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अनिल थापरः कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पाठशाला खोल कर रहे शिक्षित, मिल चुका राज्य पुरस्कार

समाज सेवी अनिल थापर स्लम एरिया निवासी और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के हाथ में किताब थमाने का काम करना अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं।

16 मार्च 2020

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चंडीगढ़

मंगलवार, 31 मार्च 2020

कर्फ्यू के बीच किक्रेट खेल रहे थे लोग, पुलिस ने रोका तो मारे ईंट-पत्थर, तीन पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

मालेरकोटला में कर्फ्यू के दौरान गश्त कर रही पुलिस पार्टी पर करीब 24 लोगों ने ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में दो एएसआई और एक हवलदार घायल हो गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को मालेरकोटला के माना फाटक के बाहर कर्फ्यू के दौरान क्रिकेट खेल रहे कुछ लोगों को जब गश्त कर रही पुलिस ने घर जाने को कहा तो उन्होंने ईंट-पत्थरों से पुलिस पार्टी पर हमलाकर दिया। 

हमले में दो सहायक थानेदार हरप्रीत सिंह और सुखदेव सिंह समेत हवलदार रमनजीत सिंह घायल हो गए। तीनों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस थाना सिटी-2 मालेरकोटला को सूचना मिली थी कि माना फाटक के बाहरी क्षेत्र में एक दुकानदार बगैर किसी मंजूरी के दुकान खोलकर महंगे भाव पर सामान बेच रहा है। जब पुलिस पार्टी उधर जा रही थी तो एक खाली जगह में क्रिकेट खेल रहे लोगों को पुलिस मुलाजिमों ने अपने घर जाने के लिए कहा।

 सिविल अस्पताल में उपचाराधीन एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस मुलाजिमों पर करीब 20 से 25 लोगों ने हमला किया था। थाना सिटी-2 मालेरकोटला के प्रभारी दीपइंद्र सिंह जेजी के मुताबिक हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।  
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पंचकूला: कोरोना को रोकने के लिए ग्रामीणों ने कसी कमर, टीमें बना बारी-बारी से दे रहें हैं पहरा

कोरोना वायरस के प्रकोप से अपनों को बचाने के लिए अपनों ने ही सुरक्षा का बीड़ा उठाया है। शहर में भले ही पुलिस प्रशासन मुस्तैद है लेकिन जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां लॉकडाउन के बाद भी पुलिस जवान एक्टिव नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि प्रशासन द्वारा गांवों में पुलिस जवानों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है, लेकिन मैनपावर कम होने के कारण जितनी मूवमेंट होनी चाहिए उतनी नहीं हो पा रही है। ऐसे में बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश करने से रोकने के लिए गांव के लोग ही आगे आना शुरू हो गए हैं। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए ठीकरी पहरा देना शुरू कर दिया है। यह मामला है पंचकूला जिले के रायपुररानी के गांव जयंतीपुर का। 

जयंतीपुर गांव के लोगों ने इस विपदा की घड़ी में पुलिस प्रशासन पर निर्भर न रहकर सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने सबसे पहले पूरे गांव को सैनिटाइज करने के बाद पांच-पांच लोगों की दो टीमों का गठन किया। इसके बाद वे दोनों टीमें पिछले 24 घंटे से गांव को जाने वाले रास्ते पर रस्सी लाकर ड्यूटी दे रही हैं। 
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लॉकडाउन में सिरसा आए पंजाब के विधायक को डीएसपी ने वापस भेजा, नहीं था डीसी का अनुमति पत्र

सिरसा पुलिस ने पंजाब के मानसा जिले के सरदूलगढ़ से विधायक दिलराज सिंह भूंदड को सिरसा में पहुंचने पर वापस भेज दिया। एमएलए की गाड़ी में उनके साथ करीब पांच लोग सवार थे। लेकिन महाराणा प्रताप चौक पर तैनात डीएसपी दिनेश यादव ने गाड़ी को रोक लिया और उसे चेतावनी देकर वापस भेज दिया। 

जानकारी अनुसार दोपहर को मानसा जिले के सरदूलगढ़ से विधायक दिलराज सिंह भूंदड सिरसा पहुंचे। जब वे बार्डर के नाकों को पार कर सिरसा में बाबा महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचे तो नाके पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारी को विधायक ने परिचय दिया। सुरक्षा कर्मचारी डीएसपी दिनेश यादव के पास आया और एमएलए का परिचय दिया। 

