके लिए आपको सात लाख रुपये डाउनपेमेंट करना होगा। अपने वित्तीय लक्ष्यों को इस स्पष्ट तरीके से सूचीबद्ध कर आप उन्हें वरीयता भी दे सकेंगे।

यही नहीं, अपने वित्तीय लक्ष्यों को इस तरह परिभाषित कर आप इसका भी पता लगा सकेंगे कि अपने तमाम वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आपको हर महीने कितना बचत और कितना निवेश करने की जरूरत है।  समयावधि और लक्ष्यों के अनुरूप वित्तीय निवेश से संबंधित आपकी योजनाएं भी बदलती जाएंगी। उदाहरण के लिए, अगर आपके रिटायरमेंट में अभी 20 से 30 साल हैं, तो इक्विटी में निवेश का यही उपयुक्त समय है।

लक्ष्य वर्ष धनराशि
कार खरीदना 2022 5 लाख रुपये
बेटे की कॉलेज में पढ़ाई 2028 15 लाख रुपये
बेटी की कॉलेज में पढ़ाई 2030 18 लाख रुपये
रिटायरमेंट 2040 1 करोड़ रुपये
 
वित्तीय लक्ष्य तक पहुंचना
लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको वित्तीय योजनाओं में निवेश करना पड़ेगा। छोटे निवेशकों को निवेश में जो योजना मदद करती है, वह है म्यूचुअल फंड्स। इसमें आप 500 रुपये के निवेश से भी शुरुआत कर सकते हैं और इनमें अनेक विकल्प हैं। जैसे, तीन साल से कम अवधि के निवेश के लिए डेट फंड बेहतर है, तो तीन से पांच साल की अवधि के लिए हाइब्रिड फंड अच्छा है। जबकि सात साल और उससे अधिक की अवधि के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर है। 

50-30-20 नियम  
अपनी आय तीन हिस्सों में बांटें। 20 फीसदी हिस्सा निवेश और कर्ज चुकाने में खर्च करें। 50 फीसदी हिस्सा आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी पर खर्च करें, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा आवश्यक नहीं, लेकिन जरूरी चीजों पर खर्च करें।

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