सुरक्षा कर्मचारी ने कहा कि वे इमरजेंसी काम के सिलसिले में आए हैं। डीएसपी दिनेश यादव ने सुरक्षा कर्मचारी के पास डीसी की अनुमति पत्र या मूवमेंट पास होने की जानकारी पूछी। लेकिन सुरक्षा कर्मचारी ने उनका उनके पास ड्यूटी पास है। डीएसपी ने कहा कि यदि उनके पास अनुमति पत्र नहीं है, इनके संबंधित अधिकारी को लिखा जाए और गाड़ी का चालान किया जाए। 

इसके बाद विधायक ने गाड़ी से उतरकर डीएसपी दिनेश यादव से चालान न काटने का अनुरोध किया। जिसके बाद डीएसपी दिनेश यादव ने एमएलए को चेतावनी देकर छोड़ दिया और गाड़ी को वापस सरदूलगढ़ में भेज दिया। डीएसपी दिनेश यादव ने कहा कि गाड़ी के कागजात पूरे थे। उनके पास मूवमेंट पास नहीं था। लेकिन चालक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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पंजाब में कर्फ्यू की उड़ीं धज्जियां: कोरोना के खतरे के बीच उमड़ रही लोगों की भीड़, ये गलती बढ़ा सकती सकंट

सोमवार को बैंक खुलते ही पैसे निकालने को लेकर लोगों की बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारे लग गई। कतारों में खड़े लोगों ने एक-दूसरे से दूरी भी नहीं बनाई। इसके अलावा जलालाबाद में ईटीटी और बीएड की भर्ती को लेकर लिए जाने वाले टेस्ट की जमा होने वाली फीस की 31 मार्च अंतिम  तिथि होने के कारण बैंक के बाहर नौजवानों की भीड़ लग गई।   

पंजाब सरकार की तरफ से ईटीटी की 1600 और बीएड के लिए करीब 3000 पोस्ट भरने का एलान किया था। सरकार ने इसके टेस्ट के लिए 31 मार्च अंतिम तिथि निश्चित की थी। सोमवार को बैंक खुलने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी पीएनबी पहुंचे। बैंक में विद्यार्थियों की फीस जमा नहीं हुई। उधर ईटीटी टेट पास यूनियन के सूबा प्रधान अमरजीत कम्बोज का कहना है कि या तो सरकार ऑनलाइन फीस जमा करने की सुविधा दे या फिर तारीख आगे बढ़ाई जाए। एसडीएम केशव गोयल ने बताया कि उन्होंने विद्यार्थियों और लोगों को अपने और दूसरों से दूरी बना कर बैंक में प्रवेश करने के लिए आदेश दिए हैं।

अबोहर: बैंक खुलते ही उमड़ी ग्राहकों की भीड़
लॉकडाउन के दौरान सरकार सोमवार से अगले दो दिनों के लिए सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बैंक खोल दिए गए। इसकी सूचना मिलते ही बैंकों के बाहर पैसे लेने वालों की लंबी लाइनें लग गई। इस पर बैंक अधिकारियों ने मुख्य गेट बंद कर लिए और पुलिस प्रशासन को सूचना देकर स्थिति को नियंत्रित कराया। 
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लुधियाना में सब्जी मंडी में उमड़ी भीड़। लुधियाना में सब्जी मंडी में उमड़ी भीड़।

नयागांव में मिला कोरोना का मरीज, संपर्क में आए पीजीआई और जीएमएसएच के 12 डॉक्टरों समेत 45 स्टाफ क्वारंटीन

पंजाब में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सोमवार सुबह मोहाली जिले के नयागांव इलाके में कोरोना का नया केस मिलने से हड़कंप मच गया। पॉजिटिव पाए गए 65 वर्षीय बुजुर्ग का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। बुजुर्ग में कोरोना की पुष्टि होते ही पीजीआई से लेकर चंडीगढ़ सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच प्रशासन तक सकते में आ गया क्योंकि बुजुर्ग में पहले कोरोना के लक्षण नहीं दिखे थे और उसका इलाज सामान्य रूप से चल रहा था। 

कोरोना की पुष्टि के बाद आनन-फानन में पीजीआई प्रशासन ने मरीज के संपर्क में आए 36 स्टाफ को क्वारंटीन कर दिया है। इनमें 5 डॉक्टर, 22 नर्सिंग स्टाफ, 5 सैनिटेशन अटेंडेंट और 4 हॉस्पिटल अटेंडेंट शामिल हैं। वहीं, जीएमएसएच के मेडिसिन डिपार्टमेंट के पांच डॉक्टरों समेत दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक रेडियोग्राफर और एक स्टाफ नर्स को भी क्वारंटीन कर दिया गया है। 

जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को सांस में तकलीफ होने पर 26 मार्च को दूसरे लक्षणों के आधार पर पीजीआई में भर्ती किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे कोरोना के लक्षण सामने आने पर उसकी 29 मार्च को कोरोना की जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह मरीज पीजीआई आने से पहले सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच में भी दो बार गया था। 
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पंजाब में बड़ा हादसा, ब्यास नदी में मछली पकड़ने गए तीन युवक डूबे, तलाश जारी

दरिया ब्यास में मछली पकड़ने गए तीन युवक डूब गए। थाना ढिलवां की पुलिस गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश में जुटी हुई है। अब तक युवकों का कोई सुराग नहीं लगा है। रविवार को युवक घर से दरिया ब्यास के किनारे आए थे। उसके बाद घर नहीं पहुंचे।

थाना ढिलवां के प्रभारी इंस्पेक्टर बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि रविवार को दोपहर बाद सुखविंदर सिंह (32) और जैक्सन (25) निवासी गांव रायपुर अराईयां और सतनाम सिंह (33) निवासी भक्कूवाल दरिया ब्यास में मछलियां पकड़ने के लिए बाइक पर आए थे। 

मछलियां पकड़ते समय तीनों दरिया ब्यास में डूब गए। इसका पता पुलिस को सोमवार की सुबह दस बजे लगा जब युवकों के परिजन उनके पास आए। इस पर उन्होंने पुलिस टीम के साथ दरिया ब्यास किनारे जाकर देखा तो वहां पर एक मोटरसाइकिल, युवकों के कपड़े और मछलियां पकड़ने वाला जाल, कांटा पड़े हुए थे। युवकों का आसपास कोई अता-पता नहीं था। इस पर उन्होंने जालंधर से तुरंत गोताखोरों की टीम बुलाकर युवकों की तलाश शुरू की। अब तक युवकों का कोई सुराग नहीं लगा है।
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Coronavirus: पटियाला में कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत, लुधियाना में हड़कंप, पूरे इलाके को घेरा गया

सरकारी राजिंदरा अस्पताल में सोमवार दोपहर 42 साल की महिला पूजा की मौत हो गई। उसकी सैंपल रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि पूजा लुधियाना से रेफर होकर रविवार रात ही राजिंदरा अस्पताल आई थी। सिविल सर्जन ने बताया कि महिला को बुखार था और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। इस पर उसका सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 

उसका इलाज चल ही रहा था कि सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। महिला लुधियाना के अमरपुरा मोहल्ला की रहने वाली है। सूत्रों के अनुसार, महिला दुबई जाकर आई थी। फिलहाल इस बारे में पक्के तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि महिला की मौत के बारे में लुधियाना के सेहत विभाग को सूचित कर दिया गया है, ताकि विभाग की ओर से मृतका के मोहल्ले में सैनिटाइजेशन और उसके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
 
कोरोना पाजीटिव महिला की मौत से मचा हड़कंप  
लुधियाना के अमरपुरा निवासी कोरोना पॉजीटिव महिला की सोमवार दोपहर बाद पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में मौत के बाद हड़कंप मच गया। महिला का यात्रा इतिहास न होने की वजह से सेहत विभाग सकते में हैं। सेहत विभाग की तरफ से रविवार देर रात को जितना भी स्टाफ अस्पताल में तैनात था उसकी लिस्ट बनाना शुरू कर दिया गया है ताकि उन्हें क्वारंटीन किया जा सके। वहीं पूरे एरिया को पुलिस और सेहत विभाग ने घेर लिया है ताकि आसपास के लोगों की जांच हो सके। 

लुधियाना के अमरपुरा की रहने वाली पूजा (42) काफी समय से कैंसर से पीड़ित थी। उसका उपचार लुधियाना के एक निजी अस्पताल से चल रहा था। पूजा के पति का देहांत हो चुका है, उसके तीन बच्चे हैं। उसका बड़ा बेटा लुधियाना के गुरुनानक भवन में नौकरी करता है दो अन्य बच्चे कोई काम नहीं करते है। 

रविवार को पूजा की तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। उसे देर शाम को इमरजेंसी हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया था। वहां तैनात स्टाफ ने उसकी हालत को देखते पटियाला के लिए रेफर कर दिया था। वहां सोमवार दोपहर लगभग 1.30 बजे उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि वह कोरोना से पीड़ित थी।
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कोरोना वायरस: पंजाब में लागू कर्फ्यू की अवधि 14 अप्रैल तक बढ़ी, सभी बार्डर सील करने के आदेश

सांकेतिक तस्वीर।
कोविड-19 से मुकाबले के लिए एक और कड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को राज्य की सीमाएं सख्ती से सील करने के आदेश जारी किए। राज्य में लागू कर्फ्यू की अवधि को भी 14 अप्रैल तक बढ़ाने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने मोबाइल टेस्टिंग वैन के जरिये कोरोना की जांच में तेजी लाने के आदेश दिए। कैप्टन ने केंद्र सरकार की ओर से अग्रिम पंक्ति के हेल्थ वर्करों के लिए घोषित योजना की तर्ज पर पंजाब में पुलिस मुलाजिमों और सैनिटेशन वर्करों का विशेष बीमा कराने का वादा किया। 

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र ने इस तरह के बीमा कवर के बारे में राज्य की मांग को नहीं माना तो पंजाब सरकार यह काम करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्त मंत्री से भी कोविड-19 के संकट से निपटने के लिए एक मजबूत वित्तीय योजना तैयार करने को कहा। वहीं, मौजूदा जंग में मेडिकल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आने देने का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी अवधि का अभियान है और इसमें केंद्र सरकार के सहयोग की भी दरकार है।

2000 सैनिटेशन वर्करों को सेवा में तीन माह का एक्सटेंशन 
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मुख्यमंत्री ने मौजूदा हालात को देखते हुए लोकल बॉडी विभाग को उन 2000 सैनिटेशन वर्करों को सेवा में तीन माह का एक्सटेंशन देने की अनुमति दे दी, जो 31 मार्च को रिटायर होने वाले थे। राज्य में कर्फ्यू और कोविड-19 से उत्पन्न हालात पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विचार और समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे इस महामारी को फैलने से रोकने के अपने प्रयासों में और तेजी लाएं। 

इसके साथ ही उन्होंने सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई व सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए, जहां से ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि ग्रामीण कई स्थानों पर भारी संख्या में लगातार इकट्ठे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिबंध 14 अप्रैल तक सख्ती से जारी रखे जाएं, उसके बाद केंद्र सरकार के अगले आदेश के अनुसार राज्य सरकार फैसला लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन ही इस महामारी को फैलने से रोकने का सही हल है।
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रेवाड़ी के शेल्टर होम में मची खलबली, मजदूरों के बीच 14 के हाथों में लगी मिली क्वारंटीन की मोहर

सोमवार को रेवाड़ी के दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित मालपुरा में बनाए गए शेल्टर होम में उस समय खलबली मच गई, जब दर्जनों श्रमिकों के बीच 14 मजदूर ऐसे पाये गए जिनके हाथों पर क्वांरटीन की मोहर लगी थी। यह सभी कुछ दिन पहले ही गुजरात से यूपी जाने के लिए पैदल निकले थे लेकिन दो दिन पहले इन्हें राजस्थान में एक राहत शिविर में पकड़ने के बाद उनकी जांच के बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वांरटीन कर हाथों पर मोहर लगा दी थी।

लेकिन यह सभी चकमा देकर राहत कैंप से भाग निकले और सोमवार को रेवाड़ी पहुंच गए। रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब सभी की दोबारा से जांच कर रहे है। सूचना के बाद आला अधिकारी भी शाम को शैल्टर होम पहुंचे। रेवाड़ी से होकर गुजरने वाले नेशनल हाइवे नंबर-8 पर मालपुरा गांव में जिला प्रशासन ने शैल्टर होम बना रखा था। इसकी जिम्मेदारी गांव के सरपंच मलखान सिंह के पास है। रविवार रात से यहां काफी संख्या में मजदूर रूके थे।

सोमवार सुबह मलखान सिंह की नजर एक मजदूर के हाथ पर पड़ी। उसके हाथ पर होम क्वांरटीन की मुहर लगी थी। ये देखते ही उन्होंने एक-एक मजदूर के हाथ चेक करवाए। ऐसा करने पर 14 मजदूर मिले, जिनके हाथ पर राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वांरटीन की मुहर लगाई थी लेकिन वे नहीं रूके। 

रेवाड़ी के रास्ते यूपी के शामली जा रहे थे। मलखान सिंह ने इसकी सूचना पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को दी। इसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मालपुरा पहुंची। उन्होंने एक-एक मजदूर से पूछताछ की। धारूहेड़ा स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. जय प्रकाश का कहना है कि इन मजदूरों की मेडिकल हिस्ट्री को जाना है। अभी तक उनमें कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं मिले हैं। फिर भी जांच की जा रही है।
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कोरोना वायरस: मलेशिया के 180 नागरिक अपने वतन लौटे, 16 अमृतसर के होटल में फंसे थे

कोरोना वायरस को रोकने के लिए सभी उड़ानों पर लगी पाबंदी के कारण देश के कई हिस्सों में फंसे 180 मलेशियाई नागरिकों को सोमवार को एक विशेष हवाई जहाज से वतन रवाना किया गया। इन यात्रियों में से 16 अमृतसर के एक ही होटल में फंसे हुए थे। मलेशिया से बिना यात्री आया मलिंडो एयरलाइन्स का एक जहाज दोपहर लगभग ढाई बजे इन यात्रियों को लेकर वतन लौट गया।

अमृतसर से रवाना हुए 16 मलेशियाई नागरिक 15 दिन से एक होटल में ठहरे हुए थे। इन नागरिकों को वतन रवाना करने से पहले उनकी जांच की गई। सभी ने भारत और मलेशिया सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने वतन लौटने के लिए ईश्वर के आगे प्रार्थना की थी। उनकी प्रार्थना स्वीकार हो गई है। मलेशिया निवासी चरण सिंह ने उनको वतन भेजने में बड़ी भूमिका निभाई है। 

उन्होंने बताया कि वह श्री हरमंदिर साहिब के दर्शनों के साथ अन्य धार्मिक अस्थानों की यात्रा के लिए आए थे। कभी सोचा नहीं था कि कोरोना वायरस के कारण उनको होटल में ही दिन काटने पड़ेंगे। एसजीपीसी ने इन यात्रियों को श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंध किए।
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लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 610 लोगों पर एफआईआर, 745 गिरफ्तार, 3407 वाहन जब्त

लॉकडाउन का पालन न करने वाले लोगों पर पुलिस सख्त रवैया अपना रही है। अभी तक प्रदेश में 610 एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। 745 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 3407 वाहन ऐसे हैं जिन्हें पुलिस ने जब्त किया है। जबकि सैकड़ों वाहन चालकों के चालान भी किए गए हैं।

इसके अलावा हरियाणा पुलिस ने श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के पलायन को रोकने व कोविड-19 के संक्रमण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए अपनी सभी अंतरराज्यीय सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया है। राज्य में पुलिसकर्मियों द्वारा विभिन्न नाकों पर लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के अतिरिक्त, गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन व दैनिक आवश्यकता की अन्य वस्तुएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने राज्य में सख्त लाकॅडाउन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रदेश में स्थापित किए गए 461 अस्थायी आश्रयों में से किसी एक में स्थानांतरित होने के लिए राजी करके प्रवासी मजदूरों के पलायन को भी रोका गया है। जहां एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन की मदद से भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

विभिन्न नाकों पर तैनात पुलिस अधिकारी और जवान लोगों विशेष रूप से गरीबों, बेघरों, जरूरतमंदों और बीमार लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवा रहे हैं। हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव के अनुसार सरकार के निर्देशानुसार, उद्योगपतियों और कारखाने के मालिकों को भी सलाह दी गई है कि वे संकट के इन हालातों में अपने कर्मचारियों की हर तरह की मदद करें। राज्य में लॉकडाउन के दौरान, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है।
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पंजाब में कोरोना से तीसरी मौत, तीन नए केस आए सामने, पीड़ितों की कुल संख्या पहुंची 42

पंजाब में सोमवार तक कोरोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। अमृतसर में रविवार देर रात एक व्यक्ति की मौत के बाद सोमवार शाम छह बजे पटियाला के अस्पताल में भर्ती महिला ने भी दम तोड़ दिया। वह लुधियाना की रहने वाली थी। इसके साथ ही, सोमवार को प्रदेश में कोरोना के पॉजिटिव केसों की संख्या भी 38 से बढ़कर 42 पर पहुंच गई। वहीं फिरोजपुर में कोरोना के एक संदिग्ध 31 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। उसके सैंपल जांच के लिए अमृतसर भेजे गए हैं। पंजाब में कर्फ्यू की अवधि भी 14 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। 

मोहाली के नया गांव में सोमवार को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसे पीजीआई में भर्ती किया गया है। वहीं, दुबई से लौटा एक पटियाला निवासी भी पाजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल में दाखिल किया गया है। सेहत विभाग इन मरीजों के संपर्क में रहे लोगों की तलाश कर रहा है। उधर, हरियाणा में अंबाला के सिविल अस्पताल और जालंधर से सामने आए मामले में मरीज के पारिवारिक सदस्यों की जांच कर ली गई है। उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। 
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वर्करों को काम से निकालने पर चंडीगढ़ पुलिस ने दर्ज किया पहला केस, ठेकेदार गिरफ्तार

चंडीगढ़। आठ कर्मचारियों को निकालने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला सेक्टर-25 निवासी ठेकेदार महेश के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
चंडीगढ़ में 23 मार्च की मध्य रात्रि से कर्फ्यू लगाया गया है। इससे मजदूर व अन्य लोगों का काम पूरी तरह ठप है। लोगों के कमाई के रास्ते बंद हो गए है, जिस कारण ज्यादा मजदूर अलग-अलग जगहों से पलायन कर रहे हैं। सोमवार को चंडीगढ़ के सभी बॉर्डर एरिया पर पलायन कर रहे लोगों पर पूरी तरह रोक लगा दी। इसके बाद पुलिस ने पलायन कर रहे 68 पुरुष, 2 महिलाएं और 2 बच्चों को मलोया के शेल्टर होम में भेजा है। इनके खाने-पीने का बंदोबस्त किया गया है।
अहाते में काम करते थे सभी कर्मचारी
सोमवार को सिपाही मंजीत सिंह गश्त कर रहे थे। अंडर रेलवेब्रिज के पास 7-8 लोग रेलवे स्टेशन की तरफ जाते देखे। उन्होंने बताया कि वह ओल्ड रोपड़ पर शराब के ठेके के पास अहाते में काम करते हैं। यह अहाता पंचकूला के महेश कुमार ने लिया था। 22 मार्च से शराब के ठेके और अहाते बंद हैं। सोमवार को ठेकेदार महेश ने उन्हें यह कहकर अहाते से निकाल दिया कि अब वो उनका खर्चा नहीं उठा सकते। इसलिए तुम लोग अपना अपना इंतजाम देख लो। इसके बाद पुलिस ने शिव कुमार, मनजीत, रिंकू, अनिल यादव, राम, सुनील, भीम दास और विकास शर्मा को मलोया शेल्टर होम भेज दिया। जबकि सेक्टर25 निवासी महेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने कहा है कि कोई भी मकान मालिक 1 महीने तक अपने किराएदार को किराए के लिए तंग नहीं करेगा और ना ही उसे बाहर निकालेगा। अगर कोई किराया मकान मालिक ऐसा करते हुए पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 10 (2) (एल) के तहत कार्रवाई करेगी।
शहर से अंदर बाहर नहीं जा सकेगा कोई
एसएसपी नीलांबरी विजय जगदले ने डीएसपी थाना प्रभारियों के साथ मीटिंग की। सख्त निर्देश दिए गए कि एसएचओ/बीट स्टाफ अपने अपने संबंधित एरिया में गश्त बढ़ा दें। अगर कोई भी पलायन करता हुआ पाया जाता है तो शेल्टर होम पहुंचाएं। साथ ही बॉर्डर एरिया पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, कि अन्य राज्य से कोई प्रवासी चंडीगढ़ में प्रवेश न करे और किसी भी प्रवासी को चंडीगढ़ से जाने की अनुमति नहीं है।
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